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हांसी के निजी स्कूल में ड्रेस और स्टेशनरी के दबाव की जांच शुरू

Bhiwani, Haryana:हांसी में एक निजी स्कूल पर नियमों को ताक पर रखकर बच्चों पर स्कूल से ही स्टेशनरी और ड्रेस खरीदने का दबाव बनाने के आरोप लगे हैं। छात्रा के पिता ने इस मामले की शिकायत सीएम से मंत्री ,शिक्षा विभाग से लेकर SDM तक की है। प्रिंसिपल ऋतु कुमारी ने छात्रा के परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। वही उन्होंने स्कूल को बदनाम करने की साजिश करार दिया है। हांसी के निजी स्कूल में एडमिशन, ड्रेस और स्टेशनरी विवाद का मामला अब जांच के दायरे में पहुंच चुका है। पूरे मामले की सच्चाई क्या है, यह फिलहाल जांच का विषय बना हुआ है। जानकारी के अनुसार शिक्षा विभाग करीब एक सप्ताह के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट प्रशासन को सौंप सकता है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई तय होगी। एक तरफ छात्रा के पिता का आरोप है कि उनकी बेटी पर स्कूल से ही स्टेशनरी और ड्रेस खरीदने का दबाव बनाया गया। वही दूसरी ओर स्कूल प्रशाशन का कहना है कि स्कूल ने छात्रा को एडमिशन ही नहीं दिया, ऐसे में किताबें और स्टेशनरी खरीदने का सवाल ही नहीं उठता। अब सभी की नजर शिक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और आखिर पूरे मामले में गलती किसकी है। तब ही दूध का दूध और पानी का पानी हो सकेगा। छात्रा के पिता प्रीतम अग्रवाल का कहना है कि उनकी बेटी ने 10वीं कक्षा में 76 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। आरोप है कि स्कूल प्रशासन 11वीं में दाखिले के लिए स्कूल से ही ड्रेस और स्टेशनरी खरीदने का दबाव बना रहा है। छात्रा के पिता ने बताया कि उन्होंने पहले शिक्षा विभाग को शिकायत दी, लेकिन वहां से संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री तक भी शिकायत भेजी है। उनका कहना है कि नियमों के अनुसार उनकी बेटी को स्कूल में दाखिला मिलना चाहिए। वहीं छात्रा का कहना है कि मेरे को जानबूझकर परेशान किया जा रहा है और 11वीं में दाखिले के लिए स्कूल से ही ड्रेस और स्टेशनरी खरीदने का दबाव बनाया गया। मामले की शिकायत शिक्षा विभाग, मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री तक पहुंच चुकी है। प्रिंसिपल ऋतु कुमारी का आरोप है कि छात्रा ने स्कूल के नियमों का पालन नहीं किया और कई बार स्कूल ड्रेस तक नहीं पहनती थी। उनका आरोप है कि परिवार लगातार स्कूल पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि छात्रा के पिता द्वारा पहले भी बंधक बनाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे, जिसकी शिकायत छात्रा के पिता ने थाने में दी थी। पिछले कई महीनों से हमें लगातार परेशान किया जा रहा है। स्कूल प्रशासन का कहना है कि इसी कारण छात्रा को दोबारा एडमिशन नहीं दिया जा रहा। प्रिंसिपल ने साफ कहा कि स्कूल की ओर से छात्रा या उसके परिवार को किसी विशेष दुकान से किताबें, ड्रेस या स्टेशनरी खरीदने के लिए मजबूर नहीं किया गया।स्कूल प्रशासन ने सवाल उठाया कि यदि उन्हें स्कूल गलत लगता है तो फिर उसी स्कूल में दाखिला क्यों करवाना चाहते हैं। वाद विवाद के चलते हम नहीं चाहते कि स्कूल का माहौल खराब हो। इसलिए हम एडमिशन नहीं दे रहे है। इस पूरे मामले में हांसी के एडीएम राजेश खोथ ने कहा है कि NCERT की गाइडलाइन के अनुसार कोई भी छात्र किताबें और स्टेशनरी कहीं से भी खरीद सकता है। जांच के लिए कमेटी बना दी है। पूरे मामले की जांच की जा रही है। यदि जांच में स्कूल प्रशासन की गलती पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी。
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अपने ही बड़े भाई ने छोटे भाई की हत्या की खौफनाक साजिश रची

Alirajpur, Madhya Pradesh:रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली घटना जहां एक सगे भाई ने ही अपने छोटे भाई की मौत की खौफनाक साजिश रच डाली आलीराजपुर के उदयगढ़ में पुलिस ने एक अंधे कत्ल की गुत्थी को महज 4 दिनों के भीतर सुलझा लिया है। जो भाई खुद थाने जाकर पुलिस को गुमराह कर रहा था, वही अपने सगे भाई का हत्यारा निकला। आलीराजपुर जिले के थाना उदयगढ़ क्षेत्र के ग्राम बड़ी उत्ती में बीते दिनों हुए अंधे कत्ल का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। 19 साल के मासूम युवक पातलिया उर्फ प्रकाश की बेरहमी से हत्या करने वाला कोई और नहीं, बल्कि उसका अपना सगा बड़ा भाई कालू निकला, हत्या के बाद अगले दिन सुबह, आरोपी कालू ने खुद पुलिस थाने जाकर रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसके भाई पातलिया की किसी अज्ञात शख्स ने खेत में खाट पर सोते समय पत्थरों से कुचलकर हत्या कर दी है। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मामला पेचीदा था, इसलिए पुलिस अधीक्षक श्री रघुवंश सिंह के निर्देशन और जोबट एसडीओपी श्री रवीन्द्र राठी के पर्यवेक्षण में तीन थानों की संयुक्त टीम बनाई गई। वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस जब कड़ियां जोड़ने लगी, तो शक का घेरा फरियादी भाई कालू पर ही आकर टिक गया। घटना के चार दिन बाद जब पुलिस ने कालू से मनोवैज्ञानिक तरीके से कड़ाई से पूछताछ की, तो वो अपने ही बयानों के जाल में उलझ गया और आखिरकार उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पूछताछ में जो सच सामने आया, उसने सबके होश उड़ा दिए। आरोपी कालू को लगता था कि घर में उसके छोटे भाई पातलिया की ज्यादा पूछ-परख और अहमियत होती है, जिससे वह मन ही मन उससे गहरी नफरत और जलन रखता था। रही-sही कसर तब पूरी हो गई जब कुछ दिन पहले पातलिया ने कालू को पिता की मोटरसाइकिल देने से मना कर दिया। बस इसी खुनिस में कालू ने खौफनाक साजिश रची। 16 मई की रात उसने पातलिया को साथ ले जाकर जमकर शराब पिलाई। जब छोटा भाई बेसुध हो गया, तो कालू ने पत्थरों से उसके चेहरे और सिर पर ताबड़तोड़ वार कर उसे हमेशा के लिए मौत की नींद सुला दिया।
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फरीदाबाद में नाबालिग प्रेम-प्रसंग पर बैडमिंटन खिलाड़ी की हत्या: परिवार ने किडनैपिंग का आरोप

Faridabad, Haryana:फरीदाबाद में एक नाबालिग लड़की से प्रेम -प्रसंग के चलते बैडमिंटन के स्टेट लेवल के खिलाड़ी की पीट-पीट कर हत्या करने का मामला सामने आया है। परिजनों के मुताबिक पुलिस तफ्तीश में शामिल होने आये एक युवक को लड़की के परिवार के लोगों ने किडनैप किया और उसके साथ मारपीट की। तीन दिन बाद जब परिजनों को युवक घायल हालत में मिला तो उसको इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई । पुलिस मामले की जांच कर रही है। प्रेम-प्रसंग के चलते की गई मारपीट भिवाड़ी के सैदपुर गांव निवासी मृतक युवक मोनू (21) के चाचा नरेन्द्र ने बताया कि मोनू ने हाल में ही 12वीं क्लास के पेपर दिए थे। उसने परीक्षा 70 फीसद अंक से पास की थी। उसने स्कूल की तरफ से स्टेट लेवल पर बैडमिंटन चैम्पियनशिप में हिस्सा लिया था। जिला स्तर पर उसके पास कई मेडल भी थे। मोनू दो भाई थे और पिता भीम सिंह ड्राइवर है। फरीदाबाद के तिंगाव के अधाना पट्टी के रहने वाले कुलभूषण की बेटी के मामा सैदपुर गांव में है। जहां पर वह आया-जाया करती थी। इसी दौरान दोनों के बीच में प्रेम हो गया। घायल हालात में मोनू को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था अप्रैल में लड़की को भगाने का मामला दर्ज हुआ पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने जानकारी देते हुए बताया कि अप्रैल के महीने में मोनू कुलभूषण की नाबालिग बेटी को भगाकर ले गया था। जिसको लेकर तिंगाव थाना में उसके खिलाफ कुलभूषण के द्वारा मामला दर्ज कराया गया था। पुलिस ने लड़की को उसके घर से बरामद कर लिया था लेकिन वह फरार चल रहा था। परिजन बोले लड़के के घरवालों ने किडनैप किया मृतक के चाचा नरेन्द्र ने बताया कि 17 मई को मौनू घर से यह कहकर निकला था कि वह तिंगाव थाना में तफ्तीश में शामिल होने के लिए जा रहा हूं। लेकिन लड़की के परिवार के लोगों ने उसका किडनैप कर लिया और उसके साथ मारपीट कर डाली। 3 दिन तक वह उसको लगातार टार्चर करते रहे। 20 मई को पुलिस का उनके पास कॉल आया कि मौनू घायल हालत में उनको कुलभूषण के घर के बाहर मिला है। जिसको वह इलाज के लिए लेकर जा रहे है। सूचना मिलते ही परिवार के लोग मौके पर पहुंच गए और मौनू को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। इलाज के दौरान हुई मौत चाचा नरेन्द्र ने बताया कि उन्होंने 20 मई को इलाज के लिए मोनू को निजी अस्पताल में एडमिट करा दिया था। लेकिन आज इलाज के लिए दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है तीन दिनों तक इसको किडनैप करके उसके साथ मारपीट की गई। जिससे उसकी मौत हुई है। पुलिस ने दो को राउंडअप किया पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को राउंडअप कर लिया है। पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर किडनैपिंग की धाराएं सहित दूसरी धारा लगाई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है。
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एडू परिसर के 52 हाथियों का दल तालाब में नहा-पीकर गर्मी से राहत

Darogapara, Chhattisgarh:रायगढ़ जिले के छाल रेंज के एडू परिसर में विचरण कर रहे 52 हाथियों के दल का तालाब में नहाते और पानी पीते हुए वीडियो सामने आया है। गुरुवार शाम हाथी चीतापाली आमामुड़ा तालाब पहुंचे, जहां कई हाथी पानी में उतरकर घंटों तक गर्मी से राहत लेते रहे। वीडियो में हाथी सूंड से पानी डालते और शावकों के साथ तालाब में मस्ती करते नजर आ रहे हैं। वन विभाग के अनुसार जिले में कुल 148 हाथी विचरण कर रहे थे, जिनमें सबसे बड़ा 52 हाथियों का दल एडू परिसर में मौजूद था। वहीं हाथियों की आवाजाही से धरमजयगढ़, कापू, बोरो और चक्रधरपुर क्षेत्र में किसानों की फसलों व अन्य संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचा है।
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कुंभा गांव में दादा-पोते के बीच जमीन विवाद ने बुजुर्ग की मौत कर दी

Hansi, Haryana:हांसी बाइट : मृतक परिजन ओमप्रकाश,वीर सिंह जांच अधिकारी हांसी के नजदीकी गांव कुंभा गांव में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई। गांव के पूर्व सरपंच 80 वर्षीय बरखा राम की कथित तौर पर उनके ही परिवार के सदस्यों द्वारा लाठी डंडो से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। जमीनी विवाद के चलते इस घटना को अंजाम दिया गया। बुजुर्ग के साथ मारपीट करने का आरोप दो पोते, बेटा और पुत्रवधू पर है। ग्रामीणों का आरोप है कि परिवार के लोग बरखा राम के साथ अक्सर मारपीट करते थे और उन्हें ठीक से खाना भी नहीं देते थे। बरखा राम अधिकतर समय अपनी बेटियों के पास रहते थे और करीब 15 दिन पहले ही गांव लौटे थे। आपको बता दे जमीन के लालच में रिश्तों की मर्यादा टूटती जा रही है। जिस दादा ने अपने बेटे पोते को बचपन से इसलिए पाला था कि यह बुढ़ापे में उनका सहारा बनेंगे। लेकिन उसी दादा- पिता की हत्या कर देना इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला है। रिश्ते केवल खून के नहीं होते, बल्कि विश्वास, सम्मान और अपनापन उन्हें मजबूत बनाते हैं। लेकिन जब लालच इंसान पर हावी हो जाता है, तो वह सही और गलत का फर्क भूल जाता है। यह इसी का एक बड़ा उदाहरण है। मृतक परिजन ओमप्रकाश ने बताया कि बुजुर्ग को दैनिक जीवन के काम करने से भी रोका जाता था और उनके साथ दुर्व्यवहार किया जाता था। जमीनी विवाद की बात को लेकर दादा, पोते, बेटा और पुत्रवधू के बीच कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने पर अंकित ने कथित तौर पर बरखा राम पर हमला कर दिया। आरोप है कि लाठी-डंडों से की गई मारपीट में बुजुर्ग के सिर पर गंभीर चोटें आईं, जिससे उनकी मौत हो गई। वीर सिंह जांच अधिकारी ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। सदर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सदानंद और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। गंभीर रूप से घायल बरखा राम को नागरिक अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शव को पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल के शवगृह में रखवाया गया है। पुलिस ने आरोपी अंकित को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में पारिवारिक कलह और नशे की लत को घटना की प्रमुख वजह माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
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13 साल बाद अदालत ने जयपुर निगम आयुक्त की कुर्सी कुर्क करने का आदेश दिया

Jaipur, Rajasthan:सरकारी दफ्तरों में अक्सर कहा जाता है कि फाइल चल रही है… लेकिन जयपुर नगर निगम के एक मामले में फाइल इतनी धीरे चली कि 13 साल बीत गए और अदालत को आखिरकार नगर निगम आयुक्त की कुर्सी ही कुर्क करनी पड़ी। बनीपार्क स्ट्रीप लैंड आवंटन से जुड़े इस मामले ने एक बार फिर साबित कर दिया कि जब सिस्टम जिम्मेदारी भूल जाता है, तो अदालतें बेहद कड़े कदम उठाने से पीछे नहीं हटतीं। मामला 1995 के बनीपार्क स्ट्रीप लैंड आवंटन से जुड़ा है। परिवादी चंद्रकांत नागर को लेकर कोर्ट ने 20 सितंबर 2013 को नगर निगम को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि आवंटन पत्र जारी किया जाए। लेकिन यहाँ भी अदालत के आदेश भी फाइलों में धूल खाते रहते हैं। 2013 में कोर्ट ने स्पष्ट आदेश दिया था कि परिवादी को आवंटन पत्र जारी किया जाए। मगर 2026 तक नगर निगम उस आदेश को लागू नहीं कर पाया। इस दौरान रिमाइंडर दिए गए, बैंक गारंटी जमा हुई, अपीलें खारिज हुईं, लेकिन सिस्टम की नींद नहीं टूटी। लगातार टालमटोल से परेशान होकर परिवादी फिर अदालत पहुंचा। मामले को आदेश की अवमानना मानते हुए ACJM-1 कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया। जस्टिस तापस सोनी ने 20 मई को नगर निगम आयुक्त की कुर्सी कुर्क करने के आदेश जारी किए और कोर्ट की टीम सुबह दफ्तर खुलने के साथ निगम मुख्यालय पहुंच गई। सेल अमीन बाबूलाल शर्मा, डिक्रीदार रश्मिकांत नागर और उनके अधिवक्ता संजय शर्मा की मौजूदगी में कुर्की की कार्रवाई की गई। इस दौरान निगम अधिकारियों नेourt टीम से बातचीत कर 2-3 दिन का समय मांगा और आवंटन पत्र जारी करने का भरोसा दिलाया, लेकिन अदालत की टीम ने राहत देने से इनकार कर दिया और वहां आयुक्त की कुर्सी पर बाकायदा कुर्की का नोटिस चस्पा किया गया, उसे सील किया गया और फिर हटाया गया। हालांकि इस दौरान आयुक्त ऑफिस में मौजूद नहीं थे....कुर्की की कार्रवाई के बाद आयुक्त ओम कसेरा नगर निगम मुख्यालय पहुंचे और उन्होने पूरे प्रकरण की जानकारी ली... अब इस मामले में 27 मई को दोबारा सुनवाई होगी। परिवादी पक्ष के अधिवक्ता संजय शर्मा ने बताया की 20 मई 2026 को कोर्ट ने ऑर्डर पास किया था कि कमिश्नर नगर निगम की कुर्सी कुर्क कर ली जाए। ऐसे में कुर्की की कार्रवाई की गई है। अब ये रिपोर्ट कोर्ट में पेश की जाएगी। उन्होंने बताया कि 150 वर्गगज की जमीन को लेकर 1995 से मुकदमा चल रहा था। इस संबंध में निगम ने भी हाईकोर्ट में अपील की थी। लेकिन उसे खारिज कर दिया गया था। और आवंटन पत्र जारी करने को लेकर के 20 से বেশি बार रिमाइंडर भी दिए गए। इस बीच डिक्रीदार ने बैंक गारंटी भी जमा करा दी थी। फिर भी निगम की ओर से आवंटन पत्र को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की गई। ऐसी स्थिति में कोर्ट से न्यायिक कार्रवाई के लिए रिक्वेस्ट की थी। जिस पर कोर्ट ने 20 मई को आयुक्त की कुर्सी कुर्क करने के आदेश जारी की है। उन्होंने कहा की कहा कि यह मामला केवल 150 वर्गगज जमीन का नहीं, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही का है। उन्होंने कहा कि जब कोर्ट का आदेश 13 साल तक लागू नहीं हो सका, तो यह सिस्टम की गंभीर विफलता को दर्शाता है। बहरहाल, इस पूरे घटनाक्रम ने कई असहज सवाल खड़े कर दिए हैं। अगर कोर्ट का स्पष्ट आदेश भी वर्षों तक लागू नहीं होता, तो आम आदमी न्याय मिलने की उम्मीद किस भरोसे पर करे....क्या सरकारी महकमों में अदालत के आदेशों को गंभीरता से लेने की कोई जवाबदेही तय है....और सबसे बड़ा सवाल क्या कार्रवाई सिर्फ कुर्सी तक सीमित रहेगी या जिम्मेदार अधिकारियों की व्यक्तिगत जवाबदेही भी तय होगी.
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खेल मंत्री गौरव गौतम का सिकंदर डागर के अस्पताल के दौर पर कड़ाई से कार्रवाई का भरोसा

Palwal, Haryana:हरियाणा के खेल मंत्री गौरव गौतम आपसी विवाद में सिकंदर डागर पर हुए जानलेवा हथौड़ा हमले के मामले में घायल सिकंदर डागर का हालचाल जानने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। मंत्री गौरव गौतम अस्पताल पहुंचकर डॉक्टरों की टीम से घायल की स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली तथा पीड़ित के पिता खेमराज डागर से मुलाकात कर परिवार का हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन पूरी तरह पीड़ित परिवार के साथ खड़े हैं। खेल मंत्री ने बताया कि मामले में पुलिस अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार कार्रवाई जारी है। उन्होंने कहा कि जो भी दोषी हैं, उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। गौरव गौतम ने कहा कि पलवल में अपराध और गुंडागर्दी को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने भरोसा जताया कि पुलिस प्रशासन की सख्ती से जिले में अपराध पर लगाम लगेगी और लोगों को सुरक्षित माहौल मिलेगा। इस दौरान खेल मंत्री ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि इस मामले को राजनीति और जातिवाद का रूप न दिया जाए। उन्होंने कहा कि यह कानून और समाज से जुड़ा विषय है, इसलिए सभी लोग शांति और भाईचारे को बनाए रखें तथा प्रशासन का सहयोग करें। बाइट:- खेल मंत्री गौरव गौतम
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जालौर में भुज-जालौर-पाली-मारवाड़-दिल्ली एक्सप्रेस शुरू, अमृत भारत स्टेशन योजना का जलवा

Jalore, Rajasthan:#जालौर : भुज-जालौर-पाली मारवाड़-दिल्ली एक्सप्रेस का शुभारंभ जालौर स्टेशन से नई रेल सेवा को हरी झंडी दिखाकर किया शुभारंभ, केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव सहित कई जनप्रतिनिधि रहे मौजूद, रेल मंत्री बोले- जालौर को दिल्ली से जोड़ने का वर्षों पुराना सपना पूरा हुआ, अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत रेलवे स्टेशनों में तेजी से बदलाव का दावा,जालौर में गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल विकसित करने की भी घोषणा की गई。 जालौर जालौर स्टेशन पर रेलवे की विभिन्न परियोजनाओं के शुभारंभ कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भुज-जालौर-पाली मारवाड़-दिल्ली एक्सप्रेस रेल सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में सांसद लूंबाराम चौथरी, विधानसभा सचेतक जागेश्वर गर्ग, विधायक छगन सिंह राजपुरोहित सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि जालौर को दिल्ली से जोड़ने का वर्षों पुराना सपना आज पूरा हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में ऐतिहासिक परिवर्तन हो रहे हैं और हर नागरिक का सपना पूरा करना सरकार का संकल्प है। रेल मंत्री ने कहा कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत रेलवे स्टेशनों का स्वरूप तेजी से बदला जा रहा है और अब रेलवे स्टेशन भारत की विरासत और स्थापत्य कला की पहचान बन रहे हैं। उन्होंने कोटा, अजमेर और आबूरोड सहित कई रेलवे स्टेशनों के आधुनिक स्वरूप का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पहले राजस्थान को रेलवे के लिए 500 से 600 करोड़ रुपये का बजट मिलता था, जबकि अब करीब 10 हजार करोड़ रुपये दिए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत राजस्थान में 15 से अधिक स्टेशनों का कार्य पूरा हो चुका है और कई स्थानों पर निर्माण कार्य तेजी से जारी है。 रेल मंत्री ने जालौर को ग्रेनाइट हब बताते हुए यहां गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल विकसित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इससे व्यापार, उद्योग और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा तथा आवश्यकता के अनुसार अन्य स्थानों पर भी नए कार्गो टर्मिनल विकसित किए जाएंगे。
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13 साल बाद कोर्ट की कार्रवाई: Jaipur नगर निगम आयुक्त की कुर्सी कुर्क

Jaipur, Rajasthan:13 साल बाद कोर्ट का बड़ा एक्शन, निगम आयुक्त की कुर्सी कुर्क। कोर्ट आदेश की अनदेखी पड़ी भारी, निगम मुख्यालय पहुंची कोर्ट टीम। कोर्ट ने अवमानना करने पर कुर्की करने वालों की कुर्सी की कुर्क। 150 गज जमीन का मामला, 13 साल बाद सख्त न्यायिक कार्रवाई। आश्वासन नहीं, पालन चाहिए, कोर्ट ने मोहलत देने से किया इनकार। कोर्ट के आदेश पर अमल नहीं, ACJM कोर्ट ने दिखाई सख्ती। कुर्सी कुर्क होते ही प्रशासनिक सिस्टम पर उठे बड़े सवाल। कोर्ट की सख्ती से निगम में हलचल, 27 मई को अगली सुनवाई। 20 से ज्यादा रिमाइंडर, फिर भी नहीं जारी हुआ आवंटन पत्र। मामला 1995 के बनीपार्क स्ट्रीप लैंड आवंटन पत्र से जुडा। चंद्रकांत नागर बनाम जेडीए-निगम एवं अन्य के नाम से चल रहा केस। जज ने स्पष्ट किया कि आदेश 13 साल तक लागू नहीं हो सकता, न्यायिक कार्रवाई जरूरी। 1995- से 1995 के बनीपार्क स्ट्रीप लैंड आवंटन मामले में हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद नगर निगम ने आवंटन पत्र जारी नहीं किया। 2013 में कोर्ट ने आदेश दिया था, पर फाइलें धूल खाती रहीं। महलत नहीं दी गई, 20+ रिमाइंडर दिए गए, बैंक गारंटी जमा की गई, फिर भी कार्रवाई नहीं हुई। सुप्रीम कोर्ट ने ACJM-1 कोर्ट को आयुक्त की कुर्सी कुर्क करने के आदेश जारी किए और नगर निगम मुख्यालय में यह कार्रवाई सुबह संपन्न कराई गई। जब कानून के आदेश सालों तक लागू नहीं होते, तो सिस्टम की नीतिगत विफलता उजागर होती है। 20 मई 2026 को कोर्ट ने आयुक्त की कुर्सी कुर्क करने का आदेश दिया और उसी दिन कोर्ट टीम ने नगर निगम मुख्यालय पहुंचकर कुर्की की कार्रवाई की। आयुक्त ने स्थिति की जानकारी दी, दो-तीन दिन में आवंटन पत्र जारी करने का भरोसा दिलाया। 27 मई को फिर से सुनवाई होगी।
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ग्वालियर में पति आरोप: पत्नी इशारे पर भाइयों ने कान काटे, हत्या की आशंका

Morena, Madhya Pradesh:ग्वालियर में डर ख़ौफ़ के बीच लहूलुहान ये शख्स खुद को पत्नी प्रताड़ित बता रहा है,उसने आरोप लगाया है कि उसकी पत्नी ने अपने भाइयों से उसकी मारपीट करवाई है। उसकी पत्नी के इशारे पर साले ने उसका कान मुँह से काटकर उखाड़ दिया,अब पत्नी उसकी हत्या भी करवा सकती है,पीड़ित पति की शिकायत पर हजीरा थाना पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दरअसल यह मामला ग्वालियर के हजीरा थाना इलाके से सामने आया है,पीड़ित राहुल सिंह राजावत का आरोप है कि उसकी पत्नी ज्योति राजावत ने समझौते के बहाने उसे 19 मई को बिरला नगर स्थित ससुराल बुलाया था,राहुल के मुताबिक जैसे ही वह ससुराल पहुँचा, पत्नी के भाई रिम्पल परमार और विक्की परमार ने पहले उसके साथ गाली गलौज की,फिर उसके साथ मारपीट शुरू कर दी,पीड़ित राहुल सिंह राजावत ने आरोप लगाया है कि हमला पत्नी ज्योति के इशारे पर किया गया,ऐसे में रिम्पल ने उसका कान मुंह से काटकर उखाड़ दिया। लहूलुहान हालत में हजीरा थाने पहुंच शिकायत की, पुलिस ने साले रिम्पल और विक्की के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू की हैं। राहुल राजावत ने पुलिस से खुद की सुरक्षा की गुहार लगाई है,उसका कहना है कि हजीरा थाना पुलिस ने सिर्फ दो आरोपी बनाये है,जबकि यह सब उसकी पत्नी ज्योति के इशारे पर हुआ था,ऐसे में उसे भी आरोपी बनाया जाए। इसके साथ ही राहुल ने आरोप लगाया है कि उसकी पत्नी ज्योति उसकी हत्या करवा सकती है। राहुल सिंह राजावत- पीड़ित पति. मामले में ASP जयराज कुबेर का कहना है कि पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया था,मेडिकल रिपोर्ट और तथ्यों के आधार पर जांच की जा रही है,जो भी तथ्य सामने आएंगे,उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। जयराज कुबेर- ASP,ग्वालियर. आपको बता दे कि राहुल सिंह राजावत और ज्योति राजावत की शादी 30 जून 2020 को हुई थी,लेकिन आपसी झगड़ो के चलते वह साल 2024 से अपने मायके में रह रही है,अब पति ने पत्नी पर हत्या करवाने की आशंका जताते हुए खुद और अपने परिवार की सुरक्षा की मांग की है।फिलहाल पुलिस जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी।
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भिवानी में भीषण गर्मी के कारण ग्रीष्मकालीन अवकाश 25 मई से 30 जून तक

Bhiwani, Haryana:भिवानी हरियाणा में एक सप्ताह पहले शुरू हुआ ग्रीष्मकालीन अवकाश भिवानी की जिला शिक्षा अधिकारी निर्मल दहिया ने दी जानकारी हरियाणा प्रदेश में 25 मई से 30 जून तक ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित : जिला शिक्षा अधिकारी निर्मल दहिया गर्मी की विभीषिका से बच्चों को बचाने के लिए ग्रीष्मकालीन अवकाश पहले कर दिए गए : निर्मल दहिया मोबाईल के बढ़ते प्रयोग को लेकर बोली जिला शिक्षा अधिकारी निर्मल दहिया कहा : मोबाईल को इतना बढ़ावा देना उचित नहीं, जिससे अध्यापक की प्रासंगिकता कम हो या खत्म हो भिवानी।इन दिनों पड़ रही प्रचंड गर्मी को देखते हुए एक जून से होने वाली गर्मी की छुट्टियां अबकी बार 25 मई से कर दी गई है। इसके लिए हरियाणा विद्यालय शिक्षा निदेशालय पंचकूला द्वारा राज्य के सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयों में ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित कर दिए गए हैं। इस संबंध में भिवानी की जिला शिक्षा अधिकारी निर्मल दहिया ने बताया कि भीषण गर्मी और हीट वेव को देखते हुए राज्य सरकार के निर्देशानुसार 25 मई से 30 जून तक सभी विद्यालय बंद रहेंगे। भिवानी जिला शिक्षा अधिकारी निर्मल दहिया ने बताया कि एक जुलाई से विद्यालय पुन: निर्धारित समयानुसार खुलेंगे। जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों, विद्यालय मुखियाओं तथा निजी स्कूल संचालकों को निर्देश जारी करते हुए कहा कि ग्रीष्मकालीन अवकाश के आदेशों की कड़ाई से पालना सुनिश्चित की जाए। निर्मल दहिया ने कहा कि विद्यालय प्रशासन विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को अवकाश की जानकारी सूचना-पट्ट, एसएमएस, व्हाट्सएप संदेश तथा अन्य संचार माध्यमों के जरिए अवश्य उपलब्ध करवाएं। साथ ही ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान गृहकार्य, एसएमसी बैठक, पीटीएम एवं अन्य आवश्यक गतिविधियों के संबंध में समयानुसार उचित कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार के आदेश उल्लंघन की सूचना तुरंत उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी। जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी विद्यालयों से विद्यार्थियों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि गर्मी की विभीषिका से बच्चों को बचाने के लिए ग्रीष्मकालीन अवकाश पहले कर दिए गए है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि उन्हे अवकाश का एक सप्ताह अधिक मिल गया है, ऐसे में उन्हे चाहिए कि वे इसका लाभ उठाते हुए अपना पाठन कार्य सुचारू रूप से जारी रखे। वही मोबाईल के बढ़ते प्रयोग पर जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि मोबाईल आज के दिन एक जरूरत बना हुआ है। लेकिन इसके बावजूद भी मोबाईल के प्रयोग को इतना बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए कि इसे कक्षा में लेकर जाकर उसके द्वारा ही पढ़ाया जाए, ताकि अध्यापक की प्रासंगिकता कम हो या खत्म हो। उन्होंने कहा कि अध्यापक को चाहिए कि वो विद्यार्थी को प्रत्यक्ष व नैतिक रूप से पढ़ाए, क्योंकि विद्यार्थी को अपने अध्यापक की प्रत्यक्ष रूप से जरूरत है तथा मोबाईल जैसी पठन-पाठन सामग्री द्वितीय स्थान पर आती है।
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