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TRE-4 नोटिफिकेशन समय पर नहीं, अभ्यर्थी आमरण अनशन की धमकी दे रहे

Patna, Bihar:बीपीएससी TRE-4 परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। छात्र नेता दिलीप कुमार की अगुवाई में आज अभ्यर्थी गांधी मूर्ति के नीचे एकत्र हुए और सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान दिलीप कुमार ने कहा कि वर्ष 2024 में होने वाली TRE-4 परीक्षा का अब तक नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है, जबकि दो साल बीत चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के द्वारा 2025 में TRE-4 और 2026 में TRE-5 परीक्षा कराने की घोषणा की गई थी, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा ट्वीट और समृद्धि यात्रा के दौरान कई बार विज्ञापन जारी करने की बात कही गई, इसके बावजूद अभ्यर्थियों को सिर्फ आश्वासन ही मिला है। प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाया कि जब सरकार चुनाव के समय एक करोड़ नौकरियों का वादा कर रही है, तो 46 हजार पदों के लिए भी विज्ञापन जारी क्यों नहीं किया जा रहा है। छात्र नेता ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि महिला वोट के सहारे सत्ता में आई सरकार में आज बिहार की बेटियां धूप में सड़कों पर उतरकर अपने अधिकार की मांग करने को मजबूर हैं। अभ्यर्थकों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि उन्हें किसी अनौपचारिक या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नहीं, बल्कि बीपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट पर ही विज्ञापन चाहिए। साथ ही घोषणा की गई कि यदि जल्द नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ तो 10 अप्रैल से अभ्यर्थी आमरण अनशन पर बैठेंगे。 अभ्यर्थियों ने भी जमकर सरकार को घेरा है, उनका कहना है कि हमलोग TRE 4 के लिए इतना संघर्ष कर रहे हैं ऐसा लग रहा है कि सरकार बनाने के लिए इतना संघर्ष करना पड़ रहा है । उस नोटिफिकेशन के लिए अनशन पर बैठना पर रहा है जिसकी बात सरकार की खुद कही थी。
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फरीदाबाद के बल्लभगढ़ में अवैध गेस्ट हाउस फिर से सील, पुलिस पुलिस-निगम ने कड़ाई दिखाई

Faridabad, Haryana:फरीदाबाद के बल्लभगढ़ में नगर निगम अधिकारियों और पुलिस कर्मचारियों के द्वारा अवैध रूप से चल रहे 44 गैस्ट हाउस और होटलों को दोबारा से सील किया गया। इससे पहले 25 मार्च को पहले भी इन पर सील लगाई गई थी। लेकिन इनके मालिकों ने सील हटा कर दोबारा से चालू कर दिया था। निगम प्रशासन ने एक बार फिर से पुलिस के साथ मिलकर कार्रवाही की है। लोगों की शिकायत पर हुए थे सील बल्लभगढ़ की नब्लू कॉलोनी और उसके आस पास के इलाके में अवैध रूप से गेस्ट हाउस और होटल चलाए जा रहे थे। जिसमें गलत तरीके की गतिविधियों को लेकर लोगों ने पुलिस और निगम के लोगों से शिकायत की थी। लोगों की शिकायत पर 25 मार्च को पुलिस और निगम के अधिकारियों ने इनकों बंद करके सील लगा दी थी। लेकिन करीब 15 दिन बाद ही फिर से ये होटल और गेस्ट हाउस चालू कर दिए गए। प्रशासन के द्वारा लगाई गई सील को हटा दिया गया और फिर से पहले जैसी गतिविधियां होने लगी। जिसके शिकायत लोगों ने ज्वाइंट कमीश्नर नगर निगम से की। जिसके बा पुलिस प्रशासन के साथ मिलकर फिर से सभी को सील किया जा रहा है। विभाग बोला कानूनी कार्रवाही होगी नगर निगम तोड़फोड़ विंग के एसडीओ विनोद ने बताया कि इस बार सील की जो कार्रवाही की जा रही है। इसके बाद अगर सील को हटाया जाता है तो सभी के खिलाफ कार्रवाही की जायेगी। जिन्होंने सील को हटाकर दोबारा से चालू किए है उनकी जानकारी विभाग को दे दी गई है। इससे पहले भी उन्होंने सील तोड़ने को लेकर पुलिस को शिकायत दे दी थी
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बिहार में अंडे के छिलकों से बने नैनो-फिल्टर से पानी साफ, पेटेंट हो चुका

Patna, Bihar:पटना रिपोर्ट: Sunny बिहार के वैज्ञानिक रोज नए शोध कर रहे हैं... इसी कड़ी में अंडे के छिलके से पानी साफ करने के लिए बैग बनाया गया है.... अंडों के छिलकों को लोग आमतौर पर वेस्ट मटेरियल समझकर कचरे में फेंक देते हैं, अब उससे पानी को साफ किया जा सकेगा. पानी में मौजूद आर्सेनिक, लेड और फ्लोराइड जैसे जहरीले तत्वों को अंडे के छिलिलकों की मदद से हटाया जा सकता है. अब यह पूरी तरह संभव है. बिहार के वैज्ञानिकों ने करीब 10 साल की कड़ी मेहनत के बाद एक ऐसी तकनीक विकसित की है, जिससे यह काम बेहद आसान हो जाएगा. इस डिवाइस के ऊपर 2016 में काम शुरू हुआ 14 जून 2023 को पेटेंट फाइल किया गया. 24 मार्च 2026 को ग्रांट मिल गया. अब इसे आम लोगों की पहुंच तक लाया जाए, इसपर काम चल रहा है. कई हिस्सों में पानी प्रदूषित है वहां इसका उपयोग करके कम खर्चे में लोग पानी को साफ कर सकते हैं... जैसे टी बैग को पानी में डुबोया जाता है, ठीक उसी तरह एक विशेष बैग को पानी में डालकर उसे शुद्ध किया जा सकता है. नैनोटेक्नोलॉजी पर आधारित इस फिल्टर को बिहार के आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ नैनोसाइंस एंड नैनोटेक्नोलॉजी के विभागाध्यक्ष प्रो. राकेश कुमार, फैकल्टी मेंबर डॉ. अभय कुमार अमन और पीएचडी शोधार्थी आशुतोष कुमार की टीम ने इस तकनीक को विकसित किया है. हाल ही में इस शोध को भारत सरकार से पेटेंट भी मिल चुका है.... एकेयू के स्कूल ऑफ नैनोसाइंस एंड नैनोटेक्नॉलेज के विभागाध्यक्ष प्रो. राकेश कुमार बताते हैं कि अंडे के छिलकों से तैयार यह तकनीक जल शोधन के क्षेत्र में नई दिशा दे सकती है. इसे विकसित करने के लिए अंडे के छिलकों को लैब में विशेष मशीनों की मदद से नैनो-पार्टिकल्स (लगभग 47-67 nm) में बदला गया है. नैनो मटेरियल में इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फोर्स काफी मजबूत हो जाता है. इससे यह पानी में मौजूद आर्सेनिक और फ्लोराइड जैसे हानिकारक तत्वों को आसानी से सोख लेता है और पानी शुद्ध हो जाता है. अंडे के छिलकों का उपयोग इसलिए किया गया, क्योंकि लोग इसे आमतौर पर बेकार समझकर फेंक देते हैं. फेंके गए छिलकों से गंदगी के अलावा कार्बन एमिशन होता है, जो वातावरण के तापमान में वृद्धि का कारण बनता है. ऐसे में इस वेस्ट मटेरियल को उपयोगी बनाने की दिशा में यह रिसर्च किया गया है. अब इस तकनीक को पेटेंट मिल चुका है... अंडे के छिलकों को नैनो कणों में बदलने की प्रक्रिया के दौरान लेमन और एलोवेरा जैसे हर्बल पदार्थों का भी उपयोग किया गया है. छिलकों को नैनो मटेरियल में परिवर्तित करने के बाद वे सामान्य अंडे के छिलके नहीं रह जाते, बल्कि कैल्शियम ऑक्साइड में बदल जाते हैं. इस तरह यह एक साधारण छिलका नहीं, बल्कि प्रभावी नैनो पार्टिकल बन जाता है. इसे तैयार करने के लिए लंबी और जटिल प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है. इसमें हाईटेक मशीनों का उपयोग किया गया. पूरी प्रक्रिया के बाद यह पूरी तरह कैल्शियम ऑक्साइड के रूप में परिवर्तित हो जाता है.... अंडे के छिलकों को जब नैनो-पार्टिकल बनाया गया है तो आंखों से देखने में यह यह सिर्फ सफेद पाउडर जैसा दिखाई देता है. इसके अंदर से सुगंधित खुशबू आती है. फिलहाल इसे पाउडर और टी बैग की तरह कैल्शियम ऑक्साइड का बैग तैयार किया गया है. यह नैनोकण न सिर्फ आर्सेनिक, फ्लोराइड और लेड जैसे तत्वों को हटाते हैं, बल्कि बैक्टीरिया और अन्य रोगाणुओं को भी निष्क्रिय कर पानी को सुरक्षित बनाता है. अभी इसके मॉडल पर काम चल रहा है... इस नैनो-फिल्टर की सबसे बड़ी खासियत इसकी किफायती कीमत और उपयोग में आसानी है. महंगे आरओ सिस्टम के मुकाबले यह काफी सस्ता विकल्प साबित होता है. इसे चलाने के लिए बिजली की जरूरत नहीं पड़ती और इसका मेंटेनेंस भी बेहद आसान है. जहां आम आरओ सिस्टम में सिंथेटिक मटेरियल का इस्तेमाल होता है, वहीं इस तकनीक को पूरी तरह प्राकृतिक चीजों से तैयार किया गया है.... विश्वविद्यालय के कुलपति शरद कुमार यादव ने इस उपलब्धि पर सभी शोधकर्ताओं को बधाई देते हुए इसे "वेस्ट टू वेल्थ" का बेहतरीन उदाहरण बताया है....
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6 साल की रेप पीड़िता के इलाज में लापरवाही में डॉक्टरों पर कार्रवाई की मांग तेज, डीएम को सौंपा पत्रक

ATAlok TripathiFollow4m ago
Ghazipur, Uttar Pradesh:गाजीपुर में छह साल की मासूम रेप पीड़िता के इलाज और मेडिकल परीक्षण में कथित लापरवाही को लेकर अब बवाल तेज हो गया है। आज डॉक्टरों की लापरवाही के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर क्षत्रिय महासभा के जिलाध्यक्ष राजकुमार सिंह समेत कार्यकर्ताओ ने डीएम कार्यालय पहुंच कर पत्रक सौंपा। पत्रक के माध्यम से मेडिकोलीगल के लिए ड्यूटी पर तैनात दो डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। दरअसल 26 मार्च को हुई इस घटना में पीड़िता को परिजन पुलिस के साथ महिला अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन आरोप है कि वहां इलाज के बजाय बच्ची को मेडिकल परीक्षण के लिए ट्रामा सेंटर गोराबाजार भेज दिया गया। परिजनों का कहना है कि ट्रामा सेंटर पहुंचने पर भी उन्हें यह कहकर लौटा दिया गया कि डॉक्टर छुट्टी पर हैं, जिसके बाद परेशान परिवार दोबारा महिला अस्पताल पहुंचा। आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने बच्ची को भर्ती करने से भी मना कर दिया और अगले दिन मेडिकल कराने की बात कही। इस बीच सामाजिक संगठनों के पहुंचने पर डॉक्टरों द्वारा बदसलूकी किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। मामला बढ़ने पर 26 मार्च को देर रात अस्पताल परिसर में धरना शुरू हो गया, जिसके बाद सीएमओ और मेडिकल कॉलेज प्रशासन मौके पर पहुंचे और बच्ची को भर्ती कराया गया। हालांकि मेडिकल परीक्षण अगले दिन दोपहर करीब डेढ़ बजे किया गया, जिससे पूरे मामले में गंभीर लापरवाही के आरोप लग रहे हैं। इसी लापरवाही के विरोध में आज क्षत्रिय महासभा के जिलाध्यक्ष राजकुमार सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने डीएम कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और ड्यूटी पर तैनात दो डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। संगठन ने चेतावनी दी है कि अगर तीन दिन के भीतर दोषी डॉक्टरों पर कार्रवाई नहीं हुई तो मेडिकल कॉलेज में बड़ा धरना दिया जाएगा। फिलहाल इस मामले में मेडिकल कॉलेज प्रशासन और सीएमओ एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते नजर आ रहे हैं।
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नाबालिग प्रेमिका ने शादी की जिद पर टावर चढ़ी, प्रेमी ने उतरवा दिया

Hajipur, Bihar:वैशाली जिले के महनार में फिल्म शोले जैसा एक हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला, लेकिन इस बार कहानी बिल्कुल उलटी थी। यहां वीरू नहीं बल्कि शादी की जिद में एक युवती हाईटेंशन टावर पर चढ़ गई। करीब 10 घंटे तक चले इस ड्रामे का अंत तब हुआ जब पुलिस प्रेमी युवक को मौके पर लेकर पहुंची और शादी का वादा होने के बाद युवती नीचे उतर गई।महनार अनुमंडल क्षेत्र के स्टेशन रोड पर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब एक नाबालिग युवती शादी की जिद में हाईटेंशन टावर पर चढ़ गई। देखते ही देखते मौके पर हजारों लोगों की भीड़ जमा हो गई और लोग मोबाइल से वीडियो बनाने लगे।घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। महनार अनुमंडल पदाधिकारी नीरज कुमार समेत कई अधिकारी युवती को समझाने में जुटे रहे, लेकिन वह किसी की बात मानने को तैयार नहीं थी।बताया जाता है कि युवती और उसका प्रेमी अलग-अलग जाति से हैं और दोनों नाबालिग होने के कारण परिजनों ने शादी से इनकार कर दिया था। इसी बात से नाराज होकर युवती ने यह खतरनाक कदम उठाया।स्थिति तब नियंत्रण में आई जब वैशाली जिलाधिकारी वर्षा सिंह की पहल पर पुलिस ने प्रेमी युवक को खोजकर मौके पर बुलाया। प्रेमी द्वारा शादी का वादा करने के बाद युवती टावर से नीचे उतरने को तैयार हो गई।पुलिस ने युवती को सुरक्षित नीचे उतारकर भीड़ से अलग किया और पूछताछ के बाद उसके माता-पिता को सौंप दिया। पुलिस के अनुसार घटना के दौरान युवती की बड़ी बहन मोबाइल के जरिए उसे नीचे से गाइड कर रही थी, जिसकी भूमिका की जांच की जा रही है।
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ATS की छापेमारी: कैराना-शामली से 4 गिरफ्तार

Shamli, Uttar Pradesh:शामली ATS की छापेमारी शामली जनपद की कैराना कोतवाली क्षेत्र और सदर कोतवाली क्षेत्र में ATS की छापेमारी हुई है। जहां ATS की टीम ने कैराना से तीन आरोपियों को तो वही शामली से एक महिला को हिरासत में लेकर देवबंद के लिए रवाना हो गई है। हिरासत में लिए सभी लोगों पर ISI पाकिस्तान के जासूस होने की आशंका है। ATS अब सभी को हिरासत में लेकर आगे की वैधानिक कानूनी कार्रवाई में जुट गई है। पश्चिम उत्तर प्रदेश का कैराना एक बार फिर चर्चाओं में है; ATS ने लगातार संदिग्ध उठाए हैं, जिन्हें चार तक गिना गया है। इनमें कैराना से तीन युवक और शामली से एक महिला शामिल हैं। पिछले दिनों गाजियाबाद में ATS के द्वारा गिरफ्तार किए गए मामले से जुड़ाव की चर्चा है। गिरफ्तारियां अब शामली जनपद के कैराना से भी जुड़ते जा रहे हैं। उसी क्रम में आज मामला शामली जनपद का है जहाँ पर कैराना कोतवाली क्षेत्र और शामली कोतवाली क्षेत्र में ATS की 12 लोगों की टीम ने छापेमारी कर कैराना से तीन आरोपी और शामली से एक महिला आरोपी को हिरासत में लिया है। जनपद में हुई ATS टीम की छापेमारी से हर तरफ हड़कंप मचा हुआ है और पाकिस्तान के ISI आतंक संगठन से तार जुड़े होने की चर्चा है। आपको बता दे कि कुछ दिनों पहले बाबरी थाना क्षेत्र के बुटराडा गाव के रहने वाले एक युवक को गाजियाबाद टीम ने पाकिस्तानी जासूसी के मामले में गिरफ्तार किया था। वहीं अब इस मामले में स्थानीय पुलिस सूत्रों के अनुसार कैराना से साजिद पुत्र मेहरदिन गांव नगला राई, इंतजार टार्जन व एक अन्य और शामली के बरखंडी की रहने वाली आसफ़ा नाम की एक महिला को ATS की टीम ने गिरफ्तार किया है। वहीं गिरफ्तारी के बाद सभी आरोपियों को ATS की टीम के साथ आगे की कार्रवाई करते हुए ले गई है।
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