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महराजगंज में डीएम के निरीक्षण के दौरान क्रॉप कटिंग से उपज का सटीक आकलन

Maharajganj, Uttar Pradesh:महराजगंज जिले के सोनरा ग्राम में क्रॉप कटिंग के दौरान जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने निरीक्षण किया। रेंडम विधि से चयनित कृषक धर्मेंद्र गौड़ के खेत में सांख्यिकीय विधि से क्रॉप कटिंग कराई गई। निर्धारित माप के अनुसार 43.3 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में कटाई की गई फसल उत्पाद 14.900 किलोग्राम पाया गया। फसल की पैदावार का वैज्ञानिक आंकलन भी किया गया ताकि जनपद में कृषि उत्पादन और उत्पादकता के सटीक आंकड़े तैयार किए जा सकें। डीएम संतोष कुमार शर्मा ने कहा कि क्रॉप कटिंग प्रयोग कृषि आंकलन की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से जिले की औसत उपज निर्धारित की जाती है। इन आंकड़ों के आधार पर कृषि उत्पादन के साथ-साथ प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत फसल क्षति का भुगतान किया जाता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी ब्लॉकों में क्रॉप कटिंग प्रयोग पारदर्शिता एवं वैज्ञानिक पद्धति से समयबद्ध रूप से पूर्ण किए जाएं ताकि कृषकों को योजनाओं का अधिकतम लाभ मिल सके। इस अवसर पर किसानों से संवाद कर उन्हें उन्नत कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। मौसम और प्राकृतिक आपदाओं से फसल को होने वाले नुकसान की स्थिति में बीमा योजना किसानों के लिए सुरक्षा कवच का कार्य करती है।
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शिक्षा के मंदिर में रील्स का क्रेज: कॉलेज प्रशासन क्या कदम उठाता है?

Begusarai, Bihar:एंकर बेगूसराय से एक हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई है, जहां शिक्षा के मंदिर में पढ़ाई की जगह अब रील्स बनाने का ट्रेंड तेजी से बढ़ता नजर आ रहा है। मामला श्री कृष्ण महिला कॉलेज का है, जहां छात्राएं खुलेआम कॉलेज परिसर में रील्स बनाने में व्यस्त दिख रही हैं। बेगूसराय के श्री कृष्ण महिला कॉलेज से आई ये तस्वीरें कई सवाल खड़े कर रही हैं। जहां एक ओर कॉलेज को पढ़ाई और अनुशासन का केंद्र माना जाता है, वहीं दूसरी ओर यहां छात्राएं पढ़ाई छोड़ सोशल मीडिया के लिए रील्स बनाने में मशगूल नजर आ रही हैं। बताया जा रहा है कि युवा छात्राओं में रील्स बनाने का क्रेज इतना बढ़ गया है कि वे कहीं भी, कभी भी वीडियो बनाने से परहेज नहीं कर रही हैं। कॉलेज परिसर, जो पढ़ाई के लिए बना है, अब मनोरंजन का माध्यम बनता जा रहा है। कुछ छात्राओं ने खुद भी इस पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि माता-पिता उन्हें पढ़ाई के लिए कॉलेज भेजते हैं, लेकिन यहां पढ़ाई से ज्यादा ध्यान रील्स बनाने पर दिया जा रहा है। उन्होंने इसे गलत बताते हुए कहा कि कॉलेज में इस तरह की गतिविधियों पर روک लगनी चाहिए। छात्राओं का यह भी कहना है कि अगर कॉलेज प्रशासन सख्ती से नियम लागू करे, तो इस तरह की गतिविधियां तुरंत बंद हो सकती हैं। लेकिन फिलहाल हालात ऐसे हैं कि कॉलेज प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ नजर आ रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल होने की होड़ में छात्राएं क्या सही और क्या गलत, इसका फर्क भूलती जा रही हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या शिक्षा के मंदिर में अनुशासन और पढ़ाई को फिर से प्राथमिकता मिल पाएगी। अब देखना होगा कि इस मामले में कॉलेज प्रशासन क्या कदम उठाता है और क्या शिक्षा के इस मंदिर में फिर से पढ़ाई का माहौल बहाल हो पाता है या नहीं।
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गया के मगध मेडिकल में स्ट्रेचर नहीं मिलने पर मरीज स्कूटी से अस्पताल गया

Gaya, Bihar:मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में लापरवाही का आरोप: स्ट्रेचर न मिलने पर स्कूटी से मरीज को ले जाना पड़ा गया: बिहार के गया में मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल से सोमवार को एक दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है, जिसने एक बार फिर सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि अस्पताल में स्ट्रेचर की सुविधा नहीं मिलने के कारण एक युवक को अपनी बीमार दादी, प्यारी देवी, को स्कूटी से ही दूसरे प्राइवेट अस्पताल ले जाना पड़ा। जानकारी के अनुसार, प्यारी देवी को सांस लेने में तकलीफ (हफनी) की शिकायत के बाद उनके पोते द्वारा मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का कहना है कि अस्पताल पहुंचने के बाद न तो मरीज को तुरंत उचित इलाज मिला और न ही डॉक्टर समय पर उपलब्ध थे। स्थिति बिगड़ती देख परिजनों ने मरीज को दूसरे अस्पताल ले जाने का निर्णय लिया। इस दौरान सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जब मरीज को ले जाने के लिए अस्पताल प्रशासन से स्ट्रेचर मांगा गया, तो कथित रूप से यह कह दिया गया कि स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं है। मजबूरी में युवक ने अपनी दादी को स्कूटी पर बैठाया और उन्हें प्राइवेट अस्पताल ले जाने के लिए निकल पड़ा। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोगों में आक्रोश पैदा कर रहा है। परिजनों ने आरोप लगाया कि अगर समय पर डॉक्टर उपलब्ध होते और अस्पताल में बुनियादी सुविधाएं मिल जातीं, तो उन्हें इस तरह जोखिम उठाकर मरीज को ले जाने की जरूरत नहीं पड़ती। उनका कहना है कि यह घटना न केवल अस्पताल की लापरवाही को दर्शाती है, बल्कि यह मानवता के खिलाफ भी है। वहीं, इस पूरे मामला पर अस्पताल प्रशासन ने अलग रुख अपनाया है। अस्पताल के अधीक्षक डॉ. किशोर कुमार सिंह ने कहा कि यह मामला अभी उनके संज्ञान में नहीं है। उन्होंने यह भी दावा किया कि अस्पताल में स्ट्रेचर की कोई कमी नहीं है। हालांकि, उन्होंने यह आश्वासन जरूर दिया कि यदि ऐसा कोई मामला सामने आता है, तो इसकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत को उजागर कर दिया है। सरकारी अस्पतालों में अक्सर संसाधनों की कमी और प्रबंधन की लापरवाही की शिकायतें सामने आती रहती हैं। ऐसे में यह मामला प्रशासन के लिए एक चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।
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अजमेर के पुष्कर में जमीन पर कंपनी का खातेदारी, ताला और बिक्री से इनकार

Jaipur, Rajasthan:अजमेर जिले के पुष्कर क्षेत्र स्थित गनाहेड़ा गांव की उक्त जमीन दस्तावेज के अनुसार यह भूमि राज सरकार के नाम दर्ज है, जबकि खातेदारी अधिकार एक कंपनी के नाम दर्ज बताए गए हैं।कंपनी का नाम लोटस एग्रीकल्चर एण्ड मार्केटिंग कॉ. ऑपरेटिव सोसायटी लि. 123 फस्ट फलोर सनसिटी बिजनेस टावर गोल्फकोर्स रोड सेक्टर 54 गुडगांव (हरियाणा) खातेदार जरिये आफिसर सिंगल आशीष कुमार पुत्र गजेन्द्र सारन हिस्सा- पूर्ण खातेदार, जमाबंदी में खाता संख्या 993 और 992 के अंतर्गत अलग-अलग खसरा नंबरों की भूमि का उल्लेख किया गया है, जिनका कुल रकबा भी स्पष्ट रूप से दर्ज है।रिकॉर्ड के अनुसार इस भूमि में नामांतरण न्यायालय के आदेश और जिला कलेक्टर अजमेर के निर्देशों के आधार पर किया गया है, जिसकी प्रविष्टि राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज की गई है। वहीं मौके की स्थिति के अनुसार फिलहाल इस संपत्ति पर ताला लगा हुआ है और मुख्य प्रवेश द्वार पर “यह संपत्ति बिकाऊ नहीं है” का बोर्ड लगा हुआ है, साथ ही संबंधित कंपनी का नाम भी अंकित है।स्थानीय जानकारी के अनुसार इस जमीन तक पहुंचने के दो रास्ते हैं, जिनमें एक मार्ग पुष्कर के नए मेला मैदान से अजमेर विकास प्राधिकरण की योजना के बीच से होकर गुजरता है, जबकि दूसरा रास्ता गनाहेड़ा गांव के भीतर से जाता है।यह भी सामने आया है कि भूमि से जुड़े मामलों में पूर्व में न्यायालयीन प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है, जिसके बाद ही रिकॉर्ड में संशोधन किया गया। फिलहाल यह संपत्ति बंद स्थिति में है ।अजमेर जिले के पुष्कर क्षेत्र स्थित गनाहेड़ा गांव की उक्त जमीन दस्तावेज के अनुसार यह भूमि राज सरकार के नाम दर्ज है, जबकि खातेदारी अधिकार एक कंपनी के नाम दर्ज बताए गए हैं।कंपनी का नाम लोटस एग्रीकल्चर एण्ड मार्केटिंग कॉ. ऑपरेटिव सोसायटी लि. 123 फस्ट फलोर सनसिटी बिजनेस टावर गोल्फकोर्स रोड सेक्टर 54 गुडगांव (हरियाणा) खातेदार जरिये आफिसर सिंगल आशीष कुमार पुत्र गजेन्द्र सारन हिस्सा- पूर्ण खातेदार, जमाबंदी में खाता संख्या 993 और 992 के अंतर्गत अलग-अलग खसरा नंबरों की भूमि का उल्लेख किया गया है, जिनका कुल रकबा भी स्पष्ट रूप से दर्ज है।रिकॉर्ड के अनुसार इस भूमि में नामांतरण न्यायालय के आदेश और जिला कलेक्टर अजमेर के निर्देशों के आधार पर किया गया है, जिसकी प्रविष्टि राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज की गई है। वहीं मौके की स्थिति के अनुसार फिलहाल इस संपत्ति पर ताला लगा हुआ है और मुख्य प्रवेश द्वार पर “यह संपत्ति बिकाऊ नहीं है” का बोर्ड लगा हुआ है, साथ ही संबंधित कंपनी का नाम भी अंकित है।स्थानीय जानकारी के अनुसार इस जमीन तक पहुंचने के दो रास्ते हैं, जिनमें एक मार्ग पुष्कर के नए मेला मैदान से अजमेर विकास प्राधिकरण की योजना के बीच से होकर गुजरता है, जबकि दूसरा रास्ता गनाहेड़ा गांव के भीतर से जाता है।यह भी सामने आया है कि भूमि से जुड़े मामलों में पूर्व में न्यायालयीन प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है, जिसके बाद ही रिकॉर्ड में संशोधन किया गया। फिलहाल यह संपत्ति बंद स्थिति में है ।अजमेर जिले के पुष्कर क्षेत्र स्थित गनाहेड़ा गांव की उक्त जमीन दस्तावेज के अनुसार यह भूमि राज सरकार के नाम दर्ज है, जबकि खातेदारी अधिकार एक कंपनी के नाम दर्ज बताए गए हैं।कंपनी का नाम लोटस एग्रीकल्चर एण्ड मार्केटिंग कॉ. ऑपरेटिव सोसायटी लि. 123 फस्ट फलोर सनसिटी बिजनेस टावर गोल्फकोर्स रोड सेक्टर 54 गुडगांव (हरियाणा) खातेदार जरिये आफिसर सिंगल आशीष कुमार पुत्र गजेन्द्र सारन हिस्सा- पूर्ण खातेदार, जमाबंदी में खाता संख्या 993 और 992 के अंतर्गत अलग-अलग खसरा नंबरों की भूमि का उल्लेख किया गया है, जिनका कुल रकबा भी स्पष्ट रूप से दर्ज है।रिकॉर्ड के अनुसार इस भूमि में नामांतरण न्यायालय के आदेश और जिला कलेक्टर अजमेर के निर्देशों के आधार पर किया गया है, जिसकी प्रविष्टि राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज की गई है। वहीं मौके की स्थिति के अनुसार फिलहाल इस संपत्ति पर ताला लगा हुआ है और मुख्य प्रवेश द्वार पर “यह संपत्ति बिकाऊ नहीं है” का बोर्ड लगा हुआ है, साथ ही संबंधित कंपनी का नाम भी अंकित है।स्थानीय जानकारी के अनुसार इस जमीन तक पहुंचने के दो रास्ते हैं, जिनमें एक मार्ग पुष्कर के नए मेला मैदान से अजमेर विकास प्राधिकरण की योजना के बीच से होकर गुजरता है, जबकि दूसरा रास्ता गनाहेड़ा गांव के भीतर से जाता है।यह भी सामने आया है कि भूमि से जुड़े मामलों में पूर्व में न्यायालयीन प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है, जिसके बाद ही रिकॉर्ड में संशोधन किया गया। फिलहाल यह संपत्ति बंद स्थिति में है ।अनुमानित रेट इस स्थान पर 30 हजार रुपए है
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परतावल में एचपीवी टीकाकरण अभियान का शुभारंभ, अब रोज़ाना लगेगा निशुल्क टीका

Dipu RawatDipu RawatFollow15m ago
Parasa Buzurg, Uttar Pradesh:महराजगंज जनपद के परतावल स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर एचपीवी (HPV) टीकाकरण अभियान का शुभारंभ पनियरा विधायक ज्ञानेंद्र सिंह द्वारा किया गया। इस अभियान के तहत अब केंद्र पर प्रतिदिन एचपीवी वैक्सीन लगाई जाएगी। स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह टीका उन बालिकाओं के लिए है जिन्होंने 14 वर्ष की आयु पूरी कर ली है, लेकिन अभी 15 वर्ष की नहीं हुई हैं। अभिभावकों से अपील की गई है कि वे अपनी बेटियों को समय पर केंद्र पर लाकर टीकाकरण अवश्य कराएं। विशेष बात यह है कि यह वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है और बाजार में इसकी कीमत लगभग 10 हजार रुपये से अधिक होती है, लेकिन सरकार द्वारा इसे निशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। टीकाकरण के लिए आने वाली बालिका का आधार कार्ड तथा माता या पिता का मोबाइल नंबर साथ लाना अनिवार्य किया गया है। सीएचसी परतावल अधीक्षक अनिल जायसवाल ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने अधिक से अधिक लोगों से इस सुविधा का लाभ उठाने और बेटियों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए आगे आने की अपील की है।
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गांधी पार्क के सामने कचरे का ढेर, सादुलपुर में सफाई व्यवस्था सवालों के घेरे में

Churu, Rajasthan:सादुलपुर शहर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमराती नजर आ रही है। गांधी पार्क के सामने ही कचरे का बड़ा ढेर लगा हुआ है, जिससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गांधी पार्क शहरवासियों के लिए सुबह-शाम टहलने और समय बिताने का प्रमुख स्थान है। रोजाना बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचते हैं, लेकिन पार्क के बाहर फैली गंदगी और कचरे के ढेर ने पूरे माहौल को खराब कर दिया है। बदबू और गंदगी के कारण लोगों को यहां रुकना तक मुश्किल हो रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर पालिका की कचरा संग्रहण गाड़ियां समय पर नहीं पहुंच रही हैं, जिससे जगह-जगह कचरा जमा हो रहा है। उन्होंने बताया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। शहरवासियों ने नगर पालिका प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि विकास के नाम पर सिर्फ दिखावा हो रहा है, जबकि जमीनी स्तर पर हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि राजगढ़ में वास्तविक विकास नहीं हो रहा, बल्कि विकास के नाम पर जनता के साथ धोखा किया जा रहा है।
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समस्तीपुर में आगजनी के खतरे के बीच अग्निशमन अलर्ट; 23 दमकल गाड़ी तैनात

Samastipur, Bihar:समस्तीपुर में बढ़ती आगजनी की घटनाओं पर अग्निशमन विभाग अलर्ट, लोगों से सावधानी बरतने की अपील । जिले में 23 दमकल गाड़ी और 136 कर्मी तैयार । एंकर : समस्तीपुर जिले में बढ़ती आगजनी की घटनाओं को देखते हुए जिला अग्निशमन विभाग ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। बढ़ते तापमान और पछुआ हवाओं के बीच आग लगने की आशंका को लेकर विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में है। विभाग का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को आग से बचाव के प्रति जागरूक करना और सुरक्षा मानकों की जानकारी देना है। हाल के दिनों में हुई अधिकांश आगजनी की घटनाओं के पीछे मानवीय लापरवाही प्रमुख कारण रही है। उन्होंने कहा कि अगर लोग अपनी दैनिक दिनचर्या में थोड़ी सावधानी बरतें, तो जान-माल के भारी नुकसान को रोका जा सकता है। उन्होंने कहा, “आग लगने के बाद उसे बुझाने से कहीं बेहतर है कि ऐसी परिस्थितियां ही न बनने दी जाएं जिससे आग लगे। विभाग ने बताया कि रसोई गैस और शॉर्ट सर्किट आग लगने के सबसे बड़े कारण हैं। उन्होंने सलाह दी कि भोजन बनाने के बाद गैस रेगुलेटर अवश्य बंद करें और समय-समय पर गैस पाइप की जांच कराते रहें। गर्मियों में बिजली के उपकरणों पर बढ़ते लोड से तार गर्म होकर शॉर्ट सर्किट का कारण बनते हैं, इसलिए पुराने और जर्जर तारों को तुरंत बदलने तथा गुणवत्तापूर्ण बिजली उपकरणों के उपयोग की सलाह दी गई। विभाग ने कहा कि अब केवल व्यावसायिक प्रतिष्ठानों ही नहीं, बल्कि हर घर में छोटे फायर एक्सटिंग्विशर (अग्निशमन यंत्र) का होना जरूरी है। आग लगने के शुरुआती 5 से 10 मिनट को ‘गोल्डन टाइम’ बताते हुए कहा गया कि इस दौरान आग को नियंत्रित किया जा सकता है। साथ ही केरोसिन, पेट्रोल और सूखे कचरे जैसे ज्वलनशील पदार्थों को रिहायशी इलाकों से दूर रखने और बच्चों की पहुंच से माचिस व लाइटर दूर रखने की हिदायत दी गई। अधिकारियों ने अपील की कि आग लगने की स्थिति में घबराएं नहीं, बल्कि सबसे पहले बिजली का मुख्य स्विच बंद करें और तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दमकल की टीम 24 घंटे किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। इसके लिए 23 दमकल की गाड़ी व 136 अग्निशमन कर्मी तैनात है। अग्निशमन विभाग आने वाले दिनों में सार्वजनिक स्थानों और ग्रामीण क्षेत्रों में मॉक ड्रिल एवं जागरूकता अभियान चलाएगा, ताकि सुरक्षा का संदेश जन-जन तक पहुंचाया जा सके।
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उज्जैन महाकाल मंदिर में 29.941 किग्राम चाँदी दान, आस्था की गूंज

Ujjain, Madhya Pradesh:पगड़ी, मुकुट, मुण्डमाला से लेकर डमरू-घंटी तक, भगवान महाकाल को समर्पित भव्य रजत सामग्री\n\nउज्जैन \n\nधर्मनगरी उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर में एक बार फिर श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत उदाहरण देखने को मिला। अहमदाबाद (गुजरात) से भगवन महाकालेश्वर के दर्शन के लिए पहुंचे दानदाता महेश भाई भगवान दास ठाकुर ने भगवान महाकाल को भव्य चांदी की श्रृंगार सामग्री भेंट की।\n\nदान स्वरूप अर्पित की गई सामग्री में चांदी की पगड़ी, गंगाजली युक्त मुकुट, नागफन जड़ित मुकुट, सूर्यकिरण जड़ित मुकुट, चंद्रमा युक्त मुकुट, चांदी की मुण्डमाला, कुण्डल, कटोरा, धूपिया, गरुड़, डमरू-घंटी, रुद्राक्ष माला, त्रिपुण्ड, चंवर, चंद्रमा, नेत्र सहित अन्य विशेष रजत श्रृंगार सामग्री शामिल है।\n\nमंदिर प्रशासन के अनुसार, इन सभी चांदी की सामग्रियों का कुल वजन जड़ित वस्तुओं सहित 29 किलो 941 ग्राम दर्ज किया गया है।\n\nइस अवसर पर महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की ओर से उप प्रशासक एस.एन. सोनी ने दानदाता का स्वागत کرتے हुए उनका सम्मान किया और उनके इस धार्मिक योगदान की सराहना की।\n\nमहाकाल मंदिर में इस प्रकार के दान और अर्पण श्रद्धालुओं की अटूट आस्था और भगवान महाकाल के प्रति गहरी भक्ति को दर्शाते हैं।
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मेड़ता रोड रेलवे विभाग के 46 लाख बकाए पर अधिकारी ठेकेदार के पक्ष में

Nagaur, Rajasthan:HEADLINE - मेड़ता रोड रेलवे विभाग का बिजली बिल का 46 लाख बकाया और अधिकारी ठेकेदार पर हुए मेहरबान BODY - उत्तर पश्चिम रेलवे जोधपुर मंडल के मेड़ता रोड रेलवे विद्युत विभाग के अजमेर विद्युत वितरण निगम का 46 लाख रुपए बकाया होने के बावजूद अधिकारी ठेकेदार पर मेहरबानी बरसा रहे हैं। मेड़ता रोड में कंडम क्वार्टर तोड़ने का काम ठेकेदार द्वारा करवाया जा रहा है। अधिकारियों की सांठगांठ से ठेकेदार रेलवे की बिजली चुरा कर भारी भरकम ग्राइंडर کا दिन भर उपयोग कर लाखों रुपए की बिजली चुरा रहे हैं। आपको बता दें कि अजमेर विद्युत वितरण निगम का बकाया जमा नहीं करने पर पूर्व में भी 2-3 दिनों तक रेलवे की विद्युत आपूर्ति बंद कर दी गई थी जिसे रेल परिवारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा था।
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सहरसा: दीवार निर्माण के विवाद में दो पक्ष भिड़े, महिला-पुरुष घायल; पुलिस जांच शुरू

Saharsa, Bihar:एंकर - खबर सहरसा से है जहाँ सलखुआ थाना क्षेत्र बहुरवा भरना गांव में उस वक्त अफरा तफरी का माहौल हो गया जब दीवार निर्माण के दौरान दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट और पत्थर बाजी शुरू हो गई जिसके बाद देखते ही देखते पूरा इलाका रणक्षेत्र में तब्दील हो गया. इस पूरी घटना का विडियो भी सामने आया है. तस्वीरों में आप देख सकते हैं कि दोनों पक्ष के लोग एक दूसरे पर किस तरह ईंट पथ्थर फेंक रहे हैं और फिर उसके बाद दोनों पक्षों के बीच मारपीट शुरू हो जाता है इस दौरान वहां मौजूद लोग एक दूसरे पर लात घुसо और ईंट से प्रहार करते नजर आ रहे हैं. मारपीट की इस घटना में एक पक्ष की एक महिला और एक पुरूष गंभीर रूप से घायल हो गए जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. घटना को लेकर एक पक्ष के लोगों ने थाने में आवेदन देकर दूसरे पक्ष पर आरोप लगाया है कि घर के पास दीवार निर्माण का विरोध करने पर दूसरे पक्ष के लोगों ने मारपीट शुरू कर दी. इधर घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है.
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पटना में मिट्टी के घड़े पानी से गर्मी में राहत, स्वास्थ्य व स्वाद बढ़िया

Patna, Bihar:पटना, अप्रैल की शुरुआत में बढ़ती गर्मी के बीच राजधानी पटना में मिट्टी के घड़ों की मांग तेज हो गई है। लोग गर्मी से राहत पाने के लिए ठंडे पानी का सहारा लेते हैं लेकिन लोग अब फ्रिज के ठंडे पानी की जगह मिट्टी के घड़े का शुद्ध और ठंडा पानी पसंद कर रहे हैं जिसको लेकर पटना की बाजारों में अलग अलग डिजाइन के घड़े देखने को मिल रहे हैं। मिट्टी के घड़े के कई फायदे भी हैं, गर्मी के मौसम में मिट्टी के घड़े का पानी न सिर्फ प्यास बुझाता है बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद माना जाता है। घड़े में रखा पानी प्राकृतिक रूप से ठंडा होता है, जो शरीर को संतुलित ठंडक देता है और गले पर किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाता। फ्रिज के ठंडे पानी की तुलना में यह ज्यादा सुरक्षित होता है। बाज़ार में 180 रुपए से लेकर 1000 तक के घड़े और बोतलें मिल जायेंगी।
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पटना के बिहटा में देर रात आग, बाइक और सामान जलकर लाखों नुकसान

Danapur, Bihar:पटना जिले के बिहटा थानाक्षेत्र के बिहटा टोला में एक घर में अचानक देर रात्रि आग लग गई ।इधर आग लगते ही अफरा तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों तत्काल इसकी जानकारी स्थानीय प्रशासन और दमकल को दिया जहां दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। मिली जानकारी के अनुसार बिहटा टोला निवासी विकास राज उर्फ सुशील कुमार के घर में अचानक देर रात्रि घर में आग लग गई आग लगते ही लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। विकास राज ने बताया कि लगभग 11:30 बजे रात्रि में पता चला कि मेरे घर के आगे वाले हिस्से में अचानक आग लग गई है इस घटना में अंदर रखा दो बाइक और कुछ सामान जल गए।जब घर पर आया था तो सब कुछ ठीक था मुझे सके किसी ने जानबूझकर आग लगाई है। हालाकेश घटना में किसी की जान तो नहीं गई लेकिन लगभग 1 लाख से अधिक का नुकसान बताया जा रहा है।
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