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Ankit KumarAnkit KumarFollow2 Feb 2025, 09:56 am

Mainpuri - संत विवेकानंद स्कूल मे मनाई गयी बसंत पंचमी

Karhal, Uttar Pradesh:

 संत विवेकानंद स्कूल में बसंत पंचमी का पर्व विद्या की देवी माँ सरस्वती के जन्मदिन के रुप में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया . सर्वप्रथम विद्यालय के निदेशक डॉ जे. पी. यादव ने माँ सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्वलित एवं माल्यार्पण कर पूजन , अर्चन कर किया, उसके उपरांत उन्होंने बताया कि ऐसा माना जाता है कि जब ब्रह्मा जी के द्वारा सृष्टि का निर्माण किया गया, तब ये संसार, पशु - पक्षी, मनुष्य स्वर विहीन थे. अर्थात आपस में किसी तरह का वार्तालाप नहीं कर सकते थे इस कारण सभी देवतागण चिंतित रहते थे . तब देवगणों ने ब्रह्मा जी से प्रार्थना की तभी ब्रह्मा जी ने आज के ही दिन स्वर की देवी माँ सरस्वती को प्रकट किया ।

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खूँटी में बिरसा मुंडा का निर्वाण दिवस: उलगुलान के महानायक की याद

Khunti, Jharkhand:क्षेत्र - खूँटी । स्लग - भगवान बिरसा मुंडा उलगुलान के महानायक थे जिन्होंने जंगल पर टेक्स लगाने का किया था विरोध। खूँटी के रूढ़िवादी संस्कृति की रक्षा और बिरसाईयत धर्म की शुरुआत करनेवाले वन अधिनियम के विरुद्ध आवाज बुलंद करनेवाले उलगुलान के महानायक बिरसा मुंडा का निर्वाण दिवस आज। खूंटी जिले के उलिहातु में जन्में और अपने मामा घर आयुबहातु में बचपना बिताया, जहाँ रहकर सलगा स्कूल में पढ़ाई किये। बिरसा मुण्डा के पिताजी इसाई पंथ स्वीकार करने के कारण उनकी पढ़ाई बुड़जू स्कूल में दाखिला हुआ, जहाँ से आगे की पढ़ाई के लिए चाईबासा के मिशन स्कूल में दाखिला हुआ। लेकिन उन्होंने वहाँ की स्थिति को देख विरोध करके वहाँ से भागे। फिर उन्होंने मिशनरीज के विरुद्ध आवाज बुलंद किया। बताया जाता है कि उन्होंने सरवादा चर्च में भी हमला कर दिया था। जिसके बाद उन्होंने सरदार गया मुण्डा को सेननायक बनकर जनजातीय लोगों को संगठित किया और लोगों को जगाने का काम किया। बिरसा मुंडा आयुबहातु में रहने के कारण उस क्षेत्र की रहन-सहन को जान चुके थे। वहीं गाय को सहयोगी जान भगवान मानने लगे। इस प्रकार उन्होंने बिरसाइत धर्म चलाया जिसमें वृक्ष की पूजा, वृश्चिक पारंपरिक संकल्प, शाकाहारी जीवन यापन, मांस मदिरा, चोरी झूठ ये सभी को दूर करना, खेत खलिहान की पूजा, मवेशी पूजा, जंगल की रक्षा आदि को बढ़ावा दिया। अंग्रेजों के द्वारा जंगल पर टेक्स लगाया गया था जिसका उन्होंने विरोध किया। अंग्रेजी हुकूमत के सहयोगी जनजातीय धर्म संस्कृति से दूर करनेवाले लोगों का भी विरोध किया। जिसके कारण अंग्रेजी हुकूमत उसे पकड़ने और गिरफ्तार करने का मुहिम चलाया। बिरसा मुंडा जनजातीय लोगों को उनके संस्कृति की रक्षा के लिए संगठित करने में दिन-रात एक कर दिये थे। इससे अंग्रेज सरकार को शासन करने व अपने तंत्र का विस्तार करने में दिक्कत होने लगी। इसी बीच डोम्बारी बुरु में अपने धर्म संस्कृति की जानकारी देने के लिए सत्संग चल रहा था। वहीं अंग्रेज सैनिकों को आभास लगा कि बिरसा मुंडा वहाँ है। तभी उन्होंने डोम्बारी बुरु को घेरकर पकड़ने के लिए आगे बढ़े। उन सभी ने अंग्रेज सैनिकों से मुण्डा को बचाकर वहां से दूर कर दिया ताकि अंग्रेज उसे पकड़ न पाए और सभी जनजातीय महिला पुरूष मिलकर बिरसा मुंडा को वहाँ से बचाकर भागा दिया। जिससे सैनिकों ने गोलियाँ चलायी और 200 से अधिक लोगों को मौत की नींद सुला दिया। जिसमें महिला पुरूष व बच्चे भी शामिल थे। अंग्रेजों के बर्बता पूर्ण नृशंस हत्याकांड 9 जनवरी 1899 को हुआ था, जिसके बाद बिरसा मुंडा को 3 फरवरी 1900 को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार किये गये बिरसा मुंडा को खूँटी हाजत लाया गया और रात को हाजत में रखकर सुबह में राँची जेल ले जाया गया, जहाँ 9 जून 1900 को उनकी मृत्यु हो गई। वन अधिनियम के विरुद्ध आवाज उठाकर उलगुलान शुरु करनेवाले बिरसा मुण्डा को पूरा देश नमन करता है।
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तहसीलदार की मध्यस्थता से वर्षों का भूमि विवाद सुलझा गया

Jaipur, Rajasthan:चौमूं जयपुर तहसीलदार विजयपाल ने सुलझाया वर्षो पुराना भूमि विवाद सीमाज्ञान और पत्थरगढ़ी की कार्रवाई के दौरान बनी विवाद की स्थिति तहसीलदार की मध्यस्थता से दोनों पक्षों में बनी सहमति एसडीएम न्यायालय के आदेश की पालना में हुई कार्रवाई राजस्व टीम ने विभिन्न खसरों की पैमाइश कर किया सीमांकन रास्ता खोलो अभियान में भी तहसीलदार ने खुलवाए कई बन्द रास्ते तहसीलदार विजयपाल बिश्नोई राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचे और सीमांकन की प्रक्रिया शुरू करवाई। इस दौरान एक पक्ष के किसानों ने बड़े सीमेंट पोल लगाकर तारबंदी किए जाने पर आपत्ति जताई। किसानों का कहना था कि सीमांकन के लिए छोटे पत्थर लगाए जाएं, जिससे भविष्य में दोनों पक्षों के बीच विवाद और कटुता की स्थिति उत्पन्न न हो। विरोध के चलते कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया। स्थिति को देखते हुए तहसीलदार विजयपाल बिश्नोई ने दोनों पक्षों को बैठाकर वार्ता की और न्यायालय के आदेशों की जानकारी देते हुए आपसी सहमति से समाधान निकालने का प्रयास किया। दोनों पक्षों की आपत्तियां सुनने और राजस्व अधिकारियों की मध्यस्थता के बाद सहमति का माहौल बना, जिसके बाद सीमांकन एवं पत्थरगढ़ी की कार्रवाई आगे बढ़ाई गई। सहमति बनने के बाद राजस्व टीम ने भूमि की पैमाइश, सीमांकन और पत्थरगढ़ी की प्रक्रिया पूरी की। तहसीलदार विजयपाल बिश्नोई ने बताया कि प्रशासन की प्राथमिकता न्यायालय के आदेशों की पालना के साथ राजस्व विवादों का शांतिपूर्ण समाधान करना है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के सहयोग से लंबे समय से लंबित विवाद का निस्तारण संभव हो सका तथा पूरी कार्रवाई पारदर्शिता और नियमानुसार कराई गई है।
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थापली में जल जीवन मिशन: पानी टंकी नहीं, ग्रामीण धरना देंगे

Jobat, Madhya Pradesh:आलीराजपुर के थापली गांव में पानी के लिए जान जोखिम में डालने को मजबूर ग्रामीण, कागजों तक सिमटा जल जीवन मिशन, गांव में न बनी पानी की टंकी, न बिछी पाइपलाइन, ग्रामीणों ने सांसद और विधायक से हैंडपंप की मांग, मांग पूरी नहीं होने पर धरने की चेतावनी। ये तस्वीरें अलीराजपुर जिले के ग्राम थापली की हैं। इन तस्वीरों को देखकर आप आसानी से अंदाज़ा लगा सकते हैं कि यहां पानी की कीमत क्या है और सिस्टम कितना लाचार है। प्यास बुझाने के लिए ग्रामीण रोज़ मौत के कुएं में उतरने को मजबूर हैं। ज़रा सी चूक हुई तो सीधे जान पर बन आएगी, पर प्रशासन बेखबर है। हैरानी की बात यह है कि यह गांव सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना से जुड़ा हुआ है, लेकिन ज़मीनी हकीकत यह है कि योजना के नाम पर गांव में न तो अब तक पानी की कोई टंकी बनी है न ही पाइपलाइन बिछाई गई है। करोड़ों की योजना यहां पूरी तरह से हवा-हवाई साबित हो रही है और अधिकारी मौन बैठे हैं।
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CPA Zone-II सम्मेलन: विकसित भारत 2047 के लक्ष्य पर सरकार-जनभागीदारी की भूमिका

Chandigarh, Chandigarh:चंडीगढ़ ब्रेकिंग राष्ट्रमंडल संसदीय संघ (CPA) इंडिया रीज़न ज़ोन-II (नॉर्थ ज़ोन) के सम्मेलन का आज दूसरा दिन एक निजी होटल में सुबह करीब 10:00 बजे से शुरू होगा सम्मेलन आज सम्मेलन में 'तीन सत्र में विकसित भारत-2047 के लक्ष्य और भविष्य की चुनौतियों को साकार करने में जागरूक समाज और विधायकों की भूमिका' पर होगी चर्चा इसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला शाम 4:00 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे इस दो दिवसीय सम्मेलन की कार्यवाही के दौरान 'विकसित भारत के संकल्प', 'जनभागीदारी', 'जनआंदोलन' और 'सामूहिक उत्तरदायित्व' जैसे गंभीर विषयों पर चर्चा हो रही है इस दो दिवसीय CPA इंडिया रीज़न ज़ोन-II (नॉर्थ ज़ोन) सम्मेलन में देश के 12 राज्यों की विधायिकाओं के पीठासीन अधिकारी शामिल हुए है इसमें सीपीए ज़ोन–II के सदस्य प्रदेश में हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और दिल्ली—की विधायिकाओं के पीठासीन अधिकारियों के अतिरिक्त अन्य राज्यों जिनमें मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गोवा, उत्तर प्रदेश सिक्किम और पश्चिम बंगाल की विधायिकाओं के पीठासीन अधिकारी भी मौजूद है
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NGT के आदेश पर 10 जून से पाकुड़ की नदियों में बालू खनन पूर्ण रोक

Pakur, Jharkhand:NGT के निर्देशों के अनुसार 10 जून से पाकुड़ जिले में नदियों से बालू खनन और बालू उठाव पर पूर्ण प्रतिबंध लागू हो जाएगा। यह रोक 10 जून से 15 अक्टूबर तक प्रभावी रहेगी। 15 अक्टूबर के बाद निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने पर बालू घाटों का संचालन शुरू किया जा सकेगा। जिला खनन पदाधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि 10 जून से NGT लागू हो रहा है, जिसके कारण नदियों से बालू का उठाव पूरी तरह बंद रहेगा। मानसून सत्र शुरू होने से पहले इसे लागू किया गया है। 10 जून से मानसून सत्र शुरु होने वाला है और NGT न्यायालय के आदेश और भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुसार 10 जून से 15 अक्टूबर तक जिलेभर में नदी तल से बालू उठाव नहीं होगा। इसके लिए अलग आदेश जारी किया जाएगा। अगर कोई बालू उठाव करता है तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मानसून के आगमन के साथ शुरू होने वाली इस वार्षिक रोक का उद्देश्य नदी प्रवाह, जलीय जीवों के संरक्षण और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना है। विशेषज्ञों के अनुसार बरसात के दौरान जलस्तर बढ़ता है और खनन से नदी तटों के कटाव, जलीय जीव-जंतुओं के आवास तथा जैव विविधता को नुकसान पहुंच सकता है। इसी कारण हर साल बरसात के मौसम में बालू खनन पर रोक लगाई जाती है।
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दुमका स्टेशन से कोयला डंपिंग यार्ड हटाने का रेलवे ने फैसला लिया

Dumka, Jharkhand:दुमका रेलवे स्टेशन परिसर में संचालित कोयला डंपिंग यार्ड को लेकर लंबे समय से चल रहे जन आंदोलन को बड़ी सफलता मिली है। ईस्टर्न रेलवे ने कोयला डंपिंग यार्ड को रेलवे स्टेशन से हटाकर दूसरे स्थान पर स्थानांतरित करने का निर्णय लिया है। इस फैसले के बाद स्टेशन के आसपास रहने वाले लोगों में खुशी का माहौल है। दुमका रेलवे स्टेशन में संचालित कोयला डंपिंग यार्ड को हटाने की मांग को लेकर स्थानीय लोग पिछले पांच वर्षों से लगातार आंदोलन कर रहे थे। धरना-प्रदर्शन, जनजागरण अभियान और विभिन्न स्तरों पर ज्ञापन सौंपकर लोगों ने अपनी आवाज बुलंद की थी। आंदोलन के दौरान कई बार विरोध-प्रदर्शन हुए और आंदोलनकारियों पर मामले भी दर्ज किए गए थे लेकिन लोगों ने जनहित की इस लड़ाई को जारी रखा था। रेलवे स्टेशन के आस पास बसने वाले स्थानीय लोगों का कहना है कि रेलवे स्टेशन परिसर में संचालित कोयला डंपिंग यार्ड से निकलने वाली धूल और प्रदूषण के कारण आसपास के मोहल्लों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा था। कोयले के धूलकणों से लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ता था और पर्यावरण भी प्रभावित हो रहा था। पिछले पांच वर्षों से हम लोग लगातार आंदोलन कर रहे थे। धरना, प्रदर्शन, जनजागरण और ज्ञापन के माध्यम से अपनी मांग रखते रहे। आज रेलवे प्रशासन द्वारा कोयला डंपिंग यार्ड को हटाने का निर्णय लिया गया है, जिससे आसपास रहने वाले हजारों लोगों को राहत मिलेगी। यह जनता की एक बड़ी जीत है। लगातार जनदबाव और आंदोलन के बाद ईस्टर्न रेलवे ने स्थानीय लोगों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए कोयला डंपिंग यार्ड को दुमका रेलवे स्टेशन से हटाने का फैसला किया है। इस निर्णय से क्षेत्र में प्रदूषण कम होने की उम्मीद जताई जा रही है और लोगों ने इसे जनहित में लिया गया महत्वपूर्ण कदम है। दुमका रेलवे स्टेशन से कोयला डंपिंग यार्ड हटाए जाने के फैसले ने वर्षों से आंदोलन कर रहे लोगों को बड़ी राहत दी है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि इस निर्णय से न सिर्फ प्रदूषण में कमी आएगी, बल्कि आसपास के इलाकों का वातावरण भी बेहतर होगा।
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स्केटिंग यात्रा पर राहुल ने आस्था और साहस की मिसाल कायम कर दी

Dholpur, Rajasthan:स्केटिंग पर निकला राहुल, आस्था और साहस की अनोखी मिसाल सरमथुरा (धौलपुर) कस्बे के युवा राहुल ने अपनी स्केटिंग यात्रा की शुरुआत करते हुए धार्मिक स्थलों के दर्शन का अनूठा संकल्प लिया है। राहुल सरमथुरा से स्केटिंग करते हुए पहले मथुरा-वृंदावन पहुंचेगा और इसके बाद माता वैष्णो देवी के दरबार तक अपनी यात्रा जारी रखेगा। यात्रा प्रारंभ करने से पहले राहुल ने सरमथुरा में स्थित बाबा महाकाल के मंदिर में पूजा-अर्चना कर भगवान महाकाल का आशीर्वाद लिया और सफल यात्रा की कामना की। राहुल की यह यात्रा केवल खेल या साहस का प्रदर्शन नहीं, बल्कि आस्था, समर्पण और युवाओं के लिए प्रेरणा का संदेश भी है। विशेष बात यह है कि राहुल इसी यात्रा से लगभग एक माह पूर्व राजस्थान के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल खाटूश्याम जी के दर्शन कर भी लौटा था। अब वह एक बार फिर अपने मजबूत इरादों और धार्मिक भावना के साथ लंबी स्केटिंग यात्रा पर निकल पड़ा है। राहुल का कहना है कि इस यात्रा का उद्देश्य लोगों को खेल, स्वास्थ्य और आध्यात्मिकता के प्रति जागरूक करना है। रास्ते में विभिन्न स्थानों पर स्थानीय लोगों द्वारा उसका स्वागत किया जा रहा है और लोग उसके साहसिक प्रयास की सराहना कर रहे हैं। इस अनोखी यात्रा ने क्षेत्र के युवाओं में भी नया उत्साह पैदा किया है। स्केटिंग के माध्यम से सैकड़ों किलोमीटर की दूरी तय करने का राहुल का संकल्प यह साबित करता है कि मजबूत इच्छाशक्ति और दृढ़ निश्चय के आगे कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता।
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झुंझुनूं में रात 8 बजे के बाद शराब बिक्री, प्रशासन और पुलिस पर सवाल

Jhunjhunu, Rajasthan:झुंझुनूं से इस वक्त की बड़ी खबर झुंझुनूं में सरकारी आदेशों और प्रशासनिक सख्ती की खुली पोल रात 8 बजे बाद भी पुलिस की मौजूदगी में धड़ल्ले से बिक रही शराब! एसपी के निर्देश पर तैनात पुलिसकर्मी भी नहीं रोक पा रहे अवैध बिक्री शटर बंद कर छेदों और नीचे के रास्ते से ग्राहकों को बेची जा रही शराब आबकारी विभाग और सिस्टम की कार्यशैली पर उठ रहे गंभीर सवाल, वीडियो आए सामने झुंझुनूं जिले में शराब बिक्री के समय को लेकर सरकार के आदेश और एसपी की सख्ती दोनों ही धरातल पर बेअसर नजर आ रहे हैं। झुंझुनूं शहर ही नहीं, बल्कि जिले के अन्य इलाकों में रात 8 बजे बाद भी कई शराब ठेकों पर खुलेआम शराब बिक्री जारी है। जबकि नियमों के अनुसार निर्धारित समय के बाद बिक्री प्रतिबंधित है। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद हाल ही में झुंझुनूं एसपी ने शराब ठेकों पर रात 8 बजे के बाद निगरानी के लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती की थी। उद्देश्य था कि समय सीमा के बाद शराब बिक्री पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल अलग दिखाई दे रही है। सूत्रों के अनुसार कई ठेकों पर शटर गिराने के बाद भी नीचे की जगह और दुकानदारों में बनाए गए विशेष छिद्रों के जरिए ग्राहकों को शराब बेची जा रही है। सबसे हैरानी की बात यह है कि यह सब पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में हो रहा है। बताया जा रहा है कि जैसे ही ग्राहक शराब लेने पहुंचते हैं, तैनात पुलिसकर्मी नजरअंदाज कर देते हैं या वहां से हट जाते हैं। शहर में यह भी चर्चा है कि आबकारी विभाग की ढिलाई अथवा कथित मिलीभगत के चलते कई स्थानों पर ब्रांच के नाम पर अवैध रूप से शराब बिक्री केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इसके बावजूद कार्रवाई के नाम पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। अब सवाल यह है कि जब पुलिस की मौजूदगी में ही नियमों की खुलेआम अवहेलना हो रही है। तो सरकार के आदेशों और प्रशासनिक सख्ती का वास्तविक असर आखिर कब दिखाई देगा। यदि निगरानी के बावजूद अवैध बिक्री जारी रहती है, तो यह न केवल आबकारी व्यवस्था बल्कि पूरे सरकारी तंत्र की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है.
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पटना सहित कई जिलों में गर्मी बढ़ी; अगले 48 घंटे तापमान और बढ़ सकता है

Patna, Bihar:पटना में गर्मी ने एक बार फिर लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. राजधानी पटना समेत कई जिलों में तापमान में बढ़ोतरी हो रही है मौसम का मिजाज एक बार फिर बेहद तल्ख हो गया है. राज्य के अधिकतर इलाकों में लोग भीषण उमस और चिलचिलाती गर्मी से लोग बेहाल हैं. मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटे के दौरान राज्य के अनेक भागों में दिन के तापमान में एक से तीन डिग्री सेल्सियस की और बढ़ोतरी होने की संभावना है. आज राजधानी पटना, गयाजी, भभुआ, बक्सर और डेहरी में हवा में नमी की अधिक मात्रा के कारण  उमस भरी गर्मी महसूस होगी. दोपहर के समय लोगों को घरों से बाहर निकलने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. ऐसे में लोगों से सावधान रहने और जरुरत होने पर ही बाहर निकलने की जरूरत है
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