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Ankit KumarAnkit KumarFollow2 Feb 2025, 09:56 am

Mainpuri - संत विवेकानंद स्कूल मे मनाई गयी बसंत पंचमी

Karhal, Uttar Pradesh:

 संत विवेकानंद स्कूल में बसंत पंचमी का पर्व विद्या की देवी माँ सरस्वती के जन्मदिन के रुप में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया . सर्वप्रथम विद्यालय के निदेशक डॉ जे. पी. यादव ने माँ सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्वलित एवं माल्यार्पण कर पूजन , अर्चन कर किया, उसके उपरांत उन्होंने बताया कि ऐसा माना जाता है कि जब ब्रह्मा जी के द्वारा सृष्टि का निर्माण किया गया, तब ये संसार, पशु - पक्षी, मनुष्य स्वर विहीन थे. अर्थात आपस में किसी तरह का वार्तालाप नहीं कर सकते थे इस कारण सभी देवतागण चिंतित रहते थे . तब देवगणों ने ब्रह्मा जी से प्रार्थना की तभी ब्रह्मा जी ने आज के ही दिन स्वर की देवी माँ सरस्वती को प्रकट किया ।

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एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज जीतने वाले गुरिंदरवीर का आदमपूर एयरपोर्ट पर शानदार स्वागत

Jalandhar, Punjab:एशियन गेम्स में देश के लिए ब्रॉन्ज मेडल जीतकर लौटे आदमपुर हलके के गांव पतियाल निवासी एथलीट गुरिंदरवीर सिंह का शुक्रवार को आदमपुर एयरपोर्ट पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। इस मौके पर गुरिंदरवीर सिंह ने सभी का धन्यवाद करते हुए कहा कि एशियन गेम्स में 100 मीटर रिले रेस में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर वह बेहद खुश हैं, लेकिन उनका लक्ष्य अभी और बड़ा है। वह आगामी ओलंपिक खेलों के लिए कड़ी मेहनत और तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार के सहयोग के साथ-साथ परिवार, कोच और लोगों से मिले प्रोत्साहन की बदौलत वह इस मुकाम तक पहुंचे हैं। आने वाले समय में वह और मेहनत कर देश, पंजाब, अपने क्षेत्र और परिवार का नाम रोशन करने के लिए और पदक जीतने का प्रयास करेंगे। पवन टीनू ने कहा कि गुरिंदरवीर ने पूरे क्षेत्र और पंजाब का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि आदमपुर के गांव पतियाल का यह युवा आज खेलों के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धियां हासिल कर रहा है। पंजाब सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए प्रयास कर रही है और गुरिंदरवीर की सफलता इस बात का प्रमाण है कि पंजाब की युवा पीढ़ी में आज भी जोश, जज्बा और मेहनत की भावना कायम है। उनकी उपलब्धि आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा बनेगी। गुरिंदरवीर के कोच सुरिंदर सिंह ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि 10.08 सेकेंड का समय निकालकर भारतीय रिकॉर्ड कायम करने के बाद एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीतना उनकी बड़ी उपलब्धि है। उन्हें पूरा विश्वास है कि गुरिंदरवीर आने वाले ओलंपिक और अन्य अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में भी बेहतर प्रदर्शन करते हुए नए रिकॉर्ड कायम करेगा। बाइट:- पवन कुमार टीनू ( आप हल्का इंचार्ज आदमपुर ) सुरिंदर सिंह ( कोच गुरिंदरबीर सिंह )
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कोटा विज्ञान नगर में दिनदहाड़े चाकूबाजी: आज़म खान गंभीर घायल

Kota, Rajasthan:कोटा.. विज्ञान नगर थाना इलाके में शुक्रवार दोपहर दिनदहाड़े चाकूबाजी की वारदात से हड़कंप मच गया। अय्यप्पा मंदिर रोड पर घात लगाकर आए बदमाशों ने युवक आजम खान पर ताबड़तोड़ चाकुओं से हमला कर दिया। एक के बाद एक 9 बार चाकुओं से वार किए। हमला इतना गंभीर था कि आजम के शरीर पर चाकू के कई वार किए गए और एक वार फेफड़े तक पहुंचने की बात सामने आई है। गंभीर हालत में आजम को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। परिजनों के मुताबिक आजम जुमे की नमाज के लिए घर से निकला था, तभी रास्ते में बदमाशों ने उसे घेर लिया और हमला कर फरार हो गए। वारदात के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर विज्ञान नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। हमलावर कौन थे और हमले की वजह क्या थी, पुलिस इसकी पड़ताल कर रही है। पुरानी रंजिश और आपसी विवाद समेत सभी संभावित पहलुओं को जांच में शामिल किया गया है।
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यूपी के 12 निजी अस्पतालों में औचक निरीक्षण, दवाओं के मूल्य और स्टॉक पर जाँच

Lucknow, Uttar Pradesh:लखनऊ के 12 निजी अस्पतालों में 26 औषधि निरीक्षकों की टीम ने किया औचक निरीक्षण मरीजों को दवाओं की उचित कीमत पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए यूपीएफएसडीए की बड़ी कार्रवाई दवाओं के क्रय मूल्य और मरीजों से वसूले जा रहे मूल्य में बड़े अंतर की जांच, 38 औषधियों के लिए गए नमूने फार्मेसी में स्टॉक, बिलिंग, कोल्ड चेन, फार्मासिस्ट की उपलब्धता और दवाओं की गुणवत्ता समेत कई बिंदुओं पर हुई सघन जांच लखनऊ, 02 अक्टूबर। मरीजों को गुणवत्तापूर्ण दवाएं उचित दरों पर उपलब्ध कराने और अस्पतालों की फार्मेसियों में दवाओं की खरीद-बिक्री व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश (यूपीएफएसडीए) का प्रदेशव्यापी विशेष अभियान लगातार जारी है। इसी क्रम में विभाग की टीमों ने 30 सितंबर से 01 अक्टूबर 2026 के बीच लखनऊ के 12 निजी अस्पतालों की फार्मेसियों का औचक निरीक्षण किया। इस अभियान में 26 औषधि निरीक्षकों की टीमों ने अस्पतालों की फार्मासिस्ट की उपलब्धता, मेडिकल ऑक्सीजन, जीवनरक्षक दवाओं के बिलिंग एवं स्टॉक रिकॉर्ड, कोल्ड-चेन मेंटेनेंस, भंडारण व्यवस्था, औषधियों की गुणवत्ता तथा अस्पतालों द्वारा दवाओं की खरीद और मरीजों को बिक्री की दरों की प्राथमिकता से जांच की। दवाओं के खरीद मूल्य और मरीजों से वसूले मूल्य में अंतर पर विभाग की नजर निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि अत्यधिक उपयोग में आने वाली तथा कुछ जीवन रक्षक औषधियो के क्रय मूल्य और मरीजों से वसूले गए विक्रय मूल्य में बड़ा अंतर है। अस्पताल द्वारा इन औषधियो को प्रिंटेड एमआरपी से काफी कम कीमत पर खरीदा जाता है, लेकिन मरीजों को लेबल पर अंकित एमआरपी पर या उस पर मामूल छूट देकर बेचा जा रहा है। जांच टीम द्वारा ऐसी औषधियों को चिन्हित करके उनकी गुणवत्ता विश्लेषण हेतु 38 नमूने संग्रहित किए गए। साथ ही, दवाओं के प्रिंटेड एमआरपी और अस्पतालों को आपूर्ति करने वाली थोक फर्मों/स्टॉकिस्ट द्वारा वसूले गए मूल्य यानी पीटीआर के बीच अंतर की भी जांच आगे बढ़ाई जा रही है। 12 निजी अस्पतालों में हुई सघन जांच अभियान के तहत डॉ. के.एन.एस. मेमोरियल हॉस्पिटल विकास खंड 2, शेखर हॉस्पिटल इंदिरा नगर, मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल विराज खंड, तलवार स्किन इंस्टिट्यूट इंदिरा नगर, मेदांता लखनऊ, ग्लोब हॉस्पिटल निराला नगर, अपोलोमेडिक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल कानपुर रोड, अवध हॉस्पिटल एंड हार्ट सेंटर आलमबाग, विवेकानंद हॉस्पिटल निराला नगर, चरक हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर दुबग्गा, मिड्लैन्ड हॉस्पिटल महानगर तथा रीजेंसी मल्टी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल खुर्रम नगर की फार्मेसियों का निरीक्षण किया गया। अपोलोमेडिक्स की ओपीडी फार्मेसी बंद करने के निर्देश अपोलोमेडिक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, कानपुर रोड में जांच के दौरान जहां औषधियों की बिक्री के लिए ड्रग्स रूल्स, 1945 के नियम के अनुरूप बिक्री बीजक जारी किए जाने की स्थिति मिली, वहीं औषधियों से संबंधित स्टॉक लेजर, मरीजों की आईपीडी फाइलें और शेड्यूल एच1 औषधियों के क्रय-विक्रय से संबंधित अनिवार्य रजिस्टर प्रस्तुत नहीं किए गए। जांच के दौरान उपलब्ध रिकॉर्ड में बैच नंबर भी अंकित नहीं पाए गए। इन गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए ओपीडी फार्मेसी को बंद करने के निर्देश दिए गए। ग्लोब हॉस्पिटल में एक स्थान सील ग्लोब हॉस्पिटल, राजाजीपुरम में औषधियों के क्रय-विक्रय संबंधी अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए गए। साथ ही औषधियां दो अलग-अलग स्थानों पर भंडारित मिलीं। इस स्थिति के दृष्टिगत औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के तहत एक स्थान को सील किया गया। रीजेंसी में बैच नंबर और स्टॉक में मिली विसंगतियां रीजेंसी मल्टी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, खुर्रम नगर में बिक्री बीजकों पर फर्म का सही पता अंकित नहीं पाया गया। कुछ औषधियों के विभिन्न बैचों में भौतिक स्टॉक और अभिलेखीय स्टॉक में अंतर मिला। वितरित दवाओं के बैच नंबर और संबंधित बिक्री बीजकों में दर्ज बैच नंबरों में भी भिन्नता पाई गई। कई फार्मेसियों में स्टॉक रिकॉर्ड में अंतर डॉ. के.एन.एस. मेमोरियल हॉस्पिटल में प्रावधानों के अनुरूप बिक्री बीजक जारी नहीं किए जाने की स्थिति सामने आई। इन बीजकों पर मरीज का पता, चिकित्सक का पंजीकरण नंबर और शेड्यूल एक्स औषधियों के लिए आवश्यक लाइसेंस नंबर अंकित नहीं पाया गया。 शेखर हॉस्पिटल में शेड्यूल एक्स औषधियों की खरीद निर्धारित लाइसेंस के बजाय चिकित्सक के नाम से किए जाने और भौतिक स्टॉक एवं स्टॉक लेजर में अंतर पाया गया। तलवार स्किन इंस्टिट्यूट में फार्मासिस्ट अनुपस्थित मिला। यहां भी भौतिक स्टॉक और स्टॉक लेजर में अंतर, बैच नंबर से जुड़ी अनियमितताएं, आवश्यक अभिलेखों के समुचित रखरखाव के बिना MEDVOL ऐप के माध्यम से दवा ऑर्डर करने तथा क्रय बीजकों पर गलत पता दर्ज होने की स्थिति मिली। मेदांता लखनऊ और चरक हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में उच्च मूल्य वाली कुछ औषधियों के लिए वैकल्पिक दवाओं की उपलब्धता नहीं पाई गई। विभाग द्वारा फार्मेसियों में दवाओं की उपलब्धता और मरीजों को विकल्प मिलने की स्थिति को भी जांच के दायरे में रखा गया। अवध हॉस्पिटल एंड हार्ट सेंटर में कई औषधियों के भौतिक स्टॉक और लेजर में अंतर मिला। फर्म की ओर से थोक औषधि लाइसेंस के अंतर्गत कारोबार न करने का दावा किया गया, जबकि खरीद अभिलेखों में लुपिन लिमिटेड सहित निर्माताओं से उसी लाइसेंस पर औषधियों की खरीद का विवरण मिला। फार्मेसी में भंडारण और साफ-सफाई की स्थिति भी संतोषजनक नहीं पाई गई। पहले चरण में 21 मेडिकल कॉलेजों की फार्मेसियों की भी हुई जांच प्रदेशव्यापी अभियान की शुरुआत 24 सितंबर 2026 से की गई थी। प्रथम चरण में 16 जनपदों में स्थित 21 सरकारी एवं निजी मेडिकल कॉलेजों की फार्मेसियों की जांच की गई। इस दौरान श्री राम मूर्ति स्मारक इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, बरेली, शारदा स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च, नोडाा और सुभारती मेडिकल कॉलेज, मेरठ में फार्मासिस्ट अनुपस्थित या आवश्यकतानुसार अपेक्षित संख्या से कम संख्या में नियुक्त पाए गए। हिंद मेडिकल कॉलेज बाराबंकी, सुभारती मेडिकल कॉलेज मेरठ और हेरिटेज इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज वाराणसी में औषधियों के कोल्ड-चेन प्रबंधन एवं रखरखाव की व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिली। हिन्द मेडिकल कॉलेज, बाराबंकी और यूनाइटेड इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस, प्रयागराज में एसेंशियल नारकोटिक्स ड्रग्स की अनुमोदित मात्रा से अधिक मात्रा में औषधियों की खरीद भी सामने आई। नोटिस से लेकर थोक विक्रेताओं की जांच तक आगे बढ़ेगी कार्रवाई विभाग ने स्पष्ट किया है कि अभियान केवल निरीक्षण तक सीमित नहीं रहेगा। अस्पतालों की फार्मेसियों में पाई गई अनियमितताओं के संबंध में संबंधित अस्पतालों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जा रहे हैं। इसके साथ ही दवाओं के प्रिंटेड एमआरपी और अस्पतालों को आपूर्ति करने वाली थोक फर्मों/स्टॉकिस्ट के पीटीआर के बीच पाए गए अंतर के संबंध में निर्माता/मार्केटिंग फर्म और अस्पताल से स्थिति स्पष्ट करने के लिए नोटिस भेजे जा रहे हैं। अस्पतालों को दवा आपूर्ति करने वाले होलसेलर्स की भी जांच की जा रही है, ताकि दवाओं की आपूर्ति से लेकर मरीज को बिक्री तक पूरी प्रक्रिया की जांच की जा सके। विभाग का फोकस केवल दवा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि मरीज को दवा उचित कीमत पर मिले, फार्मेसी में पारदर्शी खरीद-बिक्री व्यवस्था हो और प्रत्येक स्तर पर निर्धारित नियमों का अनुपालन सुनिश्चित हो, इसी व्यापक उद्देश्य के साथ अभियान को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाकर रह है।
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धनबाद में पेड़ से बांधकर मारपीट का वीडियो वायरल; जांच जारी

Dhanbad, Jharkhand:धनबाद के सदर थाना क्षेत्र के तेलीपाड़ा इलाके से एक वीडियो तेजी से वायरल होने का मामला सामने आया है। वीडियो में एक महिला को पेड़ से बांधकर कुछ लोगों द्वारा बेरहमी से पीटते हुए देखा जा रहा है। महिला चीखती-चिल्लाती नजर आ रही है, जबकि पास में खड़ी कुछ महिलाएं घटना को देख रही हैं। वहीं, एक महिला डंडे से पिटाई करती दिखाई दे रही है। घटना के बाद पुलिस के मौके पर पहुंचने की बात सामने आई है। मामला कथित तौर पर पैसे के लेन-देन से जुड़ा बताया जा रहा है। इसी बीच, वीडियो में दिखाई देने वाली महिला पर मानवाधिकार संगठन के नाम पर लोगों पर दबाव बनाने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले झरिया थाना क्षेत्र में भी एक घर में घुसकर मारपीट करने और पैसे ऐंठने के आरोप इस महिला से जुड़ी महिलाओं पर लगे थे। इन आरोपों की भी पुलिस जांच कर रही है। हालांकि, किसी महिला को पेड़ से बांधकर मारपीट करना भी गंभीर मामला है और कानून को अपने हाथ में लेने का सवाल खड़ा करता है। फिलहाल, वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच के बाद ही घटना की वास्तविक वजह, मारपीट में शामिल लोगों और मानवाधिकार संगठन से जुड़े होने के दावों की सच्चाई स्पष्ट हो सकेगी।
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पत्नी को वीडियो कॉल कर कहा- जहर खा लिया, युवक کی मौत

Munger, Bihar:पत्नी को वीडियो कॉल कर कहा- जहर खा लिया, भाई से था परेशान।सूचना मिलते ही सक्रिय हुई ईस्ट कॉलोनी पुलिस, शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा मुंगेर : ईस्ट कॉलोनी थाना क्षेत्र के मुंगरौड़ा निवासी 28 वर्षीय अंकित राज ने शुक्रवार को कथित रूप से जहरीला पदार्थ खाकर अपनी पत्नी को वीडियो कॉल किया और जहर खाने की जानकारी दी। इसके बाद पत्नी ने तत्काल इसकी सूचना ईस्ट कॉलोनी पुलिस को दी। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष वीरभद्र सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम को सक्रिय किया। टावर लोकेशन के आधार पर पुलिस टीम घटनास्थल की ओर रवाना हुई, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही युवक की मौत हो चुकी थी।
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बिहार की बाढ़ के बीच 9 हिरण समेत कई जहरीले सांपों का रेस्क्यू

Muzaffarpur, Bihar:बिहार में आई बाढ़ की भीषण त्रासदी से आम लोगो के साथ जीव जंतु भी परेशान हैं, वन विभाग की टीम ने 9 हिरण और कई जहरीले सांपों का रेस्क्यू किया, जिन्हें सुरक्षित वन विभाग के कार्यालय में रखा गया है। नेपाल में लगातार हो रही बारिश और नेपाल से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद जहां एक तरफ बिहार के कई जिले में बाढ़ की त्रासदी झेल रहा है, तो वहीं दूसरी तरफ जीव जंतु भी इससे अछूता नहीं है। अब जीव जंतु की जान भी आफत में आ गई है। बाढ़ से बिहार के कई इलाकों में त्राहिमाम मचा हुआ है। कुछ जगहों पर लोग अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थान पर पलायन कर रहे हैं, और नारायणी–गंडक नदी के तेज धार में बहते कई हिरणों को सुरक्षित बचाया गया है और वन विभाग को सौंप दिया गया है। इसके बाद वन विभाग में हिरणों को संरक्षण रखा गया है और उनका समुचित इलाज किया जा रहा है। अधिकारीयों के अनुसार सभी हिरण सुरक्षित और स्वस्थ हैं। वन विभाग के कर्मी शशि शेखर कुमार ने बताया कि नेपाल से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद नारायणी–गंडक नदी में पानी के तेज बहाव के कारण वन विभाग की टीम भी अलर्ट मोड में है और पिछले दो दिनों में साहेबगंज, पारू और सरैया प्रखंड क्षेत्रों से 9 हिरण का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है, जबकि दो जहरीले सांप रसल बाइपर और एक अजगर का रेस्क्यू किया गया है। सभी को वन विभाग कार्यालय में रखकर उनका समुचित इलाज किया जा रहा है और सभी रेस्क्यू किए गए जीव जंतु सुरक्षित हैं।
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भागलपुर के सजौर में संदिग्ध दवा बोतल फटने से तीन बच्चियां घायल

Naya Chak, Bihar:भागलपुर के सजौर थाना क्षेत्र में खेलने के दौरान संदिग्ध मेडिसिन की बोतल फटने से तीन बच्चियां जख्मी हो गईं. घटना शुक्रवार की शाम करीब चार बजे फतेहपुर गांव में शिव मंदिर के पास हुई. घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया. जानकारी के मुताबिक तीन से चार बच्चे शिव मंदिर के पास खेल रहे थे. इसी दौरान पास में बालू के ढेर पर काले प्लास्टिक में रखी तीन बोतलों में से एक बोतल एक बच्ची ने उठा ली. खेलने के दौरान अचानक बोतल फट गई. घटना में दो बच्चियां गंभीर रूप से जख्मी हुईं, एक बच्ची की उंगली उड़ गई है. जबकि एक बच्ची को हल्की चोट लगी. जख्मी बच्चों में फतेहपुर निवासी महेश सिंह की 10 वर्षीय बेटी अमृता कुमारी और विक्रम कुमार का 5 वर्षीय बेटा वैभव कुमार शामिल हैं. वहीं करिश्मा कुमारी को भी हल्की चोट लगी. घटना की सूचना मिलते ही सजौर थाना प्रभरी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और सभी जख्मी बच्चों को इलाज के लिए मायागंज अस्पताल भेजा. घटना के बाद विधि-व्यवस्था डीएसपी नवनीत कुमार भी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया. पुलिस के मुताबिक, घटनास्थल पर प्लास्टिक की पॉलीथिन में मेडिसिन जैसी बोतलें मिली हैं. बोतल में किस तरह का पदार्थ था और विस्फोट कैसे हुआ, इसकी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा. विधि-व्यवस्था डीएसपी नवनीत कुमार ने बताया कि मामले की जांच के लिए एफएसएल टीम को बुलाया जा रहा है. एफएसएल जांच के बाद ही घटना की वास्तविक वजह और बोतल में मौजूद पदार्थ के बारे में जानकारी मिल सकेगी.
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गंगा जलस्तर बढ़ने से मुंगेर में बाढ़ का खतरा, चंडिका मंदिर पानी में डूबा

Munger, Bihar:मुंगेर: गंगा का जलस्तर एक बार फिर तेजी से बढ़ने लगा है। शुक्रवार शाम मुंगेर में गंगा का जलस्तर 39.12 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 39.33 मीटर से महज 21 सेंटीमीटर नीचे है। जलस्तर करीब आधा सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। ऐसे में शनिवार शाम तक गंगा के खतरे के निशान को पार करने की संभावना जताई जा रही है। जलस्तर बढ़ने से 10 दिन पहले जिन दियारा और निचले इलाकों से बाढ़ का पानी पूरी तरह निकल गया था, वहां दोबारा पानी पहुंच गया है। कई ग्रामीण सड़कें डूब गई हैं। गंगा किनारे बसे मोहल्लों और शहर के कुछ निचले हिस्सों में भी पानी का असर दिखने लगा है। गंगा के बढ़ते जलस्तर का सबसे अधिक असर शक्तिपीठ चंडिका स्थान में देखने को मिल रहा है। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के कतारबद्ध होने वाले स्थान पर करीब 5 फीट पानी जमा हो गया है। वहीं मां चंडिका के गर्भगृह में करीब 4 फीट पानी है। पानी बढ़ने से मां चंडिका की प्रतिमा का नेत्र भी पानी में आधा डूब गया है। गर्भगृह से लेकर पूरे मंदिर परिसर में पानी जमा होने के बाद मंदिर का मुख्य दरवाजा बंद कर श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। सदर एसडीओ कुमार अभिषेक ने इसकी जानकारी दी। चंडिका स्थान में गंगा का पानी एक महीने के अंदर दूसरी बार मंदिर परिसर में पहुंचा है। दुर्गापूजा में अब महज आठ दिन शेष हैं। ऐसे में पानी आने से मंदिर में रंग-रोगन, लाइटिंग और अन्य मेंटेनेंस कार्य प्रभावित हो गया है। शुक्रवार को मंदिर परिसर में बिजली वायरिंग की मरम्मत का काम भी पानी के बीच किया जा रहा था। पानी के बीच बिजली का काम सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाने वाला है। मंदिर में श्रद्धालुओं का प्रवेश बंद होने से दुकानदारों और पुजारियों में भी मायूसी है। दुकानदारों का कहना है कि उनकी रोजी-रोटी मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं पर निर्भर है। वहीं पुजारियों का कहना है कि मां गंगा और मां चंडिका के मिलन की धार्मिक मान्यता है। उन्होंने मां गंगा से जल्द मंदिर परिसर खाली करने की प्रार्थना की है। इधर गंगा का जलस्तर बढ़ने से मुंगेर के छह प्रखंडों में दोबारा बाढ़ का असर दिखने लगा है। सदर और बरियारपुर प्रखंड के दियारा के साथ निचले इलाकों में रहने वाले लोग सबसे अधिक प्रभावित हैं। सदर प्रखंड की मोहली पंचायत के आदर्श ग्राम तिकड़मपुर में गांव और खेतों के समीप पानी पहुंच गया है। कुछ घर भी पानी की जद में आ गए हैं। बरियारपुर के नीरपुर, कल्याण टोला, लालजी टोला के साथ झौवा बहियार और हरिनमार पंचायत में भी पानी का असर पहुंचा है। इसके अलावा जमालपुर, धरहरा, हवेली खड़गपुर और असरगंज प्रखंड के कई नए इलाकों में भी पानी पहुंचने की सूचना है। गंगा का पानी दोबारा बढ़ने से दियारा और बाढ़ प्रभावित इलाकों के लोगों में फिर से चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों को आशंका है कि यदि जलस्तर खतरे के निशान को पार करता है तो उन्हें सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करना पड़ सकता है। जिन इलाकों से कुछ दिन पहले ही पानी निकला था, वहां दोबारा पानी पहुंचने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। जिला आपदा पदाधिकारी कमल किशोर ने बताया कि गंगा के बढ़ते जलस्तर पर प्रशासन की लगातार नजर है। आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों के साथ बैठक की गई है। सभी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के अंचल अधिकारियों को अलर्ट रहने और स्थिति पर लगातार निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है।
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बाराबंकी दुर्घटना: तेज कार ने दो बाइकों को टक्कर दी, जीजा-साले समेत दो की मौत

Barabanki, Uttar Pradesh:Barabanki Story- बेकाबू कार ने दो बाइकों को मारी टक्कर, जीजा साले की मौत बाराबंकी में दरियाबाद थाना क्षेत्र में सफदरगंज मार्ग पर नूरगंज गांव के पास तेज रफ्तार कार और दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर हो गई। हादसे में जीजा-साले समेत दो लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन लोग घायल बताए जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक तहसील से संबद्ध कार के सामने अचानक जानवर आ गया। उसे बचाने के प्रयास में कार अनियंत्रित होकर सामने से आ रही दो बाइकों से टकरा गई। इसके बाद कार पेड़ से जा भिड़ी और सड़क किनारे गड्ढे में पलट गई। हादसे में बाइक سवार समेत चार लोग घायल हो गए। इसी दौरान वहां से गुजर रहे सिरौलीगौसपुर सीएचसी के चिकित्सक देव प्रताप सिंह ने घायलों को अपने वाहन से संयुक्त चिकित्सालय पहुंचाया। यहां फैजाबाद के मुरादाबाद क्षेत्र निवासी शिवकुमार (45) और उनके साले शिवप्रसाद निवासी कमौली, दरियाबाद को जिला अस्पताल रेफर किया गया। अकबरपुर निवासी सैदु (50) का उपचार जारी रहा। जिला अस्पताल में उपचार के दौरान शिवकुमार ने दम तोड़ दिया। वहीं लखनऊ ले जाते समय शिवप्रसाद की भी मौत हो गई। सीओ रामसनेहीघाट सौरभ श्रीवास्तव ने दो लोगों की मौत की पुष्टि की है।
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बेलरखा में युवक को गोली, आरोपी मौके से फरार

Jhanj Kalan, Haryana:बेलरखा में शुक्रवार शाम करीब एक युवक को अज्ञात वाहन सवारों द्वारा गोली मारने का मामला सामने आया है। गोली लगने से घायल युवक की पहचान अजय पुत्र वेद प्रकाश, निवासी बेलरखा के रूप में हुई है। मिली जानकारी के अनुसार अजय अपने दो दोस्तों के साथ गाड़ी में सवार होकर जा रहा था। इसी दौरान बेलरखा क्षेत्र में एक अज्ञात गाड़ी ने उनका पीछा किया। आरोप है कि इसी दौरान अज्ञात वाहन सवारों ने अजय को गोली मार दी और मौके से फरार हो गए। गोली लगने के बाद अजय को उपचार के लिए नागरिक अस्पताल नरवाना ले जाया गया, जहां से उसकी गंभीर हालत को देखते हुए अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। घटना की सूचना मिलते ही सिटी नरवाना थाना प्रभारी, सदर नरवाना थाना प्रभारी और CIA इंचार्ज की टीमें मौके पर पहुंचीं और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस द्वारा गोली चलाने वालों और वारदात के कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। फिलहाल वारदात को लेकर पुलिस की जांच जारी है।
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पानीपत के पहलवान नितेश सिवाच ने एशियाई खेलों में रजत पदक से इतिहास रच दिया

Panipat, Haryana:पानीपत। मेहनत, संघर्ष और कभी न हार मानने वाले जज्बे की बदौलत पानीपत के नितेश सिवाच ने 64 साल बाद एशियन गेम्स की ग्रीको-रोमन कुश्ती में भारत को रजत पदक दिलाकर इतिहास रच दिया है। भले ही वे फाइनल में जापानी पहलवान से हारकर स्वर्ण पदक से चूक गए, लेकिन उनकी यह ऐतिहासिक उपलब्धि पूरे देश और हरियाणा के लिए गर्व का क्षण बन गई है। भारत के लिए ग्रीको-रोमन शैली में इससे पहले 1962 के एशियाई खेलों में मालवा सिंह और गणपत अंदालकर ने स्वर्ण, जबकि उदय चंद, सज्जन सिंह और मारुति माने ने रजत पदक जीते थे। कभी 15 साल की उम्र में पिता के साथ सुबह पांच बजे उठकर दूध बेचने वाला पानीपत का पहलवान नितेश सिवाच अब एशियाई खेलों के पदक विजेताओं में अपना नाम दर्ज करा चुका है। जापान में आयोजित एशियाई खेलों में नितेश ने ग्रीको-रोमन कुश्ती में भारत के लिए रजत पदक जीता। फाइनल में जापानी पहलवान से हार के कारण वह स्वर्ण से चूक गया, लेकिन उसकी उपलब्धि ने परिवार और गांव को गौरवान्वित कर दिया। 1962 के एशियाई खेलों के बाद भारतीय ग्रीको-रोमन कुश्ती में रजत पदक जीतने वाले नितेश की कहानी संघर्ष और मेहनत की मिसाल है। पिता आनंद सिवाच खेती के साथ दूध बेचने का काम करते थे। परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए नितेश भी करीब दो साल तक पिता के साथ दूध बेचता रहा। सुबह दूध लेकर निकलना और शाम को लौटना उसकी दिनचर्या थी। नितेश को बचपन से ही कुश्ती का शौक था। पिता खुद भी कुश्ती करते थे। चोट लगने के बाद परिवार पानीपत आ गया और नितेश ने करीब एक साल तक पिता के साथ दूध बेचने के साथ कुश्ती का अभ्यास जारी रखा। बाद में परिवार ने उसे पूरी तरह कुश्ती के लिए समर्पित होने की अनुमति दे दी। कड़ी मेहनत और लगातार अभ्यास ने उसे आज इस मुकाम तक पहुंचाया। नितेश की मां गुणवती की आंखों में बेटे की उपलब्धि पर खुशी के आंसू हैं। परिवार चार अक्टूबर को दिल्ली पहुंचकर उसका स्वागत करेगा। मां उसके लिए घर की डेयरी का ताजा पनीर, चूरमा, दलिया और उसकी डाइट के मुताबिक खिचड़ी लेकर जाएंगी। पिता आनंद सिवाच की अब एक ही इच्छा है कि बेटा ओलंपिक में देश के लिए स्वर्ण पदक जीते। नितेश के भाई सुशील भी पहलवानी करते हैं। उन्होंने कहा कि भाई की सफलता से उन्हें प्रेरणा मिली है और अब वह भी उससे बड़ा पदक जीतकर देश का नाम रोशन करना चाहते हैं। परिवार एयरपोर्ट पर नितेश का माला, मिठाई और उपहार के साथ स्वागत करेगा।
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