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IRFAN KHAN PATHANIRFAN KHAN PATHANFollow23 Dec 2024, 06:49 pm

महोबा-शाहपहाड़ी गांव में दो डंफरो में हुई भिड़ंत, घायल चालक की इलाज के दौरान हुई मौत

Mahoba, Uttar Pradesh:

महोबा के शाहपहाड़ी गांव में दो डंफरो में हुई भिड़ंत में गंभीर रूप से घायल चालक की इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। दरअसल आपको बता दे हादसा शाहपहाड़ी गांव का है। रविवार समय तकरीबन रात 8:00 बजे आगे जा रहे डंफर से तेज रफ्तार दूसरा डंफर टकरा गया। हादसा इतना तेज था कि दूसरे डंफर का चालक इंद्रजीत सिंह बुरी तरह घायल हो गया जिसकी इलाज के दौरान दर्दनाक मौत हो गई।पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भर पोस्टमार्टम कराया है और पुलिस अग्रिम कार्यवाही में जुटी हुई है।

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नारायणी महोत्सव के लिए गोपालगंज के डुमरिया घाट पर सुरक्षा और सफाई के निर्देश

Gopalganj, Bihar:गोपालगंज के डुमरिया घाट स्थित नारायणी घाट पर 24 नवंबर को नारायणी महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। preparations शुरू की गई हैं। आज शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी तथा डीएम समीर सौरभ ने आला अधिकारियों के साथ नारायणी घाट का निरीक्षण किया और तैयारियों को लेकर दिशा-निर्देश दिए।-dumaria-स्थित नारायणी घाट पर छठ महापर्व के दिन हजारों श्रद्धालु इकट्ठा होते हैं, वहीं कार्तिक पूर्णिमा के दिन स्नान के लिए भी भारी भीड़ होती है। पूर्णिमा की शाम पर्यटन विभाग के द्वारा नारायणी महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बताया कि छठ महापर्व व कार्तिक स्नान को लेकर बैठक की गई है और नारायणी महोत्सव के आयोजन के लिए डीएम के साथ निरीक्षण किया गया। सभी छठ घाटों की साफ-सफाई और रंगरोगन के निर्देश दिए गए। डीएम समीर सौरभ ने कहा कि छठ महापर्व व नारायणी महोत्सव को लेकर नारायणी रिवर फ्रंट का निरीक्षण आज किया गया। 24 नवंबर को राज्य स्तरीय नारायणी महोत्सव का आयोजन किया जाएगा और सुरक्षा व्यवस्था के लिए सभी तैयारियाँ शुरू कर दी गई हैं। छठ महापर्व के लिए भी प्रतिनियुक्ति की जाएगी।
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अनंत सिंह पर नोटिस: विधानसभा स्पीकर का निर्णय; संतोष सुमन बोले सड़क परियोजनाओं.

Patna, Bihar:लोकेशन — पटना मंत्री संतोष सुमन का अनंत सिंह को नोटिस पर बड़ा बयान अनुशासन तोड़ने की शिकायत पर विधानसभा से मिला नोटिस अनंत सिंह जवाब देंगे, दोनों पक्षों को सुनेंगे स्पीकर अनंत सिंह पर फैसले का अधिकार विधानसभा अध्यक्ष को सड़क परियोजनाओं पर बोले संतोष सुमन केंद्र से बिहार को सड़क परियोजनाओं की मंजूरी बड़ी बात नितिन गडकरी और पीएम मोदी को दिया धन्यवाद सड़क परियोजनाओं से उद्योग और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा पलायन रोकने में भी मिलेगी मदद एमएलसी चुनाव में हार पर बोले संतोष सुमन हार को स्वीकार करना होगा, अपनी गलतियां सुधारनी होंगी एनडीए पूरे मामले को देख रहा है, आगे भी देखेगा तेजस्वी यादव के बयान पर पलटवार तेजस्वी को बोलने दीजिए, हम लोग पांडव हैं हर चुनौती का मुकाबला करेंगे झारखंड चुनाव पर बड़ा ऐलान आने वाले झारखंड चुनाव में HAM पार्टी लड़ेगी चुनाव गठबंधन में या गठबंधन से बाहर, हर हाल में लड़ेंगे चुनाव उत्तर प्रदेश में फिलहाल चुनाव लड़ने की तैयारी नहीं
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हाथी की ग्रामीण इलाकों में वापसी की आशंका, वन विभाग ने खदेड़ना शुरू किया

Dehradun, Uttarakhand:हाथी के लौट जाने की आशंका...दहशत बरकरार ...! देहरादून के कालसी वन प्रभाग की टिमली रेंज के आरक्षित वन क्षेत्र से निकलकर विकासनगर के ग्रामीण इलाकों में घुसे एक हाथी की वजह से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है... डीएफओ कालसी के नेतृत्व में आज फिर वन विभाग की टीम ने ग्रामीण इलाकों के उन क्षेत्रों का मुआयना किया जहां हाथी के पैरों के निशान और खेती में किया गया नुकसान नजर आया... हाथी के पैरों के निशान वापस जंगल की ओर जाते हुए भी नजर आए जिससे अंदेशा लगाया जा रहा है कि हाथी वापस जंगल की ओर लौट गया है...वन विभाग की टीम ने उन रास्तों को भी ढूंढ निकाला जिनके जरिए हाथी जंगल से निकलकर रिहायशी इलाकों का रुख कर सकता है ....दरअसल सोमवार सुबह अंधेरे में ये हाथी जंगल से निकलकर ढकरानी गांव तक जा पहुंचा था... उसके बाद हरबर्टपुर आबादी में दिखाई दिए इस हाथी ने लोगों को दहशत में डाल दिया....खबर लगते ही वन विभाग मे हड़कंप मच गया... आबादी के बीच हाथी की मौजूदगी की खबर लगते ही अलर्ट मोड पर आई वन विभाग की टीम कल पूरा दिन इस हाथी को जंगल की दिशा में खदेड़ने का प्रयास करती रही... लेकिन हाथी ढकरानी क्षेत्र से निकलकर शाहपुर कल्याणपुर गाँव के खेतों में घुस गया... कृषि बाहुल्य इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर गन्ने की फसल है... जहां एक ओर हाथी को वापस जंगल तक खदेड़ने में वन विभाग के पसीने छूटते दिखाई दिए , तो वहीं हाथी गन्ने और धान की फसल का लुफ्त उठाता भी दिखा... हाथी ने कई किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया...जिससे किसानों को भारी नुकसान होना तय है... रात को इस ग्रामीण इलाके में खतरे को देखते हुए रेंजर आनंद रावत के नेतृत्व में रामपुर मंडी प्रशिक्षण केंद्र में ट्रेनिंग ले रही वन दरोगाओं की बड़ी टीम भी रात भर इलाके में गश्त करती नजर आई... वही टीमली रेंज के वनकर्मी भी लगातार इलाके में गश्त कर रहे हैं और रात के समय अनाउंसमेंट के जरिए लोगों को अलर्ट करते नजर आए... सुबह सवेरे वन विभाग की टीम को हाथी के पैरों के निशान जंगल की ओर जाते दिखाई दिए... जिससे अंदेशा लगाया जा रहा है कि हाथी वापस जंगल की ओर लौट गया है...लेकिन फिर भी एहतियात के तौर पर वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के द्वारा टीम को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं... फिलहाल वन विभाग की टीम हाथी पर नजर बनाए हुए हैं... लेकिन कृषि बाहुल्य इस क्षेत्र में गन्ना खाने का शौक रखने वाले ये गजराज दोबारा ग्रामीण इलाकों का रुख कर सकते हैं...जिसे लेकर वन विभाग जंगल के उन रास्तों में खाई खोदने की तैयारी कर रहा है जहां से हाथी रिहायशी इलाकों का रुख करते हैं...
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चित्तौड़गढ़ पंचायत चुनाव शांतिपूर्ण मतदान: 35.32% दर्ज

Begun, Rajasthan:चित्तौड़गढ़ जिले में पंचायत राज आम चुनाव-2026 के तहत पांचों पंचायत समितियों में मतदान शांतिपूर्ण ढंग से जारी है। मंगलवार दोपहर 1 बजे तक जिले में कुल 35.32 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। मतदान के आंकड़ों में भदेसर पंचायत समिति 38.69 प्रतिशत वोटिंग के साथ जिले में पहले स्थान पर रही, जबकि भूपालसागर में 37.90 प्रतिशत और चित्तौड़गढ़ में 35.69 प्रतिशत मतदान हुआ। वहीं कपासन में 33.47 प्रतिशत तथा राशमी में सबसे कम 29.81 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मतदान को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। जिले के मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। अधिकारी लगातार व्यवस्थाओं पर नजर बनाए हुए हैं। मतदाता भी उत्साह के साथ मतदान केंद्रों पर पहुंचकर अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। जिले में अब तक मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संचालित हो रही है。
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दिवाली पर एयरलाइंस की दोहरी नीति: जयपुर आने-जाने के किराए में भारी उछाल

Jaipur, Rajasthan:हैडर- - मुम्बई जाने के 8 हजार, आने के 25 हजार! - दिवाली पर हो रही जेब ढीली - हवाई किराए को लेकर एयरलाइंस की दोहरी नीति - जयपुर आएंगे तो चुकाना होगा 3 गुना अधिक किराया - मुम्बई, पुणे, अहमदाबाद, हैदराबाद से आना महंगा - बेंगलूरु, चेन्नई जैसे शहरों से भी बढ़ा हवाई किराया एंकर दिवाली के त्यौहार पर एक तरफ जब ट्रेनें फुल हैं और लम्बी वेटिंग लिस्ट दिख रही है, तो यात्री हवाई यात्रा की ओर रुख करते हैं। लेकिन एयरलाइंस की इन दिनों दोहरी नीति से यात्रियों के लिए टिकट बुक करना बहुत मुश्किल भरा साबित हो रहा है। दिवाली पर यूं तो हवाई किराए की दरें हर साल ही बढ़ाई जाती हैं। लेकिन इस बार किराए की दरों में अत्यधिक बढ़ोतरी कर दी गई है। यह रिपोर्ट देखिए- वीओ- 1 दिवाली के मौके पर हवाई किराये की दरों में 7 गुना तक बढ़ोतरी हो गई है। सुप्रीम कोर्ट में इसे लेकर याचिका भी लगाई गई है। लेकिन एयरलाइंस की इस अधिक किराया वसूलने की कार्यशैली पर रोक नहीं लग पा रही है। डीजीसीए भी एयरलाइंस की इस मनमर्जी को नहीं रोक रहा है। हर साल की तरह इस बार भी दिवाली पर हवाई यात्रा करना महंगा साबित हो रहा है। विभिन्न शहरों से जयपुर आगमन के लिए दिवाली पर हवाई किराया अत्यधिक बढ़ गया है। मुम्बई से जयपुर आगमन का किराया 25 हजार रुपए तक जा पहुंचा है। जबकि हैदराबाद से जयपुर आगमन का किराया भी 21 हजार रुपए तक लग रहा है। हालांकि हवाई किराये की दरों में यह बढ़ोतरी जयपुर आगमन वाली फ्लाइट्स में ही दिख रही है। जयपुर से विभिन्न प्रमुख शहरों के लिए जाने वाली फ्लाइट्स में किराया सामान्य ही लग रहा है- सूचना धनतेरस पर देखिए हवाई किराए में अंतर - 6 नवम्बर को मुम्बई से जयपुर का हवाई किराया पहुंचा 25 हजार तक - 13 फ्लाइट उपलब्ध, फिर भी किराया 16729 से लेकर 24185 रुपए - जबकि जयपुर से मुम्बई के लिए 6 नवंबर को किराया अत्यधिक कम - 7926 से लेकर 8389 रुपए लग रहा जयपुर से मुम्बई का किराया - 6 नवंबर को हैदराबाद से जयपुर के लिए 4 फ्लाइट उपलब्ध - जयपुर आगमन के लिए किराया 13678 से लेकर 20450 रुपए - वहीं जयपुर से हैदराबाद के लिए किराया 9475 रुपए - 6 नवम्बर को अहमदाबाद से जयपुर के लिए 3 फ्लाइट उपलब्ध - जयपुर आगमन के लिए किराया लग रहा 18499 रुपए - जयपुर से अहमदाबाद जाने के लिए किराया 6874 रुपए - पुणे से जयपुर के लिए 6 नवंबर को 2 फ्लाइट उपलब्ध - पुणे से जयपुर आगमन का किराया 14386 से 16709 रुपए - वहीं जयपुर से पुणे जाने का किराया 7828 रुपए - 6 नवम्बर को बेंगलूरु से जयपुर के लिए 6 फ्लाइट उपलब्ध - जयपुर आगमन के लिए किराया 15222 से 16894 रुपए - वहीं जयपुर से बेंगलूरु के लिए किराया 8115 से 9801 रुपए - चेन्नई से जयपुर के लिए 6 नवम्बर को मात्र 1 फ्लाइट - जयपुर आगमन के लिए किराया लग रहा 21099 रुपए - वहीं जयपुर से चेन्नई के लिए किराया 12399 रुपए वीओ- 2 दिल्ली से जयपुर आवागमन के लिए हवाई किराए में बदलाव नहीं आया है। 6 नवंबर को दिल्ली से जयपुर के लिए 8 फ्लाइट उपलब्ध हैं। दरअसल दिल्ली आवागमन के लिए यात्रियों के लिए बस और ट्रेन के विकल्प बहुतायत में उपलब्ध हैं। इस कारण दिल्ली से जयपुर आगमन या प्रस्थान का किराया सामान्य दिनों की तुलना में 20 से 30 प्रतिशत तक ही बढ़ा है। प्रमुख शहरों में कोलकाता से जयपुर और गोवा से जयपुर के बीच आगमन का किराया भी बहुत अधिक नहीं बढ़ा है। कोलकाता और गोवा से जयपुर आगमन का किराया 9 से 10 हजार रुपए के बीच लग रहा है। कुलमिलाकर काम या बिजनेस के सिलसिले में या फिर मेट्रो शहरों में रहकर पढ़ाई कर रहे जयपुराइट्स को इस बार दिवाली पर अधिक किराया चुकाना ही होगा। डीजीसीए ने भी एयरलाइंस की इस मनमर्जी को लेकर कोई निर्देश नहीं दिए हैं। वहीं जयपुर से इन शहरों के लिए जाने वाले यात्रियों को जरूर आंशिक राहत मिल सकती है। - काशीराम चौधरी जी मीडिया, जयपुर
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बारां के शाहाबाद में मतदान बहिष्कार, विकास माँगों के चलते ग्रामीणों ने किया रोक

Baran, Rajasthan:कछियाथाना गांव में ग्रामीणों ने किया मतदान का बहिष्कार, बारां जिलें के आदिवासी क्षेत्र शाहाबाद उपखंड के कस्बाथाना से के निकट कछियाथाना गांव में मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार कर दिया। गांव के 408 मतदाताओं ने मतदान नहीं किया। ग्रामीण श्मशान घाट, नल योजना के तहत पानी की टंकी और अन्य विकास कार्यों की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से मांग के बावजूद गांव में विकास नहीं हुआ। इसी नाराजगी के चलते उन्होंने मतदान नहीं करने का फैसला लिया। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक वे मतदान नहीं करेंगे। साथ ही आगामी सरपंच चुनाव के बहिष्कार की भी चेतावनी दी है। इस दौरान कल्ली बाई, रामदुलारी, गीता बाई, दौजा, करण, बाबूलाल पहलवान, मलखान, रेखम, उधम, हजूर माना, कुशवाह और विरवल सहित अन्य ग्रामीणों ने अपनी मांगों को लेकर नाराजगी जताई।
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स्कूल जाती नाबालिग के साथ छेड़छाड़: विजय ध्रुव गिरफ्तार

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर के सकरी थाना क्षेत्र में स्कूल जा रही नाबालिग छात्रा के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। पीड़िता की मां की शिकायत पर सकरी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 20 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर छात्रा का हाथ पकड़कर खींचने, चुन्नी खींचने और अश्लील बातें करने का आरोप है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 74 और पॉक्सो एक्ट की धारा 7 और 8 के तहत अपराध दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पीड़िता की मां ने सकरी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि गांव का रहने वाला आरोपी स्कूल आने-जाने के दौरान उसकी नाबालिग बेटी के साथ आये दिन छेड़छाड़ करता था। आरोप है कि वह कभी छात्रा का हाथ पकड़कर खींचता, तो कभी उसकी चुन्नी खींचकर अनाप-शनाप बातें करता था। पड़ोसी होने के कारण महिला ने शुरुआत में मामले को नजरअंदाज किया, लेकिन सुबह करीब 9 बजे जब छात्रा स्कूल जा रही थी, तभी उस्लापुर जय स्तंभ के पास आरोपी ने उसे स्कूल जाने से रोकते हुए उसका हाथ और चुन्नी पकड़कर खींचा और छेड़छाड़ की। इसके बाद पीड़िता की मां ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। नाबालिग से जुड़े मामले की गंभीरता को देखते हुए बिलासपुर के डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिए। पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी विजय ध्रुव, निवासी काटीखार, उस्लापुर, थाना सकरी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।
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झारखंडी भाषाओं के संरक्षण को लेकर रांची में भव्य मार्च, जागरूकता बढ़ी

Ranchi, Jharkhand:झारखंडी भाषाओं के संरक्षण, संवर्धन और विकास की मांग को लेकर रांची में जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा मार्च निकाला जा रहा है। इस मार्च में बड़ी संख्या में आदिवासी समाज और झारखंडी समुदाय के लोग शामिल हुए हैं। मार्च में लोग पारंपरिक आदिवासी वेशभूषा में नजर आ रहे हैं। हाथों में तख्तियां लेकर लोग झारखंडी भाषाओं के संरक्षण और विकास की आवाज बुलंद कर रहे हैं। अलग-अलग जनजातीय और क्षेत्रीय भाषाओं को लेकर लोगों में खासा उत्साह भी देखने को मिल रहा है। लोगों का कहना है कि झारखंड की कई जनजातीय और क्षेत्रीय भाषाओं की पढ़ाई विश्वविद्यालयों में पर्याप्त रूप से नहीं हो रही है। यही वजह है कि नई पीढ़ी इन भाषाओं से दूर होती जा रही है। लोगों का यह भी कहना है कि जब इन भाषाओं की पढ़ाई और रोजगार के अवसर नहीं होंगे, तो इनका संरक्षण और संवर्धन मुश्किल हो जाएगा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि झारखंड का गठन अपनी अलग भाषा, संस्कृति और सांस्कृतिक पहचान के आधार पर हुआ था। ऐसे में अगर झारखंडी भाषाओं का संरक्षण नहीं किया गया, तो आने वाले समय में राज्य अपनी मूल पहचान खो सकता है। उनका कहना है कि भाषा सिर्फ संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि झारखंड की संस्कृति, परंपरा और पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसलिए झारखंडी भाषाओं को शिक्षा और रोजगार से जोड़ने के साथ-साथ इनके संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है。
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मुरैना के पटवारी ने रिश्वत मांगी, 7 हजार में रंगे हाथ पकड़ाई

Morena, Madhya Pradesh:मुरैना - 40 हजार की रिश्वत मांग रहा था पटवारी, ₹7 हजार लेते ही लोकायुक्त ने दबोचा मुरैना में लोकायुक्त पुलिस ने रिश्वतखोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक पटवारी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पटवारी दो बीघा जमीन का सीमांकन करने के एवज में किसान से 40 हजार रुपये की मांग कर रहा था। आखिरकार 35 हजार रुपये में सौदा तय हुआ, लेकिन रिश्वत की पहली किस्त लेते ही पटवारी लोकायुक्त के शिकंजे में आ गया। दरअसल, मुरैना गांव हल्के में पदस्थ पटवारी प्रदीप शर्मा पर किसान से जमीन का सीमांकन करने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है। किसान के मुताबिक, पटवारी ने सीमांकन के लिए 40 हजार रुपये मांगे थे। बातचीत के बाद 35 हजार रुपये में सौदा तय हुआ। परेशान किसान ने इसकी शिकायत पहले ही लोकायुक्त पुलिस से कर दी थी। शिकायत की पुष्टि के बाद लोकायुक्त पुलिस ने जाल बिछाया। योजना के मुताबिक, आज किसान तहसील कार्यालय पहुंचे और पटवारी को रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 7 हजार रुपये दिए। जैसे ही पटवारी ने रकम ली, पहले से मुस्तैद लोकायुक्त टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। बताया जा रहा है कि लोकायुक्त टीम को सामने देखकर पटवारी घबरा गया। उसने अपने बचाव में रिश्वत की रकम फेंकने और मौके से भागने की कोशिश की, लेकिन टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसे दबोच लिया। फेंकी गई रकम भी बरामद कर जब्त कर ली गई। किसान का कहना है कि वह गरीब है और पटवारी उसे लगातार परेशान कर रहा था। जमीन के सीमांकन जैसे जरूरी काम के लिए भी उससे रिश्वत मांगी जा रही थी। इसी से परेशान होकर उसने लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कराई। लेकिन इस पूरी कार्रवाई के बीच एक बड़ा सवाल भी खड़ा हो रहा है। जिस समय पटवारी रिश्वत की रकम ले रहा था, उस दौरान तहसील कार्यालय में राजस्व निरीक्षक भी मौजूद बताए जा रहे हैं। ऐसे में सवाल है कि क्या तहसील कार्यालय में चल रहे इस कथित रिश्वत के खेल की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को नहीं थी? क्या इस मामले में राजस्व निरीक्षक की भूमिका की भी जांच होगी
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