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Unnao -गंगाघाट में 11 साल के बच्चे के साथ कुकर्म पुलिस जांच में जुटी
Kanpur, Uttar Pradesh:उन्नाव गंगाघाट कोतवाली के क्षेत्र के अंतर्गत एक 11 साल के नाबालिग बच्चों के साथ कुकर्म का मामला सामने आया है, जिसमें पीड़ित परिवार के लोगो ने गंगाघाट कोतवाली पुलिस को तहरीर दी। जिसके बाद पुलिस ने नाबालिग बच्चे को मेडिकल के लिए भेजा। जिसके बाद मामले की जाँच पड़ताल कर कार्यवाही की जाएगी।
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जगन्नाथ रथ यात्रा की तैयारियाँ तेज, 29 जून स्नान यात्रा और 16 जुलाई रथयात्रा तय
Raipur, Chhattisgarh:जगन्नाथ रथ यात्रा को लेकर आज भाजपा विधायक और जग्गनाथ सेवा समिति के प्रमुख पुरंदर मिश्रा ने प्रेस कांफ्रेंस किया. प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने जगन्नाथ यात्रा को लेकर हो रही तैयारियों की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि भगवान जगन्नाथ की स्नान यात्रा कल 29 जून को विधि विधान के साथ संपन्न की जाएगी. सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक भगवान जगन्नाथ महा प्रभु की स्नान यात्रा पूरी विधि विधान से संपन्न की जाएगी. 108 कलशों के जल से स्नान कराया जाएगा. इसके साथ ही 15 जुलाई को भगवान जगन्नाथ के नेत्र उत्सव और 16 जुलाई को रथ यात्रा धूमधाम से मनाई जाएगी. कल होने वाले स्नान यात्रा में आम जानता को भी भगवान जगन्नाथ को स्नान करने का मौका मिलेगा. वहीं 16 जुलाई को होने वाली जगन्नाथ रथ यात्रा में राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, सांसद बृजमोहन अग्रवाल सहित अन्य लोग मौजूद रहें. राज्यपाल और मुख्यमंत्री रथ यात्रा से पहले की रश्म भी अदा करेंगे0
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ससुराल से लौट रहे युवक की सड़क हादसे में मौत, परिवार में कोहराम
Jalaun, Uttar Pradesh:जालौन कोतवाली क्षेत्र के चुर्खीवाल निवासी 22 वर्षीय सर्वेश की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। हादसे के बाद उन्हें गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज उरई में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। घटना से परिजनों में कोहराम मच गया है। जानकारी के अनुसार, चुर्खीवाल निवासी सर्वेश अपनी ससुराल से बाइक द्वारा अपने घर जालौन लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में उनकी बाइक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि सर्वेश गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों की सूचना पर उन्हें तत्काल इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज उरई पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। सर्वेश की असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। अपने पीछे वह दो छोटे बेटों, तरुण और देवांश, को छोड़ गए हैं। पिता की मौत से दोनों बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया, जबकि परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव और क्षेत्र में भी इस हादसे के बाद शोक की लहर है।0
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पेयजल संकट पर विभागीय टकराव, कुंजा ग्रांट के ग्रामीण जूझ रहे
Dehradun, Uttarakhand:विकासनगर के कुंजा ग्रांट में पेयजल संकट अब सरकारी विभागों की खुली तकरार बन गया है। जल संस्थान और बिजली विभाग एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं और तपती गर्मी में 5 हजार ग्रामीण पानी को तरस रहे हैं। दरअसल, कुंजा ग्रांट ग्राम पंचायत में पिछले 12 दिनों से पानी की किल्लत चरम पर है। आसमान से बरसती आग के बीच एक हफ्ते के अंदर मुख्य पंप की मोटर दो बार फूंक चुकी है। ग्राम प्रधान के बुलावे पर रात में पहुंची यूपीसीएल की टीम ने जांच के बाद दावा किया कि यहां वोल्टेज पूरी तरह से सही है। दूसरी तरफ, जल संस्थान की जेई ने इस दावे को खारिज करते हुए बिजली विभाग को खुला चैलेंज दिया है कि वे 30 एचपी की मोटर को 210 वोल्ट पर चला कर दिखाएं... जल संस्थान का कहना है कि लाखों का बिल चुकाने के बाद भी लो वोल्टेज मिल रहा है, इसलिए यहां तुरंत 63 केवी का नया ट्रांसफार्मर लगाया जाए। हैरानी की बात यह है कि करंट कंट्रोल करने के लिए पंप हाउस में लाखों की लागत से लगा 'सर्वो' उपकरण वर्ष 2024 से सिर्फ एक सफेद हाथी बना हुआ है... जिम्मेदार अधिकारियों की इस लापरवाही के कारण ग्रामीण अब हैंडपंपों से निकलने वाला जंग लगा लाल पानी पीने को मजबूर हैं, तो कहीं लोग सोलर वाटर सिस्टम और नदी-नालों से पानी ढो रहे हैं। इसी सरकारी लापरवाही के खिलाफ आज ग्राम प्रधान मुसब्बर अली के नेतृत्व में ग्रामीणों ने ओवरहेड टैंक पर जमकर प्रदर्शन किया और चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे देहरादून में जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव करेंगे। वहीं सरकारी विभागों में तालमेल की कमी और विभागीय अधिकारियो की मनमर्जी के चलते... लोगों की प्यास बुझाने वाली इन सरकारी महत्वाकांक्षी योजनाओं पर पलीता लग रहा है। बाइट: मुसब्बर अली ( ग्राम प्रधान) बाइट: राजेश शर्मा (जल संस्थान का ऑपरेटर...काले चश्मे में)0
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भिवाड़ी में मानसून से पहले जलभराव: अस्थायी दीवार टूटने से पानी बाहर गई दिशा में फैल गया
Bagheri Kalan, Rajasthan:भिवाड़ी में अभी मानसून ने दस्तक भी नहीं दी है, लेकिन सिस्टम की लापरवाही ने शहर को पहले ही जलभराव की तस्वीरें दिखा दी हैं। बिना बारिश के ही भिवाड़ी बाईपास पानी से लबालब हो गया और लोगों को सड़क पर बने तालाब के बीच से गुजरने को मजबूर होना पड़ा। दरअसल राजस्थान आवासन मंडल की जमीन पर जमा पानी को रोकने के लिए नगर परिषद की ओर से बनाई गई अस्थायी कच्ची दीवार एक बार फिर पानी का दबाव नहीं झेल सकी, दीवार टूटते ही जमा हुआ पानी तेज बहाव के साथ अलवर बाईपास की तरफ आ गया और देखते ही देखते सड़क जलमग्न हो गई। हालात ऐसे बने कि दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को जान जोखिम में डालकर पानी से होकर निकलना पड़ा। पैदल राहगीरों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब बिना बारिश के यह स्थिति है तो लगातार मानसूनी बारिश के दौरान शहर के हालात कितने भयावह हो सकते हैं। यह घटना नगर परिषद की तैयारियों और जल निकासी व्यवस्था की हकीकत भी बयां करती है। वहीं खैरथल तिजारा जिला कलेक्टर अतुल प्रकाश का कहना है कि नगर परिषद की ओर से बनाई गई अस्थायी दीवार गिरने के कारण पानी का बहाव बाईपास की तरफ हुआ। अब मौके पर स्थायी और पक्की दीवार का निर्माण कराया जाएगा ताकि मानसून के दौरान इस तरह की समस्या दोबारा सामने न आए।0
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लक्ष्मणगढ़ में पल्स पोलियो अभियान: दो बूंद से बच्चों को जीवन दिलाने की पहल
Sikar, Rajasthan:देशभर में चल रहे राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत आज लक्ष्मणगढ़ विधानसभा क्षेत्र में बच्चों को दो बूंद जिंदगी की पिलाई गई। लक्ष्मणगढ़ के जिला अस्पताल परिसर में पल्स पोलियो अभियान का जिला अस्पताल उपनियंत्रक डाक्टर शीशराम चौधरी ने मासुस बच्चे को दो बूंद पल्स पोलियों की पीलाकर शुभारम्भ किया। यह पल्स पोलियो अभियान 28 जून से शुरू होकर 4 जुलाई तक चलाया जाएगा। लक्ष्मणगढ़ जिला अस्पताल उपनियंत्रक डाक्टर शीशराम चौधरी ने बताया कि लक्ष्मणगढ़ जिला अस्पताल के तहत करीब 20 वार्ड हैं जिनमें 0 से 5 वर्ष तक के 2 हजार बच्चों को दवा पिलाने का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत आज पल्स पोलियों बूथ पर दवा पिलाई जाएगी इसके पश्चात स्वास्थ्य टीम द्वारा घर-घर जाकर पल्स पोलियो की दवा पिलाई जाएगी। उन्होंने बताया कि सरकार के निर्देश पर हमारा लक्ष्य है कि 0 से 5 वर्ष तक का एक भी बच्चा पल्स पोलियों की दवा पीने से वंचित ना रहे। जिला अस्पताल उपनियंत्रक डाक्टर शीशराम चौधरी ने सभी नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि आमजन जागरूक बनें और सुनिश्चित करें कि आस-पड़ोस में कोई भी बच्चा इस सुरक्षा कवच से वंचित ना रहे।0
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प्लास्टिक मुक्त भारत के लिए शाहपुरा में पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम सफल
Noida, Uttar Pradesh:अखिल विद्या भारती द्वारा संचालित आदर्श विद्या मंदिर माध्यमिक विद्यालय, कोठार मोहल्ला, शाहपुरा में पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में युवा बाल पर्यावरण योद्धा ग्रीन लिटिल बेबी नाम से प्रशिद्ध श्रेया कुमावत ने विद्यार्थियों को "प्लास्टिक मुक्त भारत – हरित भारत" अभियान के अंतर्गत दैनिक जीवन में प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। श्रेया कुमावत ने विद्यार्थियों से कहा कि "प्लास्टिक जितनी सस्ती दिखाई देती है, उसके दुष्परिणाम उतने ही गंभीर और घातक होते हैं। हमें आवश्यकता के अनुसार ही प्लास्टिक का उपयोग करना चाहिए तथा घरों से निकलने वाले प्लास्टिक कचरे को सड़कों, नालियों या खुले स्थानों पर फेंकने के बजाय अलग-अलग एकत्र कर रीसाइक्लिंग के लिए भेजना चाहिए।" उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि राजस्थान के पाली जिले के बिलासपुर गांव में प्रकति प्रेमी काना राम मेवाड़ा द्वारा स्थापित राज्य का पहला प्लास्टिक रीसाइक्लिंग केंद्र पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा बन चुका है। वहां बेकार प्लास्टिक से फर्नीचर, टेबल, बेंच, डस्टबिन, गमले सहित अनेक उपयोगी उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। इस पहल से आसपास के गांवों में प्लास्टिक कचरा काफी हद तक कम हुआ है और लोग पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूक हुए हैं। श््रेया ने बच्चों से आह्वान किया कि वे अपने घरों में आने वाले प्लास्टिक को अलग से एकत्र करें, बाजार जाते समय कपड़े का थैला साथ रखें, सिंगल यूज़ प्लास्टिक से बचें तथा अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी प्लास्टिक रीसाइक्लिंग के लिए प्रेरित करें। उन्होंने बताया कि प्लास्टिक के कारण पशु-पक्षी इसे खाकर बीमार हो जाते हैं, नालियां जाम होती हैं और शहरों-गांवों की स्वच्छता प्रभावित होती है। यदि प्रत्येक नागरिक अपनी जिम्मेदारी निभाए तो हमारा शहर और देश स्वच्छ, सुंदर और हराभरा बन सकता है। विद्यालय प्रधानाचार्य कपिल निम्बार्क ने श्रेया कुमावत को दुपट्टा ओढ़ाकर सम्मानित किया तथा उनके पर्यावरण संरक्षण के कार्यों की सराहना करते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।0
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Hathras में Yogi Adityanath ने Akhilesh Yadav को चुनौती दी: कृष्ण जन्मभूमि आंदोलन
Noida, Uttar Pradesh:Hathras में यूपी सीएम Yogi Adityanath की अखिलेश यादव को चुनौति अखिलेश जी, आप अयोध्या की चिंता मत करिए, पश्चाताप करिए। एक बार प्रभु श्री रामलला का दर्शन कर लीजिए। कम से कम इसी से सद्बुद्धि आएगी...आइए, खुलकर बोलिए कि श्री राम जन्मभूमि मुक्ति के आंदोलन की तर्ज पर ही श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति का भी अभियान चलना चाहिए...0
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केशोरायपाटन में स्मार्ट मीटर के खिलाफ ग्रामीणों ने विद्युत कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया
Noida, Uttar Pradesh:जिले के केशोरायपाटन क्षेत्र में स्मार्ट मीटर और बढ़े हुए बिजली बिलों को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा खुलकर सामने आया। बंजारा की झोंपड़िया सहित आसपास के गांवों के लोग महिलाओं के साथ विद्युत कार्यालय पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली के बिल कई गुना बढ़ गए हैं। मौके पर पहुंचे युवा किसान नेता गिर्राज गौतम ने विभाग से सात दिन में पुराने मीटर वापस लगाने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो ग्रामीण खुद स्मार्ट मीटर उतारकर विभाग को सौंप देंगे और तब तक बिजली बिल भी जमा नहीं कराएंगे।0
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बूंदी में गैस सिलेंडर तस्करी का पर्दाफाश; 66 सिलेंडर समेटे टाटा टेंपो पकड़ा गया
Noida, Uttar Pradesh:बूंदी में डीएसटी और सदर थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। रामगंज बालाजी के पास पुलिस ने 66 घरेलू गैस सिलेंडरों से भरा एक टाटा टेंपो पकड़ लिया। पूछताछ के दौरान चालक सिलेंडरों के परिवहन से जुड़े दस्तावेज और संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। सूचना मिलने पर रसद विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और यह पता लगाने में जुटी है कि घरेलू गैस सिलेंडरों का इस्तेमाल कहीं अवैध कारोबार या कालाबाजारी के लिए तो नहीं किया जा रहा था। मामले की गहन जांच जारी है。0
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प्रतापगढ़ में वनपाल सीधी भर्ती परीक्षा शांतिपूर्ण, 84.44% उपस्थिति
Pratapgarh, Rajasthan:प्रतापगढ़ में रविवार को वनपाल एवं कनिष्ठ सहायक सीधी भर्ती परीक्षा-2026 का आयोजन शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष माहौल में संपन्न हुआ। जिला मुख्यालय पर बनाए गए सभी 20 परीक्षा केंद्रों पर सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक एक पारी में परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों में खासा उत्साह देखने को मिला और केंद्रों पर सुबह से ही लंबी कतारें नजर आईं। प्रशासन की ओर से सुरक्षा, निगरानी और परीक्षा संचालन की व्यापक व्यवस्थाएं की गई थीं। जिला प्रशासन की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार जिले में कुल 5,545 अभ्यर्थियों का आवंटन किया गया था, जिनमें से 4,682 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 863 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। जिले में कुल उपस्थिति 84.44 प्रतिशत दर्ज की गई। मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी अनिल पोरवाल ने बताया कि परीक्षा के लिए जिले में 20 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। सभी केंद्र जिला मुख्यालय पर स्थित रहे। परीक्षा के दौरान सभी केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी और वीडियोग्राफी की व्यवस्था की गई। आकस्मिक निरीक्षण के लिए चार सतर्कता दल गठित किए गए, जिनमें राजस्थान प्रशासनिक सेवा, राजस्थान पुलिस सेवा तथा शिक्षा सेवा के अधिकारियों को शामिल किया गया। प्रशासन की ओर से परीक्षा सामग्री के सुरक्षित परिवहन एवं वितरण के लिए कोषाधिकारी की नियुक्ति की गई थी। प्रश्न-पत्रों के सुरक्षित परिवहन और परीक्षा समाप्ति के बाद सामग्री संकलन के लिए 10 उप समन्वयक लगाए गए। जिला मुख्यालय पर स्थापित नियंत्रण कक्ष पूरे समय सक्रिय रहा तथा राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के नियंत्रण कक्ष से वीडियो कॉन्फरेंसिंग के माध्यम से लगातार समन्वय बनाए रखा गया। प्रमुख परीक्षा केंद्रों में एपीसी कॉलेज, नीमच रोड पर 373 में से 312, एलबीएस कॉलेज, बांसवाड़ा रोड पर 372 में से 311, द एशिया पैसिफिक कॉन्वेंट स्कूल में 408 में से 339 तथा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, नीमच नाका में 288 में से 243 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। परीक्षा के दौरान राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के दिशा-निर्देशों और ड्रेस कोड की पूर्ण पालना कराई गई। अभ्यर्थियों को परीक्षा प्रारंभ होने से एक घंटे पूर्व तक ही परीक्षा केंद्रों में प्रवेश दिया गया। प्रशासन की सुदृढ़ व्यवस्थाओं के चलते परीक्षा शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न हुई।0
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जालौन में भाजपा ने लोकतंत्र सेनानी सम्मान समारोह का किया आयोजन,
Orai, Uttar Pradesh:ब्रेकिंग जालौन जालौन में भाजपा ने लोकतंत्र सेनानी सम्मान समारोह का किया आयोजन, लोकतंत्र हत्या दिवस को लेकर भाजपा ने लोकतंत्र सेनानियों का किया सम्मान, आपातकाल के दौरान जेल जाने वाले और लोकतंत्र की रक्षा करने वाले 60 सेनानियों को किया सम्मानित, दर्जनों लोकतंत्र सेनानियों को शॉल ओढ़ाकर, बैग समेत अन्य सामान देकर किया सम्मानित, सदर विधायक और भाजपा जिलाध्यक्ष ने सम्मानित कर लोकतंत्र सेनानियों का बढ़ाया हौसला, लंबे समय के बाद मिले इस सम्मान और पहचान से सभी लोकतंत्र सेनानी बेहद भावुक आए नजर, कार्यक्रम में सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा और भाजपा जिलाध्यक्ष उर्विजा दीक्षित समेत तमाम नेता रहे मौजूद, जालौन के उरई में कोंच रोड स्थित वंशीधर गेस्ट हाउस में हुआ आयोजन। बाइट:- गौरीशंकर वर्मा--भाजपा सदर विधायक, उरई बाइट:- जयप्रकाश नारायण--अध्यक्ष, लोकतंत्र सेनानी समिति0
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5वें रॉयल रणथम्भौर इंटरनेशनल टाइगर वीक का समापन, हिमंत सरमा और नितिन गडकरी को अवार्ड
Sawai Madhopur, Rajasthan:5वें रॉयल रणथमभौर इंटरनेशनल टाइगर वीक (ITW) का आज सुबह टाइगर सफारी के साथ समापन हो गया। होटल आमाघाटी में आयोजित कार्यक्रम बाघ संरक्षण के लिए सालभर देश में हुए प्रयासों और उनके परिणामों को सम्मान देने के नाम रहा। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को बाघ संरक्षण के लिए लीडरशिप अवॉर्ड से नवाजा गया, और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को NH-44 के पर्यावरण-अनुकूल डिज़ाइन के लिए इनोवेटिव टाइगर कंजर्वेशन प्रोजेक्ट ऑफ द ईयर का सम्मान दिया गया। कार्यक्रम के दौरान 11 कैटेगरी में अवॉर्ड्स दिये गये और बच्चों को पेंटिंग्स के जरिये बाघ संरक्षण का संदेश दिया गया। पंजाब के पूर्व गवर्नर वी.पी. बदनोर के विशिष्ट आतिथ्य में शुरुआत हुआ। इस दौरान उन्होंने वाइल्डलाइफ के लिए लिव4फ्रीडम के प्रयासों की प्रशंसा की। बॉलीवुड अभिनेता राहुल सिह ने वन्यजीव संरक्षण में सिनेमा के योगदान पर प्रकाश डाला। फ्रंटलाइन प्रोटेक्शन सत्र में कार्तिक सत्यनारायण ने चर्चा की। 'द रिस्पॉंसिबल सफारी' सत्र में अन्य विशेषज्ञों ने जंगल सफारी के नियमों और पर्यटकों की जिम्मेदारियों पर विचार किया। 5वां टाइगर फेस्टिवल का सबसे मुख्य सत्र रहा अवॉर्ड सेरेमनी। अवॉर्ड्स से अलग लाइफटाइम अचीवमेंट से रवि सिंह, इनोवेटिव टाइगर कंजर्वेशन प्रोजेक्ट ऑफ द ईयर: नितिन गडकरी, क्राइम मिनिस्टर ऑफ द ईयर—टाइगर कंजर्वेशन लीडरशिप अवॉर्ड: डॉ. हेमंत बिस्व Sharma, टाइगर रिजर्व ऑफ द ईयर: सिमिलिपाल टाइगर रिजर्व, टाइगर कंजर्वेशन वॉर्डन ऑफ द ईयर: के.सी.ए. अरुण प्रसाद, IFS (चीफ वाइल्डलाइफ वॉर्डन, राजस्थान) टाइगर प्रोटेक्शन एंड एंटी पॉचिंग एक्सिलेंस अवॉर्ड: वाइल्ड लाइफ SOS, कॉरपोरेट लीडरशिप इन टाइगर कंजर्वेशन अवॉर्ड: हेमेंद्र कोठारी, टाइगर फोटोग्राफी एंड फ़िल्म अवॉर्ड: प्रसनजीत यादव, टाइगर एंड वाइल्डलाइफ जर्नलिस्ट ऑफ द ईयर: एस. गोपीकृष्णा, वॉरियर और ह्यूमन-टाइगर कॉएक्सिएस्टेंस अवॉर्ड: दिबांग टाइगर रिजर्व, टाइगर कंजर्वेशनिस्ट ऑफ द ईयर: पियूषा जगताप, IFS को अवॉर्ड दिया गया। लिव4फ्रीडम के पार्टनर आनंद भारद्वाज और सुनील मंगल ने कहा कि ITW संरक्षण, सरकार, पर्यटन, बिज़नेस और सिविल सोसाइटी के लीडर्स को एक मंच पर लाने का प्रयास है और प्रयासों से हजारों लोगों को बाघ संरक्षित करने के लिए प्रेरित किया गया है। ITW 2026 में रेडिको खेतान, आमाघाटी रिसोर्ट, NTPC, Outlook Traveller, रेल विकास निगम लिमिटेड, NBCC, राजस्थान पर्यटन विभाग, क्लावियर, ताज सफारी ने अहम भूमिका निभाई। सभी सेशन से न केवल टाइगर बल्कि वाइल्डलाइफ के अहम तथ्य सामने आये। रणथंभौर के डीएफओ ने कहा कि संरक्षण बिना सहयोग के नहीं हो सकता। लिव4फ्रीडम जैसी संस्थाओं और वन विभाग के संयुक्त प्रयास लोगों में अलख जगा रहे हैं। दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश धर्मेश शर्मा ने कहा कि ITW के सभी सेशन जानकारीपरक रहे हैं और विशेषज्ञों के माध्यम से वाइल्डलाइफ से जुड़े कई तथ्य सामने आये हैं। देर रात तक चले कार्यक्रम के बाद आज सुबह सफारी के साथ तीन दिवसीय 5वें रणथमभौर इंटरनेशल टाइगर वीक कार्यक्रम का समापन हो गया.0
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गोविंदपुर-निरसा फ्लाईओवर पर सियासी जंग तेज, क्या होगा अगला कदम?
Dhanbad, Jharkhand:धनबाद में बन रहे गोविंदपुर-निरसा एलिवेटेड फ्लाईओवर को लेकर अब सियासी पारा चढ़ गया है। निरसा विधायक अरूप चटर्जी और धनबाद सांसद ढुल्लू महतो के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। विधायक ने जहां इस योजना को पास कराने में सांसद की भूमिका को सिरे से खारिज कर दिया है,वहीं सांसद ने विधायक पर गंभीर आरोप लगाते हुए पलटवार किया है। माले कार्यकर्ताओं में आक्रोश निरसा विधायक अरूप चटर्जी ने कहा कि गोविंदपुर-निरसा एलिवेटेड फ्लाईओवर का काम पिछले डेढ़ साल से चल रहा है,लेकिन क्षेत्र का विधायक होने के बावजूद न तो कॉन्ट्रेक्टर ने उनसे संपर्क किया और न ही स्थानीय लोगों को रोजगार दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस योजना को एक कोयला माफिया ने हाईजैक कर लिया है और काम में होने वाली सप्लाई अपने हिसाब से करवा रहा है। विधायक ने कहा कि मुख्य कॉन्ट्रैक्टर कहीं और बैठा है और उसने काम का सब कॉन्ट्रैक्ट किसी और को दिया, जिसके बाद स्थानीय स्तर पर काम कराया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके पीछे दबंगई और रंगदारी की मंशा है। अरूप चटर्जी ने कहा कि इस एलिवेटेड फ्लाईओवर के लिए उन्होंने डेढ़ साल तक नेशनल हाईवे का काम रोककर आंदोलन किया था। इसके बाद केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास के साथ बैठक हुई, जिसके बाद योजना को मंजूरी मिली। उन्होंने कहा कि योजना पास होने के बाद स्थानीय विधायक को सम्मान मिलना चाहिए, लेकिन बिना संपर्क किए और दबाव बनाकर काम करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विधायक ने साफ कहा कि सम्मान नहीं मिलने तक काम रोककर रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि इस योजना को पास कराने में धनबाद सांसद ढुल्लू महतो की कोई भूमिका नहीं है,क्योंकि लोकसभा चुनाव से पहले ही इसका टेंडर हो चुका था। बाइट- अरूप चटर्जी – विधायक, निरसा। भीओ ---वहीं अरूप चटर्जी के आरोपों पर धनबाद सांसद ढुल्लू महतो ने तीखा पलटवार किया। सांसद ने कहा कि विधायक खुद कह रहे हैं कि कॉन्ट्रेक्टर उनसे मिले, यानी उन्हें रंगदारी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा है तो विधायक को खुले मंच से कहना चाहिए कि उन्हें रंगदारी चाहिए। सांसद ने आरोप लगाया कि विधायक पैसा कमाने के लिए इस तरह का धंधा बना कर रखते हैं और उनका मकसद सिर्फ पैसा कमाना है। उन्होंने कहा कि अरूप चटर्जी ने कभी निरसा के विकास के बारे में नहीं सोचा और उनके पास काम रोकने की ताकत नहीं है। ढुल्लू महतो यही नही रुके उन्होंने विधायक पर व्यक्तिगत हमला करते हुए कहा-जब उसका बाप विधायक था, तब भी हम विधायक थे, उसे बता देना। सांसद ने आगे कहा कि अरूप चटर्जी अनुकम्पा और दया के आधार पर विधायक बने हैं, इसलिए उन्हें जमीन और जनता के दर्द की समझ नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि जो विधायक चाहते हैं, वह किसी भी कीमत पर नहीं होगा और एलिवेटेड फ्लाईओवर का काम नहीं रुकेगा। बाइट:- ढुल्लू महतो, सांसद, धनबाद। भीओ --- धनबाद सांसद के निरसा विधायक पर दिए बयान के बाद CPIML कार्यकर्ताओं में आक्रोश है सांसद पर टिप्पणी करते हुए कहा कि जब से सांसद बने हैं उनका बीपी बढ़ा हुआ है कभी जयराम महतो के पिता के ऊपर टिप्पणी करते हैं कबीर सिंह मेंशन पर टिप्पणी करते हैं तो कभी बेरमो विधायक के पिता के ऊपर टिप्पणी करते हैं अब निरसा विधायक के पिता पर टिप्पणी का विरोध किया कहा कहीं ना कहीं सांसद का बीपी बढ़ा हुआ है बाइट --- रामजी यादव , CPIML नेता फाइनल भीओ --- फिलहाल गोविंदपुर-निरसा एलिवेटेड फ्लाईओवर को लेकर शुरू हुआ विवाद अब विकास के मुद्दे से आगे बढ़कर सियासी प्रतिष्ठा की लड़ाई बनता दिख रहा है। दोनों नेताओं के आरोप-प्रत्यारोप के बीच देखना होगा कि फ्लाईओवर का काम किस दिशा में आगे बढ़ता है。0
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चिल्लूपार ब्राह्मण किले का 2027 चुनाव: क्या विरासत बरकरार रहेगी?
Gorakhpur, Uttar Pradesh:रिपोर्ट: नागेन्द्र मणि त्रिपाठी。 Date: 23-06-2026 स्थान: गोरखपुर。 स्लग: 40 साल से एक ही समीकरण!""क्या 2027 में टूटेगा चिल्लूपार का ब्राह्मण किला?"हरिशंकर तिवारी की विरासत बनाम नए सामाजिक समीकरण" एंकर: उत्तर प्रदेश की राजनीति में गोरखपुर जिले की चिल्लूपार विधानसभा सीट एक ऐसी सीट है जिसने पिछले चार दशकों से एक अनोखी राजनीतिक परंपरा को कायम रखा है। 1985 से लेकर 2022 तक यहां सिर्फ ब्राह्मण समुदाय के उम्मीदवार ही विधायक चुने जाते रहे हैं। पूर्वांचल की राजनीति के बड़े नाम रहे पंडित हरिशंकर तिवारी से शुरू हुआ यह सिलसिला आज भी जारी है। 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच एक बार फिर सवाल उठ रहा है कि क्या चिल्लूपार का यह राजनीतिक तिलिस्म टूटेगा या फिर ब्राह्मण वर्चस्व कायम रहेगा। देखिए हमारी विशेष रिपोर्ट। वीओ-: पूर्वांचल की राजनीति में चिल्लूपार का नाम आते ही सबसे पहले याद आते हैं पंडित हरिशंकर तिवारी। 1985 में निर्दलीय चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे हरिशंकर तिवारी ने इस सीट को अपनी राजनीतिक कर्मभूमि बनाया। उनके प्रभाव का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 1985 से 2002 तक लगातार छह चुनाव जीतकर उन्होंने इस क्षेत्र में मजबूत राजनीतिक पकड़ कायम रखी। बता दें कि चिल्लूपार विधानसभा में लगभग साढ़े चार लाख मतदाता हैं। राजनीतिक जानकारों के अनुसार यहां ब्राह्मण मतदाताओं की संख्या एक लाख से अधिक मानी जाती है। इसके अलावा निषाद, दलित, यादव, कुर्मी और अन्य पिछड़ा वर्ग के मतदाता भी बड़ी संख्या में हैं। लेकिन चुनावी रणनीति का केंद्र हमेशा ब्राह्मण नेतृत्व ही रहा है। - चिल्लूपार का जातीय समीकरण। ब्राह्मण – 1 लाख से अधिक निषाद, मछुआरा समुदाय – प्रभावशाली दलित मतदाता – निर्णायक ओबीसी वोट बैंक – बड़ा प्रभाव। 2022 के विधानसभा चुनाव में भी सभी प्रमुख दलों ने ब्राह्मण चेहरों पर दांव लगाया। भाजपा ने राजेश त्रिपाठी को मैदान में उतारा समाजवादी पार्टी ने विनय शंकर तिवारी पर भरोसा जताया जबकि बसपा ने भी ब्राह्मण उम्मीदवार को टिकट दिया। परिणामस्वरूप मुकाबला ब्राह्मण बनाम ब्राह्मण ही नजर आया। - 2022 विधानसभा चुनाव परिणाम。 राजेश त्रिपाठी (भाजपा) – 96,777 वोट – 42.49% विनय शंकर तिवारी (सपा) – 75,132 वोट – 32.98% राजेंद्र सेही (बसपा) – 45,729 वोट – 20.08% पूनम गुप्ता (आजाद समाज पार्टी) – 3,090 वोट नोटा – 1,953 वोट बाइट: राजेश त्रिपाठी, विधायक चिल्लूपार। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चिल्लूपार में सिर्फ जातीय गणित ही नहीं बल्कि राजनीतिक विरासत भी चुनावी परिणामों को प्रभावित करती है। हरिशंकर तिवारी परिवार का दशकों पुराना प्रभाव और ब्राह्मण समाज की एकजुटता इस सीट को प्रदेश की सबसे चर्चित ब्राह्मण बहुल सीटों में शामिल करती है। बाइट: विनय शंकर तिवारी,सपा नेता। हालांकि बदलते राजनीतिक माहौल में अब निषाद, पिछड़ा और दलित मतदाताओं की भूमिका भी लगातार बढ़ रही है। ऐसे में 2027 का चुनाव केवल परंपरागत समीकरणों का नहीं बल्कि नए सामाजिक गठजोड़ों की भी परीक्षा माना जा रहा है। यदि कोई दल गैर-ब्राह्मण उम्मीदवार को मजबूत सामाजिक समर्थन के साथ मैदान में उतारता है तो मुकाबला दिलचस्प हो सकता है। बाईट: टीपी शाही, वरिष्ठ पत्रकार。 1985 से अब तक के विधायक 1985 – हरिशंकर तिवारी (निर्दलीय) 1989 – हरिशंकर तिवारी (कांग्रेस) 1991 – हरिशंकर तिवारी (कांग्रेस) 1993 – हरिशंकर तिवारी (कांग्रेस) 1996 – हरिशंकर तिवारी (एआईआईसी-टी) 2002 – हरिशंकर तिवारी (एबीएलटीसी) 2007 – राजेश त्रिपाठी (बसपा) 2012 – राजेश त्रिपाठी (बसपा) 2017 – विनय शंकर तिवारी (बसपा) 2022 – राजेश त्रिपाठी (भाजपा) बाइट: स्थानीय मतदाता 1 स्थानीय मतदाता 2 स्थानीय मतदाता 3。 चिल्लूपार विधानसभा सीट का इतिहास बताता है कि यहां चुनाव सिर्फ राजनीतिक दलों के बीच नहीं, बल्कि सामाजिक समीकरण, राजनीतिक विरासत और स्थानीय प्रभाव के बीच भी लड़ा जाता है। 1985 से लेकर अब तक ब्राह्मण नेतृत्व कायम रहा है। अब 2027 में सबकी नजर इस बात पर होगी कि क्या चार दशक पुराना यह रिकॉर्ड बरकरार रहता है या फिर चिल्लूपार के मतदाता कोई नया राजनीतिक संदेश देते हैं。0
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मिल्कीपुर विधानसभा चुनाव: चंद्रभानु पासवान की जीत से भाजपा की वापसी संदेश
Ayodhya, Uttar Pradesh:मिल्कीपुर अयोध्या की वह विधानसभा सीट, जिसने उत्तर प्रदेश की राजनीति में nhiều बड़े नेताओं को पहचान दी और कई राजनीतिक समीकरण बदल दिए। यह सिर्फ एक विधानसभा सीट नहीं, बल्कि पूर्वांचल की सियासत का अहम केंद्र मानी जाती है। यहां का चुनावी इतिहास जितना दिलचस्प है, उतना ही संदेश देने वाला भी। वीओ: - आजादी के बाद इस सीट पर जनसंघ, कांग्रेस, सीपीआई, बसपा, भाजपा और समाजवादी पार्टी सभी को जनता ने मौका दिया। लेकिन 1967 से 1990 के बीच कम्युनिस्ट नेता मित्रसेन यादव का दबदबा सबसे ज्यादा रहा। उन्होंने चार बार जीत दर्ज की और बाद में समाजवादी राजनीति का हिस्सा बने। वर्ष 1998 में विधायक रहते हुए लोकसभा पहुंचने पर पहली बार मिल्कीपुर में उपचुनाव हुआ, जिसमें समाजवादी पार्टी के रामचंद्र यादव ने भाजपा के डॉ. बृजभूषण मणि त्रिपाठी को हराकर जीत दर्ज की। साल 2004 में आनंदसेन यादव के इस्तीफे के बाद हुए दूसरे उपचुनाव में भी रामचंद्र यादव ने जीत दर्ज की। यानी पहले दोनों उपचुनाव समाजवादी पार्टी के नाम रहे। 2012 में सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित होने के बाद सपा के वरिष्ठ नेता अवधेश प्रसाद ने यहां से राजनीतिक पारी शुरू की। 2017 में भाजपा ने बाबा गोरखनाथ के जरिए सेंध लगाई, लेकिन 2022 में अवधेश प्रसाद ने सीट दोबारा सपा की झोली में डाल दी। 2024 में अवधेश प्रसाद के फैजाबाद से सांसद बनने के बाद तीसरी बार उपचुनाव हुआ। फरवरी 2025 के उपचुनाव में भाजपा के चंद्रभानु पासवान ने जीत दर्ज कर इतिहास बदल दिया। यह जीत सिर्फ एक सीट की नहीं, बल्कि अयोध्या लोकसभा में मिली हार के बाद भाजपा की राजनीतिक वापसी का बड़ा संदेश भी मानी गई।अगर मिल्कीपुर के जातीय समीकरण पर नजर डालें तो यहां करीब 3 लाख 55 हजार मतदाता हैं। इनमें ओबीसी करीब 1 लाख 18 हजार, अनुसूचित जाति करीब 1 लाख, जनरल वर्ग करीब 1 लाख 5 हजार, मुस्लिम करीब 25 हजार और अन्य करीब 7 हजार मतदाता हैं। जनरल वर्ग में अकेले ब्राह्मण मतदाता लगभग 65 हजार हैं, जो किसी भी एक जाति का सबसे बड़ा वोट बैंक माने जाते हैं। यही वजह है कि मिल्कीपुर में ब्राह्मण वोट अक्सर निर्णायक भूमिका निभाता है। चुनावी विश्लेषकों का मानना है कि जब ब्राह्मण वोट किसी एक दल की ओर स्पष्ट रूप से एकजुट होता है, तो उसका असर पूरे चुनावी परिणाम पर दिखाई देता है। वहीं यादव, पासी, कोरी और अन्य पिछड़े वर्गों के वोटों का रुझान भी जीत-हार तय करने में अहम रहता है। यही कारण है कि मिल्कीपुर का चुनाव केवल उम्मीदवारों की लड़ाई नहीं होता, बल्कि जातीय और सामाजिक समीकरणों की सबसे बड़ी परीक्षा भी माना जाता है। इसलिए मिल्कीपुर का जनादेश सिर्फ एक विधायक नहीं चुनता, बल्कि प्रदेश की राजनीति का मूड भी बताता है।0
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