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SMSyed Mohd.RazaFollow16 Apr 2025, 12:03 pm

नैनी कोतवाली क्षेत्र के अरैल मुरादपुर में एक बग्गी चालक की संदिग्ध मौत का मामला आया सामने

Antaraura Ta. Basagit, Uttar Pradesh:

प्रयागराज बुधवार तड़के कर्बला कब्रिस्तान में 22 वर्षीय मोहसिन की लाश मिली। मृतक के शरीर पर बालू लगा हुआ था और लाश पानी से भीगी हुई थी। मोहसिन तीन भाइयों में सबसे छोटा था और दो बग्गियों का मालिक था। मंगलवार की रात वह डीपीएस स्कूल के पास एक बारात में अपनी बग्गी लगाने गया था। घर से निकलते समय उसने कहा था कि वह बग्गी के पास जा रहा है।परिजनों के अनुसार, मोहसिन ने हाल ही में एक घोड़ा बेचा था, जिससे उसे एक लाख रुपए मिले थे। मृतक के पास से वह रकम और उसके गले की सोने की चेन भी गायब मिली है। परिवार ने बताया कि मंगलवार सुबह मोहसिन का अरैल के शुभम महरा से विवाद हुआ था, जिसमें मारपीट भी हुई थी।नैनी पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। 

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धमकी के बाद घर में पेट्रोल डालकर लगाई आग, लाखों का सामान जलकर खाक

Baheri, Uttar Pradesh:बहेड़ी। थाना क्षेत्र के ग्राम ग्वारी में रंजिश के चलते दबंगों द्वारा घर में आग लगाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि पहले पीड़ित को फोन पर धमकाया गया और उसके बाद देर रात पेट्रोल छिड़ककर घर में आग लगा दी गई, जिससे लाखों रुपये का नुकसान हो गया। पीड़ित महेंद्र पाल पुत्र बालक राम ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि आरोपियों ने घटना से पहले उन्हें कॉल और मैसेज के जरिए जान से मारने की धमकी दी थी। इसके बाद रात में घर पर पहुंचकर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। आग इतनी भीषण थी कि घर में रखा कपड़ा, चारपाई, चौखट, खिड़कियां समेत करीब 8 कुंतल लाही, 10 कुंतल गेहूं और 5 कुंतल धान जलकर राख हो गया। घर के बाहर खड़ी दो मोटरसाइकिलें भी आग की चपेट में आकर पूरी तरह नष्ट हो गईं। घटना के समय परिवार घर पर मौजूद नहीं था। पीड़ित के अनुसार, उनके भाई के बेटे की शादी होने के कारण पूरा परिवार बहेड़ी स्थित किंग रिसॉर्ट में गया हुआ था। इसी दौरान गांव के लोगों ने फोन कर आग लगने की सूचना दी। जब तक परिवार वापस लौटा, तब तक सब कुछ जलकर खाक हो चुका था। पुलिस ने इस मामले में अरुण कुमार पुत्र राम नारायण निवासी ग्राम बरा (थाना पुलभट्टा, जिला उधम सिंह नगर) तथा भारत, राजू और शंकर लाल निवासी ग्राम ग्वारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। थाना बहेड़ी पुलिस के अनुसार, मामले की जांच की जा रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
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एमएससीएल कोयला खानों ने उत्कृष्ट कर्मचारियों को सम्मानित किया

Sambalpur, Odisha:ମହାନଦୀ କୋଲଫିଲଡ୍ସ ଲିମିଟେଡ଼ ତରଫରୁ ଖଣିକ ଅଭିନନ୍ଦନ ଦିବସ ପାଳନ |ଏହି ଦିବସ ୨୦୨୬ ଅବସରରେ କର୍ମଚାରୀଙ୍କୁ ଉତ୍କୃଷ୍ଟ କାର୍ଯ୍ୟ ପାଇଁ ସମ୍ବର୍ଦ୍ଧିତ କଲା ଏମ ସି ଏଲ୍ | ମହାନଦୀ କୋଲଫିଲ୍ଡସ୍ ଲିମିଟେଡ୍ (ଏମସିଏଲ୍) ପକ୍ଷରୁ ଖଣିକ ଅଭିନନ୍ଦନ ଦିବସ ସମାରୋହ ପାଳିତ ହୋଇଯାଇଛି। ଦେଶର ବିକାଶରେ ପ୍ରମୁଖ ଭୂମିକା ଗ୍ରହଣ କରୁଥିବା ଏମସିଏଲ୍ କୋଇଲା ଖଣି ଶ୍ରମିକ ମାନଙ୍କ ଉତ୍କୃଷ୍ଟ କାର୍ଯ୍ୟକୁ ଏହି ଅବସରରେ ସମ୍ମାନିତ କରାଯାଇଥିଲା। ଜଗନ୍ନାଥ ଅଞ୍ଚଳ, ଏମ୍.ସି.ଏଲ ର ତତ୍ତ୍ୱାବଧାନ ରେ ଗତ ଶୁକ୍ରବାର ସନ୍ଧ୍ୟାରେ କମ୍ପାନୀର ମୁଖ୍ୟାଳୟ ଠାରେ ଆୟୋଜିତ ଏହି କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମରେ ଶୀର୍ଷ ନେତୃତୱ, କର୍ମଚାରୀ ଏବଂ ହିତାଧିକାରୀମାନେ ଉତ୍ସାହର ସହିତ ଅଂଶଗ୍ରହଣ କରିଥିଲେ। ଏହି କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମରେ ନିର୍ଦ୍ଦେଶକ (ମାନବ ସମ୍ବଳ) କେଶବ ରାଓ, ନିର୍ଦ୍ଦେଶକ (ଅର୍ଥ) ଏ.କେ. ବେହୁରା ଏବଂ ନିର୍ଦ୍ଦେଶକ (ବୈଷୟିକ/ପରିଚାଳନା) ଏସ୍.କେ. ଝା'ଙ୍କ ସମେତ ବିଭିନ୍ନ ବିଭାଗର ମହାପ୍ରବନ୍ଧକ, ବରିଷ୍ଠ ଅଧିକାରୀ ଏବଂ ଯୁଗ୍ମ ପରାମର୍ଶଦାତା ବିଭିନ୍ନ କମିଟି (ଆପେକ୍ସ) ର ସଦସ୍ୟ ମାନେ ବହୁଲ ରେ ଉପସ୍ଥିତ ଥିଲେ। ଦେଶର 'ଶକ୍ତି ଯୋଦ୍ଧା' ମାନଙ୍କ ସାହସ ଏବଂ ପ୍ରତିବଦ୍ଧତା କୁ ସଲାମ କରି ଅତିଥି ମାନେ କୋଇଲା ଖଣି ଶ୍ରମିକ ଙ୍କ ପ୍ରତିମୂର୍ତ୍ତିରେ ପୁଷ୍ପମାଲ୍ୟ ଅର୍ପଣ କରିଥିଲେ। ନିଜର ଉଦବୋଧନରେ ଶ୍ରୀ ରାଓ କୋଇଲା ଉତ୍ପାଦନରେ କ୍ରମାଗତ ଭାବେ ୨୦୦ ମିଲିୟନ୍ ଟନ୍ ର ଲକ୍ଷ ହାસଲ କରି 'ହ୍ୟାଟ୍ରିକ୍' ଅର୍ଜନ କରିଥିବାରୁ ଟିମ୍ ଏମସିଏଲକୁ ଅଭିନନ୍ଦନ ଜଣାଇଥିଲେ ଏବଂ କର୍ମଚାରୀଙ୍କ ସାମୂହିକ ନିଷ୍ଠା ଓ ନିରନ୍ତର ପ୍ରୟାସକୁ ଭୂୟସୀ ପ୍ରଶଂସା କରିଥିଲେ। ଏହା ସହିତ କର୍ମଚାରୀଙ୍କ କଳ୍ୟାଣ ଏବଂ କର୍ମକ୍ଷେତ୍ରରେ ସୁବିଧାସୁଯୋଗର ଉନ୍ନତିକରଣ ଉପରେ ଏମସିଏଲର ନିରନ୍ତର ଧ୍ୟାନ ରଖିଥିବା ବିଷୟରେ ସେ ଆଲୋକପାତ କରିଥିଲେ। ଓଡ଼ିଶାରେ ସିଏସଆର କ୍ଷେତ୍ରରେ ସର୍ବବୃହତ ଯୋଗଦାନ ଦିଗରେ ଏମସିଏଲର ପ୍ରମୁଖ ଭୂମିକା ଉପରେ ଗୁରୁତ୍ୱାରୋପ କରି ସ୍ଥାନୀୟ ସମ୍ପ୍ରଦାୟର ଉନ୍ନତି ପାଇଁ କମ୍ପାନୀର ଦୃଢ଼ ପ୍ରତିବଦ୍ଧତାକୁ ଦର୍ଶାଇଥିଲେ। ସେହିପରି ଶ୍ରୀ ଝା ଏବଂ ଶ୍ରୀ ବେହୁରା ଗତ ଆର୍ଥିକ ବର୍ଷରେ ଏମ୍.ସି.ଏଲର ଉନ୍ନତ କୋଇଲା ପ୍ରେରଣରେ ଶ୍ରେଷ୍ଠ ପ୍ରଦର୍ଶନକୁ ପ୍ରଶଂସା କରିଥିଲେ। ଏମସିଏଲ ର ସାମୂହିକ ପ୍ରୟାସ ଏବଂ ପରିଚାଳନାଗତ ଉତ୍କର୍ଷତା ଆଗାମୀ ବର୍ଷଗୁଡ଼ିକରେ ଆହୁରି ବଡ଼ ସଫଳତା ଆଣିଦେବ ବୋଲି ସେମାନେ ଆଶାବ୍ୟକ୍ତ କରିଥିଲେ। ଏହି ଅବସରରେ ଅତିଥି ମାନେ କମ୍ପାନୀର ଶ୍ରେଷ୍ଠ ପ୍ରଦର୍ଶନକାରୀ ଏରିଆ ଏବଂ ପ୍ରକଳ୍ପ ଗୁଡ଼ିକୁ ସମ୍ବର୍ଦ୍ଧିତ କରିଥିଲେ। ୨୦୨୫-୨୬ ଆର୍ଥିକ ବର୍ଷରେ ଉତ୍କର୍ଷତା ପ୍ରଦର୍ଶନ ପାଇଁ କର୍ମଚାରୀମାନଙ୍କୁ ପୁରସ୍କୃତ କରାଯାଇଥିଲା। ଉଲ୍ଲେଖନୀୟ ପ୍ରଦର୍ଶନ ପାଇଁ କର୍ମଚାରୀ ଏବଂ ଠିକା ଶ୍ରମିକମାନଙ୍କୁ ବ୍ୟକ୍ତିଗତ ତଥା ଆନୁଷ୍ଠାନିକ ବର୍ଗରେ ସମୁଦାୟ ୭୬ଟି ପୁରସ୍କାର ପ୍ରଦାନ କରାଯାଇଥିଲା। ସର୍ବଶ୍ରେଷ୍ଠ ପ୍ରଦର୍ଶନ ପାଇଁ ଇବ୍ ଭ୍ୟାଲି ଏରିଆକୁ ସମ୍ମାନଜନକ 'ମାଳପୁରୀ ଟ୍ରଫି' ପ୍ରଦାନ କରାଯାଇଥିଲା। ସେହିପରି ଇବ୍ ଭ୍ୟାଲି ଏରିଆର ସମଲେଶ୍ୱରୀ ଓପନକାଷ୍ଟ ଖଣିକୁ 'ଶ୍ରେଷ୍ଠ ଓପନକାଷ୍ଟ ଖଣି'ଭାବେ ସମ୍ମାନିତ କରାଯାଇଥିବା ବେଳେ, ଓରିଏଣ୍ଟ୍ ଏରିଆର ହୀରାକୁଦ-ବୁନ୍ଦିଆ ଅଣ୍ଡରଗ୍ରାଉଣ୍ଡ୍ ଖଣିକୁ 'ଶ୍ରେଷ୍ଠ ଅଣ୍ଡରଗ୍ରାଉଣ୍ଡ୍ ଖଣି' ପୁରସ୍କାର ପ୍ରଦାନ କରାଯାଇଥିଲା.
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भोजपुरी साहित्य के डॉ सुनील कुमार पाठक से इतिहास और विकास पर खुली बातचीत

Patna, Bihar:रजनीश पटना BHOJPURI BYTE PATNA भोजपुरी साहित्यकार डॉ सुनील कुमार पाठक, -भोजपुरी का बिल्कुल शुरुआती इतिहास क्या है, लिखित इतिहास क्या कहता है? -भोजपुरी कैसे एक भाषा के तौर पर विकसित हुई? -ये कहा जाता है? कि संस्कृत,प्राकृत और अपभ्रंश के मेल से भोजपुरी बनी, इन भाषाओं का प्रभाव आज की भोजपुरी पर कितना है? -कबीरवाणी में और उनकी काव्यधारा में भोजपुरी किस रूप में है? इसने कैसे भोजपुरी को जन-जन तक पहुंचाया? -विदेशों में भोजपुरी कैसे पहुंची, आज दुनिया भर में भोजपुरी भाषी लोगों की स्थिति कैसी है? -भोजपुरी को बतौर भाषा वो कितना अपने स्वाभिमान से जोड़कर देखते हैं? -भोजपुरी बोलने वाले 8 से 10 करोड़ लोग भोजपुरी भाषा को लेकर कितने जागरूक हैं? -सोहिर, कजरी, बिरहा, चैता और पूर्वी जैसी लोक विधा की स्थिति भोजपुरी में वर्तमान में क्या है? -इन कलाओं का भोजपुरी को समृद्ध बनाने में कितना योगदान है? -भोजपुरी साहित्य और रंगमंच के विकास में भिखारी ठाकुर की क्या भूमिका रही? -भिखारी ठाकुर की कला और उनका साहित्य आज कितना प्रासंगिक है? -भिखारी ठाकुर ने भोजपुरी समाज की जिन समस्याओं को एड्रेस किया, आज उनकी स्थिति क्या है? -भोजपुरी साहित्य की स्थिति क्या है? क्या इतने बड़े समाज के पास अपने साहित्य के लिए समय नहीं है? -राहुल सांकृत्यायन, रघुवीर नारायण और महेंद्र मिसिर के साहित्य से शुरू हुआ सफर फिलहाल कहां पहुंचा है? -भोजपुरी सिनेमा को यहां से पीछे हम फ्लेशबैक में किस रूप में देखें? -''गंगा मईया तोहे पियरी चढ़इबो'' में एकदम शुरुआत में जिस तरह का काम हुआ क्या भोजपुरी सिनेमा उसे कंटीन्यू रख पाया? -70 और 80 के दशक में भोजपुरी सिनेमा कितना दमदार असर छोड़ पाया? -भोजपुरी सिनेमा को हम आज किस रूप में याद करते हैं? -2000 के दशक में भोजपुरी सिनेमा ने कारोबार तो किया, लेकिन क्या इसने अपनी गुणवत्ता बरकरार रखी? -क्या 2000 के दशक में भोजपुरी के बूम का फायदा सिर्फ भोजपुरी कलाकारों को हुआ भोजपुरी को नहीं? -भोजपुरी एल्बम खासकर ऑडियो कैसेट ने भोजपुरी गायकी को किस कदर नई ऊंचाई दी? -यहां पर भोजपुरी के किन सुपरहिट अल्बम का जिक्र करना चाहेंगे? -भोजपुरी के यूट्यूब वीडियोज में जिस तरह से करोड़ों-अरबों के व्यूज मिल रहे हैं, उसपर क्या कहेंगे? बंपर व्यूज़ में कितनी संभावना दिखती है? -भोजपुरी गीतों पर जिस तरह से अश्लीलता के आरोप लगते हैं, उसे किस तरह से देखा जाए? ऊपर के सवालों पर भोजपुरी साहित्यकार डॉ सुनील कुमार पाठक,भोजपुरी कवि/समीक्षक की बाइट है साहित्य और भाषा के सवालों को लेकर
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13 माह के बच्चे ने ढक्कन निगला; डॉक्टरों ने संघर्ष के बाद जान बचाई

Khargone, Madhya Pradesh:खरगोन जिले के ग्राम सिलोटिया में एक शादी समारोह की खुशियों में लापरवाही के चलते 13 माह का बच्चा खेल खेल में कोल्डिंग्स का ढक्कन निगल गया। ढक्कन उसकी सांस नली फंस गया, जिससे उसे सांस लेने में तकलीफ होने पर परिजन अस्पताल ले गए। पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र वहां उपचार नहीं होने पर जिला अस्पताल पहुँचे। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने टेक्नीक से आधे घंटे की कोशिश के बाद ढक्कन निकाला तो बच्चे ने राहत पाई और परिजनों ने भी सुकून पाया। घटना में खरगोन जिले के कसारावद तहसील के ग्राम मिर्जापुर का रहने वाला प्रवीण पटेल अपनी पत्नी और बच्चे के साथ शादी समारोह में शामिल होने अपने मामा कैलाश के घर टांडाबरुड थाना क्षेत्र के सिलौटिया गांव आया था। सभी शादी की खुशियों में मगन थे, बच्चे भी खेल रहे थे, इस दौरान खेलते खेलते अचानक 13 माह के शिवाय ने कोल्ड ड्रिंक का ढक्कन गटक लिया, जैसे ही उसके परिजनों को पता चला वहां सब अचरज में पड़ गए, किसी को कुछ नहीं सूझ रहा था, ढक्कन निकालने के लिए जद्दोजहद करना प्रारंभ कर दी। इस दौरान वह ढक्कन बाहर तो नहीं निकला उल्टा गले में जाकर फंस गया, जिसकी वजह से बच्चे की सांस रुकने लगी, फौरन बच्चों को टांडाबरुड के स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया लेकिन वहां पर उसकी हालत को देखते हो उसे जिला अस्पताल खरगोन रेफर किया। जिला अस्पताल खरगोन के PICU वार्ड में 13 माह के शिवाय को भर्ती किया गया। यहां मौजूद शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर शशिकांत पाटीदार और टीम ने ढक्कन निकालने का प्रयास किया। डॉक्टर शशिकांत ने बताया सबसे पहली गलती बच्चों को खेलने के दौरान इस तरह की वस्तुएं नहीं दे जिन्हें वह गटक ले। दूसरी गलती घर पर निकालने के प्रयास से ढक्कन काफी अंदर सांस नली में पहुंचकर उसे चौक कर सकता था। हमने कैथेटर और लैंडिंग स्कोप उपकरणों का उपयोग कर पानी निकालने की तकनीक अपनाते हुए करीब 2 से 3 बार प्रयास किया और अंततः बड़ी मुश्किल से ढक्कन बाहर निकाला गया। इस प्रक्रिया में लगभग आधे घंटे लगा। ढक्कन बाहर निकलने के बाद सभी ने राहत की सांस ली। बच्चे के पिता प्रवीण पटेल ने डॉक्टर को भगवान का रूप बताते हुए आभार व्यक्त किया। उनका कहना था डॉक्टर देवदूत के तौर पर आए और मेरे बच्चे की जान बचा ली। फिलहाल उसकी हालत ठीक है और वार्ड में उसका उपचार चल रहा है।
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गोंडा में अवैध मिट्टी खनन से गड्ढे में डूबकर 5 वर्षीय की मौत, दूसरा घायल

Gonda, Uttar Pradesh:गोंडा जिले में देहात कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत चिश्तीपुर ग्राम पंचायत के रामनगर तिराहा के पास बिना परमिशन अवैध रूप से मिट्टी खनन करके बनाए गए एक बड़े गड्ढे में शनिवार देर शाम 7 बजे के करीब गिरकर 5 वर्षीय अमन प्रजापति की मौत हो गई है। जबकि 10 वर्षीय मोनू प्रजापति को स्थानीय लोगों ने बचा लिया है जिसका एक निजी डॉक्टर के यहाँ इलाज कराया गया है। बताया जा रहा है कि यह अवैध मिट्टी खनन करके बनाया गया गड्ढा SBF ब्रिक फील्ड के मालिक फिरोज नियाजी द्वारा कराया गया था और इसी बड़े गड्ढे के पास लोक निर्माण विभाग की सड़क के किनारे यह दोनों बच्चे खेल रहे थे। अचानक पैर फिसलने के कारण दोनों गड्ढे में चले गए और गड्ढे में पानी भर होने के कारण डूबने के चलते 5 वर्षीय अमन प्रजापति की मौत हो गई है जबकि 10 वर्षीय मोनू प्रजापति घायल हो गया था जिसे स्थानीय लोगों ने बचा लिया है। सूचना पाकर मौके पर देहात कोतवाली पुलिस पहुंची पुलिस द्वारा परिजनों को पोस्टमार्टम के लिए काफी समझाया गया लेकिन परिजन किसी दबाव के चलते पोस्टमार्टम करने के लिए तैयार नहीं थे। इसके बाद SBF ब्रिक फील्ड मालिक द्वारा भेजी गई जेसीबी के माध्यम से ही 5 वर्षीय अमन प्रजापति का कुछ ही दूर पर ले जाकर के परिजनों द्वारा अंतिम संस्कार किया गया है। वहीं घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे क्षेत्रीय लेखपाल प्रवीण कुमार द्वारा बिना गड्ढे की जांच किए सिर्फ पीड़ित परिवार से मुलाकात करके ही यहां से रवाना हो गए हैं। जब फोन पर बातचीत की गई तो कहा कि रात्रि के समय था दिखाई नहीं दे रहा था जबकि चार पहिया वाहन से लेखपाल प्रवीण कुमार मौके पर जांच करने के लिए आए हुए थे। बिना गड्ढा की जांच किए लौटे क्षेत्रीय लेखपाल प्रवीण कुमार की भूमिका पर भी सवाल खड़ा हो रहा है।
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बागपत में पुलिस हिरासत मौत: परिजनों का हंगामा, चौकी इंचार्ज निलंबित

Baghpat, Uttar Pradesh:बागपत में थाना दोघट क्षेत्र की भड़ल पुलिस चौकी पर चोरी के आरोप में सुबह पुलिस ने निरपुड़ा गांव निवासी 22 वर्षीय रोहित को अपने साथ लिया था. परिजनों का आरोप है कि रोहित से मिलने नहीं दिया गया जिससे अनहोनी की आशंका थी. परिवार का कहना है कि रोहित की फांसी लगाकर हत्या की गई है, जबकि पुलिस कहती है कि उन्होंने चौकी परिसर में गले में फंदा डालकर आत्महत्या का प्रयास किया और उसे तुरंत नीचे उतारकर उपचार हेतु सीएचसी बुढ़ाना और फिर जिला अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने हंगामा किया और सड़क जाम कर दी. मौके पर सीओ बड़ौत अंशु जैन पहुंचे और निष्पक्ष जांच व कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया. परिजनों ने चौकी इंचार्ज व पुलिस कर्मियों पर मारपीट और हत्या का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करने की मांग की है. पुलिस अब मामले की जांच में जुटी है. आगे के तथ्यों के अनुसार प्रथम दृष्टया लापरवाही पाए जाने पर चौकी प्रभारी व 02 आरक्षियों को निलंबित कर दिया गया है और आवश्यक धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया है. मजिस्ट्रियल स्तर पर निष्पक्ष जांच कराई जाएगी तथा जांच से जो तथ्य स्पष्ट होंगे, उनके अनुसार कठोर वैधानिक कार्रवाई होगी.
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धनबाद के मुनीडीह कोल वाशरी हादसे में चार मजदूर मलबे में दबकर मौत

Dhanbad, Jharkhand:झारखंड के धनबाद जिले के मुनीडीह ओपी क्षेत्र स्थित बीसीसीएल मुनीडीह कोल वाशरी प्रोजेक्ट में शनिवार को एक बड़ा हादसा हो गया। ट्रक में कोयला पाउडर यानी सैलरी लोडिंग के दौरान अचानक सैलरी गिरने से चार मजदूर उसकी चपेट में आ गए, जिससे उनकी दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी और शोक का वातावरण है। बताया जा रहा है कि लोडिंग के दौरान अचानक भारी मात्रा में सैलरी का पहाड़ ढह गई, जिससे वहां काम कर रहे मजदूर दब गए। घटना के तुरंत बाद मौजूद मजदूरों और स्थानीय ग्रामीणों ने बचाव कार्य शुरू किया और मलबे में दबे मजदूरों को बाहर निकालने की कोशिश की। इस हादसे में माणिक बाउरी, दिनेश बाउरी, दीपक बाउरी और हेमलाल गोप की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, CISF की टीम और प्रशासन मौके पर पहुँच गया और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। इधर, आक्रोशित परिजन और ग्रामीणों ने चारों शवों को मुनीडीह कोल वाशरी गेट के सामने रखकर मुआवजे और नौकरी की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया है। बीसीसीएल प्रबंधन के खिलाफ लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।
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भीमताल महिला धर्मांतरण मामले में आरोपी यूनुस गिरफ्तार, 14 दिन न्यायिक हिरासत

Nainital, Uttarakhand:भीमताल मे महिला के धर्मांतरण मामले मे पुलिस के हत्थे चढ़ा आरोपी (एम.डी.) यूनुस Nainital के भीमताल क्षेत्र में चर्चित महिला धर्मांतरण मामले में नैनीताल पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक (एमडी) यूनुस को गिरफ्तार कर कोर्ट मे पेश किया और जिला न्यायालय ने आरोपी यूनुस को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। मामला उस समय सामने आया जब एक महिला ने अपने किसी परिचित व्यक्ति को बताया कि यूनुस नाम का व्यक्ति ने भीमताल में कई महिलाओं को अपने प्रेम जाल में फसाया अब उनका जबरन धर्मांतरण करवाने को मजबूर कर रहा है साथ ही उन्हें बदनाम करने की भी धमकी दे रहा है जिसके बाद हिंदूवादी संगठनों ने भीमताल कोतवाली का घेराव कर आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की। वहीं महिला द्वारा कोतवाली में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोपी पर प्रेम जाल में फंसाकर धर्मांतरण के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी के निर्देशन में इस संवेदनशील मामले की जांच के लिए पहले ही विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित की गई थी। जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी पर भीमताल क्षेत्र में कई महिलाओं को अपने प्रेम जाल में फंसाने और उनके साथ शारीरिक व मानसिक उत्पीड़न करने के आरोप हैं। एसएसपी ने बताया पीड़िता की ओर से इस मामले को लेकर हाईकोर्ट में भी याचिका दायर की गई थी, जिसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए कार्रवाई तेज की गई। प्रारंभिक जांच में एक से अधिक महिलाओं के साथ इसी प्रकार की घटनाओं के संकेत मिले हैं, जिन्हें ध्यान में रखते हुए आगे की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहनता से पड़ताल की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बाइट - मंजूनाथ टीसी एसएसपी नैनीताल।
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गोकलपुरी आगजनी: 4 साल के बच्चे की मौत, एक अन्य घायल—घर में बच्चों को अकेले छोड़ने का खतरा

Delhi, Delhi:गोकलपुरी में दर्दनाक हादसा: कमरे में लगी आग, 4 साल के बच्चे की मौत, दूसरा घायल। उत्तर पूर्वी दिल्ली के गोकलपुरी थाना क्षेत्र में शनिवार शाम एक दर्दनाक आगजनी की घटना सामने आई। जानकारी के मुताबिक, कर्दम धर्मशाला के पास एक मकान की दूसरी मंजिल पर बने कमरे में आग लग गई, जिसमें दो छोटे बच्चे झुलस गए। बताया जा रहा है कि दोनों बच्चे, जिनकी उम्र 5 साल और 4 साल थी, घर में अकेले थे। उनके माता-पिता काम पर गए हुए थे। करीब 3:15 बजे बच्चों की दादी ने कमरे से धुआं निकलता देखा। जब वह मौके पर पहुंचीं तो दोनों बच्चे गंभीर रूप से घायल हालत में मिले। परिजन तुरंत दोनों बच्चों को इलाज के लिए जीटीबी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने 4 साल के बच्चे को मृत घोषित कर दिया। वहीं, दूसरा बच्चा अस्पताल में उपचाराधीन है और उसकी हालत पर नजर रखी जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने इस मामले में बीएनएसएस की धारा 194 के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। फिलहाल मामले की जांच जारी है। यह घटना एक बार फिर छोटे बच्चों को घर में अकेला छोड़ने के खतरे को उजागर करती है।
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अविमुक्तश्वरानंद कल निकालेंगे गविशिष्ट धर्मयुद्ध यात्रा

SGSUSHIL GUPTAFollow17m ago
Gorakhpur, Uttar Pradesh:गोरखपुर पहुचे अविमुक्तश्वरानंद ने कहा की कल गोरक्षगरी से गविशिष्ठ धर्म युद्ध यात्रा की शुरुवात होंगी, उन्होंने कहा की आज एक बार फिर से भगवत कृपा से हमें गोरक्षपुर आने का अवसर मिला है, इस बार विशेषता यह है कि हम विष्ट यात्रा का प्रारंभ गोरखपुर की पावन धरती से कल प्रात कर रहे है। जैसा की आप लोगो को विदित ही है। गौ माता की रक्षा के लिए पूरे देश में गौ प्रतिष्ठा आंदोलन चलाया जा रहा था। जिसकी सुनवाई न होने से गविष्ठिका आरमभ करना पड़ा, माता की रक्षा के लिए धर्मयुद्ध का ऐलान करना पड़ा। 11 मार्च को लखनऊ में इसका संखनाद किया गया है और उसी क्रम में सभी सनातन धर्मी जनता को जगाने के लिए और गौ रक्षा के लिए, वोट करने के लिए, संकल्पित कराने के लिए उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधान सभा क्षेत्र में जा कर के लोगो को प्रेरणा देने का काम इस गविष्टि यात्रा के माध्यम से हम करेंगे, यहाँ से चल कर के प्रतिदिन 5 विधान सभा क्षेत्रो में जाते हुए 81 दिनों में 403 विधानसभा क्षेत्रों को कवर करने का संकल्प हम लोगों ने लिया है, आप जानते ही है कि हम लोगों ने आजादी के पहले से ही यह इच्छा की थी कि अंग्रेज भागेंगे हमारा स्वराज्य स्थापित होगा और अपने राज्य में हम अपनी गौ माता की हत्या को बंद कर देंगे। क्योंकि ये अंग्रेजों ने शुरू किया था। लेकिन अंग्रेजों को भगाने के बाद, स्वराज्य तथा कथित स्थापित होने के बाद भी 78 से ज्यादा वर्ष बीत गए हैं और अभी तक वो लक्ष्य। इस लक्ष्य के लिए हम लोगों ने बहुत लड़ाई लड़ी पूरा नहीं हुआ है। इसलिए अब इस बारे में और भी सतर्क होने की आवश्यकता है। इस समय लोकतंत्र है अपने देश में, इस समय अब तलवार और बंदूक चलाने की जरूरत नहीं है युद्ध करने के लिए इस समय ऊँगली से युद्ध लड़ा जाता है, उंगली आप जहाँ दबाते है उसका असर होता है। तो हम लोग चाहते है की देश की जनता ने, प्रदेश की जनता ने, सनातनी जनता ने बिजली के लिए, पानी के लिए, सड़क के लिए और जाने किन किन भौतिक मुद्दों के लिए, चुनाव में वोट दिए है। ये जो आगे चुनाव हम लोगो का आ रहा है, हम चाहते है की ये गोमाता की रक्षा के लिए हिन्दू जनता इसमें वोट करे और इसीलिए जो वेद का हमारा उद्घोष है उुम्रउगोष को सामने रखते हुए हम लोगो को यह कहा है और प्रत्यक्ष भी हर विधान सभा में जा कर के खड़े हो कर के लोगो को बताने वाले है की अपनी ऊँगली में ताकत लाइये, इसी में भगवान का सुरक्षण होता है और जब उसको घुमा कर के वो प्रहार करते हैं तो इससे बड़ा बड़ा प्रहार हो जाता है। तो आपकी ऊँगली में ताकत है। आप आगे चल के पूछेंगे की गोरक्षपुर को ही आपने क्यूँ चुना? तो हम बताना चाहेंगे की उत्तर प्रदेश में दूसरा कोई ऐसा बड़ा नगर नहीं है बड़ा जिला नहीं है जिसका नाम गौ की रक्षा से जुड़ा हुआ वो उत्तर प्रदेश में एक यही है जिसमें गोरक्षा की भावना पहले से पिरोयी हुई है, गो रक्ष इसका नाम ही है जहाँ गोरक्षा की बात जिस जिले के शहर के नाम में जुड़ी हुई है उस जगह से बढ़िया कौन सी दूसरी जगह हो सकती है इसलिए इस स्थान को हम लोगों ने चुना है और अगर आप यह पूछना चाहते हैं कि उत्तर प्रदेश में ही क्यूँ कर रहा है, बाकी प्रदेशों में क्यूँ नहीं कर रहे हैं तो हम आपको बताना चाहेंगे की पुरे देश में जितने भी प्रदेश है हर प्रदेश में जो गाय की स्थिति है उसमे सबसे ज्यादा खराब स्थिति है उत्तर प्रदेश में है क्यूँ की यहाँ पर गायों
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तेज आंधी में मकान की दीवार गिरी, परिवार बच गया बाल-बाल

Churu, Rajasthan:तेज आंधी से ढही मकान की छत की दीवार, बाल-बाल बचा परिवार सुजानगढ़। शनिवार शाम को क्षेत्र में आए अचानक तेज अंधड़ ने जनजीवन को प्रभावित किया है। रेलवे लाइन पार बुनकर बस्ती के नजदीक रहने वाले रमजान के मकान पर एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। आंधी के दबाव के कारण घर की छत की ऊपरी दीवार (बिरंडी) भरभर कर गिर गई। रफीक राजस्थानी ने बताया कि उनके भाई रमजान के घर के चौक में धूप से बचाव के लिए तिरपाल लगाया हुआ था। आंधी के दौरान हवा का भारी दबाव तिरपाल पर पड़ा, जिससे खिंचाव पैदा हुआ और तिरपाल से जुड़ी छत की दीवार (बिरंडी) अचानक नीचे गिर गई। हादसे के समय सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि परिवार के सभी बच्चे घर के बाहर गली में खेल रहे थे। दीवार गिरने के दौरान चौक में कोई मौजूद नहीं था, जिसके चलते एक बड़ा हादसा टल गया।
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पारादीप पोर्ट यूनियन ने मजदूर दिवस पर एकता के साथ वेतन-हक की मांग तेज़

Paradeep, Odisha:Paradip Port Workers Union के बारे में केंद्रित खबर: Paradip Port परिसर में विश्व श्रमिक दिवस के अवसर पर मजदूरों की संख्या बढ़ी दिखी, पर मंचन-समारोह में समन्वय की कमी रही। कई बार कंपनियों के पास दAbiव स्थिति के कारण श्रमिक दिवस की पूर्व-आयोजन में असमान व्यवहार देखा गया, जिससे पारादीप क्षेत्र के श्रमिक संगठनों में गहरी चर्चा उभरती रही। आज Paradip Port Workers Union के leaders और श्रमिक नेताओं के बीच समन्वय और आंतरिकता की कमी को लेकर बहस चली, जिससे क्षेत्रीय श्रम अधिकारों पर विमर्श को तीव्र किया गया। साथ ही कहा गया कि श्रमिकों के लाभ के लिए यूनियन के स्पष्ट संचालन और पारदर्शिता की आवश्यकता है ताकि कंपनियों के साथ सलिस कर के लाभ सही तरीके से मिल सके। पारादीप क्षेत्र में नया बाजार-सा दिख रहा है, स्टोर-खुलाव और आर्थिक गतिविधियों से श्रमिक संख्या बढ़ रही है, परन्तु श्रमिक नेताओं की उपस्थिति और भागीदारी को लेकर मौलिक समस्या बनी रही। पारादीप Port Workers Union के अध्यक्ष और Odisha के वरिष्ठ श्रमिक नेता प्रतिनिधित्व कर रहे हैं ताकि आज के दौर में श्रमिकों के कल्याण हेतु संघर्ष स्पष्ट हो और न्‍यायपूर्ण मांगों का समाधान हो सके। आगे के कदमों के लिए यूनियन ने संगठन की जरूरतों और घोषणाओं को स्पष्ट किया है और क्षेत्रीय श्रमिक नेताओं के साथ संवाद बनाए रखने की बात कही है।
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