icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Pinewz
273155
Umesh GuptaUmesh GuptaFollow21 Dec 2024, 05:54 am
0
0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

उत्तराखंड बोर्ड इम्प्रूवमेंट एग्जाम से रिज़ल्ट में बड़ी उछाल

Noida, Uttar Pradesh:उत्तराखंड बोर्ड ऑफ़ स्कूल एजुकेशन ने हाई स्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड इम्प्रूवमेंट एग्जामिनेशन 2026 के रिज़ल्ट घोषित कर दिए हैं। 2026 के इम्प्रूवमेंट एग्जामिनेशन के तहत, हाई स्कूल का कुल पास परसेंटेज 83.13% रहा, जबकि इंटरमीडिएट का पास परसेंटेज 73.35% रहा। इम्प्रूवमेंट एग्जामिनेशन के बाद, बोर्ड एग्जामिनेशन के कुल पास परसेंटेज में भी काफ़ी बढ़ोतरी हुई है। उत्तराखंड बोर्ड ऑफ़ स्कूल एजुकेशन के चेयरमैन और सेकेंडरी एजुकेशन के डायरेक्टर वी.पी. सिमल्टी ने कहा कि बोर्ड ने हाई स्कूल और इंटरमीडिएट इम्प्रूवमेंट एग्जामिनेशन 2026 (पहली) के साथ-साथ इम्प्रूवमेंट एग्जामिनेशन 2025 (तीसरी) के रिज़ल्ट घोषित कर दिए हैं। 2026 के पहले इम्प्रूवमेंट एग्जामिनेशन के तहत, हाई स्कूल का कुल पास परसेंटेज 83.13% रहा, जिसमें 82.61% लड़के और 84.34% लड़कियां पास हुईं। इंटरमीडिएट में, कुल पास परसेंटेज 73.35% रहा, जिसमें 71.20% लड़के और 76.07% लड़कियां पास हुईं। सिमल्टी ने कहा कि इम्प्रूवमेंट एग्जाम से बोर्ड एग्जामिनेशन के कुल रिजल्ट में काफी बढ़ोतरी हुई है। हाई स्कूल का पास परसेंटेज 92.10% से बढ़कर 96.07% हो गया है, जिसमें 93.94% लड़के और 98.14% लड़कियां हैं। इसी तरह, इंटरमीडिएट का पास परसेंटेज 85.11% से बढ़कर 91.80% हो गया है, जिसमें 89.26% लड़के और 94.16% लड़कियां पास हुईं। बोर्ड चेयरमैन ने यह भी कहा कि इम्प्रूवमेंट एग्जाम 2025 (थर्ड) के रिज़ल्ट घोषित कर दिए गए हैं। इस एग्जाम में, हाई स्कूल का कुल पास परसेंटेज 66.67% था, जिसमें 71.88% लड़के और 57.89% लड़कियां पास हुईं। इंटरमीडिएट में कुल पास प्रतिशत 58.70% रहा, जिसमें लड़कों का पास प्रतिशत 61.54% और लड़कियों का 55.00% रहा।
0
0
Report

अंकिता भंडारी मर्डर: धामी सरकार ने आरोपियों को सज़ा-ए-हलात दिलाई

Noida, Uttar Pradesh:उत्तराखंड CMO का कहना है, "अंकिता भंडारी मर्डर केस के सभी आरोपियों की बेल अर्जी आज कोर्ट ने एक बार फिर खारिज कर दी। राज्य सरकार के मजबूत और असरदार कानूनी रिप्रेजेंटेशन की वजह से आरोपियों को कोई राहत नहीं मिल सकी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में, राज्य सरकार अंकिता को न्याय दिलाने और कानून के तहत जिम्मेदार लोगों को सख्त से सख्त सजा दिलाने के लिए पूरी तरह से कमिटेड है। अंकिता भंडारी मर्डर केस में दोषियों को मिली उम्रकैद की सजा इस बात का सबूत है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में, राज्य सरकार ने केस की शुरुआत से लेकर आखिरी फैसले तक पूरी गंभीरता और पक्के इरादे से काम किया ताकि दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिले। घटना सामने आने के तुरंत बाद, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया। आरोपियों को 24 घंटे के अंदर गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया, और निष्पक्ष और पूरी जांच सुनिश्चित करने के लिए एक SIT बनाई गई। आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई शुरू की गई। इस दौरान जांच के दौरान, करीब 500 पेज की एक डिटेल्ड चार्जशीट तैयार की गई, जिसमें ज़रूरी सबूत और करीब 100 गवाहों के बयान शामिल थे। prosecut tion ने कोर्ट के सामने लगातार मज़बूत केस पेश किया, जिसके चलते आरोपियों की बेल की अर्ज़ी बार-बार खारिज हुई और यह पक्का हुआ कि वे पूरे ट्रायल के दौरान सलाखों के पीछे रहें। मज़बूत जांच और असरदार प्रॉसिक्यूशन के नतीजे में, अपराधियों को आखिरकार उम्रकैद की सज़ा हुई। पूरी प्रक्रिया के दौरान, राज्य सरकार ने अंकिता के माता-पिता और परिवार की भावनाओं को सबसे ज़्यादा प्राथमिकता दी। परिवार की मांगों के अनुसार, सरकारी वकील तीन बार बदले गए। इसके अलावा, जब अंकिता के माता-पिता ने CBI जांच की मांग की, तो मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनकी भावनाओं का सम्मान किया और मामले की CBI जांच का आदेश दिया। सरकार ने परिवार की मदद के लिए ₹25 लाख की आर्थिक मदद दी। इसने अंकिता के भाई और पिता को नौकरी देकर दुखी परिवार के साथ खड़े रहने का अपना वादा भी पूरा किया। पहले दिन से ही, इस मामले पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का स्टैंड साफ़ था: आरोपी चाहे कितना भी असरदार क्यों न हो, उन्हें कानून के सामने लाया जाएगा और उन्हें सख्त से सख्त सज़ा दी जाएगी। जांच पर उठे सवालों के बीच, न्यायिक अधिकारियों ने भी जांच प्रक्रिया को संतोषजनक पाया, और मज़बूत प्रॉसिक्यूशन के कारण आखिरकार आरोपियों को दोषी ठहराया गया और सज़ा मिली। इस बीच, कांग्रेस और दूसरे संगठनों के सदस्यों ने तथाकथित ‘VIP’ के नाम पर बार-बार सवाल उठाए और जनता में भ्रम पैदा करने की कोशिश की। अगर किसी के पास इस बारे में कोई ठोस तथ्य या सबूत थे, तो उन्हें जांच एजेंसीज़ और कोर्ट के सामने रखना चाहिए था। राजनीतिक फायदे के लिए कोर्ट के बाहर आरोप लगाना और जनता को गुमराह करना न्याय की लड़ाई नहीं है बल्कि, यह अंकिता से जुड़े एक बहुत ही संवेदनशील मामले का राजनीतिककरण करना है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुरू से ही यह साफ कर दिया था कि अंकिता को न्याय दिलाना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। जल्दी गिरफ्तारी, SIT जांच और मज़बूत चार्जशीट से लेकर गैंगस्टर्स एक्ट के तहत कार्रवाई, यह पक्का करना कि आरोपियों को ज़मानत न मिले, परिवार की मांगों के अनुसार प्रॉसिक्यूशन व्यवस्था में बदलाव, आर्थिक मदद और नौकरी देना, और अंकिता के परिवार के अनुरोध पर CBI जांच का आदेश देना। माता-पिता - सरकार ने हर स्तर पर संवेदनशीलता और दृढ़ निश्चय के साथ निर्णय लिए।"
0
0
Report
Advertisement

चंदौली में देवर पर दबाव और कब्जे का आरोप, विधवा ने कार्यालय में शिकायत

Chandauli, Uttar Pradesh:ब्रेकिंग: चंदौली.... - देवर पर गंभीर आरोप लगाते हुए डीएम कार्यालय पहुंची विधवा महिला... - विधवा अंजू पांडेय का आरोप- देवर राकेश पांडेय उर्फ सोनू ने गलत संबंध बनाने का दबाव बनाया, विरोध करने पर मारपीट कर बच्चों समेत घर से निकाला - महिला का दावा- वर्ष 2021 से अपने हक और न्याय के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रही हूं, लेकिन अब तक सुनवाई नहीं हुई - महिला आरोप- पुश्तैनी संपत्ति पर देवर ने कब्जा कर लिया, महिला और उसके बच्चों को घर में घुसने नहीं दिया जा रहा. - महिला और उसके बेटे ऋषि पांडेय ने विधायक सुशील सिंह पर भी देवर का पक्ष लेने का आरोप लगाया - महिला ने डीएम को प्रार्थना पत्र देकर राकेश पांडेय के खिलाफ जांच और कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की - पीड़ित परिवार डीएम कार्यालय पहुंचकर न्याय की कर रहा है मांग - पीड़ित परिवार ने न्याय नहीं मिलने पर आत्महत्या जैसा कदम उठाने की बात कही, प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की गुहार - बबुरी थाना क्षेत्र के पांड़पुर गांव का मामला.
0
0
Report

चौमूं में ट्रेन की चपेट से युवक की मौत, वीडियो वायरल

Jaipur, Rajasthan:चौमूं जयपुर ट्रेन के सामने युवक ने कूदकर की आत्महत्या चौमूं के पांच्या वाली ढाणी अंडरपास की घटना सूचना पर चौमूं थाना पुलिस पहुंची मौके पर पुलिस कर रही है अब मामले की जांच मृतक की विकास के रूप में हुई पहचान जयपुर के चौमूं शहर के पांची वाली ढाणी अंडरपास के पास ट्रेन की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान विकास के रूप में हुई है। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर चौमूं थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि युवक ने ट्रेन की चपेट में आने से पहले एक वीडियो बनाया था, जिसे बाद में सोशल मीडिया पर वायरल किया गया। वीडियो अपने मौत का कारण तनाव को बता रहा हैं अपने ही घरवालों पर ही आरोप लगा रहा हैं। इस तरह का वीडियो सामने आया है। हालाँकि इस वीडियो की पुष्टि राजस्थान नहीं करता है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार जांच में जुटी है।
0
0
Report

लातूर ग्रामसभा वीडियो: सरकारी योजनाओं के लिए 15 हजार-7 हजार मांग का सच

Latur, Maharashtra:सरकारी योजनेचा लाभ घ्यायचाचा असेल, तर पैसे द्यावे लागतात ? चाकूर तालुक्यातील आटोळा ग्रामसभेतील सरपंचांचा व्हिडिओ व्हायरल झालाय... विहिरीसाठी १५ हजार, तर गोठ्यासाठी ७ हजार रुपये द्यावे लागत असल्याचा दावा सरपंचांनी ग्रामसभेत केला...सरकारी योजनांसाठी खरंच पैसे द्यावे लागतात का? आणि या कथित रेटकार्डचं सत्य काय? पाहा हा स्पेशल रिपोर्ट... सरकारच्या योजना गरजू लाभार्थ्यांपर्यंत पोहोचाव्यात, यासाठी शासनाकडून निधी दिला जातो... प्रक्रिया ठरवली जाते... आणि ग्रामपातळीवर त्याची अंमलबजावणी केली जाते. मात्र, सरकारी योजना गावापर्यंत पोहोचताना त्यांचं नेमकं काय होतं, याचं जिवंत उदाहरण आटोळा ग्रामसभेतील या व्हिडिओमधून समोर आलंय. विहिरीसाठी १५ हजार... गोठ्यासाठी ७ हजार... अशा रकमेचा उल्लेख खुद्द ग्रामसभेत झाल्याचा हा व्हायरल होतोय. सरकारी योजनेचा लाभ... आणि त्यासाठी कथित पैशांचं रेटकार्ड... या व्हिडिओमुळे आता अनेक प्रश्न उपस्थित झालेत...सरपंच महेश वत्ते यांचा ग्रामसभेतील व्हिडिओ ( विहीर 15 हजार, गोठा 7 हजार याबाबतचा स्पष्ट भाग ) नागरीक अजित जनार्धन घंटेवाड ( महाराष्ट्र नवनिर्माण शेतकरी सेना जिल्हा अध्यक्ष लातूर ) ... ग्रामसभेत सरपंचांनी केलेला दावा... समोर आलेला व्हिडिओ... आणि सरकारी योजनेच्या लाभासाठी पैसे द्यावे लागतात, असा आरोप... या सगळ्यामुळे आता या प्रकरणाची चौकशी करण्याची मागणी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेनेने केली आहे. विशेष म्हणजे, लातूर जिल्ह्यातील विविध पंचायत समित्यांमध्ये शासकीय योजनांचा लाभ मिळवून देण्यासाठी कर्मचारी आणि अधिकाऱ्यांकडून पैसे घेतले जात असल्याच्या तक्रारी वारंवार समोर येत असल्याचा आरोपही करण्यात आलाय.. मात्र, आटोळा ग्रामसभेत समोर आलेल्या या कथित रेटकार्डचं नेमकं सत्य काय? या प्रकरणाची चौकशी होऊन दोषींवर कारवाई होणार का? याकडे आता नागरिकांचं लक्ष लागलंय... नागरिक अजित जनार्धन घंटेवाड ( Maharashtra Navanirman Shetkari Sena district president Latur ) ... सरकारी योजना गरजू आणि पात्र लाभार्थ्यांसाठी आहेत... मात्र, या योजनांचा लाभ मिळवण्यासाठी पैशांची मागणी होत असल्याच्या तक्रारी वारंवार समोर येत असल्याचा तक्रारी... आटोळा ग्रामसभेतील कथित रेटकार्ड प्रकरणाची चौकशी करून दोषींवर कारवाई करावी, अशी मागणी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेनेने केली आहे... आता या प्रकरणाची प्रशासनाकडून चौकशी होते का ? हे पाहावं लागणार आहे....
0
0
Report
Advertisement

वाराणसी सिगरा में नकल कराने वाले शातिर को गिरफ्तार; शिवजीत पटेल दबोचे गए

JPJai Pal5m ago
Varanasi, Uttar Pradesh:वाराणसी के थाना सिगरा में पुलिस ने प्रतियोगी परीक्षा में नकल कराने वाले शातिर को किया गिरफ्तार। आरोपी प्रयागराज के थाना बहरिया निवासी 30 वर्षीय शिवजीत पटेल को पुलिस ने दबोचा। सिगरा पुलिस ने आरोपी को मलदहिया चौराहे के पास से सुबह 6:00 बजे किया गिरफ्तार। थाना सिगरा में दर्ज मुकदमे में धारा 300/2026, धारा 4/8/13(1)(2)(5) - उ०प्र० सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम-2024 के तहत कार्रवाई। पुलिस आयुक्त के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत हुई कार्रवाई, सिगरा पुलिस कर रही है आगे की विधिक कानूनी कार्रवाई। सिगरा प्रभारी निरीक्षक शिवाकांत मिश्र, चौकी प्रभारी लल्लापुरा उ०नि० शिवम, कांस्टेबल मृत्युंजय सिंह व मो० ईजाद की टीम को मिली सफलता。
0
0
Report

पाकुड़ में मुख्य निर्वाचन अधिकारी रवि कुमार ने मतदान केंद्रों का औचक निरीक्षण किया

Pakur, Jharkhand:सलग - एसआईआर / 19 AUG एरिया - पाकड पाकुड़- झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार पाकुड़ पहुंचे...जहां उन्होंने पाकुड़ और लिट्टीपाड़ा विधानसभा क्षेत्र के अलग अलग मतदान केंद्रों का औचक निरीक्षण किया...इस दौरान उनके साथ पाकुड़ डीसी मेघा भारद्वाज सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे...निरीक्षण कर एसआईआर कार्यों की प्रगति और व्यवस्थाओं का जायजा लिया...उन्होंने नो मैप वाले मतदाताओं के घर घर जाकर उनके दस्तावेजों को देखा साथ ही आवश्यक दस्तावेज की जानकारी दी...मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार ने कहा की S.I.R.में कोई भी पात्र मतदाता छूटे नहीं इसलिए जांच की जा रही हैं... इस दौरान उनके साथ पाकुड़ डीसी मेघा भारद्वाज सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे
0
0
Report
Advertisement

कान्हाचट्टी में ओवरलोड हाइवा पलटा, ग्रामीणों ने भारी वाहनों पर रोक की मांग

Ansar Nagar, Jharkhand:कान्हाचट्टी में सड़क धंसने से खेत में पलटा ओवरलोड हाइवा, टला बड़ा हादसा चतरा जिले के कान्हाचट्टी प्रखंड स्थित बाराबगी गांव में बुधवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। क्षमता से अधिक छर्री (गिट्टी) लादकर जा रहा एक भारी हाइवा सड़क का किनारा धंसने से अनियंत्रित होकर सीधे खेत में पलट गया। गनीमत यह रही कि इस दुर्घटना में कोई जनहानि नहीं हुई और ग्रामीणों की तत्परता से केबिन में फंसे चालक को हल्की चोटों के साथ सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। जानकारी के अनुसार, यह ओवरलोड हाइवा हंटरगंज से डुमरी स्थित एक स्कूल के लिए गिट्टी ले जा रहा था। बाराबगी के पास ग्रामीण सड़क की कमजोर पटरी भारी वाहन का वजन नहीं सह सकी और धंस गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, घटना के वक्त सड़क पर कोई अन्य मौजूद नहीं था, वरना गंभीर परिणाम हो सकते थे। इस घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोगों ने प्रशासन से ग्रामीण सड़कों पर भारी वाहनों की ओवरलोडिंग पर सख्त रोक लगाने की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।
0
0
Report
Advertisement

उत्तराखण्ड बुग्यालों में रात्री प्रवास अनुमति से पर्यटन को नई रफ्तार

Dehradun, Uttarakhand:एंकर उत्तराखंड के बुग्यालों के लिए खुशखबरी। 2018 में हाईकोर्ट के प्रतिबंध के बाद बंद हुए हाई एल्टीट्यूड पर्यटन के दरवाजे अब 8 साल बाद फिर खुल गए हैं। 20 जुलाई 2026 को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बुग्यालों में रात्रि प्रवास और पर्यटकों की संख्या की पाबंदियों में बदलाव हुआ है। इससे एडवेंचर पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है। देखिए पूरी रिपोर्ट। *VO 1* उत्तराखंड के हिमालयी बुग्याल यानी अल्पाइन घास के मैदान। साल 2018 में उत्तराखंड हाईकोर्ट ने संरक्षण के लिए यहां रात्रि प्रवास, स्थायी निर्माण और 200 से ज्यादा पर्यटकों के प्रवेश पर रोक लगा दी थी। इससे रूपकुंड जैसे ट्रेक पर पर्यटन और राजस्व दोनों गिर गए थे। ATOAI के अनुमान के मुताबिक राज्य को करीब 533 करोड़ तक का नुकसान भी हुआ था। *VO 2* अब 20 जुलाई 2026 को सुप्रीम कोर्ट के फैसले से बुग्यालों में रात्रि प्रवास की रोक हट गई है। इससे रूपकुंड, आलि-बेदनी, दयारा, पंवाली कांठा जैसे ट्रेक फिर शुरू होंगे। इसका सीधा फायदा गाइड, पोर्टर, होमस्टे और स्थानीय दुकानदारों को मिलेगा। पर्यटन सचिव के मुताबिक पिछले साल करीब डेढ़ लाख लोग ट्रेकिंग के लिए आए थे, अब इसमें बढ़ोतरी की उम्मीद है। *बाइट - पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड* *VO 3* वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि प्रतिबंध हटने से इको टूरिज्म की संभावनाएं फिर खुली हैं। हालांकि सरकार की पहली प्राथमिकता बुग्यालों को साफ रखना है। व्यवस्थित पर्यटन से दूरस्थ गांवों की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। *बाइट - सुबोध उनियाल, वन मंत्री उत्तराखंड* *VO 4* पर्यटन सचिव धीराज गर्ब्याल के मुताबिक रात्रि प्रवास की छूट से एडवेंचर पर्यटन में बढ़ोतरी होगी। लेकिन उन्होंने पर्यटकों से अपील की कि प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करें और कचरा वापस लेकर आएं। *बाइट - धीराज गर्ब्याल, सचिव पर्यटन उत्तराखंड* *VO 5* PCB ने भी चेताया है कि पर्यटकों की संख्या बढ़ने के साथ कचरा प्रबंधन बड़ी चुनौती बनेगा। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार 이제 जिलों में वन विभाग, पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन को सभी नियमों का पालन सुनिश्चित करना होगा। *बाइट - डॉक्टर पराग धकाते , सदस्य सचिव, पीसीबी उत्तराखंड* *VO 6* उत्तराखंड में जिलेवार कई फेमस बुग्याल हैं। चमोली में अली, बेदनी, बगजी और गोरसों। उत्तरकाशी में दयारा और गिडारा। टिहरी में पंवाली कांठा। रुद्रप्रयाग में चोपता और पिथौरागढ़ में खलिया टॉप। ये सभी अब पर्यटन के लिए फिर से खुलने को तैयार हैं। *FOV* 8 साल बाद बुग्यालों के दरवाजे खुले हैं। अब असली परीक्षा यही है कि उत्तराखंड बुग्यालों की खूबसूरती बचाते हुए पर्यटन को कैसे बढ़ाता है। इकोनॉमी भी बढ़े और इकोलॉजी भी बचे - यही संतुलन अब सरकार की सबसे बड़ी चुनौती है।
0
0
Report

कानपुर में मैट्रो सड़क के बदहाली पर महिलाओं का जलाभिषेक, सड़क निर्माण माँग

Kanpur, Uttar Pradesh:कानपुर मैट्रो की खोदी सड़क को लेकर महिलाओं का जलाभिषेक प्रदर्शन, सड़क निर्माण की मांग कानपुर। पिछले चार वर्षों से मैट्रो के निर्माण कार्य के चलते खोदी गई जूही-हमीरपुर रोड की बदहाल स्थिति को लेकर बुधवार को वार्ड-14 की पार्षद शालू सुनील कनौजिया ने महिलाओं के साथ अनोखा प्रदर्शन किया। पार्षद और महिलाओं ने हाथों में लोटा लेकर मैट्रो के प्रतीकात्मक बोर्ड पर जल चढ़ाया और सड़क निर्माण की मांग की। प्रदर्शन के दौरान पार्षद शालू सुनील कनौजिया ने कहा कि जूही-हमीरपुर रोड की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है और यह सड़क लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। उन्होंने दावा किया कि पिछले चार वर्षों में सड़क की बदहाली के चलते दो लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों लोग चोटिल हुए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि खराब सड़क के कारण बड़ी संख्या में लोग कमर और रीढ़ से जुड़ी समस्याओं से जूझ रहे हैं। पार्षद ने जलकल विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मैट्रो निर्माण के दौरान यूटिलिटी डायवर्जन और पाइपलाइन व्यवस्था को ठीक तरीके से नहीं किया गया, जिसके चलते कई स्थानों पर कम दबाव, दूषित पानी और सीवर भराव जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। पार्षद ने मुख्यमंत्री से मांग की कि जूही-हमीरपुर रोड से ट्रांसपोर्ट नगर तक मैट्रो द्वारा किए गए सभी यूटिलिटी डायवर्जन की शासन स्तर पर उच्चस्तरीय कमेटी गठित कर जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि वर्षों से टैक्स देने के बावजूद स्थानीय लोगों को मैट्रो निर्माण के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित लोगों की जवाबदेही तय करते हुए आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए। प्रदर्शन में सौम्या वर्मा, पूनम, सुमन, शशिकला, लक्ष्मी यादव, शर्मिला, सीमा, मीरा, रीता, मीना समेत बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं।
0
0
Report

आगर मालवा में UCC पर मुस्लिम समुदाय ने पुनर्विचार और विरोध का ज्ञापन भेजा

Agar, Madhya Pradesh:आगर-मालवा में समान नागरिक संहिता यानी UCC विधेयक को लेकर मुस्लिम समाज ने विरोध जताया है। मुस्लिम समाज की महिलाओं, युवतियों और प्रबुद्धजनों ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर विधेयक पर पुनर्विचार की मांग की। समाजजनों का कहना है कि UCC के कुछ प्रावधान धार्मिक स्वतंत्रता और नागरिकों के मौलिक अधिकारों को प्रभावित कर सकते हैं। मुस्लिम समाज के लोगों ने संविधान के अनुच्छेद 14, 25, 26 और 29 का हवाला देते हुए इसे समानता और धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़ा मुद्दा बताया। ज्ञापन में अनुसूचित जनजाति को दी गई छूट और अलग-अलग समुदायों के लिए प्रावधानों में अंतर पर भी सवाल उठाए गए। यह मांग की गई कि कानून बनाने से पहले सभी प्रभावित पक्षों और कानून विशेषज्ञों से व्यापक चर्चा की जानी चाहिए। मुस्लिम समाज ने राष्ट्रपति से UCC विधेयक पर पुनर्विचार करने और सभी वर्गों के संवैधानिक एवं धार्मिक अधिकारों का संरक्षण सुनिश्चित करने की मांग की है。
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top