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Akash Sharma Akash Sharma Follow1 Sept 2024, 06:32 am

मुरादाबाद से वीएचपी के केंद्रीय प्रबंधन समिति सदस्य एवं वीएचपी नेता राजकमल गुप्ता का बड़ा बयान

Moradabad, Uttar Pradesh:

असम के मुख्यमंत्री द्वारा नमाज के लिए दिए जाने वाले 2 घंटे के ब्रेक को खत्म करने के फैसले का विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के नेता राजकमल गुप्ता ने स्वागत किया है। उन्होंने देश के सभी मुख्यमंत्रियों से इसे लागू करने की मांग की। सपा के पूर्व सांसद डॉ. एस. टी. हसन द्वारा बीजेपी पर मुस्लिमों को टॉर्चर करने के आरोप पर वीएचपी नेता ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भारत में मुस्लिम सबसे ज्यादा सुरक्षित हैं और अगर किसी को टॉर्चर महसूस हो रहा है तो वह दूसरे देश में जाकर नागरिकता ले सकता है।

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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री धामी ने CSR डायलॉग में उद्योगों से राज्य विकास की अपील

Noida, Uttar Pradesh:उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप ऑफिस के मुख्य सेवक सदन में आयोजित 'उत्तराखंड CSR डायलॉग' को संबोधित करते हुए इंडस्ट्री लीडर्स से राज्य के विकास में सक्रिय रूप से योगदान देने की अपील की। कॉर्पोरेट सेक्टर, सेंट्रल पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइजेज (CPSEs), CSR पार्टनर्स, इंडस्ट्रीज़ और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हिंदू धर्मग्रंथों में तीर्थ स्थलों पर किए गए दान-पुण्य का विशेष महत्व बताया गया है। उन्होंने कहा कि इसलिए देवभूमि उत्तराखंड में किए गए CSR निवेश का महत्व और भी बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि भले ही कोई अपनी मर्जी से उत्तराखंड में पैदा न हुआ हो, लेकिन हर किसी के पास सार्थक कार्यों के माध्यम से राज्य के विकास में योगदान देने का अवसर है, और उन्होंने कंपनियों से इस अवसर का लाभ उठाने का आग्रह किया। उन्होंने उत्तराखंड में काम कर रहे कॉर्पोरेट समूहों से यह भी अपील की कि वे अपने CSR फंड को राज्य के भीतर ही खर्च करने को प्राथमिकता दें। इस कार्यक्रम के दौरान, राज्य सरकार ने राज्य में विभिन्न CSR पहलों के लिए हुंडई, L&T, इंफोसिस फाउंडेशन, ONGC, ITC, महिंद्रा लास्ट माइल मोबिलिटी लिमिटेड, आदित्य बिड़ला कैपिटल, फिनोलेक्स और पैनासोनिक के साथ MoU (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर किए।
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SIR-2026 पारदर्शिता पर सवाल बन गया धनबाद में बीएलओ द्वारा फॉर्म भरवाने के वीडियो

Dhanbad, Jharkhand:मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR-2026 को लेकर धनबाद जिला प्रशासन लगातार पारदर्शिता बनाए रखने का दावा कर रहा है। प्रशासन की ओर से स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि SIR फॉर्म भरने के लिए किसी भी व्यक्ति को पैसा देना या लेना दंडनीय अपराध है। इसके बावजूद झरिया से एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसने पूरे अभियान पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में एक कथित बीएलओ महिला मतदाताओं से SIR फॉर्म भरने के नाम पर रुपये लेते हुए दिखाई दे रही है। मामला झरिया के चिल्ड्रेन पार्क के पास वार्ड संख्या-43 का बताया जा रहा है। यहां सड़क किनारे बैठी एक महिला, जिसे स्थानीय लोग बीएलओ बता रहे हैं, मतदाताओं से SIR फॉर्म भरने के एवज में पैसे लेती नजर आ रही है। स्थानीय महिलाओं का आरोप है कि उन्होंने फॉर्म भरवाने के लिए रुपये दिए हैं। उनका कहना है कि सरकारी काम बिना पैसे के नहीं होता। स्थानीय लोगों का दावा है कि संबंधित बीएलओ भागा शालीमार क्षेत्र से यहां आकर फॉर्म भरने का काम करती हैं और लोगों से रुपये वसूलती हैं। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि वीडियो में दिख रही महिला अधिकृत बीएलओ हैं या नहीं। इसकी पुष्टि प्रशासनिक जांच के बाद ही हो सकेगी。 गौरतलब है कि एक दिन पहले ही धनबाद एसडीएम लोकेश बारंगे ने वासेपुर में पैसे लेकर SIR फॉर्म भरने वाले एक साइबर कैफे को सील किया था और लोगों से अपील की थी कि वे केवल अधिकृत बीएलओ, बीएलए-2, सुपरवाइजर या अन्य अधिकृत कर्मियों की ही सहायता लें तथा किसी को भी पैसा न दें। अब इस नए वीडियो के सामने आने के बाद जिला प्रशासन की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह SIR-2026 की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़ा करेगा। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में कब और क्या कार्रवाई करता है।
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हांसी जलभराव पर भाजपा नेताओं का धरना आठवें दिन जारी, स्थायी समाधान की मांग तेज

Hansi, Haryana:हांसी में जलभराव को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं का धरना आठवें दिन भी जारी रहा. चानौत जल आंदोलन के बाद अब हांसी शहर में भी जलभराव का मुद्दा गरमा गया है. खास बात यह है कि इस बार सत्तारूढ़ भाजपा के ही पदाधिकारी अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं. शहरवासियों का कहना है कि हांसी लंबे समय से जलभराव की समस्या से जूझ रहा है और अब इसका स्थायी समाधान होना चाहिए. आज आप पार्टी जिला प्रधान राजेंद्र सोरखी ने इनका समर्थन किया. एसडी महिला महाविद्यालय के पास वर्षों से बनी जलभराव की समस्या को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं का धरना शुक्रवार को आठवें दिन भी जारी रहा. धरने पर भाजपा युवा मोर्चा के जिला सचिव एवं मार्केट प्रधान सन्नी ईलावादी, जिन्हें हांसी विधायक का करीबी माना जाता है, अपने साथियों के साथ बैठे हैं. उन्होंने प्रशासन से जलभराव की समस्या का जल्द स्थायी समाधान करने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि समाधान नहीं हुआ तो आने वाले समय में बड़ा आंदोलन किया जाएगा. धरनारत राजीव शर्मा ने कहा कि सोए हुए शासन-प्रशासन को जगाने के लिए अब आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है. धरने को लगातार लोगों का समर्थन मिल रहा है. शुक्रवार को आम आदमी पार्टी के जिला प्रधान राजेंद्र सोरखी भी धरना स्थल पर पहुंचे और अपना समर्थन दिया. उन्होंने कहा कि हांसी की जनता वर्षों से जलभराव की समस्या से परेशान है. यदि भाजपा के अपने पदाधिकारी ही धरने पर बैठे हैं, तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर उनकी सुनवाई कौन करेगा.
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ऑपरेशन मुस्कान: खगड़िया पुलिस ने 51 मोबाइल लौटाए

Khagaria, Bihar:खगड़िया पुलिस के द्वारािएं? खगड़िया पुलिस के द्वारा ऑपरेशन मुस्कान के तहत चलाए गए अभियान में 51 मोबाइल फोन बरामद किया गया. पुलिस ने सभी बरामद फोन को उन लोगों को सौंप दिया जिन्होंने उनका फोन चोरी हो गया था या गुम हो गया था. खगड़िया एसपी भानु प्रताप सिंह ने कहा कि ऑपरेशन मुस्कान अभियान का मकसद चेहरे पर मुस्कान लाना है. इसी के तहत पिछले 15 दिनों में जिले के थाने में दर्ज फोन चोरी या गुम होने की सूचना के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 51 फोन को बरामद किया है और उनको लौटाने का काम किया है, जिससे जिन लोगों का फोन गुम हुआ था उनके चेहरों पर मुस्कान लौट आई.
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बिहार में पेंशन जारी: पैसे की पुष्टि के बाद राजनीतिक बहस तेज

Patna, Bihar:राजद के प्रवक्ता ने कहा चुनाव के पहले खाते में देने का निर्देश दिया गया था। बीच में सरकार ने कहा पैसा नहीं है। जिसके लिए 3700 करोड़ रूपया कर्ज उठाया है। अब नियमित रूप से देने की बात कह रहे हैं। लाभार्थी रोज दिन बैंक के चक्कर लगा रहे हैं नियमित रूप से पेंशन मिले तो अच्छी बात है। बिहार में सरकार ने एक बार फिर से आर्थिक लोग का शगुफा छोड़ दिया है। वोट खरीदने वाली या सरकार जनता से सूली पर आतुर थी। लेकिन अब 1100 पेंशन देने वाली बात पर लोगों को लुभा रही है। बिहार में जो पहले से नौकरी पैसा वाले लोग हैं उनको पेंशन नहीं मिल रही है। सरकार जो लुभावना वादे कर रही है यह सोचने वाली बात है कि सरकार अब कहां-कहां से लोन लेकर घी पीने वाली बात कह रही है। जेडीयू मंत्री लेशी सिंह ने कहा पहले भी 10 तारीख को पेशन सभी के खाते में दिया गया था। आज भी डीबीटी के माध्यम से सभी पेंशनधारी के खाते में पैसा भेजा गया है। सरकार गरीब लोग और वृद्ध लोग की चिंता कर रही है। कैसे लोगो को सुविधा हो इसके लिए हमारी सरकार काम कर रही है। सरकार के खाते में पैसा है तभी सभी लोगों को पेंशन दे रही है सरकार। बिहार सरकार के मंत्री केदार गुप्ता ने कहा पहले भी पेशन देने का काम शुरू किया गया था और अभी लोगों के खाते में पेंशन भेजा जा रहा है सरकार के खाते में पैसा है सभी सभी लोगों के खाते में पैसा भेजा जा रहा है और कभी बिहार में विकास का कार्य हो पा रहा है।
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संभागीय आयुक्त ने मांडल जोधा ग्रामीण शिविर में समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश दिए

Nagaur, Rajasthan:रियांबड़ी, नागौर मांडल जोधा ग्रामीण सेवा शिविर का संभागीय आयुक्त शक्ति सिंह राठौड़ ने किया औचक निरीक्षण, प्रकरणों के त्वरित निस्तारण के दिए निर्देश । एंकर - राज्य सरकार के ग्रामीण सेवा शिविर-2026 के तहत ग्राम पंचायत मांडल जोधा में आयोजित शिविर का संभागीय आयुक्त शक्ति सिंह राठौड़ ने शुक्रवार को औचक निरीक्षण किया। उन्होंने शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा आमजन से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक प्रकरण का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा पात्र व्यक्तियों को सरकारी योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जाए। इस दौरान डेगाना उपखंड अधिकारी मूलचंद लुनिया, पंचायत समिति भेरूंदा के विकास अधिकारी भंवरलाल सिंघाड़िया, सहायक विकास अधिकारी नंदकिशोर टाक, प्रशासक गौरा देवी, महेंद्र लोरा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। संभागीय आयुक्त ने शिविर में मौजूद 22 विभागों के अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि राजस्व, सामाजिक सुरक्षा, पेयजल, विद्युत, पेंशन, भूमि विवाद एवं अन्य जनसमस्याओं का मौके पर ही अधिकतम समाधान किया जाए और लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित हो। निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने अपनी विभिन्न समस्याएं संभागीय आयुक्त के समक्ष रखीं, जिन पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए निर्धारित समय सीमा में कार्रवाई करने के आदेश दिए। शिविर में पात्र लाभार्थियों को गृह स्वामित्व के पट्टों का वितरण किया गया। साथ ही वर्षों से लंबित आपसी सहमति से जुड़े बंटवारे के कई प्रकरणों का मौके पर ही निस्तारण कर ग्रामीणों को राहत प्रदान की गई। संभागीय आयुक्त शक्ति सिंह राठौड़ ने कहा कि ग्रामीण सेवा शिविरों का उद्देश्य आमजन को एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की सेवाएं उपलब्ध कराना तथा उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। उन्होंने शिविर की व्यवस्थाओं एवं विभागों के समन्वित कार्य की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार की मंशा है कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। इस अवसर पर पूर्व प्रधान जसवंत सिंह थाटा, मनीष चौधरी सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
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राजस्थान में गैप एरिया ई-नीलामी: 3-स्टार रेटिंग अनिवार्य, बंद खदानों को राहत

Jaipur, Rajasthan:अब खनन पट्टों के बीच गैप एरिया की होगी ई-नीलामी, खनन पट्टों के लिए 3 स्टार रेटिंग भी अनिवार्य! - राजस्थान माइनर मिनरल कंसेशन रूल्स 2026 द्वितीय संशोधन लागू, खनन लीजधारकों को दी गई बड़ी राहत - खनन पट्टों में गैप एरिया की होगी ई-नीलामी, सतत खनन के लिए स्टार रेटिंग अनिवार्य, बंद खदानाें के मामले में भी दी गई राहत जयपुर। राज्य सरकार ने खनन लीजधारकों को कई मायनों में बड़ी राहत दी है। एक तरफ जहां खनन पट्टों में 'गैप एरिया' की ई-नीलामी को लेकर बड़ा फैसला किया गया है। वहीं बंद पड़ी खदानوں के मामले में भी लीजधारकों को राहत दी गई है। निरंतर खनन के लिए अब 'स्टार रेटिंग' को भी अनिवार्य किया गया है।दरअसल इन संशोधनों के जरिए राजस्थान सरकार ने प्रदेश में खनन नियमों को अधिक पारदर्शी, पर्यावरण-अनुकूल और व्यावहारिक बनाने की पहल की है। खान एवं पेट्रोलियम विभाग ने एक अधिसूचना जारी करते हुए 'राजस्थान माइनर मिनरल कंसेशन रूल्स 2017' में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। इन नए नियमों को 'राजस्थान अप्रधान खनिज रियायत (द्वितीय संशोधन) नियम, 2026' कहा जाएगा। नए संशोधन के जरिए सरकार ने खनन और क्वारी पट्टों के बीच खाली बचे क्षेत्रों यानी गैप एरिया के आवंटन, अदालती आदेशों से बंद रही खदानों की अवधि विस्तार और पर्यावरण संरक्षण के लिए स्टार रेटिंग प्रणाली जैसे कई दूरगामी बदलाव किए हैं। अधिसूचना के अनुसार 'गैप एरिया' का आवंटन अब ई-नीलामी से होगा। इसके तहत 2 या 2 से अधिक माइनर मिनरल खनन पट्टों या क्वारी लाइसेंसों के बीच, या फिर वन विभाग की सीमा, आरक्षित भूमि और खातेदारी भूमि के पास बचे ऐसे छोटे क्षेत्रों को 'गैप एरिया' माना जाएगा, जो न्यूनतम निर्धारित आकार से कम हैं। ऐसे गैप एरिया को अब आस-पास के मौजूदा पट्टाधारकों/लाइसेंसधारकों के बीच ई-नीलामी के जरिए आवंटित किया जाएगा। फिर इसे सफल बोलीदाता के मौजूदा पट्टे में जोड़ दिया जाएगा। नए नियमों में यह हुए महत्वपूर्ण बदलाव - खनन पट्टों के लिए गैप एरिया का मूल्य वार्षिक डेड रेंट का 25 गुना होगा - क्वारी लाइसेंस के मामले में वार्षिक लाइसेंस शुल्क का 25 गुना रहेगा - सफल बोलीकर्ता को प्रीमियम की राशि अग्रिम जमा करानी होगी - यदि जमीन खातेदारी है, तो खातेदार का पंजीकृत सहमति पत्र देना अनिवार्य होगा - यदि गैप एरिया के पास केवल एक ही खनन पट्टा या क्वारी लाइसेंस मौजूद है - तो वह क्षेत्र सीधे उसी मौजूदा पट्टाधारक को दे दिया जाएगा - इसके लिए उसे आरक्षित मूल्य का 1.5 गुना प्रीमियम जमा कराना होगा - कोर्ट या NGT के आदेश से बंद रही माइंस को भी दी गई राहत - ऐसी खदानों के पट्टे या लाइसेंस की अवधि को उतने ही समय के लिए बढ़ाया जाएगा - बंद अवधि के दौरान पट्टाधारकों से कोई डेड रेंट या वार्षिक लाइसेंस नहीं लिया जाएगा - यह प्रावधान उन खनन पट्टों और लाइसेंसों पर भी लागू होगा - जिनकी अवधि इस नए संशोधन नियम के लागू होने से पहले ही समाप्त हो चुकी है - लेकिन यदि खनन पट्टाधारक की खुद की गलती या लापरवाही से बंद हुई - तो उसे यह लाभ नहीं मिलेगा और शुल्क देय होगा - नियम 17A में संशोधन कर प्रीमियम राशि के भुगतान को व्यवस्थित किया गया - आवंटियों को प्रीमियम की पहली किश्त (30 प्रतिशत) LOI जारी होने से पहले - दूसरी किश्त खनन पट्टा विलेख के निष्पादन से पहले जमा करानी होगी 3 स्टार रेटिंग नहीं आई तो लगेगी पैनल्टी पर्यावरण संरक्षण के लिए 'सस्टेनेबल माइनिंग' और 'स्टार रेटिंग' को अनिवार्य किया गया है। विभाग ने पर्यावरण के अनुकूल खनन को बढ़ावा देने के लिए नियमों में एक नया नियम 34A जोड़ा है। प्रत्येक खनन पट्टाधारक को हर साल 1 जुलाई से पहले पिछले वित्तीय वर्ष की अपनी गतिविधियों की सेल्फ असेसमेंट रिपोर्ट सरकार द्वारा निर्धारित 'स्टार रेटिंग' प्रारूप में संबंधित माइनिंग इंजीनियर को ऑनलाइन जमा करनी होगी। नियमों के लागू होने की तिथि या खनन कार्य शुरू होने की तिथि से तीन साल के भीतर कम से कम 'थ्री स्टार (3-Star) रेटिंग' हासिल करना और उसे हर साल बनाए रखना अनिवार्य होगा। निर्धारित समय में 3-स्टार रेटिंग हासिल न करने, उसे बरकरार न रखने या स्टार रेटिंग टेम्पलेट जमा न करने पर 30 दिनों का कारण बताओ नोटिस दिया जाएगा। इसके बाद भी अनुपालना नहीं होने पर माइनिंग इंजीनियर संबंधित खदान में खनन कार्य निलंबित कर सकेंगे। समय पर टेम्पलेट न भरने पर 500 रुपए प्रति माह और अधिकतम 5,000 रुपए का जुर्माना भी लगा सकेंगे। निलंबन तभी बहाल होगा जब निरीक्षण में खदान 3-स्टार मानकों पर खरी उतरेगी।
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