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Shravan Kumar MaddheshiyaShravan Kumar MaddheshiyaFollow4 Jul 2024, 07:39 am
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पटना में NDA की सरकार-सम्राट चौधरी के नेतृत्व में विकास के बड़े संकेत

Patna, Bihar:लोकेशन — पटना मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा एनडीए की बैठक स्पष्ट है नीतीश कुमार जी की सरकार बनी है और सम्राट चौधरी जी के नेतृत्व में सरकार चल रही है। जिस कार्यकर्ता ने दिन रात मेहनत करके विधानसभा में रिकॉर्ड दर्ज करके सरकार बनाने का काम किया है उन तमाम कार्यकर्ताओं के साथ आज एनडीए की बैठक की जा रही है। वहीं विपक्ष के खाली खजाने के सवाल को लेकर कहा विपक्ष जो सरकार में रहकर सरकार का खजाना लूट है वह पैसा वापस दे दे अगर उसे लग रहा है कि सरकार के पास पैसा नहीं है तो। बिहार में इतना विकास हो रहा है मेरे ड्राइव बन रहा है बड़े-बड़े योजनाएं चल रही है विपक्ष को नहीं दिखता। बिहार में विकास की गंगा बह रही है बाइट — दिलीप जयसवाल, मंत्री बिहार सरकार
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नीट री-एग्जाम घोटाला: 30 आरोपियों की 72 घंटे रिमांड, EOU की छापेमारी आगे

Lakhisarai, Bihar:लखीसराय से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। बहुचर्चित नीट री-एग्जाम धांधली मामले की जांच अब निर्णायक दौर में पहुंच गई है। मामले की जांच कर रही आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। कोर्ट से धांधली में शामिल सभी 30 आरोपियों का 72 घंटे का रिमांड मिलने के बाद जांच एजेंसी एक-एक कड़ी को जोड़ने में जुटी है। इसी को लेकर EOU के डीआईजी मानवजीत सिंह ढिल्लों और लखीसराय के एसपी राजेश कुमार स्वयं तेतरहट थाना पहुंचकर आरोपियों से गहन पूछताछ कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आने की संभावना है, जिसके आधार पर इस पूरे रैकेट से जुड़े अन्य लोगों पर भी शिकंजा कस सकता है।फिलहाल सुरक्षा कारणों से तेतरहट थाना परिसर में मीडिया के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। जांच एजेंसी पूरी गोपनीयता के साथ पूछताछ कर रही है और हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है.
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NC के विरोध प्रदर्शन पर BJP का बड़ा हमला: जम्मू-कश्मीर की राजनीति में घमासान

Jammu, जंतर-मंतर प्रदर्शन नहीं, देश विरोधी षडयंत्र' — NC के विरोध प्रदर्शन पर BJP का बड़ा हमला, मीरवाइज को न्योते पर घमासान जम्मू: जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर नेशनल कॉन्फ्रैंस द्वारा 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन अब बड़े राजनीतिक विवाद में बदल गया है। भारतीय जनता पार्टी ने इस प्रदर्शन को लेकर नेशनल कॉन्फ्रैंस पर तीखा हमला बोला है। भाजपा के वरिष्ठ नेता रविंद्र रैना ने ज़ी मीडिया से विशेष बातचीत में कहा कि यह प्रदर्शन राज्य के दर्जे की लड़ाई नहीं, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक षडयंत्र है। उन्होंने आरोप लगाया कि नेशनल कॉन्फ्रैंस इस प्रदर्शन के बहाने उन लोगों को मंच पर लाने की कोशिश कर रही है, जो पहले देश के खिलाफ बयान देते रहे हैं और भारत को तोड़ने की बात करते रहे हैं। रविंद्र रैना ने कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि उचित समय आने पर जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल किया जाएगा, तो फिर नेशनल कॉन्फ्रैंस इतनी हड़बड़ी में प्रदर्शन क्यों कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रदर्शन के पीछे कोई बड़ा राजनीतिक एजेंडा और षडयंत्र छिपा हुआ है。 दरअसल, नेशनल कॉन्फ्रैंस अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारुक अब्दुल्ला ने 20 जुलाई के प्रदर्शन के लिए 52 नेताओं को आमंत्रित किया है। आमंत्रण सूची में कांग्रेस, विभिन्न क्षेत्रीय दलों और भारतीय जनता पार्टी के साथ-साथ मीरवाइज उमर फारूक का नाम भी शामिल होने के बाद विवाद और गहरा गया है। भाजपा ने इसी मुद्दे को आधार बनाते हुए प्रदर्शन को "देश विरोधी" करार दिया है और सवाल उठाए हैं कि आखिर ऐसे लोगों को मंच पर बुलाने की आवश्यकता क्यों पड़ी。 वहीं, इस पूरे विवाद पर जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरेंद्र चौधरी ने ज़ी मीडिया से बातचीत में नेशनल कॉन्फ्रैंस का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि राज्य का दर्जा जम्मू-कश्मीर के लोगों का अधिकार है और इसी मुद्दे पर व्यापक समर्थन जुटाने के लिए सभी राजनीतिक दलों और विभिन्न वर्गों को आमंत्रित किया गया है। जब सुरेंद्र चौधरी से मीरवाइज उमर फारूक को निमंत्रण दिए जाने को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि मीरवाइज को एक धार्मिक नेता के तौर पर आमंत्रित किया गया है। उन्होंने कहा कि मीरवाइज के खिलाफ यदि कोई मामला है या उनके पिछले बयानों पर कोई कार्रवाई होनी है तो यह केंद्र सरकार का विषय है। नेशनल कॉन्फ्रैंस का उससे कोई संबंध नहीं है。 20 जुलाई के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले मीरवाइज को भेजे गए निमंत्रण ने जम्मू-कश्मीर की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। एक ओर भाजपा इसे देश विरोधी तत्वों को साथ लाने की कोशिश बता रही है, वहीं नेशनल कॉन्फ्रैंस इसे राज्य का दर्जा बहाल करने की लड़ाई में व्यापक समर्थन जुटाने का प्रयास बता रही है।
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लगातार बारिश से कब्रिस्तान में तबाही, कई कब्रें क्षतिग्रस्त।

Vishesh Kr GurejaVishesh Kr GurejaFollow2m ago
Saharanpur, Uttar Pradesh:सहारनपुर। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने देहरादून-दिल्ली हाईवे स्थित सैय्यद माजरा गांव के कब्रिस्तान में भारी तबाही मचा दी। तेज पानी के बहाव और मिट्टी के कटाव के चलते कई कब्रें क्षतिग्रस्त हो गईं, जिससे कुछ शव बाहर आ गए और बहते हुए दिखाई दिए। घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्र में लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना पर समाजसेवी आशु और पाशा मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थानीय लोगों के सहयोग से बाहर आए शवों को पूरे सम्मान और धार्मिक रीति-रिवाज के अनुसार दोबारा सुपुर्द-ए-खाक कराया। विपरीत परिस्थितियों में किए गए इस मानवीय कार्य की क्षेत्रभर में सराहना हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि संकट की इस घड़ी में दोनों समाजसेवियों ने जिस संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का परिचय दिया, वह मानवता की मिसाल है। वहीं लगातार बारिश के कारण कब्रिस्तान में हुए नुकसान ने प्रशासन के सामने भी सुरक्षा और संरक्षण की चुनौती खड़ी कर दी है। ग्रामीणों ने प्रशासन से कब्रिस्तान के चारों ओर सुरक्षा व्यवस्था और मिट्टी के कटाव को रोकने के लिए स्थायी इंतजाम कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो
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चतरा में बेलगाम हाईवा: CRPF जवान की मौत, ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दिया

Ansar Nagar, Jharkhand:चतरा में बेलगाम हाईवा ने ली CRPF जवान की जान, आक्रोशित ग्रामीणों ने किया सड़क जाम चतरा की देल्हो घाटी के सिमरिया-चतरा मार्ग पर कोयला खाली कर लौट रहे एक बेलगाम हाईवा ने छुट्टी पर घर आये CRPF जवान बिराजपुर निवासी 28 वर्षीय लक्ष्मण कुमार यादव की रांची रिम्स ले जाते समय कुचलकर मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी चालक हाईवा छोड़कर फरार हो गया। हादसे से आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने शव को सड़क पर रखकर चतरा-सिमरिया पथ जाम कर दिया है। लोग आरोपी चालक की तुरंत गिरफ्तारी, उचित मुआवजे और कोयला वाहनों की बेलगाम रफ्तार पर रोक लगाने की मांग कर रहे हैं। चतरा में लगातार हो रहे इन हादसों से हर दिन किसी न किसी परिवार का चिराग बुझ रहा है। तेज रफ्तार हाईवा के आतंक और परिवहन विभाग की घोर अनदेखी लोगों की जान पर भारी पड़ रही है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि प्रशासन की नींद कब खुलेगी और सड़क पर मौत का यह खूनी सिलसिला कब थमेगा?
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पंचकूला में घग्गर सहित सभी नदी-नालों के किनारे पूर्ण प्रतिबंध लागू

Panchkula, Haryana:पंचकूला में घग्गर समेत सभी नदी-नाले उफान पर. पंचकूला में नदी किनारे जाने पर पूर्ण प्रतिबंध, धारा 163 लागू. उल्लंघन पर होगी कानूनी कार्रवाई. हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश और पंचकूला में पिछले 48 घंटे से जारी वर्षा के कारण घग्गर नदी समेत जिले की सभी प्रमुख नदियां और बरसाती नाले उफान पर हैं. घग्गर नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से उसने रौद्र रूप धारण कर लिया है. संभावित बाढ़ और हादसों के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है. मानसून के दौरान मौसम विभाग की भारी बारिश की चेतावनी के मद्देनजर डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 163 लागू कर दी है. यह आदेश 28 अगस्त 2026 तक पूरे पंचकूला जिले में प्रभावी रहेगा. आदेश का उद्देश्य अचानक आने वाली बाढ़, तेज बहाव और जल भंवरों से लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करना है. जारी आदेशों के अनुसार अब घग्गर, कौशल्या और टांगरी नदियों सहित जिले की सभी प्राकृतिक और मानवनिर्मित नदी, नालों, सहायक नदियों और बांधों के किनारे किसी भी व्यक्ति के जाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा. नदी किनारे रील बनाना, घूमना, सैर करना, नजारा देखने जाना, नदी में उतरना, नहाना, कपड़े धोना या किसी भी प्रकार के सामाजिक, धार्मिक अथवा राजनीतिक आयोजन करना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा. केवल बाढ़ राहत एवं प्रशासनिक ड्यूटी पर तैनात सरकारी कर्मचारियों को ही इस आदेश से छूट दी गई है. पुलिस प्रशासन ने जिले के 13 सबसे संवेदनशील और बाढ़ संभावित स्थानों की पहचान की है. इनमें सेक्टर-21 घग्गर पुल (शनि मंदिर के पास), माजरी चौक घग्गर पुल, बुर्ज कोटिया, दीवानवाला, चंडी, थापली, बालू थापली, बरुण, चामला गांव के पास घग्गर नदी, बरवाला पुल के पास टांगरी नदी, खेतपराली गांव, रायपुर रानी (मोरनी टी-पॉइंट) के पास टांगरी नदी तथा मल्लाह पुल के दोनों ओर कौशल्या नदी का क्षेत्र शामिल है. इन सभी स्थानों पर संबंधित एसीपी और थाना प्रभारियों को नियमित गश्त और कड़ी निगराणी के निर्देश दिए गए हैं. पुलिस और जिला प्रशासन लगातार नदी और नालों के आसपास गश्त कर लोगों को वहां जाने से रोक रहे हैं. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई भी व्यक्ति आदेशों का उल्लंघन करता हुआ पाया गया तो उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 223 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. गौरतलब है कि हर वर्ष बरसात के दौरान घग्गर नदी और बरसाती नालों में तेज बहाव के कारण कई लोग लापरवाहीवश हादसों का शिकार हो जाते हैं. ऐसे में प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान घरों में ही रहें, नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से पूरी तरह दूर रहें तथा प्रशासन द्वारा जारी सभी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें.
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आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की हड़ताल पांचवें दिन भी अलवर में जारी

Alwar, Rajasthan:अलवर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की हड़ताल पांचवें दिन जारी, सेवाएं ठप अलवर में नियमितीकरण सहित विभिन्न मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की हड़ताल शुक्रवार को पांचवें दिन भी जारी रही। जिले के कई आंगनबाड़ी केंद्र पिछले चार दिनों से बंद हैं, जिससे बच्चों और महिलाओं को मिलने वाली जरूरी सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। आंदोलनकारी कार्यकर्ता रोज नए तरीकों से प्रदर्शन कर सरकार तक अपनी मांगें पहुंचाने का प्रयास कर रही हैं। जिला अध्यक्ष ललतेंश शर्मा ने बताया कि केंद्रों पर ताले लगे होने से पोषाहार खराब हो रहा है और चूहे उसे नुकसान पहुंचा रहे हैं। हड़ताल के कारण बच्चों का टीकाकरण, पोषण कार्यक्रम और आंगनबाड़ी व आशा सहयोगिनियों से जुड़े अन्य कार्य पूरी तरह ठप हो गए हैं। इससे गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और छोटे बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही। इस बीच महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष कमलेश सैनी मोती डूंगरी स्थित चिल्ड्रन पार्क पहुंचीं और आंदोलनरत कार्यकर्ताओं को समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं की मांगें पूरी तरह जायज हैं और सरकार को जल्द समाधान निकालना चाहिए。
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बांका पुलिस ने 100 लीटर अवैध महुआ चुलाई शराब के साथ तस्कर गिरफ्तार

Banka, Bihar:Vo-बांका के अमरपुर पुलिस ने अवैध शराब कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 100 लीटर देसी महुआ चुलाई शराब के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर डुमरामा स्कूल के समीप छापेमारी कर की गई। गिरफ्तारी आरोपी की पहचान बांका थाना क्षेत्र के सावरवारी गांव निवासी बिनोद बेसरा (पिता- मंडल बेसरा) के रूप में हुई है। पुलिस ने मौके से शराब की खेप के साथ तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक मोटरसाइकिल भी जब्त की है। थानाध्यक्ष राकेश कुमार ने बताया कि आरोपी के विरुद्ध उत्पाद अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि अवैध शराब के कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
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भिवंडी कांग्रेस का सत्याग्रह: राम मंदिर ट्रस्ट के अधिकारी पर FIR की मांग

Thane, Maharashtra:भिवंडी में कांग्रेस का सत्याग्रह - राम मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों पर FIR की मांग... देणगी गबन के आरोप - भिवंडी कांग्रेस ने शांतिनगर पुलिस थाना में निवेदन दिया... ट्रस्ट के फंड, जमीन खरीद और सुरक्षा व्यवस्था की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कर FIR दर्ज कराने की मांग है। भिवंडी में आज कांग्रेस ने सत्याग्रह शैली में निषेध आंदोलन किया। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास, महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा, कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी और अन्य अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की गई। कांग्रेस का आरोप है कि श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए देशभर के भक्तों द्वारा दी गई दानगी के प्रबंधन में बड़े स्तर पर आर्थिक अनियमितताएं हुई हैं। निवेदन में ट्रस्ट के फंड प्रबंधन, जमीन खरीद, नकद राशि, सुरक्षा व्यवस्था, CCTV रिकॉर्ड में कथित छेड़छाड़ और दान राशि के कथित दुरुपयोग आदि सभी की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कर FIR दर्ज कराने की मांग की गई है। निवेदन स्वीकार करते समय पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया अपनाने का आश्वासन दिया। इस सत्याग्रह से भिवंडी में कुछ समय के लिए राजनीतिक माहौल गरम हो गया था। श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट पर आरोपों से अब जांच किस दिशा में जाती है, यह सब देखने लायक है। आगे के अपडेट जारी रहेंगे। बाइट: सुरेश टावरे, पूर्व सांसद, काँग्रेस पार्टी; प्रशांत लाड, नगरसेवक, काँग्रेस पार्टी; आबिद मुन्सफ खान, अध्यक्ष, भिवंडी काँग्रेस पार्टी
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चंद्रशेखर आजाद के टोल पर हंगामे के बाद काफिला मेरठ की ओर बढ़ा: पुलिस से बहस की नई लकीर

Muzaffarnagar, Uttar Pradesh:टोल पर हंगामा एंकर - उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद की नगर कोतवाली क्षेत्र स्थित रोहाना टोल प्लाजा पर शुक्रवार को उस समय हंगामा खड़ा हो गया। जब नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद अपने काफिले के साथ सहारनपुर से मेरठ की ओर कूच कर रहे थे। इस दौरान चंद्रशेखर आजाद की गाड़ी तो टोल से निकल गई लेकिन उनके काफिले की कुछ गाड़ियों को पुलिसकर्मियों ने रोक दिया था। जिसके बाद चंद्रशेखर आजाद अपनी गाड़ी से उतरकर टोल पर पुलिसकर्मियों के पास गए जहां पुलिसकर्मियों से उनकी तीखी नोकझोंक भी हुई। इस दौरान एक इंस्पेक्टर धर्मवीर सिंह चंद्रशेखर आजाद के सामने हाथ जोड़े खड़े नजर आए और चंद्रशेखर आजाद उसे ज्ञान का पाठ पढ़ाते दिखाई पड़े। इस दौरान इंस्पेक्टर ये कहता हुआ भी सुनाई पड़ा कि मैं इंस्पेक्टर हूं और इंस्पेक्टर ही रहूंगा गली नहीं दी थी किसी हाथ जोड़ रहा हूं। आपको बत दे की इस हंगामे के बाद चंद्रशेखर आजाद का काफिला मेरठ की ओर बढ़ गया बताया जा रहा है कि मेरठ पहुँचकर चंद्रशेखर आजाद एसएसपी मेरठ द्वारा जो बदसलूकी प्रदर्शन कर रहे लोगों के साथ की गई थी इस क्रम में वह उनसे मुलाकात करेंगे। चंद्रशेखर आजाद का कहना है कि वह मेरठ एसएसपी से भी मुलाकात कर उनसे पूछेंगे कि उन्होंने ऐसा क्यों किया है इसके पीछे किसका हाथ है साथ ही चंद्रशेखर आजाद का कहना है कि वह पीड़ित परिवार से भी मुलाकात करेंगे लेकिन यह देखना होगा कि क्या पुलिस उन्हें मेरठ तक पहुंचने देती है या नहीं। चंद्रशेखर आजाद का कहना है कि मैं स्पष्ट कहता हूं कि कोई निर्दोष जेल न जाए और दोषी कोई बचे नही। चंद्रशेखर आजाद की माने तो पूरे देश को पता है। मेरठ में क्या हुआ। और मैं भी चोरी से नहीं जा रहा हूं। सबको बता कर जा रहा हूं। क्योंकि जो हुआ है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में संवैधानिक देश में वह अच्छा नहीं, जब इतने बड़े पद पर बैठे अधिकारी इस तरह का व्यवहार करेंगे। तो लोगों के मन में भय चिंता होना लाजमी है। मेरी और मेरे जैसे न्याय प्रसंग हर व्यक्ति की जिम्मेदारी बैठती है। कि वह उसके खिलाफ आवाज उठाएं। और सरकार से कार्रवाई की मांग करें उन अधिकारियों से भी मैं मिलूंगा पूछूंगा। जिन्होंने यह कृत्य किया। उनसे भी पूछूंगा। अब यह तो पुलिस से पूछो। मेरे से क्यों पूछते हो। आप मेरा पुलिस का कोई वह थोड़ी है। कि मैं उनके कर्मचारी हूं या। अधिकारी हूं। यह तो पुलिस बता सकती है। हां फिर क्यों रोकना चाहती है। इसका जवाब दो पुलिस को देना चाहिए। ऐसा क्या है जिसको पुलिस रोक कर छुपाना चाहती है। देखिए उनका व्यवहार जो है। वह गरिमाएं नहीं है। और अगर कोई यह कहता है। कि हालात ऐसे थे। तो वहां किसी पर भी कोई हथियार नहीं था। डंडे ने बाजी नहीं हो रही थी। नारेबाजी से अगर कोई अधिकारी डर जाए। तो यह क्या भरोसा कि वह कल गोली नहीं चला सकता। इस तरह के कमजोर व्यवहार का अधिकारी मुझे लगता है। व्यवस्था में अच्छा नहीं उनके ऊपर कारवाई भी होनी चाहिए। और लोगों को सबक मिले इस तरह का व्यवहार नहीं करना। नहीं आत्महत्या विकल्प नहीं लड़ना चाहिए। संघर्ष करना चाहिए। कोर्ट खुले हुए हैं। इसे बड़े अधिकारी हैं। लेकिन आत्महत्या अच्छा कदम नहीं मैं आत्महत्या का पक्षधर्मी नहीं मैं आत्महत्या का विरोधी हूं। एक बार जीवन मिला है। आपके संघर्ष करना चाहिए। आपके खिलाफ अन्याय हो तो लड़ना चाहिए। आप ही मर जाओगे तो कौन लड़ेगा। जितने भी साथी जिनके साथ अन्याय हुआ। मुझे उनकी पीड़ा है आज उन्हें जेल भेजा गया है क्योंकि मैं उनकी पीड़ा महसूस किया। अधिकारियों की गलती रही है। अगर अधिकारी समय पर सुन लेते। तो यह स्थिति नहीं बनती। और ऐसा नहीं कि पहले सड़कों पर आंदोलन नहीं हुआ, ऐसा कुछ नहीं है। बिल्कुल मिलूंगा। अधिकारियों से भी मिलेगा। मैं एक संवैधानिक पद पर जिम्मेदारी से उनके परिवार से मिलेगा पीड़ा सुनूंगा उनके बड़े अधिकारियों से बात करूंगा। और अगर नहीं रास्ता निकाला तो उसके बाद आगे रैली के बाद जो भी संघर्ष होगा उसको करेंगे। क्यों रोका जाएगा। सवाल यह है। ना हम कोई अपराध करने जा रहे हैं। मैं आपके सामने बात कह रहा हूं। कोई नहीं कह पाएगा। मैं यह चाहता हूं। कोई निर्दोष जेल ना जाए। और कोई दोषी बचे ना। जो निर्दोष है। पुलिस फिर इन्वेस्टिगेशन करें अगर पुलिस की इन्वेस्तिगेशन पर परिवार को भरोसा नहीं हो पा रहा है। या पुलिस इस तरह का व्यवहार तो कैसे मान जाए की इन्वेस्टीगेशन फिर हो रही है। क्योंकि कर्मचारी अधिकारी इस तरह का व्यवहार कर रहा है। अपने भाषा देखी सड़क किसी के बाप की नहीं है, गंदगी कर दी सालो ने इस भाषा से मुझे चिंता हुई की जिले के सर्वोच्च पद पर बैठा व्यक्ति भी जो इस तरह का अभद्र भाषा का व्यवहार कर रहा है। यह बड़ी चिंता का सवाल है बाकी आप लोग तो है ही देखते हैं। हम भी चल रहे है। बड़ी चिंता का सवाल है। यही चीज भय पैदा कर रही है। ऐसा क्यों किया गया। और किसके इशारे पर किया गया। ऐसा हम जाकर उनसे पूछेंगे। मैं एसपी से मिलूंगा और डीएम से भी मिलूंगा और पूछूंगा ऐसा उन्होंने क्यों किया।
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