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Abhishek Kumar PandeyAbhishek Kumar PandeyFollow30 Nov 2024, 02:46 pm
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खाकी पर हमला: जब कानून के रक्षकों को ही बना लिया गया निशाना

Ajeet MishraAjeet MishraFollow1m ago
Basti, Uttar Pradesh:अम्बेडकरनगर। उत्तर प्रदेश में पुलिस पर हमले की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला अम्बेडकर जिले के थाना अकबरपुर क्षेत्र के रतनपुर गांव का है, जहां जमीन विवाद सुलझाने पहुंची पुलिस टीम पर ही ग्रामीणों ने धावा बोल दिया। यह हमला न केवल पुलिस की कार्यप्रणाली को चुनौती देता है, बल्कि समाज में कानून के प्रति घटते खौफ को भी उजागर करता है। घटना का विवरण: जानकारी के अनुसार, रतनपुर गांव में जमीन के विवाद की सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। पुलिस ने निष्पक्ष जांच के लिए एक पक्ष को फोन कर बुलाया। लेकिन, वह पक्ष शांति से बात करने के बजाय अपने साथ महिलाओं की एक टोली लेकर आया। जैसे ही पुलिस ने कार्रवाई शुरू की, महिलाओं ने उग्र रूप धारण कर लिया और पुलिसकर्मियों पर टूट पड़ीं। मर्यादा की सारी हदें पार: हैरानी की बात यह है कि महिलाओं ने पुलिस की वर्दी का सम्मान तक नहीं किया। सरेराह पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की गई, उनकी वर्दी फाड़ दी गई और सरकारी काम में जमकर बाधा डाली गई। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह कानून के रखवालों को बेबस करने की कोशिश की जा रही है। यह 'महिला कार्ड' खेलकर कानून से बचने की एक सोची-समझी साजिश प्रतीत होती है। पुलिस की कार्रवाई: इस अराजकता के बाद पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। हमले और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में 4 लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। खोजी दृष्टिकोण (अजीत मिश्रा): क्या अब पुलिस का अपनी सुरक्षा करना ही सबसे बड़ी चुनौती बन गया है? जब रक्षक ही सुरक्षित नहीं होंगे, तो आम जनता की सुरक्षा कौन करेगा? महिलाओं को ढाल बनाकर पुलिस पर हमला करना एक खतरनाक चलन बनता जा रहा है। ऐसे तत्वों के खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए जो एक मिसाल बने, ताकि भविष्य में कोई भी वर्दी पर हाथ डालने की जुर्रत न कर सके। रिपोर्ट: अजीत मिश्रा (खोजी) ब्यूरो रिपोर्ट, उत्तर प्रदेश।
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यूपी में Lock Museum से ताला उद्योग को वैश्विक पहचान

Aligarh, Uttar Pradesh:38 करोड़ के लागत से बनेगा लॉक म्यूजियम, 10000 करोड़ रुपए का होगा ताला और हार्डवेयर कारोबार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की वन डिस्ट्रिक वन प्रोडक्ट के तहत होगा निर्माण। नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यह पहल अलीगढ़ के ताला उद्योग को पारंपरिक पहचान से आगे बढ़ाकर आधुनिक और वैश्विक स्वरूप प्रदान करेगी। यह न केवल एक ऐतिहासिक उद्योग को संरक्षित करेगी, बल्कि उत्तर प्रदेश की औद्योगिक छवि को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सशक्त बनाएगी। नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा के अनुसार लॉक म्यूज़ियम के विकसित होने से जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के पास होने की वजह से देश-विदेश के पर्यटकों का आकर्षण बढ़ेगा, जिससे स्थानीय व्यापार और सेवाओं को मजबूती मिलेगी साथ ही बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे, जिससे युवाओं को नई संभावनाएं मिलेंगी मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर म्यूजियम को एक स्थायी ज्ञान केंद्र के रूप में भी विकसित किया जाएगा, जहां प्रशिक्षण, शोध और तकनीकी विकास से जुड़े कार्यक्रम आयोजित होंगे।
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नवजात बच्चा तस्कर गिरोह का पर्दाफाश, सरगना अभी फरार

Jhajjar, Haryana:नवजात बच्चा तस्कर गिरोह का पर्दाफाश। एक महिला समेत तीन आरोपी गिरफ्तार। गिरोह का सरगना फरार, 5 सदस्यों का है गिरोह। तस्करों के कब्जे से तीन दिन का नवजात हुआ बरामद। आरोपियों की दो गाड़ियां और कागजात हुए बरामद। पंजाब के फरीदकोट से लेकर आये थे नवजात बच्चा। दिल्ली में निसंतान दम्पति को था बेचना। सवा दो लाख में खरीदकर 9 लाख 25 हजार में किया था सौदा। फेसबुक और इंस्टाग्राम पेज के जरिये निसंतान दंपतियों को करते थे टारगेट। गिरफ्तारे आरोपी सलीम और अखिल गाजियाबाद के रहने वाले। आरोपी महिला बेअंत कौर पंजाब के मुक्तसर की रहने वाली। यह पांच सदस्यों का गिरोह है और इसका सरगना अभी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। आरोपियों के कब्जे से तीन दिन का नवजात बच्चा बरामद किया गया है, जिसे ये लोग पंजाब के फरीदकोट से लेकर आये थे। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी इस बच्चे को दिल्ली में एक निसंतान दंपति को बेचने वाले थे। आरोपियों ने नवजात को करीब सवा दो लाख रुपये में खरीदा था और इसका सौदा 9 लाख 25 हजार रुपये में किया गया था। पुलिस के मुताबिक आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक और इंस्टाग्राम के जरिए निसंतान दंपतियों को टारगेट करते थे। आरोपी सलीम किरयाना स्टोर चलाता है, जबकि अखिल सीएससी सेंटर संचालक है। जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि गिरोह का नेटवर्क काफी बड़ा है। गिरोह के सरगना की पत्नी और गिरफ्तार महिला आरोपी की बेटी नर्स हैं, जिनकी मदद से बच्चों की तस्करी की जाती थी। यह गिरोह पंजाब से लेकर महाराष्ट्र तक बच्चों की तस्करी कर चुका है और अब तक पांच वारदातों का खुलासा हो चुका है। बहादुरगढ़ पुलिस ने आरोपियों के पास से दो गाड़ियां और कई अहम दस्तावेज भी बरामद किए हैं। डीसीपी मयंक मिश्रा ने बताया कि गैरकानूनी तरीके से बच्चों को गोद दिलाना अपराध है और नवजात बच्चों की तस्करी करने वाले गिरोह के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी और इस मामले में बच्चों को खरीदने और बेचने वाले लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस फरार सरगना की तलाश में जुटी है और पूरे नेटवर्क को खंगालने का काम जारी है। हम आपको बता दें कि पुलिस द्वारा बरामद किया गया नवजात बच्चा फिलहाल पूरी तरह से स्वस्थ है। उसे डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है।
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जोधपुर में जुए के दौरान हमला; हेड कांस्टेबल की कलाई काटी गई

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर शहर की शांत रात अचानक हंगामे में बदल गई, जब जुआ खेल रहे आरोपियों ने पुलिस को देखकर सरेंडर करने के बजाय हमला बोल दिया। मामला इतना बढ़ गया कि एक आरोपी ने हेड कांस्टेबल का हाथ ही काट लिया。 दरअसल, 30 मार्च की देर रात करीब 1 बजे एयरपोर्ट थाना पुलिस को सूचना मिली कि कन्हैया नगर शिकारगढ़ इलाके में एसबीआई बैंक के पास एक बंद दुकान के अंदर जुआ खेला जा रहा है। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जैसे ही शटर उठाया, अंदर का नजारा चौंकाने वाला था—पांच लोग जुए में डूबे हुए थे。 पुलिस को देखते ही तीन आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले, लेकिन दो पुलिस के हत्थे चढ़ गए। यहीं से शुरू हुआ असली ड्रामा… कार्रवाई के दौरान आरोपी सुभाष विश्नोई अचानक आक्रामक हो गया और उसने हेड कांस्टेबल रामखिलाड़ी की कलाई पर काट लिया। इस अप्रत्याशित हमले से पुलिसकर्मी घायल हो गया, वहीं अन्य पुलिसकर्मियों के साथ भी धक्का-मुक्की और मारपीट की कोशिश की गई। पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए दोनों आरोपियों को काबू में किया। पूछताछ में सामने आया कि दोनों आरोपी शराब के नशे में थे。 गिरफ्तार आरोपियों में सुभाष विश्नोई (28) सोहनलाल सांसी (42) दोनों के खिलाफ राजकार्य में बाधा, हमला और मारपीट का केस दर्ज कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस फरार तीन आरोपियों की तलाश में जुटी है。
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आशा सहयोगिनी व साथिनों ने बजट-मानदेय की मांग पर डूंगरपुर में प्रदर्शन किया

Dungarpur, Rajasthan:डूंगरपुर जिले में आशा सहयोगिनी एवं साथिन यूनियन (सीटू) ने अपनी मांगों को लेकर कलेक्टर के समक्ष प्रदर्शन किया। राजस्थान आशा सहयोगिनी एवं साथिन यूनियन के आव्हान पर डूंगरपुर जिले में भी आशा सहयोगिनी एवं साथिनों ने अपनी मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। आशा सहयोगिनियों ने राजस्थान सरकार के इस वर्ष के बजट पर गहरा असंतोष व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग ने उन पर काम का भारी बोझ डाल दिया है, लेकिन पीसीटीएस का पैसा और मानदेय समय पर नहीं मिलता। महंगाई के इस दौर में उन्हें 3-4 महीनों तक भुगतान का इंतजार करना पड़ता है, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। ऑनलाइन काम की अनिवार्यता कर दी गई है, लेकिन विभाग द्वारा एंड्रॉइड मोबाइल उपलब्ध नहीं कराए गए हैं, जिससे उन्हें काम करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सरकार से सभी आशाओं को स्थायी कर राज्य कर्मचारी घोषित करने और जब तक स्थायीकरण नहीं होता, तब तक न्यूनतम वेतन 26000 रुपये प्रति माह दिए जाने की मांग है। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनके ज्ञापन पर जल्द ध्यान नहीं दिया, तो राजस्थान की समस्त आशाएं उग्र आंदोलन और संघर्ष का रास्ता अपनाने पर मजबूर होंगी.
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65 IAS अफसरों के तबादलों से सत्ता-प्रशासन में नई लाइन खींची गई

Jaipur, Rajasthan:IAS अफसरों के तबादलों ने सत्ता और सिस्टम के समीकरण साफ कर दिए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय में बड़ा फेरबदल करते हुए 7 आईएएस अफसरों को सचिव, विशिष्ट सचिव, संयुक्त सचिव से लेकर ओएसडी तक अहम जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। वहीं 25 जिलों के कलेक्टर बदलकर फील्ड प्रशासन की पूरी तस्वीर ही बदल दी गई है। इस तबादला सूची का सबसे बड़ा मैसेज साफ है—जनप्रतिनिधियों से टकराव की कीमत भी चुकानी पड़ी है… और परफॉर्मेंस दिखाने वालों को प्रमोशन पोस्टिंग मिली है। सीकर कलेक्टर मुकुल शर्मा, जिनकी वन मंत्री से तनातनी चर्चा में रही अब मुख्यमंत्री के विशिष्ट सचिव बनाए गए हैं… जयपुर कलेक्टर डॉ. जितेंद्र कुमार सोनी को सीएम सचिव की कुर्सी मिली है। वही संदेश नायक को जयपुर कलेक्टर की कमान सौंपी है। राजस्थान की ब्यूरोक्रेसी में एक बार फिर बड़ा सियासी-प्रशासनिक संदेश छिपा है। 65 आईएएस अफसरों के तबादले सिर्फ रूटीन फेरबदल नहीं, बल्कि पावर बैलेंस, राजनीतिक समीकरण और परफॉर्मेंस के आधार पर नई लाइन खींचने जैसा कदम माना जा रहा है। पैसे राजेश दबाना सूची में सीएमओ से लेकर 25 जिलो में कलक्टर और विभागों में अफसरो को बदला गया है। सबसे बड़ा फोकस मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) पर रहा, जहां एक साथ कई अहम बदलाव किए गए। फील्ड में काम कर रहे अफसरों को सीधे सत्ता के केंद्र में लाया गया, जबकि कुछ को मैदान में वापस भेजा गया। जयपुर कलेक्टर डॉ. जितेंद्र कुमार सोनी को मुख्यमंत्री का सचिव बनाना इस बात का संकेत है कि सरकार भरोसेमंद और परफॉर्मेंस-ओरिएंटेड अफसरों को अपने करीब रखना चाहती है। बेहद संजीदा, निर्विवादित और लो प्रोफाइल रहते हुए डॉ जितेंद्र कुमार सोनी ने जयपुर कलेक्टर के 19 माह के कार्यकाल में रास्ता खोलो अभियान से लेकर सक्षम जयपुर अभियान चलाया। जयपुर शहर में भांकरोटा अग्निकांड हो या फिर एसएमएस अस्पताल में आग लगने की घटना उन्होंने तुरंत दोनों ही बड़ी घटनाओं को हैंडल किया। वही संदेश नायक को जयपुर कलेक्टर बनाकर फील्ड में मजबूत प्रशासनिक पकड़ को बनाए रखने की कोशिश दिखाई देती है। जयपुर नगर निगम कमिश्नर के पद पर ओम कसेरा, राजस्थान आवासन मंडल आयोग के पद पर अरविंद पोसवाल, और जयपुर विकास प्राधिकरण सचिव के पद पर डॉ गौरव सैनी को लगाया गया है। इस सूची का दूसरा अहम एंगल जनप्रतिनिधियों से टकराव। जिन अफसरों के नेताओं से विवाद सामने आए, उनमें से कई को बदला गया, लेकिन दिलचस्प यह है कि हर मामले में ‘सजा’ नहीं, बल्कि ‘रीपोजिशनिंग’ दिखी। सीकर कलेक्टर मुकुल शर्मा, जिनका वन मंत्री से विवाद चर्चा में रहा, उन्हें मुख्यमंत्री का विशिष्ट सचिव बनाकर सरकार ने साफ संकेत दिया कि सक्षम अफसरों को पूरी तरह साइडलाइन नहीं किया जाएगा। उदयपुर सांसद से टकराव के बाद प्रतापगढ़ कलेक्टर का तबादला हो या जैसलमेर में विरोध के बाद बदलाव सरकार ने राजनीतिक फीडबैक को भी इस लिस्ट में जगह दी है। यानी ब्यूरोक्रेसी और पॉलिटिक्स के बीच संतुलन साधने की कोशिश साफ दिखती है। आईएएस तबादला सूची में टीना डाबी को बाड़मेर से टोंक कलेक्टर बनाना और रिया डाबी को उदयपुर से CMO में ओएसडी बनाना यह दर्शाता है कि सरकार युवा अफसरों को अलग-अलग स्तर पर उपयोग करना चाहती है। एक को फील्ड में, दूसरे को पॉलिसी सेंटर में। इस फेरबदल की एक और खास बात ‘रीपीट कलेक्ट्री’ है। 2011 बैच की अनुपमा जोरवाल को 7 साल बाद दोबारा जैसलमेर कलेक्टर बनाना प्रशासनिक ट्रेंड को दोहराता है। इससे यह संकेत मिलता है कि सरकार कुछ जिलों में पुराने अनुभव का लाभ लेना चाहती है, खासकर जहां रणनीतिक या संवेदनशील प्रशासनिक जरूरतें हैं। 2011 बैच के दो IAS अफसर संदेश नायक और अनुपमा जोरवाल को कलेक्ट्री देना भी टाइमिंग के हिसाब से अहम है। जनवरी 2027 में प्रमोशन से पहले यह उनका आखिरी बड़ा फील्ड असाइनमेंट माना जा रहा है। ऐसे में सरकार उन्हें अंतिम प्रशासनिक ‘टेस्टिंग ग्राउंड’ दे रही है। बहरहाल कुल मिलाकर, इस तबादला सूची से तीन बड़े संदेश निकलते हैं। पहला, सरकार परफॉर्मेंस और भरोसे के आधार पर अफसरों को अहम जिम्मेदारी दे रही है। दूसरा, जनप्रतिनिधियों के साथ टकराव को पूरी तरह नजरअंदाज नहीं किया गया, बल्कि संतुलित तरीके से हैंडल किया गया है। तीसरा, CMO को मजबूत और एक्टिव बनाकर सरकार प्रशासनिक कंट्रोल अपने हाथ में और मजबूत करना चाहती है। दीपक गोयल जी मीडिया जयपुर
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बुलंदशहर के कब्रिस्तान की बदहाली पर प्रदर्शन: अवैध कब्जे व गंदगी से ग्रामीणों में रोष

Bulandshahr, Uttar Pradesh:बुलंदशहर में कब्रिस्तान की बदहाली पर बवाल, चिड़वाक गाँव के सैकड़ों ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन। शव दफनाने की जगह को तरसे ग्रामीण, आवंटित जमीन पर अतिक्रमण देख सड़कों पर उतर ग्रामीण। वक्फ कब्रिस्तान बना कूड़ाघर, प्रशासन की अनदेखी के खिलाफ ग्रामीणों ने खोला मोर्चा, मिट्टी भराव की मांग。 बुलंदशहर में प्रशासनिक लापरवाही उजागर, बाउंड्री वॉल टूटने से असुरक्षित हुआ कब्रिस्तान। चिड़वाक में अंतिम संस्कार के लिए जगह की किल्लत, अवैध कब्जे और गंदगी को लेकर प्रशासन से लगी गुहार。 बाइट:- रिहान खान (पूर्व प्रधान पुत्र) बाइट:- आसिफ खान (ग्रामीण)
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हमीरपुर में स्कूल चलो अभियान का शुभारम्भ, डीएम ने जागरूकता वाहन रवाना किया

Chanwal, Himachal Pradesh:हमीरपुर:-स्कूल चलो अभियान का शुभारंभ, जिलाधिकारी घनश्याम मीना ने हरी झंडी दिखाकर जागरूकता वाहन को किया रवाना, अब्दुल कलाम सभागार में नए नामांकित हुए बच्चों को बैग और पाठन सामग्री की गई वितरित, अभियान में ज्यादा से ज्यादा बच्चों को शिक्षा से जोड़ने की मुहिम पर दिया गया जोर, बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए सत्र की शुरुआत के पहले परिषदीय स्कूलों में स्मार्ट क्लॉस, इनवर्टर, आरओ सहित आधुनिक तकनीक से किया गया लैस, कार्यक्रम में शिक्षकों से बच्चों के बेहतर भविष्य के निर्माण में विशेष योगदान देने की गई अपील, स्कूल चलो अभियान की रंगोली बनाकर भी लोगों को किया गया जागरूक, जिला मुख्यालय के कलेक्ट्रेट परिसर का मामला।
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