icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Pinewz
244412
SUNIL Kumar SinghSUNIL Kumar SinghFollow22 Sept 2024, 05:43 am
0
0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

बेगूसराय में ट्रक-मोटरसाइकिल भिड़ंत: नीतीश कुमार की मौक़े पर मौत, परिजनों में कोहराम

Begusarai, Bihar:बेगूसराय में एक दर्दनाक सड़क हादसे में मोटरसाइकिल सवार युवक की मौत हो गई। हादसे के बाद मृतक के परिजनों में कोहराम मच गया है। घटना साहेबपुर कमाल थाना क्षेत्र की है। मृतक की पहचान स्वर्गीय पवन यादव के पुत्र नीतीश कुमार के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि नीतीश कुमार अपने घर से मोटरसाइकिल लेकर पेट्रोल भराने के लिए पेट्रोल पंप जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में ट्रक और मोटरसाइकिल के बीच जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मोटरसाइकिल सवार नीतीश कुमार की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे की खबर मिलते ही परिजन घटनास्थल पर पहुंचे, जिसके बाद वहां चीख-पुकार मच गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की सूचना मिलते ही साहेबपुर कमाल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बेगूसराय सदर अस्पताल भेज दिया। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। वहीं, इस दर्दनाक हादसे के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है।
0
0
Report

चांडिल डैम 180.50 RL पर, 13 गेट खुले; किसानों को पानी नुकसान का खतरा

Jamshedpur, Jharkhand:सराइकेला के चांडिल डैम का जलस्तर 180.50 मीटर RL दर्ज किया गया। जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए डैम के 13 रेडियल गेट खोले गए हैं। जानकारी के अनुसार, इनमें 8 गेट करीब 2 मीटर तथा 5 गेट करीब 20 से 25 सेंटीमीटर तक खोले गए हैं। फिलहाल जलस्तर में कमी आने से कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन इसके बावजूद किसानों की चिंता पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। जब तक जलस्तर 180 RL के नीचे नहीं आता, तब तक प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर नजर बनाए रखना जरूरी माना जा रहा है। वहीं, डैम का जलस्तर घटने के बाद भी खेतों में जमा पानी निकलने में समय लग सकता है, जिससे धान की खड़ी फसल को नुकसान की आशंका बनी हुई है। अब डैम के जलस्तर के साथ खेतों की स्थिति पर भी नजर विस्थापित अधिकार मंच फाउंडेशन के अध्यक्ष राकेश रंजन महतो ने कहा कि डैम का जलस्तर 180.50 मीटर तक पहुंचना राहत का संकेत है, लेकिन किसानों की परेशानी केवल डैम के जलस्तर तक सीमित नहीं है। खेतों में अब भी जमा पानी, धान की खड़ी फसल और संभावित फसल नुकसान की स्थिति पर प्रशासन को गंभीरता से निगरानी करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जलस्तर कम करने के लिए 13 रेडियल गेट खोले गए हैं। ऐसे में प्रशासन और परियोजना प्रबंधन को लगातार निगराणी करनी चाहिए, ताकि जलस्तर दोबारा 180 RL के ऊपर न पहुंचे। राकेश रंजन महतो ने कहा कि जलस्तर में कमी से राहत की शुरुआत हुई है, लेकिन किसानों की परेशानी तब खत्म मानी जाएगी, जब खेतों से पानी निकल जाए और उनकी खड़ी फसल सुरक्षित बच सके।
0
0
Report

गोंडा-लखनऊ हाईवे पर देर रात ट्रक-बस टक्कर: लवकुश की मौत, मुकेश घायल

Gonda, Uttar Pradesh:जहां करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत गोंडा-लखनऊ हाईवे पर देर रात सड़क हादसा हुआ। कोचा कासिमपुर गांव के पास श्रद्धा ट्रांसपोर्ट के निकट सड़क किनारे खड़े ट्रेलर से बाइक टकराई। इसमें 25 साल के लवकुश की मौके पर मौत हो गई। लवकुश का चचेरा भाई 23 साल का मुकेश गंभीर घायल है और गोंडा मेडिकल कॉलेज में भर्ती है। लवकुश अपने भाई मुकेश के साथ मोबाइल की किस्त जमा कर मोटरसाइकिल से घर लौट रहे थे। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची करनैलगंज कोतवाली पुलिस द्वारा घायल मुकेश को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया जहां से हालत गंभीर होने पर गोंडा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है जहां मुकेश का इलाज चल रहा है। जबकि मृतक लव कुश के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज करनैलगंज कोतवाली पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
0
0
Report
Advertisement

भूपालसागर चौपाल: सुमित्रा जाट को कप्तानी पर बधाई, आरओ मांग पर चर्चा

Begun, Rajasthan:भूपालसागर, चित्तौड़गढ़ जिले के भूपालसागर पंचायत समिति की ग्राम पंचायत मुरला में जिला कलक्टर डॉ. मंजू की अध्यक्षता में rात्रि चौपाल आयोजित हुई। चौपाल में ग्रामीणों की समस्याएं सुनी गईं और संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए गए। इस दौरान राजस्थान महिला क्रिकेट टीम की कप्तान सुमित्रा जाट और जिला कलक्टर डॉ. मंजू के बीच नेतृत्व और जिम्मेदारी को लेकर प्रेरक संवाद हुआ। जिला कलक्टर ने सुमित्रा जाट को टीम की कप्तान बनने पर बधाई दी। सुमित्रा जाट ने गांव में साफ-सफाई और शुद्ध पेयजल के लिए आरओ की मांग रखी। वहीं दो बालकों ने सामान्य ज्ञान के सवालों के सही जवाब देकर प्रतिभा दिखाई, जिस पर जिला कलक्टर ने उनका सम्मान किया।
0
0
Report

टिहरी झील में वाटर एडवेंचर स्पोर्ट्स को बढ़ावा; दूसरा बैच प्रशिक्षण सम्पन्न

New Tehri, Uttarakhand:टिहरी झील में वाटर एडवेंचर स्पोर्ट्स और एडवेंचर टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा। टिहरी झील में आई आई एस एम भारतीय स्कीइंग एवं पर्वता रोहण संस्थान गुलमर्ग द्वारा वाटर स्कीइंग कोर्स के दूसरे बैच की ट्रेनिंग संपन्न होने के बाद खिलाड़ियों को सर्टिफिकेट और ट्रेनिंग के दौरान बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को पुरस्कृत किया गया, दूसरे बैच में देश के विभिन्न राज्यों से आए 21 खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया और वाटर स्कीइंग के गुर सीखे साथ ही वाटर एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए टिहरी झील को बहुत बढ़िया डेस्टिनेशन बताया। पर्यटन अधिकारी सोबत सिंह राणा ने बताया कि आई आई एस एम द्वारा पिछले साल भी टिहरी झील में वाटर स्कीइंग कोर्स कराया गया था और इस बार भी 3 बैच में ट्रेनिंग दी जा रही है और आज दूसरे बैच की ट्रेनिंग भी सफलता पूर्वक संपन्न हुई। इसके बाद तीसरे बैच की ट्रेनिंग कराई जाएगी और अब वॉटर एडवेंचर स्पोर्ट्स के खिलाड़ियों में भी टिहरी झील पसंदीदा ट्रेनिंग स्पॉट बन रही है और इस तरह के ट्रेनिंग प्रोग्राम टिहरी झील को वाटर एडवेंचर स्पोर्ट्स और एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने में मील का पत्थर साबित होंगे।
0
0
Report
Advertisement

खूँटी में चक्रवाती तूफान अर्णब का असर: कच्चे मकानों में पानी घुसा

Khunti, Jharkhand:क्षेत्र - खूँटी । स्लग - लगातार बारिश से परेशानी बढ़ी , धँसने लगा घर, बिजली गुल । एंकर - खूँटी जिले में चक्रवाती तूफान अर्णब का असर परिणाम दिखाई देने लगा है। लगातार हो रही बारिश के कारण कच्चे मकान का घर में पानी चूने लगा है। कहीं-कहीं घर के दीवार ढहने लगे हैं। खूँटी प्रखंड के हातुदामी गाँव में एक किसान संतोष संगा का घर धँस गया। घर धँस जाने से परेशानी बढ़ गयी है और पीड़ित किसान मदद की गुहार लगाई है। वहीं इसके अलावे खूँटी जिले में अनेक लोग कच्चे मकान में रहने को मजबूर हैं। कई गाँवों में बिजली गुल हो चुकी है और बिजली बाधित होने पर परेशानी भी बढ़ गयी है। उपायुक्त जावेद हुसैन ने कहा कि तूफान का असर खूँटी में दिखाई दे रहा है। जिसके कारण नदियों और पर्यटन स्थल पर नहीं जाएँ पानी की गहराई का पता नहीं चल पाता है। इसलिए उन्होंने लोगों को खतरनाक जगहों पर जाने से मना किया है। उन्होंने कहा कि एक दो जगहों में घरों पर भी असर पड़ा है। वहीं पदाधिकारियों को इसपर मॉनिटरिंग करने के लिए कहा है। बाईट - संतोष संगा की पत्नी , पीड़िता। बाईट - ज़ावेद हुसैन, उपायुक्त, खूँटी।
0
0
Report

बिहार में भारी बारिश के पूर्वानुमान पर अलर्ट, जिलों में सुरक्षा कड़ाई से लागू

Patna, Bihar:आपदा प्रबंधन विभाग26 सितंबर 2026 भारी बारिश के पूर्वानुमान के मद्देनजर बिहार में अलर्ट, मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक नेपाल के तराई क्षेत्र में गंडक नदी के जलग्रहण क्षेत्र में हो रही भारी वर्षा के मद्देनज़र बिहार में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। संभावित परिस्थितियों के म‌द्देनजर सीमावर्ती व गंडक, बागमती तथा कोसी नदी तंत्र से जुड़े संवेदनशील जिलों में प्रशासन को अलर्ट मोड में रहने तथा सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा वर्तमान स्थिति को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग में मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रधान सचिव, आपदा प्रबंधन विभाग श्री संतोष कुमार मल्ल, सचिव, जल संसाधन विभाग, डॉ. चंद्रशेखर सिंह सहित सीतामढ़ी, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर, वैशाली, गोपालगंज, सारण, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, सहरसा, सुपौल, मधेपुरा, कटिहार, खगड़िया तथा बेगूसराय जिलों के जिलाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। उक्त अवसर पर अपर सचिव, श्री मो. नदीमुल गफ्फार सिद्दीकी, संयुक्त सचिव श्री अविनाश कुमार, उप सचिव श्री अमन प्रीत सिंह भी बैठक में रहे। इन जिलों में विशेष सतर्कता बारिश की स्थिति को देखते हुए सीतामढ़ी, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर, वैशाली, गोपालगंज, सारण, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, सहरसा, सुपौल, मधेपुरा, कटिहार, खगड़िया तथा बेगूसराय सहित अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन को नदी के जलस्तर एवं प्रवाह, निचले इलाकों, तटबंधों, नदी किनारे बसे गांवों, पुल-पुलियों तथा संपर्क मार्गों की लगातार निगरानी करने को कहा गया है। कोसी नदी के जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है। इसके बावजूद, कोसी नदी के आसपास स्थित जिलों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। NDRF/SDRF को सतर्क रहने के निर्देश संभावित परिस्थिति से प्रभावी ढंग से निपटنے के लिए NDRF/SDRF को सतर्क रहने के निर्देश दिया गया है। साथ ही, सभी संबंधित जिलों में नाव, लाइफ जैकेट, रेस्क्यू उपकरण तथा अन्य आवश्यक संसाधनों को पर्याप्त संख्या में तैयार एवं उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं। समय पर सूचना एवं निकासी पर जोर संभावित प्रभावित क्षेत्रों में माइकिंग के माध्यम से अग्रिम चेतावनी (Early Warning) का व्यापक प्रसार करने तथा आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित आबादी को सुरक्षित स्थानों पर समय रहते पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। सभी विभागों में समन्वय जिला प्रशासन, पुलिस, जल संसाधन विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों के बीच निरंतर समन्वय एवं संचार बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। सभी उपलब्ध संसाधनों को स्टैंडबाय/एक्टिव मोड में रखा जा रहा है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर बचाव एवं राहत कार्य तत्काल प्रारंभ किया जा सके। राज्य सरकार द्वारा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है。 आम जनता से अपील - घबराने की आवश्यकता नहीं मुख्य सचिव द्वारा बैठक में उपस्थित सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए कि नियमित प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जनप्रतिनिधियों व आमजन को जागरूक करते रहें तथा स्पष्ट करें कि वर्तमान स्थिति को लेकर किसी प्रकार की अफवाह या घबराहट की आवश्यकता नहीं है। प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और आवश्यक बचाव एवं राहत संसाधनों को पहले से ही संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया जा रहा है। किसी भी आपातकालीन सहायता के लिए आपदा प्रबंधन विभाग के टोल फ्री नंबर 1070 पर सम्पर्क किया जा सकता है।
0
0
Report

बदरीनाथ धाम में तेज डीजे-संगीत पर ज्योतिर्मठ ने लगाई रोक, सरकार से हस्तक्षेप मांग

Jokhanalagga Bura, Uttarakhand:एंकर -चमोली। बदरीनाथ धाम में आयोजित संगीत एवं डीजे कार्यक्रमों को लेकर ज्योतिर्मठ, बदरीनाथ के विधायक लखपत बुटोला और स्थानीय लोगों ने आपत्ति जताई है। ज्योतिर्मठ की ओर से कहा गया है कि बदरीनाथ धाम की धार्मिक एवं सांस्कृतिक मर्यादाओं को ध्यान में रखते हुए तेज ध्वनि वाले आयोजनों पर नियंत्रण जरूरी है। बीओ- ज्योतिर्मठ के प्रभारी स्वामी मुकुन्दानंद गिरि ने कहा कि बदरिकाश्रम सनातन परंपरा में अत्यंत महत्वपूर्ण तीर्थ क्षेत्र है। आदि गुरु शंकराचार्य से जुड़ी परंपरा और बदरीनाथ धाम के आध्यात्मिक महत्व को देखते हुए यहां का वातावरण शांत और आध्यात्मिक रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि धाम में शंख बजाने तक की परंपरागत मनाही बताई जाती है। ऐसे में तेज ध्वनि वाले डीजे और संगीत कार्यक्रमों के आयोजन को लेकर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हिमालय को देवात्मा स्वरूप माना गया है और बदरीनाथ धाम करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे में धाम की धार्मिक गरिमा के साथ-साथ हिमालयी पर्यावरण की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए आयोजनों की प्रकृति और ध्वनि स्तर पर विशेष नियंत्रण आवश्यक है। ज्योतिर्मठ की ओर से बदरीनाथ धाम के आध्यात्मिक महत्व का उल्लेख करते हुए कहा गया कि धार्मिक ग्रंथों में बदरिकाश्रम और भगवान नर-नारायण की तपस्या का वर्णन मिलता है। मान्यता है कि भगवान नर-नारायण ने बदरिकाश्रम में लोक कल्याण के लिए तपस्या की थी। ज्योतिर्मठ का कहना है कि बदरिकाश्रम को ऋषि-मुनियों की तपस्थली माना जाता है और यहां सदियों से शांति, साधना एवं संयम की परंपरा रही है। ऐसे में बड़े स्तर पर होने वाले तेज ध्वनि वाले आयोजनों में धार्मिक भावनाओं और स्थानीय परंपराओं का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। ज्योतिर्मठ ने हिमालयी क्षेत्र की पर्यावरणीय संवेदनशीलता को लेकर भी चिंता जताई है। कहा गया कि बदरीनाथ जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्र में होने वाली गतिविधियों का स्थानीय पर्यावरण और परिस्थितियों पर प्रभाव पड़ सकता है। उत्तराखंड की पारंपरिक संस्कृति में प्रकृति और धार्मिक स्थलों के संरक्षण को विशेष महत्व दिया जाता है। ऐसे में ध्वनि प्रदूषण समेत अन्य गतिविधियों को नियंत्रित करने की आवश्यकता है। ज्योतिर्मठ की ओर से बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने से पूर्व आयोजित कार्यक्रमों को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। कहा गया कि धाम की धार्मिक परंपराओं और पूजा व्यवस्था को देखते हुए कपाट बंद रहने की अवधि में होने वाली मानवीय गतिविधियों में भी निर्धारित परंपराओं और नियमों का पालन किया जाना चाहिए। हाल ही में अराइवल प्लाजा के समीप आयोजित फेस्टिवल में डीजे साउंड और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को लेकर भी ज्योतिर्मठ ने आपत्ति जताई। हालांकि, उत्तराखंड के व्यंजन, पारंपरिक वेशभूषा और सेना के शौर्य से जुड़े कार्यक्रमों को सकारात्मक पहल बताया गया, लेकिन तेज डीजे, अशोभनीय गीतों और अमर्यादित गतिविधियों को बदरीनाथ धाम की धार्मिक गरिमा के अनुरूप नहीं बताया गया। ज्योतिर्मठ की ओर से प्रदेश सरकार से मामले का संज्ञान लेते हुए हस्तक्षेप करने की मांग की गई है। साथ ही धार्मिक परंपराओं और मर्यादाओं के उल्लंघन के आरोपों की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई है। इसके अलावा बदरीनाथ धाम सहित अन्य प्रमुख तीर्थ क्षेत्रों में डीजे, तेज ध्वनि, अशोभनीय प्रदर्शन और धार्मिक वातावरण को प्रभावित करने वाले आयोजनों के लिए स्पष्ट नियम बनाए जाने तथा उनका कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने की मांग की गई है। बाइट: स्वामी मुकुन्दानन्द गिरि, प्रभारी—ज्योतिर्मठ, बदरिकाश्रम, हिमालय बाइट: वृजेश सती, स्थानीय निवासी
0
0
Report
Advertisement
Advertisement

बलवंत भौर्याल की राज्यसभा दावेदारी: भाजपा में नई चर्चा तेज

Bageshwar, Uttarakhand:पूर्व कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता बलवंत सिंह भौर्याल ने राज्यसभा सदस्य के लिए अपनी दावेदारी पेश की है। भौर्याल ने भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र भेजकर राज्यसभा के लिए पार्टी प्रत्याशी बनाए जाने का अनुरोध किया है। पत्र में उन्होंने अपने लंबे राजनीतिक अनुभव और संगठन में सक्रिय योगदान का उल्लेख किया है। भौर्याल ने विधायक और कैबिनेट मंत्री के रूप में किए गए कार्यों तथा पार्टी के प्रति अपनी सेवाओं को दावेदारी का आधार बताया है। अब उनकी दावेदारी को लेकर भाजपा संगठन और राजनीतिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई है।
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top