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Khanna SainiKhanna SainiFollow5 Sept 2024, 04:40 am
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चूरू के मेडिकल कॉलेज में 146 पद खत्म के विरोध में नर्सिंग स्टाफ प्रदर्शन

Churu, Rajasthan:चूरू। राजमेस के अधीन चूरू की पंडित दीनदयाल उपाध्याय मेडिकल कॉलेज के 146 नियमित पदों सहित प्रदेश की सात मेडिकल कॉलेजों में 1267 नियमित पदों को खत्म कर दिया गया हैं। अब यहां राजस्थान कॉट्रैक्चुअल हायरिंग सिविल पोस्ट रूल्स के तहत पदों पर नियुक्ति की जा रही हैं। प्रदेश सरकार के इस आदेश के बाद चूरू में नर्सिंग स्टाफ में काफी आक्रोष व्याप्त हैं। सोमवार को डीबी अस्पताल में मेडिकल कॉलेज के नर्सिंग अफिसर सामूहिक अवकाश पर रहे। इसके चलते अस्पताल की व्यवस्थाएं लड़खड़ाने की आशंका थी। मगर राजमेस से आये नर्सिंग आफिसर ने व्यवस्थाओं को संभाली। राजमेस से आये नर्सिंग आॅफिसर के कारण अस्पताल में व्यवस्थाएं लड़खड़ाने की बजाय व्यवस्था को बनाये रखा। सामूहिक अवकाश लेकर धरने पर बैठे नर्सिंग अधिकारी ने जमकर नारेबाजी की। इस संबंध में मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डा रमाकांत वर्मा ने बताया कि मेडिकल कॉलेज के नर्सिंग अफसर अपनी मांगों को लेकर सोमवार को सामूहिक अवकाश पर थे। मगर राजमेस से नर्सिंग अफसर ने अस्पताल की व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से बनाये रखा। डा वर्मा ने बताया कि नर्सिंग अफसर के सामूहिक अवकाश पर होने के बाद भी अस्पताल में व्यवस्थाएं सुगम व सुचारू रही। डीबी अस्पताल के नर्सिंग अफसर प्रदीप चौधरी ने बताया कि नियमित पद समाप्त होने के बाद इन कार्मिकों की स्थिति क्या होगी। इसको लेकर काफी असमंजस की स्थिति बन गयी हैं। इसको लेकर नर्सिंग अफसर ने मुख्यमंत्री, चिकित्सा मंत्री व शासन सचिव के नाम ज्ञापन सौंपा।
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कोटा में राहुल गांधी के छात्र संवाद के लिए महिला कांग्रेस ने जिम्मेदारियां सौंपी

Kota, Rajasthan:कोटा में राहुल गांधी के छात्र संवाद को लेकर महिला कांग्रेस की बैठक, जिम्मेदारियां सौंपी लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के 17 जून को कोटा में होने वाले छात्र संवाद कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर गुमानपुरा कांग्रेस कार्यालय में महिला कांग्रेस की बैठक हुई। महिला कांग्रेस शहर जिलाध्यक्ष शालिनी गौतम के नेतृत्व में आयोजित बैठक में राष्ट्रीय सचिव व राजस्थान प्रभारी दीप्ति सिंह और शहर जिला अध्यक्ष राखी गौतम मुख्य अतिथि रहीं। बैठक में कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाने के लिए पदाधिकारियों को जनसंपर्क, छात्र समन्वय और वार्डवार संपर्क की जिम्मेदारियां सौंपी गईं। दीप्ति सिंह ने बताया कि राहुल गांधी 17 जून शाम 5:30 बजे दशहरा मैदान स्थित श्रीराम रंगमंच पर युवाओं से सीधा संवाद करेंगे और नीट धांधली व बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर चर्चा करेंगे। शालिनी गौतम ने युवाओं और महिलाओं से बड़ी संख्या में जुटने का आह्वान किया। बाइट शालिनी गौतम
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यमुनानगर बुजुर्ग किसान के जमीन हड़पने के आरोप, पुलिस से जवाब की मांग

Yamuna Nagar, Haryana:यमुनानगर में एक बुजुर्ग किसान गुरदेव सिंह और उनके परिवार ने करोड़ों रुपये की जमीन हड़पने के गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस कार्यालय में न्याय की गुहार लगाई है. गांव मुजफ्फरपुर निवासी परिवार का कहना है कि कुछ लोगों ने योजनाबद्ध तरीके से गुरदेव सिंह को अपने जाल में फंसाकर उनकी कृषि भूमि की रजिस्ट्री करवा ली. पत्नी अवनीत कौर ने दावा किया कि जमीन की वास्तविक कीमत करीब 1.25 करोड़ रुपये प्रति एकड़ है. परिवार के अनुसार मार्च 2026 में गुरदेव सिंह लापता हो गए थे; तलाश के बावजूद उनका पता नहीं चला. आरोपियों ने कथित रूप से फर्जी दस्तावेज बनाकर जमीन का सौदा कर लिया. पुलिस ने बयान दर्ज किए हैं, लेकिन अभी ठोस कार्रवाई नहीं हुई और शिकायत के बाद धमकियां मिलने की बात भी कही. पीड़ित परिवार ने अपहरण, धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज, जमीन हड़पने और धमकी के आरोपों में सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है. गुरदेव सिंह ने कहा कि उनका परिवार प्रशासन और न्याय व्यवस्था से उम्मीद रखता है; अब पुलिस जांच पर निर्भर है कि आरोपों में कितनी सच्चाई निकलती है और पीड़ित परिवार को न्याय कब मिलता है.
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अनुप्रिया पटेल ने सुल्तानपुर में पार्टी मजबूत करने की रणनीति की घोषणा

Sultanpur, Uttar Pradesh:अपना दल की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल ने आज सुल्तानपुर में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर आगामी चुनाव के लिए पार्टी को और मजबूत करने की रणनीति बनाई। उन्होंने तमाम योजनाओं का जिक्र करते हुए एनडीए की सरकार को सबसे बेहतर सरकार बताया। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की बात हो तो 2014 से लेकर अभी तक एनडीए ही लोगों की पहली पसंद रहा है और मुझे पूरा भरोसा है कि केंद्र और उत्तर प्रदेश की सरकार द्वारा दी जा रही योजनाएं जनता की पहली पसंद एनडीए ही होगी। आगामी चुनाव में सीटों को लेकर अब तक कोई बातचीत नहीं हुई है—यह बहुत जल्दबाजी होगी। उनका पहला प्रयास अपना दल को और मजबूत करना है ताकि एनडीए की जीत सुनिश्चित हो और उस जीत में अपना दल 100% भागीदारी करे। अयोध्या में राम मंदिर में हुई चोरी के विषय को गंभीर बताते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने संज्ञान ले लिया है, एसआईटी का गठन हो गया है। उन्होंने मांग की कि इसमें जो भी दोषी हो उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिले क्योंकि मंदिर के साथ करोड़ों लोगों की आस्थाएं जुड़ी हुई हैं। अखिलेश यादव की बेटी के प्रकरण पर अनुप्रिया ने कहा कि हम अलग-अलग दल के लोग हैं, हमारी लड़ाई वैचारिक है और राजनीतिक दलों के लोगों को वैचारिक लड़ाई लड़नी चाहिए; किसी की भी बेटी और परिवार की हो उसकी वह घोर निंदा करती हैं—यह स्वीकार नहीं किया जा सकता। राज्य सरकार ने प्राथमिक की दर्ज कार्यवाही करने का निर्देश भी दे दिया है। समाज की हर बिटिया हमारी बिटिया है।
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रामपुर के खेत में युवक की मौत, प्रेम प्रसंग से जुड़ी हत्या की आशंका

Rampur, Uttar Pradesh:रामपुर में खेत में मिला 24 वर्षीय युवक का शव, इलाके में सनसनी, प्रेम प्रसंग में हत्या की आशंका, महिला समेत 3 लोग हिरासत में, चेहरे पर गंभीर चोट के निशान, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार, रामपुर के अजीमनगर थाना क्षेत्र में एक युवक का शव खेत में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई, मृतक मुरादाबाद का रहने वाला था और पिछले करीब दो वर्षों से अजीमनगर क्षेत्र में रहकर मजदूरी कर रहा था, पुलिस को प्रथम दृष्टया मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा लग रहा है, पुलिस ने शक के आधार पर एक महिला समेत तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, अजीमनगर थाना क्षेत्र के खंडिया गांव के पास उस समय हड़कंप मच गया जब खेत में एक युवक का शव पड़ा मिला, सूचना मिलते ही ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जमा हो गई, घटना की जानकारी पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी, मृतक की पहचान मुरादाबाद जनपद के थाना छजलेट क्षेत्र के दयानाथपुर गांव निवासी 24 वर्षीय मनोज के रूप में हुई है, बताया जा रहा है कि मनोज पिछले करीब दो वर्षों से अजीमनगर क्षेत्र में रहकर मजदूरी करता था, पुलिस की शुरुआती जांच में मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा होने की आशंका सामने आ रही है, पुलिस के अनुसार युवक के चेहरे पर गंभीर चोटों के निशान मिले हैं, उसके मुंह और जबड़े पर किसी भारी वस्तु से हमला किए जाने की आशंका है, हमला में उसका जबड़ा टूट गया और नाक से खून निकल रहा था, पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, घटना के खुलासे के लिए पुलिस ने एक महिला समेत तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिससे मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा
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दीवानी अदालत परिसर में फैसले से नाराज युवक ने पेड़ पर चढ़कर हंगामा मचाया

Maharajganj, Uttar Pradesh:महराजगंज हत्या के 21 वर्ष पुराने मामले में आए फैसले से असंतुष्ट होकर युवक पेड़ पर चढ़ा, आत्महत्या की धमकी देता रहा। फायर ब्रिगेड के पहुंचने पर और ऊपर चढ़ने लगा युवक, पतली डाली टूटने से नीचे गिरा, पुलिस और लोगों ने सुरक्षित बचाया। दीवानी न्यायालय परिसर में आज उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक मामले में न्यायालय के फैसले से नाराज वादी पक्ष का एक युवक परिसर स्थित पेड़ पर चढ़ गया और आत्महत्या की धमकी देते हुए हंगामा करने लगा। कुछ ही देर बाद एक अन्य युवक भी उसी पेड़ पर चढ़ गया। घटना के चलते न्यायालय परिसर में मौजूद अधिवक्ताओं, वादकारियों और अन्य लोगों की भारी भीड़ जुट गई। करीब कई घंटे तक चले हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद युवक पेड़ की डाली टूटने से नीचे गिर पड़ा, जहां पहले से मौजूद पुलिसकर्मियों और लोगों ने उसे सुरक्षित बचा लिया। बाद में पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। जानकारी के अनुसार खुटहां गांव में वर्ष 2005 में कन्हैया यादव की हत्या हुई थी। इस मामले में सोमवार को दीवानी न्यायालय में फैसला सुनाया गया। फैसले से असंतुष्ट वादी पक्ष का युवक लक्ष्मण यादव अचानक न्यायालय परिसर में स्थित एक ऊंचे पेड़ पर चढ़ गया। वह लगातार फैसले के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते हुए शोर-शराबा करता रहा और आत्महत्या करने की धमकी देने लगा। घटना की सूचना मिलते ही न्यायालय सुरक्षा कर्मी और पुलिस मौके पर पहुंच गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने युवक को समझाने और सुरक्षित नीचे उतरने के लिए काफी प्रयास किए। उसे अपनी बात कानूनी तरीके से रखने की सलाह भी दी गई, लेकिन वह नीचे उतरने को तैयार नहीं हुआ। मामला बढ़ता देख फायर ब्रिगेड को बुलाया गया। फायर ब्रिगेड की टीम जैसे ही क्रेन की सहायता से युवक तक पहुंचने का प्रयास करने लगी, वह और ऊपर की ओर बढ़ने लगा। इसी दौरान वह पेड़ की एक पतली डाली पर पहुंच गया, जो उसका भार सहन नहीं कर सकी और टूट गई। डाली टूटते ही युवक नीचे आ गिरा, लेकिन नीचे पहले से सतर्क खड़े पुलिसकर्मियों, सुरक्षाकर्मियों और लोगों ने चादर तानकर उसे संभाल लिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होने से बच गया। घटना के दौरान न्यायालय परिसर में बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा रही और कुछ समय के लिए सामान्य गतिविधियां प्रभावित हुईं। हालांकि पुलिस और प्रशासन की सतर्कता से कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। नीचे गिरते ही सदर कोतवाली पुलिस ने युवक को हिरासत में ले लिया और पूछताछ के लिए कोतवाली ले गई।
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तुंगनाथ-चंद्रशिला ट्रैक पर बड़ा स्वच्छता अभियान, पर्यावरण बचाओ

Noida, Uttar Pradesh:तुंगनाथ-चंद्रशिला ट्रैक पर वृहद स्वच्छता अभियान। विश्व के सबसे ऊंचे शिव मंदिर तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ और चंद्रशिला ट्रैक को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने के उद्देश्य से सोमवार को वृहद स्वच्छता अभियान चलाया गया। तुंगनाथ मंदिर के मुख्य पुजारी अभिषेक मैठाणी की अपील पर आयोजित इस अभियान में रुद्रप्रयाग पुलिस, स्थानीय संस्थाओं और देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। तुंगनाथ मंदिर के मुख्य पुजारी अभिषेक मैठाणी की पहल पर चोपता से तुंगनाथ मंदिर और चंद्रशिला ट्रैक तक व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया गया। अभियान में ऊखीमठ कोतवाली पुलिस, नगर पंचायत ऊखीमठ, तुंगनाथ मंदिर समिति, व्यापार मंडल के पदाधिकारियों तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों ने श्रमदान किया। इस दौरान ट्रैक और मंदिर परिसर के आसपास फैले प्लास्टिक, पानी की बोतलें, खाद्य सामग्री के रैपर और अन्य कूड़े-कचरे को एकत्र किया गया। एकत्रित कचरे को बोरों में भरकर उचित निस्तारण के लिए चोपता स्थित घोड़ा स्टैंड के समीप पहुंचाया गया। अभियान का उद्देश्य केवल सफाई करना ही नहीं, बल्कि तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को पर्यावरण संरक्षण तथा स्वच्छता के प्रति जागरूक करना भी रहा। तुंगनाथ धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं से भी अपील की गई कि वे हिमालयी क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक गरिमा बनाए रखने में अपना सहयोग दें। स्वच्छता अभियान में शामिल लोगों ने इसे देवभूमि की पवित्रता बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। वहीं मुख्य पुजारी अभिषेक मैठाणी, मंदिर समिति के पदाधिकारियों और स्थानीय लोगों ने रुद्रप्रयाग पुलिस सहित सभी सहयोगियों के प्रयासों की सराहना की।
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भरतपुर-डीग में शहरी सेवा शिविर, पट्टे वितरित, आम जनता को लाभ

Bharatpur, Rajasthan:भरतपुर व डीग जिले के प्रभारी जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने सोमवार को भरतपुर व डीग में राज्य सरकार द्वारा आयोजित किये जा रहे शहरी सेवा शिविर का अवलोकन किया और लाभार्थियों को पट्टे भी वितरित किये. शिविर के दौरान मंत्री रावत ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल्स का निरीक्षण कर विभागीय अधिकारियों से अब तक प्राप्त परिवादों और उनके निस्तारण की वस्तुस्थिति जानी. उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन शिविरों का मूल उद्देश्य आमजन को एक ही छत के नीचे समस्त राजकीय लाभ प्रदान करना है, जिससे उनके समय की बचत हो और उन्हें बार-बार कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें. इस दौरान जिला कलेक्टर भरतपुर कमर चौधरी BDΑ कमिश्नर कनिष्क कटारिया, निगम कमिश्नर श्रवण बिशनोई और भाजपा जिलाध्यक्ष शिवानी दायमा सहित भाजपाई मौजूद रहे. इस मोके पर रावत ने ZEE MEDIA से खास बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का शिविर आयोजन के लिए आभार जताया और कहा कि भजनलाल सरकार द्वारा इन शिविरों का माध्यम से बड़ी राहत प्रदान की जा रही है।
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17 जून से पेयजल सप्लाई बंद: PHED कॉन्ट्रैक्टर एसोसिएशन की चेतावनी

Jaipur, Rajasthan:पीएचईडी कॉन्ट्रैक्टर्स की सरकार को चेतावनी,17 जून से पेयजल सप्लाई,प्रोजेक्ट्स बंद करेंगे जयपुर-राजस्थान में 17 जून से पेयजल सप्लाई बंद होगी.PHED में JJM के सभी प्रोजेक्ट्स रोक जाएंगे,PHED कॉन्ट्रैक्टर्स असोसिएशन बजट अटकने के बाद सरकार को एक बार फिर से चेतावनी दी है.3 साल से भुगतान नहीं होने पर कॉन्ट्रैक्टर सप्लाई बंद करने का फैसला किया. एसोसिएशन ने JJM में 4500 करोड का पैमेंट रुकने का दावा किया है.3000 कॉन्ट्रेक्टर्स के 10 लाख श्रमिक प्रभावित हो रहे है.17 जून को सुबह 10 बजे पेयजल सप्लाई बंद करेंगे.इधर प्रमुख सचिव हेमंत गेरा ने आपात बैठक बुलाई.संबंधित चीफ इंजीनियर्स के साथ बजट पर चर्चा की.उधर कॉन्ट्रैक्ट्रेंट्स ने PHED से वार्ता करने से इंकार कर दिया. संवेदकों की प्रमुख मांगें- 1. सत्यापित बिलों,सत्यापित कार्यों (JJM, MNP, OTMP, Major Projects, Leakage, Water Transportation) का लंबित भुगतान एकमुश्त कराया जाए. 2. जीएसटी अंतरण राशि का भुगतान,निविदा शर्तों के अनुसार प्राइस वेरिएशन का भुगतान सुनिश्चित किया जाए. 3. 3-4 वर्ष पूर्व पूर्ण किए गए कार्यों के अंतिम बिल बनाकर कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र जारी किए जाएं. 4. भुगतान में देरी,विभागीय कारणों से विलंबित कार्यों में संवेदकों को दोषी न मानते हुए समयावधि बढ़ाई जाए, कोविड काल की भांति राहत प्रदान की जाए. 5. अमृत 2.0 के अंतर्गत किए गए कार्यों का समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित किया जाए. 6. भविष्य में संवेदकों को पारदर्शी एवं समयबद्ध भुगतान प्रणाली लागू की जाए. 7. निविदा शर्तों में बार-बार किए जा रहे संशोधनों को रोका जाए. वर्तमान बाजार दरों के अनुसार नवीन BSR जारी की जाए, जिसमें जीएसटी दर पृथक रूप से सम्मिलित हो. 8. ऐसे कार्य जो पूर्ण हो चुके हैं लेकिन JEEN/AEN के स्थानांतरण के कारण बिल नहीं बन पाए, उनके बिल तत्काल बनवाए जाएं.DLP अवधि के उपरांत किए गए संचालन, संधारण (O&M) का भुगतान BSR अनुसार कराया जाए. संबंधित अधिकारियों को उनके कार्यकाल के दौरान किए गए कार्यों के बिल प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया जाए. पहले भी हुआ था धरना- इससे पहले भी कॉन्ट्रेक्टर्स ने जलदाय मुख्यालय पर धरना दिया था.इस संबंध में बजट को लेकर मंत्री से भी मुलाकात की थी.जिसके बाद में जल्द भुगतान का आश्वासन दिया था.लेकिन कॉन्ट्रेक्टर्स को बजट नहीं मिलने के कारण एक बार फिर से आंदोलन करेंगे.
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JDA जोन-6 में मिलीभगत से ड्रेनेज नाली निर्माण में गुणवत्ता गड़बड़ी, करोड़ों रुपए का नुकसान

Jaipur, Rajasthan:जयपुर जेडीए जोन-6 (बी) क्षेत्र में चल रहे ड्रेनेज नाला निर्माण कार्य में गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। मिलीभगत के चलते निर्माण कार्य में निर्धारित तकनीकी मानकों की अनदेखी की जा रही है, जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग और भविष्य में दुर्घटनाओं की आशंका है। जॉन-6 निर्माण कार्य में लगी फॉर्म पद्मावती कंस्ट्रक्शन और जॉन के संबंध कनिष्ठ अभियंता के बीच मिलीभगत के आरोप लगाए जा रहे हैं। आरोप है कि करीब 13 करोड़ रुपये की लागत से बनाए जा रहे ड्रेनेज नाले में स्वीकृत गुणवत्ता मानकों की पूरी तरह पालन नहीं की जा रही। सीमेंट पाइप लाइन बिछाने से पहले पाइपों के नीचे लगभग 8 इंच पीसीसी (प्लेन सीमेंट कंक्रीट) की परत डाली जानी थी, लेकिन मौके पर इसके स्थान पर केवल नाममात्र की जीएसबी (ग्रेन्युलर सब-बेस) डालकर खानापूर्ति की जा रही है। झोटवाड़ा में JDA के नाला निर्माण शॉर्टकट से भारी अनियमितता है। JDA जोन-6 (बी) में कनिष्ठ अभियंता राहुल मित्तल निर्माण एजेंसी पद्मावती कंस्ट्रक्शन मिलीभगत से गुणवत्ता गायब हो रही है। ड्रेनेज नाले में पीसीसी नहीं, केवल GSB डालकर कार्य चालू है। ड्रेनेज पाइप के नीचे होनी थी 8 इंच की PSC। पाइपों के दोनों ओर मिट्टी भर की जा रही खानापूर्ति। कनिष्ठ अभियंता और फर्म पद्मावती कंस्ट्रक्शन मिलकर बड़े खेल कर रहे हैं। करोड़ों रुपये के निर्माण कार्य पर सवालिया निशान लगे हैं। बारिश में हादसे का खतरा बढ़ने की आशंका है। उच्च अधिकारियों द्वारा समय पर जांच नहीं होने से भ्रष्टाचार की आशंका है। न सिर्फ सीमेंट के ब्लॉक के नीचे PSC की जा रही बल्कि पाइपों के दोनों ओर निर्धारित सामग्री की बजाय खुदाई से निकली मिट्टी भर भी खानापूर्ति की जा रही है। नाम नहीं चलाने की शर्त पर जेडीए के अभियंताओं का कहना है कि यदि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से समझौता किया गया तो बरसात के दौरान नाले की संरचना कमजोर पड़ जाएगी, जिससे सड़क धंसने, जलभराव और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है। कनिष्ठ अभियंता राहुल मित्तल व संबंधित फर्म पद्मावती कंस्ट्रक्शन की मिलीभगत से JDA को राजस्व का नुकसान हो रहा है और आम नागरिकों की सुरक्षा से खिलवाड़ हो रहा है। ऐसे में उच्च अधिकारियों में क्वालिटी कंट्रोल बोर्ड द्वारा निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाना आवश्यक है। अब देखना यह होगा कि जेडीए के वरिष्ठ अधिकारी मामला संज्ञान लेकर निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच करवाते हैं या नहीं। फिलहाल निर्माण की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
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बंगला विवाद में राबड़ी देवी पर निशाना, अन्य नेताओं पर भी कार्रवाई की मांग

Katihar, Bihar:सिर्फ राबड़ी देवी को टारगेट न करें, नियम सबके लिए बराबर हों. बिहार बंगला विवाद पर उठा सवाल. अन्य नेताओं पर भी कार्रवाई की मांग. इस मामले में सिर्फ राबड़ी देवी को ही निशाना क्यों बनाया जा रहा है. आरजेडी और सत्ता पक्ष को नसीहत. नितिन नवीन, जीतन राम मांझी, उपेंद्र कुशवाहा , नीतीश कुमार जैसे नेताओं के नाम लेते हुए कहा कि इनसे भी सवाल होना चाहिए. बिहार में सरकारी बंगलों को खाली करने का मुद्दा गरमा गया है। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को सरकारी बंगला खाली करने के लिए दिया गया 15 दिनों का नोटिस पीरियड समाप्त हो गया है, लेकिन अब तक बंगला खाली नहीं किया गया है। इस मामले पर एआईएमआईएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता आदिल हुसैन ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नियम और कानून सबके लिए समान होने चाहिए और इसमें बदले की राजनीति नहीं होनी चाहिए. प्रेस से बात करते हुए प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट का साफ आदेश है कि किसी भी पूर्व मुख्यमंत्री को स्थायी रूप से बंगला नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि किसी का भी बंगला परमानेंट नहीं होता है। यह बिल्डिंग और इसका रखरखाव, चाहे वह चूना-पुताई हो या गेट की पॉलिश, सब टैक्सपेयर के पैसे से होता है. उन्होंने राज्य सरकार और प्रशासन की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस मामले में सिर्फ राबड़ी देवी को ही निशाना क्यों बनाया जा रहा है? उन्होंने मांग की कि अगर कार्रवाई करनी है, तो इसकी शुरुआत अन्य नेताओं से भी होनी चाहिए। भाजपा नेता नितिन नवीन, पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी, उपेंद्र कुशवाहा, पूर् मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का भी मामला आना चाहिए। उनका कहना था कि सत्ता में बैठे लोगों को इस गलतफहमी में नहीं रहना चाहिए कि उनकी कुर्सी स्थायी है। उत्तराधिकार का नियम सब पर लागू होता है. आरजेडी को क्या रुख अपनाना चाहिए, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि आरजेडी को कानून का पालन करना चाहिए, क्योंकि कानून सभी के लिए बराबर है। इसके साथ ही उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को नसीहत देते हुए कहा कि उन्हें 'बड़ा दिल' दिखाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बदले की भावना से काम नहीं करना चाहिए। आप सभी से बंगले खाली करवाइए, हम उसका स्वागत करेंगे, लेकिन एकतरफा कार्रवाई गलत है.
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GIMS ग्रेटर नोएडा: वेतन-स्थायीकरण की मांग पर आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का प्रदर्शन

Greater Noida, Uttar Pradesh:ग्रेटर नोएडा स्थित राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (GIMS) में सोमवार को आउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने वेतन वृद्धि और नियमितीकरण की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। कर्मचारी संस्थान परिसर में धरने पर बैठ गए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान अपनी जान जोखिम में डालकर सेवाएं दी थीं। उस समय जिम्स प्रशासन ने वेतन वृद्धि और स्थायी नियुक्ति का आश्वासन दिया था, लेकिन यह वादा अब तक पूरा नहीं किया गया है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उनकी सैलरी स्लिप में दर्शाई गई राशि से कम वेतन उनके खातों में भेजा जा रहा है। उनका यह भी कहना है कि मौजूदा महंगाई के दौर में कम वेतन में परिवार का गुजारा करना बेहद मुश्किल हो गया है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि उन्हें स्थायी किया जाए, उनके वेतन में बढ़ोतरी की जाए और वेतन भुगतान में कथित विसंगतियों को जल्द दूर किया जाए। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सुनवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। वही इस पूरे मामले पर जिम्स प्रबंधन की तरफ से बताया गया कि कर्मचारियों की कुछ मांगों को मान लिया गया है और उनका पूरा भी किया जाएगा लेकिन कुछ मांगे शासन स्तर की है जिनके बारे में चर्चा की जाएगी।
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