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Eshan KhanEshan KhanFollow30 Apr 2025, 04:47 am

Jhansi - गर्मी से आग लगने का खतरा, जिलाधिकारी ने जारी की एडवाइजरी

Lalitpur, Uttar Pradesh:

झांसी जिलाधिकारी मृदुल चौधरी ने जनपद में तेजी से बढ़ रहे तापमान को देखते हुए एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है। इस एडवाइजरी में आग लगने की घटनाओं से बचाव और आग लगने से रोकने के संबंध में जनपद वासियों से सतर्क रहने की अपील की गई है। जिलाधिकारी मृदुल चौधरी ने गर्मी के मौसम में आग से बचाव के लिए क्या करें और क्या न करें, इसकी विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि अस्पताल, स्कूल, मॉल के साथ-साथ सभी सार्वजनिक और सरकारी प्रतिष्ठानों में आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम अनिवार्य रूप से होने चाहिए। इन संस्थानों में फायर एक्सटिंग्विशर, फायर सिक्योरिटी अलार्म और अन्य आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि सभी फायर एक्सटिंग्विशर की एक्सपायरी डेट नियमित रूप से जांच की जाए। 

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Devser me aktikraman hataaye: NH-39 samet pramukh margon par prashasan ki bulldozer karwai

ADAjay DubeyJust now
Singrauli, Madhya Pradesh:सिंगरौली देवसर में अतिक्रमण पर चला प्रशासन का बुलडोजर. सड़क किनारे कब्जों के खिलाफ प्रशासन की बड़ी कार्रवाई. NH-39 समेत कई प्रमुख मार्गों से हटाया गया अतिक्रमण. न्यायालय मार्ग और विश्राम गृह मार्ग पर भी कार्रवाई. चितरंगी-समदा मार्ग पर भी बुलडोजर से हटाए गए कब्जे. अतिक्रमण हटने से जाम की समस्या से राहत की उम्मीद. सिंगरौली के देवसर से बड़ी खबर है। यहां सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रशासन की टीम ने बुलडोजर चलाकर सड़क की सीमा तक किए गए अवैध कब्जे हटाए. दरअसल, देवसर के कई प्रमुख रास्तों पर सड़क किनारे दुकान और दूसरे निर्माण होने से रास्ता संकरा हो गया था। इसकी वजह से लोगों को आने-जाने में परेशानी होती थी और कई बार जाम की स्थिति भी बन जाती थी. इसी समस्या को देखते हुए नवागत प्रशिक्षु IAS और SDM डॉ. सुशिर श्रीकृष्ण श्रीराम के नेतृत्व में प्रशासन की टीम ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की. कार्रवाई सीधी-सिंगरौली NH-39, न्यायालय मार्ग, विश्राम गृह मार्ग और चितरंगी-समदा मार्ग पर की गई। सड़क की सीमा में आने वाले अवैध कब्जों और निर्माण को हटाया गया. प्रशासन का कहना है कि सड़कों को अतिक्रमण मुक्त रखने और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी。
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करनाल के इंटरकास्ट मैरिज पर अनिरुद्धाचार्य का तीखा बयान: धर्म और संविधान

Karnal, Haryana:करनाल में इंटरकास्ट मैरिज पर अनिरुद्धाचार्य से युवती का तीखा संवाद, बोली—मां ने एक महीने कमरे में रखा बंद; आचार्य बोल अब शादी कर ली है तो पति के साथ निभाओ, “प्रेम करने से पहले परिवार और संस्कार देखना जरूरी“ पहले आधार कार्ड चेक करना जरूरी ब्यान पर चर्चा। हरियाणा के करनाल जिले के तरावड़ी में आयोजित अनिरुद्धाचार्य जी की कथा उस वक्त अचानक गंभीर और भावुक हो गई, जब प्रश्नोत्तरी के दौरान एक युवती ने अपनी जिंदगी से जुड़ा ऐसा सवाल सामने रखा, जिसने परिवार, प्रेम, जाति और धर्म—चारों मुद्दों को एक साथ चर्चा के केंद्र में ला दिया। युवती ने बताया कि वह ब्राह्मण समाज से है, जबकि जिस युवक से उसने प्रेम किया, वह अनुसूचित जाति से है। परिवार ने जाति के अंतर के कारण इस रिश्ते को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। लेकिन मामला सिर्फ शादी की असहमति तक सीमित नहीं रहा। युवती का आरोप था कि जब उसने अपनी मां को समझाने की कोशिश की और युवक से शादी करने की इच्छा जताई, तो परिवार ने उसे रोकने के लिए सख्त कदम उठाए। उसने बताया कि एक दिन उसकी मां उसे ऑफिस से वापस घर लेकर आईं। इसके बाद उसे करीब एक महीने तक कमरे में बंद रखा गया। मोबाइल फोन ले लिया गया और नौकरी पर जाने तक की अनुमति नहीं दी गई। लगातार मानसिक दबाव के बीच युवती ने आखिरकार अपनी पसंद के युवक से शादी कर ली। अब उसकी सबसे बड़ी इच्छा यह है कि उसका परिवार उसके पति को स्वीकार कर ले और उससे रिश्ता खत्म न करे। मां को मनाने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी। युवती ने बताया कि उसने अपनी मां से बार-बार कहा कि वह युवक से एक बार मिल लें, उसे देखें, उसके परिवार और संस्कारों को समझें और उसके बाद फैसला लें। उसका कहना था कि अगर युवक उसकी मां को पसंद नहीं आता, तो वह उनकी बात पर विचार कर सकती थी। लेकिन युवती के अनुसार उसकी मां ने युवक से मिलने या उसे जानने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। परिवार के लिए सबसे बड़ी वजह थी—जाति। युवती ने कहा कि वह अपने परिवार को छोड़ना नहीं चाहती। वह सिर्फ इतना चाहती है कि मां और भाई उसके पति को स्वीकार कर लें और उसे भी परिवार का हिस्सा बनाए रखें। यहीं से कथा का सवाल-जवाब एक बेहद संवेदनशील मोड़ पर पहुंच गया। अनिरुद्धाचार्य बोले—धर्म की दृष्टि से आपने गलत रास्ता चुना। युवती की बात सुनने के बाद अनिरुद्धाचार्य ने उसके विवाह को लेकर अपनी धार्मिक दृष्टि स्पष्ट की। उन्होंने शास्त्रीय मान्यताओं का हवाला देते हुए कहा कि उनके अनुसार विवाह अपने-अपने वर्ण में होना चाहिए। उन्होंने अंतरजातीय विवाह को धर्म की दृष्टि से उचित नहीं माना और भगवद्गीता के संदर्भ में 'वर्ण संकर' का उल्लेख किया। आचार्य ने कहा कि आज संविधान व्यक्ति को अपनी पसंद से विवाह करने का अधिकार देता है, लेकिन उनकी बताई धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस तरह का विवाह उचित नहीं है। उनके अनुसार युवती की मां उसे रोककर उसके हित में समझाने का प्रयास कर रही थीं। युवती हालांकि इस तर्क से पूरी तरह सहमत नहीं हुई। उसने फिर अपनी बात दोहराई—मैंने मां को समझाने की पूरी कोशिश की थी, लेकिन उन्होंने लड़के को जानने तक की कोशिश नहीं की। “मां ने मुझे कमरे में बंद कर दिया था” बातचीत के दौरान युवती ने अपने साथ हुई कथित सख्ती का जिक्र दोबारा किया। उसने कहा कि परिवार के दबाव के कारण वह मानसिक रूप से परेशान हो गई थी। उसे नौकरी छोड़ने जैसी स्थिति में पहुंचा दिया गया और करीब एक महीने तक घर के कमरे में बंद रखा गया। उसके मुताबिक, उसका फोन भी ले लिया गया था। युवती का कहना था कि अगर परिवार उसे समझाता, युवक से मिलता और बातचीत के बाद फैसला करता, तो शायद स्थिति यहां तक नहीं पहुंचती। लेकिन परिस्थितियां ऐसी बनीं कि उसने आखिरकार शादी करने का फैसला कर लिया। अब परिवार उससे कह रहा है कि वह पति को छोड़कर वापस घर आ जाए। आचार्य बोले—शादी कर ली है तो अब निभाइए। युवती की स्थिति सुनने के बाद अनिरुद्धाचार्य ने उसे एक स्पष्ट सलाह दी। उन्होंने कहा कि अब जब शादी हो चुकी है, तो उसे अपने पति के साथ जीवन निभाने की कोशिश करनी चाहिए। अगर मां उसे स्वीकार नहीं कर रही हैं, तो पति के परिवार के साथ रहते हुए अपना जीवन आगे बढ़ाने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि परिवार से रिश्ता पूरी तरह खत्म करने के बजाय संबंध सुधारने की कोशिश करनी चाहिए। युवती की इच्छा भी यही थी। वह अपने मायके से संबंध तोड़ना नहीं चाहती थी। उसकी मांग सिर्फ इतनी थी कि परिवार उसे पति को स्वीकार कर ले। “प्रेम करने से पहले परिवार और संस्कार भी देखिए” सवाल-जवाब के दौरान बातचीत प्रेम की परिभाषा तक पहुंच गई। युवती ने सवाल किया—किसी से प्रेम करना आखिर गुनाह कैसे हो सकता है? इस पर अनिरुद्धाचार्य ने कहा कि प्रेम करने से पहले व्यक्ति को सामने वाले के परिवार, संस्कार, व्यवहार और भविष्य के बारे में विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सिर्फ आकर्षण को प्रेम समझ लेना उचित नहीं है। उन्होंने युवती से यह भी कहा कि जिस प्रेम को वह अपने जीवन का सबसे बड़ा निर्णय मान रही है, उसके परिणामों पर पहले विचार करना चाहिए था। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा—“पानी पियो छानकर और विवाह करो जानकर।” मां के प्रेम का सवाल भी उठाया अनिरुद्धाचार्य ने युवती से उसकी मां के प्रेम को लेकर भी सवाल किया। उन्होंने कहा कि मां ने उसे जन्म दिया, उसका पालन-पोषण किया, पढ़ाया-लिखाया और नौकरी करने तथा अपने सपनों को पूरा करने का अवसर दिया। फिर सवाल उठाया कि क्या मां का यह प्रेम युवती को दिखाई नहीं दिया? आचार्य ने युवती को समझाते हुए कहा कि जीवन में केवल आकर्षण ही सब कुछ नहीं होता। रिश्तों के पीछे परिवार, संस्कार और भविष्य भी जुड़े होते हैं। हालांकि युवती लगातार अपनी बात पर कायम रही कि उसने परिवार को मनाने का प्रयास किया था और वह सिर्फ चाहती थी कि उसकी मां उसके पति को एक मौका दें। “पहले आधार कार्ड चेक करना जरूरी”—बयान पर चर्चा बातचीत के दौरान अनिरुद्धाचार्य ने प्रेम और विवाह को लेकर बेहद तीखी टिप्पणी भी की। उन्होंने कहा कि प्रेम के नाम पर केवल भावनाओं में बहने के बजाय व्यक्ति को सामने वाले की पहचान, परिवार और पृष्ठभूमि को समझना चाहिए। इसी दौरान उन्होंने आधार कार्ड देखने की बात कहते हुए कहा कि प्रेम से पहले व्यक्ति के बारे में जानना जरूरी है। उन्होंने प्रेम की तुलना करते हुए यह तक कहा कि प्रेम तो कुत्ते और गधे से भी हो सकता है। उनकी इस टिप्पणी के बाद बातचीत और ज्यादा चर्चा में आ गई। संविधान बनाम धार्मिक मान्यता—दो अलग दृष्टिकोण बातचित के अंतिम हिस्से में अनिरुद्धाचार्य ने कहा कि इस पूरे मामले को दो अलग-अलग नजरिए से देखा जा सकता है। एक ओर संविधान व्यक्ति को अपनी पसंद के व्यक्ति से विवाह करने की अनुमति देता है। दूसरी ओर, आचार्य ने जिन धार्मिक मान्यताओं का हवाला दिया, उनके अनुसार उन्होंने इस विवाह को उचित नहीं माना। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर युवती संविधान के अनुसार अपनी पसंद से विवाह करती है, तो कानून की दृष्टि से वह उसका अधिकार है। लेकिन धार्मिक दृष्टि से वह इसे गलत मानते हैं। इसके बावजूद अब जब विवाह हो चुका है, तो उन्होंने युवती को पति के साथ अपना वैवाहिक जीवन निभाने और परिवार के साथ रिश्ते सुधारने की सलाह दी। परिवार टूटे नहीं, रिश्ते सुधरें—युवती की यही इच्छा पूरी बातचीत में युवती की सबसे बड़ी चिंता यही दिखाई दी कि वह अपने परिवार से रिश्ता खत्म नहीं करना चाहती। वह अपने पति के साथ रहना चाहती है, लेकिन साथ ही अपनी मां और भाई को भी अपनी जिंदगी में बनाए रखना चाहती है। वहीं अनिरुद्धाचार्य ने उसे मां से दोबारा बातचीत करने और परिवार के साथ संबंध सुधारने की सलाह दी। तरावड़ी की कथा में हुआ यह संवाद अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। एक तरफ युवती की कहानी परिवार की असहमति, जातिगत अंतर और व्यक्तिगत पसंद के सवाल खड़े करती है। दूसरी तरफ अनिरुद्धाचार्य की टिप्पणियां विवाह, धर्म, संस्कार और संविधान के अधिकारों के बीच टकराव को सामने लाती हैं। सबसे बड़ा सवाल यही रह जाता है—क्या शादी के बाद भी परिवार अपनी बेटी को उसके जीवनसाथी के साथ स्वीकार करेगा? और क्या प्रेम, परिवार और धार्मिक मान्यताओं के बीच कोई ऐसा रास्ता निकलेगा, जहां रिश्ते भी बचें और किसी को अपने फैसले की कीमत अकेले न चुकानी पड़े?
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किशनगंज में अतिक्रमण के खिलाफ जिला प्रशासन का बुलडोजर तेज, बड़े पैमानों पर कार्रवाई

Kishanganj, Bihar:किशनगंज जिलें में अतिक्रमण के खिलाफ जिला प्रशासन का बुलडोजर लगातार गरज रहा है। जिले के बहादुरगंज, पोठिया टेढ़ागाछ और आज किशनगंज नगर परिषद क्षेत्र के चूड़ीपट्टी मजार चौक से पश्चिमपाली के बीच सरकारी जमीन और सड़क पर किए गए अवैध कब्जों को हटाने के लिए बड़े पैमानों पर कार्रवाई की गयीं।इस दौरान दर्जनों दुकानों में लगे टीना शेड को भी हटाये गए।वही सीओ ने कहा कि शहर में सरकारी जमीन और सड़क पर अतिक्रमण के कारण जाम की समस्या उत्पन्न हो रही जी।जिसके मद्देनजर आज अतिक्रमण को मुक्त किया गया।वही सीओ ने साफ तौर पर कहा कि अतिक्रमण किसी भी कीमत में बर्दाश्त नहीं किया जायेगा आगे भी ये अभियान चलाया जाएगा।
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धौलपुर पुलिस का फ्लैग मार्च: नगर निकाय चुनाव के लिए शांतिपूर्ण सुरक्षा संदेश

Dholpur, Rajasthan:0709ZRJ_DHOL_MARCH_R नगर निकाय चुनाव को लेकर धौलपुर पुलिस एक्शन में, राजाखेड़ा में निकाला फ्लैग मार्च जिले में आगामी नगर निकाय चुनाव को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं भयमुक्त वातावरण में सम्पन्न कराने के लिए धौलपुर पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है। पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा के सुपरविजन में जिलेभर में लगातार फ्लैग मार्च, पैदल गश्त, संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी तथा मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया जा रहा है। इसी क्रम में राजाखेड़ा नगरपालिका क्षेत्र में पुलिस द्वारा फ्लैग मार्च एवं पैदल गश्त कर आमजन को शांतिपूर्ण एवं भयमुक्त वातावरण में मतदान करने का संदेश दिया गया। वृताधिकारी वृत्त मनियां खलील अहमद के नेतृत्व में थानाधिकारी थाना राजाखेड़ा वीर सिंह मय पुलिस जाप्ता ने कस्बे के विभिन्न संवेदनशील एवं प्रमुख क्षेत्रों में पैदल फ्लैग मार्च किया। पुलिस टीम द्वारा गंगोलियापुरा, अंबरपुर, नया गांव, दूल्हे राय का घेर सहित विभिन्न इलाकों में पैदल गश्त कर कानून-व्यवस्था की स्थिति का जायजा लिया गया। इस दौरान पुलिस अधिकारियों एवं जवानों ने आमजन से शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने, अफवाहों पर ध्यान नहीं देने तथा किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि अथवा चुनाव को प्रभावित करने वाले प्रयास की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की। पुलिस ने बताया कि चुनाव को प्रभावित कर सकने वाले व्यक्तियों एवं असामाजिक तत्वों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। फ्लैग मार्च के माध्यम से पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया कि चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने, मतदाताओं को डराने-धमकाने अथवा चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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जयपुर हाईकोर्ट अतिक्रमण हटाने के आदेश के साथ पालना रिपोर्ट 16 नवंबर तक मांगी

Jaipur, Rajasthan:हाईकोर्ट के शॉट और याचिकाकर्ता के वकील विकास काबरा की बाईट इंट्रो- राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रताप नगर के सेक्टर पांच के पास स्थिति सरकारी भूमि से नगर निगम और आवासन मंडल को अतिक्रमण हटाकर 16 नवंबर को पालना रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं। जस्टिस इन्द्रजीत सिंह और जस्टिस संदीप तनेजा की खंडपीठ ने यह आदेश विकास समिति सेक्टर 5 की ओर से दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। बॉडी- सुनवाई के दौरान अदालती आदेश की पालना में प्रमुख नगरीय विकास सचिव सहित जेडीए, निगम और आवासन मंडल के अधिकारी अदालत में पेश हुए। प्रमुख नगरीय विकास सचिव की ओर से अदालत को बताया गया कि मामले में गत 3 सितंबर को बैठक आयोजित की गई थी। जिसमें निर्णय लिया गया की मौके पर मौजूद अतिक्रमणों को आवासन मंडल और नगर निगम मिलकर हटाएगा। अतिक्रमण हटाने के लिए राज्य सरकार की ओर से तीन माह का समय मांगा गया। इस पर अदालत ने निगम आयुक्त और आवासन मंडल से 16 नवंबर को शपथ पत्र पेश कर पालना रिपोर्ट दायर करने को कहा है। बैकग्राउंड- बीती सुनवाई पर अदालत के सामने आया था कि कॉलोनी को नगर निगम के क्षेत्राधिकार में सौंपा जा चुका है। वहीं निगम आयुक्त ने अदालत में पेश होकर कहा था कि विवादित कॉलोनी से अतिक्रमण हटाने के लिए नगर निगम उत्तरदायी नहीं है। इस पर अदालत ने नाराजगी जताते हुए कहा था कि जब जवाब पेश कर मौके पर अतिक्रमण माना जा चुका है तो फिर उसे हटाने की जिम्मेदारी क्यों नहीं ली जा रही है। इसके साथ ही अदालत ने प्रमुख नगरीय विकास सचिव, जेडीए और आवसन मंडल सचिव सहित निगम आयुक्त को 7 सितंबर को पेश होने के आदेश दिए थे। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता विकास काबरा ने बताया कि हाईकोर्ट ने 22 अप्रैल, 2022 को नगर निगम को आदेश दिए थे कि वह अतिक्रमण के संबंध में मिली शिकायतों का परीक्षण करें और अतिक्रमण पाए जाने पर चार माह में नियमानुसार कार्रवाई करे। इसके बाद 24 जुलाई को जेडीए और आवासन मंडल सहित अन्य विभागों के अफसरों ने बैठक कर माना की मौके पर करीब 145 अतिक्रमण हैं, लेकिन इन्हें रोड़ सीवरेज और बिजली-पानी के कनेक्शन जारी हो चुके हैं। इसलिए अदालत में प्रार्थना पत्र पेश कर इन्हें नियमित करने की छूट मांगी जाएगी। इस प्रार्थना को हाईकोर्ट खारिज कर चुकी है। इसके बावजूद भी अभी तक अतिक्रमण नहीं हटाया गया。
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खरीफ 2025 फसल बीमा भुगतान नहीं मिलने से किसान आक्रोशित, कलेक्ट्रेट बाहर धरना खत्म

Shajapur, Madhya Pradesh:शाजापुर में खरीफ वर्ष 2025 का फसल बीमा भुगतान नहीं मिलने से किसानों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। भारतीय किसान संघ के बैनर तले किसान पिछले एक सप्ताह से कलेक्ट्रेट कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं, अभी तक उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ। सोमवार को किसानों ने अनोखे तरीके से विरोध जताते हुए बीमा कंपनी की प्रतीकात्मक ‘शवयात्रा’ निकाली। शवयात्रा में किसान रोते हुए बीमा कंपनी मुर्दाबाद के नारे भी लगा रहे हैं। किसान टंकी चौराहा स्थित कृषि उपज मंडी से बीमा कंपनी की प्रतीकात्मक शवयात्रा लेकर कलेक्ट्रेट कार्यालय लालघाटी की ओर रवाना हुए। इस दौरान किसानों ने जमकर नारेबाजी की। शवयात्रा के दौरान किसान ट्रैफिक प्वाइंट के सामने सड़क पर बैठ गए और प्रदर्शन किया। शवयात्रा के बाद किसानों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर बीमा कंपनी का पुतला दहन किया और अपनी मांगों को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने जल्द से जल्द खरीफ 2025 का लंबित फसल बीमा भुगतान कराने की मांग की है। किसानों ने आज से अनिश्चितकालीन धरना भी समाप्त कर दिया। किसानों का कहना है कि खरीफ 2025 का फसल बीमा भुगतान अब तक नहीं मिलने से उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने आरोप लगाया कि बीमा कंपनी की लापरवाही के कारण उन्हें अपने हक के भुगतान के लिए आंदोलन करना पड़ रहा है। प्रशासन पर भी लगाए अनदेखी के आरोप किसानों ने प्रशासन पर भी उनकी मांगों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि वे पिछले एक सप्ताह से कलेक्ट्रेट कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना दे रहे हैं, लेकिन अब तक कोई भी प्रशासनिक अधिकारी उनसे बातचीत करने नहीं पहुंचा। किसानों का कहना है कि लगातार धरने के बावजूद सुनवाई नहीं होने से उन्हें उग्र और प्रतीकात्मक विरोध का रास्ता अपनाना पड़ा。
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झारखंड के मंत्री सुदीव्य कुमार सोनू का आकस्मिक निधन, शोक में राज्य

Dhanbad, Jharkhand:झारखंड सरकार के उच्च शिक्षा एवं नगर विकास मंत्री सुदीव्य कुमार सोनू के आकस्मिक निधन से पूरे राज्य में शोक की लहर है। उनके निधन की खबर ने हर किसी को स्तब्ध कर दिया है। स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी धनबाद पहुंचे थे और मीडिया से बातचीत के दौरान कहा जो कल तक लोगों के बीच सक्रिय नजर आ रहे थे, आज उनके नहीं रहने की खबर पर यकीन करना मुश्किल हो रहा है। मंत्री ने कहा रात में अचानक सोने में तेज दर्द हुआ। परिजनों के अनुसार, उनकी wife ने उन्हें डॉक्टर के पास चलने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने तत्काल अस्पताल जाने से इनकार कर दिया। रातभर वह दर्द सहते रहे। जब उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ने लगी तो उन्हें अस्पताल ले जाया गया। परिजनों के मुताबिक अस्पताल ले जाने के दौरान रास्ते में उन्हें उल्टी हुई और उल्टी फेफड़ों में चले जाने के बाद उनकी स्थिति गंभीर हो गई। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। सुदीव्य कुमार सोनू के निधन से झारखंड ने एक सक्रिय जनप्रतिनिधि और मंत्री को खो दिया है। उनके साथ काम करने वाले लोगों, समर्थकों और आम नागरिकों के बीच गहरा शोक है। हर किसी की जुबां पर उनकी यादें हैं और विश्वास करना मुश्किल हो रहा है कि जो व्यक्ति कल तक साथ था, वह आज इस दुनिया में नहीं रहा। उनका आकस्मिक निधन झारखंड के लिए एक बड़ी और अपूरणीय क्षति है। राज्य की राजनीति और सार्वजनिक जीवन में उनकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी。
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दिल्ली सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे में पति की तलाश कर रही पत्नी

New Delhi, Delhi:दिल्ली सत्य निकेतन हादसे के बीच वदना अनुरागी अपने पति परमलाल کوहلی को खोज रही है. बिल्डिंग हादसे के मौके फोटो दिखा दिखा के एक पत्नी अपने तलाश कर रही घर से बिल्डिंग में वेल्डिंग करने के लिए निकले थे. पीड़ित पत्नी ने मीडिया से बताया दिन से रात होgi और सुबह से दोपहर कोई पता नहीं लगा परमलाल कोहली कहा. लोकेशन... सत्य निकेतन. सत्य निकेतन में बिल्डिंग गिरी, पढ़ने वाले छात्र मजदूर और कहीं लोग दब गए. डेड बॉडी की पहचान नहीं हुई है. वंदना अनुरागी अपने पति परमलाल कोहली को सत्य निकेतन में खोजने आई है, वेल्डिंग का काम करने के लिए घर से निकले थे. रात भर से घर नहीं पहुँचे, सुबह से बिल्डिंग गिरने की घटना सुनकर मौके पर पहुंची है. हादसे के बीच पति को खोज रही है.
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सीसीटीवी फुटेज से खुलासा: बीडीओ ने युवक को चार थप्पड़ मारे

Giridih, Jharkhand:सरिया प्रखंड के कुसमाडीह पंचायत में एसआईआर को लेकर हुए विवाद ने सोमवार को नया मोड़ ले लिया. विगत दिनों एसआईआर कार्य को लेकर ग्रामीणों और बीडीओ के बीच झड़प हुई थी, जिसमें प्रशासन की ओर से ग्रामीणों पर बीडीओ को बंधक बनाने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज किया गया था. सोमवार को विवाद के समाधान के लिए कुसमाडीह पंचायत भवन में ग्रामीणों के साथ बैठक आयोजित की गई. बैठक में बगोदर विधायक सह सचेतक नागेन्द्र महतो शामिल हुए. विधायक ने मौके से ही गिरिडीह डीसी और एसडीओ से वार्ता की और दो मांगें रखीं पहला ग्रामीणों पर दर्ज केस वापस लिया जाए और एसआईआर का कार्य कुसमाडीह पंचायत में ही कराया जाए. अधिकारियों ने दोनों मांगों पर आश्वासन दिया है. इसी बीच आज एक सीसीटीवी फुटेज सामने आया है जिसने पूरे मामले को पलट दिया है. फुटेज में साफ दिख रहा है कि बीडीओ एक युवक को एक के बाद एक चार थप्पड़ मार रहे हैं, जबकि पहले कहा जा रहा था कि ग्रामीणों ने बीडीओ को बंधक बना लिया था. फुटेज सामने आने के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है. ग्रामीणों का कहना है कि उल्टा उन्हीं पर केस कर दिया गया. मामले को लेकर बगोदर के पूर्व विधायक विनोद सिंह ने गिरिडीह डीसी और चुनाव आयोग को पत्र लिखा है. उन्होंने सीसीटीवी फुटेज का हवाला देते हुए बीडीओ पर कार्रवाई करने और निर्दोष ग्रामीणों पर दर्ज झूठा केस वापस लेने की मांग की है.
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नल जल योजना कर्मियों ने 18 हजार मानदेय के लिए पटना में धरना किया

Patna, Bihar:बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ड्रीम प्रोजेक्ट हर घर नल का जल योजना को जमीन पर उतारने वाले कर्मी अब अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतर आए हैं। बिहार के अलग-अलग जिलों और प्रखंडों में नल जल योजना के तहत बोरिंग और पानी की सप्लाई व्यवस्था में काम करने वाले कर्मियों ने सरकार पर वर्षों से मानदेय का भुगतान नहीं करने का आरोप लगाया है। प्रदर्शनकारी कर्मियों का दावा है कि वे वर्ष 2017 से योजना के तहत काम कर रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक मानदेय का भुगतान नहीं किया गया। कर्मियों के मुताबिक, सरकार की ओर से महज 2 हजार रुपये मानदेय देने की बात कही गई थी, लेकिन यह राशि भी नियमित रूप से नहीं मिली। अपनी छह सूत्री मांगों को लेकर कर्मी पिछले 22 दिनों से पटना के गर्दनीबाग में धरने पर बैठे थे। सोमवार को प्रदर्शनकारियों ने गांधी मैदान से मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के लिए मार्च शुरू किया। हालांकि, पुलिस ने जेपी गोलंबर के पास बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया। प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर दंगा नियंत्रण बल और वाटर कैनन की गाड़ियां तैनात की गईं। पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद प्रदर्शनकारी सड़क पर ही धरने पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। कर्मियों की प्रमुख मांग है कि उनका मानदेय बढ़ाकर 18 हजार रुपये प्रति माह किया जाए। इसके साथ ही वर्षों से बकाया मानदेय का भुगतान करने, हर महीने समय पर राशि देने और मानदेय भुगतान में बिचौलियों की भूमिका खत्म करने की मांग की जा रही है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मानदेय सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाए। कर्मियों का यह भी आरोप है कि नल जल योजना को गांव-गांव तक पहुंचाने में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कई लोगों ने योजना के लिए अपनी जमीन तक उपलब्ध कराई, लेकिन इसके बावजूद उन्हें वर्षों से आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है...
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बलरामपुर में अब्दुल हन्नान का जोरदार स्वागत; कांग्रेस संगठन मजबूत करने पर केंद्रित

Balrampur, Uttar Pradesh:बलरामपुर में अब्दुल हन्नान के प्रथम आगमन पर कांग्रेस ने दिखाई ताकत, जगह-जगह हुआ स्वागत बलरामपुर में कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव एवं अवध क्षेत्र प्रभारी अब्दुल हन्नान के सोमवार को पहली बार बलरामपुर पहुंचने पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह जोरदार स्वागत किया। जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष शिवलाल कोरी के नेतृत्व में निकली स्वागत यात्रा में सैकड़ों वाहन और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। जनपद सीमा में प्रवेश करते ही कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं से उनका स्वागत किया। स्वागत यात्रा महादेइया बाजार से शुरू होकर सादुल्लाहनगर-उतरौला मार्ग, श्रीदत्तगंज बाजार और नहर बालागंज होते हुए एमएलके पीजी कॉलेज पहुंची। रास्ते में कई स्थानों पर कार्यकर्ताओं ने अब्दुल हन्नान का स्वागत किया। पहली बार जनपद आगमन को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह नजर आया। संगठन मजबूत करने पर हुई चर्चा एमएलके पीजी कॉलेज के ऑडिटोरियम में कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें अब्दुल हन्नान ने कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद किया। उन्होंने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को सक्रिय भूमिका निभाने को लेकर चर्चा की। प्रदेश महासचिव धीरेंद्र प्रताप सिंह ‘धीरू’ कार्यक्रम के संयोजक रहे। सम्मेलन में प्रदेश अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक सोहेल अख्तर अंसारी तथा प्रदेश महासचिव अरशद खुर्शीद विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। पार्टी पदाधिकारियों ने राष्ट्रीय सचिव का स्वागत करते हुए संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर चर्चा की। प्रेस कॉन्फ्रेंस में राजनीतिक मुद्दों पर रखी बात कार्यकर्ता सम्मेलन के बाद मीडिया से बातचीत के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इसमें अब्दुल हन्नान ने विभिन्न राजनीतिक और संगठनात्मक मुद्दों पर कांग्रेस का पक्ष रखा। उन्होंने कार्यकों से आगामी कार्यक्रमों और संगठन की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी की अपील की。 इस अवसर पर पूर्व जिलाध्यक्ष अनुज सिंह, एआईसीसी सदस्य एवं पूर्व ब्लॉक प्रमुख राजबहादुर यादव, डॉ. इश्तियाक अहमद खान, डॉ. खलीलुल्लाह, उमाशंकर तिवारी, विनय मिश्रा, पंकज गुप्ता, आरिफा उत्साही, सुशील शुक्ला, मारकंडेय मिश्र, धर्मेंद्र पांडेय, अफरोज खान, इबरार अहमद, बबीता आर्य, रोशन लाल यादव, विश्वनाथ यादव और जिला मीडिया प्रभारी बृजेश चौहान सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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बाजपुर बीजेपी के सामाजिक सौहार्द धरने में भीड़ कम, खींचतान तेज

Jaspur, Uttarakhand:बाजपुर में बीजेपी के सामाजिक सौहार्द संकल्प धरने का दावा बड़ा था, लेकिन धरनास्थल के नजारे ने पार्टी की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए। मंच पर नेता खूब नजर आए, लेकिन अपेक्षित भीड़ गायब रही। सवाल उठ रहा है—क्या बाजपुर बीजेपी की जमीन खिसक रही है? यशपाल राजहंस की अगुवाई में हुए इस धरने में बीजेपी के कई नेता पहुंचे, लेकिन कार्यकर्ताओं और आम लोगों की मौजूदगी उम्मीद के मुताबिक नजर नहीं आई सबसे बड़ा सवाल बीजेपी के उन प्रमुख दलित चेहरों को लेकर है, जो इस कार्यक्रम में दिखाई नहीं दिए दलित मुद्दे पर धरना… लेकिन दलित नेता ही नदारद आखिर वजह क्या है क्या नेताओं ने खुद दूरी बनाई या संगठन के भीतर ही सबकुछ ठीक नहीं चल रहा नेताओं का जमावड़ा हुआ, भाषण हुए, नारे लगे… लेकिन भीड़ ने पार्टी के दावों की पोल खोल दी—ऐसा नजारा बाजपुर बीजेपी के लिए चिंता की घंटी माना जा रहा है अब सवाल सीधा है—क्या 2027 से पहले बाजपुर बीजेपी में अंदरूनी खींचतान तेज हो रही है
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