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Eshan KhanEshan KhanFollow18 Oct 2024, 06:26 pm
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रायबरेली: डाटा केबल भुगतान पर दुकानदार ने ग्राहक को लोहे की रॉड से पीटा

Raebareli, Uttar Pradesh:रायबरेली मे डाटा केबल के भुगतान को लेकर दुकानदार ने ग्राहक को लोहे की रॉड से पीटा है। पिटाई सीसीटीवी कैमरे मे कैद हुई है। मामला सरेनी थाना इलाके के भोजपुर का है। यहां संजू गुप्ता डाटा केबल की सप्लाई का काम करते हैं। बताया जा रहा है कि केबल सही से काम न करने की शिकायत लेकर शैलेन्द्र यादव दुकान पर गए थे। यहां दोनों के बीच पहले मामूली कहासुनी हुई। उसके बाद संजू गुप्ता ने शैलेन्द्र पर लोहे की रॉड से हमला किया। हमला किये जाने की घटना सोशल मीडिया पर वायरल हुई तो पुलिस मामले मे कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज कर लिया है। आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
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महेंद्रगढ़ में SIR मतदाता सूची संशोधन तेज़, 10–15 दिन वृद्धि पर जोर

Mahendragarh, Haryana:महेंद्रगढ़ विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूचियों को त्रुटिहीन और अद्यतन बनाने के लिए चलाया जा रहा स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान तेज़ गति से जारी है. निर्वाचन विभाग का दावा है कि 14 जुलाई तक सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर ली जाएंगी. वहीं, जमीनी स्तर पर सामने आ रही व्यावहारिक दिक्कतों को देखते हुए स्थानीय पार्षदों ने सरकार से अभियान की समय सीमा 10 से 15 दिन बढ़ाने की मांग की है. महेंद्रगढ़ एसडीएम एवं निर्वाचन अधिकारी (ERO) योगेश सैनी ने बताया कि 15 जून से शुरू हुए इस अभियान के तहत 1 जुलाई तक लगभग 46 प्रतिशत डेटा का डिजिटलीकरण पूरा हो चुका है. अभियान में 220 बीएलओ और 23 सुपरवाइजर लगातार फील्ड में कार्य कर रहे हैं. निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, वर्ष 2002 के बाद पहली बार इतने व्यापक स्तर पर SIR अभियान चलाया जा रहा है, इसलिए शुरुआत में कुछ मतदाताओं को फॉर्म भरने और दस्तावेजों से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ा. इन समस्याओं के समाधान के लिए बीएलओ को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है तथा शहर के सभी 15 वार्डों के पार्षदों के साथ बैठक कर उन्हें भी अभियान में सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं. निर्वाचन विभाग ने मतदाताओं से अपील की है कि यदि उन्हें फॉर्म भरने या मतदाता सूची से संबंधित कोई परेशानी हो तो वे निर्वाचन विभाग की वेबसाइट, हेल्पलाइन या स्थानीय चुनाव कार्यालय से संपर्क कर सहायता प्राप्त करें. मोदाअश्रम से देवास रोड पर बनी झुग्गी-झोपड़ियों के संबंध में पूछे गए प्रश्न पर ERO ने स्पष्ट किया कि वर्ष 2024 की मतदाता सूची के आधार पर सभी पात्र लोगों को फॉर्म दिए जा रहे हैं. साथ ही वहां रह रहे लोगों का सत्यापन किया जा रहा है, ताकि कोई भी पात्र मतदाता सूची से वंचित न रहे और मृत अथवा स्थानांतरित लोगों के नाम हटाकर पारदर्शी मतदाता सूची तैयार की जा सके. स्थानीय पार्षदों का कहना है कि कई बीएलओ अपने आवंटित वार्डों से पूरी तरह परिचित नहीं हैं, जिससे मतदाताओं तक पहुंचने में कठिनाई हो रही है. इसके अलावा आम लोगों को भी फॉर्म भरने और पुराने रिकॉर्ड जुटाने में दिक्कतें आ रही हैं. पार्षदों ने कहा कि SIR अभियान से फर्जी और डुप्लीकेट वोटों पर रोक लगेगी तथा चुनाव प्रक्रिया अधिक निष्पक्ष बनेगी. हालांकि, शुरुआती समस्याओं के कारण कार्य की रफ्तार प्रभावित हुई है. उनका कहना है कि यदि सरकार 10 से 15 दिन का अतिरिक्त समय दे देती है तो कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित नहीं रहेगा.
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दिल्ली के बेगमपुर में कुत्ते के झगड़े में दो परिवार भिड़े, CCTV वीडियो दावा

New Delhi, Delhi:दिल्ली के रोहिणी जिले के बेगमपुर थाना क्षेत्र के बेगम विहार में पालतू कुत्ते को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडे और पथराव की घटना सामने आई है। पूरे घटनाक्रम का वीडियो सीसीटीवी कैमरे में कैद होने का दावा किया जा रहा है। लोकेशन: बेगमपुर, दिल्ली दिल्ली के बेगमपुर थाना क्षेत्र स्थित बेगम विहार में गली में घूम रहे एक पालतू कुत्ते को लेकर दो परिवारों के बीच विवाद हो गया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि गली में खेल रही करीब पांच वर्षीय बच्ची पर कुत्ते ने हमला कर दिया। बच्ची को बचाने के लिए परिजनों ने कुत्ते को हटाया, जिसके बाद कहासुनी शुरू हो गई और मामला हिंसक झड़प में बदल गया। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि दूसरे पक्ष के लोगों ने लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला किया। उन्होंने यह भी दावा किया कि एक 50 से 55 वर्षीय महिला के साथ मारपीट की गई और उसे गर्म पानी तथा बिजली के करंट से नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई। घटना के दौरान पथराव भी हुआ, जिसका वीडियो सीसीटीवी में कैद होने का दावा किया जा रहा है। परिवार का कहना है कि घटना के दौरान 112 नंबर पर कॉल करने के बावजूद पुलिस काफी देर बाद मौके पर पहुंची। उनका आरोप है कि क्षेत्र में पहले भी कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन पुलिस की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। पीड़ित पक्ष का यह भी कहना है कि समाचार लिखे जाने तक इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की गई थी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। दूसरे पक्ष का बयान अभी सामने नहीं आया है। जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी。
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मोबाइल टावर चोर गैंग गिरफ्तार: लाखों के उपकरण बरामद, सात राज्यों में आपराधिक नेटवर्क

Ghaziabad, Uttar Pradesh:गाजियाबाद पुलिस ने मोबाइल टावरों से लाखों रुपये कीमत के महंगे उपकरण चोरी करने वाले गैंग का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से करीब एक करोड़ रुपये मूल्य के बीबीयू और आरआरयू सहित अन्य उपकरण बरामद किए हैं। आरोपियों के पास से चोरी में इस्तेमाल की जाने वाली बीएमडब्ल्यू कार भी जब्त की गई है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हरियाणा निवासी अदनान तथा गाजियाबाद निवासी अमीर और सौरभ के रूप में हुई है। सौरभ नगर निगम में सफाई कर्मचारी है, जबकि अमीर और अदनान स्क्रैप का कारोबार करते हैं। पुलिस के अनुसार अदनान और अमीर की मुलाकात जेल में हुई थी और वहां उन्होंने मोबाइल टावरों से महंगे उपकरण चोरी करने की योजना बनाई। जांच में सामने आया कि आरोपी गाजियाबाद, दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, बिहार, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और पंजाब समेत सात राज्यों में वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। किसी को शक न हो, इसलिए ये बीएमडब्ल्यू कार से मोबाइल टावरों तक पहुंचते और वहां से बीबीयू व आरआरयू जैसे महंगे उपकरण चोरी कर फरार हो जाते थे। एक बीबीयू की कीमत लगभग 5 से 10 लाख रुपये और एक आरआरयू की कीमत 1.5 से 2 लाख रुपये तक होती है। चोरी के बाद आरोपी इन उपकरणों को थाईलैंड और हांगकांग जैसे देशों में निर्यात कर मोटा मुनाफा कमाते थे। इन उपकरणों की चोरी से संबंधित क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क और कॉलिंग सेवाएं भी प्रभावित होती थीं। इनके कब्जे से 20 रिमोट रेडियो यूनिट, 7 बेस बैंड यूनिट और एक अन्य रेडियो यूनिट बरामद की है। पुलिस अब गैंग से जुड़े अन्य सदस्यों और पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है।
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हरियाणा रेड क्रॉस टेंडर घोटाले के आरोप, निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच की मांग

Panchkula, Haryana:हरियाणा रेड क्रॉस के करोड़ों के टेंडर में अनियमितताओं का आरोप, उच्चस्तरीय जांच की उठी मांग ई-लर्निंग टेंडर में पक्षपात और नियमों में बदलाव के आरोप, मुख्यमंत्री व मुख्य सचिव को भेजी शिकायत हरियाणा स्टेट ब्रांच, इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी द्वारा जारी ई-लर्निंग एवं ट्रेनिंग प्रोग्राम से जुड़े टेंडर में कथित अनियमितताओं, पक्षपात और भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव तथा महानिदेशक, राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को विस्तृत शिकायत भेजी गई है। शिकायत में पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की गई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि रेड क्रॉस सोसायटी द्वारा जारी टेंडर की तकनीकी पात्रता (Technical Evaluation Criteria) में ऐसे प्रावधान जोड़े गए, जिनसे प्रतिस्पर्धा सीमित हुई और एक विशेष कंपनी को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया। शिकायत में कहा गया है कि टेंडर की कई शर्तें कथित रूप से एक ही कंपनी के अनुरूप तैयार की गईं, जिससे अन्य योग्य कंपनियों को नुकसान हुआ। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि टेंडर प्रक्रिया के दौरान अनुभव, तकनीकी योग्यता, ई-लर्निंग कंटेंट, प्लेटफॉर्म और अन्य मूल्यांकन मानकों में पारदर्शिता नहीं बरती गई। साथ ही कुछ आवश्यक दस्तावेजों और पात्रता शर्तों में भी कथित रूप से नियमों के विपरीत बदलाव किए गए। शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि यदि पूरे मामले की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए तो टेंडर प्रक्रिया में हुई कथित अनियमितताओं और संभावित भ्रष्टाचार के तथ्य सामने आ सकते हैं। शिकायत के साथ संबंधित दस्तावेज भी संलग्न किए गए हैं। शिकायत में मांग की गई है कि टेंडर प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषी अधिकारियों एवं संबंधित पक्षों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए तथा भविष्य में सरकारी टेंडरों में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।
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गुरुग्राम में महिला पर हमला कर चेन-मोबाइल लूट: 4 गिरफ्तार, एक नाबालिग शामिल

Gurugram, Haryana:गुरुग्राम पुलिस ने महिला के सिर पर हमला कर चेन और मोबाइल लूटने वाले 4 शातिरों का दबोचा गया। गिरफ्तार आरोपियों में तीन युवक (उम्र 18 वर्ष) और उनका एक नाबालिग साथी शामिल है। आरोपियों ने स्कूटी पर सवार होकर अकेली महिला को निशाना बनाया और सिर पर वार कर बेहोश कर दिया था। अपराध शाखा सेक्टर-17 की टीम ने आरोपियों के कब्जे से लूटा गया मोबाइल फोन बरामद कर लिया है। तीनों वयस्क आरोपियों को रिमांड पर लिया जाएगा, जबकि नाबालिग को किशोर न्याय बोर्ड के सामने पेश किया जाएगा। गुरुग्राम पुलिस ने राह चलती महिलाओं को निशाना बनाने वाले एक बेहद शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है। अपराध शाखा सेक्टर-17 की टीम ने एक महिला के सिर पर जानलेवा हमला कर उससे सोने की चेन और मोबाइल फोन लूटने वाले 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने वालों में एक नाबालिग भी शामिल है। यह पूरी घटना बीती 25 और 26 जून रात की है, जब एक महिला अपनी ड्यूटी खत्म करके घर लौट रही थी। जैसे ही वह सेक्टर-15 पार्ट-2 स्थित बांध रोड के पास पहुंची, पीछे से आए स्कूटी सवार बदमाशों ने उसके सिर पर जोर से हमला कर दिया। हमला इतना जोरदार था कि महिला वहीं बेहोश होकर गिर गई। इसके बाद बदमाश उसकी गले से सोने की चेन, लॉकेट और मोबाइल फोन लूटकर फरार हो गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए अपराध शाखा की टीम ने तकनीकी और मानवीय इनपुट की मदद से 30 जून को ऑटो स्टैंड, पुलिस लाइंस के पास से घेराबंदी करके चारों आरोपियों को काबू कर लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान अजीत (मैनपुरी), वीरपाल उर्फ सतीश (जालौन) और सौरभ (आगरा) के रूप में हुई है, जिनकी उम्र महज 18 वर्ष है। इनके साथ इनका एक नाबालिग साथी भी शामिल था। यह सभी आरोपी गुरुग्राम के राजीव नगर में आसपास रहते हैं। इनमें से कोई कार डिटेलिंग, कोई वेटर तो कोई साफ-सफाई का काम करता है। वारदात वाले दिन आरोपी सौरभ अपने पीजी मालिक से स्कूटी मांगकर लाया था। इन्होंने अकेली महिला को देखकर लूट की योजना बनाई थी। पुलिस ने इनके पास से लूटा हुआ मोबाइल बरामद कर लिया है। अब पुलिस तीनों मुख्य आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेगी ताकि बाकी का सामान बरामद किया जा सके, वहीं नाबालिग को जेजे बोर्ड के सामने पेश किया जाएगा।
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लखनऊ पहुंचकर पूर्व विधायक आसिफ खां बब्बू ने दी सपा सुप्रीमो को जन्मदिन की बधाई

Deepak DixitDeepak DixitFollow2m ago
Sawayajpur, Uttar Pradesh:अखिलेश यादव का जन्मदिन धूमधाम से मनाया गया हरदोईम समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का जन्मदिन बुधवार को धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर शाहाबाद के पूर्व विधायक आसिफ खां बब्बू ने लखनऊ पहुंचकर राष्ट्रीय अध्यक्ष को केक खिलाकर जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अखिलेश यादव के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं उज्ज्वल राजनीतिक भविष्य की कामना की। इस दौरान पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता भी मौजूद रहे और मिठाइयां बांटकर खुशी मनाई। कार्यकर्ताओं ने उनके नेतृत्व की सराहना करते हुए संगठन को और मजबूत बनाने का संकल्प लिया।
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65 चालान वाले क्रेटा ने तेज रफ्तार से टेम्पो-स्विफ्ट को टक्कर दी

Noida, Uttar Pradesh:भानियावाला-ऋषिकेश हाईवे पर एनटीआरओ के पास एक तेज रफ्तार क्रेटा कार ने सड़क किनारे खड़ी स्विफ्ट कार और एक टेम्पो ट्रैवलर को जोरदार टक्कर मार दी। गनीमत रही कि हादसे के वक्त खड़ी कार में कोई सवार नहीं था, क्योंकि उसका चालक किसी अन्य वाहन को स्टेपनी दे रहा था। इस भीषण दुर्घटना में क्रेटा कार में सवार चार लोग घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए जौलीग्रांट अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है। 65 चालान वाली गाड़ी से हुआ हादसा जांच में एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। दुर्घटना को अंजाम देने वाली आरोपी क्रेटा कार पर पहले से 65 चालान दर्ज हैं। बड़ा सवाल: इनमें से अधिकांश चालान ओवरस्पीडिंग (तेज रफ्तार) के हैं। इतनी बड़ी संख्या में चालान होने के बावजूद वाहन का सड़कों पर धड़ल्ले से दौड़ना आरटीओ और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी की जान नहीं गई, लेकिन यह घटना सड़क सुरक्षा को लेकर एक बड़ा अलार्म है। नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले ऐसे वाहन चालकों पर अब सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई बेहद जरूरी है।
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सिद्धार्थनगर में पुलिस ने 308 ग्राम अवैध स्मैक के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया

Naugarh, Uttar Pradesh:एंकर- सिद्धार्थनगर जिले में मादक पदार्थों के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। सदर थाना पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए 308 ग्राम अवैध स्मैक (हेरोइन) के साथ दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। बरामद स्मैक की अंतरराष्ट्रीय कीमत करीब 60 लाख रुपये बताई जा रही है। पकड़े गए अभियुक्तों की पहचान 27 वर्षीय अनिल निषाद थाना कपिलवस्तु के मदरहना गांव का निवासी 27 वर्षीय अनिल निषाद, और उसका थाना क्षेत्र के मोगलाह निवासी 53 वर्षीय कोमल निषाद के रूप में हुई है। मामले का खुलासा सदर सीओ विश्वजीत सौरयान की मौजूदगी में अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर किया। पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से स्मैक के अलावा तस्करी में इस्तेमाल की गई एक स्वीफ्ट कार और दो मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। एएसपी प्रशांत कुमार ने बताया कि देर रात सदर थाना क्षेत्र के जमुआर नाले के पास पुलिस टीम चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान सामने से आ रही एक स्वीफ्ट कार को रोककर तलाशी ली गई, जिसमें सवार दो व्यक्तियों के पास से 308 ग्राम अवैध स्मैक बरामद हुई। पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि वह नेपाल से अवैध रूप से स्मैक की तस्करी का कारोबार करते हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ सदर थाने में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
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AI और डेटा से बदलेगी राजस्थान की ई-गवर्नेंस, 2047 की दिशा साफ

Jaipur, Rajasthan:एंकर-कभी सरकारी दफ्तरों के चक्कर, लंबी कतारें और फाइलों का इंतजार…लेकिन अब शासन का चेहरा बदल रहा है। जयपुर में आज से शुरू हुए 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन में देश के डिजिटल भविष्य की तस्वीर सामने रखी गई। जहां बात सिर्फ तकनीक की नहीं, बल्कि ऐसी गवर्नेंस की हो रही है जो AI से चलेगी, डेटा के आधार पर फैसले लेगी और सीधे आम आदमी तक पहुंचेगी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ई-गवर्नेंस सम्मेलन का शुभारंभ करते हुए स्मार्ट राजस्थान ऐप और ई-मित्र व्हाट्सएप सेवा जैसी डिजिटल सुविधाओं की शुरुआत कर राजस्थान के डिजिटल सफर को नई दिशा दी। वीओ-1-राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में शुरू हुए 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन में देशभर के नीति-निर्माताओं और तकनीकी विशेषज्ञों ने डिजिटल शासन के भविष्य पर मंथन शुरू हुआ। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए कहा कि पहले केंद्र से भेजे गए एक रुपये में से जनता तक सिर्फ 15 पैसे पहुंचने की बात कही जाती थी......लेकिन वर्ष 2014 के बाद जनधन, आधार और मोबाइल के जरिये बिचौलियों का दखल खत्म किया। अब डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए राशि सीधे लाभार्थियों तक पहुंच रही है। डिजिटल इंडिया और यूपीआई को देश के बड़े बदलावों में शामिल बताते हुए कहा कि आज छोटे व्यापारी भी डिजिटल भुगतान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सम्मेलन की थीम विकसित भारत 2047: एआई सक्षम, डेटा संचालित एवं सुरक्षित डिजिटल गवर्नेंस आने वाले समय की जरूरतों को दर्शाती है...एआई और डेटा आधारित व्यवस्था से सरकारी फैसले ज्यादा पारदर्शी और जरूरत के हिसाब से लिए जा सकेंगे। डेटा सेंटर क्षेत्र में 43 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। राजस्थान में राजस्थान संपर्क पोर्टल के जरिए हर महीने करीब ढाई से तीन लाख शिकायतों का निस्तारण किया जा रहा है। राज्य में एआई-एमएल पॉलिसी 2026 लागू की गई है। प्रदेश में स्टार्टअप की संख्या पिछले दो साल में 4 हजार से बढ़कर 8500 से अधिक हो गई है। आई-स्टार्ट के जरिए युवाओं को नवाचार और उद्यमिता से जोड़ा जा रहा है। राज्य में हजारों सरकारी भवनों को ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क से जोड़ा गया है और ई-मित्र के जरिए 900 से ज्यादा सेवाएं उपलब्ध हैं। साइबर सुरक्षा मजबूत करने के लिए आधुनिक साइबर लैब और साइबर रेंज प्लेटफॉर्म तैयार किए गए हैं। भर्ती प्रक्रियाओं में एआई आधारित फोटो सत्यापन और ई-केवाईसी जैसी व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। उद्योग प्रतिनिधियों के साथ राउंड टेबल बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान डिजिटल भविष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य में एआई, डेटा सेंटर, ड्रोन और जियो स्पेशियल सेक्टर में निवेश की संभावनाएं बढ़ रही हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विभिन्न ई-गवर्नेंस पहलों के तहत राजस्थान लैंग्वेज मॉडल ट्रेनिंग हैकाथॉन, स्वचालित नागरिक सेवा प्रदायगी मंच स्मार्ट राजस्थान परियोजना, राजस्थान इनोवेशन चैलेंज, ई-मित्र व्हाट्सएप सेवा का शुभारंभ किया। डिजिटल राजस्थान कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया। इससे पहले उन्होंने तकनीकी सेवाओं पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन कर स्टॉल्स पर ई-गवर्नेंस नवाचारों की जानकारी ली। बाइट-भजनलाल शर्मा, मुख्यमंत्री
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मेड़ता में कालिका यूनिट से महिलाओं की सुरक्षा, 6 से 10 बजे तक गश्त

Nagaur, Rajasthan:मेड़ता पुलिस ने कालिका यूनिट का गठन कर शहर में होने वाली छेड़छाड़ की घटनाओं पर अंकुश लगाने का प्रयास किया है। आठ महिला पुलिस कर्मियों की दो टीमें बनाकर सुबह 6:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक दो शिफ्ट में शहर के उन क्षेत्रों में गश्त की जाएगी जहां छेड़खानी की वारदात होने की आशंका बनी रहती है। पुलिस अधीक्षक रामकरण मलिंडा में कालिका यूनिट गठन के बारे में बताया कि कालिका यूनिट कंट्रोल रूम और पुलिस थाने के निर्देश पर चिन्हित किए गए स्थान पर गश्त करते हुए शहर में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगी। कालिका यूनिट गठन के साथ अब मनचलों के खिलाफ कार्रवाई होना निश्चित हो गया है।
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AI-आधारित डिजिटल गवर्नेंस से राजस्थान और देशभर में शासन की नई दिशा

Jaipur, Rajasthan:कभी सरकारी दफ्तरों के चक्कर, लंबी कतारें और फाइलों का इंतजार…लेकिन अब शासन का चेहरा बदल रहा है। जयपुर में आज से शुरू हुए 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन में देश के डिजिटल भविष्य की तस्वीर सामने रखी गई। जहां बात सिर्फ तकनीक की नहीं, बल्कि ऐसी गवर्नेंस की हो रही है जो AI से चलेगी, डेटा के आधार पर फैसले लेगी और सीधे आम आदमी तक पहुंचेगी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ई-गवर्नेंस सम्मेलन का शुभारंभ करते हुए स्मार्ट राजस्थान ऐप और ई-मित्र व्हाट्सएप सेवा जैसी डिजिटल सुविधाओं की शुरुआत कर राजस्थान के डिजिटल सफर को नई दिशा दी। राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में शुरू हुए 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन में देशभर के नीति-निर्माताओं और तकनीकी विशेषज्ञों ने डिजिटल शासन के भविष्य पर मंथन शुरू हुआ। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए कहा कि पहले केंद्र से भेजे गए एक रुपये में से जनता तक सिर्फ 15 पैसे पहुंचने की बात कही जाती थी……लेकिन वर्ष 2014 के बाद जनधन, आधार और मोबाइल के जरिये बिचौलियों का दखल खत्म किया। अब डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए राशि सीधे लाभार्थियों तक पहुंच रही है। डिजिटल इंडिया और यूपीआई को देश के बड़े बदलावों में शामिल बताते हुए कहा कि आज छोटे व्यापारी भी डिजिटल भुगतान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सम्मेलन की थीम विकसित भारत 2047: एआई सक्षम, डेटा संचालित एवं सुरक्षित डिजिटल गवर्नेंस आने वाले समय की जरूरतों को दर्शाती है…एआई और डेटा आधारित व्यवस्था से सरकारी फैसले ज्यादा पारदर्शी और जरूरत के हिसाब से लिए जा सकेंगे। डेटा सेंटर क्षेत्र में 43 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। राजस्थान में राजस्थान संपर्क पोर्टल के जरिए हर महीने करीब ढाई से तीन लाख शिकायतों का निस्तारण किया जा रहा है। राज्य में एआई-एमएल पॉलिसी 2026 लागू की गई है। प्रदेश में स्टार्टअप की संख्या पिछले दो साल में 4 हजार से बढ़कर 8500 से अधिक हो गई है। आई-स्टार्ट के जरिए युवाओं को नवाचार और उद्यमिता से जोड़ा जा रहा है। राज्य में हजारों सरकारी भवनों को ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क से जोड़ा गया है और ई-मित्र के जरिए 900 से ज्यादा सेवाएं उपलब्ध हैं। साइबर सुरक्षा मजबूत करने के लिए आधुनिक साइबर लैब और साइबर रेंज प्लेटफॉर्म तैयार किए गए हैं। भर्ती प्रक्रियाओं में एआई आधारित फोटो सत्यापन और ई-केवाईसी जैसी व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। उद्योग प्रतिनिधियों के साथ राउंड टेबल बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान डिजिटल भविष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य में एआई, डेटा सेंटर, ड्रोन और जियो स्पेशियल सेक्टर में निवेश की संभावनाएं बढ़ रही हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विभिन्न ई-गवर्नेंस पहलों के तहत राजस्थान लैंग्वेज मॉडल ट्रेनिंग हैकाथॉन, स्वचालित नागरिक सेवा प्रदायगी मंच स्मार्ट राजस्थान परियोजना, राजस्थान इनोवेशन चैलेंज, ई-मित्र व्हाट्सएप सेवा का शुभारंभ किया। डिजिटल राजस्थान कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया। इससे पहले उन्होंने तकनीकी सेवाओं पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन कर स्टॉल्स पर ई-गवर्नेंस नवाचारों की जानकारी ली。 सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि तकनीक उपलब्ध होना और तकनीक के जरिए बेहतर शासन देना, दोनों अलग बातें हैं। उन्होंने कहा कि पहले भी तकनीक थी, लेकिन निर्णय प्रक्रिया में बदलाव नहीं आया था। कई बार वेबसाइट तक क्रैश हो जाती थीं। उन्होंने कहा कि जैसे सड़क और बिजली का नेटवर्क जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर है, वैसे ही अब डिजिटल सिस्टम भी कोर इंफ्रास्ट्रक्चर बन चुका है। उन्होंने कहा कि UPI आज दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल पेमेंट सिस्टम बन चुका है और एक महीने में 3 बिलियन से ज्यादा ट्रांजैक्शन का आंकड़ा पार कर चुका है। लेकिन असली चुनौती यह है कि सरकारी सेवाएं नागरिकों तक खुद पहुंचें, न कि नागरिकों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ें। एआई के जरिए समस्याओं का पहले अनुमान लगाया जा सकता है। राठौड़ ने उदाहरण देते हुए कहा कि आंध्र प्रदेश में AI की मदद से स्कूल ड्रॉपआउट के कारणों की पहचान की गई, जिसमें सामने आया कि कई बच्चों के स्कूल छोड़ने की वजह सुविधाओं की कमी थी। इसके बाद जरूरी सुधार किए गए। उन्होंने कहा कि AI से अधिकारियों की कार्यक्षमता बढ़ सकती है, लेकिन मशीन के फैसलों पर मानवीय निगरानी जरूरी है। अगर किसी जरूरतमंद की पेंशन तकनीकी कारणों से रुकती है तो अधिकारी के पास उसे सुधारने का अधिकार होना चाहिए। गौरतलब हैं की दो दिवसीय सम्मेलन में देशभर से 2700 से अधिक प्रतिनिधि, 200 से ज्यादा वक्ता, स्टार्टअप्स, उद्योग जगत और तकनीकी विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे हैं। सम्मेलन में AI, डीप टेक, डेटा आधारित निर्णय प्रणाली, स्मार्ट पुलिसिंग, डिजिटल सुरक्षा और भविष्य की प्रशासनिक व्यवस्था पर चर्चा हो रही हैं। सम्मेलन के दौरान कल केंद्रीय मंत्री डॉक्टर जितेन्द्र सिंह डिजिटल सुशासन में बेहतर काम करने वाले संस्थानों और परियोजनाओं को राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार भी प्रदान करेंगे。 इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय सचिव एस. कृष्णन ने कहा की अलग-अलग राज्यों में हो रहे अच्छे कामों को एक साझा मंच पर लाकर दूसरे राज्य भी उन्हें अपना सकते हैं। देश के विभिन्न हिस्सों से आए प्रतिनिधि अपने-अपने राज्यों में किए जा रहे डिजिटल प्रयोगों और सफल मॉडलों को साझा कर रहे हैं। इसके लिए एक मंच उपलब्ध कराया गया है, जहां नीतियों, तकनीकी समाधान और गवर्नेंस से जुड़े अनुभवों पर चर्चा हो रही हैं। आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकता है। AI की मदद से सरकारी सेवाओं को और तेज, पारदर्शी और नागरिकों की जरूरतों के अनुसार बनाया जा सकेगा। इस अवसर पर मंत्री जोगाराम पटेल, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, डीओआईटी सचिव रवि कुमार सुरपुर, आयुक्त हिमांशु गुप्ता सहित विभिन्न राज्यों और विभागों के अधिकारी, तकनीकी क्षेत्र से जुड़े उद्यमी, विशेषज्ञ, स्टार्टअप्स प्रोफेशनल्स और बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे
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