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Saharanpur247001

आम के पेड़ के पास मिला अज्ञात युवक का शव, क्षेत्र में फैली सनसनी

Jul 10, 2024 07:03:04
Saharanpur, Uttar Pradesh

सहारनपुर के गंगोह थाना क्षेत्र के ग्राम शकरपुर में मकई के खेत में आम के पेड़ के पास एक अज्ञात युवक का शव मिला है। मौजूद किसान ने बताया कि जैसे ही वह खेत में खाद डालने के लिए आया तो मकई के खेत में उसकी नजर शव पर पड़ी, जिसकी सूचना उसने तुरंत पुलिस को दी। जहां शव की अभी तक पहचान नहीं हो पाई है। वहीं पुलिस ने शव को कब्ज़े में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

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RBRAMESH BALI
Feb 26, 2026 07:32:22
Chikri Ban, :एंकर: माह-ए-रमज़ान के इस पवित्र अवसर पर हर साल की तरह इस बार भी मदरसा अनवार-उल-उलूम और वज़ीरनी मस्जिद में बड़े पैमाने पर इफ्तार का आयोजन किया जा रहा है। वीओ : सीमावर्ती पुंछ ज़िले में माह-ए-रमज़ान के पवित्र अवसर पर हर साल की तरह इस बार भी मदरसा अनवार-उल-उलूम और वज़ीरनी मस्जिद में बड़े पैमाने पर इफ्तार का आयोजन किया जा रहा है। इफ्तार में रोज़ेदारों के साथ-साथ मुसाफिर, दूर-दराज़ इलाकों से आए लोग और स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में शामिल हो रहे हैं। रोज़ा खोलने के लिए यहां विशेष इंतज़ाम किए गए हैं, जिससे हर आने वाले व्यक्ति को सुविधा मिल सके। इस नेक कार्य को सफल बनाने में स्थानीय युवाओं की अहम भूमिका है, जो पूरे समर्पण के साथ इफ्तार की तैयारियों और सेवा में जुटे हुए हैं। यह पूरा कार्यक्रम रज़ा-ए-मुस्तफ़ा कमेटी की निगरानी में आयोजित किया जा रहा है। आयोजकों ने आम जनता से अपील की है कि वे इस सामाजिक और मानवता की सेवा से जुड़े अभियान में अपना सहयोग देते रहें, ताकि अधिक से अधिक रोज़ेदार इस पहल से लाभान्वित हो सकें। शॉट्स और बाईट
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ASANIMESH SINGH
Feb 26, 2026 07:31:56
Ujjain, Madhya Pradesh:उज्जैन के व्यस्ततम खाकचौक चौराहे पर खतरनाक ड्राइविंग का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पुलिस हरकत में आ गई। इंस्टाग्राम आईडी roshan_yadav22 पर 25 फरवरी 2026 को अपलोड किए गए वीडियो में काले रंग की महिन्द्रा थार (MP20ZC-0072) तेज रफ्तार और रांग साइड में दौड़ती नजर आई। वाहन से तेज आवाज में हुटर बजाया जा रहा था, जिससे आम लोगों में दहशत का माहौल बन गया। वीडियो में साफ दिखा कि वाहन पर काले रंग की अवैध फिल्म लगी थी और नंबर प्लेट भी नियमानुसार नहीं थी। चालक ने सीट बेल्ट तक नहीं पहनी थी। मामला सामने आते ही थाना चिमनगंजमंडी पुलिस ने त्वरित संज्ञान लिया और वाहन चालक की पहचान रोशन यादव, निवासी इंदौर गेट, जिला उज्जैन के रूप में की। पुलिस ने चालक के विरुद्ध धारा 281 बीएनएस सहित 185(4), 138(3)/177 सीएमवीआर तथा 51/177, 100(2)/177, 184 मोटर व्हीकल एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है। प्रआर 728 नवीन सिंह द्वारा अपराध पंजीबद्ध किया गया है, जबकि मामले की विवेचना निरीक्षक गजेन्द्र पचौरिया कर रहे हैं। उज्जैन पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि सोशल मीडिया पर प्रसिद्धि पाने के लिए यातायात नियमों की अनदेखी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि यातायात नियमों का पालन करें और सड़कों पर अपनी व दूसरों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें।
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DSDurag singh Rajpurohit
Feb 26, 2026 07:31:40
Barmer, Rajasthan:क्रूड ऑयल की पाइपलाइन फूटी, खेत बर्बाद 1. किसान को बुला कर वार्ता कर ली गई है। उचित मुआवजा नियमों के अनुसार दिया जाएगा。 2. किसी भी प्रकार की क्षति का आंकलन जिला प्रशासन के साथ मिलकर किया जाएगा。 3. कृषि कार्य उक्त क्षेत्र में नहीं किया जा रहा था। भूमि पर हुए असर का आंकलन कर मुआवजा दिया जाएगा。 4. रिसाव के स्रोत का पता लगाया जा रहा है。 बाड़मेर के कवास क्षेत्र के काउखेड़ा गांव में धरती ने अचानक ऐसा जख्म उगला, जिसने “विकास” के दावों की सच्चाई सामने ला दी। किसान के खेत से पानी नहीं, बल्कि कच्चा तेल फूट पड़ा। जमीन से निकलता यह काला तरल सिर्फ क्रूड ऑयल नहीं था, बल्कि यह उस लापरवाही का सबूत था, जो वर्षों से तेल उत्पादन के नाम पर स्थानीय लोगों पर थोपी जा रही है। जिस खेत में अन्न उगना चाहिए था, वहां अब जहर फैल रहा है। यह घटना कोई सामान्य तकनीकी खराबी नहीं, बल्कि तेल कंपनियों की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलने वाला जिंदा प्रमाण है। खेत बना ऑयल वेल, किसान बना मूक दर्शक काउखेड़ा गांव में किसान हरजीराम के खेत में अचानक जमीन धंसने लगी और उसमें से क्रूड ऑयल निकलने लगा। देखते ही देखते पूरा खेत काले तेल से भर गया। किसान, जिसने उस जमीन को अपने खून-पसीने से सींचा था, अब उसी जमीन को बर्बाद होते देखने को मजबूर है। यह कोई प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि औद्योगिक लापरवाही का परिणाम है। जिस जमीन पर फसल लहलहानी थी, वहां अब तेल का जहर फैल चुका है। करोड़ों का तेल सुरक्षित, लेकिन किसान की जमीन असुरक्षित बाड़मेर देश का सबसे बड़ा ऑनशोर ऑयल उत्पादन क्षेत्र है, जहां रोजाना लाखों बैरल तेल निकाला जाता है। तेल कंपनियां अरबों का मुनाफा कमा रही हैं, लेकिन सुरक्षा के नाम पर जमीनी हकीकत बेहद कमजोर नजर आती है। सवाल यह है? कि जब इतनी बड़ी मात्रा में तेल निकाला जा रहा है, तो क्या पाइपलाइन और वेलपैड की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है? या फिर मुनाफे की अंधी दौड़ में सुरक्षा को जानबूझकर नजरअंदाज किया जा रहा है? रिसाव ने खोली सिस्टम की सच्चाई इस घटना ने यह साफ कर दिया है कि भूमिगत पाइपलाइन और वेलपैड सिस्टम पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं। अगर जमीन के अंदर सब कुछ सुरक्षित होता, तो खेत से तेल नहीं निकलता। इसका सीधा मतलब है कि कहीं न कहीं पाइपलाइन या तेल कुएं में गंभीर खराबी हुई है। यह केवल एक खेत की घटना नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की विफलता का संकेत है। अगर आज तेल खेत से निकल रहा है, तो कल यह गांव के पानी और हवा को जहर बना सकता है。 पर्यावरण के साथ खतरनाक खिलवाड़ क्रूड ऑयल का रिसाव सिर्फ जमीन को खराब नहीं करता, बल्कि यह पूरे पर्यावरण को नष्ट कर देता है। मिट्टी की उर्वरता खत्म हो जाती है, भूजल दूषित हो जाता है और हवा में जहरीली गैसें फैलती हैं। इसका असर आने वाली पीढ़ियों तक रहता है। बाड़मेर जैसे मरुस्थलीय क्षेत्र में जहां पानी पहले ही सीमित है, वहां इस तरह का प्रदुषण जीवन के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। मुनाफा कंपनी का, नुकसान किसान का सबसे बड़ा सवाल यह है? कि तेल निकालकर मुनाफा कौन कमा रहा है? और नुकसान कौन झेल रहा है? जवाब साफ है। कंपनी मुनाफा कमा रही है और किसान अपनी जमीन खो रहा है। जिस किसान की जमीन से तेल निकल रहा है, उसे न तो सुरक्षा मिली और न ही पहले से कोई चेतावनी दी गई। अब जब जमीन बर्बाद हो गई है, तो मुआवजा और जिम्मेदारी की बात शुरू हो रही है। यह व्यवस्था का सबसे क्रूर चेहरा है。 क्या केवल जांच से खत्म हो जाएगी जिम्मेदारी? हर बड़ी घटना के बाद एक शब्द सामने आता है जांच। लेकिन सवाल यह है कि क्या जांच से किसान की जमीन वापस आ जाएगी? क्या जांच से पर्यावरण का नुकसान भरपाई हो जाएगा? या फिर जांच केवल जिम्मेदारी से बचने का एक औपचारिक तरीका बनकर रह जाएगी? जब तक जिम्मेदारी तय नहीं होगी और जवाबदेही सुनिश्चित नहीं होगी, तब तक ऐसी घटनाएं दोहराई जाती रहेंगी。 बाड़मेर के लिए चेतावनी की घंटी यह घटना केवल एक गांव की समस्या नहीं, बल्कि पूरे बाड़मेर के लिए चेतावनी है। अगर समय रहते सुरक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं की गई, तो भविष्य में और बड़े हादसे हो सकते हैं। तेल उत्पादन जरूरी है, लेकिन लोगों की जिंदगी और पर्यावरण की कीमत पर नहीं। विकास का मतलब विनाश नहीं होना चाहिए。 जवाबदेही तय करना अब जरूरी अब समय आ गया है कि इस घटना की निष्पक्ष जांच हो और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए। प्रभावित किसान को उचित मुआवजा मिले और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं। क्योंकि अगर आज खेत से तेल निकल रहा है, तो यह सिर्फ जमीन का रिसाव नहीं है यह सिस्टम की जिम्मेदारी का रिसाव है。
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GSGAURAV SRIVASTAVA
Feb 26, 2026 07:24:04
Auraiya, Uttar Pradesh:एंकर:उत्तरप्रदेश के औरैया जनपद में मामूली कहासुनी के बाद दबंगों ने एक युवक को जमकर मारपीट कर दी। जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मामला दिबियापुर थाना क्षेत्र के कांशीराम कॉलोनी का है। घटना के संबंध में बता दें कि कांशीराम कॉलोनी दिबियापुर के एक युवक की मोहल्ले के दो युवकों से कहासुनी हो गई जिसके बाद दबंगों ने युवक की जमकर पिटाई कर दी। तस्वीर में आप देख सकते है कि दबंग युवक की लात घूंसो से मार पीट कर रहा है जबकि सामने बैठा एक शख्स पूरा तमाशा देख रहा है। मारपीट का वीडियो किसी शख्स ने बना कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। फलहाल दिबियापुर पुलिस और उच्च अधिकारियों का कोई भी बयान इस मामले में सामने नहीं आया है।
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KKKRISNDEV KUMAR
Feb 26, 2026 07:23:53
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ASARUN SINGH
Feb 26, 2026 07:23:31
Farrukhabad, Uttar Pradesh:फर्रुखाबाद हाईवे पर ट्रैक्टर हादसा - नेताजी की अक्खड़ सड़क का कहर फर्रुखाबाद हाईवे पर देर रात इटावा-बरेली हाईवे पर दो ट्रैक्टरों की आमने-सामने भिड़ंत में एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल है। हादसा एनएच 730सी पर गांव मुराहस कन्हैया के पास हुआ — उसी हाईवे पर, जिसे स्थानीय लोग "नेताजी की अक्खड़ सड़क" कहते हैं। हरकमपुर निवासी 28 वर्षीय धीरेंद्र कुमार उर्फ धीरू पुत्र अवधेश सिंह, अपने साथियों 23 वर्षीय दीपक पुत्र रामवीर सिंह और सुखेंद्र पुत्र प्रेम सिंह के साथ ट्रैक्टर पर आलू लादकर फर्रुखाबाद के एसआर कोल्ड स्टोरेज जा रहे थे। तभी सामने से आ रहे ट्रैक्टर ने जबरदस्त टक्कर मार दी। यह वही हाईवे है, जहां नेताजी के कार्यकाल में बनाई गई सड़क की अक्खड़ डिजाइन और खराब मेंटेनेंस के कारण रोज हादसे हो रहे हैं। संकरी लेन, गड्ढे और बिना लाइटिंग की वजह से रात में ड्राइवरों की जान पर बन आती है। हादसे में धीरेंद्र की मौके पर मौत हो गई, दीपक गंभीर जख्मी। जिला अस्पताल लोहिया में डॉक्टर एन हुड्डा ने धीरेंद्र को मृत घोषित किया और दीपक को हायर सेंटर रेफर कर दिया। परिजन हाईवे की खराब स्थिति पर सवाल उठा रहे हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। क्या नेताजी की यह "अक्खड़ सड़क" अब सुधरेगी? उत्तर प्रदेश में 2025 में कुल 27,205 सड़क मौतें हुईं, जिसमें यह हाईवे योगदान देता है। पिछले 2 सालों (फरवरी 2024 से फरवरी 2026 तक) में एनएच 730सी पर कोई आधिकारिक कुल मौतों का आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। विभिन्न समाचारों से दर्ज हादसों में कम से कम 25-30 मौतें हुईं, लेकिन यह अनुमानित है क्योंकि सभी घटनाएं रिपोर्ट नहीं हुईं।
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ASABHISHEK SHARMA1
Feb 26, 2026 07:23:15
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DTDinesh Tiwari
Feb 26, 2026 07:23:04
Jaipur, Rajasthan:जयपुर कैबिनेट मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ट्रैफिक सेंस को लेकर खुद सड़कों पर उतरे और स्कूली बच्चों के साथ मिलकर आमजन को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया। शहर के प्रमुख ट्रैफिक सिग्नलों पर खड़े होकर उन्होंने सिविल सेंस और सड़क सुरक्षा के महत्व पर विस्तृत जानकारी दी। मंत्री राठौड़ ने बच्चों को हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने और ज़ेब्रा क्रॉसिंग का उपयोग करने जैसे बुनियादी लेकिन बेहद जरूरी नियमों की जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने वाहन चालकों से भी अपील की कि वे यातायात संकेतों का पालन करें और जल्दबाज़ी में अपनी तथा दूसरों की जान जोखिम में न डाले। कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि यदि स्कूली स्तर पर ही बच्चों को यातायात के नियमों की सही शिक्षा दी जाए तो भविष्य में ट्रैफिक व्यवस्था स्वतः ही बेहतर हो सकती है। उन्होंने कहा कि बच्चे समाज के सबसे प्रभावी संदेशवाहक होते हैं और वे अपने घर-परिवार में भी नियमों के पालन के लिए प्रेरित कर सकते हैं। इस जागरूकता अभियान का उद्देश्य केवल नियम बताना नहीं, बल्कि जिम्मेदार नागरिकता की भावना विकसित करना है। मंत्री ने कहा कि सुरक्षित यातायात एक सामूहिक जिम्मेदारी है और इसमें बच्चों की भागीदारी से बड़ा सकारात्मक संदेश जाएगा। अभियान के दौरान आमजन ने भी पहल की सराहना की और नियमों के पालन का संकल्प लिया।
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