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MUKESH KUMARMUKESH KUMARFollow16 Jan 2025, 11:59 am
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जालंधर: तस्कर परिवार के घर पर प्रशासन का बड़ा एक्शन, अवैध निर्माण तोड़ा

Noida, Uttar Pradesh:जालंधर: तस्कर के घर पर प्रशासन का एक्शन, दपंति और भाई पर पहले से मामले दर्ज जालंधर: नशे के खिलाफ चलाई गई मुहिम के तहत प्रशासन द्वारा लगातार तस्करों की प्रॉपर्टी को सील किाय जा रहा है और उन्हें धवस्त भी किया जा रहा है। इस मुहिम के तहत बवेजा अस्पताल के पास तारां वाली गली में घर के नए बने हिस्से पर नगर निगम और पुलिस प्रशासन के सांझे ऑपरेशन के दौरान पीला पंजा चलाया गया। मिली जानकारी के अनुसार नगर निगम की ओर से कई बार मकान मालिक को नोटिस जारी किया गया, लेकिन नोटिस का जवाब नहीं दिया गया। जिसके बाद आज पुलिस और नगर निगम की टीम ने पुलिस की मदद से कार्रवाई करते हुए कुछ हिस्से को गिरा दिया है। मामले की जानकारी देते हुए एसीपी आतिश भाटिया ने बताया कि उन्हें घर पर कार्रवाई करने को लेकर नगर निगम की ओर से सुरक्षा मुहैया करवाने के लिए कहा गया था। नगर निगम अधिकारी के अनुसार घटना स्थल पर शांति पूर्वक कार्रवाई करने को लेकर पुलिस सुरक्षा मांगी गई थी। ऐसे में वह टीम के साथ घटना स्थल पर पहुंचे है। जांच के दौरान सामने आया है। घर के मालिक सहित 3 लोगों पर पहले से 5 से 6 मामले दर्ज है, जिसमें एनडीपीएस एक्ट के पर्चे शामिल है। तीनों दोषी जेल से जमानत पर बाहर आए है और इनमें पति-पत्नी और देवर शामिल है। दोषियों की पहचान पत्नी लखबीर कौर उर्फ रेखा, पति संदीप और देवर सूरज के रूप में हुई है। वहीं नगर निगम अधिकारी ने बताया कि संदीप और सूरज द्वारा अवैध रूप ने घर पर नया निर्माण किया गया था। घर के मालिक को कई बार नोटिस देकर जवाब मांगा गया था, लेकिन नोटिस का जवाब ना मिलने के बाद आज टीम द्वारा अवैध रूप से बनाए गए नए निर्माण कार्य को तोड़ा जा रहा है।
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शubhendu Adhikari भवानीपुर से शपथ, नंदीग्राम पर नजर; पीएम के निर्देश से गाड़ी घटाने की तैयारी

Kolkata, West Bengal:*শুভেন্দু অধিকারী* ১) ভবানীপুর থেকে শপথ নিয়েছি। নিয়ম অনুযায়ী আমাকে একটা আসন ছাড়তে হয়। আমি নন্দীগ্রাম আসন দেখব অবশ্য। নন্দীগ্রামকে বুঝতে দেব না, যে শুভেন্দু অধিকারী নেই। আমি সব নজর রাখব। ফিরোজা বিবির সময় থেকে আমিই দেখি。 ২) আবেশ আছে আজ আমাদের। আমি গনতন্ত্রের মন্দিরে প্রবেশ করেছি。 ৩) সৌজন্য দেখিয়েছেন সবাই। এই বিধানসভা অন্য ছবি দেখবে এবার। কিছুই লুকানো থাকবে না। তৃণমূলের বিধায়করা আমাকে এসে বললেন স্বাধীনতা পেলাম。 ৪) প্রধানমন্ত্রী যে আদেশ দিয়েছে। সেটা মেনেই ডিরেক্টর অফ সিকিউরিটিকে আমার গাড়ি কমাতে বলেছি। ওরা সেই প্রক্রিয়া শুরু করেছে। প্রধানমন্ত্রী দেশের স্বার্থে যে পথ দেখাবেনআমি সেই পথেই চলব।
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बुलंदशहर में हर्निया ऑपरेशन गड़बड़ी, चार डॉक्टरों की टीम जांच शुरू

Bulandshahr, Uttar Pradesh:बुलंदशहर: बुलंदशहर: हर्निया ऑपरेशन में गड़बड़ी मामले में जांच करने पहुंची चिकित्सकों की टीम。 सर्जन समेत दो डॉक्टर और एक ओटीटी टेक्नीशियन के दर्ज किए गए बयान。 डीएम के आदेश पर एसीएमओ सुनील कुमार के नेतृत्व में चार डॉक्टरों के पैनल ने की जांच。 मासूम बच्चे की अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में बाईं ओर पाया गया था हर्निया。 पिता का दावा चिकित्सक ने बच्चे का दो बार किया था ऑपरेशन。 रिपोर्ट में दर्ज बयान के आधार पर जांच कर उचित कार्रवाई करने का दावा कर अधिकारी。 खुर्जा के श्री सूरजमल जटिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का मामला。
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गोरखपुर: JE पर 50 हजार रिश्वत के आरोप, बाइक पेड़ से बांधी गई वीडियो

Gorakhpur, Uttar Pradesh:रिपोर्ट: नागेन्द्र मणि त्रिपाठी। गोरखपुर में बिजली विभाग में भ्रष्टाचार का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। सहजनवा क्षेत्र के पाली विद्युत उपकेंद्र पर तैनात जूनियर इंजीनियर यानी JE पर ईंट भट्ठा मालिक से बिजली लाइन लगाने के नाम पर 50 हजार रुपये रिश्वत लेने का आरोप लगा है। आरोप है कि महीनों तक काम नहीं हुआ तो नाराज उपभोक्ता ने JE की बाइक को उपकेंद्र परिसर में पेड़ से जंजीर में बांध दिया। मामला बढ़ने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया और आखिरकार JE को रकम लौटानी पड़ी। इस पूरे घटनाक्रम का ऑडियो भी अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। सख्ती और भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार दावों के बावजूद बिजली विभाग में रिश्वतखोरी रुकने का नाम नहीं ले रही है। ताजा मामला गोरखपुर के सहजनवा तहसील क्षेत्र स्थित पाली विद्युत उपकेंद्र का है। यहाँ ग्राम पंचायत उसरी में ईंट भट्ठा संचालित करने वाले महेंद्र पाल सिंह ने आरोप लगाया है कि भट्ठे पर बिजली कनेक्शन और पांच पोल के साथ लाइन खिंचवाने के लिए JE सुशील कुमार गुप्ता ने 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। पीड़ित के मुताबिक 18 जनवरी को संविदा लाइनमैन के माध्यम से JE को रकम दे दी गई, लेकिन साढ़े तीन महीने गुजर जाने के बाद भी न तो पोल लगाए गए और न ही स्थायी लाइन तैयार हुई। आरोप है कि बाद में केवल बांस-बल्ली के सहारे अस्थायी केबल डालकर चार किलोवाट का कनेक्शन दे दिया गया। कुछ दिन पहले जानवरों की टक्कर से अस्थायी केबल टूट गई और इलाके में करंट फैल गया। इसके बाद भट्ठा मालिक ने या तो पोल लगवाने या फिर पैसे वापस करने की मांग की। आरोप है कि पैसे वापस मांगने पर JE ने कनेक्शन काटने तक की धमकी दे दी। नाराज होकर शिकायतकर्ता सीधे पाली विद्युत उपकेंद्र पहुंच गया और वहां खड़ी JE की बाइक को पेड़ से जंजीर में बांध दिया। इस घटना के बाद विभागीय अधिकारियों में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर अधिशासी अभियंता ने हस्तक्षेप किया, जिसके बाद JE ने भट्ठा मालिक को रकम लौटाने में ही अपनी भलाई समझी। बताया जा रहा है कि JE ने भट्ठा मालिक के साथ सहजनवा पहुंचकर जनसुविधा केंद्र से 40 हजार रुपये वापस किए, जबकि बाकी 10 हजार रुपये खर्च होने की बात कही। घटना के बाद बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी उपकेंद्र पहुंच गए और JE पर पैसे लेकर काम न करने के आरोप लगाए। वहीं सोशल मीडिया पर एक ऑडियो क्लिप भी तेजी से वायरल हो रही है। बताया जा रहा है कि यह बातचीत संविदा लाइनमैन चन्द्रशेखर सिंह और JE सुशील कुमार गुप्ता के बीच की है। वायरल ऑडियो में कथित तौर पर JE कहते सुनाई दे रहे हैं कि यदि ईंट भट्ठे का पूरा एस्टीमेट बनता तो दो लाख रुपये खर्च होते, लेकिन उन्होंने “कम खर्च में काम करा दिया”। इस ऑडियो के सामने आने के बाद बिजली विभाग की कार्यप्रणाली और भ्रष्टाचार पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। पीड़ित ईंट भट्ठा मालिक का महेंद्र पाल सिंह का कहना है कि JE द्वारा हमसे पोल और तार लगाने के नाम पर 50 हजार रुपये लिए घुस में लिए गए थे, लेकिन काम नहीं हुआ। जब पैसे वापस मांगे तो कनेक्शन काटने की धमकी दी गई थी। मामले में JE सुशील कुमार गुप्ता का कहना है कि जो पैसे ईंट भट्ठा मालिक को हमने वापस किए हैं, वह किसी दूसरे काम के थे। जबकि बाइक को जंजीर से बांधने की घटना को उन्होंने अपने लाइनमैन की बदमाशी बताई है। बिजली विभाग में रिश्वत, धमकी और फिर उपभोक्ता द्वारा JE की बाइक जंजीर से बांधने की यह घटना अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। वायरल ऑडियो और पैसे वापसी के बाद विभागीय जांच पर सबकी नजरें टिकी हैं।
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बुलंदशहर: अहमदगढ़ के 12वीं के छात्र सागर लापता, 40 घंटे बाद भी घर नहीं लौटा

Bulandshahr, Uttar Pradesh:बुलंदशहर बुलंदशहर के अहमदगढ़ थाना क्षेत्र से 12वीं का छात्र संदिग्ध परिस्थितियों में हुआ लापता सागर अपने घर से अपनी किताब लेने गया था अहमदगढ़ करीब 40 घंटे बीतने के बाद भी घर वापस नहीं पहुंचा कक्षा 12वीं का छात्र सागर 40 घंटे बीतने के बाद भी घर नहीं पहुंचने पर परिजनों ने अनहोनी की जताई आशंका परिजनों ने घटना की अहमदगढ़ थाना पुलिस को दी जानकारी पीड़ित मां की तहरीर पर पुलिस ने गुमशुदगी की दर्ज अहमदगढ़ थाना पुलिस 12वीं के छात्र सागर की तलाश में जुटी अहमदगढ़ थाना क्षेत्र के जीराजपुर गांव का बताया जा रहा है लापता छात्र。
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चिड़ावा पुलिस ने हरियाणा से लाई गई अवैध शराब की खेप पकड़ी

Jhunjhunu, Rajasthan:झुंझुनूं चिड़ावा पुलिस ने अवैध शराब से भरी कार पकड़ी हरियाणा के लोहारू से लाई जा रही थी शराब की खेप मुखबिर सूचना पर पुलिस ने की नाकाबंदी पुलिस को देखकर तस्कर ने कई बार बदला रास्ता तेज रफ्तार कार ने एक वाहन को भी मारी टक्कर पुलिस ने पीछा कर डीएसपी ऑफिस के पास कार पकड़ी कार से भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद चालक हिरासत में, वाहन जब्त शराब तस्करी नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस चिड़ावा पुलिस की कार्रवाई से तस्करों में हड़कंप चिड़ावा में अवैध शराब तस्करी के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हरियाणा से लाई जा रही शराब की खेप पकड़ी है। पुलिस ने पीछा कर एक कार को जब्त हुए उसमें से भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद की। कार्रवाई के दौरान तस्कर ने पुलिस से बचने के लिए कई बार रास्ता बदलने की कोशिश की, लेकिन पुलिस टीम ने घेराबंदी कर आखिरकार उसे पकड़ लिया। जानकारी के अनुसार चिड़ावा पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि हरियाणा के लोहारू से एक कार में अवैध शराब भरकर सूरजगढ़ के रास्ते चिड़ावा लाई जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस अलर्ट हो गई और पिलानी चौराहे सहित विभिन्न स्थानों पर नाकाबंदी कर दी गई। बताया जा रहा है कि संदिग्ध कार जैसे ही पिलानी चौराहे पर पहुंची, वहां पुलिस की नाकाबंदी देखकर चालक घबरा गया और तुरंत कार को पिलानी की ओर मोड़ दिया। नाकाबंदी पर तैनात एसआई कैलाश और एएसआई बलबीर सिंह चावला को कार की गतिविधियां संदिग्ध लगीं, जिसके बाद पुलिस टीम ने उसका पीछा शुरू कर दिया। पीछा तेज होते देख तस्कर ने कॉलेज के पास भी पुलिस नाकाबंदी देखकर कार वापस चिड़ावा की ओर दौड़ा दी। इस दौरान तेज रफ्तार कार ने एक अन्य वाहन को भी टक्कर मार दी। बावजूद इसके पुलिस टीम लगातार पीछा करती रही और आखिरकार डीएसपी ऑफिस के पास कार को घेरकर चालक को पकड़ लिया। पुलिस ने कार की तलाशी ली तो उसमें भारी मात्रा में अवैध शराब भरी मिली। इसके बाद पुलिस ने चालक को हिरासत में लेकर वाहन जब्त कर लिया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि शराब की खेप कहां सप्लाई की जानी थी और तस्करी नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं। चिड़ावा पुलिस की इस कार्रवाई से शराब तस्करों में हड़कंप मच गया है। पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है。
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राजस्थान: बजट घोषणाओं का समय पर क्रियान्वयन, वित्तीय अनुशासन पर जोर

Jaipur, Rajasthan:राजस्थान सरकार अब बजट घोषणाओं को सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रखना चाहती। यही वजह है कि मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने सचिवालय में हुई समीक्षा बैठक में साफ संदेश दिया कि लंबित बजट घोषणाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करना होगा और सरकारी खर्चों में भी अनुशासन लाना होगा। बैठक में सबसे ज्यादा चर्चा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की उस पहल की रही, जिसमें उन्होंने ईंधन और पेट्रोल खर्च कम करने के लिए अपने काफिले का आकार घटाया है। मुख्य सचिव ने इसे वित्तीय अनुशासन और मितव्ययिता की दिशा में बड़ा संदेश बताते हुए कहा कि अब सभी विभागों को भी अनावश्यक खर्चों में कटौती करनी होगी। उन्होंने वर्ष 2024-25 और 2025-26 की लंबित घोषणाओं को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए, वहीं 2026-27 की नई घोषणाओं के लिए स्पष्ट रोडमैप और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में यह भी सामने आया कि कई परियोजनाएं जमीन आवंटन, DPR, तकनीकी स्वीकृति, पर्यावरण अनुमति और निविदाओं जैसी प्रक्रियाओं में अटकी हुई हैं। मुख्य सचिव ने विभागों को आपसी समन्वय बढ़ाकर इन बाधाओं को जल्द दूर करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि राजस्थान टेक्सटाइल और अन्य उत्पादों का बड़ा निर्यात केंद्र है, इसलिए खर्च नियंत्रण का असर उद्योगों और निर्यात गतिविधियों पर नहीं पड़ना चाहिए। बैठक में 16वें वित्त आयोग पुरस्कार, PFMS, SNA-SPARSH और अन्य वित्तीय विषयों पर भी चर्चा हुई। वित्त विभाग के प्रमुख शासन सचिव वैभव गालरिया ने केंद्र सरकार की योजनाओं के तहत “मदर सैंक्शन” समय पर लेने के निर्देश दिए ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन में देरी न हो।
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केंद्र सरकार ने राजस्थान हाईकोर्ट के लिए नया पैनल नियुक्त किया

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। भारत सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय ने राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर मुख्यपीठ और जयपुर पीठ के लिए केंद्र सरकार की ओर से पैरवी करने हेतु नए पैनल अधिवक्ताओं की नियुक्ति की है। मंत्रालय के न्यायिक विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार कई वरिष्ठ अधिवक्ताओं को सीनियर पैनल काउंसिल तथा सेंट्रल गवर्नमेंट काउंसिल नियुक्त किया गया है। यह नियुक्तियां राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद की गई हैं। जारी आदेश में कहा गया है कि नियुक्त अधिवक्ता राजस्थान हाईकोर्ट में केंद्र सरकार से जुड़े मामलों की पैरवी करेंगे। इन नियुक्तियों की अवधि तीन वर्ष अथवा अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी। जोधपुर मुख्यपीठ के लिए सीनियर पैनल काउंसिल के रूप में विवेक माथुर, नवनीत सिंह बिर्ख, प्रकाश चौधरी, रवि किशन रावल, उत्तम सिंह राजपूत, पंकज अवस्थी, कमलेश रावल, तिरुपति चंद्रा शर्मा, देवकीनन्दन व्यास, डॉ. प्रतिष्ठा दवे, नृपेन शंकर आचार्य, आसकरण मारू, अक्षय शुक्ला, करनीदान सिंह चारण, गोपाल बोस और विवेक श्रीमाली को नियुक्त किया गया है। वहीं सेंट्रल गवर्नमेंट काउंसिल के रूप में कार्तिक सिंह लोढ़ा, मनोज चौधरी, गिरिश जोशी, भरत बूब, विशाल ठाकुर, मुकेश रावल, जसराज सिंह, प्रज्ञा लखानी, देवेन्द्र खत्री, फाल्गुन बुच, जयदीप सिंह सलूजा, ब्रिजेश भिंतल, हिरेन पटेल और खुशबू पलासिया को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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हनुमानढ़ के पीलीबंगा मैदान पर पानी टंकी रोक, कोर्ट विकल्प तलाशने को कहता है

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने हनुमानगढ़ जिले के पीलीबंगा कस्बे में बच्चों के एकमात्र खेल मैदान पर प्रस्तावित ओवरहेड पानी की टंकी निर्माण पर रोक लगाते हुए फिलहाल मैदान की स्थिति यथावत बनाए रखने के आदेश देते हुए प्रशासन से पूछा है कि क्या वास्तव में नगर में टंकी निर्माण के लिए कोई अन्य स्थान उपलब्ध नहीं था। न्यायाधीश अरूण मोंगा व न्यायाधीश संदीप शाह की खंडपीठ ने हनुमाणीगढ पीलीबंगा निवासी राजकुमार सहित पांच लोगों की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए अहम आदेश पारित किया है। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता जितेंद्र सिंह भलेरिया ने कोर्ट को बताया कि पीलीबंगा नगर में बच्चों और युवाओं के लिए यही एकमात्र सार्वजनिक खेल मैदान उपलब्ध है। ऐसे में इसी मैदान में पानी की विशाल टंकी का निर्माण शुरू करना स्थानीय नागरिकों के हितों के खिलाफ है। याचिका में कहा गया कि निर्माण कार्य के दौरान भारी वाहनों की आवाजाही, मशीनों का उपयोग और निर्माण सामग्री के कारण मैदान पूरी तरह प्रभावित हो जाएगा तथा बच्चों के खेलने में गंभीर बाधा उत्पन्न होगी। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने चर्चित गीत वेयर डू द चिल्ड्रन प्ले का उल्लेख करते हुए कहा कि विकास कार्यों के नाम पर बच्चों के खेलने के स्थान खत्म होना चिंता का विषय है। कोर्ट ने कहा कि बच्चों के लिए खुले मैदानों का संरक्षण भी प्रशासन की जिम्मेदारी है। नगरपालिका की ओर से अधिवक्ता आयुष गहलोत ने पक्ष रखते हुए कहा कि प्रस्तावित पानी की टंकी केवल 50×50 वर्गफुट क्षेत्र में मैदान के एक कोने में बनाई जानी है, जबकि पूरा मैदान काफी बड़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि शहर में पानी की टंकी निर्माण के लिए यही एकमात्र उपलब्ध जगह है। हालांकि कोर्ट ने इस तर्क पर असंतोष जताते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि प्रशासन ने वैकल्पिक स्थान तलाशने का गंभीर प्रयास नहीं किया। कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को शपथपत्र पेश करने के निर्देश दिए हैं कि नगर में वास्तव में अन्य कोई उपयुक्त भूमि उपलब्ध नहीं है। मामले की अगली सुनवाई 10 जुलाई 2026 को होगी। तब तक कोर्ट ने खेल मैदान की वर्तमान स्थिति में कोई बदलाव नहीं करने के आदेश दिए हैं।
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