Mirzapur - भस्सी लदी टीपर वाहन चढ़ने से अधेड़ का पैर फैक्चर, मंडलीय चिकित्सालय रेफर
Halia, Uttar Pradesh:जनपद मिर्जापुर अंतर्गत हलिया थाना क्षेत्र के राजपुर गांव में मंगलवार की दोपहर को भस्सी लदी टीपर बैक करते समय पीछे खड़े अधेड़ के पैर पर चढ़ गई. जिससे अधेड़ का पैर फ्रैक्चर हो गया, सूचना पर पहुंची पुलिस ने टीपर को कब्जे में लेकर जांच पड़ताल करने में जुड़ गई है. वहीं परिजनों ने अधेड़ को उपचार हेतु मंडलीय चिकित्सालय लेकर चले गए पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार हलिया थाना क्षेत्र के राजपुर गांव में भस्सी लदी टीपर बैक करते समय पास में खड़े राजपुर गांव निवासी 62 वर्षीय कल्लन दुबे के पैर पर चढ़ जाने की वजह से अधेड़ का पैर फैक्चर हो जाने से गंभीर रूप से घायल हो गया. गनीमत थी बड़ा हादसा होने से बच गया. चीख पुकार सुनकर पहुंचे परिजनों ने आनन-फानन मे अधेड़ को बेहतर उपचार हेतु मंडलीय चिकित्सालय लेकर चले।
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5 किमी दूर नई पंचायत से नाराज़ ग्रामीण, परिसीमन फैसले के विरोध में प्रदर्शन
Churu, Rajasthan:सरदारशहर पंचायत परिसीमन पर भड़के ग्रामीण! 5 KM दूर नई पंचायत मंजूर नहीं, बोले- मांग नहीं मानी तो वोट भी नहीं देंगे! ढाणी देगां को रूपलीसर ग्राम पंचायत में शामिल करने की मांग, ग्रामीणों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन सरदारशहर क्षेत्र में पंचायत परिसीमन को लेकर विरोध तेज हो गया है। ढाणी देगां गांव के ग्रामीणों ने परिसीमन के फैसले पर नाराजगी जताते हुए उपखंड अधिकारी (एसडीएम) को ज्ञापन सौंपा और जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने मांग की कि ढाणी देगां को पुनः ग्राम पंचायत रूपलीसर में शामिल किया जाए। मांग पूरी नहीं होने पर ग्रामीणों ने आगामी पंचायतीराज चुनाव में मतदान के बहिष्कार की चेतावनी दी है。 ग्रामीणों का कहना है कि ढाणी देगां पहले ग्राम पंचायत रूपलीसर के अंतर्गत आता था। रूपलीसर गांव नजदीक होने के कारण पंचायत से जुड़े कामकाज और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए ग्रामीणों को सुविधा रहती थी। लेकिन हालिया पंचायत परिसीमन में ढाणी देगां को रूपलीसर से हटाकर नई ग्राम पंचायत देगां में शामिल कर दिया गया है, जो गांव से करीब पांच किलोमीटर दूर है。 ग्रामीणों के अनुसार, नई ग्राम पंचायत में शामिल होने से उन्हें पंचायत संबंधी कार्यों के लिए अधिक दूरी तय करनी पड़ेगी। इससे समय और आवागमन की परेशानी बढ़ सकती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि पंचायत परिसीमन करते समय गांव की भौगोलिक स्थिति, दूरी और आमजन की सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाए。 ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या को लेकर वे पहले भी उपखंड अधिकारी और जिला कलेक्टर को लिखित ज्ञापन सौंप चुके हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि अब तक उनकी मांग पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। इसी के चलते एक बार फिर ग्रामीणों ने एकजुट होकर प्रशासन के सामने अपनी मांग रखी और परिसीमन के फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील की。 ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि ढाणी देगां को पुनः ग्राम पंचायत रूपलीसर में शामिल किया जाए, ताकि उन्हें पंचायत संबंधी कार्यों में अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने उनकी मांग पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की तो आगामी पंचायतीराज चुनाव में मतदान का बहिष्कार किया जाएगा。 अब देखना होगा कि ग्रामीणों की मांग पर प्रशासन क्या कदम उठाता है और पंचायत परिसीमन को लेकर चल रहा यह विरोध आगे क्या रुख लेता है।सीईसी घोटाले पर सियासी संग्राम: झारखंड में विपक्ष ने बीजेपी पर निशाना साधा
Ranchi, Jharkhand:एसआईआर को लेकर देश भर में सियासी संग्राम छिड़ा है। इंडिया एलायंस एक जुट होकर सीईसी और केंद्र सरकार के खिलाफ हमलावर है तो वहीं झारखंड में विपक्ष की भूमिका निभा रही बीजेपी आंदोलन के टाइमिंग पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस सहित विपक्ष को घेरा तो विरोधियों ने भी जोरदार पलटवार किया कांग्रेस विधायक राजेश कच्छप सीईसी प्रकरण को लेकर कहा , राष्ट्रपति का आभार है जिन्होंने स्वीकार किया वोट चोरी हुआ है, न्यायालय में भी लोग बैठे हैं ,कुछ लोगों का रवैया लग रहा कि वो बीजेपी के कार्यकर्ता हैं। कुछ लोग समर्थन कर रहे हैं, कुछ लोग विरोध कर रहे हैं । न्याय के मंदिर में बैठे पुजारी जिनको प्रसाद देना है उनको आदमी देख कर प्रसाद नहीं देना चाहिए। लोकतंत्र में सर्वोच्च स्थान पर बैठे न्यायपालिका को चेहरा देख, पार्टी और सिद्धांत देख कर नहीं करना चाहिए। जब लोकतंत्र है संविधान है तभी न्यायपालिका है। सही दिशा देने के लिए बैठाया गया है, विपक्ष न्यायालय जाएंगे, अगर न्यायालय नहीं सुनता है तो फिर जनता के न्यायालय में जाएंगे। राहुल गांधी के साथ जो बर्ताव किया गया , लोकतंत्र का मजाक बनाया गया , पार्टी संघर्ष करेगी झामुमो महासचिव विनोद पांडे ने पलटवार करते हुए कहा, सवाल ऐसे समय में आंदोलन का नहीं है ,आपने कौन सा समय देख कर लोगो के नाम काटे हैं , आप तो बैठे बैठे चुनाव आयोग के दिल्ली कार्यालय से देश के 13 करोड़ लोगों का नाम काट दिया है। अब आपको त्यौहार याद आ रहा, नाम काटते समय कुछ नहीं देखा। अब तक क्यों नहीं बताया कि बिहार, बंगाल में हुए एसआईआर और झारखंड में चल रहे एसआईआर में कितने बंग्लादेशी का नाम काटा। जाति ,धर्म और समुदाय के नाम पर राजनीति करने वाले लोग आज हमें धर्म की पाठ पढ़ा रहे हैं।SIR के Form 6 पर सुप्रीम कोर्ट का बयान, 'न तो मंजूर और न खारिज'
New Delhi, Delhi:नई दिल्ली/अरविंद सिंह: सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा है कि उसने वोटर रजिस्ट्रेशन के लिए चुनाव आयोगके नए Form 6 को न तो मंजूरी दी है और न ही उसे खारिज किया है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि चुनाव आयोग नए Form 6 को ऐसे पेश कर रहा है, जैसे सुप्रीम कोर्ट ने उसे मंजूरी दे दी हो।
चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने चेतावनी दी कि कोर्ट की पुरानी टिप्पणियों का मतलब अपनी सुविधा के हिसाब से नहीं निकाला जाना चाहिए।
जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने स्पष्ट किया कि जब बिहार में SIR मामले की सुनवाई हुई थी, तब यह नया Form 6 मौजूद ही नहीं था। इसलिए कोर्ट की उस समय की टिप्पणियों को नए Form 6 की मंजूरी या विरोध—दोनों में से कुछ भी नहीं माना जा सकता।
