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उज्जैन के राजीव नगर विवाह समारोह में विवाद, कुर्सी–लात से मारपीट video वायरल

Ujjain, Madhya Pradesh:उज्जैन ब्रेकिंग उज्जैन के चिमनगंज थाना क्षेत्र स्थित राजीव नगर में वैवाहिक समारोह के दौरान देर रात को चले कुर्सी और लात ठुसे । वीडियो दो-तीन बात सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। विवाद फोटोग्राफर द्वारा महिला को साइड में हटाने की बात कहने के बाद से शुरू हुआ। देखते ही देखते परिवार के दोनों ही पक्ष के लोग आपस में मारपीट करते हुए नजर आ रहे हैं जिसके हाथ में जो चीज आ रही है वह उसे उठाकर फेंकता हुआ दिख रहा है। बताया जा रहा है कि अहिरवार समाज की शादी के दौरान बारात आई थी इस मौके पर यह विवाद हो गया। घटना 27 तारीख की रात 1:00 की बताई जा रही है। फोटोग्राफर के साइड में हटाने की बात को लेकर व और वधू पक्ष के दोनों ही लोग आपस में भिड़ गए और जमकर बर्तन कुर्सी फेके गए।
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झारखंड में रिम्स 2: एशिया का सबसे बड़ा अस्पताल बनने की राह स्पष्ट

Ranchi, Jharkhand:रांची 4428 करोड़ की लागत से रिम्स 2 का निर्माण होना है। इसको लेकर जल्द ही स्वास्थ्य विभाग की तरफ से इसके स्वीकृति के लिए इस प्रस्ताव को कैबिनेट में लाया जाएगा। नगड़ी में बनने वाले रिम्स 2 को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध होता रहा है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष से बात हुई है हमने कहा है आप राजनीतिक विरोध करिए पर स्वास्थ्य विभाग में विरोध मत करिए, विरोध करने पर प्रोजेक्ट रुक जाएगा और रिम्स 2 नहीं बन पाएगा। रांची में एशिया का सबसे बड़ा अस्पताल नहीं बन पाएगा। झारखंड सरकार रांची के नगड़ी में रिम्स 2 के निर्माण की दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ा चुकी है। लगभग 4428 करोड़ लागत से दो चरणों में रिम्स का निर्माण कार्य होना है। हालांकि नगड़ी में रिम्स 2 के निर्माण का स्थानीय स्तर पर विरोध होता रहा है। झारखंड से अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अजय कुमार सिंह ने बताया रिम्स 2 का डीपीआर बन चुका है, इसका प्रजेंटेशन भी मुख्यमंत्री को स्वास्थ्य विभाग ने दिखाया है। रिम्स 2 के निर्माण की पूरी लागत 4428 करोड़ के आस पास है।इसके निर्माण कार्य को दो हिस्से में बांटा गया है । झारखंड सरकार रिम्स 2 के निर्माण के लिए एडीबी बैंक से लोन भी लेगी । एडीबी और राज्य सरकार के फंड के स्पोर्ट से रिम्स 2 का निर्माण किया जाना है。 रिम्स 2 के हॉस्टल का निर्माण PPp मोड पर करवाया जाएगा । निर्माण कार्य की स्वीकृति लेने के लिए जल्दी ही स्वास्थ्य विभाग इसको कैबिनेट में ले जाएगा। डिजाइन , ड्राइंग और कास्टिंग सब कुछ मुख्यमंत्री ने भी देखा है । इसकी अगली प्रक्रिया होगी पहले प्राधिकृत समिति के पास ले जाया जाएगा, फिर कैबिनेट से स्वीकृति लेनी होगी। इसके साथ हैं राज्य में स्वास्थ्य विभाग जल्दी ही 1200 चिकित्सकों को पद पर नियुक्ति करेगी। 90 सुपर स्पेशियलIST पदों की स्वीकृति जेपीएससी से हो चुकी है । पहली बार।राज्य के पांच मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशियलिस्ट की बहाली होगी, ताकि रिम्स पर से बोझ कम हो और उन मेडिकल कॉलेज में ही इलाज मिले। इसके साथ 660 स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की नियुक्ति के लिए कार्मिक विभाग ने जेपीएससी को भेजा है। इसके अलाव स्वास्थ्य विभाग में 200 असिस्टेंट प्रोफेसर के पद रिक्त हैं, 200 मेडिकल ऑफिसर के पद रिक्त हैं। कुल 1200 पदों पर स्वास्थ्य विभाग में बहाली होनी है。 बाइट ... अजय कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव , स्वास्थ्य झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने बताया , झारखंड में रिम्स 2 की आवश्यकता है , इसको लेकर सरकार बहुत आगे बढ़ चुका है। रिम्स 2 के लिए जो कर्ज लिया गया है उसकी राशि भी सेंगसंड हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग ने वर्ल्ड बैंक से लोन लिया है, वर्ल्ड बैंक की टीम ने स्थल निरीक्षण भी किया है, जियो टैग किया गया फिर लोन पास हुआ है। बहुत बड़ी बात है झारखंड के लिए कि रिम्स 2 की सोच को धरातल पर उतारा जा रहा है। अगले 10 से 15 दिनों में इसकी स्वीकृति नहीं मिलेगी तो रिम्स 2 के लोन का पैसा लेप्स कर जाएगा और प्रस्ताव डीले हो जाएगा। इसको लेकर मुख्यमंत्री से स्टेप लिया है, सब कुछ तैयार है अगले कैबिनेट में लाया जाएगा। आगे स्वास्थ्य मंत्री ने बताया रिम्स 2 को लेकर बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू से भी बात हुई है, उनसे आग्रह किया है प्रोजेक्ट डीले होगा अच्छा नहीं होगा , विरोध करना है तो राजनीतिक विरोध करिए स्वास्थ्य में विरोध मत करिए । हमने कहा है ज्यादा विरोध होगा तो प्रोजेक्ट रुक जाएगा, रिम्स 2 नहीं बन पाएगा। झारखंड के लोगों का जो सपना है झारखंड के ही बेहतर इलाज मिले वो नहीं हो पाएगा। अब नहीं लगता इस पर अब कोई विरोध करेगा, रिम्स 2 एशिया का सबसे बड़ा हॉस्पिटल होगा ,यहां 2100 बेड का हॉस्पिटल बनना है। स्वास्थ्य विभाग काम कर रही है। बहुत जल्द झारखंड वासियों को एशिया का सबसे बड़ा हॉस्पिटल मिलने जा रहा है। हालांकि किस जगह रिम्स बनेगा इसको लेकर स्वास्थ्य मंत्री कहा जगह गुप्त रखा गया है。 बाइट ...इरफान अंसारी, स्वास्थ्य मंत्री झारखंड सरकार रिम्स 2 के निर्माण की दिशा में कदम बढ़ा चुकी है, इससे जुड़े प्रेजेंटेशन भी मुख्यमत्री के सामने दिया जा चुका है। स्वास्थ्य ने विपक्ष से आग्रह किया है,स्वास्थ्य के क्षेत्र में राजनीति नहीं करें, इससे एशिया का सबसे बड़ा हॉस्पिटल रांची में नहीं बन पाएगा रांची से कुमार चन्दन की रिपोर्ट
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सीएम के 33% महिला आरक्षण बिल के पारित होने पर कांग्रेस का पक्ष

Noida, Uttar Pradesh:Lucknow: Aradhna Mishra Mona (CLP Leader UP Congress) on her statement in assembly/cm Yogi Adityanath सत्र के दौरान, मुख्यमंत्री ने विधानसभा को संबोधित करते हुए नियम 110 के तहत महिला आरक्षण विधेयक को लागू करने और 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले इसे पारित कराने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि टिकटों के आवंटन में 33% आरक्षण सुनिश्चित हो सके। नियम 110 के तहत सदन में एक प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया, जिसमें पूरी विधानसभा से केंद्र सरकार से 33% आरक्षण को तुरंत लागू करने की मांग करने का आग्रह किया गया। कांग्रेस पार्टी ने स्वतंत्रता आंदोलन के बाद से ही महिलाओं के सशक्तिकरण का निरंतर समर्थन किया है, उन्हें न केवल अधिकार दिए हैं बल्कि नेतृत्व की भूमिकाएं भी प्रदान की हैं। उन्होंने भाजपा की इस बात के लिए आलोचना की कि 2023 में पारित कानून को ढाई साल बाद तक अधिसूचित नहीं किया गया, जो नीति और इरादे दोनों की कमी को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर प्रगति में बाधा डालने का आरोप लगाया, साथ ही भारत की मजबूती और लोकतंत्र में कांग्रेस पार्टी के ऐतिहासिक योगदान को रेखांकित किया। विपक्ष में होने के बावजूद, कांग्रेस पार्टी ने ईमानदारी से अपनी जिम्मेदारियों को निभाने का संकल्प लिया और आगामी चुनावों में सत्ता में वापसी का विश्वास व्यक्त किया।
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34 साल बाद अहमदाबाद में हत्या का राज सेप्टिक टैंक से उजागर

Noida, Uttar Pradesh:एंकर: अहमदाबाद में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। कहा जाता है कि पाप चाहे कितना भी छिपाया जाए, एक दिन बाहर जरूर आता है। अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने 1992 में हुई एक ऐसी हत्या की गुत्थी सुलझाई है, जिसकी कहानी किसी हॉरर फिल्म जैसी है। वटवा के कुतुब नगर में एक घर के सेप्टिक टैंक (खाल कुआं) में 34 साल से दफन राज से पर्दा उठ गया है। क्या है यह पूरी घटना, आइए जानते हैं। V/O 1: इस हॉरर मर्डर की कहानी साल 1992 में शुरू होती है, जब मूल रूप से बनासकांठा की रहने वाली फरजाना उर्फ शबनम नाम की युवती अचानक लापता हो गई थी। आज तक फरजाना की गुमशुदगी की रिपोर्ट किसी भी थाने में दर्ज नहीं कराई गई थी और परिवार अपनी बेटी को भूल चुका था। लेकिन 34 साल पहले लापता हुई फरजाना की गुत्थी को अहमदाबाद क्राइम ब्रांच के पीआई ए.पी. जेबुलिया की टीम ने सुलझा लिया है। जो खुदाई आप देख रहे हैं और जो मानव अवशेष मिले हैं, उनके 34 साल पहले लापता हुई फरजाना के होने की संभावना है। आखिर पुलिस को 34 साल बाद इसका ख्याल कैसे आया? दरअसल, यह कोई सपना नहीं था, बल्कि हत्या के आरोपी का परिवार डरावने सपनों और फरजाना के आभास से परेशान था। परिवार इतना डर गया था कि उन्हें लगता था कि फरजाना की आत्मा उनका पीछा कर रही है। इसी डर के कारण परिवार का एक सदस्य हर शुक्रवार की रात इस जगह पर अगरबत्ती जलाने और दीया करने आता था। (बाइट: स्थानीय निवासी) V/O 2: क्या 21वीं सदी के इस तकनीकी युग में सचमुच भूत-प्रेत या आत्माएं भटकती हैं? लोगों की बातें और 34 साल बाद क्राइम ब्रांच की खुदाई कई सवाल खड़े करती है। अहमदाबाद क्राइम ब्रांच के पीआई ए.पी. जेबुलिया की टीम को एक गुप्त सूचना मिली थी कि साल 1992 में 21 वर्षीय फरजाना की गला दबाकर हत्या की गई थी। चार लोगों ने मिलकर हत्या की और शव को अपने ही घर के सेप्टिक टैंक में फेंक दिया था। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने कड़ियाँ जोड़ीं, जो उन्हें इस टैंक तक ले आईं, जहाँ से बरसों बाद मानव अवशेष बरामद हुए हैं। (वन टू वन: उदय रंजन के साथ पीआई ए.पी. जेबुलिया, क्राइम ब्रांच) V/O 3: सूत्रों के अनुसार, हत्यारे का परिवार लगातार मानसिक तनाव में था। आत्मा के डर से मुक्ति पाने के लिए परिवार ने तांत्रिक विधियों का सहारा लिया। इन्हीं तांत्रिक उपायों के दौरान बरसों पुराना राज खुल गया। जब वटवा के कुतुब नगर स्थित शमशुद्दीन के घर की तलाशी ली गई, तो वही टैंक मिला जिसमें फरजाना के अवशेष दफन होने की पुलिस को आशंका है। (बाइट: स्थानीय निवासी) V/O 4: अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने 12 घंटे तक खुदाई की और शव के अवशेष बरामद किए। अब इन अवशेषों का मिलान मृतक के भाई के साथ DNA टेस्ट के जरिए किया जाएगा। जांच में सामने आया है कि इस हत्या में चार लोग शामिल थे, जिनमें से तीन की मौत हो चुकी है और एक जीवित आरोपी की तलाश जारी है। माना जा रहा है कि यह हत्या 1992 में प्रेम संबंधों के विवाद के कारण हुई थी? और शव छिपाने के लिए ही वह टैंक विशेष रूप से खोदा गया था। अब सवाल यह है कि वह युवक कौन है जो हर शुक्रवार दीया जलाने आता था? क्या वाकई मृतक की आत्मा परेशान कर रही थी? और परिवार ने इतने सालों तक शिकायत क्यों नहीं की? उदय रंजन, ज़ी मीडिया, अहमदाबाद
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अमलोह मजदूर अड्डे पर बुनियादी सुविधाओं के अभाव से परेशान, तुरंत मदद की मांग

Fatehgarh Sahib, Punjab:ਅਮਲੋਹ ਵਿਖੇ ਮਜ਼ਦੂਰ ਅੱਡੇ ‘ਤੇ ਬੁਨਿਆਦੀ ਸਹੂਲਤਾਂ ਦੀ ਘਾਟ ਕਾਰਨ ਮਜ਼ਦੂਰਾਂ ਨੂੰ ਭਾਰੀ ਮੁਸ਼ਕਲਾਂ ਦਾ ਸਾਹਮਣਾ ਕਰਨਾ ਪੈ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਕਰੀਬ 10 ਸਾਲਾਂ ਤੋਂ ਮਜ਼ਦੂਰ ਹਰ ਰੋਜ਼ ਸਵੇਰੇ ਇੱਥੇ ਰੁਜ਼ਗਾਰ ਦੀ ਭਾਲ ਵਿੱਚ ਪਹੁੰਚਦੇ ਹਨ, ਪਰ ਉਨ੍ਹਾਂ ਲਈ ਕੋਈ ਵੀ ਢੰਗ ਦੀ ਸਹੂਲਤ ਉਪਲਬਧ ਨਹੀਂ ਹੈ। ਨਾ ਤਾਂ ਸਿਰ ‘ਤੇ ਛੱਤ ਲਈ ਕੋਈ ਸ਼ੈਡ ਬਣਾਇਆ ਗਿਆ ਹੈ ਅਤੇ ਨਾ ਹੀ ਪੀਣ ਵਾਲੇ ਪਾਣੀ ਦੀ ਕੋਈ ਵਿਵਸਥਾ ਹੈ। ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ, ਬਾਥਰੂਮ ਵਰਗੀ ਬੁਨਿਆਦੀ ਸੁਵਿੱਦ੍ਹਾ ਦੀ ਵੀ ਕਮੀ ਹੈ, ਜਿਸ ਕਾਰਨ ਮਜ਼ਦੂਰਾਂ ਨੂੰ ਕਾਫੀ ਦਿੱਕਤਾਂ ਦਾ ਸਾਹਮਣਾ ਕਰਨਾ ਪੈਂਦਾ ਹੈ ਅੱਜ ਜੀ ਮੀਡੀਆ ਦੀ ਟੀਮ ਵੱਲੋਂ ਮਜ਼ਦੂਰਾਂ ਨਾਲ ਗੱਲਬਾਤ ਕੀਤੀ ਗਈ, ਜਿਸ ਦੌਰਾਨ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਆਪਣਾ ਦੁੱਖ ਸਾਂਝا ਕੀਤਾ। ਮਜ਼ਦੂਰਾਂ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਉਹ ਕਈ ਵਾਰ ਜਥੇਬੰਦੀ ਦੇ ਨੁਮਾਇੰਦਿਆਂ ਅਤੇ ਸਿਆਸੀ ਆਗੂਆਂ ਨੂੰ ਆਪਣੀਆਂ ਸਮੱਸਿਆਵਾਂ ਬਾਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦੇ ਚੁੱਕੇ ਹਨ, ਪਰ ਅਜੇ ਤੱਕ ਕਿਸੇ ਵੱਲੋਂ ਕੋਈ ਢੰਗ ਦੀ ਕਾਰਵਾਈ ਨਹੀਂ ਕੀਤੀ ਗਈ। ਮਜ਼ਦੂਰਾਂ ਨੇ ਮੰਗ ਕੀਤੀ ਹੈ ਕਿ ਮਜ਼ਦੂਰ ਅੱਡੇ ‘ਤੇ ਤੁਰੰਤ ਸ਼ੈਡ ਬਣਾਇਆ ਜਾਵੇ, ਪੀਣ ਵਾਲੇ ਪਾਣੀ ਦੀ ਸਹੂਲਤ ਮੁਹੱਈਆ ਕਰਵਾਈ ਜਾਵੇ ਅਤੇ ਬਾਥਰੂਮ ਦੀ ਵੀ ਵਿਵਸਥਾ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇ, ਤਾਂ ਜੋ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਆ ਰਹੀਆਂ ਦਿੱਕਤਾਂ ਤੋਂ ਰਾਹਤ ਮਿਲ ਸਕੇ।
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