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SSSarvesh SharmaFollow16 Sept 2024, 12:15 pm
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नहर पाटने का लगाया आरोप, प्रदर्शन कर जताया रोष

Manoj KumarManoj KumarFollowJust now
Khandwari, Uttar Pradesh:नहर पाटने से नाराज ग्रामीणो ने किया प्रदर्शन चहनियां । क्षेत्र के सुरतापुर में कुछ लोगो द्वारा नहर पाटकर जमीन कब्जाने को लेकर ग्रामीणो ने प्रदर्शन किया । इस नहर से तीन गांवो की लगभग दो सौ एकड़ खेतीं प्रभावित तो होगी ही दूसरी तरफ खेत जलमग्न हो जायेगा । ग्रामीणो ने प्रदर्शन करते हुए चेतावनी दिया । सुरतापुर गांव में विगत कई वर्षों से नहर से सुरतापुर,हिनौता और परसिया के ग्रामीण खेतीं करते चले आ रहे है । तीन गांवो के किसान इसी नहर के भरोसे खेतीं करते है । गांव के कुछ लोग नहर को ही पाट दिये । प्रदर्शन करते हुए गांव के अर्पित मिश्रा,राजदेव यादव,दूध नाथ,अशोक यादव,सन्तोष यादव,बिनोद,नीरज,सुशील,रौनक,सचिन आदि ने बताया कि गांव में नहर के पास लेखपाल द्वारा मापी के बाद उन लोगो को उनके हिस्से की जमीन दे दी गयी है । उसके बाद भी नहर को पाटकर रोड पर आना चाहते है । अब बीज डालने का समय आ गया है । नहर विभाग यदि पानी छोड़ता है तो आगे के हिनौता और परसिया के किसान खेती कर नही पायेंगे और इधर लोगो का खेत जलमग्न हो जायेगा । समय रहते यदि अधिकारीयो ने समस्या का हल नही कराया तो ग्रामीण आंदोलन और चक्का जाम को बाध्य होंगे ।
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Noida, Uttar Pradesh:
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हाईकोर्ट ने नारायणपुर केस में डिफॉल्ट बेल खारिज, देरी के ठोस कारण नहीं माने

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की उस अपील को खारिज कर दिया है, जिसमें नारायणपुर के चर्चित नक्सल प्रकरण में आरोपियों को मिली डिफॉल्ट बेल को चुनौती दी गई थी। कोर्ट ने साफ कहा कि सिर्फ सरकारी प्रक्रियाओं और फाइलों के लंबित रहने का हवाला देकर देरी माफ नहीं की जा सकती। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रविंद्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ ने 182 दिन की देरी को अस्पष्ट और लापरवाहीपूर्ण मानते हुए अपील को समयसीमा से बाधित बताते हुए खारिज कर दिया।राज्य की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि विधि एवं विधायी कार्य विभाग से प्रस्ताव आने, शासन की मंजूरी मिलने, दस्तावेज जुटाने और फाइल प्रक्रिया पूरी होने में समय लगा। उन्होंने कहा कि शासन एक बहुस्तरीय व्यवस्था है, जहां विभागीय औपचारिकताओं के कारण विलंब हो गया।मामला नारायणपुर जिले के ओरछा थाना में दर्ज अपराध से जुड़ा है। इस केस में चंपा कर्मा, मांगी मंडावी, संकू मंडावी और लच्छू मंडावी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, आर्म्स एक्ट और गैरकानूनी गतिविधि (निवारण) अधिनियम (यूएपीए) की गंभीर धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था। विशेष न्यायाधीश, एनआईए एक्ट एवं अनुसूचित अपराध न्यायालय, नारायणपुर ने 11 सितंबर 2025 और 24 सितंबर 2025 को आरोपियों को डिफॉल्ट बेल दे दी थी। राज्य सरकार ने इसके खिलाफ अपील दाखिल की।खंडपीठ ने सुप्रीम कोर्ट के कई महत्वपूर्ण फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि कानून की समयसीमा सभी पर समान रूप से लागू होती है और सरकार को केवल फाइल प्रक्रिया या रेड टेप के आधार पर राहत नहीं दी जा सकती। कोर्ट ने पोस्टमास्टर जनरल बनाम लिविंग मीडिया इंडिया लिमिटेड और स्टेट ऑफ मध्यप्रदेश बनाम रामकुमार चौधरी मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि देरी माफी अपवाद है, अधिकार नहीं। यदि पर्याप्त और ठोस कारण नहीं बताए जाएं, तो देरी को स्वीकार नहीं किया जा सकता.
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महाराष्ट्र हादसे के बाद पानीपत में तरबूज किसानों को भारी नुकसान

Panipat, Haryana:महाराष्ट्र हादसे के बाद तरबूज से दूरी, पानीपत के किसानों पर टूटा संकट ऑर्गेनिक खेती करने वाले किसान बोले — “अब लागत भी नहीं निकल रही” पानीपत। गर्मी का मौसम आते ही लोगों की पहली पसंद बनने वाला तरबूज इस बार किसानों के लिए घाटे का सौदा बन गया है। महाराष्ट्र में कथित तौर पर तरबूज खाने से एक परिवार की मौत की खबर सामने आने के बाद लोगों के मन में डर बैठ गया है। इसका सीधा असर हरियाणा के पानीपत जिले के किसानों पर पड़ रहा है। मंडियों में तरबूज के खरीदार कम हो गए हैं और किसानों को अपनी फसल औने-पौने दामों में बेचनी पड़ रही है। पानीपत के गांव निंबरी के किसान पिछले करीब 10 वर्षों से ऑर्गेनिक तरीके से तरबूज की खेती कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि इस बार हालात इतने खराब हैं कि खेती की लागत तक निकलना मुश्किल हो गया है। मौके पर खास बात यह रही कि किसानों द्वारा उगाए गए तरबूज की फसल को मौके पर एक काटकर किसानों ने रसीले तरबूज को खाकर दिखाए यह सभी अलग-अलग रंग के तरबूज मीठे व रसीले थे जो कि साफ दिख रहा था कि इन तरबूज में किसी भी प्रकार की कोई मिलावट नहीं है लेकिन अफसोस तरबूज की बिक्री कम होने से किसान उदास नजर आ रहे हैं। किसान विक्की मलिक ने बताया कि उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से प्रेरणा लेकर प्राकृतिक और ऑर्गेनिक खेती शुरू की थी। बिना रासायनिक खाद और पेस्टिसाइड के जीवामृत के जरिए तैयार किया गया उनका तरबूज पहले 30 से 40 रुपये किलो तक बिकता था, लेकिन अब हालत यह है कि 5 से 6 रुपये किलो में भी खरीददार नहीं मिल रहे। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की घटना के बाद लोगों में डर पैदा हो गया है। दूसरी तरफ कुछ लोग फलों में रंग और केमिकल मिलाकर बेच रहे हैं, जिससे आम किसानों की मेहनत बदनाम हो रही है। उनका कहना है कि मिलावटखोरों के खिलाफ सरकार को बेहद सख्त कानून बनाना चाहिए ताकि ईमानदारी से खेती करने वाले किसानों को नुकसान न उठाना पड़े। वहीं किसान सत्यवान ने बताया कि वे भी पूरी तरह नेचुरल खेती करते हैं और किसी प्रकार की मिलावट नहीं करते। इसके बावजूद मंडियों में उनके तरबूज सस्ते बिक रहे हैं, जबकि केमिकल और रंग मिलाकर तैयार किए गए फल ज्यादा दामों में बिक जाते हैं क्योंकि उनका रंग ज्यादा आकर्षक दिखाई देता है। सत्यवान ने बताया कि तरबूज की खेती में भारी लागत आती है। केवल बीज पर ही 60 से 70 हजार रुपये तक खर्च हो जाते हैं, ऊपर से मजदूरी और मौसम की मार अलग है। बेमौसमी बारिश ने भी किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। उन्होंने कहा कि इस बार मुनाफा तो दूर, घर से पैसा लगाना पड़ रहा है। किसानों ने आम जनता से अपील की है कि वे सीधे किसानों से जुड़कर फल खरीदें और केवल अफवाहों के आधार पर पूरी खेती को गलत न समझें। किसानों का कहना है कि कुछ लोगों की मिलावट की वजह से ईमानदार और मेहनती किसानों की रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है। बाइट विक्की किसान बाइट सत्यवान किसान
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नीट रद्द के बाद सीकर में प्रदीप की आत्महत्या, परिजनों ने कार्रवाई की मांग

Sikar, Rajasthan:नीट परीक्षा रद्द होने के बाद एक विद्यार्थी द्वारा आत्महत्या किए जाने के मामले ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। झुन्झुनू गुढ़ा गौड़जी निवासी प्रदीप ने कल मानसिक तनाव के चलते सीकर में आत्महत्या कर ली थी। घटना के बाद आज दूसरे दिन भी परिजन, ग्रामीण और समाज के लोग सीकर एसके राजकीय अस्पताल की मोर्चरी के बाहर धरने पर बैठे हुए हैं। प्रदर्शनकारियों ने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने और मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। परिजनों का कहना है कि प्रदीप पिछले तीन साल से नीट परीक्षा की तैयारी कर रहा था और इस बार उसका पेपर भी अच्छा हुआ था। परिजनों का कहना है कि इस बार प्रदीप के 650 अंक की उम्मीद थी। लेकिन परीक्षा रद्द होने की खबर के बाद वह तनाव में था। परिवार के अनुसार वह भविष्य को लेकर काफी चिंतित था धरनें पर तत्कालीन उप जिला प्रमुख ताराचंद धायल सामाजिक कार्यकर्ता राजेश कुमार परिजनों के साथ धरने पर बैठे है। धरने पर बैठे लोगों ने प्रशासन से मामले की गंभीरता को देखते हुए संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करने की मांग की है। घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है। प्रदर्शनकारियों ने अधिकारियों पर असंवेदनशीलता का आरोप लगाया है उनका कहना है कि दो दिन गुजरने के बाद कोई जिम्मेदार अधिकारी ने वार्ता नहीं की है। जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलेगा और मुआवजा नहीं मिलेगा मृतक के शव का पोस्टमार्टम नहीं करवाएंगे। और बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
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अखनूर बाजार की हार्डवेयर दुकान में भीषण आग, लाखों के नुकसान की आशंका

Jammu, अखनूर बाजार में आज सुबह एक हार्डवेयर की दुकान और उससे जुड़े गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। देखते ही देखते आग की तेज लपटों ने दुकान और गोदाम को अपनी चपेट में ले लिया तथा आसमान में धुएं का घना गुबार फैल गया। आग की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और तुरंत दमकल विभाग को सूचित किया गया। दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया गया। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार आग से लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है और प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
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नीट पेपर लीक के मास्टरमाइंड PV कुलकर्णी से पूछताछ में बड़े खुलासे

Delhi, Delhi:नीट पेपर लीक मामले में गिरफ्तार मास्टरमाइंड लेक्चरर PV कुलकर्णी से पूछताछ में अहम खुलासे। मास्टमाइंड PV कुलकर्णी के दो सहयोगियों की तलाश तेज़。 सूत्रों के मुताबिक PV कुलकर्णी और मनीषा वाघमारे के साथ दो और लेक्चरर पेपर का लीक कराने में अहम रोल。 दो और लैक्चरर की तलाश में सीबीआई के पुणे और लातूर में चल रहे है छापे。 PV कुलकर्णी के साथ NEET एग्जाम कराने में NTA के साथ जुड़े थे ये दोनों लैक्चरर। पुणे इंस्टिट्यूट में सभी PV कुलकर्णी, मनीषा और कुलकर्णी के दो साथी लैक्चरर ने स्टूडेंट्स को अलग अलग सवाल और उनके करेक्ट जवाब नोटबुक में नोट करवाए थे。 अभी तक कि जांच में सामने आया है मनीषा का एक नया बैंक एनकाउंट खुलवाया गया था जिसमे स्टूडेंट्स से लाखों रुपए ट्रांसफर करवाए गए थे, इस एकाउंट को सीबीआई ने सीज किया है। फिलहाल कुलकर्णी के दो सहयोगियों की तलाश की जा रही है।
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संभल दंगे: जिला कोर्ट में आज आरोपियों की सुनवाई और सुरक्षा कड़ी

Sambhal, Uttar Pradesh:संभल दंगे के मामले की जिला कोर्ट में चल रही सुनवाई में आई तेजी. संभल हिंसा के दंगाईयों के खिलाफ चल रहे केस की आज जिला कोर्ट में सुनवाई. संभल दंगे के मास्टर माइंड शारिक साटा के गुर्गे जेल में बंद दंगाई मुल्ला अफरोज और गुलाम के मामले की आज होगी सुनवाई. संभल हिंसा के मामले में गवाह के तौर ASP अनुज चौधरी वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए अपने बयान दर्ज कराएंगे. जिला न्यायालय की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई. 24 नवंबर 2024 को विवादित जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुई हिंसा में 5 लोगो की मौत हुई थी 29 पुलिस कर्मी गंभीर घायल हुए थे. पुलिस ने संभल हिंसा के 2750 आरोपियों के खिलाफ 12 FIR दर्ज की थी. सपा सांसद जिया उर रहमान वर्क , विवादित जामा मस्जिद के सदर जफर अली भी संभल हिंसा के मामले आरोपी है. SIT ने संभल हिंसा के मामले में 50 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की है. जिला कोर्ट संभल हिंसा के आरोपियों के मामले में जल्दी ही सुना सकता है फैसला. जनपद न्यायालय चंदोसी का मामला.
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