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Mirzapur231001

मिर्जापुरः आजाद अधिकार सेना ने डीएम कार्यालय पर किया प्रदर्शन, भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन की मांग

Nov 27, 2024 12:44:40
Mirzapur, Uttar Pradesh

आजाद अधिकार सेना मिर्जापुर के प्रदेश अध्यक्ष विनोद कुमार पांडे ने कहा कि सरकार शून्य फीसदी भ्रष्टाचार की बात करती है, लेकिन भ्रष्टाचार नए-नए रूप में और बड़े स्तर पर हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस भ्रष्टाचार में बड़े-बड़े उद्योगपति शामिल हैं और सरकार उनको पूरा संरक्षण दे रही है। उन्होंने कहा कि जो भी भ्रष्टाचार में शामिल है उनके खिलाफ कार्रवाई हो और प्रशासन को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के साथ-साथ शासन की व्यवस्था कायम की जाए।

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WMWaqar Manzoor
Feb 17, 2026 06:21:23
:Jammu and Kashmir Peoples Conference leader Abdul Gani Vakil expressed serious concern over the alarming situation arising from the ongoing protests by nearly 70,000 daily wage workers across various regions of the Union Territory of Jammu and Kashmir. He stated that Jammu and Kashmir is presently witnessing a grave and deeply concerning situation, as these hardworking individuals—who form the backbone of essential public services—have taken to the streets against the prolonged neglect of their genuine and long-pending demands. For years, daily wage workers have rendered dedicated services in crucial departments such as the Power Development Department, Jal Shakti Department, Floriculture Department, Horticulture Department, and Irrigation and Flood Control Department. These departments rely heavily on their services to ensure uninterrupted electricity supply, safe drinking water, irrigation facilities, and maintenance of public infrastructure. Despite their long and sincere service, these workers continue to live under constant uncertainty without job security, regularization, or adequate financial benefits. The issue of pending wages has further pushed thousands of families into financial distress. Their patience, maintained over many years, has now given way to widespread protests reflecting frustration and despair. Vakil strongly urged the Government to take immediate and concrete steps towards: Regularization of long-serving daily wage employees Immediate release of all pending wages Framing of a transparent and time-bound regularization policy Ensuring dignity, security, and social protection for these workers He emphasized that continued inaction on such a critical humanitarian and administrative issue is unacceptable. These workers are not merely employees; they are the pillars sustaining essential services across Jammu and Kashmir. Ignoring their legitimate demands will only deepen unrest and disrupt public services. He further called upon the Government to initiate meaningful dialogue at the earliest and resolve the matter with seriousness and compassion, stating that the future of thousands of families depends upon a just and fair decision.
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SBShowket Beigh
Feb 17, 2026 06:20:56
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CSChandrashekhar Solanki
Feb 17, 2026 06:19:57
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RSRAKESH SINGH
Feb 17, 2026 06:19:19
Chapra, Bihar:बच्चा चोर की अफवाह फैलने के बाद विक्षिप्त महिला की बेरहमी से पिटाई के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है. पानापुर थाना क्षेत्र के धेनुकी गांव में घटना में दो आरोपितों की पहचान कर लिए जाने की सूचना और शेष की गिरफ्तारी की जानकारी एसएसपी की प्रेस विज्ञप्ति से मिली है. वायरल वीडियो के आधार पर त्वरित जांच के बाद पुलिस ने कार्रवाई की पुष्टि की है. इस घटना में भीड़ हिंसा के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और आम लोगों से अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की गई है. क्षेत्र में पुलिस की सतर्कता बढ़ा दी गई है और शांतिपूर्ण कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की गई है.
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ARAarti Rai
Feb 17, 2026 06:19:10
Noida, Uttar Pradesh:हाइकोर्ट बोला-बंगाल सरकार जवानों से स्कूल खाली कराए: CISF को 18 कमरे मिले थे आरीजी कर मेडिकल कॉलेज में रेप के बाद तैनात हुए थे On 15 February, the Chinese community will celebrate the Lunar New Year at Pei Mei Chinese School. Out of 18 classrooms, 8 have been temporarily vacated, the State informed the Calcutta High Court. However, the school authorities claim that the classrooms have not yet been handed back to them. The High Court will take a decision today at 2 PM. Amal Sen, counsel for the State: On 15 February, the Chinese community will celebrate the Lunar New Year. Therefore, 8 classrooms of Pei Mei Chinese School have been vacated. There are a total of 18 classrooms. After discussions with the central forces, the classrooms have been cleared. However, they are being vacated only temporarily for the festival. In December, the State sought six months’ time from the court. The remaining central forces are being adjusted in the other 10 rooms. Saptanshu Basu, counsel for the school: The classrooms have still not been handed over to the school authorities. Justice Krishna Rao: By 2 PM today, the school authorities must be informed whether their classrooms have been handed back. The State must also inform the court how many central force personnel are stationed at the school and how many classrooms are required for them. Note: On 16 September 2024, the State Home Department sought the school’s cooperation. Following the horrific incident at R. G. Kar Medical College and Hospital, a request was made to accommodate 200 Central Industrial Security Force (CISF) personnel for two months to ensure security at the hospital. The State spent ₹42,73,000 to house the CISF personnel. In December, the State informed the court that if granted six months’ time, it would relocate the CISF security personnel elsewhere.
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MTMadesh Tiwari
Feb 17, 2026 06:18:57
Bihar:गोपालगंज जिले के 35 परीक्षा केंद्रों पर आज से मैट्रिक की परीक्षा शुरू हुई वही आज मंगलवार पहले दिन कई केंद्रों पर छात्राएं लेट पहुँची गेट बंद होने के कारण छात्राएं गेट तडप कर अंदर जाती दिखी वही केंद्र के बाहर पुलिस व मजिस्ट्रेट नही दिखे आज मंगलवार शहर के वीएम हाई स्कूल में मैट्रिक की परीक्षा देने आई कुछ छात्राओं से लेट हो गया वही समय से गेट बंद हो गया छात्राओं को बाहर खड़े उनके परिजनों से गेट तड़पवाकर अंदर भेज दिया वही कई लोग वीडियो बनाते दिखे जबकि केंद के बाहर कोई मजिस्ट्रेट या पुलिस बल मौजूद नही था जो छात्राओं या उनके परिजनों को वहा से हटाए सभी परीक्षा केंद्रों के बाहर धारा 126 बीएनएस लागू किया गया है
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SPShiv Pratap Singh Rajput
Feb 17, 2026 06:18:41
Jashpur Nagar, Chhattisgarh:सरकारी टीचर का 71 हजार रुपये मासिक सैलरी, बेटी को फर्जी सर्टिफिकेट से फ्री एजुकेशन....जशपुर जिले के बागबहार से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है जो सरकारी योजनाओं के दुरुपयोग की सच्चाई उजागर कर रहा है। एक सरकारी शिक्षक पर आरोप है कि उन्होंने अपनी बेटी को गरीबों के लिए बनी योजना 'पण्डित जवाहरलाल नेहरू उत्कर्ष योजना' का फायदा पहुंचाने के लिए फर्जी आय प्रमाण-पत्र बनवाया। दरअसल जशपुर जिले के बागबहार इलाके में सरकारी कन्या पूर्व माध्यमिक शाला में पदस्थ शिक्षक चमरसाय पैकरा पर गंभीर आरोप लगा है। आरोप है कि उन्होंने अपनी बेटी कुमारी उमा भारती पैकरा को 'पंडित जवाहरलाल नेहरू उत्कर्ष योजना' के तहत अनुसूचित जनजाति वर्ग में फर्जी आय प्रमाण-पत्र के आधार पर प्रवेश दिलवा दिया। दरअसल यह योजना गरीब आदिवासी बच्चों को मुफ्त आवासीय शिक्षा देती है। लेकिन चमरसाय पैकरा, जो खुद सरकारी शिक्षक (एल.बी.) हैं, अपनी असली आय छुपाकर ये फायदा उठा लिया। आप को बता दें कि वर्ष 2023-24 में मासिक सकल वेतन के आधार पर उनकी वार्षिक आय ≈ ₹7,83,360 है। लेकिन उन्होंने फर्जी तरीके से तहसीलदार के जरिए आय प्रमाण पत्र बनवाया जिसमें उनकी वार्षिक आय केवल ₹75,000 रुपये ही दिखाई गई है। इस मामले में शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि ये आय प्रमाण-पत्र सांठगांठ से बनवाया गया। इसी फर्जी दस्तावेज के आधार पर 2024-25 में बेटी को कक्षा 6वीं में एडमिशन मिल गया। चयन सूची में उसका नाम क्रमांक 08 पर था। अब वो कक्षा 7वीं में पढ़ रही है। वहीं इस मामले में पत्थलगांव एसडीओपी ध्रुवेश कुमार जायसवाल का कहना है कि उन्हें शिकायत प्राप्त हो चुकी है। और उन्होंने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। अगर कोई भी दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी。
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ACAshish Chaturvedi
Feb 17, 2026 06:18:19
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JGJugal Gandhi
Feb 17, 2026 06:17:47
Alwar, Rajasthan:भिवाड़ी के खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में सोमवार सुबह अवैध रूप से संचालित पटाखा फैक्ट्री में तेज धमाका होने के बाद भीषण आग लग गई। हादसे के वक्त फैक्ट्री में एक दर्जन से अधिक मजदूर काम कर रहे थे। बारूद में विस्फोट के बाद पूरी इमारत क्षतिग्रस्त हो गई। इस हादसे में सात मजदूरों की मौके पर ही जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि चार लोग गंभीर रूप से झुलस गए, जिन्हें इलाज के लिए दिल्ली रेफर किया गया है। मृतक बिहार के, बेहतर रोज़गार की तलाश में आए थे भिवाड़ी हादसे में जान गंवाने वाले सभी मजदूर बिहार के मोतिहारी और चंपारण जिले के बताए गए हैं। जानकारी के अनुसार, ये मजदूर रोज़गार की तलाश में यहां आए थे और फैक्ट्री परिसर में ही रहकर काम कर रहे थे। फैक्ट्री में रहने, खाने और सोने की व्यवस्था वहीं की गई थी। कपड़ा उद्योग के लिए आवंटित भूखंड पर चल रही थी अवैध पटाखा फैक्ट्री बताया जा रहा है कि जिस औद्योगिक भूखंड पर यह फैक्ट्री संचालित हो रही थी, उसे वर्ष 2005 में कपड़ा उद्योग के लिए आवंटित किया गया था। आरोप है कि भूखंड स्वामी ने करीब दो साल पहले इसे लीज पर दे दिया, जिसके बाद यहां अवैध रूप से पटाखा निर्माण का काम शुरू कर दिया गया। औद्योगिक क्षेत्र में पटाखा निर्माण की अनुमति नहीं होने के बावजूद यह गतिविधि लंबे समय से जारी थी। सुरक्षा इंतजाम नदारद, मजदूरों की जान जोखिम में डाली गई परिजनों की शिकायत में कहा गया है कि फैक्ट्री में मजदूरों की सुरक्षा के लिए कोई पुख्ता इंतजाम नहीं थे। न तो आग से बचाव के उपकरण मौजूद थे और न ही आपात स्थिति से निपटने की कोई व्यवस्था। हादसे के समय मजदूरों के पास बचने का कोई रास्ता नहीं बचा। मृतक मिंटू कुमार की एक साल पहले हुई थी शादी हादसे में जान गंवाने वाले मिंटू कुमार के परिजनों के अनुसार, उसकी शादी एक साल पहले हुई थी और वह जल्द ही घर लौटने वाला था। परिजनों का कहना है कि रोज़गार के लिए आए मजदूरों की जिंदगी लापरवाही और अवैध गतिविधियों की भेंट चढ़ गई। फैक्ट्री मालिक, ठेकेदार और सुपरवाइजर पर मामला दर्ज मृतक मिंटू के भाई की शिकायत पर उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद निवासी फैक्ट्री मालिक राजेंद्र कुमार सहित चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इसमें कोटपूतली-बहरोड़ क्षेत्र के शाहजहांपुर निवासी हेमंत कुमार, खुशखेड़ा निवासी ठेकेदार अजीत और मोतिहारी (बिहार) निवासी कंपनी सुपरवाइजर अभिनंदन के नाम शामिल हैं। शिकायत में इसे घोर लापरवाही बताते हुए कठोर कार्रवाई की मांग की गई है। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने जांच का भरोसा दिलाया घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। अवैध रूप से संचालित फैक्ट्री, सुरक्षा मानकों की अनदेखी और निगरानी तंत्र की भूमिका की भी जांच की जा रही है। औद्योगिक क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों पर सवाल इस हादसे ने औद्योगिक क्षेत्रों में चल रही अवैध गतिविधियों और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय स्तर पर मांग उठ रही है कि औद्योगिक भूखंडों के उपयोग की नियमित जांच हो और सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
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DDDHANANJAY DWIVEDI
Feb 17, 2026 06:17:11
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