icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Pinewz
273303
Umesh GuptaUmesh GuptaFollow21 Dec 2024, 08:27 am

Maharajganj: महाकुंभ कलश यात्रा का शुभारंभ, श्रद्धालुओं ने किया भव्य स्वागत

Maharajganj, Uttar Pradesh:

उत्तर प्रदेश सरकार ने सनातन धर्म का प्रचार-प्रसार करने के लिए महाकुंभ कलश यात्रा की शुरुआत की है। यह यात्रा प्रदेश के विभिन्न जनपदों में घूम रही है। दैनिक जागरण के तत्वावधान में महाकुंभ रथ कलश यात्रा फरेंदा पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने पुष्पों की वर्षा कर इसका भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर नगर के दक्षिणी बाईपास पर पूर्व बीजेपी विधायक चौधरी शिवेंद्र सिंह, भाजपा नगर अध्यक्ष प्रतिनिधि राजेश जायसवाल और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने महाकुंभ कलश यात्रा का जोरदार स्वागत किया और आशीर्वाद प्राप्त किया।

0
0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

मोतिहारी में जहरीली शराब से एक और मौत, पुलिस जुटी जांच

Motihari, Bihar:मोतिहारी में जहरीली शराब पीने से मरने की सिलसिला अभी जारी है। मोतिहारी में जहरीली शराब कांड में दस लोगो की मौत की घटना के बीते अभी दस दिन भी नही हुआ है कि तुरकौलिया थाना क्षेत्र के टिकैता गोविंदापुर में एक व्यक्ति बनारसी की आज संदिग्ध मौत हो गई। मृतक बनारसी के परिजनों का कहना है की भोला साह नाम के युवक ने झोला में शराब लाकर दिया था। शराब पीने के बाद बनारसी के सीने में दर्द हुई और उल्टी करना शुरू कर दिया। आनन फानन में बनारसी को सदर अस्पताल लेकर गए जहाँ डॉक्टरो ने उसे मृत घोषित कर दिया। फिलहाल तुरकौलिया थाना की पुलिस ने शराब की खाली पाउच को बरामद कर लिया है। पुलिस भोला साह नामक युवक की तलाश में जुटी है। शराब पीकर एक और मौत के बाद मोतिहारी के सहायक आयुक्त के नेतृत्व में उत्पाद पुलिस तुरकौलिया थाना क्षेत्र में छापेमारी कर रही है। मृतक की मौत शराब से हुई या नही ये पोस्टमार्टम रिपोर्ट एवं एफएसएल जाँच के बाद ही स्पष्ट होगा। लेकिन अगर परिजन का आरोप सच हुआ तो बिहार सरकार के शराबबंदी पर सबसे बड़ा सवाल है। इतने सख्ती के बाद भी आखिर मोतिहारी में जहरीली शराब की खरीद बिक्री कैसे जारी है। मोतिहारी के लोग शराबबंदी पर सवाल भी करने करने लगे है इससे अच्छा होता की अगर शराबबंदी हट जाती तो लोग सरकार के लाइसेंसी दुकान से अच्छे क्वालिटी की शराब पीते। कम से कम लोगो की जहरीली शराब पीने से मौत तो नही होती। इधर एसपी स्वर्ण प्रभात को तुरकौलिया थाना के चौकिदार ने बताया है की मृतक को पूर्व से दमा की बीमारी था। दमा से मौत हो सकता है। अब सबकी नजर पोस्टमार्टम रिपोर्ट एवं एफएसएल रिपोर्ट पर टिकी है।
0
0
Report
Advertisement
Advertisement

कृषि विपणन विभाग में बड़े बदलाव: प्रतापगढ़ को क्षेत्रीय मुख्यालय, प्रदेश में 14 खंड कार्यालय

Pratapgarh, Rajasthan:प्रतापगढ़ कृषि विपणन विभाग ने प्रदेशभर की कृषि उपज मंडियों के बेहतर संचालन, प्रभावी पर्यवेक्षण और नियंत्रण के लिए बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। विभाग द्वारा क्षेत्रीय खंड कार्यालयों का पुनर्गठन कर उनकी संख्या 10 से बढ़ाकर 14 कर दी गई है. शासन के उप सचिव द्वारा इस संबंध में आदेश जारी किए गए हैं. इस नई व्यवस्था में प्रतापगढ़ को क्षेत्रीय खंड मुख्यालय का दर्जा दिया गया है. पुनर्गठन के बाद प्रतापगढ़ में खंड कार्यालय खोलने की तैयारियां तेज हो गई हैं और स्थान चयन व अन्य व्यवस्थाओं पर काम शुरू हो चुका है ताकि स्थानीय स्तर पर मंडियों के संचालन में तेजी और पारदर्शिता लाई जा सके. पुर्नगठन के अंतर्गत 41 जिलों की 185 कृषि उपज मंडियों को नए खंड कार्यालयों के अंतर्गत व्यवस्थित किया गया है. प्रतापगढ़ खंड में प्रतापगढ़, अरनोद व छोटीादड़ी की मंडियां शामिल होंगी, साथ ही चित्तौड़गढ़, बड़ीसादड़ी, बेगूं, कपासन और निम्बाहेड़ा मंडियां भी संभावित तौर पर शामिल होंगी. प्रतापगढ़ खंड के संचालन की जिम्मेदारी फिलहाल उदयपुर के उप निदेशक पंकज पारीख को अतिरिक्त प्रभार के रूप में सौंपी गई है. उन्होंने बगवास स्थित फल एवं सब्जी मंडी पहुंचकर कार्यालय स्थापना के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लिया है. इस पुनर्गठन का मुख्य उद्देश्य मंडियों के कार्य में पारदर्शिता, प्रशासनिक दक्षता बढ़ाना और किसानों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करना है। प्रदेश में अब 14 स्थानों पर खंड कार्यालय संचालित होंगे जिनमें अजमेर, अलवर, बीकानेर, हनुमानगढ़, जयपुर, जोधपुर, कोटा, सीकर, श्रीगंगानगर, उदयपुर, भरतपुर, बारां, प्रतापगढ़ और पाली शामिल हैं.
0
0
Report
Advertisement

सीकर में आशा सहयोगिनियों ने मानदेय बढ़ाने और सर्वे के मुद्दे पर उग्र चेतावनी दी

Sikar, Rajasthan:सीकर: आशा सहयोगिनियों की बैठक, मांगें पूरी नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी\n\nजिला कार्यकारिणी गठन कर आशा सहयोगिनी प्रदेशाध्यक्ष अलका कीनिया बोली मांगे नहीं मानी तो काम करेंगे बंद, आर पार की लड़ाई की दी चेतावनी\n\nसीकर जिला मुख्यालय स्थित कुमावत मोहल्ले में आज जिले की आशा सहयोगिनियों की बैठक आयोजित कर लंबे समय से आशा सहयोगिनी कार्यकर्ताओं की मांगों पर चर्चा की गई और सरकार को जल्द मांगे नहीं मानने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी गई। बैठक के दौरान जिले की कार्यकारिणी का गठन भी किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि राजकुमार भास्कर व निर्वाचन मंडल की देखरेख में अध्यक्ष पद पर रोशन खुड, महामंत्री अलका कीनिया, मंत्री भारती, उपाध्यक्ष ललिता पारीक व मंजू सेन, कोषाध्यक्ष भगवती देवी, प्रचार प्रसार मंत्री चंदा देवी, संगठन मंत्री मणि देवी, सूचना मंत्री सुलोचना, लेखाकार के पद पर मनभरी देवी और सदस्य विद्या शर्मा सहित 11 सदस्य बनाए गए हैं।\n\nप्रदेशाध्यक्ष एवं जिला महामंत्री अलका कीनिया ने बताया कि जिला स्तर पर संगठन को मजबूत करने के लिए जिला कार्यकारिणी का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश भर में आशा सहयोगिनी द्वारा पिछले लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग राज्य सरकार के सामने रखी जा रही है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार और प्रशासन की ओर से बार-बार आशा सहयोगिनियों को सर्वे का कार्य अनावश्यक रूप से सौंप दिया जाता है। उन्होंने कहा कि जो आशा सहयोग नहीं होगा काम नहीं है वह भी आशा सहयोगिनियों पर थोपा जा रहा है। उन्होंने कहा कि हाल ही में आउटरेज के सर्वे भी आशा सहयोगिनियों से करवाई जा रहे हैं और सर्वे से पहले होने वाली ट्रेनिंग का मानदेय तक नहीं दिया जाता। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि सर्वे से पहले होने वाले प्रशिक्षण के मानदेय पर आशा सहयोगिनियों से हस्ताक्षर तो करवा लिए जाते हैं लेकिन मानदेय का एक पैसा भी नहीं दिया जाता। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा पीसीटीएस के माध्यम से जो पैसा एक मुफ्त दिया जाता था जिसे अब काटकर अलग-अलग टुकड़ों में दिया जाता है और आशा सहयोगिनियों पर काम का इतना दबाव बना दिया गया है कि आशा सहयोगिनी 24 घंटे काम करती है परंतु फिर भी जो मानदेय बनता है उसे बीच में ही रख लिया जाता है और पूरा मानदेय नहीं मिल पाता। उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि आशा सहयोगिनियों کا पीसीटीएस जो पैसा मिलता है उसे टुकड़ों में देने की बजाय एक मुश्त राशि के रूप में दिया जाए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार हमारी मांगे नहीं मानेगी तो आशा सहयोगिनी सरकार के अनावश्यक कार्य का बहिष्कार कर काम करना बंद कर देगी। उन्होंने कहा कि आशा सहयोगिनी पहले भी कई बार धरना प्रदर्शन और ज्ञापन देकर सरकार को अपनी मांगों के लिए अवगत करा चुकी है, लेकिन सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि आशा सहयोगिनियों को मानदेय के लिए प्रशासनिक अधिकारियों के सामने गुहार लगानी पड़ती है जिस पर 6 महीने का मानदेय लंबी होने पर 2 महीने का ही मानदेय दिया जाता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आज आशा सहयोगिनी कार्यकर्ताओं का सरकार और प्रशासन द्वारा शोषण किया जा रहा है जबकि आशा सहयोगिनी 24 घंटे सरकार के हित में काम करती है। उन्होंने कहा कि मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में कमी लाने का श्रेय भी आशा सहयोगिनियों का है और कोरोना जैसी महामारी में भी आशा सहयोगिनी ने दिन रात आमजन की सेवा कर अपना पूरा योगदान दिया था। प्रदेश में आज हर सरकारी काम जब भी शुरू होता है तो उसे धरातल पर उतरने का काम आशा सहयोग नहीं करती है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार उनकी बातों और मांगों को नहीं मानेगी तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।\n\nबाइट - अलका कीनिया \nप्रदेशाध्यक्ष \nआशा सहयोगिनी.
0
0
Report
Advertisement

ऑपरेशन गरिमा: धौलपुर में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए सख्त चेकिंग

Dholpur, Rajasthan:धौलपुर: राज्यव्यापी विशेष अभियान के क्रम में पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान के नेतृत्व मे धौलपुर पुलिस महिला व बच्चियों की सुरक्षा और जन-जागरूकता की दिशा में कार्य कर रही है। जिले में ''ऑपरेशन गरिमा'' के अन्तर्गत व्यापक स्तर पर विशेष अभियान चलाया जा रहा है, इसके अन्तर्गत जिले के सभी थानों की पुलिस टीमें अपने अपने इलाको में महिला व बच्चियों की सुरक्षा व सशक्त बनाने एवं जागरूक करने की दिशा में प्रयासरत हैं। इसी सिलसिले में थानाधिकारी थाना बाड़ी कोतवाली देवेन्द्र शर्मा के निर्देशन में बाड़ी कोतवाली पुलिस ने कोचिंग संस्थान एवं स्कूलों के पास पहुंचकर छात्राओं को नवीन कानूनों की बारीकियों से अवगत कराया और उन्हें आत्मरक्षा के महत्वपूर्ण सिद्धांतों से अवगत कराया गया। इसके पश्चात पुलिस टीम कस्बे के कुछ परिवारों के बीच पहुंचकर बच्चों को बालश्रम से दूर रख कर अनिवार्य रूप से स्कूल भेजने हेतु समझाइश की। ज़िले में महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और आत्मविश्वास को सुदृढ़ करने के ध्येय से समस्त थाना क्षेत्रों में एक साथ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। अभियान के निमित्त गठित विशेष पुलिस टीमे स्कूल, कॉलेज, कोचिंग संस्थानों, बाजारों, मॉल, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और पार्कों जैसे सार्वजनिक एवं भीड़-भाड़ वाले स्थलों पर सघन चेकिंग और गश्त कर रही है। इस दौरान संदिग्ध अवस्था में घूम रहे व्यक्तियों की पहचान कर उनसे कड़ी पूछताछ कराई जा रही है तथा असामाजिक तत्वों को भविष्य के लिए सख्त चेतावनी दी जा रही है, मनचलों के विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई भी अमल में लाई जावेगी। इस अभियान के दौरान महिला पुलिस अधिकारी और कार्मिक छात्राओं व महिलाओं के साथ सीधा संवाद स्थापित कर उन्हें उनके संवैधानिक अधिकारों के प्रति सचेत कर रही है। महिलाओं को महिला हेल्पलाइन नंबर 1090, 1091 एवं 112 की उपयोगिता, साइबर सुरक्षा, सोशल मीडिया के सुरक्षित प्रयोग तथा स्टॉकिंग एवं छेड़छाड़ जैसी घटनाओं से बचाव के उपायों पर विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है। संवेदनशील स्थानों को चिह्नित कर वहां विशेष निगरानी तंत्र विकसित किया जा रहा है और क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता की गहन जांच की जा रही है। जिला पुलिस अधीक्षक ने कहा है कि ऑपरेशन गरिमा एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से महिलाओं की सुरक्षा के प्रति पुलिस की प्रतिबद्धता को दोहराया जा रहा है। उन्होंने समाज के हर वर्ग से अपील की कि महिलाओं के विरुद्ध अपराधों को रोकने में सहभागी बने और किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, अभद्र व्यवहार या संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना नजदीकी थाने या हेल्पलाइन पर दें, ताकि एक सुरक्षित और मर्यादित समाज का निर्माण सुनिश्चित किया जा सके
0
0
Report

नाशिक धर्मांतरण मामले की धागे मुंब्रा तक पहुँचे; निदा खान फरार, पति से पूछताछ

Noida, Uttar Pradesh:नाशिक धर्मांतरण मामले की जांच के धागे अब सीधे ठाणे के मुंब्रा इलाके तक पहुंच गए हैं। इस मामले की मुख्य आरोपी निदा खान पिछले दो महीनों से ठाणे के मुंब्रा इलाके में एक इमारत में किराए पर रह रही थी। मुंब्रा के कौसा क्षेत्र स्थित गार्डन विला इमारत की पहली मंजिल पर वह अपने पति के साथ रह रही थी। आठ महीने की गर्भवती निदा खान का इलाज मुंब्रा के ही एक निजी अस्पताल में चल रहा था। 11 अप्रैल और 13 अप्रैल को वह उपचार के लिए अस्पताल पहुंची थी। पेट में दर्द और यात्रा के दौरान थकान महसूस होने जैसी दिक्कतें उसे हो रही थीं, ऐसी जानकारी उसका इलाज कर रही डॉक्टर ने दी। हालांकि, जब पुलिस ने उसके घर पर छापेमारी की, तब तक वह वहां से फरार हो चुकी थी। नाशिक पुलिस ने मुंब्रा पुलिस की मदद से पूरे इलाके में चार टीमें तैनात कर कई जगहों पर उसकी तलाश की, लेकिन वह हाथ नहीं लगी। बाद में पुलिस को जानकारी मिली कि 13 अप्रैल को ही निदा खान मुंब्रा से अपने रिश्तेदारों के साथ दोबारा नाशिक भाग गई थी। नाशिक पुलिस ने उसके पति को भी पूछताछ के लिए करीब पांच घंटे तक हिरासत में लिया, लेकिन उससे भी कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी। फिलहाल मुंब्रा स्थित उसके घर पर ताला लगा हुआ है और उसका पता कब लगेगा, यह सवाल अब भी बना हुआ है। इसी घटनास्थल से जायजा लिया है हमारे प्रतिनिधि शुभम कोली की
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top