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Umesh GuptaUmesh GuptaFollow21 Dec 2024, 05:54 am
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बिलासपुर के संजीवनी केंद्र में 1.31 लाख के गबन का घोटाला; पुलिस कार्रवाई शुरू

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर में जिला लघु वनोपज सहकारी यूनियन द्वारा संचालित संजीवनी विक्रय केंद्र में वित्तीय अनियमितता और गबन का एक बड़ा मामला प्रकाश में आया है। केंद्र की पूर्व संचालिका वंदना यादव पर आरोप है कि उन्होंने विक्रय केंद्र के हर्बल उत्पादों को बेचने के बाद उससे प्राप्त 1.31 लाख रुपये की राशि को शासकीय खाते में जमा करने के बजाय अपने पास रख लिया। स्टॉक मिलान के दौरान इस हेराफेरी का खुलासा होने के बाद विभाग द्वारा बार-बार मोहलत देने के बावजूद राशि जमा नहीं की गई थी, जिसके बाद अब सिविल लाइन पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ धोखाधड़ी और गबन का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक, बिलासपुर वनमंडल के अंतर्गत संचालित संजीवनी केंद्र में अस्थायी रूप से कार्यरत वंदना यादव ने उत्पादों की बिक्री में भारी गड़बड़ी की थी। नवंबर 2025 में जब विभाग द्वारा स्टॉक का मिलान किया गया, तो भौतिक रूप से उत्पादों की कमी पाई गई। इस गड़बड़ी की पुष्टि के लिए 2 दिसंबर 2025 को आरोपी संचालिका और उनके परिजनों की उपस्थिति में दोबारा सत्यापन कराया गया। जांच में यह तथ्य सामने आया कि बड़ी संख्या में हर्बल उत्पाद केंद्र से गायब थे, जिनकी न तो विक्रय रजिस्टर में कोई एंट्री की गई थी और न ही उन्हें विभाग के 'मार्ग' सॉफ्टवेयर में दर्ज किया गया था। कुल 1 लाख 31 हजार 939 रुपये की शासकीय राशि का अंतर पाए जाने के बाद विभाग ने इसे गंभीर लापरवाही और गबन माना है। विभाग की ओर से दी गई शिकायत के अनुसार, वंदना यादव ने शुरू में अपनी गलती स्वीकार करते हुए राशि जमा करने के लिए समय मांगा था। जनवरी 2026 में उन्होंने विभाग को प्रस्ताव दिया था कि उन्हें नौकरी पर वापस रखा जाए और वे अपनी आधी सैलरी से किश्तों में गबन की राशि चुका देंगी। इस पर 3 फरवरी 2026 को नोटरी के माध्यम से बकायदा एक समझौता और करारनामा भी तैयार किया गया था, लेकिन समझौते के बाद भी आरोपी महिला ने एक भी किश्त जमा नहीं की। अधिकारियों का आरोप है कि जब भी उनसे राशि जमा करने के लिए संपर्क किया गया, तो उन्होंने विभागीय कर्मचारियों को झूठे केस में फंसाने और आत्मघाती कदम उठाने की धमकी दी। फिलहाल, उप वनक्षेत्रपाल की शिकायत पर पुलिस ने कानूनी कार्रवाई तेज कर दी है。
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मंदसौर के सीतामऊ में किराने की दुकान में भीषण आग, दमकल की देरी ने हालात बिगाड़े

Mandsaur, Madhya Pradesh:मध्य प्रदेश के मंदसौर के सीतामऊ थाना क्षेत्र के बस स्टैंड इलाके पर स्थित एक किराने की दुकान में अचानक आग लग गई देखते ही देखते आग ने पूरी दुकान को अपने आगोश में ले लिया, आग लगने के आधे घंटे बाद तक दमकल की टीम मौके पर नहीं पहुंची, और मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मी और अन्य लोग टैंकर्स और दूसरे संसाधनों के जरिए आग बुझाने का प्रयास करते दिखे इस दौरान आसपास की दो दुकानों में भी आग की लपट पहुंचने लगी, सीतामऊ के इस शॉपिंग कांप्लेक्स में 50 से ज्यादा दुकान है ऐसे में यह लापरवाही बड़े हादसे को निमंत्रण देती दिखाई दी
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चित्तौड़गढ़ पुलिस ने रमेश ईनाणी हत्याकांड के मुख्य आरोपी रमता राम को गिरफ्तार किया

Begun, Rajasthan:चित्तौड़गढ़ - एंकर - चित्तौड़गढ़ के बहुचर्चित रमेश ईनाणी हत्याकांड में आखिरकार वो दिन आ ही गया, जिसका पूरे जिले को इंतजार था। छह महीने तक लगातार फरार चल रहे और पुलिस की वांटेड सूची में शामिल मुख्य आरोपी रमता राम को चित्तौड़गढ़ पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने सिर्फ आरोपियों को पकड़ने तक ही खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि तकनीकी साक्ष्यों, डिजिटल एविडेंस, कॉल डिटेल्स और लगातार की गई गहन पूछताछ के जरिए हत्या की पूरी साजिश की परतें खोल दीं। पुलिस जांच में सामने आया कि प्रतिष्ठित व्यापारी और भाजपा नेता रमेश ईनाणी की हत्या कोई अचानक हुई वारदात नहीं थी, बल्कि वर्षों पुराने जमीन विवाद को लेकर रची गई सुनियोजित साजिश थी। घटना के बाद मुख्य आरोपी लगातार अपनी पहचान छुपाकर अलग-अलग राज्यों में ठिकाने बदलता रहा, लेकिन चित्तौड़गढ़ पुलिस ने हार नहीं मानी और आखिरकार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई को जिले की पुलिस की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। वीओ 1 11 नवंबर 2025 को शहर के बीचोंबीच भाजपा नेता और व्यापारी रमेश ईनाणी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद पूरे शहर में आक्रोश का माहौल बन गया था। पुलिस ने तेजी दिखाते हुए कुछ ही घंटों में शूटर मनीष दुबे को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों से यह स्पष्ट हुआ कि हत्या के पीछे वर्षों पुराना जमीन विवाद था। इसके बाद पुलिस ने मामले में भजनाराम सहित अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया और उत्तर प्रदेश तक जाकर हथियार सप्लायरों के नेटवर्क को भी ट्रेस किया। लगातार तकनीकी जांच और सस्टेंड इंटरोगेशन के जरिए पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की एक-एक कड़ी जोड़ते हुए मुख्य साजिशकर्ता तक पहुंच बनाई। बाईट - मनीष त्रिपाठी .......... पुलिस अधीक्षक वीओ 2 पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी रमता राम को पूछताछ के लिए नोटिस दिए गए थे, लेकिन नोटिस मिलने के बाद उसने मोबाइल बंद कर दिया और फरार हो गया। पिछले छह महीनों में चित्तौड़गढ़ पुलिस ने गुजरात, मध्यप्रदेश और दक्षिण भारत तक उसकी तलाश में लगातार दबिश दी। पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर नजर बनाए हुए थीं। आखिरकार सूचना मिली कि आरोपी चित्तौड़गढ़ के संगम क्षेत्र स्थित एक मंदिर परिसर में देखा गया है। इसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि फरारी के दौरान आरोपी की मदद करने वाले लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है और साक्ष्य मिलने पर उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। बाईट - मनीष त्रिपाठी .......... पुलिस अधीक्षक वीओ - 3 रमेश ईनाणी हत्याकांड में मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस पूरे षड्यंत्र से जुड़े बाकी पहलुओं की जांच में जुटी हुई है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि इस मामले में जुटाए गए डिजिटल और तकनीकी साक्ष्य बेहद मजबूत हैं और जल्द ही पूरी चार्जशीट न्यायालय में पेश की जाएगी। फिलहाल छह महीने तक लगातार प्रयासों के बाद मिली इस सफलता से चित्तौड़गढ़ पुलिस की कार्यशैली और प्रोफेशनल जांच की जिलेभर में सराहना हो रही है। पिटीसी - अभिषेक शर्मा ......... जी मीडिया चित्तौड़गढ़
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रतलाम में मदर्स डे पर बेटी ने मां को लौटाकर दिया ख़ुशी का मिलन

Ratlam, Madhya Pradesh:रतलाम में मदर्स डे पर एक भावुक कर देने वाली कहानी सामने आई है, जहां एक बेटी को अपनी मां पूरे 20 दिन बाद वापस मिल गई। पारिवारिक विवाद से नाराज होकर पश्चिम बंगाल के कोलकाता निवासी बुजुर्ग महिला जोगमाया घर छोड़कर निकल गई थीं और ट्रेनों में भटकते हुए रतलाम पहुंच गईं। 18 अप्रैल को रतलाम रेलवे स्टेशन पर जीआरपी पुलिस को एक यात्री से सूचना मिली, जिसके बाद पुलिस ने महिला को सुरक्षित ट्रेन से उतारा और उनकी पहचान जुटाई। जांच में पता चला कि महिला कोलकाता के घुघरू क्षेत्र की रहने वाली हैं। इसके बाद जीआरपी ने जनअभियान परिषद का सहयोग लिया। परिषद की सदस्य मेघा श्रोत्रीय ने महिला को अस्थायी रूप से वृद्धाश्रम में ठहराने की व्यवस्था करवाई। सबसे बड़ी चुनौती थी परिवार को तैयार करना। पुलिस और परिषद लगातार संपर्क करते रहे, लेकिन परिवार की ओर से टालमटोल किया जाता रहा। आखिरकार महिला की बेटी आगे आई और अपने बेटों को रतलाम भेजा। रविवार को सभी जरूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद मदर्स डे के दिन मां-बेटी का मिलन हुआ। परिजनों ने बताया कि महिला का अपने बेटे प्रशांत से विवाद हुआ था, जिसके बाद वे बिना बताए घर छोड़कर निकल गई थीं। बेटे के नहीं आने पर बेटी ने जिम्मेदारी निभाई और मां को वापस घर ले गई। बाइट - मेघा शोत्रीय ( जन अभियान परिषद सदस्य बाइट - जोगेन्दर सिंह ( जिआरपी पूलिस आरक्षक बाइट - कपिल कुमार ( बुजर्ग महिला परिजन रतलाम
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सिविल लाइन में दिनदहाड़े हमला: 5–7 युवकों ने युवक पर बेरहमी से हमला

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर।सिविल लाइन थाना क्षेत्र के अंतर्गत पुलिस लाइन जैसी संवेदनशील जगह के पास सरेआम गुंडागर्दी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने शहर की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि 5 से 7 युवक एक युवक को घेरकर बेरहमी से पीट रहे हैं। इस दौरान हमलावरों के हौसले इतने बुलंद थे कि एक युवक खुलेआम हाथ में चाकू लहराते हुए पीड़ित पर वार करने की कोशिश कर रहा था, जबकि अन्य लड़के लाठी-डंडों से उस पर टूट पड़े थे। दिनदहाड़े हुई इस हिंसक वारदात से इलाके में हड़कंप मच गया और राहगीरों के बीच दहशत फैल गई। हैरानी की बात यह है कि घटना की जानकारी मिलते ही जब सिविल लाइन पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए पीड़ित को थाने बुलवाया, तो उसने किसी भी प्रकार की कानूनी शिकायत दर्ज कराने या अपना मेडिकल परीक्षण (मुलाहिजा) करवाने से साफ तौर पर मना कर दिया। पीड़ित के इस कदम ने पुलिस के हाथ बांध दिए हैं, लेकिन बीच सड़क पर हथियारों के साथ हुई इस मारपीट ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस पेट्रोलिंग पर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं कि आखिर अपराधियों में कानून का डर इतना कम कैसे हो गया है।
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बरसाना में पेट्रोल पंप स्वामी को बंधक बनाए मारपीट, 44 आरोपी हिरासत में

Mathura, Uttar Pradesh:बरसाना: पेट्रोल पंप स्वामी को बंधक बनाकर पीटा, पुलिस ने दबिश देकर 44 दबंगों को दबोचा (मथुरा): बरसाना कस्बे के छाता रोड पर रविवार शाम उस वक्त हड़कंप मच गया जब पुलिस ने एक मकान में छापेमारी कर बंधक बनाए गए पेट्रोल पंप स्वामी को मुक्त कराया। पुलिस ने मौके से मारपीट और बंधक बनाने की घटना में शामिल 44 लोगों को हिरासत में लिया है। घटनास्थल से भारी मात्रा में लाठी-डंडे भी बरामद किए गए हैं। क्या है पूरा मामला? पुलिस के मुताबिक, बाग मोहल्ला निवासी दिवाकर पुत्र राधेश्याम, जो इंडेन ऑयल पेट्रोल पंप के स्वामी हैं, को कुछ दबंगों ने जबरन उठा लिया था। आरोप है कि बलराज सिंह (निवासी जौनापुर, दिल्ली; हाल निवासी बरसाना) के निर्देश पर दिवाकर को पेट्रोल पंप के पीछे स्थित बलराज के आवास में बंधक बनाकर रखा गया था और उनके साथ बेरहमी से मारपीट की जा रही थी। पुलिस की त्वरित कार्रवाई शाम करीब 5:00 बजे उपनिरीक्षक गौरव तोमर को घटना की सूचना मिली। सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक बरसाना भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने बलराज सिंह के आवास का दरवाजा खुलवाया और अंदर बंधक बने दिवाकर को सुरक्षित मुक्त कराया। 44 लोग हिरासत में, लाठी-डंडे बरामद छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके पर मौजूद 44 व्यक्तियों को घेराबंदी कर हिरासत में ले लिया। पुलिस को वहां से बड़ी संख्या में लाठी-डंडे मिले हैं, जिनका इस्तेमाल मारपीट के लिए किया जा रहा था। सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर थाना बरसाना लाया गया है। विधिक कार्यवाही जारी थाना बरसाना पुलिस का कहना है कि पीड़ित पक्ष की ओर से फिलहाल लिखित तहरीर नहीं मिली है। पुलिस तहरीर का इंतजार कर रही है, जिसके आधार पर संबंधित धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
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रींगस में श्याम निशानों के गोदाम में भीषण आग, लाखों के सामान जलकर राख

Sikar, Rajasthan:सीकर जिले के रींगस के खाटू मोड़ स्थित श्याम निशानों के गोदाम में अज्ञात कारणों से भीषण आग लग गई। आग गोदाम को चपेट में लेते हुए लाखों रुपए के श्याम निशान जलकर राख हो गए। नगर पालिका की दमकल मौके पर पहुंची और लगभग डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार गोदाम से धुआं उठता देखते ही लोग पुलिस और दमकल को सूचना दे दिए। आग लगने के कारणों का अब तक पता नहीं चला। इस घटना में जनहानि की सूचना नहीं है, लेकिन गोदाम में रखा सामान जलकर नष्ट हो गया। पुलिस और प्रशासन मामले की जांच में जुटे हैं।
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बिलासपुर में एसीबी ने ADM कार्यालय के बाबू को रिश्वतखोरी में दबोचा

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर जिला मुख्यालय में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एसीबी (एंटी करप्शन ब्यूरो) की टीम ने अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (ADM) कार्यालय के एक बाबू को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। मामला कोटा निवासी देवेंद्र कश्यप से जुड़ा है, जो वहां होटल का संचालन करते हैं। अगस्त 2025 में उनके होटल की जांच के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने पेड़ा खुली स्थिति में मिलने पर खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया था। यह मामला ADM एवं न्याय निर्णयन अधिकारी के कार्यालय में लंबित था, जहाँ पदस्थ सहायक ग्रेड-3 बाबू विजय पांडेय ने प्रार्थी को डराया कि उस पर 1 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। बाबू ने इस जुर्माने की राशि को घटाकर 30 हजार रुपये करवाने के एवज में 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। प्रार्थी देवेंद्र कश्यप रिश्वत देने के बजाय आरोपी को पकड़वाना चाहते थे, जिसकी शिकायत उन्होंने एसीबी कार्यालय में की। शिकायत के सत्यापन के दौरान आरोपी ने पहली किश्त के रूप में 5000 रुपये पहले ही ले लिए थे। आज दिनांक 10.05.26 को जैसे ही आरोपी विजय पांडेय ने शेष 15 हजार रुपये की दूसरी किश्त लेने के लिए प्रार्थी को कार्यालय बुलाया, एसीबी की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से दबिश देकर उसे रिश्वत की रकम के साथ रंगे हाथ दबोच लिया। आरोपी के खिलाफ पूर्व में भी रिश्वतखोरी की शिकायतें मिलती रही थीं, जिसके चलते अब उसके विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत कानूनी कार्रवाई की जा रही है। एसीबी ने इस सफल ट्रैप के बाद आम जनता से अपील की है कि यदि कोई भी लोकसेवक रिश्वत की मांग करे, तो इसकी सूचना तत्काल विभाग को दें।
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