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Pilibhit: संयुक्त मीडियाकर्मियों की चेतावनी और विधायक के प्रयास से हाइटेंशन लाइन हटाने का कार्य शुरू
Puranpur, Uttar Pradesh:नगर के मोहल्ला नूरीनगर, रजागंज देहांत और अहमदनगर में 11 केवी हाइटेंशन लाइन घनी आबादी के बीच से गुजर रही थी जिससे सैकड़ों घरों को खतरा था। जनहित की इस समस्या को लेकर मीडिया कर्मी नाजिम खान के सहयोग से संयुक्त मीडियाकर्मियों ने 2021 में विधुत डिवीजन कार्यालय पर धरना दिया था। जब इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो 24 जनवरी 2025 को फिर से आंदोलन की चेतावनी दी गई। आखिरकार, विधायक के प्रयासों और चेतावनी के दबाव के बाद विभाग ने हाइटेंशन लाइन हटाने का काम शुरू कर दिया है।
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UPPCL पर 7.18 लाख रुपये की अब तक की सबसे बड़ी पेनल्टी, 15 दिन में जमा करने का आदेश
Noida, Uttar Pradesh:उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने सुनाया ऐतिहासिक फैसला स्मार्ट प्रीपेड मीटर रिचार्ज होने के 2 घंटे के अंदर ना बिजली बहाल होने के मामले में पावर कॉररेशन पर लगे अब तक कि देश की सबसे बड़ी 7 लाख 18000 पेनल्टी 15 दिन में आयोग में करना होगा जमा। उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद की तरफ से मार्च 2026 में स्मार्ट प्रीपेड मीटर रिचार्ज किए जाने के बाद 2 घंटे में ना जोड़ने का मामला उठाते हुए स्टैंडर्ड आप परफॉर्मेंस रेगुलेशन 2019 का उल्लंघन के मामले में एक लोकमहत्व प्रस्ताव दाखिल किया था जिस पर अंतत उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने सुओ मोटो कार्यवाही शुरू कर दी थी और आज उसे सू मोटा याचिका पर ऐतिहासिक फैसला सुनाया है उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (UPERC) ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर व्यवस्था में उपभोक्ता सेवाओं में गंभीर लापरवाही पाए जाने पर उत्तर प्रदेश पावर कॉररेशन लिमिटेड (UPPCL) के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा निर्णय लिया है। आयोग ने पाया कि कई मामलों में रिचार्ज के बाद निर्धारित 2 घंटे के भीतर बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की गई, जो कि UPERC (स्टैंडर्ड्स ऑफ परफॉर्मेंस) विनियम, 2019 का स्पष्ट उल्लंघन है। उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष श्री अरविंद कुमार व सदस्य श्री संजय कुमार सिंह की दो सदस्य पीठ ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए पावर कारपोरेशन के ऊपर ऊर्जा क्षेत्र में अब तक की सबसे बड़ी रुपया 718000 की पेनल्टी लगाया है जिसे पावर कारपोरेशन को 15 दिन के अंदर आयोग के पास जमा करना होगा। पूरे देश में किसी भी विद्युत नियामक आयोग द्वारा किसी बिजली डिस्काम तक लगाई गई अब तक की सबसे बड़ी पेनल्टी है। उत्तर प्रदेश राज विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष हुआ देश की सर्वोच्च सेंट्रल एडवाइजरी कमेटी के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं के हित में जो यह ऐतिहासिक फैसला लिया है इससे निश्चित ही बिजली कंपनियों व पावर कॉरपोरेशन की जवाब दे ही तय होगी और उन्हें सोचने के लिए मजबूर होना पड़ेगा कि उपभोक्ताओं के साथ हीला हवाली और उनका उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं होगा उपभोक्ता प्रतिशत अध्यक्ष ने कहा बहुत जल्द ही जो लगभग 193143 विद्युत उपभोक्ता जिनकी बिजली 2 घंटे अथवा उसके बाद जुड़ी them to be compensated will be demanded. उपभोक्ता परिषद ने कहा मार्च से अप्रैल के महीने में जब स्मार्ट प्रीपेड मीटर रिचार्ज करने के बाद भी पूरे प्रदेश में हाहाकार मचा था तब पावर कॉरपोरेशन रोज बयान बाजी कर रहा था कि कहीं कोई दिक्कत नहीं है रिचार्ज होने के तुरंत बाद कनेक्शन जुड़ रहा है अब पावर कारपोरेशन को सीख लेना चाहिए कि गलती करोगे तो भुग्तोगे । आयोग की जांच में यह तथ्य सामने आया कि कई तिथियों (13, 14, 16, 17, 18, 23, 25, 28 मार्च तथा 2 एवं 7 अप्रैल 2026) को निर्धारित सेवा मानकों का पालन नहीं हुआ और कई दिनों में अनुपालन स्तर घटकर लगभग 77% तक पहुंच गया, जबकि न्यूनतम 95% अनुपालन अनिवार्य है। UPPCL ने स्वयं अपने उत्तर में यह स्वीकार किया कि प्रीपेड स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं की बिजली पुनः आपूर्ति निर्धारित समय सीमा के भीतर कई मामलों में नहीं हो सकी। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए आयोग ने विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 142 एवं 57 के तहत प्रति उल्लंघन ₹1,00,000 तथा प्रत्येक दिन की देरी पर अतिरिक्त ₹6,000 के हिसाब से कुल ₹7,18,000 का जुर्माना लगाया है। यह राशि 15 दिनों के भीतर आयोग में जमा करना अनिवार्य होगा। आयोग ने यह भी कहा है कि यह स्थिति “रूट कॉज़ एनालिसिस” की आवश्यकता को दर्शाती है, ताकि भविष्य में ऐसी त्रुटियों की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। साथ ही UPPCL के प्रबंध निदेशक से 15 दिनों में विस्तृत जवाब तलब किया गया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ता सेवा में लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है और नियामक मानकों का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। इस फैसले के बाद बिजली विभाग में हलचल देखी जा रही है और इसे नियामक आयोग की अब तक की कड़ी कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है।0
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जळगाव में राष्ट्रवादी के उम्मीदवारों के माघार से महायुती में हलचल: अनिल पाटील ने क्या कहा?
Jalgaon, Maharashtra:जळगाव मध्ये राष्ट्रवादी अजित पवार गटाच्या उमेदवारांची माघार घेतली; जळगाव, नाशिक येथे महायुतीच्याच उमेदवाराला पाठिंबा असेल. जागावाटप झाल्यावर बंडखोरी होणे, अर्ज दाखल केल्यावर उमेदवाराने गायब होणे आणि नेत्यांना याबाबत माहिती नसणे हे महायुतीसाठी योग्य नाही, अशी भावना आमदार अनिल पाटील यांनी व्यक्त केली. राज्यात देशात महायुती टिकवायचे असेल तर खालच्या कार्यकर्त्यांनी आणि वरिष्ठ नेत्यांनी नेमक्या खऱ्या भावना काय आहे हे समजून घेतला पाहिजे, अशी अपेक्षा देखील आमदार अनिल पाटील यांनी व्यक्त केली. अशी भूमिका राष्ट्रवादी अजित पवार गटाचे आमदार अनिल पाटील यांनी स्पष्ट केली. मंत्री गुलाबराव पाटलांच्या नाराजीवर ‘दाल में कुछ काला है’ असल्याची शंका माजी मंत्री अनिल पाटील यांना व्यक्त केलीली आहे. निवडणुका झाल्या की भाजप कार्यकर्त्यांना विचारात घेत नाही असे शब्द राष्ट्रवादीच्या कार्यकर्त्यांनी गिरीश महाजन यांच्या भावना मांडल्या आणि त्या गिरीश महाजन यांनी ऐकल्यादेखील.0
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सांगली- मिरज में मानसून की दमदार एंट्री, किसान खुश
Sangli, Maharashtra:सांगली जिल्ह्याच्या अनेक ठिकाणी मान्सूनचा पावसाची दमदार एंट्री.. सांगली शहराचा मिरज शहरामध्ये जोरदार असा पाऊस पडत आहे. केरळ मध्ये मान्सून दाखल झाल्यानंतर सांगली मध्ये ही पावसाने जोरदार हजेरी लावली आहे. सकाळपासून उकळ्याने सांगलीकर हैराण झाले होते, सांग काय नंतर वातावरणात बदल झाला होता ढगाळ वातावरण निर्माण झालं होतं,आणि वादळी वाऱ्यासह पावसाने जोरदार हजेरी लावली आहे,पाऊसाच्या दमदार एंट्रीमुळे शेतकरी वर्गातून समाधान व्यक्त होत आहे,तर पाऊसाच्या हजेरीने खरिप पेरण्यांच्या कामांना वेग येणार आहे0
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झांसी पीटीसी: नई पहल से स्थानीय लोगों को लाभ
Noida, Uttar Pradesh:झांसी पीटीसी0
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SECL बंगवार खदान में छत ढहने से 2 मजदूरों की मौत, 4 घायल
Shahdol, Madhya Pradesh:शहडोल जिले के धनपुरी थाना क्षेत्र स्थित एसईसीएल सोहागपुर क्षेत्र की बंगवार भूमिगत कोयला खदान में शुक्रवार को बड़ा हादसा हो गया। खदान के भीतर स्टॉपिंग वॉल निर्माण कार्य के दौरान अचानक छत का हिस्सा धंस गया, जिससे दो मजदूरों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य श्रमिक घायल हो गए। हादसे के बाद खदान परिसर में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही खदान प्रबंधन, सुरक्षा अधिकारी और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और बचाव कार्य शुरू किया गया। खदान में बल्लू बैगा और गोलू बैगा की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं हादसे में प्रेमलाल विश्वकर्मा, राजकुमार यादव, अमित यादव और अंजनी बैगा घायल हो गए। सभी घायलों को रेस्क्यू टीम की मदद से बाहर निकालकर उपचार के लिए केंद्रीय चिकित्सालय बुढ़ार और जिला अस्पताल शहडोल भेजा गया। चिकित्सकों के अनुसार कुछ घायलों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें बेहतर उपचार के लिए रेफर किया गया है। घटना की सूचना मिलते ही एसईसीएल प्रबंधन, सुरक्षा अधिकारी और बचाव दल मौके पर पहुंच गए। खदान के भीतर राहत एवं बचाव कार्य तेजी से चलाया गया। अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्र को सील कर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। हादसे के बाद खदान परिसर में श्रमिकों और परिजनों के बीच चिंता का माहौल बना रहा। इधर दुर्घटना के बाद खदान की सुरक्षा व्यवस्था, वेंटिलेशन सिस्टम और कार्यस्थल की संरचनात्मक स्थिति की जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक तौर पर खदान की छत के कमजोर हिस्से के धंसने को हादसे की वजह माना जा रहा है। प्रशासन और एसईसीएल प्रबंधन द्वारा पूरे मामले की तकनीकी जांच कराई जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर भूमिगत कोयला खदानों में श्रमिकों की सुरक्षा और सुरक्षा मानकों के पालन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल बचाव और जांच कार्य जारी है। प्रशासन और एसईसीएल प्रबंधन हादसे के कारणों का पता लगाने में जुटे हैं, जबकि मृतक मजदूरों के परिजनों को सहायता और घायलों के बेहतर इलाज की व्यवस्था की जा रही है।0
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विश्व पर्यावरण दिवस पर उज्जैन में पौधारोपण अभियान: नगर निगम का बड़ा प्रायोजन
Ujjain, Madhya Pradesh:गया कोटा ऋषि तलाई सहित शहर के विभिन्न क्षेत्रों में लगाए गए हजारों पौधे, नगर निगम करेगा देखभाल उज्जैन विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर उज्जैन नगर निगम ने शुक्रवार को शहरभर में सघन पौधारोपण अभियान चलाया। हरित सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए विभिन्न जोनों और वार्डों में पौधे लगाए गए। मुख्य कार्यक्रम गया कोटा ऋषि तलाई पर आयोजित किया गया, जहां जनप्रतिनिधियों और निगम अधिकारियों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम में विधायक अनिल जैन कालुहेड़ा, महापौर मुकेश टटवाल, निगम अध्यक्ष कलावती यादव, नगर भाजपा अध्यक्ष संजय अग्रवाल और नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा विशेष रूप से मौजूद रहे। इस दौरान नीम, पीपल, बरगद, बादाम, करंज, अमरूद, जामुन और आम सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे गए। नगर निगम ने इन पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण का जिम्मा भी लिया है। नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि सिंहस्थ-2028 को हरित और पर्यावरण अनुकूल बनाने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया जा रहा है। बारिश का मौसम शुरू होने के बाद शहरभर में बड़े स्तर पर पौधारोपण किया जाएगा। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर कई सामाजिक और पर्यावरण प्रेमी संस्थाओं ने भी विभिन्न वार्डों में पौधे लगाकर अभियान में सहभागिता की। कार्यक्रम में अपर आयुक्त पवन कुमार सिंह, उपायुक्त मनोज मौर्य, सहायक आयुक्त पवन कुमार फुलफकीर, कार्यपालन यंत्री दीपक शर्मा, जोनल अधिकारी श्याम सुंदर शर्मा, जनसंपर्क अधिकारी पवन कुमार सहित नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारी और पर्यावरण प्रेमी संस्थाओं के सदस्य उपस्थित रहे।0
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प्रेम संबंधों के शक में बाउंसर की हत्या, कोटा में आरोपी फरार
Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर।कोटा क्षेत्र पथर्रा गांव में 27 वर्षीय बाउंसर निखिल गोस्वामी की आंखों में मिर्च पाउडर झोंककर फिर पत्थर से सिर कुचलकर हत्या कर दी गई। पत्नी से कथित संबंधों के शक में भोला मानिकपुरी ने अपने साथियों के साथ वारदात को अंजाम दिया। हमले में गंभीर रूप से घायल निखिल ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। कोटा पुलिस प्रेम प्रसंग, चरित्र शंका और पुरानी रंजिश के एंगल से जांच कर रही है, जबकि आरोपी फरार बताए जा रहे हैं।जानकारी के मुताबिक, पथर्रा निवासी निखिल गोस्वामी बिलासपुर के एक बार में बाउंसर के रूप में काम करता था। बीती रात वह अपने दो साथी के साथ अमने मोड़ के पास बैठकर शराब पी रहा था।इसी दौरान तीन-चार युवक बाइक से वहां पहुंचे प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बाइक सवार युवकों में शामिल एक व्यक्ति को देखकर निखिल ने उसे नाम लेकर आवाज लगाई।इसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद की स्थिति बन गई। आरोपी भोला मानिकपुरी ने अपने साथियों के साथ मिलकर पहले निखिल की आंखों और चेहरे पर मिर्च पाउडर फेंका। अचानक हुए हमले से निखिल संभल नहीं पाया इस बीच उसके साथ मौजूद दोनों साथी मौके से भाग निकले। इसके बाद आरोपियों ने निखिल पर हमला बोल दिया।मिर्च पाउडर फेंकने के बाद भोला मानिकपुरी ने पास में पड़े भारी पत्थर से निखिल के सिर और शरीर पर ताबड़तोड़ वार किए।गंभीर चोट लगने से वह लहूलुहान होकर मौके पर गिर पड़ा। घटना के बाद राहगीरों ने घायल निखिल को अस्पताल पहुंचाया। उसकी हालत गंभीर होने के कारण चिकित्सकों ने उसे बेहतर उपचार के लिए रेफर किया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।घटना की जानकारी मिलते ही एडिशनल एसपी मधुलिका सिंह सहित कोटा पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण और लोगों से पूछताछ साक्ष्य जुटाए पूछताछ में मृतक के भाई ने पुलिस को बताया कि आरोपी भोला मानिकपुरी की पत्नी और निखिल गोस्वामी के बीच कथित रूप से प्रेम संबंध थे इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद चल रहा था। कोटा पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और मुख्य आरोपी भोला मानिकपुरी सहित अन्य संदिग्धों की तलाश शुरू कर दी है।0
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वक्फ पंजीकरण पर सवाल, कब्जों के रिकॉर्ड से मुस्लिम समुदाय में आक्रोश
Jaipur, Rajasthan:वक्फ संशोधन कानून के विरोध में देशभर में आंदोलन हुए, धरने हुए और मुस्लिम समाज से बड़ी संख्या में लोगों को सड़कों पर उतरने की अपील की गई। लेकिन अब एक बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है। जब वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा और संरक्षण की बात आती है, तो क्या वक्फ बोर्ड ने अपनी जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी से निभाई? रिपोर्ट राजस्थान में वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण को लेकर सामने आए आंकड़े कई सवाल खड़े कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि राज्य की लगभग 19 हजार से अधिक वक्फ संपत्तियों में से करीब 16,900 संपत्तियां ही पोर्टल पर दर्ज हो पाई हैं, जबकि हजारों संपत्तियां अब भी पंजीकरण की प्रक्रिया से बाहर हैं。 इनमें से कई संपत्तियों पर कथित रूप से अतिक्रमण है, कुछ संपत्तियों का रिकॉर्ड अधूरा है और कई स्थानों पर वक्फ बोर्ड वर्षों से प्रभावी कार्रवाई नहीं कर पाया है। ऐसे में आम मुस्लिम समाज के बीच यह चर्चा तेज हो रही है कि जब संपत्तियों की सुरक्षा और दस्तावेजीकरण का काम समय पर नहीं हुआ तो इसकी जिम्मेदारी किसकी है? सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिन वक्फ संपत्तियों का उद्देश्य समाज की भलाई, शिक्षा, स्वास्थ्य और गरीबों के कल्याण के लिए संसाधन उपलब्ध कराना था, उनका पूरा लाभ समुदाय तक क्यों नहीं पहुंच पाया? आम मुस्लिम की बाइट “हम चाहते हैं कि वक्फ बोर्ड सिर्फ बयानबाजी तक सीमित न रहे बल्कि जमीन पर काम करे। जिन वक्फ जमीनों पर कब्जे हैं उन्हें वापस लिया जाए। इन जमीनों पर स्कूल, कॉलेज, लाइब्रेरी, हॉस्पिटल और कौशल विकास केंद्र बनाए जा सकते हैं ताकि पूरी कौम और देश को फायदा मिले। वक्फ की संपत्ति सिर्फ कागजों में नहीं बल्कि समाज की तरक्की का माध्यम बननी चाहिए。” विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वक्फ संपत्तियों का सही प्रबंधन हो, अतिक्रमण हटाया जाए और पारदर्शी व्यवस्था बनाई जाए तो ये संपत्तियां शिक्षा, रोजगार और सामाजिक विकास का बड़ा आधार बन सकती हैं। अब सवाल यह है कि वक्फ कानून के विरोध को लेकर जिस तरह मुस्लिम समाज से समर्थन मांगा गया, क्या उसी गंभीरता से वक्फ संपत्तियों को सुरक्षित करने और उनके बेहतर उपयोग के लिए भी प्रयास किए गए? और क्या हजारों अपंजीकृत तथा विवादित संपत्तियों की स्थिति मुस्लिम जनभावनाओं को आहत नहीं करती? “वक्फ की जमीनें बचेंगी तो समाज का भविष्य संवर सकता है, लेकिन इसके लिए सबसे पहले जवाबदेही और पारदर्शिता जरूरी है.”0
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अनूपगढ़ धान मंडी पूर्णतः बन्द, गेहूँ खरीद टारगेट बढ़ाने की मांग तेज
Sri Ganganagar, Rajasthan:अनूपगढ़ क्षेत्र के किसान सरकार से समर्थन मूल्य पर गेहूँ खरीद के टारगेट को बढ़ाने, खरीद समय सीमा बढ़ाने और बारदाने की मांग कर रहे है मगर सरकार ने 3 दिन पहले अनूपगढ़ के गेहूँ खरीद के टारगेट को 35 हजार बैग कम कर दिया है तब से ही धान मंडी में गेहूँ की लॉफ्टिंग का कार्य बन्द है। टारगेट कम करने के विरोध में आज शुक्रवार को अनूपगढ़ व्यापार मण्डल में सयुंक्त किसान मोर्चा, व्यापारियों और मजदूरों की बैठक आयोजित हुई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया है कि उक्त मांगों को लेकर कल 6 जून शनिवार को अनूपगढ़ की नई धान मंडी को पूर्णतः बन्द रखा जाएगा। शनिवार को धान मंडी में किसी भी कृषि जिंस की बोली भी नही होगी। उन्होंने बताया कि उक्त मांगों को लेकर कल शनिवार को श्रीगंगानगर जिला कलेक्ट्रेट पर जिले भर के किसानों, व्यापारियों और मजदूरों का प्रदर्शन किया जाएगा। इस प्रदर्शन में अनूपगढ़ क्षेत्र के सैकड़ो की संख्या में किसान, मजदूर और व्यापारी शामिल होंगे सचिव अमित सरना ने बताया कि कल सुबह 11 बजे जिला कलेक्ट्रेट पर होने वाले प्रदर्शन में अनूपगढ़ व्यापार मंडल से सुबह 8 बजे वाहन रवाना किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि इस विरोध प्रदर्शन में धान मंडी कि प्रत्येक दुकान से एक-एक व्यापारी और उनके साथ काफी संख्या में किसान, मजदूर संगठनो के मजदूर और विभिन्न किसान संगठनों से जुड़े हुए किसान भी व्यापार मंडल से श्रीगंगानगर के लिए रवाना होंगे। उपाध्यक्ष नरेश कुमार मिढा ने बताया कि विरोध प्रदर्शन में शामिल होने वाले व्यापारियों मजदूर और किसानों के लिए चाय-पानी, नाश्ते और दोपहर के भोजन की व्यवस्था अनूपगढ़ व्यापार मंडल की ओर से श्रीगंगानगर में की गई है। उन्होंने बताया कि शनिवार को होने वाले आंदोलन में अनूपगढ़ क्षेत्र के करीब 800 लोग आंदोलन में शामिल होंगे। कोषाध्यक्ष सुनील चावला ने बताया कि पूर्व में 31 मई तक सरकार की तरफ से गेहूं के समर्थन मूल्य की खरीद की गई थी। शुरुआत में अनूपगढ़ धान मंडी के लिए 10 लाख 80 हजार बैग खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया, लेकिन आवक की उम्मीद लगभग 15 से 16 लाख बैग की थी। जिसके चलते सभी मंडियों की तरह अनूपगढ़ में भी आंदोलन हुआ और सरकार में दो किश्त में 8 हजार बैग का लक्ष्य बढ़ा दिया। अनूपगढ़ में निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप वारदाना भी वितरित कर दिया गया। इसके बाद सरकार का पोर्टल बंद हो गया। लेकिन अभी भी बहुत से ऐसे किसान थे जिनका पंजीयन हो जाने के बाद भी समर्थन मूल्य पर गेहूं का बेचान नहीं हुआ था। व्यापार मंडल अध्यक्ष सुनील गोदारा ने बताया कि जब पोर्टल खुला तो कई मंडियों के समर्थन मूल्य खरीद का लक्ष्य कम कर दिया गया था। उसमें अनूपगढ़ धान मंडी में करीब 35000 बैग गेहूं का लक्ष्य कम किया गया। ऐसे में खरीद एजेंसियों ने वितरित किए गए 35000 बैग के वापिस देने की डिमांड कर दी है। जबकि पहले ही खरीद एजेंसी द्वारा 62,891 मैट्रिक टन के लक्ष्य के अनुसार बारदाना का वितरण पहले ही किया जा चुका था। उन्होंने कहा कि अगर सरकार टारगेट नहीं बढ़ाती है तो धान मंडी के व्यापारी बैठक कर नई धान मंडी को अनिश्चितकाल के लिए बंद करने का बड़ा निर्णय ले सकती है।0
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दिल्ली होटल के अग्निकांड के शिकार अजमेर दंपत्ति के शव अजमेर पहुंचे; मातम पसरा
Ajmer, Rajasthan:दिल्ली के होटल में हुए अग्निकांड के शिकार अजमेर के दंपत्ति के शव आज अजमेर लाए गए.. गमगीन माहौल और आंखों में आंसुओं की धारा के बीच एक ही घर से जब दो अर्थियों को निकाला गया तो पूरा क्षेत्र मातम के माहौल में तब्दील हो गया... दोपहर बाद मृतक जवरी लाल और उनकी पत्नी कमला की शव यात्रा एक साथ निकली गई..यूएस में रहने वाला उनका पुत्र और जयपुर निवासी पुत्री ने एक साथ दोनों की अर्थी को कंधा दिया तो मौके पर मौजूद लोगों को आंखों से आंसू बह चले...अपने एक निकट रिश्तेदार की कुशलक्षेम लेने दिल्ली गए दंपत्ति ने एक दिन पूर्व ही जन्मदिन मनाया था.. घटना में बिखरे परिवार को लेकर पड़ोसियों के घरों में भी सुबह चूल्हे नहीं जलाए गए.. रिटायर्ड बैंक कर्मचारी जवरी लाल और उनकी पत्नी कमला के व्यवहार के तारीफ करते हुए उनके एक पड़ोसी मोहम्मद कादीर ने बताया कि बहुत ही नेक और सबका सहयोग करने वाले पति पत्नी थे..0
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विश्व पर्यावरण दिवस पर नाहरगढ़ फोर्ट में विविध शख्सियतों के नाम से वृक्षारोपण
Jaipur, Rajasthan:विश्व पर्यावरण दिवस पर वृक्षारोपण नाहरगढ़ फोर्ट स्थित वैक्स म्यूजियम में वृक्षारोपण फोर्ट में हर पौधा किसी शख्सियत को समर्पित महाराजा भवानी सिंह, Cricket खिलाड़ी हरमनप्रीत कौर, हाड़ी रानी, कल्पना चावला के नाम से पेड़ लगाए गए। गुलमोहर का पेड़ त्याग की मूर्ति हाड़ी रानी को समर्पित किया गया। वन विभाग की वित्तीय सलाहकार डॉ. संगीता राठौड़, नाहरगढ़ फोर्ट अधीक्षक सोहनलाल चौधरी और अनुप श्रीवास्तव ने वृक्षारोपण कर किया समर्पित। दामोदर प्रसाद जयपुर एंकर— पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए जयपुर वैक्स म्यूजियम, नाहरगढ़ फोर्ट प्रशासन और पुरातत्व विभाग के संयुक्त तत्वावधान में विश्व पर्यावरण दिवस पर नाहरगढ़ फोर्ट में वृक्षारोपण किया गया। नीम का पेड़ महावीर चक्र से सम्मानित महाराजा सवाई भवानी सिंह को समर्पित किया गया। उनकी मोम की प्रतिमा हाल ही में जयपुर वैक्स म्यूजियम में स्थापित की गई है। इस पौधे का रोपण नाहरगढ़ दुर्ग के अधीक्षक सोहनलाल चौधरी और जयपुर वैक्स म्यूजियम के संस्थापक निदेशक अनुप श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से किया। गुलमोहर का पेड़ त्याग की मूर्ति हाड़ी रानी को समर्पित किया गया। वृक्षारोपण वन विभाग की वित्तीय सलाहकार डॉ. संगीता राठौड़ और अनुप श्रीवास्तव ने किया। अन्य पौधे भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर और अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला को समर्पित किए गए। पूर्व में सचिन तेंदुलकर, डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम, महारानी गायत्री देवी, अमिताभ बच्चन को पौधे समर्पित कर परंपरा निभाते हुए इस बार भी लगाए गए हर पौधे को देश की किसी न किसी महान शख्सियत को समर्पित किया गया। इस मौके पर जयपूर वैक्स म्यूजियम के संस्थापक अनुप श्रीवास्तव ने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं है बल्कि उनको एक बच्चे की तरह देखभाल कर बड़ा करना है। ये पौधे आने वाली पीढ़ी के लिए वरदान साबित होंगे। म्यूजियम प्रशासन ने इन सभी पौधों की नियमित देखरेख और सिंचाई की जिम्मेदारी ली है। उन्होंने बताया कि वैक्स म्यूजियम पिछले कई सालों से पर्यावरण दिवस पर यह पहल कर रहा है, जिसका मकसद पर्यटकों और युवाओं को पर्यावरण संरक्षण के साथ देश की महान विभूतियों के बारे में जागरूक करना है। नाहरगढ़ फोर्ट आने वाले सैलानी इन पौधों के साथ लगी पट्टिकाओं से प्रेरणादायक व्यक्तित्वों के योगदान को भी जान सकेंगे। वृक्षारोपण के दौरान पुरातत्व विभाग और वन विभाग के कई अधिकारी, कर्मचारी और पर्यावरण प्रेमी मौजूद रहे.0
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जोधपुर में विश्व पर्यावरण दिवस पर पौधारोपण से पर्यावरण संरक्षण का संदेश
Jodhpur, Rajasthan:विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जोधपुर के विवेक विहार हेलीपैड सर्किल में पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में पर्यावरण प्रेमियों ने पौधे लगाकर हरियाली बढ़ाने और लोगों को प्रकृति के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया। इस दौरान पक्षियों एवं बेजुबान जीव-जंतुओं के लिए पानी की व्यवस्था भी की गई। कार्यक्रम में पर्यावरण प्रेमी एवं गौ भक्त धर्मेंद्र बिश्नोई ने कहा कि पर्यावरण और वन्य जीवों की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। बढ़ता प्रदूषण, घटती हरियाली और जल संकट जैसी चुनौतियां आने वाले समय में और गंभीर हो सकती हैं, इसलिए सभी को पर्यावरण संरक्षण के लिए सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने बताया कि वे पिछले 54 दिनों से लगातार पक्षियों और बेजुओं जीवों के लिए पानी की व्यवस्था कर रहे हैं। उनका मानना है कि पेड़-पौधों की सेवा के साथ जीव-जंतुओं की सेवा भी पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण हिस्सा है। धर्मेंद्र बिश्नोई ने प्रकृति संरक्षण के लिए बलिदान देने वाली अमृता देवी बिश्नोई का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका संदेश "सर साटे रूख रहे तो भी सस्तो जाण" आज भी पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने सभी लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने, उनकी नियमित देखभाल करने, जल संरक्षण को अपनाने तथा गर्मी के मौसम में पक्षियों और जीव-जंतुओं के लिए पानी की व्यवस्था करने का आह्वान किया।0
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ढाई साल बाद हत्या के मुख्य आरोपी मुकेश गुर्जर गिरफ्तार, तीन अन्य फरार
Sikar, Rajasthan:लोकेशन श्रीमाधोपुर सीकर एंकर श्रीमाधोपुर थाना पुलिस को हत्या के मामले में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने ढाई साल से फरार चल रहे हत्या के मुख्य आरोपी मुकेश गुर्जर (निवासी मण्डामढनी, खाटूश्यामजी) को गिरफ्तार किया। थानाधिकारी महेंद्र सिंह के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। मामले में नामजद तीन अन्य आरोपी सुभाष मंगावा, राहुल और मोनू उर्फ मनोज फिलहाल फरार हैं। 10 दिसंबर 2023 को मृतक बंशीधर बिजारणियां के भाई मालीराम ने मामला दर्ज कराया था। रिपोर्ट के मुताबिक, 4 दिसंबर 2023 की रात करीब 10:30 बजे बाईपास रोड पर आरोपियों ने बंशीधर के साथ बेरहमी से मारपीट की और उसके सिर पर कांच की बोतल से ताबड़तोड़ वार कर दिए। गंभीर हालत में बंशीधर को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 11 दिसंबर को इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। पुलिस जांच में यह मामला हत्या का पाया गया। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी राजू और सुभाष मंगावा के बीच पुरानी रंजिश चल रही थी। मृतक बंशीधर दोनों पक्षों के बीच बीच-बचाव और समझौता कराने के लिए दुकान पर बुलाया था। इसी दौरान वहां कहासुनी बढ़ गई। गुस्साए आरोपियों ने बंशीधर को दुकान के पीछे ले जाकर उस पर जानलेवा हमला कर दिया। इस मर्डर केस में आरोपी मुकेश गुर्जर को जेल भेज दिया गया है, जबकि वारदात में शामिल तीन अन्य नामजद आरोपी सुभाष मंगावा, राहुल और मोनू उर्फ मनोज फिलहाल फरार हैं। पुलिस ने तीनों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमों का गठन किया है और मामले की गहनता से जांच कर रही है。0
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रींगस में दिनदहाड़े चोरी: 18 लाख नकदी-जेवरात लूट, पुलिस तलाश में
Sikar, Rajasthan:सीकर जिले के रींगस में चोरी की वारदातों पर अंकुश नहीं लग पा रहा है. शहर के वार्ड संख्या 15 में दिनदहाड़े चोरों ने एक सूने मकान को निशाना बनाते हुए लाखों रुपए की चोरी की वारदात को अंजाम दे दिया. अज्ञात चोर मकान का मुख्य दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे और अलमारी में रखी करीब 8 लाख रुपए की नकदी तथा लगभग 10 लाख रुपए मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण चोरी कर फरार हो गए. जानकारी के अनुसार शिक्षाविद डॉ. अजय सक्सेना अपने परिवार सहित रिश्तेदारी में गए हुए थे. इसी दौरान पीछे से अज्ञात चोरों ने घर में घुुसकर वारदात को अंजाम दिया. परिवार के लौटने पर घर का मुख्य दरवाजा टूटा हुआ मिला और सामान बिखरा पड़ा था. अलमारी की जांच करने पर नकदी और जेवरात गायब मिले, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मौका-मुआयना कर साक्ष्य जुटाए. आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने पर तीन से चार संदिग्ध युवक घर के आसपास घूमते और दो युवक दीवार फांद कर अंदर घुसते हुए दिखाई दिए हैं. पुलिस फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान में जुटी हुई है.0
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छपरा के निजी क्लिनिक में ऑपरेशन के बाद मरीज की मौत, सड़क पर प्रदर्शन
Chapra, Bihar:छपरा जिले में बिना पर्याप्त डिग्री और विशेषज्ञता के इलाज करने वाले कथित चिकित्सकों के खिलाफ एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। महिलाओं के इलाज और प्रसव के नाम पर संचालित निजी क्लिनिकों की कार्यशैली को लेकर लगातार शिकायतें मिलती रही हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं होने का आरोप स्थानीय लोग लगा रहे हैं। ताजा मामला पिरारी की एक महिला से जुड़ा है, जो प्रसव के लिए शहर स्थित एक निजी क्लिनिक में भर्ती हुई थी। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान हुई गंभीर चिकित्सीय लापरवाही के कारण महिला की हालत बिगड़ गई। स्थिति नाजुक होने पर उसे पहले सदर अस्पताल और बाद में पटना रेफर किया गया। पटना में इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई। घ spontaneous-आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने बस स्टैंड के समीप संबंधित क्लिनिक के सामने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। लोगों का कहना था कि जिले में कई ऐसे क्लिनिक संचालित हो रहे हैं, जहां बिना पर्याप्त विशेषज्ञता के इलाज किया जा रहा है और मरीजों की जान जोखिम में डाली जा रही है। स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि आखिर किन परिस्थितियों में ऐसे नर्सिंग होम और क्लिनिकों को संचालन की अनुमति दी जाती है, जहां न तो पर्याप्त चिकित्सीय व्यवस्था है और न ही विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता। सूत्रों की मानें तो जिले में कई आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से मरीजों को निजी क्लिनिकों तक पहुंचाने का नेटवर्क भी सक्रिय है। पूर्व में जांच के बाद कुछ मामलों में कार्रवाई की बात भी सामने आई थी, लेकिन अवैध रूप से चल रहे इस व्यवसाय पर प्रभावी रोक नहीं लग सकी है। घटना के बाद लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।0
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