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Raebareli: कोहरे के कारण नौचंदी और वंदे भारत एक्सप्रेस वापस भेजी गई
Raebareli, Uttar Pradesh:सहारनपुर से प्रयागराज जाने वाली नौचंदी एक्सप्रेस को रायबरेली से ही वापस लौटा दिया गया। वहीं, गोरखपुर से आने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस को लखनऊ से वापस भेजा गया। कोहरे के कारण इंटरसिटी और गंगा गोमती एक्सप्रेस को भी निरस्त करना पड़ा। इस स्थिति से यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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दिल्ली मलवीय नगर आग हादसा: होटल कुक केशव नेगी को मौके पर हिरासत
Noida, Uttar Pradesh:DELHI: MALVIYA NAGAR FIRE INCIDENT/ DELHI POLICE BROUGHT ACCUSED HOTEL COOK TO SPOT / DELHI पुलिस आरोपी होटल कुक केशव नेगी को घटना स्थल पर लाई।0
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दिल्ली आग हादसे में केशव नेगी की गिरफ्तारी पर कांग्रेस की नाराजगी
Noida, Uttar Pradesh:देहरादून मालवीय नगर अग्निकांड में होटेल के सेफ केशव नेगी की गिरफ्तारी पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने नाराजगी जताते हुए कहा है कि 3 जून को दिल्ली के मालवीय नगर में हुए भीषण अग्निकांड में कई लोगों की असमय मृत्यु का समाचार अत्यंत दुखद और हृदयविदारक है। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें तथा शोक संतप्त परिवारों को यह दुख सहन करने की शक्ति दें। घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की भी कामना करता हूँ। लेकिन इस दुखद घटना के बाद उत्तराखंड निवासी केशव नेगी जी को गिरफ्तार किए जाने और उन्हें बलि का बकरा बनाने की कोशिश गंभीर सवाल खड़े करती है। यदि वे एक कर्मचारी के रूप में कार्यरत थे, तो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और सुरक्षा व्यवस्थाओं में हुई चूक व वास्तविक जिम्मेदारों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए। दुर्घटना की आड़ में किसी निर्दोष को परेशान करना न्याय नहीं है। सरकार अपनी नाकामी छिपाने के बजाय निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करे और दोषियों पर कार्रवाई करे।0
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ED तलाशी के बाद अवैध हथियार तालाबों के नीचे छिपाने का राज सामने
Noida, Uttar Pradesh:2024 जनवरी में शेख शाहजहां के घर पर ईडी की तलाशी के बाद से ही अवैध हथियारों को तालाब में पानी के नीचे छिपाने का काम शुरू हुआ। पिछले दो साल से शाहजहां के करीबी इसी तरह अवैध हथियार तालाब के नीचे छिपाते थे। शाहजहां और उसके भाई आलमगीर की सलाह पर पानी के नीचे हथियार छिपाए जाते थे। शाहजहां के रिश्तेदार रमजान और कुछ और लोगों की अगुवाई में अलग-अलग तालाबों में हथियार रखे जाते थे। 2024 के लोकसभा चुनाव और उसके बाद कई बार इन हथियारों का इस्तेमाल ग्रामीणों को डराने के लिए किया गया। हथियार इस्तेमाल के बाद अच्छी क्वालिटी के प्लास्टिक में लपेटकर तालाब में डुबो दिया जाता था। मछली पकड़ने में इस्तेमाल होने वाले ‘फातना’ से निशान लगाकर तय किया जाता था कि हथियार कहां डुबोया गया है। किस तालाब में कहां हथियार छिपाया गया है, इसका हिसाब रमजान, रॉबिन वगैरह रखते थे। और किन-किन तालाबों में हथियार छिपाए गए हैं, यह जानने के लिए एसटीएफ गिरफ्तार लोगों से पूछताछ कर रही है。0
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फलोदी ट्रैफिक पुलिस ने अवैध बंपर और काली शीशे वाले वाहनों पर कड़ी कार्रवाई
Jodhpur, Rajasthan:फलोदी यातायात पुलिस ने विशेष अभियान के तहत अवैध बंपर लगे वाहनों पर कारवाई के साथ ही काले शीशे लगे वाहनों पर लगाया जुर्माना। इस तरह की कारवाईयां लगातार रहेगी जारी।0
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धनबाद आसना गांव में खदान-क्रशर विरोधी ग्रामीणों की एकजुटता, प्रशासन से मुलाकात तय
Dhanbad, Jharkhand:धनबाद जिले के गोविंदपुर प्रखंड के आसना गांव में ग्रामीणों ने विकास और जनहित के मुद्दों को लेकर एकजुटता का परिचय दिया है। गांव के प्रबुद्ध नागरिकों और युवाओं ने मिलकर श्री हरि ग्राम विकास समिति का गठन किया है। समिति के गठन के साथ ही गांव के पास संचालित पत्थर खदान और क्रशर के खिलाफ मोर्चा खुल गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि खदान में होने वाली भारी ब्लास्टिंग से उनके घरों में दरारें पड़ रही हैं और गरीबों के आशियाने खतरे में हैं। आसना गांव में आयोजित आम बैठक में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। बैठक में सर्वसम्मति से 15 सदस्यीय कार्यकारिणी का गठन किया गया। अक्षय कुमार को समिति का अध्यक्ष और परेश कुमार को सचिव चुना गया। वहीं नंदलाल कुमार और श्याम सुंदर पांडेय को निदेशक, दिनेश गोप और अशोक कुमार को उपनिदेशक तथा दिलीप कुमार को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने गांव के विकास, शिक्षा व्यवस्था में सुधार, सामाजिक एकता को मजबूत करने और स्थानीय विवादों को आपसी सहमति से सुलझाने का संकल्प लिया। ग्रामीणों ने कहा कि समिति गांव के समग्र विकास और जनहित के मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाएगी। बैठक के दौरान गांव के समीप संचालित पत्थर खदान और क्रशर का मुद्दा सबसे प्रमुख रहा। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव से करीब 500 मीटर की दूरी पर हो रही भारी ब्लास्टिंग के कारण कई मकानों में दरारें पड़ चुकी हैं। लोगों का कहना है कि लगातार होने वाले विस्फोटों से उनके घरों की नींव कमजोर हो रही है और कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि समिति का एक शिष्टमंडल जल्द ही धनबाद उपायुक्त और जिला खनन पदाधिकारी से मुलाकात करेगा। शिष्टमंडल पत्थर खदान और क्रशर संचालन पर रोक लगाने तथा प्रभावित परिवारों को राहत देने की मांग करेगा। ग्रामीणों की इस एकजुटता और खदान के खिलाफ खुली लड़ाई के ऐलान के बाद now निगाहें जिला प्रशासन और खनन विभाग पर टिक गई हैं। देखना होगा कि प्रशासन क्या कदम उठाता है।0
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गाजीपुर में बाइक सवार परिवार पर बस का भीषण टक्कर, तीनों की मौत
Noida, Uttar Pradesh:0706ZUP_GZP_ACCIDENT_R गाजीपुर में दर्दनाक सड़क हादसा, बस ने बाइक सवार परिवार को रौंदा, मासूम समेत 3 की मौत देवरानी-जेठानी समेत मासूम बच्ची की मौत, हाईवे अंडरपास बना मौत का रास्ता तेज रफ्तार बस का कहर, पलभर में खुशियां मातम में बदलीं मां की गोद में थी दो माह की मासूम, बस ने दोनों को कुचल डाला सैदपुर में चीख-pukaar, हादसे के बाद मची अफरा-तफरी गाजीपुर के सैदपुर में रविवार को एक ऐसा दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। तेज रफ्तार यात्री बस ने बाइक सवार परिवार को पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में देवरानी-जेठानी और दो माह की मासूम बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पति और एक वर्षीय बेटी घायल हो गए। हादसे के बाद पूरे इलाके में चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। दरअसल गाजीपुर के सैदपुर नगर से बहरियाबाद जाने वाली सड़क पर शरीफपुर स्थित हाईवे अंडपास रविवार को दर्दनाक हादसे का गवाह बन गया। यहां तेज रफ्तार यात्री बस ने बाइक में टक्कर मार दी।बताया जा रहा है कि मिर्जापुर जनपद के अदलहाट थाना क्षेत्र के शाहपुर गांव निवासी प्रतीक गिरि अपनी बीमार सास का हालचाल लेने आजमगढ़ गए थे। वापस लौटते समय उनकी पत्नी काजल गिरि, दो माह की बेटी शेजल, एक वर्षीय बेटी श्रेया और भाभी रितु देवी बाइक पर सवार थीं। जैसे ही परिवार शरीफपुर अंडपास के नीचे पहुंचा, पीछे से आ रही तेज रफ्तार बस ने बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि सभी लोग सड़क पर गिर पड़े।0
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नीतीश कुमार का निजी दौरा: ग्रामीणों ने समस्याओं के आवेदन दिए, सुरक्षा कड़ी
Pariaunna, Bihar:पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अचानक हरनौत नगर पंचायत के माधोपुर सबनहुआ स्थित अपने रिश्तेदार के घर पहुंचे। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। कार्यकर्ताओं और स्थानीय ग्रामीणों ने नीतीश कुमार जिंदाबाद और विकास पुरुष जिंदाबाद के नारे लगाए। महज कुछ मिनट रुके, शिष्टाचार मुलाकात के बाद पटना की ओर रवाना हो गए। ग्रामीणों ने उनकी समस्याओं से जुड़े आवेदनों को लिया गया। जेडीयू प्रखंड अध्यक्ष रविकांत कुमार ने कहा कि यह निजी दौरा था, रिश्तेदार से शिष्टाचार मुलाकात के कुछ मिनट बाद निकल गए।0
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कर्नाटक के मुख्यमंत्री DK शिवकुमार कनकापुरा दौरे पर
Noida, Uttar Pradesh:KANAKAPURA, BENGALURU SOUTH (KARNATAKA): KARNATAKA CM DK SHIVAKUMAR VISITS KANAKAPURA0
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पटना पहुंचे मोहन भागवत, बिहार के तीन दिवसीय दौरे की शुरुआत
Noida, Uttar Pradesh:PATNA (BIHAR): RSS CHIEF MOHAN BHAGWAT ARRIVES AT AIRPORT VISUALS RSS प्रमुख मोहन भागवत पटना पहुंचे; वे बिहार के तीन दिवसीय दौर पर हैं।0
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पूर्व परिषद सदस्य अतनु गिरी भूमि घोटाला में गिरफ्तार; भाजपा महिला मोर्चा ने विरोध प्रदर्शन
Noida, Uttar Pradesh:CONTAI, PURBA MEDINIPUR (WEST BENGAL): FORMER COUNCILLOR ATANU GIRI ARRESTED IN LAND SCAM CASE, BJP MAHILA MORCHA HOLDS PROTEST DURING POLICE MOVEMENT /VISUALS /REAX एम्बुलेंस पर अंडे फेंकती महिला और हंगामा करती महिलाचोर-चोर के नारे लगती महिला0
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फरीदाबाद के सैनिक कॉलोनी में तोड़फोड़ के खिलाफ महापंचायत, प्रशासन-सरकार पर भारी रोष
Faridabad, Haryana:फरीदाबाद: सैनिक कॉलोनी में तोड़फोड़ के विरोध में महापंचायत, सरकार के खिलाफ जताया रोष फरीदाबाद की सैनिक कॉलोनी तीन नंबर में प्रशासन द्वारा की जा रही तोड़फोड़ की कार्रवाई के विरोध में रविवार को एक विशाल महापंचायत का आयोजन किया गया। महापंचायत में सैनिक कॉलोनी के हजारों लोगों ने हिस्सा लिया और प्रशासन की कार्रवाई के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। महापंचायत का नेतृत्व कांग्रेस के पूर्व सांसद Avtar Singh Bhadana और कांग्रेस के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी Vijay Pratap ने किया। इस दौरान वक्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार और प्रशासन द्वारा लोगों के घरों तथा धार्मिक स्थलों को तोड़ा जा रहा है, जो पूरी तरह गलत और जनविरोधी कदम है। महापंचायत को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि वर्षों से बसे लोगों के आशियानों और मंदिरों पर बुलडोजर चलाना उचित नहीं है। उन्होंने सरकार से तुरंत इस कार्रवाई को रोकने और प्रभावित लोगों को राहत देने की मांग की। नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो इसका राजनीतिक खामियाजा आगामी चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को भुगतना पड़ सकता है। महापंचायत में मौजूद लोगों ने भी प्रशासनिक कार्रवाई के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने की बात कही। बाइट = पूर्व सांसद अवतार सिंह भडाना कांग्रेस बाइट = बडकल विधानसभा पूर्व प्रत्याशी विजय प्रताप कांग्रेस0
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हसनपुर में पुरानी रंजिश पर पथराव, वायरल वीडियो के बाद पुलिस ने स्थिति संभाली
Amroha, Uttar Pradesh:एंकर अमरोहा जनपद के हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव बाटूपुरा में पुरानी रंजिश पर बवाल, दो पक्षों में पथराव का लाइव वीडियो हुआ वायरल अमरोहा जनपद के हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के बाटूपुरा गांव में पुरानी रंजिश को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों ओर से जमकर पथराव हुआ। घटना का लाइव वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही हसनपुर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने में जुट गई। पुलिस ने गांव में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है और दोनों पक्षों के लोगों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है। वायरल वीडियो के आधार पर भी मामले की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि हालात फिलहाल नियंत्रण में हैं और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।0
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हापुड - मशूहर उद्योगपति नरेंद्र कबाड़ी के घर डकैती का मामला, पुलिस खुलासे के बेहद करीब।
Hapur, Uttar Pradesh:हापुड के उद्योगपति नरेंद्र कबाड़ी के घर हुई डकैती से जुड़ी एक्सक्लूसिव खबर पिन न्यूज़ के पास है। जिसका इंतजार हापुड़ की जनता के साथ-साथ हापुड़ के व्यापारी वर्ग से जुड़े हुए लोग कर रहे हैं। हापुड़ में बड़े उद्योगपति नरेंद्र कबाड़ी के घर हुई करोड़ो की डकैती मामले में पुलिस इस घटना के खुलासे के बेहद करीब पहुंच चुकी है। और बहुत जल्दी इस घटना का खुलासा कर सकती है। इस घटना में उद्योगपति नरेंद्र कबाड़ी का नौकर शामिल था। उत्तर प्रदेश पुलिस का सस्पेंड चल रहा एक सिपाही ने इस घटना का मास्टरमाइंड है। जिसने अपने साथियों के साथ इस डकैती को अंजाम दिया है। बताया जा रहा है यह सिपाही पहले भी एनडीपीएस के मामले में जेल जा चुका है और जेल के अंदर ही कुछ बदमाशों से इसकी दोस्ती हुई थी। जेल में दोस्त बने बदमाशों के साथ इस सिपाही ने इस डकैती की घटना को अंजाम दिया था। इस बड़ी डकैती को अंजाम देने से पहले करीब 4 महीने तक नरेंद्र कबाड़ी के घर की रेकी की गई थी घर का नौकर इस डकैती की घटना में बदमाशों के साथ शामिल था। फिलहाल पुलिस बदमाशों के बेहद करीब है और जल्दी इस घटना का खुलासा कर सकती है। घटना में करीब आधा दर्जन बदमाश शामिल है।0
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MANOJ TIGGA ने INDIA BLOC मीटिंग पर TMC के संगठन reshuffle पर हमला
Noida, Uttar Pradesh:KOLKATA (WEST BENGAL): MANOJ TIGGA (BJP) ON INDIA BLOC MEETING/ TMC ORGANISATIONAL RESHUFFLE WITH TMC LEADERS DOLA SEN & DEREK O'BRIEN ASSISTING TMC LEADER ABHISHEK BANERJEE AS JOINT SECRETARIES कोलकाता, पश्चिम बंगाल - बीजेपी सांसद मनोज टिग्गा कहते हैं, "TMC, INDI अलायंस के ज़रिए अपना भविष्य बनाने की कोशिश कर रही है, लेकिन असलियत यह है कि पार्टी का कोई भविष्य नहीं है... बंगाल का इतिहास बताता है कि जो पार्टी सत्ता से बाहर हो जाती है, वह कभी वापसी नहीं कर पाती... जहाँ लेफ्ट फ्रंट और कांग्रेस की अपनी विचारधारा और सिद्धांत हैं - और कांग्रेस तो कई राज्यों में सत्ता में भी है - वहीं TMC के पास न तो कोई विचारधारा है, न सिद्धांत और न ही कोई विज़न। यह पार्टी बस एक सिंडिकेट या कॉर्पोरेट कंपनी की तरह काम करती है। इसलिए, पार्टी का कोई भविष्य नहीं है। जहाँ तक INDI अलायंस की बात है, तो यह सिर्फ़ अपने फ़ायदे के लिए साथ आए लोगों का गठबंधन है; उनका एकमात्र मक़सद सत्ता हासिल करना और NDA को हराना है, लेकिन भविष्य के लिए उनके पास कोई ठोस योजना नहीं है... लोग नरेंद्र मोदी की NDA सरकार पर पूरा भरोसा करते हैं और NDA लंबे समय तक भारत पर शासन करने वाली है।0
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नौर्वंग सिंह शेखावत: 30 साल बाद भी परिवार को नहीं मिला न्याय, सरकार से मांगें तेज
Jhunjhunu, Rajasthan:सूरजगढ़, झुंझुनूं 30 साल से लापता सैनिक के परिवार को अब तक नहीं मिला न्याय बलौदा की संतोष कंवर आज भी सम्मान के लिए कर रही संघर्ष सैनिक नौरंग सिंह शेखावत 1995 में हुए थे लापता परिवार को नहीं मिली पेंशन और न ही आर्थिक सहायता बेटे अजीत सिंह ने सिस्टम की अनदेखी पर उठाए सवाल पीएमओ, रक्षा मंत्रालय और कोर्ट तक लगा चुका है परिवार गुहार परिवार ने सरकार से सैनिक सम्मान और न्याय की लगाई गुहार तीन दशक से पति के लौटने की आस में दर-दर भटक रही एक सैनिक की पत्नी की पीड़ा अब सिस्टम पर बड़े सवाल खड़े कर रही है। झुंझुनूं जिले के सूरजगढ़ क्षेत्र के बलौदा गांव की संतोष कंवर अपने पति, सेना के जवान नौरंग सिंह शेखावत के लौटने की उम्मीद लगाए बैठी थी ।तीन दशक की उम्मीद टूटने के बाद पेंशन के लिए 2021 क़ानूनी लड़ाई के बाद डेथ सर्टिफिकेट तो बना आज भी उन्हें ना पेंशन मिल रही और न ही परिवार को किसी प्रकार की आर्थिक सहायता। अब परिवार न्याय और सम्मान की मांग कर रहा है。 संतोष कंवर के पति नौरंग सिंह शेखावत भारतीय सेना की 17 राज रिफ बटालियन में तैनात थे। परिवार के अनुसार उन्होंने करीब साढ़े 14 साल तक देश सेवा की, लेकिन इसके बाद वे रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गए और फिर कभी घर नहीं लौटे। संतोष कंवर बताती हैं कि पति के लापता होने के बाद उनकी जिंदगी संघर्षों में बदल गई। न उन्हें पेंशन मिली और न ही बच्चों को किसी तरह की सहायता। उन्होंने सैनिक कल्याण बोर्ड से लेकर पंचायत और सरकारी दफ्तरों तक लगातार गुहार लगाई, लेकिन हर जगह केवल आश्वासन ही मिले। उन्होंने बताया कि जब पति लापता हुए, तब बच्चे बहुत छोटे थे। परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई। बेटी की शादी के लिए उन्हें अपनी 15 बीघा जमीन बेचनी पड़ी। संतोष कंवर का कहना है कि सैनिक कल्याण बोर्ड के चक्कर काटते-काटते उन्होंने करीब 80 हजार रुपये खर्च कर दिए, लेकिन आज तक कोई राहत नहीं मिली। बाद में कोर्ट में केस भी किया, वकीलों को पैसे दिए, लेकिन वर्षों बाद भी न्याय नहीं मिला। वह कहती हैं कि हर पत्नी गर्व से चाहती है कि उसका पति देश की सेवा करे, लेकिन देश सेवा करने वाले सैनिक के परिवार को इस तरह बेसहारा छोड़ देना बहुत बड़ा अन्याय है। आज भी संतोष कंवर को अपने पति के लौटने की आस है। घर की दीवारों पर टंगी पुरानी तस्वीरें और बच्चों के सवाल उनके दर्द को हर दिन और गहरा कर देते हैं। परिवार अब सरकार और सेना से न्याय और सहायता की मांग कर रहा है, ताकि तीन दशक से चल रही यह पीड़ा किसी मुकाम तक पहुंच सके。 संतोष कंवर ,सैनिक की पत्नी देश की सेवा करने वाले एक सैनिक के परिवार की पीड़ा पिछले 30 वर्षों से न्याय और सम्मान की बाट जोह रही है। भारतीय सेना में वर्षों तक सेवा देने वाले नौरंग सिंह शेखावत वर्ष 1995 से लापता हैं, लेकिन आज तक उनके परिवार को न तो पेंशन मिली और न ही कोई स्थायी सहायता। अब सैनिक के बेटे अजीत सिंह ने परिवार के संघर्ष और सिस्टम की अनदेखी का दर्द बयां किया है। अजीत सिंह ने बताया कि उनके पिता नौरंग सिंह शेखावत वर्ष 1979 में सेना में भर्ती हुए थे और करीब 14-15 साल तक देश सेवा की। इसके बाद सेना की ओर से उन्हें लापता बताया गया, लेकिन वे कभी घर नहीं लौटे। परिवार का कहना है कि इतने वर्षों में न तो पिता की कोई जानकारी मिली और न ही परिवार को सैनिक सम्मान के अनुरूप सहयोग। अजीत सिंह ने कहा कि पिता के लापता होने के समय वे छोटे थे। मां संतोष कंवर ने सिलाई और मजदूरी कर बच्चों की परवरिश की। परिवार आर्थिक तंगी में जीवन बिताता रहा। बहन की शादी से लेकर परिवार की जिम्मेदारियां तक मां ने अकेले संभालीं, लेकिन किसी विभाग ने मदद नहीं की।उन्होंने बताया कि कई बार सैनिक कल्याण बोर्ड और सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाए गए। अधिकारियों ने पेंशन का आश्वासन दिया, लेकिन बाद में डेथ सर्टिफिकेट मांगा गया। परिवार ने कोर्ट में कानूनी लड़ाई लड़ी और हजारों रुपये खर्च करने के बाद वर्ष 2021 में डेथ सर्टिफिकेट बन पाया। अजीत सिंह का आरोप है कि इसके बाद भी उन्हें यह कहकर राहत नहीं दी गई कि उनके पिता को “भगोड़ा” घोषित किया गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जिसने वर्षों तक सेना में सेवा दी, उसके परिवार को आखिर न्याय क्यों नहीं मिल रहा।परिवार ने पीएमओ, रक्षा मंत्रालय, सैनिक कल्याण बोर्ड और पुलिस तक गुहार लगाई, लेकिन आज भी समाधान नहीं निकला। अजीत सिंह ने कहा कि लगातार कोर्ट की तारीखें मिल रही हैं, वकीलों पर पैसा खर्च हो रहा है और अब उनकी मां भी बीमार रहने लगी हैं।परिवार की मांग है कि नौरंग सिंह शेखावत की सेवा अवधि और परिस्थितियों को देखते हुए उन्हें सैनिक सम्मान के साथ न्याय दिया जाए तथा परिवार को लंबित पेंशन और सहायता उपलब्ध कराई जाए。 पिछले 30 वर्षों से अपने लापता सैनिक पति नौरंग सिंह शेखावत के लौटने की आस लगाए बैठी संतोष कंवर को वर्षों की कानूनी लड़ाई और हजारों रुपए खर्च करने के बाद भी केवल तारीखें और आश्वासन मिले। संतोष कंवर का आरोप है कि सेना और संबंधित विभागों की अनदेखी के कारण उन्हें लगातार संघर्ष करना पड़ रहा है। अब परिवार सरकार से सैनिक सम्मान, लंबित पेंशन और न्याय की मांग कर रहा है。0
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