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Yogesh AwasthiYogesh AwasthiFollow11 Dec 2024, 04:34 pm
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दीवाली से पहले 19 हजार अधिकारियों ने प्रमोशन रोक के खिलाफ आंदोलन का ऐलान

Indore, Madhya Pradesh:एंकर -देशभर में दिवाली की तैयारियां जोरों पर हैं लेकिन केंद्रीय GST और कस्टम विभाग के करीब 19 हजार अधीक्षकों ने इस बार दिवाली नहीं मनाने का ऐलान किया है। चार साल से पदोन्नति का इंतजार कर रहे इन अधिकारियों का कहना है कि तीन दशक से ज्यादा समय तक विभाग में सेवा देने के बावजूद उन्हें उचित प्रमोशन नहीं मिल पा रहा है। अपनी लंबित मांगों को लेकर ऑल इंडिया एसोसिएशन ऑफ सुपरिटेंडेंट्स ऑफ सेंट्रल टैक्स ने अब देशव्यापी चरणबद्ध आंदोलन शुरू कर दिया है। एसोसिएशन ने सोशल मीडिया पर पोस्टर जारी कर सरकार के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर की है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर जल्द निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। वीओ - दरअसल, केंद्रीय GST और कस्टम विभाग के करीब 19 हजार अधीक्षक लंबे समय से अपनी सेवा संबंधी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। इनमें करीब 15 हजार केंद्रीय GST और शेष कस्टम विभाग के अधीक्षक शामिल हैं। अधिकारियों की सबसे बड़ी नाराजगी पिछले चार वर्षों से पदोन्नति की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ने को लेकर है। एसोसिएशन का कहना है कि कई अधिकारी 30 से 35 साल तक विभाग में सेवा देने के बाद भी केवल एक पदोन्नति के साथ सेवानिवृत्त हो रहे हैं। इसी नाराजगी के चलते इस बार दिवाली नहीं मनाने का फैसला लिया गया है। एसोसिएशन ने पोस्टर जारी कर संदेश दिया है कि वर्षों से प्रमोशन रुका होने के कारण हजारों अधीक्षकों के घर इस बार दिवाली के दीपक नहीं जलेंगे। अधिकारियों की मांग सिर्फ प्रमोशन तक सीमित नहीं है। एसोसिएशन वर्ष 2014 के बाद की अखिल भारतीय वरिष्ठता सूची को जल्द अंतिम रूप देने और सहायक आयुक्त के पद पर पदोन्नति के लिए लंबित विभागीय पदोन्नति समिति यानी DPC की प्रक्रिया पूरी करने की मांग कर रही है। इसके साथ ही कैडर पुनर्गठन का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया है। एसोसिएशन का कहना है कि हर पांच साल में कैडर पुनर्गठन की समीक्षा होनी चाहिए, लेकिन वर्ष 2014 के बाद से अब तक नया पुनर्गठन नहीं किया गया है। इसके चलते पदोन्नति के अवसर लगातार सीमित होते जा रहे हैं। भोपाल में आयोजित एसोसिएशन की केंद्रीय कार्यकारिणी समिति की बैठक में देशभर से आए प्रतिनिधियों ने इन मांगों पर चर्चा की थी। बैठक में चरणबद्ध आंदोलन का निर्णय लिया गया। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार और CBIC की ओर से मांगों पर समयबद्ध कार्रवाई नहीं होती है तो अधिकारी वर्क-टू-रूल के तहत काम करेंगे। इसके अलावा आधिकारिक काम के लिए निजी मोबाइल फोन का इस्तेमाल बंद करने, सरकारी व्हाट्सऐप ग्रुप से बाहर निकलने, असहयोग आंदोलन और धरना-प्रदर्शन जैसे कदम भी उठाए जाएंगे। वहीं, पदोन्नति के अलावा वेतन निर्धारण से जुड़े पुराने मामलों का निराकरण, 1 जनवरी 1996 से संबंधित वेतन विसंगतियों का समाधान, पात्र अधिकारियों को बकाया भुगतान, तदर्थ पदोन्नतियों का नियमितीकरण और नॉन-फंक्शनल अपग्रेडेशन यानी NFU देने की मांग भी शामिल है। एसोसिएशन न्यायालयों के फैसलों को सभी जोन में समान रूप से लागू करने की मांग कर रही है। अब देखना होगा कि हजारों अधिकारियों के इस देशव्यापी आंदोलन के बाद केंद्र सरकार और CBIC उनकी मांगों पर क्या रुख अपनाते हैं। बाइट - नरेंद्र सिंह नरूका जनरल सेक्रेटरी, ऑल इंडिया सुपरिटेंडेंट एसोसिएशन, मालवा प्रांत
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पन्ना पुलिस NH-39 जाम से निपटने के लिए 24x7 बाउंसर, क्रेन तैनात

Panna, Madhya Pradesh:NH 39 में जाम से निपटने पन्ना पुलिस ने कसी कमर. पन्ना की निगरानी में यातायात पुलिस और वाकी टॉकी से लैस बाउंसर देंगे सड़क पर 24 घंटे पहरा, पांडव फॉल के पास 24 घंटे क्रेन मौजूद रहेगी, SP ने साझा की जानकारी. ZEE MPCG ने प्रमुखता से नेशनल हाईवे में जाम की समस्या को दिखाया था. पन्ना से छतरपुर की ओर जाने वाले नेशनल हाईवे 39 में 11 किलोमीटर का सड़क मार्ग मडला घाटियों से होकर गुजरता है, इस रास्ते में गड्ढे और साइड शोल्डर ना भरे होने के कारण लगभग रोज जाम लगता आ रहा है. यह जाम 4 से 6 घंटे तक लंबा हो जाता है, जिससे राहगीर परेशान होते हैं, कई लोगों की ट्रेन भी छूट जाती है. वाइस ओवर: पन्ना में तैनात किए गए नए पुलिस कप्तान सव्यसाची सराफ ने घाटियों का दौरा किया और पन्ना एसडीओपी आनंद तिवारी को इस जाम से निपटने के लिए जिम्मेदारी सौंप गई है. जिन स्थानों पर जाम लगने की ज्यादा संभावना होती है वहां चेतवानी बोर्ड के साथ एक गाड़ी में बाउंसर मौजूद रहेंगे, साथ ही इन बाउंसर के पास वॉकी टॉकी भी उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि उनकी आपस में बातचीत हो सके. घाटियों में मोबाइल सिग्नल न मिल पाने की स्थिति में भी सूचना मिले, इसलिए सूचना बोर्ड लगाए जा रहे हैं. बड़े गड्ढों को भरने और साइट शोल्डर भरने के लिए स्थानीय व्यवस्था है, पांडव फाल के पास एक क्रेन मशीन 24 घंटे उपलब्ध रहेगी ताकि दुर्घटना की स्थिति में यातायात तुरंत सुचारू रहे।
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साकेत के शोरूम में भीषण आग: 6 से अधिक गाड़ियाँ जलकर खाक

New Delhi, Delhi:anchor: साकेत के शोरूम में लगी भीषण आग. आग लगने के कारण 6 से अधिक गाड़ियाँ जलकर खाक हुईं और स्टाफ भी आग में झुलस गया. Location: साकेत के शोरूम. Visual घटना के मौके पर. जी मीडिया के लिए विजय कुमार की रिपोर्ट. खबर पर वॉक थ्रू. वीडियो: साकेत में स्थित शोरूम में अचानक भीषण आग लगने से 6 से अधिक गाड़ियाँ जलकर खाक हुईं और स्टाफ भी झुलस गया. इलाके में डर और सनसनी का माहौल. तसवीरों में आप देख सकते हैं कि आग कैसे फैल रही थी, धुआँ उठता दिख रहा है. आग अचानक भयानक लग गई, जिससे शोरूम और लोगों को भारी नुकसान हुआ. मौके पर फायर ब्रिगेड की गाड़ियाँ पहुँचीं, मौके पर लोगों ने स्टाफ को बचाया. पुलिस के अनुसार साकेत में स्थित शोरूम में अचानक आग लगी. जानकारी के अनुसार 6 से अधिक गाड़ियाँ और स्टाफ मौके पर झुलसे. मौके पर एसीपी महरौली, एसएचओ महरौली, ट्रैफिक जवान और फायर टीम मौजूद थे. Byte: घटना पर मौजुद लोग. ज़ी मीडिया के लिए विजय कुमार की रिपोर्ट. खबर पर वॉक थ्रू.
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त्योहारी सीजन में रेलवे सुरक्षा हाईटेक, 100 बॉडी वॉर्न कैमरे और 840 CCTV से निगरानी

Kota, Rajasthan:त्योहारी सीजन में रेलवे सुरक्षा का हाईटेक पहरा,बॉडी वॉर्न कैमरों से लैस होंगे आरपीएफ जवान, कोटा मंडल में 400 आरपीएफ जवान और 60 होमगार्ड तैनात, 840 सीसीटीवी कैमरों,ड्रोन और डॉग स्क्वाड से होगी निगरानी त्योहारी सीजन में रेलवे स्टेशनों पर बढ़ती यात्री भीड़ और सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए कोटा मंडल आरपीएफ ने सुरक्षा व्यवस्था को हाईटेक बनाने की पहल की है। इस बार सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाले जवान 100 बॉडी वॉर्न कैमरों और 60 नेकबैंड माइक से लैस होंगे। यह व्यवस्था न केवल सुरक्षा ड्यूटी में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाएगी, बल्कि भीड़ नियंत्रण और यात्रियों तक त्वरित सूचना पहुंचाने में भी मददगार होगी। मंडल में 400 आरपीएफ जवानों और 60 होमगार्ड की तैनाती की गई है। वहीं 840 सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन और चार डॉग स्क्वाड के जरिए निगरानी रखी जा रही है। कोटा जंक्शन पर 65 कैमरे सुरक्षा पर नजर रखेंगे। इसके अलावा 24 ट्रेनों में नियमित गश्त और सादे कपड़ों में जवानों की तैनाती की गई है। खास बात यह है कि रेलवे ने महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए 'मेरी सहेली' टीम को सक्रिय रखा है। पटाखों और ज्वलनशील पदार्थों की रोकथाम के लिए भी विशेष अभियान चल रहा है। विश्लेषणात्मक पहलू यह है कि रेलवे सुरक्षा अब केवल जवानों की तैनाती तक सीमित नहीं, बल्कि तकनीक आधारित निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया पर केंद्रित हो रही है। हालांकि इन इंतजामों की असली परीक्षा त्योहारों के दौरान उमड़ने वाली भीड़ में प्रभावी क्रियान्वयन से होगी。
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दिग्विजय सिंह पर सनातन को बदनाम करने की साजिश का आरोप, मथुरा यात्रा की मांग

Noida, Uttar Pradesh:दिग्विजय सिंह जी सत्य सनातन धर्म के लिए यात्रा नहीं निकाल रहे। दिग्विजय सिंह जी राहुल गांधी को खुश करने के लिए यात्रा निकाल रहे हैं, सनातन को बदनाम करने के लिए यात्रा निकाल रहे हैं। अगर दिग्विजय सिंह जी और कांग्रेस में दम थी तो तब अयोध्या के लिए यात्रा निकालना था जब करोड़ों कार सेवक अयोध्या की धरती पर जाकर लड़ते थे और सुप्रीम कोर्ट से लेकर सारी लड़ाई लड़े और कहते थे कि बाबरी ढांचा हटाएंगे और भगवान राम का भव्य मंदिर बनाएंगे। जहां जन्मे हैं रामलला मंदिर वहीं बनाएंगे। तब लड़ाई में अगर आते तो कहते कि सनातन के लिए यात्रा है। कांग्रेस की सोनियोजित षड्यंत्र है सनातन को बदनाम करने के लिए। फिर भी मैं कांग्रेसी मित्रों से और दिग्विजय सिंह जी से आग्रह करूंगा कि अयोध्या के लिए यात्रा मत निकालिए। सनातन के के अगर बचाने के लिए यात्रा निकालनी है तो मथुरा के लिए यात्रा निकालिए। वहां पर जाकर जो है भगवान कृष्ण जहां जन्मे हैं उस जन्मे पर जो ढांचा खड़ा है वो ढांचे को हटाइए। हम भी आपके कार्य सेवा में आपके साथ आएंगे। अगर हिम्मत है तो मथुरा की तरफ चलिए। आप चाहते हो कि सनातन बदनाम हो जाए आप चाहते हो कि भारत का नौजवान मंदिर जाना बंद हो जाए।
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झारखंड मंत्री इरफान अंसारी के बयान पर BJP ने FIR दर्ज कर विरोध जताया

Ranchi, Jharkhand:रांची झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के बयान को लेकर झारखंड बीजेपी आग बबूला है। बीजेपी नेता दीपक प्रकाश के नेतृत्व में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने इरफान अंसारी के खिलाफ अरगोड़ा थाने में मामला दर्ज करवाया। दीपक प्रकाश ने कहा, इरफान अंसारी ने एक चुनी हुई सरकार के तख्ता पलटने की साजिश रची है। संविधान को शपथ लेकर देश में नौजवानों के हिंसा फैलाने की साजिश रच रहा है। देश की अखंडता को खतरे में डालने का काम कर रहा है। चालीस लाख युवा नौजवानों की सेना खड़ी कर ,देश की सेना को चुनौती देने का काम कर रहे हैं, भारत के संविधान की धज्जियां उड़ाने की काम कर रहे हैं। भारत की कानून व्यवस्था को बर्बाद करने का काम कर रहे हैं। देश के बाहर खड़े लोगों के साथ साजिश कर भारत के टुकड़े टुकड़े करने का काम कर रहे हैं। ऐसे अपराधी जो देश के खिलाफ साजिश रच रहे हैं, उसको देश द्रोही कहा जाता है। इस लिए हमने अरगोड़ा थाना में एफआईआर दर्ज करने का काम किया है। इस मामले में कानून संवत कार्रवाई होनी चाहिए। मंत्री पर कानून कार्रवाई नहीं करेगी तो न्यायालय का दरवाजा खटखटाने का काम करेंगे। देश द्रोही मंत्री को झारखंड की जनता अगली बार सबक सिखाएगी।
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जलपाईगुड़ी के बाजारों में धनतेरस पर खरीदारी का उत्साह, सोना-चाँदी व पित्तल-बरतन की मांग बढ़ी

Jalpaiguri, West Bengal:ধনতেরাসে জমজমাট জলপাইগুড়ির বাজার! সোনার গয়নার দোকান থেকে বাসনপত্র, এমনকী ঝাড়ু কেনার দোকানেও উপচে পড়ল ক্রেতাদের ভিড়। ধনতেরাসে সোনা, রুপো ও নতুন সামগ্রী কেনার রীতি মেনে সকাল থেকেই বাজারমুখী মানুষ। সাধ্যমতো পছন্দের জিনিস কিনতে ভিড় জমিয়েছেন ক্রেতারা। ধনতেরাসকে ঘিরে উৎসবের আমেজ জলপাইগুড়ির বাজারজুড়ে। দোকানদারদের মুখেও হাসি, জমে উঠেছে বেচাকেনা। সোনার দাম কিছুটা কম, ধনতেরাসে সোনা কেনার আশায় ক্রেতাদের ভিড়, সামর্থ্য অনুযায়ী পিতলের সামগ্রী কিনেও উৎসব পালন আজ ধনতেরাস। আর ধনতেরাসকে কেন্দ্র করে উৎসবের আমেজ ছড়িয়ে পড়েছে জলপাইগুড়ির বিভিন্ন বাজারে। ধনতেরাস মানেই সোনা, রুপো কিংবা নতুন বাসনপত্র কেনার রীতি। প্রচলিত বিশ্বাস অনুযায়ী, এই দিনে সোনা বা রুপোর মতো মূল্যবান ধাতু কিংবা নতুন কোনও সামগ্রী বাড়িতে কিনে আনলে সংসারে সুখ, সমৃদ্ধি ও সৌভাগ্য আসে। সেই বিশ্বাসকে সামনে রেখেই প্রতিবছর ধনতেরাসের দিনে বহু মানুষ নিজেদের সামর্থ্য অনুযায়ী কিছু না কিছু কেনাখাটা করেন। এ বছর সোনার দামে কিছুটা স্বস্তি থাকায় সোনার দোকানগুলিতে ক্রেতাদের আগ্রহ বেড়েছে বলে জানা যাচ্ছে। বিশেষ করে যাঁরা দীর্ঘদিন ধরে সোনা বা সোনার অলংকার কেনার পরিকল্পনা করেছিলেন, তাঁদের অনেকেই ধনতেরাসের শুভক্ষণে কেনাকাটা করতে চাইছেন। বিভিন্ন সোনার দোকানে ধনতেরাস উপলক্ষে ক্রেতাদের আনাগোনাও চোখে পড়ছে। তবে সোনার দাম কিছুটা কমলেও তা সাধারণ মানুষের কাছে এখনও যথেষ্ট ব্যয়বহুল। ফলে সকলের পক্ষে সোনা বা রুপোর অলংকার কেনা সম্ভব হচ্ছে না। সেই কারণে অনেকেই নিজেদের সামর্থ্য অনুযায়ী পিতল, তামা কিংবা অন্যান্য ধাতুর বাসনপত্র কিনে ধনতেরাস পালন করছেন। ধনতেরাসের সঙ্গে জড়িয়ে রয়েছে পৌরাণিক কাহিনিও। হিন্দু ধর্মীয় বিশ্বাস অনুযায়ী, সমুদ্র মন্থনের সময় এই তিথিতেই অমৃতের কলস হাতে আবির্ভূত হয়েছিলেন ভগবান ধন্বন্তরি। তাঁকে দেবতাদের চিকিৎসক হিসেবেও মনে করা হয়। আবার ধনতেরাসকে ধনসম্পদ ও সমৃদ্ধির দেবী মা লক্ষ্মী এবং ধনসম্পদের দেবতা কুবেরের আরাধনার বিশেষ দিন হিসেবেও পালন করা হয়। সেই থেকেই এই দিনে সোনা, রুপো, পিতল, তামা কিংবা নতুন বাসনপত্র কেনার প্রচলন রয়েছে। অনেকের বিশ্বাস, এই দিনে নতুন ধাতব সামগ্রী বাড়িতে আনলে সারা বছর সংসারে সুখ, শান্তি ও সমৃদ্ধি বজায় থাকে। তবে ধনতেরাসের কেনাকাটার ক্ষেত্রে সবার পছন্দ বা সামর্থ্য এক নয়। কেউ সোনার আংটি, কানের দুল কিংবা কয়েন কিনছেন, আবার কেউ কিনছেন পিতলের প্রদীপ, থালা, বাটি কিংবা অন্যান্য গৃহস্থালির সামগ্রী। মূলত কেনাখাটার আর্থিক অঙ্কের চেয়ে এই উৎসবের সঙ্গে জড়িয়ে থাকা বিশ্বাস ও ঐতিহ্যকেই বেশি গুরুত্ব দিচ্ছেন সাধারণ মানুষ। সোনার দোকানের পাশাপাশি বাসনপত্রের দোকানগুলিতেও ধনতেরাস উপলক্ষে কেনাকাটার প্রস্তুতি দেখা যাচ্ছে। সব মিলিয়ে সোনা-রুপোর ঝলকানি থেকে শুরু করে পিতলের বাসনপত্র, নিজের সামর্থ্য অনুযায়ী কেনাকাটার মধ্য দিয়েই ধনতেরাসের আনন্দে শামিল হচ্ছেন সাধারণ মানুষ।
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