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महबूबा मुफ्ती ने अरहामा मुठभेड़ को फ़र्ज़ी बताया, सरकारी narrative पर सवाल उठाए

Chaka, महबूबा ने अरहामा मुठभेड़ पर सवाल उठाए, आरोप लगाया कि यह एक फ़र्ज़ी मुठभेड़ थी; जिसे आतंकवादी बताकर मारा गया, वह एक आम नागरिक था。 PDP प्रमुख महबूबा मुफ़्ती ने अरहामा मुठभेड़ (गांदरबल) की सच्चाई पर सार्वजनिक रूप से सवाल उठाए हैं। यह मुठभेड़ 31 मार्च से 1 अप्रैल, 2026 के बीच हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया है कि यह मुठभेड़ "फ़र्ज़ी" थी और जिस व्यक्ति को मारा गया—जिसकी पहचान राशिद अहमद मुग़ल के रूप में हुई है—वह एक आतंकवादी नहीं, बल्कि एक बेकसूर आम नागरिक था。 PDP प्रमुख मुफ़्ती ने मारे गए 29 वर्षीय राशिद मुग़ल को एक अनाथ बताया, जो एक NGO चलाता था। गांदरबल के लार में रहने वाले उसके परिवार का भी यही कहना है कि आतंकवाद से उसका कोई लेना-देना नहीं था; वह पोस्ट-ग्रेजुएट (M.Com) था और पार्ट-टाइम कंप्यूटर ऑपरेटर के तौर पर काम करता था。 उन्होंने सरकारी बयानों में विरोधाभासों की ओर इशारा करते हुए कहा कि सेना ने पहले दावा किया था कि मरा गया व्यक्ति एक "विदेशी आतंकवादी" है, लेकिन बाद में उसे आतंकवाद से जुड़ा एक स्थानीय व्यक्ति बताया。 मुफ़्ती ने अधिकारियों की इस बात के लिए आलोचना की कि उन्होंने परिवार को शव भी नहीं सौंपा, और इसके बजाय उसे बारामूला में ही दफ़ना दिया गया। उन्होंने इस घटना की तुलना पिछली विवादित मुठभेड़ों—जैसे कि अमशीपोरा फ़र्ज़ी मुठभेड़—से करते हुए जवाबदेही की कमी को उजागर किया。 भारतीय सेना ने कहा कि "ऑपरेशन अरहामा" 31 मार्च को शुरू किया गया था। यह ऑपरेशन, इलाके में हथियारबंद लोगों की मौजूदगी के बारे में मिली एक खास खुफिया जानकारी के आधार पर चलाया गया था। सेना का दावा है कि शुरुआती गोलीबारी में एक आतंकवादी मारा गया और ऑपरेशन के दौरान मरे गए व्यक्ति के पास से एक हथियार भी बरामद किया गया। हालाँकि, सुरक्षा बलों ने मारे गए व्यक्ति की पहचान सार्वजनिक नहीं की है, जिसे सेना आतंकवादी बता रही है。 जहाँ एक ओर सेना इस ऑपरेशन को पूरी तरह सही ठहरा रही है और कह रही है कि "सच सामने आएगा," वहीं जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कहा है कि वे मारे गए व्यक्ति के रिकॉर्ड की जाँच करेंगे।
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दमोह में अवैध शराब तस्करी रोकथाम जारी: कार-बाइक से भारी शराब जब्त

Damoh, Madhya Pradesh:कहीं कार तो कहीं बाइक से जब्त हुई अवैध शराब.. एंकर/ दमोह जिले में अवैध शराब की तश्करी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। जिले में लगातार शराब की तश्करी हो रही है और पुलिस इसे रोकने की कोशिश में जुटी है। फिर जिले के दो थाना क्षेत्रों में अवैध शराब जब्त हुई है। पहला मामला जिले के हटा का है जहां पुलिस ने लुहारी इलाके से एक कार से बड़ी मात्रा में शराब जब्त की है, यहां एक लग्जरी कार में शराब ले जाई जा रही थी और पुलिस ने पीछा किया तो कार चालक कार को छोड़कर फरार हो गया वहीं दूसरे मामले में दमोह देहात थाना की सागर नाका चौकी पुलिस ने खबेना गांव से 11 पेटी अवैध शराब जब्त की ये शराब एक बाइक से ले जाई जा रही थी। इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। बाइट/ सुधीर बेगी ( थाना प्रभारी हटा दमोह)
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मध्यप्रदेश के छींद धाम में भक्तों की आस्था चारों ओर

Raisen, Madhya Pradesh:मध्यप्रदेश के रायसेन जिला मुख्यालय से 90 किमी दूर भोपाल जबलपुर रोड पर बरेली तहसील में हैं बजरंगवली का प्रसिद्द स्थान छीन्द धाम, जो राजधानी भोपाल से 130 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है । यहाँ पर हर भक्त की मनोकामनाए पूर्ण होती है। भारत के हर प्रान्त से यहाँ भक्तो के आने का सिलसिला साल भरा लगा रहता हैं। जो हनुमान जयंती के अवसर पर ओर ज्यादा देखा जाता हैं। इस धाम का चमत्कार सुनकर आतें है भक्त जो यहाँ से झोली भरकर ले जाते है । यहाँ खास बात यह भी है कि यहा पर भक्तो की मनोकामनाए पत्र सन्देश द्वारा भी पूर्ण होती हैं । कहाँ जाता है की यहाँ पर कोई ऐसा भक्त नहीं जिसे यहा से कुछ न मिला हो यहाँ पर सभी की झोली बिन मागे ही भर जाती है। यहा पर चना गुड नारियल, मिठाई का प्रसाद यहाँ पर चढ़ाया जाता हैं । इस स्थान पर बजरंग बलि के मंदिर की स्थापना 1965 में हुई थी जब मूर्ती मात्र एक फिट की थी लेकिन चमत्कारों का सिलसिला बढ़ता रहा और लोगो की आस्था की गंगा बहती रही और बजरंगवली की मूर्ती भी बढ़ती गई जो आज पांच फिट ऊंची हैं । जब इस मूर्ती की स्थापना स्वर्गीय धन्नुलाल जी रघुवंशी ने की थी तभी से ही उनके परिवार के लोग पुजारियों के साथ इस मंदिर का रख रखाव करतें हैं । इस मंदिर का इतिहास 500 वर्ष पुराना है वही मंदिर का निर्माण 1965 में हुआ था । जब से आज तक यहा पर आस्था का जन सैलाब बढता चला जा रहा हैं । यहाँ पर जो भी भक्त 5 मगलवार या शनिवार को आता है और सुवह चार बजे की और सायं आठ बजे की आरती में सामिल होता है उसकी सभी मनोकामनाए पूरी हो जाती है । इस मंदिर की विशेषता है की इस स्थान पर हनुमान जी कि दक्षिण मुखी मूर्ति विराजमान है जिसे शस्त्रो के अनुसार सिद्ध माना गया है । वही हनुमान जी के इस दरबार मे उनके सामने है राम दरवार जहा विराजमान है श्रीराम सीता और लक्ष्मण । इस सिद्ध धाम की कई विशेषता है यहाँ पर भक्त धन धान, संतान ,यश,स्वास्थ्य लाभ की मनोकामनाए लेकर आते हैं। लोगो की आस्था का अंदाजा इस बात से भी यहाँ लगाया जा सकता है कि यहा कई ला इलाज बिमारियां भी दर्शन मात्र से दूर हो जाती हैं । मनोकामना पूरी होने पर लोग यहाँ पर भंडारा कराते है। लोग यहाँ पर 5 ओर 11 मंगलवार की रपट करतें हैं । हर मंगलवार और शनिवार को यहाँ पर सुबह चार बजे से भक्तो का जमावड़ा लग जाता है। इसके अलावा भी प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं की यहा भीड़ बनी रहती है।
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HSGMC के पूर्व प्रधान दादूवाल ने मीरी-पीरी संस्थान चाबी कमेटी के हवाले करने की मांग

Kurukshetra, Haryana:कुरुक्षेत्र:- हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंटी कमेटी (HSGMC) के पूर्व प्रधान एवं नॉमिनेटेड मेंबर बलजीत सिंह दादूवाल ने मीरी-पीरी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस एंड रिसर्च चेरिटेबल ट्रस्ट शाहाबाद पर फिर से कमेटी का दावा ठोका। आज कमेटी के हेड ऑफिस में दादूवाल ने मेंबर, पूर्व मेंबर और संगत के साथ मीटिंग की। दादूवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने 7 अप्रैल को अपना कठ (सब इकट्‌ठा होंगे) बुलाया है। इसमें SGPC के प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी भी शामिल होंगे। वे प्रधान धामी से अपील करते हैं कि उस दिन मीरी-पीरी संस्थान की चाबी और सेवा संभाल HSGMC के हवाले कर दें。 अगर वे संस्थान की सेवा संभाल कमेटी को सौंपते हैं, तो उनको सिरोपा भेंट करके सम्मानित करेंगे। भले ही वे कमेटी के प्रधान जगदीश सिंह झींडा को चाबियां सौंप दें, लेकिन प्रधान झींडा उनसे चाबियां नहीं लेंगे। आरोप लगाते हुए कहा कि वे पहले ही बादल परिवार के साथ मिलकर संगत को गुमराह कर रहे हैं। दादूवाल ने कहा कि 20 मार्च को मीरी-पीरी संस्थान में कमेटी के मीत प्रधान (जूनियर प्रधान) गुरबीर सिंह तलाकौर पर जानलेवा हमला किया गया। उनकी दस्तार उछाली गई, लेकिन पुलिस ने 8 दिन बाद 28 मार्च को FIR दर्ज की। हालांकि उसके बाद भी हमला करने वाले गिरफ्तार नहीं किए गए। वे जल्द ही SP से मिलकर उनकी गिरफ्तारी की मांग करेंगे.
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खेड़ली में हनुमान जयंती शोभायात्रा ने श्रद्धालुओं का किया जोरदार स्वागत

Alwar, Rajasthan:खेड़ली में हनुमान जयंती पर भव्य शोभायात्रा, श्रद्धालुओं ने किया जोरदार स्वागत खेड़ली, अलवर पवनपुत्र श्री हनुमानजी की जयंती के अवसर पर खेड़ली कस्बे में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। हर वर्ष की भांति इस बार भी शोभायात्रा का शुभारंभ प्राचीन चेतराम वाली बगीची स्थित हनुमानजी मंदिर से किया गया। शोभायात्रा में मां दुर्गा, सीताराम, राधे-कृष्ण और शिव परिवार की आकर्षक झांकियां सजाई गईं, जिन्होंने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। मंदिर के महंत महेश चंद शर्मा के नेतृत्व में निकली इस यात्रा का कस्बे में जगह-जगह पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया गया। हनुमान जयंती की पूर्व संध्या पर मंदिर परिसर में 151 संगीतमय सुंदरकांड पाठ और भजन संध्या का आयोजन भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। शोभायात्रा खेड़ली कस्बे के मुख्य बाजारों और प्रमुख मार्गों से होते हुए निकली। इसके साथ ही खेड़ली से सुप्रसिद्ध घाटा भावर हनुमान मंदिर तक विशाल पदयात्रा भी आयोजित की गई। वहीं क्षेत्र के श्रीरामझरोखा हनुमान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
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स्टेट हाईवे पर ट्रकों की भिड़ंत से जाम, पुलिस क्रेन से क्लियरिंग के प्रयास

Damoh, Madhya Pradesh:स्टेट हाइवे पर भिड़े दो ट्रक ट्रैफिक हुआ जाम. एंकर/ दमोह जबलपुर स्टेट हाइवे पर एक बार फिर घंटों से जाम के हालात बने हुए है और पुलिस स्थानीय लोगों की मदद से जाम को क्लियर करने के जुटी है. दरअसल सिग्रामपुर के पास दो ट्रकों की आपस में भिड़ंत हो गई और दोनों ट्रक बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए. क्षतिग्रस्त ट्रक बीच सड़क पर पड़े हुए है जिससे सड़क पूरी तरह से जाम है और इस जाम को क्लियर करने के लिए जबेरा और सिग्रामपुर की पुलिस लगातार कोशिश कर रही है , क्रेन बुलाई गई है और देर शाम तक ट्रैफिक जाम खत्म होने की उम्मीद है।
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परेड वाले हनुमान जी मंदिर: संकटमोचक ने परेड में स्वयं की जगह ली

Sagar, Madhya Pradesh:सागर का अनोखा ‘परेड वाले हनुमान जी’ मंदिर, जब सैनिक की जगह खुद संकटमोचक पहुंचे परेड में एंकर/ हनुमान जयंती के पावन अवसर पर आज हम आपको रूबरू करा रहे हैं मध्यप्रदेश के सागर जिले के एक ऐसे अनोखे मंदिर से, जिसकी कहानी सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे। आर्मी कैंट क्षेत्र में स्थित ‘परेड वाले हनुमान जी’ मंदिर अपनी अद्भुत कथा और चमत्कारी प्रतिमा के कारण देश भर के श्रद्धालुओं और खासकर सैन्य कर्मियों के बीच अटूट आस्था का केंद्र बना हुआ है। जब सैनिक की जगह खुद हनुमान जी पहुंचे परेड में! इस मंदिर से जुड़ी एक बेहद दिलचस्प और चमत्कारी लोककथा वर्षों से प्रचलित है। कहा जाता है कि कई साल पहले सेना का एक जवान इस मंदिर में पूजा करने आया था। वह बजरंगबली की भक्ति में इतना लीन हो गया कि उसे अपनी ड्यूटी और परेड का समय ही याद नहीं रहा। जब पूजा समाप्त हुई और उसे होश आया, तो वह घबराकर तुरंत परेड ग्राउंड की ओर भागा। उसने वहां मौजूद मेजर से हाथ जोड़कर माफी मांगी कि उससे बड़ी गलती हो गई और वह आज परेड में शामिल नहीं हो पाया। मेजर का जवाब सुनकर उड़ गए होश! जवान की बात सुनकर मेजर ने हैरान होते हुए कहा, तुम क्या कह रहे हो रजिस्टर में तुम्हारे दस्तखत मौजूद हैं और तुम पूरी परेड के दौरान वहां उपस्थित थे यह सुनते ही उस जवान के पैरों तले जमीन खिसक गई। वह समझ गया कि संकट की घड़ी में उसके आराध्य ने ही उसकी रक्षा की है। मान्यता है कि लोक आस्था है कि उस दिन स्वयं पवनपौत्र हनुमान ने सैनिक का रूप धारण कर परेड ग्राउंड में उसकी उपस्थिति दर्ज कराई थी। जब जवान ने मेजर को पूरी सच्चाई बताई, तो यह चमत्कार पूरे कैंट क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया। तभी से उन्हें ‘परेड वाले हनुमान जी’ पुकारा जाने लगा। अनोखी प्रतिमा: जूते पहने और सलामी देते हैं 'बजरंगबली' यह मंदिर जितना चमत्कारी है, यहां स्थापित प्रतिमा भी उतनी ही अनूठी है। संभवतः देश का यह इकलौता ऐसा मंदिर है जहां हनुमान जी एक सैनिक की तरह सजे-धजे नजर आते हैं: युवाओं की मन्नत होती है पूरी, दूर-दूर से आते हैं अफसर इस मंदिर के बारे में मान्यता है कि जो युवा सेना या पुलिस में भर्ती होना चाहते हैं, वे यहां आकर विशेष मन्नत मांगते हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि यहां प्रार्थना करने वाले कई युवाओं को देश सेवा का अवसर मिला है। विशेष बात यह है कि सेना के जो अधिकारी या जवान सागर कैंट से ट्रांसफर होकर देश के अन्य हिस्सों में चले जाते हैं, वे भी समय-समय पर यहां माथा टेकने जरूर आते हैं। उनके लिए यह मंदिर कर्तव्यपरायणता और आस्था की सबसे बड़ी मिसाल है।
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ऊर्जा मंत्री के निरीक्षण के बाद गाजीपुर बिजली विभाग में बड़े निलंबन, आरोप पत्र

Ghazipur, Uttar Pradesh:गाजीपुर ऊर्जा मंत्री के औचक निरीक्षण से मचा हड़कंप, 11 केवी लाइनें नीची मिलने पर जेई सस्पेंड, दो अफसरों को आरोप पत्र जंगीपुर के अधिशासी अभियंता प्रवीण कुमार तिवारी और कासिमाबाद एसडीओ मनोज कुमार वर्मा को जारी हुआ आरोप पत्र मुख्य अभियंता (चीफ इंजीनियर) अनिल वर्मा ने दी जानकारी कहा- महरौर–रसड़ा मार्ग पर 11 केवी बिजली लाइनें मानक से नीचे मिलीं लापरवाही सामने आने पर विभाग ने तुरंत की सख्त कार्रवाई 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र महरौर के जेई धर्मेंद्र पाल निलंबित पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी शंभु कुमार व चीफ इंजीनियर अनिल वर्मा ने किया स्थलीय निरीक्षण मंत्री के निर्देश के बाद हुई कार्रवाई पर बिजली विभाग में मचा हड़कंप गाजीपुर में ऊर्जा मंत्री के औचक निरीक्षण के वायरल वीडियो के बाद बिजली विभाग में बड़ी कार्रवाई हुई है। महरौर–रसड़ा मार्ग पर 11 केवी बिजली लाइनें मानक से काफी नीचे लटकी मिलीं, जिसके बाद विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए महरौर उपकेंद्र के जेई को निलंबित कर दिया है। वहीं जंगीपुर के अधिशासी अभियंता और कासिमाबाद के एसडीओ को भी आरोप पत्र जारी किया गया है। मंत्री के निर्देश पर एमडी और चीफ इंजीनियर ने मौके पर पहुंचकर जांच की, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। बता दें कि गाजीपुर में बिजली विभाग की लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई सामने आई है। दरअसल 1 अप्रैल को उत्तर प्रदेश सरकार के ऊर्जा मंत्री के दौरे के दौरान जंगीपुर विद्युत वितरण खंड के अंतर्गत महरौर क्षेत्र का निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान महरौर से रसड़ा मार्ग पर 11 केवी बिजली लाइनें निर्धारित मानकों से काफी नीचे लटकी हुई पाई गईं, जिसे गंभीर सुरक्षा चूक माना गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए ऊर्जा मंत्री ने तत्काल जांच के निर्देश दिए। मंत्री के निर्देश के बाद पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी शंबु कुमार और मुख्य अभियंता अनिल वर्मा मौके पर पहुंचे और स्थलीय निरीक्षण किया। जांच में प्रथम दृष्टया लापरवाही सामने आने पर 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र महरौर के अवर अभियंता धर्मेंद्र पाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। वहीं जंगीपुर विद्युत वितरण खंड के अधिशासी अभियंता प्रवीण कुमार तिवारी और कासिमाबाद विद्युत उपखंड के एसडीओ मनोज कुमार वर्मा को भी विभाग की ओर से आरोप पत्र जारी किया गया है। ऊर्जा मंत्री के निरीक्षण के बाद हुई इस कार्रवाई से बिजली विभाग में हड़कंप मच गया है। बाइट- अनिल वर्मा- चीफ इंजीनियर ( मुख्य अभियंता) पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम, वाराणसी
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शादी का जोड़ा पहनकर पति-पत्नी ने की आत्महत्या, सागर में मामला सामने

Sagar, Madhya Pradesh:पति पत्नी ने शादी का जोड़ा पहन कर किया सुसाइड.. तीन साल पहले शादी के बंधन में धूमधाम से बंधे एक जोड़े ने अचानक ऐसा कर दिया जिससे सब हैरान रह गए, दोनों ने अपनी शादी का जोड़ा पहना तैयार हुए और फिर एक ही दुल्हा दुल्हन की तरह दिखने लगे और फिर घर के एक कमरे में फांसी के फंदों पर अलग अलग झूल गए और जिंदगी खत्म कर ली। मामला सागर जिले के रहली ब्लॉक के चांदपुर मुठिया गांव का है यहां एक घर में जब दोपहर तक चहल पहल नहीं दिखी तो पड़ोसियों को कुछ शक हुआ और जब लोगों ने घर में देखा तो यहां रहने वाले राजेंद्र पटेल और उनकी पत्नी काजल फंदे पर झूल रही थी। पुलिस को सूचना दी गई जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लिया। मृतकों के पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है वहीं पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।
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बागपत में अवैध जींस रंगाई फैक्ट्री सीज, प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की

Baghpat, Uttar Pradesh:बागपत शहर में अवैध रूप से चल रही जींस रंगाई की फैक्ट्री पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। तहसीलदार ने अपनी टीम के साथ शहर कोतवाली क्षेत्र की आउटर कॉलोनी में छापा मारकर फैक्ट्री को मौके पर ही सीज कर दिया।बताया जा रहा है कि यह फैक्ट्री लंबे समय से बिना अनुमति के संचालित हो रही थी। छापेमारी के दौरान टीम ने मौके पर मशीनें, केमिकल और रंगाई से जुड़ा सामान बरामद किया। जांच में कई अनियमितताएं सामने आईं, जिसके बाद तुरंत कार्रवाई करते हुए फैक्ट्री को बंद कर दिया गया।प्रशासन का कहना है कि अवैध रूप से चल रहे किसी भी कारोबार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आगे भी ऐसे ही सख्त कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मचा हुआ है और प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा है।
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महबूबा मुफ्ती ने अरहामा मुठभेड़ को ‘फर्जी’ करार दिया; नागरिक बताए गए आतंकवादी

Chaka, महबूबा ने अरहामा (गांदरबल) में हुई मुठभेड़ की सच्चाई पर सार्वजनिक रूप से सवाल उठाए हैं। यह मुठभेड़ 31 मार्च से 1 अप्रैल, 2026 के बीच हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया है कि यह मुठभेड़ "फर्जी" थी और जिस व्यक्ति को मारा गया, जिसकी पहचान राशिद अहमद मुगल के रूप में हुई है, वह एक आतंकवादी नहीं, बल्कि एक निर्दोष नागरिक था。 PDP प्रमुख मुफ्ती ने मारे गए 29 वर्षीय राशिद मुगल को एक अनाथ बताया, जो एक NGO चलाता था। गांदरबल के लार में रहने वाले उसके परिवार ने भी यही दावा किया है कि आतंकवाद से उसका कोई लेना-देना नहीं था; वह पोस्ट-ग्रेजुएट (M.Com) था और पार्ट-टाइम कंप्यूटर ऑपरेटर के तौर पर काम करता था。 उन्होंने आधिकारिक बयानों में विरोधाभासों की ओर इशारा करते हुए कहा कि सेना ने शुरू में दावा किया था कि मारा गया व्यक्ति एक "विदेशी आतंकवादी" था, लेकिन बाद में उसे आतंकवाद से जुड़ा एक स्थानीय व्यक्ति बताया। मुफ्ती ने अधिकारियों की आलोचना करते हुए कहा कि उन्होंने शव को भी परिवार को नहीं सौंपा, बल्कि उसे बारामुला में ही दफना दिया। उन्होंने इस घटना की तुलना पिछली विवादित मुठभेड़ों, जैसे कि अमशीपोरा फर्जी मुठभेड़ से की, ताकि जवाबदेही की कमी को उजागर किया जा सके। भारतीय सेना ने कहा कि "ऑपरेशन अरहामा" 31 मार्च को शुरू किया गया था। यह ऑपरेशन इलाके में हथियारबंद लोगों की मौजूदगी के बारे में मिली एक खास खुफिया जानकारी के आधार पर चलाया गया था। सेना का दावा है कि शुरुआती गोलीबारी में एक आतंकवादी मारा गया और ऑपरेशन के दौरान मारे गए व्यक्ति के पास से एक हथियार भी बरामद किया गया। हालांकि, सुरक्षा बलों ने मारे गए व्यक्ति की पहचान सार्वजनिक नहीं की है, जिसे सेना आतंकवादी बता रही है। जहां एक ओर सेना इस ऑपरेशन को पूरी तरह से सही ठहरा रही है और कह रही है कि "सच सामने आएगा," वहीं जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कहा है कि वे मारे गए व्यक्ति के रिकॉर्ड की जांच करेंगे। मारे गए व्यक्ति के परिवार ने भी दावा किया है कि "आतंकवाद से उसका कोई लेना-देना नहीं था।" पुलिस के एक सूत्र ने बताया, "परिवार ने अब इस मामले की जांच की मांग की है। वे चाहते हैं कि पुलिस इस मामले में FIR दर्ज करे, पूरी जांच करे और उन्हें इंसाफ दिलाए।"
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नीतीश कुमार की सुरक्षा बढ़ी, राज्यसभा के लिए त्यागपत्र पर चर्चा तेज

Patna, Bihar:मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सुरक्षा बढ़ा दी गई。 मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर गृह विभाग ने पत्र जारी किया हैं जिसके बाद बिहार में विपक्ष के नेताओं को बैठे- बैठाया मुद्दा मिल गया है。 पत्र में लिखा अनुसार उपयुक्त विषय के संबंध में कहना है कि माननीय मुख्यमंत्री बिहार श्री नीतीश कुमार को बिहार के स्पेशल सिक्योरिटी एक्ट 2000 के तहत सुरक्षा अनुमान है श्री नीतीश कुमार वर्तमान में राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं तथा निकट भविष्य में बिहार विधान परिषद के सदस्य एवं मुख्यमंत्री के पद से त्यागपत्र देकर राज्यसभा की सदस्यता ग्रहण करेंगे。 इस पत्र को लेकर अब बिहार के नेता प्रतिपक्ष सोशल मीडिया पर पोस्ट किया और गृह विभाग के इस पत्र को लेकर मुख्यमंत्री नितेश कुमार और सुबह के जो राजनीतिक हालात है इसको लेकर निशाना साधा है。 मुख्यमंत्री श्री नितेश कुमार की ऐसी असंमजनक विदाई उनके दल और समर्थकों ने सपने मैं भी नहीं सोचा होगा । इस्तीफा से पहले ही गृह विभाग और अधिकारी में भूतपूर्व बताने में लग गए हैं अभी देखते रहिए आगे क्या-क्या करेंगे。
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झारखंड में राजद के दम पर सरकार बनाने की तैयारी, तेजस्वी का दौरा अप्रैल में

Bokaro Steel City, Jharkhand:झारखंड में आनेवाले समय में राजद अपने दम पर सरकार बनाने का काम करेगी—उक्त बाते झारखंड के प्रदेश प्रवक्ता सह महासचिव कैलाश यादव ने झारखंड के बोकारो के सर्किट हाउस में मीडिया से बात करते हुए कही। उन्होंने आगे कहा कि 5 अप्रैल को तेजस्वी यादव झारखंड के दौरे पर आ रहे हैं, ऐसे में संगठन को गांव से लेकर शहर तक मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने झारखंड के परिसीमन पर बात करते हुए कहा कि परिसीमन होने से सूबे में सीटों की संख्या बढ़ेगी, ऐसे में पार्टी अपना जानाधार बढ़ाने को लेकर जन-जन तक पहुंचने का काम करेगी और यूथ से लेकर बूथ स्तर तक पार्टी को बज़बूती देने का काम करेगी। उन्होंने राज्य में हो रहे एसआईआर पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि बंगाल में काफी संख्या में लोगों का वोटर लिस्ट से नाम कट गया, ऐसे में झारखंड में ऐसा न हो। उन्होंने हजारीबाग के मुद्दे पर भाजपा पर प्रहार करते हुए कहा कि बीजेपी राज्य में बंदी बुलाने का काम कर रही थी लेकिन जो मामला सामने आया उससे भाजपा की पोल खुल गई। राज्य के कानून व्यवस्था पर कहा कि जो भी घटना घट रही है उसपर करवाई की जा रही है। इस दौरान जिले के राजद के नेताओं ने उनका स्वागत फूल माला और फुल्का गुलदस्ता देकर किया।
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बीकानेर के कोटगेट रेलवे फाटक का समाधान अक्टूबर-नवंबर तक तय

Bikaner, Rajasthan:बीकानेर से बड़ी खबर शहर की सबसे बड़ी समस्या का होगा समाधान ! अक्टूबर-नवंबर तक समाधान, कोटगेट रेलवे फाटक समाधान पर काम तेज, वही केंद्रीय क़ानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल भी मामले को लेकर गंभीर, मंत्री समाधान को लेकर कई बार कर चुके है दिल्ली तक बात, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से भी की समाधान पर चर्चा, अब प्रयासों के बाद इस साल मिलेगी आखिरकार शहर को राहत, डीआरएम गौरव गोविल का बड़ा बयान, पीडब्ल्यूडी और जिला प्रशासन के साथ मिलकर काम जारी, टेंडर प्रक्रिया पूरी, तेजी से हो रहा काम, अक्टूबर-नवंबर तक समाधान की उम्मीद, साल के अंत तक प्रोजेक्ट पूरा होने की संभावना, 2027 तक रेलवे स्टेशन निर्माण पूरा होने की भी कही बात
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