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Upndra KumarUpndra KumarFollow21 Nov 2024, 12:54 pm
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गिरिडीह में बिना तोड़े मकान उठाने की नई तकनीक, रोज़ एक फीट—8.5 फीट तक पहुँचा

Giridih, Jharkhand:एभीबी : कैमरा ज़ूम इन...नीचे लोहे के 80 जैक धीरे-धीरे घूम रहे हैं. ऊपर पूरा मकान हवा में तैर रहा है. किचन में चाय खौल रही है, बेडरूम में पंखा घूम रहा है और नीचे... मजदूर बीम के ऊपर बीम डाल रहे हैं. ये कोई फिल्म का सीन नहीं, गिरिडीह के धरियाडीह में पहली बार बीम के सहारे मकान को उठाया जा रहा है. गिरिडीह में पहली बार कोई मकान बिना तोड़े हवा में उठाया गया है. संतोष गुप्ता का घर अभी 7 फीट ऊपर है. कुल साढ़े आठ फीट तक जाएगा. नीचे खुदाई के साथ बीम ढाला जा चुका है. अब टीम हर दिन 1-1 फीट करके मकान को ऊपर उठा रही है. मतलब रोज नया रिकॉर्ड और कमाल ये कि मकान मालिक संतोष गुप्ता का परिवार ऊपर आराम से रह रहा है. बिना घर खाली कराए नीचे से मजबूत नींव तैयार हो रही है. इस काम को भागलपुर-मधेपुरा की 5 लोगों की टीम के द्वारा किया जा रहा है. टीम के लीडर गुलशन मंडल बताते हैं की बीम का काम पूरा हो गया. अब फाइनल हाइट 8.5 फीट तक ले जाएंगे. सेंसर वाला सिस्टम है, रोज 1 फीट उठाते हैं तो स्ट्रक्चर पर कोई लोड नहीं पड़ता. वंही मकान मालिक संतोष गुप्ता ने बताया की सोशल मीडिया पर वीडियो देखकर व्हाट्सएप किया था. सोचा नहीं था अपने घर के साथ फिल्मी सीन जीऊंगा. रोज सुबह उठकर देखते हैं, घर 1 फीट और ऊपर चला गया. इस नई तकनीक को देखने के लिए रोज़ लोगों की भीड़ लग रही है. लोग रोज की प्रोग्रेस देखने आ रहे हैं. बताया की बारिश के मौसम में पानी के जलजमाव हो जाने के कारण घर में रहना मुश्किल हो गया था. अब आराम से घर में रह पाएंगे.
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सीएम के निर्देश: स्कूल समय के दौरान कोचिंग पर रोक, पारदर्शिता के लिए कड़ा नियम

Patna, Bihar:सीएम सम्राट चौधरी ने मंगलवार को अपने सोशल मिडिया हैंडल पर छात्र हित को लेकर कोचिंग संचालन के समय को लेकर शिक्षा विभाग को नया नियम बनाने के निर्देश जारी किए. सीएम ने छात्र हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कोचिंग संस्थानों को स्कूल कालेज के समय यानी सुबह 9 बजे से दोपहर 4 बजे तक कोचिंग संचालन पर रोक लगाने के लिए शिक्षा विभाग को नए नियमावली बनाने के कड़े निर्देश जारी किए . मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से इस बात की जानकारी दी कि निजी कोचिंग सेंटरों की मनमानी को रोकने और मुख्यधारा की शिक्षा को मजबूत करने के लिए यह अहम कदम उठाया गया है. इस घोषणा से पूरे प्रदेश के कोचिंग संचालकों में हड़कंप मच गया है. दरअसल , 2024 में भी शिक्षा विभाग के तत्कालीन अपर प्रमुख सचिव ने इस तरह के आदेश जारी किया था और शिक्षा विभाग के 2010 के नियमावली को संशोधित करते हुए कोचिंग संचालको को स्कूल और कालेज के शिक्षण समय में कोचिंग के कार्यकलाप पर रोक लगा दिया था . जिसके बाद बिहार के कोचिंग संचालक संघ मामले को लेकर हाईकोर्ट का रुख किया और पटना हाईकोर्ट ने सरकार के फैसले पर स्टे लगा दिया . अब बिहार के सीएम के एलान के बाद एक बार फिर कोचिंग संचालक एकजुट हो रहे हैं और फिर से सरकार के खिलाफ आहै कोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं . आपको बता दें कि नए निर्देशों के तहत पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्य के सभी कोचिंग संस्थानों के लिए एक कड़ा नियम लागू किये जाने का निर्देश दिया गया है . इतना ही नहीं सीएम के निर्देश के बाद कोचिंग सेंटरों को अपने यहां पढ़ रहे छात्र-छात्राओं का पूरा विवरण अनिवार्य रूप से जिला प्रशासन को उपलब्ध कराना होगा. इस कदम से जिला प्रशासन के पास कोचिंग में पढ़ने वाले बच्चों का सटीक रिकॉर्ड रहेगा, जिससे उनकी उपस्थिति और सुविधाओं की निगरानी की जा सकेगी. मुख्यमंत्री के नए निर्देश के अनुसार, सरकारी व निजी स्कूलों और कॉलेजों के लिए निर्धारित स्कूल ऑवर्स के दौरान राज्य में किसी भी कोचिंग संस्थान का संचालन नहीं किया जा सकेगा. सीएम का मानना है कि स्कूल-कॉलेज के समय कोचिंग चलने से छात्र अपनी नियमित कक्षाओं से गायब होते हैं और उनका शैक्षणिक आधार कमजोर होता है. लेकिन छात्र इस बात से इनकार करते हैं . पटना के कोचिंग में पढ़ने वाले छात्र और छात्राओं का कहना है की स्कूल और कालेज की पढ़ाई से वे अपना कैरियर नहीं बना सकते और इसके लिए उन्हें एडवांस शिक्षा की जरुरत होती है . छात्रो का कहना है की आज की तारीख में NEET या ADVANCE-JEE के लिए जिस तरह की शिक्षा चाहिए उसके लिए कोचिंग की जरुरत होती है और सरकार यहाँ कोचिंग की टाइमिंग निर्धारित करेगी तो उन्हें पलायन कर दुसरे राज्यों में जाना पडेगा और वहां का खर्चा उनके परिजन को एफोर्ड करने में परेशानी आएगी . ऐसे में सरकार कोचिंग पहने वालो का डेटा तो ले लेकिन कोचिंग को समय में बांधे नहीं . WT छत्राओं के साथ WT छात्रों के साथ दरसल , समय की यह पाबंदी कड़ाई से लागू करने के लिए मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग को नियमावली तैयार करने का निर्देश दिया है. पर कोचिंग में पढ़ाने वाले शिक्षक और कोचिंग एसोसिएशन ऑफ भारत ने इसपर कडा एतराज जताया है . patna में कोचिंग चलने वाले शिक्षक बिपिन सिंह ने कहा की सरकार को नियमावली बनाने से पहले शिक्षको से बात करनी चाहिए तो वही कोचिंग एशोसिएशन के सचिव सुधीर कुमार सिंह कहते हैं की यह निर्णय हाईकोर्ट के स्टे का अवमानना है . BYTE बिपिन सिंह गोल कोचिंग सुधीर कुमार सिंह सचिव कोचिंग एशोसिएशन और भारत बहरहाल , सीएम सम्राट चौधरी ने साफ किया कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन, पूर्ण पारदर्शिता और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. इस नए नियमावली से न केवल स्कूलों और कॉलेजों में छात्रों की उपस्थिति में सुधार होगा, बल्कि निजी कोचिंग संस्थानों के संचालन में भी एक आवश्यक जवाबदेही तय की जा सकेगी.
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मालवा से पश्चिम बंगाल तक ड्रग रूट का खुलासा, करोड़ों का नशा ध्वस्त

Neemuch, Madhya Pradesh:नीमच। दो दिवसीय वार्षिक निरीक्षण पर नीमच पहुंचे रतलाम रेंज के डीआईजी निमिष अग्रवाल ने मीडिया के सवालों पर करोड़ों रुपये के ड्रग्स नेटवर्क को लेकर बेहद सनसनीखेज खुलासे किए हैं। डीआईजी ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि मालवा से सप्लाई होने वाले इस अवैध नशे के तार सीधे पश्चिम बंगाल यानी वेस्ट बंगाल तक जुड़े हुए हैं, जहां तस्कर थोक मात्रा में करोड़ों का नशा सप्लाई कर रहे थे। हाल ही में मंदसौर में पकड़ी गई 20 किलो हाई-क्वालिटी ब्राउन शुगर की जांच में मालवा और पश्चिम बंगाल के इस खतरनाक सिंडिकेट का भंडाफोड़ हुआ है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों रुपये आंकी गई है। इस पूरे नेटवर्क को नेस्तनाबूद करने के लिए नीमच, मंदसौर और रतलाम जिलों में अवैध ड्रग्स के खिलाफ एक बड़ा महा-अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत पुलिस ने इस साल अब तक नशा बनाने वाली 3 बड़ी अवैध फैक्ट्रियों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। इस मालवा-वेस्ट बंगाल ड्रग रूट पर कड़ा प्रहार करते हुए पुलिस ने कुख्यात तस्कर दिलावर खान के पूरे नेटवर्क और चिकलाना में चल रही अवैध फैक्ट्री को पूरी तरह जमींदोज कर दिया है। डीआईजी ने दो टूक शब्दों में कहा कि पुलिस का फोकस अब सिर्फ माल ढोने वाले छोटे कैरियर पर नहीं है, बल्कि मालवा से लेकर बंगाल तक इस धंधे में मोटी रकम लगाने वाले असली सप्लायरों और खरीदारों (बायर्स) पर है, जिन्हें पुलिस लगातार दबोच रही है। नशे के इस काले साम्राज्य की रीढ़ तोड़ने के लिए पुलिस ने अब सफेमा (SAFEMA) कानून के तहत ड्रग्स माफियाओं की करोड़ों की अचल संपत्तियों को फ्रीज करना शुरू कर दिया है, जिनके केस तैयार कर बॉम्बे भेजे जा चुके हैं। इसके साथ ही, राजस्थान और हरियाणा की सीमाओं पर छिपे वांटेड तस्करों पर इनाम घोषित कर पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। डीआईजी ने पूरी कार्रवाई में पारदर्शिता का भरोसा देते हुए सख्त चेतावनी दी है कि यदि विभाग के किसी भी पुलिसकर्मी या अधिकारी का आचरण संदिग्ध पाया गया, तो उस पर भी सबसे कठोर ऐक्शन लिया जाएगा。
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हिमाचल डोप टेस्ट विवाद चंडीगढ़ तक पहुँचा; भारती और अजय वर्मा का टेस्ट आज

Shimla, Himachal Pradesh:हिमाचल प्रदेश की राजनीति में डोप टेस्ट का विवाद अब चंडीगढ़ तक पहुंच गया है। पूर्व मुख्य संसदीय सचिव नीरज भारती और हिमाचल पथ परिवहन निगम के उपाध्यक्ष अजय वर्मा ने चंडीगढ़ में डोप टेस्ट कराया। अजय वर्मा ने पहले एक प्रेस वार्ता में नीरज भारती को चुनौती दी थी। इसके बाद भारती ने भी चुनौती स्वीकार की और दोनों ने आज टेस्ट कराया। गौर हो कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने नीरज भारती को नशेड़ी कहा था और इसके बाद ही डोप टेस्ट का विवाद शुरू हुआ。 दोनों की रिपोर्ट शाम तक आने वाली है, और नीरज भारती ने दावा किया है कि वे दोनों रिपोर्ट सार्वजनिक करेंगे। नीरज भारती ने कहा कि उन्हें और अजय वर्मा दोनों को भरोसा है कि रिपोर्ट में कुछ नहीं आएगा, लेकिन फिर भी उन्होंने यह टेस्ट करवाया है।
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12 घंटे के सड़क जाम के बीच प्रदीप बाखला मौत: ग्रामीण मुआवजे की मांग पर अड़े

Ansar Nagar, Jharkhand:12 घंटे से सड़क जाम: प्रदीप बाखला की मौत पर परिजनों की चीख-पुकार, मुआवजे की मांग पर अड़े ग्रामीण चतरा जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र के सिमरिया-बगरा-बालूमाथ मुख्य मार्ग पर सड़क दुर्घटना में संधली गांव निवासी प्रदीप बाखला की मौत के बाद ग्रामीणों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीती रात से शुरू हुआ सड़क जाम 12 घंटे बाद भी जारी है। परिजन और ग्रामीण मुआवजा तथा दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर सड़क पर डटे हुए हैं, जिससे मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई है और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। परिजनों का आरोप है कि कोयला वाहन के ओवरटेक करने के कारण यह हादसा हुआ, जिसमें प्रदीप बाखला की जान चली गई। मृतक अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। उसके पीछे तीन छोटे-छोटे बच्चे और अन्य परिजन हैं। घटनास्थल पर परिजनों की चीख-पुकार और विलाप से माहौल गमगीन बना हुआ है। ग्रामीण चतरा उपायुक्त को घटनास्थल पर बुलाने की मांग पर अड़े हैं। वहीं सिमरिया अंचल अधिकारी गौरव कुमार राय और थाना प्रभारी सूर्य प्रताप सिंह मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं। अंचल अधिकारी ने बताया कि क्षेत्र में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए जल्द ही सड़कों पर स्पीड मीटर और निगरानी कैमरे लगाए जाएंगे, ताकि तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण लगाया जा सके।
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अल्मोड़ा कैंट क्षेत्र में तेंदुआ पिंजरे में कैद, लोगों में राहत

Almora, Uttarakhand:Almora - अल्मोड़ा नगर से सटे कैंट क्षेत्र में बुधवार को एक तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गया। वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरे में तेंदुए के फंसने से स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली। तेंदुए की आवाजाही से क्षेत्र के लोग पिछले कई दिनों से दहशत में थे। स्थानीय निवासियों की शिकायत पर वन विभाग ने 6 जून को ईदगाह के पास पिंजरा लगाया था। चार दिन की निगरानी के बाद तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गया। वन विभाग की टीम ने तेंदुए का रेस्क्यू कर लिया है। चिकित्सकीय परीक्षण के बाद उसे विभाग द्वारा निर्धारित वन क्षेत्र में छोड़ा जाएगा।
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हिरन नदी में 11 वर्षीय प्रिंस रैकवार की डूबकर मौत; दो बच्चों की बचत

Jabalpur, Madhya Pradesh:हिरन नदी में 11 वर्षी बालक की डूबने से मौत; नहाने के दौरान हादसा. एंकर: जबलपुर के पाटन के थाना गांव में हिरन नदी में नहाने के दौरान तीन बालक डूब गए थे, जिनमें मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने दो बच्चों को बचा लिया. वहीं गांव का प्रिंस रैकवार, जो लगभग 11 साल का था, नदी में डूब गया और उसकी मौत हो गयी. स्थानीय लोगों ने उसे बाहर निकाल लिया, लेकिन बालक की मौत हो चुकी थी. उसे पाटन अस्पताल लेकर परिजन पहुंचे पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. बताया गया कि प्रिंस रRackवार अपने नाना-नानी के पास रहकर पढ़ाई करता था. बुधवार दोपहर लगभग 12:00 बजे वह अपने साथियों के साथ हिरन नदी में नहाने के लिए गया था. इसी दौरान तीनों डूबने लगे. मौके पर मौजूद लोगों ने दो बच्चों को बचा लिया, पर प्रिंस रैकवार गहरे पानी में चला गया था. उसकी खोजबीन की गई और उसे बाहर निकालने तक उसकी मौत हो चुकी थी. घटना के बाद परिजन सदमे में हैं; पाटन पुलिस ने बालक के शव का पोस्टमार्टम करवाया है. बाइट: सूर्यकांत शर्मा, एडिशनल एसपी, जबलपुर
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बस्तर में तृतीय वर्ग कर्मचारियों ने महंगाई भत्ता और सुविधाओं की मांग पर प्रदर्शन

Jagdalpur, Chhattisgarh:बस्तर जिले में बुधवार को छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ ने अपनी 6 सूत्रीय मांगों को लेकर सांकेतिक प्रदर्शन किया, भोजन अवकाश में विभिन्न विभागों के तृतीय वर्ग के कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते हुए प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन भी सौंपा, तृतीय वर्ग कर्मचारियों का कहना है कि 1 जनवरी से महंगाई भत्ता मिलना चाहिए था लेकिन राज्य सरकार कोई पहल नहीं कर रही है, इसके अलावा बजट में प्रदेश के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कैशलेश चिकित्सा सुविधा देने का ऐलान किया था लेकिन यह भी वादा पूरा नहीं किया जा रहा, छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि विधानसभा चुनाव के दौरान भाजप ने मोदी गारंटी के रूप में वादों को पूरा करने की घोषणा की थी लेकिन अब तक वादा पूरा नहीं हो पाया है। संघ के पदाधिकारियों ने आगामी दिनों में अपनी मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन करने का भी ऐलान किया।
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अमरोहा पुलिस ने 15.5 करोड़ रुपये के नशे के पदार्थ नष्ट किए

Amroha, Uttar Pradesh:अमरोहा पुलिस ने नशा तस्करों और अवैध मादक पदार्थों के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ऑपरेशन दहन के तहत करीब 15.5 करोड़ रुपये मूल्य के मादक पदार्थों का विनिष्टीकरण कराया है। विभिन्न थानों में दर्ज 47 अभियोगों से संबंधित कुल 2002.352 किलोग्राम अवैध डोडा, गांजा, चरस, हेरोइन, नशीली दवाइयों और पाउडर को न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में नष्ट किया गया। पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव के निर्देशन में यह कार्रवाई की गई। 16 अप्रैल, 4 जून और 5 जून 2026 को नियमानुसार गठित समिति की मौजूदगी में जब्त मादक पदार्थों को मुरादाबाद जनपद के फतेहपुर विश्नोई स्थित सुशीला बायोमेडिकल वेस्ट प्लांट प्राइवेट लिमिटेड में सुरक्षित एवं विधिक प्रक्रिया के तहत नष्ट कराया गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इन मादक पदार्थों की अनुमानित कीमत करीब 15.5 करोड़ रुपये आंकी गई है। अमरोहा पुलिस की यह कार्रवाई नशामुक्त और अपराधमुक्त बनाने के लिए मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ आगे भी कठोर और प्रभावी कार्रवाई जारी रहेगी।
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