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Kanpur Nagar208014

Kanpur Toll Plaza par mrt pashuon ki khalen milne par kholai ki jaankari: jaanch shuru

PPPraveen Pandey
Jan 22, 2026 04:17:07
Kanpur, Uttar Pradesh
कानपुर LOADER-Pulisi ne toll plaza par pashu khalon se bhara loader pakda -Loader se khoon-ganda pani tapakne par police ko hua shakk hua Aankar- Shivrajpur thana kshetra mein Nevada Toll Plaza ke paas ek loader ka tyre achanak phat gaya. Chalak aur parichalak jab sadak kinare tyre badal rahe the, tab loader se khoon aur ganda pani tapakne laga. Yeh dekhkar aas-paas ke logon ko usmein pratibandhit saamagri hone ka sansh sandesh mila aur unhone tatkaal police ko soochna di. Sooche milte hi police team mauke par pahunchi. Police ne loader ki jaanch ki aur chalak se poochtaach ki. Chalak ne bataya ki loader mein bhains ki khalen laid hain aur vah inhe Hardoi ke Gopaamau se Kanpur le ja raha tha. Hala ki, vah khalon se sambandhit koi bhi vaidha dastavaj ya license nahi de saka. Police loader aur chalak sahit ek anya vyakti ko thane le gayi. Maamle ki suchna par ADCp Kapil Dev Singh bhi mauke par pahunche aur ghatna sthal ka nirikshan kiya. Pooche taach mein chalak ne poochtaach mein bail aur bhains ki khalen hone ki jaankari di. Is dauraan mauke par pahunche Hindu sangh ke karyakartaon ne khalon ki sampling karane ki maang ki, jiske baad pashu chikitsak ko bulaya gaya. Jiske baad loader mein lati pashu khalon ki jaanch pashu chikitsadhikaar ke maadhyam se karai gayi. ADCP Kapildev Singh ne bataya ki vaahan mein kuch mrt jaanvaro ki khalen ladhi hui thi. Vaahan mein maujood do vyaktiyon se naam-pata puchte hain to unhone apna naam Mohammad Rehan putra Mallu, Rajababu putra Shabid, residente Gopaamau, Jila Hardoi bataya. Poochtechaah ke dauran dono vyaktiyon ne bataya ki unhen mrt pashuon ki khalen sangrah karne ka tha ka praapt hai tatha ve ukt khalen Kanpur ja rahe the. Jab unse sambandhit vaidha dastavej/anumati patr maanga gaya, to ve koi bhi vaidha kagajat prastut nahi kar sake. Mauke par pashu chikitsa adhikari ko bulakar aavashyak sampling karai gayi hai. Iske atirikta prakaran mein anya aavashyak vaidhaana kaaryaavahi praachlit hai. Baayt-kapildev Singh-ADCP
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VAVishnupriya Arora
Jan 22, 2026 05:37:19
Noida, Uttar Pradesh:
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KCKULDEEP CHAUHAN
Jan 22, 2026 05:37:10
Baghpat, Uttar Pradesh:बागपत शहर कोतवाली क्षेत्र के बाघु गांव में किसान नेता के खेत में बने बीटोड़े के अंदर अज्ञात महिला का जला हुआ शव मिला। शव लगभग 85 प्रतिशत तक जला हुआ है, जिससे पहचान नहीं हो पाई। प्रथम दृष्टया हत्या कर सबूत मिटाने के उद्देश्य से शव जलाने की संभावना व्यक्त की जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, फॉरेंसिक टीम बुलाई गई, मौके से साक्ष्य जुटाए गए। आसपास के खेतों और रास्तों की भी जांच की गई। पोस्टमार्टम के लिए शव भेज दिया गया है, रिपोर्ट आने पर मौत के कारण स्पष्ट हो सकेंगे। आसपास के गांवों में लापता महिलाओं की जानकारी भी जुटाई जा रही है। पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है।
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AKAshok Kumar1
Jan 22, 2026 05:36:55
Noida, Uttar Pradesh:New Delhi, 22nd January 2026 A special court of the National Investigation Agency (NIA) on Wednesday sentenced a key accused to 10 years of rigorous imprisonment (RI) in a Pakistan-linked case relating to recruitment and radicalisation of Muslim youth for the banned Laskar-e-Taiba terror organisation in West Bengal. Sayyad M. Idris of Uttara Kannada district of Karnataka has been convicted and sentenced concurrently under various sections of IPC and to UA(P) Act, with the maximum sentence of 10 years RI, as per the orders of the NIA special court at Kolkata. The accused has also been fined a sum of Rs. 70,000. NIA, which took over the case from the West Bengal police in April 2020, had arrested Idris, along with Altaf Ahmed Rather of J&K, during the course of its investigation. Investigations had revealed that the two men had conspired with one Tania Parveen to form an LeT module by recruiting local people. Tania was arrested earlier by STF, West Bengal Police, during a search at Baduria, North 24 Parganas in March 2020, on the basis of specific information. The STF team had seized various incriminating materials like Jihadi text books etc during the search operation. It was further found during investigation that the youth were being radicalised through social media to undertake Jihad against the Government of India. Subsequently, in September 2020 and May 2021, NIA had chargesheeted the three arrested accused and the two Pakistan-based absconders, identified as Ayesha Ayesha Burhan Ayesha Siddiqi Syed Ayesha and Bilal Bilal Durani. Red and Blue corner notices have respectively been issued against these two absconders, while trial is continuing against the two other arrested accused in the case RC-20/2020/NIA/DLI (LeT).
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AOAjay Ojha
Jan 22, 2026 05:36:28
Banswara, Rajasthan:जिला - बांसवाड़ा विधानसभा- बांसवाड़ा लोकेशन - बांसवाड़ा घटना: बांसवाड़ा कोतवाली थाना क्षेत्र के बारी सियातलाई गांव में बीड़ी की बात को लेकर दोस्तों में विवाद हो गया, जिसमें एक युवक ने दूसरे युवक की जांघ में बियर की बोतल मार दी और उसे घायल कर दिया। घायल युवक को एमजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। परिजनों ने बताया कि धर्मेंद्र निवासी भीमपुरा अपने दोस्तों के साथ गया था; शाम को इनके बीच विवाद हो गया और धर्मेंद्र को बीयर की बोतल मार दी। धर्मेंद्र का इलाज हॉस्पिटल में चल रहा है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है वीओ - घायल का इलाज बाइट - घायल की बहन बाइट - घायल का दोस्त
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STSumit Tharan
Jan 22, 2026 05:34:58
Jhajjar, Haryana:बहादुरगढ़ में जूता फैक्टरी में लगी भीषण आग। दो कर्मचारियों की जिंदा जलाने से मौत, एक गम्भीर रूप से घायल। घायल आरिफ को इलाज के लिए भेजा गया जेजे हॉस्पिटल। आरिफ हरदोई जिले के असमदा गांव का है रहने वाला। मरने वालों के नाम अब्दुल अतवारिस और अमीरुद्दीन उर्फ बड़े भैया बताए जा रहे। मृतकों के करीबी रिश्तेदार मोसिन खान ने बताया कि दोनों मृतक थे चचरे भाई। दोनों ही दो दिन पहले आये थे घर से वापस। दोनों उत्तरप्रदेश के हरदोई जिले के पाली कस्बे के थे रहने वाले। आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र में स्थित फैक्टरी संख्या 817 का मामला। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर भिजवाया नागरिक अस्पताल। फैक्टरी के अंदर ही सोते थे कर्मचारी। सुबह के समय करीब 5 बजे लगी थी आग। फायर बिग्रेड के आग बुझाने के बाद फैक्ट्री के अंदर पड़े मिले दो कर्मचारियों के शव। आग लगने के कारणों का फिलहाल नहीं चल सका है पता। फायर्ड ऑफिसर रविन्द्र कुमार ने बताया कि आग लगने की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग बुझने के बाद फैक्टरी के अंदर से दोनों कर्मचारियों के शव बरामद किए गए। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर नागरिक अस्पताल भिजवा दिया है। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और फैक्टरी प्रबंधन से भी पूछताछ की जा रही है।
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AAANOOP AWASTHI
Jan 22, 2026 05:33:09
Jagdalpur, Kumhar Para, Chhattisgarh:SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) अभियान में लापरवाही बरतने के मामले में जिला शिक्षा अधिकारी बलिराम बघेल ने एक सहायक शिक्षक को निलंबित कर दिया है, बकावंड विकासखंड के प्राथमिक शाला बड़ेपारा, छोटेदेवड़ा में पदस्थ सहायक विवेक राणा को SIR से जुड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी, सहायक शिक्षक विवेक राणा को मतदान केंद्र क्रमांक 198 के अंतर्गत नो-मैपिंग मतदाताओं को नोटिस तामील कराने का कार्य बकावंड तहसीलदार ने सौंपा था, लेकिन नोटिस प्राप्त करने के बाद भी उन्होंने संबंधित मतदाताओं तक इसे नहीं पहुँचाया, जिसके चलते SIR का काम प्रभावित हुआ, शासकीय कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही और उदासीनता मानते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम-3 के तहत निलंबन की कार्रवाई की।
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MMMohammad Muzammil
Jan 22, 2026 05:32:50
Dehradun, Uttarakhand:देहरादून के कालसी क्षेत्र में मौजूद ऐतिहासिक जगतग्राम अश्वमेध यज्ञ स्थल के आसपास खुदाई का काम शुरू कर दिया गया है... भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के द्वारा की जा रही ये खुदाई चौथी वेदिका की खोज के लिए की जा रही है... दरअसल इस जगह का इतिहास न केवल धार्मिक बल्कि पुरातात्विक दृष्टि से भी बहुत खास है... इतिहास बताता है कि 1700 -1800 साल पहले तीसरी शताब्दी में राजा शीलवर्मन ने यहां चार अश्वमेघ यज्ञ किए थे... यहाँ यज्ञ के दौरान वेदिकाओं में घोडो की आहुति दी जाती تھی...इसी वजह से इस जगह को अश्वमेध यज्ञ स्थल कहा गया... वर्ष 1952-1954 में भी यहां खुदाई की गई थी...उस दौरान तीन वैदिक यज्ञ स्थलों के प्रमाण भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग को मिले थे...जिनमें ईंटों और शिलालेखों पर ब्राह्मी लिपि में लिखे संदेश मिले थे... क्योंकि राजा ने चार यज्ञ किए थे...इसलिए अब चौथे वेदिक की तलाश की जा रही है... इस संरक्षित राष्ट्रीय स्मारक अश्वमेध यज्ञ स्थल में 73 वर्ष बाद अब दुबारा खुदाई का कार्य शुरू किया गया...जिसमें कई महत्वपूर्ण अवशेष सामने आ रहे हैं...खुदाई का मकसद प्राचीन वैदिक परंपराओं और सभ्यता के प्रमाणों को संरक्षित करना है। जानकारी के अनुसार, खुदाई के दौरान मिट्टी के बर्तनों के टुकड़े, ईंटों के अवशेष तथा अन्य पुरातात्विक सामग्री खुदाई में मिली है। इन अवशेषों को परीक्षण के लिए ऑफिशियल लैब भेजा जाएगा, जिससे इनकी काल-सीमा और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि का पता लगाया जा सके। भारतीय पुरातत्व विभाग उत्तराखंड के अधीक्षक पुरातत्वविद् के अनुसार, अश्वमेध यज्ञ स्थल का सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व बहुत है। यहां पहले भी तीन वैदिक यज्ञ स्थलों के प्रमाण मिल चुके हैं। अब चौथे वैदिक स्थल के खोज के लिए खुदाई का काम कुछ और दिनों तक जारी रहेगा। पुरातत्व विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अभी विभाग की टीम को कुछ खास हासिल नहीं हुआ है लेकिन खुदाई का काम पूरा होने पर सफलता की उम्मीद है...बाइट :— विपुल मिश्रा (ऑर्कियोलॉजिस्ट / भारतीय पुरातत्व विभाग )
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SLSanjay Lohani
Jan 22, 2026 05:32:20
Satna, Madhya Pradesh:सतना। शहर के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत खूंथी इलाके में पारिवारिक संपत्ति विवाद के चलते बुधवार की शाम हिंसक झड़प हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि एक ही परिवार के लोगों के बीच जमकर लाठी-डंडे चले, जिसमें एक महिला सहित पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना खूंथी इलाके की है। घायल व्यक्तियों में मोहम्मद सिद्दीकी उनके बेटे मोहम्मद तौफीक एवं मुस्तफीक अहमद, बेटी सिद्धिका बानो तथा दामाद मोहम्मद इकबाल शामिल हैं। सभी पीडि़त खूंथी गली नंबर-1 के निवासी हैं। पीड़ित पक्ष ने बताया कि पारिवारिक संपत्ति को लेकर लंबे समय से विवाद चला आ रहा है। आरोप है कि उनके बड़े पिता के परिवार के सदस्य गुलाब, उनके बेटे अमन और बाबू निवासी राजेंद्र नगर गली नंबर-16 अक्सर घर आकर गाली-गलौज कर धमकी देते थे। बुधवार को भी इसी बात को लेकर विवाद हुआ। पीड़िती के अनुसार, जब वे मामले को सुलझाने के उद्देश्य से आरोपियों के घर पहुंचे, तो वहां पहले से मौजूद गुलाब और उनके दोनों बेटों ने लाठी-डंडों से उन पर हमला कर दिया। हमले में महिला समेत पांच लोग घायल हो गए। किसी तरह जान बचाकर जब पीड़ित अपने घर पहुंचे, तो आरोपियों ने पीछा करते हुए पथराव किया, जिससे घर और वाहन के शीशे टूट गए और इलाके में दहशत का माहौल बन गया। यह पूरी घटना घर में लगे सीसीटीवी कैमरों में भी कैद हुई है। घटना की शिकायत सिटी कोतवाली पुलिस से की गई। पुलिस ने घायलों का मेडिकल परीक्षण कराया और मामले की जांच शुरू कर दी है।
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SDShankar Dan
Jan 22, 2026 05:31:49
Jaisalmer, Rajasthan:जिला जैसलमेर विधानसभा -जैसलमेर लोकेशन - जैसलमेर तनोट से 725 किलोमीटर की ओरण पदयात्रा शुरू, पैदल जयपुर पहुंचेंगे पर्यावरणप्रेमी जैसलमेर ओरण भूमि को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करवाने की मांग को लेकर जैसलमेर के तनोटराय मंदिर से जयपुर तक 725 किलोमीटर लंबी पदयात्रা शुरू हुई। यात्रा की शुरुआत मातेश्वरी तनोटराय मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना के साथ की गई。 टीम ओरण के सुमेर सिंह सांवता ने बताया कि पिछली बार जिला प्रशासन ने ओरणों को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करने के लिए तीन माह का समय मांगा था, जिसकी अवधि 19 जनवरी को पूरी हो चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इससे जैसलमेर सहित पूरे पश्चिमी राजस्थान में भारी आक्रोश व्याप्त है। इसी कारण इस बार जनता ने जयपुर पहुंचकर अपनी मांग को मजबूती से रखने का निर्णय लिया है。 उन्होंने बताया कि सुदूर सीमा क्षेत्र स्थित मातेश्वरी तनोटराय से आशीर्वाद लेकर सैकड़ों लोग इस पदयात्रा में शामिल हुए हैं। यह यात्रा लगभग 30 दिनों में जयपुर पहुंचेगी। मार्ग में आने वाले विभिन्न नगरों में बड़ी ओरण सभाओं का आयोजन किया जाएगा और जयपुर पहुंचते-पहुंचते हजारों लोग इस आंदोलन से जुड़ेंगे। जयपुर पहुंचकर सरकार के समक्ष सशक्त विरोध दर्ज कराया जाएगा。 पर्यावरणप्रेमी भोपाल सिंह झलोड़ा ने बताया कि अकेले जैसलमेर जिले की करीब 100 ओरणों सहित पूरे राजस्थान में लगभग 25 हजार ओरणें मौजूद हैं, जिनकी लाखों हेक्टेयर भूमि में से बहुत कम हिस्सा ही राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज है। अधिकांश ओरणें ‘मुंह बोली’ हैं, जिन्हें दर्ज करने की लंबे समय से मांग की जा रही है। भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII) की वर्ष 2020 की रिपोर्टों में भी इन क्षेत्रों में हो रहे नुकसान का उल्लेख है, इसके बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई。 उन्होंने आरोप लगाया कि मुंह बोली ओरणों में स्थानीय लोगों के परंपरागत अधिकारों को नजरअंदाज कर सरकार द्वारा अंधाधुंध कंपनियों को भूमि आवंटित की जा रही है, जिससे पर्यावरण संतुलन बिगड़ रहा है। इससे पशुपालकों की आजीविका संकट में है, पश्चिमी राजस्थान के जल स्रोतों और आस्था स्थलों को नुकसान पहुंच रहा है तथा खड़ीन खेती के आगौरों पर कब्जों के कारण किसानों का रोजगार छिन रहा है。 पदयात्रा में शामिल लोगों ने कहा कि ओरणों को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करने की मांग वर्षों से की जा रही है, लेकिन हर बार केवल आश्वासन देकर इस गंभीर मुद्दे को टाल दिया जाता है。
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SDShankar Dan
Jan 22, 2026 05:31:10
Jaisalmer, Rajasthan:विश्वविख्यात मरु महोत्सव-2026 में मरु संस्कृति के संरक्षण, संवर्धन एवं स्थानीय लोक कलाकारों को प्राथमिकता देने की मांग को लेकर विश्व हिन्दू परिषद द्वारा जिला कलक्टर प्रताप सिंह को ज्ञापन सौंपा गया। स्वर्णनगरी जैसलमेर में आगामी दिनों में आहूत होने जा रहे विश्वविख्यात मरु महोत्सव-2026 में मरु संस्कृति के संरक्षण, संवर्धन एवं स्थानीय लोक कलाकारों को प्राथमिकता देने की मांग को लेकर विश्व हिन्दू परिषद द्वारा जिला कलक्टर प्रताप सिंह को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में विहिप ने बताया कि मरु महोत्सव दशकों से जैसलमेर की लोक कला, लोक संस्कृति, परंपराओं एवं विरासत के संरक्षण हेतु आयोजित होता आ रहा है और इसी उद्देश्य से देश-विदेश से लाखों पर्यटक यहां पहुंचते हैं। परिषद ने कहा कि वर्ष 2026 में मरु महोत्सव का आयोजन 29 जनवरी से 1 फरवरी तक प्रस्तावित है, जिसमें रात्रिकालीन सांस्कृतिक संध्याओं में स्थानीय लोक कलाकारों को मंच दिया जाना ही महोत्सव का मूल उद्देश्य होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले कुछ वर्षों से मरु महोत्सव में भारी धनराशि खर्च कर बाहरी फिल्मी, सूफी एवं पंजाबी कलाकारों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिनका मरु संस्कृति से कोई सीधा संबंध नहीं है। इससे न केवल महोत्सव की मूल भावना प्रभावित हो रही है, बल्कि स्थानीय कालबेलिया नर्त76ाांगनाओं, भजन मंडलियों, पारंपरिक गायकों एवं लोक कलाकारों के साथ अन्याय हो रहा है। बाहरी कलाकारों पर अनावश्यक खर्च के कारण स्थानीय प्रतिभाओं को समुचित मंच नहीं मिल पा रहा, जिससे मरु महोत्सव के प्रति स्थानीय जनता एवं पर्यटकों का आकर्षण भी कम होता जा रहा है। यदि स्थानीय कलाकारों को प्राथमिकता दी जाए तो लोक कला को संजीवनी मिलेगी और महोत्सव की गरिमा पुनः स्थापित होगी। विहिप ने गत वर्ष महोत्सव में कार्यक्रमों को धार्मिक रंग देने के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास मरु महोत्सव की सांस्कृतिक पहचान के विपरीत हैं और इसका स्थानीय स्तर पर विरोध भी हुआ था। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि मरु महोत्सव-2026 में केवल स्थानीय लोक कलाकारों एवं मरु संस्कृति को ही प्राथमिकता दी जाए, बाहरी कलाकारों को आमंत्रित न किया जाए तथा महोत्सव को किसी भी प्रकार का धार्मिक या मजहबी स्वरूप देने से रोका जाए। विहिप ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर विचार नहीं किया गया तो संगठन लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण आंदोलन करेगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
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