शाहजहांपुर के रचित और एक कबूतर की दोस्ती की अनोखी कहानी
शाहजहांपुर में एक अनोखी दोस्ती चर्चा में है, जिसमें एक इंसान और एक जंगली कबूतर शामिल हैं। रचित नामक युवक ने कबूतर को उसके माता-पिता की मौत के बाद चूजे की अवस्था में पाला था। कबूतर अब हमेशा अपने इंसानी दोस्त के साथ रहता है, उसके साथ भोजन करता है, और बाइक के साथ उड़ान भरता है। वह रचित की बाइक की आवाज पहचानकर उसके कंधे पर बैठ जाता है। इस अनोखी दोस्ती को लेकर रचित ने बताया कि कबूतर के माता-पिता को एक बाज ने मार दिया था। यह दोस्ती अद्भुत और मिसाल पेश करने वाली है।
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