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ROHIT MISHRAROHIT MISHRAFollow4 Feb 2025, 02:12 am

Raebareli: ग्रामीणों ने थाने का किया घेराव, ग्रामीणों ने थाने का घेराव

Raebareli, Uttar Pradesh:

रायबरेली के बछरावां थाना क्षेत्र में ग्रामीणों ने पुलिस के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। 23 जनवरी को व्यापारी लवकुश की हत्या के मामले में पुलिस की जांच से नाराज होकर सैकड़ों ग्रामीण और पीड़ित परिवार थाने पहुंचे। उन्होंने पुलिस पर निर्दोष लोगों से जबरन जुर्म कबूल करवाने और मारपीट करने का आरोप लगाया। भारतीय किसान यूनियन (लोकतांत्रिक) के जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में ग्रामीणों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। पीड़ितों ने कैमरे के सामने अपनी आपबीती बताई और कहा कि पूछताछ के दौरान पुलिस ने उन्हें जबरदस्ती मारा-पीटा। हालांकि, ASP संजीव कुमार सिन्हा के आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ। पुलिस इस ब्लाइंड मर्डर केस की जांच कर रही है और कई लोगों से पूछताछ जारी है।

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सरकारी गेहूं चोरी: सुरक्षा कर्मी ही पकड़े गए चोर, 9 कट्टे बरामद

Jhajjar, Haryana:झज्जर जिले के गांव सिलाना में सरकारी गेहूं चोरी का बड़ा मामला सामने आया है। खाद्य आपूर्ति विभाग की सतर्कता से चार युवकों को सरकारी गेहूं चोरी करते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया गया। हैरानी की बात यह रही कि जिन लोगों के सिर गेहूं की सुरक्षा की जिम्मेदारी थी, वही सरकारी अनाज पर हाथ साफ करते पकड़े गए। जानकारी के अनुसार गांव सिलाना के स्टेडियम में सरकारी खरीद के बाद करीब 70 हजार गेहूं के कट्टे रखवाए गए थे। इन कट्टों की सुरक्षा के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। इसी दौरान विभाग के इंस्पेक्टर अजय कुमार को गेहूं चोरी किए जाने की भनक लगी। उन्होंने तुरंत मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की तो वहां चार युवक गाड़ी में गेहूं के कट्टे लोड करते मिले। जांच के दौरान गाड़ी से चोरी किए गए गेहूं के 9 कट्टे बरामद किए गए। विभागीय अधिकारियों ने मौके पर ही चारों आरोपियों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान लक्ष्य और नवीन निवासी गांव सिलाना, सुनील निवासी मदीना जिला रोहतक तथा गाड़ी चालक रमेश निवासी सुनारिया खुर्द जिला रोहतक के रूप में हुई है। पुलिस ने विभाग की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं इस घटना के बाद सरकारी अनाज की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं。
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मुजफ्फरपुर विश्वविद्यालय के अनुबंध कर्मी अवैध शराब कारोबार के आरोप में गिरफ्तार

Muzaffarpur, Uttar Pradesh:मुजफ्फरपुर विश्वविद्यालय के उर्दू विभाग में 20 वर्षों से अनुबंध पर कार्यरत जफर खान अवैध शराब के कारोबार के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. मुजफ्फरपुर उत्पाद विभाग की टीम ने परिसर में छापेमारी कर जफर खान को पांच बोतल शराब के साथ पकड़ा. पूछताछ के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. Inspspecter दीपक कुमार सिंह ने बताया कि सूचना मिली थी कि विश्वविद्यालय के परिसर में एक कर्मचारी अवैध शराब का कारोबार कर रहा था. छापेमारी में 180 ml के पांच टेट्रा पैक बरामद हुए. गिरफ्तारी के बाद आगे पूछताछ जारी है.
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धनबाद दौरे में महिला कांग्रेस प्रमुख राम खालखो ने महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया

Dhanbad, Jharkhand:धनबाद दौरे पर पहुंचीं प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष रमा खालखो ने सर्किट हाउस में जिला महिला कांग्रेस कमेटी के साथ बैठक कर संगठन विस्तार और महिलाओं की भागीदारी को लेकर चर्चा की। साथ-साथ आगामी पंचायत चुनाव को लेकर पंचायत और बूथ स्तर तक संगठन की जड़ें मजबूत करने पर जोर दिया। साथ ही महिला कार्यकर्ताओं से राज्य में शुरू की गई SIR के कार्य में बीएलओ को सहयोग करने का आह्वाहन की। इस दौरान जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष सीता राणा ने फूलों का माला और पुष्पगुच्छ देकर उनका स्वागत किया। प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष रमा खालखो ने कहा कि संथाल परगना दौरे के बाद वह धनबाद पहुंची हैं। धनबाद में महिला कांग्रेस की वर्तमान स्थिति और संगठन को मजबूत करने को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक महिलाओं को कांग्रेस पार्टी से जोड़ने की दिशा में कार्य किया जाएगा। वहीं भाजपा पर निशाना साधते हुए रमा खालखो ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार जनता को भ्रमित करने का काम कर रही है। महिला आरक्षण बिल पारित होने के बावजूद परिसीमन का बहाना बनाकर अब तक इसे लागू नहीं किया गया है, जिससे महिलाओं को उनका अधिकार और सम्मान नहीं मिल पा रहा है। इसके साथ ही आगामी पंचायत चुनाव को देखते हुए प्रखंड स्तर पर महिला कांग्रेस कमिटी की बैठके आयोजित करने और जो महिला कांग्रेस की विचारधारा से जुड़कर चुनाव लड़ना चाहेंगी, वैसी महिलाओं को कांग्रेस द्वारा समर्थन देकर चुनावी मैदान में उतारा जाएगा। तीसरा और अंतिम मुद्दा एसआईआर को लेकर है। बैठक में जिला महिला कांग्रेस कमिटी को कहा गया है कि एसआईआर को लेकर क्षेत्र में जो बीएलओ घूम रहे हैं उनका सहयोग करें, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को मतदाता सूची से जोड़ा जा सके। झारखण्ड राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों का पद पिछले कुछ वर्षो से रिक्त है यह महिलाओं के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है।सरकार को इसपर ध्यान देने की जरूरत है। महिलाओं को न्याय दिलाने और लंबित मामलों के निपटारे के लिए आयोग के पूर्ण गठन की प्रक्रिया जल्द पूरी करने के लिए वे सीएम से मुलाक़ात करेंगी。
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कोसमी में मेडिकल कॉलेज की वजह से 70 परिवार बेदखली खतरे में विरोध

Betul, Madhya Pradesh:बैतूल। जिले के ग्राम कोसमी में मेडिकल कॉलेज के लिए आवंटित भूमि सीमांकन के बाद यहां वर्षों से रह रहे करीब 70 परिवारों के सामने अब बेदखली का खतरा मंडरा रहा है। यहां के रहवासियों में उन्हें हटाने की सुगबुगाहट के बीच सभी परिवारों ने कांग्रेस के बैनर तले आज कलेक्ट्रेट में जमकर विरोध प्रदर्शन किया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से अपनी जमीन से उन्हें न हटाने की मांग की है। दरअसल मामला ग्राम कोसमी का है,जहां प्रशासन द्वारा शासकीय भूमि मेडिकल कॉलेज के लिए आवंटित की गई है। लेकिन इस जमीन पर पिछले कई दशकों से करीब 70 परिवार अपने पक्के मकानों में निवास कर रहे हैं। इन मकानों में कई प्रधानमंत्री आवास भी है जो हाल ही में बने हैं। कोसमी निवासी प्रभावित महिला सुनीता मालवीय के अनुसार ये मकान साल 1980 से बने हुए हैं और यहां रहने वाले परिवारों को वर्ष 1998 में राजीव गांधी आश्रय योजना के तहत ग्राम पंचायत द्वारा पट्टे भी आवंटित किए गए थे। 70 परिवारों में कुछ परिवार के प्रधानमंत्री आवास भी बने हुए हैं। ऐसे में मेडिकल कॉलेज निर्माण में हमे हटाया जाता है तो हम क्या करेंगे। कांग्रेस जिला अध्यक्ष निलय डागा ने बताया कि हाल ही में जब मेडिकल कॉलेज के लिए भूमि का सीमांकन किया गया,तब यह सामने आया कि उक्त जमीन पर इन 70 परिवारों के मकान भी आ रहे हैं। इस खुलासे के बाद से ही ग्रामीणों में चिंता और आक्रोश का माहौल है। डागा ने कहा कि ये परिवार वर्षों से इस ज़मीन पर निवास कर रहे हैं,अब अचानक इन्हें हटाया जाता है तो ये किधर जाएंगे। हम प्रशासन से मांग करते है कि इन परिवारों को नहीं हटाया जाए। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग करते हुए कहा है कि उनकी जमीन को आवासीय घोषित किया जाए और उन्हें उस ज़मीन से बेदखल न किया जाए। इस मामले में बैतूल तहसीलदार गोवर्धन पाठे ने जरूर ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि मेडिकल कॉलेज निर्माण में उनके मकान नहीं आ रहे हैं और उन्हें नहीं हटाया जायेगा। अब देखना होगा कि प्रशासन इन 70 परिवारों के भविष्य को लेकर क्या फैसला लेता है,विकास की राह में विस्थापन होगा या इन परिवारों को राहत मिलती हैं ।
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गोसाबा घटना: तृणमूल नेता ने 80 हजार रुपये लौटाकर अपराध स्वीकार किया

Baruipur, West Bengal:রাজ্যে পালা বদলের পর তোলাবাজির টাকা ফেরত দিলেন তৃণমূলের বুথ সভাপতি। Gosaba: অভিযোগ ২০২১ সালের বিধানসভা নির্বাচনের ফলাফল ঘোষণার ঠিক পরে ১০ মে, বিজেপি করার ‘অপরাধে’ শাস্তি হিসেবে gosaba শম্ভুনগর অঞ্চল বাসিন্দা তথা সক্রিয় বিজেপি কর্মী সন্তোষ জানার কাছ থেকে ৮০ হাজার টাকা জরিমানা তোলাবাজি হিসেবে আদায় করা হয়। বিজেপি কর্মী সন্তোষ জানার দাবি তৎকালীন gosaba শম্ভুনগর তৃণমূল অঞ্চল সভাপতি পরিতোষ হালদারের নির্দেশে এই বিপুল অঙ্কের টাকা কেড়ে নিয়েছিলেন পালপুর ৩৩ নম্বর বুথের তৃণমূল বুথ সভাপতি পরিতোষ দাস। মোট ৮০ হাজার টাকার মধ্যে ৪০ হাজার টাকা নেওয়া হয়েছিল অনলাইনে এবং বাকি ৪০ হাজার টাকা নগদ নেওয়া হয়। ২০২৬ সালের বর্তমান রাজনৈতিক পরিস্থিতিতে রাজ্যে ভারতীয় জনতা পার্টি (BJP) ক্ষমতায় আসার পর থেকেই অভিযুক্ত তৃণমূল নেতাদের ওপর চাপ বাড়তে থাকে, রাজ্যে আইনের এই কড়াকড়ি ও ক্ষমতার পালাবদলের পরেই ভোলবদল ঘটে অভিযুক্তদের। জানা গেছে, গতকাল রাতে অন্ধকারে বিজেপি কর্মী সন্তোষ জানা কাছে সশরীরে হাজির হন তৃণমূল বুথ সভাপতি পরিতোষ দাস। সেখানে গিয়ে জোরপূর্বক কেড়ে নেওয়া সেই ৮০ হাজার টাকা তিনি সন্তোষবাবুকে সম্পূর্ণ ফেরত দিয়ে আসেন। টাকা ফেরত দেবার পাশাপাশি নিজের অপরাধও ক্যামেরার সামনে স্বীকার করে নিয়েছেন তৃণমূল নেতা পরিতোষ দাস। তিনি স্পষ্ট জানান, তৎকালীন তৃণমূল অঞ্চল সভাপতি পরিতোষ হালদারের সরাসরি নির্দেশেই তিনি ওই বিজেপি কর্মীর কাছ থেকে জরিমানার নামে এই টাকা তুলেছিলেন। ওপত্তলার নেতার নির্দেশ পালন করতেই তিনি এই কাজ করতে বাধ্য হয়েছিল বলে দাবি করেন। এলাকায় তীব্র চাঞ্চল্য এই ঘটনা প্রকাশ্যে আসতেই গোসাবার রাজনৈতিক মহলে ব্যাপক চাঞ্চল্য ছড়িয়ে পড়েছে। বিগত বছরগুলোতে সাধারণ মানুষ ও বিরোধী কর্মীদের ওপর তৃণমূল নেতারা কীভাবে তোলবাজি এবং অত্যাচার চালিয়েছেন, এই ঘটনা তারই এক নতুন ও জ্বলন্ত প্রমাণ বলে দাবি করছে স্থানীয় বিজেপি নেতৃত্ব। অন্যদিকে, তৃণমূল নেতাদের এই টাকা ফেরতের ঘটনায় রীতিমতো মুখ পুড়েছে এবং তীব্র অস্বস্তিতে পড়েছে স্থানীয় তৃণমূল শিবির। ভাইরাল ভিডিও 250526ZG-BAR-GOSABA-TAKA-R
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कोसमी में 70 परिवारों के मकान मेडिकल कॉलेज से हटेगा या राहत मिलेगी?

Betul, Madhya Pradesh:बैतूल जिले के ग्राम कोसमी में मेडिकल कॉलेज के लिए आवंटित भूमि पर वर्षों से रह रहे करीब 70 परिवारों के सामने अब बेदखली का खतरा मंडरा रहा है। यहां के रहवासियों में उन्हें हटाने की सुगबुगाहट के बीच सभी परिवारों ने कांग्रेस के बैनर तले कलेक्ट्रेट में जमकर विरोध प्रदर्शन किया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से अपनी जमीन से उन्हें न हटाने की मांग की है। दरअसल मामला ग्राम कोसमी का है,जहां प्रशासन द्वारा शासकीय भूमि मेडिकल कॉलेज के लिए आवंटित की गई है। लेकिन इस जमीन पर पिछले कई दशकों से करीब 70 परिवार अपने पक्के मकानों में निवास कर रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार ये मकान साल 1980 से बने हुए हैं और यहां रहने वाले परिवारों को वर्ष 1998 में राजीव गांधी आश्रय योजना के तहत ग्राम पंचायत द्वारा पट्टे भी आवंटित किए गए थे। हालांकि हाल ही में जब मेडिकल कॉलेज के लिए भूमि का सीमांकन किया गया,तब यह सामने आया कि उक्त जमीन पर इन 70 परिवारों के मकान भी आ रहे हैं। इस खुलासे के बाद से ही ग्रामीणों में चिंता और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग करते हुए कहा है कि उनकी जमीन को आवासीय घोषित किया जाए और उन्हें उस ज़मीन से बेदखल न किया जाए। इस मामले में प्रशासन ने जरूर ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि मेडिकल कॉलेज निर्माण में उनके मकान नहीं आ रहे हैं और उन्हें नहीं हटाया जायेगा। अब देखना होगा कि प्रशासन इन 70 परिवारों के भविष्य को लेकर क्या फैसला लेता है,विकास की राह में विस्थापन होगा या इन परिवारों को राहत मिलती हैं
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मुजफ्फरनगर में प्रेमिका के घर रंगरेलियाँ पर प्रेमी की पिटाई, वीडियो वायरल

Noida, Uttar Pradesh:उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद में सोशल मीडिया पर एक वीडियो जमकर वायरल हो रहा है जिसमें अपनी प्रेमिका के घर रंगरेलिया मनाते हुए प्रेमी को प्रेमिका के परिजनों ने रंगे हाथों पकड़ लिया था। इसके बाद परिजनों द्वारा प्रेमी सुरेंद्र की लाठी डंडों से जमकर पिटाई की गई थी। इस दौरान किसी व्यक्ति ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। दरअसल फुगाना थाना क्षेत्र के सरनावली गांव में 20 मई की देर रात सुरेंद्र नाम के व्यक्ति अपने गांव की प्रेमिका कुसुम के घर उसके पति के बाहर चले जाने के दौरान रंगरेलिया मनाते हुए पकड़ा गया था। घर के अन्य सदस्यों को शक हुआ तो उन्होंने प्रेमी-प्रेमिका को रंगे हाथों पकड़ा। इसके बाद परिजनों ने सुरेंद्र की पिटाई की, जिसे चोट लगने पर शामली जिले के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वादी की तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया और तीन आरोपियों अजय, यशपाल और पवन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। तीनों ही अभियुक्त महिला के रिश्ते में जेठ और देवर लगते हैं। सीओ फुगाना ने बताया कि वायरल वीडियो की जांच में यह तथ्य सामने आए कि सुरेंद्र और पीड़िता का प्रेम प्रसंग था, रात के समय यह घटना घटी और उसके बाद विडियो सोशल मीडिया पर फैल गया।
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रामपुर जेल में अब्दुल्ला आजम से मिलने आई तंजीम फातिमा, अजय सागर के साथ मुलाकात

Rampur, Uttar Pradesh:रामपुर जेल में अब्दुल्ला आजम से मिलने पहुंचीं उनकी माँ डॉ तंजीम फातिमा, सपा जिलाध्यक्ष अजय सागर ने भी की मुलाकात, मुलाकात के बाद मीडिया से दूरी बनाकर निकले तांजिन फ़ातिमा और जिला अध्यक्ष, रामपुर जिला कारागार में आज समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आज़म खान के बेटे और पूर्व विधायक अब्दुल्ला आज़म से उनकी मां और सपा नेता तंजीम फातिमा ने मुलाकात की, इस दौरान समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष अजय सागर भी उनके साथ मौजूद रहे, मुलाकात के बाद दोनों नेता मीडिया के सवालों से बचते नजर आए और बिना कोई बयान दिए वहां से रवाना हो गए, बतादें कि दो पैन कार्ड मामले में सजा सुनाए जाने के बाद अब्दुल्ला आज़म इस समय रामपुर जिला कारागार में बंद हैं, रामपुर जिला कारागार में आज उस समय हलचल बढ़ गई जब समाजवादी पार्टी की वरिष्ठ नेता तंजीम फातिमा अपने बेटे और पूर्व विधायक अब्दुल्ला आज़म से मिलने जेल पहुंचीं, उनके साथ सपा जिला अध्यक्ष अजय सागर भी मौजूद रहे, दोनों नेताओं ने जेल के अंदर जाकर अब्दुल्ला आज़म से मुलाकात की और कुछ देर तक बातचीत की, मुलाकात के बाद जब दोनों नेता जेल परिसर से बाहर निकले तो मीडिया कर्मियों ने उनसे बातचीत करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने किसी भी सवाल का जवाब देने से इनकार कर दिया और चुपचाप वहां से रवाना हो गए, गौरतलब है कि दो पैन कार्ड मामले में अदालत द्वारा सजा सुनाए जाने के बाद अब्दुल्ला आज़म वर्तमान में रामपुर जिला कारागार में बंद हैं, इस मामले को लेकर प्रदेश की राजनीति में लगातार चर्चाएं बनी हुई हैं
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जालौन: रिक्शा चालक रामबाबू की संदिग्ध मौत, परिजनों ने अस्पताल पर लापरवाही के आरोप लगाए

Jalaun, Uttar Pradesh:जालौन के उरई कोतवाली क्षेत्र स्थित रामनगर इलाके में 60 वर्षीय रिक्शा चालक रामबाबू की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से परिवार में कोहराम मच गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामले की जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि मृतक रामबाबू रिक्शा चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे और परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर थी। उनकी अचानक मौत से परिवार गहरे सदमे में है और इलाके में शोक की लहर फैल गई है। मृतक के बेटे संगीत ने बताया कि उसके पिता शराब के नशे के आदी थे। परिवार द्वारा कई बार उनका इलाज भी कराया गया, लेकिन वह लगातार शराब का सेवन करते रहे। बेटे के अनुसार, घटना वाले दिन एक व्यक्ति उनके पिता को घर छोड़कर गया। घर पहुंचने के बाद रामबाबू ने परिजनों को बताया कि उन्होंने चूहे मारने वाली दवा खा ली है। यह सुनते ही परिवार में हड़कंप मच गया। परिजन तत्काल उन्हें राजकीय मेडिकल कॉलेज उरई लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उनका उपचार शुरू किया। परिजनों का आरोप है कि इंजेक्शन लगाए जाने के कुछ देर बाद ही रामबाबू की मौत हो गई। वहीं मृतक के बेटे संगीत ने अस्पताल के डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही बरतने का गंभीर आरोप लगाया है। घटना की जानकारी मिलने पर उरई कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है।
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इमरान मसूद के आरोप: गाय के नाम पर लिंचिंग रोकने को कांग्रेस तैयारी में

Saharanpur, Uttar Pradesh:सहारनपुर के अंबाला रोड स्थित अपने आवास पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी, आर्थिक नीतियों, विदेश नीति और सांप्रदायिक मुद्दों को लेकर सरकार को घेरा। साथ ही बकरीद, गाय, मुसलमानों की सुरक्षा और 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर भी खुलकर अपनी बात रखी। इमरान मसूद ने आरोप लगाया कि देश आर्थिक संकट की तरफ बढ़ रहा है, लेकिन सरकार गंभीर आर्थिक मुद्दों के बजाय लोगों का ध्यान धार्मिक और भावनात्मक विषयों की तरफ मोड़ने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि तेल कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ेगा और महंगाई और तेज होगी। उन्होंने कहा कि कई मुस्लिम संगठनों ने अपील की है कि गाय की कुर्बानी नहीं की जाएगी और दूसरे धर्मों की आस्था का सम्मान किया जाएगा। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि अगर गाय करोड़ों लोगों की आस्था का प्रतीक है तो सरकार उसे राष्ट्रीय पशु घोषित करे। इमरान मसूद ने विदेश नीति को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत ने अपने पुराने सहयोगियों से दूरी बनाई और अमेरिका के प्रभाव में फैसले किए, जिसका आर्थिक असर जनता भुगत रही है। उन्होंने दावा किया कि सस्ते तेल के विकल्प होने के बावजूद country उसका लाभ नहीं उठा पा रहा। राहुल गांधी का जिक्र करते हुए मसूद ने कहा कि कांग्रेस लगातार सरकार को अर्थव्यवस्था और रोजगार के मुद्दों पर चेतावनी देती रही है। उन्होंने बेरोजगारी, पेपर लीक और ठेका भर्ती व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि नौजवान पढ़-लिखकर बेरोजगार घूम रहे हैं और महिलाओं के लिए घर का बजट संभालना मुश्किल होता जा रहा है। उन्होंने मुसलमानों की सुरक्षा, मॉब लिंचिंग और राजनीतिक ध्रुवीकरण पर भी सवाल-जवाब हुए। मसूद ने कहा कि कांग्रेस किसी एक वर्ग की नहीं बल्कि हर समाज और हर धर्म के साथ खड़ी रहने वाली पार्टी है। उन्होंने कहा कि अगर किसी भी वर्ग के साथ अत्याचार होगा तो कांग्रेस उसके साथ खड़ी होगी। इमरान मसूद ने कहा–हम अपने भाइयों की आस्था का सम्मान करेंगे, लेकिन गाय के नाम पर मुसलमानों को सड़क पर रोककर पीटा जाता है। इसी नाम पर लोगों की लिंचिंग हो रही है और मुकदमे लिखे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसी एक वर्ग की नहीं, बल्कि हर जाति और हर धर्म की पार्टी है। उनके अनुसार, अगर किसी भी समाज या वर्ग के साथ उत्पीड़न होगा तो कांग्रेस उसके साथ मजबूती से खड़ी होगी। 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर इमरान मसूद ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि उनके परिवार का कोई सदस्य चुनाव नहीं लड़ेगा। उन्होंने कहा कि 2024 लोकसभा चुनाव में कार्यकर्ताओं ने उन्हें जिताने के लिए मेहनत की थी और अब कार्यकर्ताओं का कर्ज उतारने का समय है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का मुकाबला “नफरत बनाम मोहब्बत” की लड़ाई के रूप में है और पार्टी राहुल गांधी के नेतृत्व में आगे बढ़ रही है। इमरान मसूद की प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ तौर पर तीन राजनीतिक संदेश दिखाई दिए। पहला, कांग्रेस आर्थिक मुद्दों महंगाई, बेरोजगारी और तेल कीमतों को 2027 के चुनावी नैरेटिव का केंद्र बनाना चाहती है। दूसरा, गाय और मुस्लिम समुदाय जैसे संवेदनशील मुद्दों पर उन्होंने एक संतुलन बनाने की कोशिश की, जहां धार्मिक आस्था के सम्मान और मुस्लिम समुदाय की सुरक्षा दोनों की बात रखी गई। तीसरा और सबसे महत्वपूर्ण संदेश संगठनात्मक राजनीति से जुड़ा दिखा, जहां परिवार को चुनावी दौड़ से बाहर रखने की घोषणा कर उन्होंने कार्यकर्ताओं को सीधा संदेश देने की कोशिश की.
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