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Kanpur Dehat209203

Rura: कोहरा और ठंड से ट्रेनों की रफ्तार धीमी, यात्री परेशान

Jan 09, 2025 05:38:36
Kanpur, Uttar Pradesh

गुरुवार को घने कोहरे और कड़ाके की ठंड के चलते रुरा रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों की रफ्तार धीमी पड़ गई। एक दर्जन से अधिक ट्रेनें घंटों लेट रहीं। ट्रेनों की देरी से स्टेशन पर इंतजार कर रहे सैकड़ों यात्री ठंड में ठिठुरते हुए परेशान नजर आए। यात्रियों ने असुविधा के चलते रेलवे प्रशासन से बेहतर व्यवस्था की मांग की।

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DTDinesh Tiwari
Mar 22, 2026 07:01:04
Jaipur, Rajasthan:जयपुर प्रदेश में संचालित महात्मा गांधी राजकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में शिक्षा सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया जारी है। शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार अभिभावक और विद्यार्थी 23 मार्च यानि कल तक आवेदन कर सकते हैं। इस बार भी इन स्कूलों में प्रवेश को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है और बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हो रहे हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि एंट्री क्लास में सभी प्रवेश नए विद्यार्थियों के लिए होंगे, जबकि अन्य कक्षाओं में पहले से अध्ययनरत विद्यार्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी। उनके बाद बची हुई सीटों पर नए आवेदकों को मौका दिया जाएगा। यदि किसी कक्षा में रिक्त सीटों से अधिक आवेदन प्राप्त होते हैं तो पात्र अभ्यर्थियों का चयन लॉटरी प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा। महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में हर वर्ष प्रवेश के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ती जा रही है। सीमित सीटों के कारण कई विद्यार्थियों को प्रवेश से वंचित भी रहना पड़ता है। इसके बावजूद इन स्कूलों की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है, जबकि अधिकांश स्कूल अभी भी पुराने भवनों में संचालित हो रहे हैं और नए भवनों का निर्माण लंबित है। आरटीई प्रावधानों के तहत कक्षावार सीटें निर्धारित की गई हैं। कक्षा 1 से 5 तक प्रति सेक्शन 30, कक्षा 6 से 8 तक 35 तथा कक्षा 9 से 12 तक 60 विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाएगा। इसके अलावा 50 लाख रुपए या उससे अधिक का दान देने वाले भामाशाह प्रत्येक कक्षा में दो से लेकर अधिकतम दस विद्यार्थियों के प्रवेश की अनुशंसा कर सकते हैं, जो निर्धारित सीटों से अतिरिक्त होगा।
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PKPushpender Kumar
Mar 22, 2026 06:49:04
Noida, Uttar Pradesh:कटड़ा: माता वैष्णो देवी यात्रा के लिए पंजीकरण दोबारा खुलने के बाद श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। जैसे ही यात्रा पंजीकरण बहाल हुआ, बड़ी संख्या में श्रद्धालु पवित्र भवन की ओर रवाना हो गए और जय माता दी के जयकारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। बताया जा रहा है कि बीते दिन शाम करीब 4 बजे से यात्रा पंजीकरण अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया था, जिसके चलते बाहर से आए कई श्रद्धालुओं को कटड़ा में ही रुककर इंतजार करना पड़ा। इस दौरान श्रद्धालुओं ने होटल, धर्मशालाओं और अन्य ठहरने के स्थानों पर विश्राम किया। पंजीकरण दोबारा शुरू होते ही श्रद्धालुओं ने बिना समय गंवाए यात्रा शुरू कर दी। छुट्टियों का सीजन होने के कारण भी दर्शन के लिए आने वाले भक्तों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। कटड़ा से लेकर भवन मार्ग तक यात्रियों की अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिल रही है। प्रशासन और श्री माता वैष्णो देवी श्र Shrine Board द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। यात्रा मार्ग पर सुरक्षा बल तैनात हैं और स्वास्थ्य सुविधाएं भी मुहैया कराई गई हैं, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित और सुगम तरीके से माता के दर्शन कर सकें। स्थानीय व्यापारियों के अनुसार, श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या से कारोबार में भी रौनक लौट आई है, जिससे कटड़ा की अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिल रहा है। श्री माता वैष्णो देवी मंदिर में भारी भीड़ के बीच यात्रा पंजीकरण सुबह 4 बजे फिर शुरू कटरा, 22 मार्च: श्री माता वैष्णो देवी मंदिर की यात्रा के लिए पंजीकरण आज सुबह 4 बजे दोबारा शुरू कर दिया गया। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के चलते इसे बीती शाम निर्धारित समय रात 10 बजे से करीब चार घंटे पहले ही अस्थायी रूप से रोक दिया गया था। हालांकि पंजीकरण बंद होने के बावजूद यात्रा लगातार सुचारू रूप से जारी रही। इस दौरान चैत्र नवरात्रि के चलते बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता के दरबार में दर्शन के लिए पहुंचे। अधिकारियों के अनुसार, नवरात्रि शुरू होने के बाद से अब तक लगभग एक लाख श्रद्धालु पवित्र गुफा में माता के दर्शन कर चुके हैं, जो इस पावन अवसर पर श्रद्धा और आस्था की गहराई को दर्शाता है। प्रशासन द्वारा भीड़ प्रबंधन के साथ-साथ यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
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RKRampravesh Kumar
Mar 22, 2026 06:48:30
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CSChandrashekhar Solanki
Mar 22, 2026 06:47:11
Ratlam, Madhya Pradesh:रतलाम में अक्सर मंडियों की अव्यवस्था को लेकर किसानों का विरोध देखने को मिलता है, लेकिन इस बार तस्वीर बिल्कुल अलग है। यहाँ किसान प्रशासन के फैसले से खुश नजर आ रहे हैं और कलेक्टर मिशा सिंह का धन्यवाद कर रहे हैं। इसकी बड़ी वजह यह है कि प्रशासन ने किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रविवार को भी मंडी चालू रखने का निर्णय लिया है。 दरअसल, आने वाले दिनों में नवरात्र, राम नवमी और बैंक क्लोजिंग के चलते मंडियां लगातार बंद रहने वाली थीं। ऐसे में किसानों को अपनी उपज बेचने में परेशानी न हो, इसके लिए प्रशासन ने छुट्टियों के दौरान भी दो दिन मंडी संचालित करने का फैसला लिया। साथ ही भुगतान की व्यवस्था आरटीजीएस के माध्यम से की जा रही है。 रविवार को भी बड़ी संख्या में किसान अपनी उपज लेकर मंडी पहुंच रहे हैं। इस फैसले से किसानों में संतोष और खुशी का माहौल है।
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RVRaunak Vyas
Mar 22, 2026 06:46:50
Bikaner, Rajasthan:नवरात्रि में देशनोक करणी माता मंदिर में उमड़ी भीड़, हजारों चूहों के बीच श्रद्धालुओं की आस्था, चूहों को माना जाता है माँ के “काबा” यानी पुत्र, सफेद चूहें के दर्शन को माना जाता है शुभ संकेत, सैकड़ों साल पुराने मंदिर में कभी नहीं फैली महामारी, देश-विदेश से श्रद्धालु पहुँच रहे दर्शन के लिए Intro - नवरात्रि के पावन अवसर पर पूरे देश में माँ दुर्गा के मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है लेकिन राजस्थान के बीकानेर में एक ऐसा मंदिर है जो अपनी अनोखी परंपरा के लिए पूरे विश्व में प्रसिद्ध है यहाँ माता के साथ-साथ चूहों की भी पूजा होती है जी हाँ, हम बात कर रहे हैं देशनोक स्थित करणी माता मंदिर की , जिसे “चूहों वाली माता” के नाम से जाना जाता है जहाँ एक-दो नहीं बल्कि हजारों चूहे मंदिर परिसर में खुलेआम घूमते नजर आते हैं और इन्हीं चूहों के दर्शन को शुभ माना जाता है विश्व प्रसिद्ध करणी माता मंदिर बीकानेर से करीब 35 किलोमीटर दूर देशनोक में स्थित है यह मंदिर नवरात्रि के दौरान खास आस्था का केंद्र बन जाता है यहाँ भक्त माता के साथ-साथ चूहों की भी पूजा करते हैं मान्यता है कि यहाँ आने वाला कोई भी श्रद्धालु खाली हाथ नहीं लौटता माँ अपने भक्तों की हर मनोकामना पूरी करती हैं यह दुनिया का एकमात्र ऐसा मंदिर है जहाँ चूहों को “काबा” यानी माँ करणी के पुत्र माना जाता है संगमरमर से बना यह भव्य मंदिर अपनी अद्भुत बनावट और आस्था के लिए जाना जाता है यहाँ हजारों की संख्या में चूहे मंदिर परिसर में रहते हैं भक्त इन चूहों को दूध और प्रसाद खिलाते हैं माना जाता है कि ऐसा करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं (इतिहास और मान्यता):- करीब 600 साल पुराने इस मंदिर का इतिहास बेहद रोचक है लोक मान्यता के अनुसार माँ करणी ने यमराज से अपने परिवार के एक बालक को वापस माँगा था जब ऐसा संभव नहीं हुआ तो माँ ने आशीर्वाद दिया कि चारण समाज के लोग मृत्यु के बाद काबा यानी चूहा बनेंगे और फिर पुनः मानव जन्म लेंगे यही कारण है कि यहाँ चूहों को पूजनीय माना जाता है (सफेद चूहे का महत्व):- मंदिर में हजारों चूहों के बीच अगर किसी भक्त को सफेद चूहा दिखाई दे जाए तो इसे बेहद शुभ माना जाता है कहा जाता है कि सफेद चूहे के दर्शन से मनोकामना अवश्य पूरी होती है यही वजह है कि कई श्रद्धालु घंटों तक सिर्फ सफेद चूहों के दर्शन के इंतजार में खड़े रहते हैं (रहस्य और खासियत):- सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि हजारों चूहों के बावजूद इस मंदिर में कभी प्लेग जैसी कोई महामारी नहीं फैली न ही यहाँ किसी तरह की बदबू महसूस होती है यह अपने आप में एक रहस्य बना हुआ है वैज्ञानिक भी इस बात को लेकर हैरान हैं कि इतने चूहे एक सीमित परिसर में रहते हुए भी बीमारी नहीं फैलाते… (पर्यटन और आस्था):- नवरात्रि के दौरान यहाँ श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ता है देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी पर्यटक इस अनोखे मंदिर को देखने आते हैं मंदिर में प्रवेश करते समय श्रद्धालुओं को सावधानी बरतनी पड़ती है क्योंकि यहाँ पैरों को घसीटकर चलना होता है ताकि कोई चूहा उनके नीचे न आ जाए आस्था, परंपरा और रहस्य का अनोखा संगम है बीकानेर का यह करणी माता मंदिर जहाँ माँ के दरबार में चूहों के साथ पूजा होती है और जहाँ हजारों चूहों के बीच भी बीमारी नहीं बल्कि विश्वास पनपता है नवरात्रि के इस पावन पर्व पर यह मंदिर एक अलग ही आस्था का संदेश देता है
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MDMahendra Dubey
Mar 22, 2026 06:46:39
Sagar, Madhya Pradesh:माथे पर सनातनी तिलक हाथों में त्रिशूल लेकर किन्नरों ने एसपी आफिस में लगाए धार्मिक नारे, लगाया बड़ा आरोप किन्नरों का हो रहा है धर्मांतरण.. एंकर/ एमपी के सागर में एक बार फिर किन्नरों के।धर्मांतरण का मामला तूल पकड़ रहा है, और सनातन धर्म को मानने वाले किन्नरों के एक बड़े समूह में एसपी को शिकायत देकर किन्नरों के धर्मांतरण को रोकने की मांग की है। भोपाल सहित और आसपास के कई जिलों के किन्नरों ने एक साथ होकर सागर एसपी को ज्ञापन दिया है। दरअसल सागर में किन्नरों के धर्मांतरण के आरोप का ये पहला मौका नहीं है बल्कि बीते महीने इस बात को लेकर बड़ा बबाल हुआ था। मौजूदा समय में सागर के किन्नरों के मुखिया किरण बुआ जिनका पुराना नाम कलीम खान है उन पर रानी ठाकुर नाम के एक किन्नर ने गंभीर आरोप लगाए थे और कहा था कि सागर में किन्नरों का जबरन धर्म परिवर्तन करा कर उन्हें।मुस्लिम बनाया जा रहा है, इस मामले में सागर के हिंदू संगठन भी इन किन्नरों के साथ सड़क पर आए थे। काफी बबाल के बाद मामला शिकवा शिकायत के बाद शांत हो गया था लेकिन एक बार फिर इसी मुद्दे को लेकर हिंदू धर्म को मानने वाले सनातनी किन्नरों ने मोर्चा खोला है। प्रदेश के अलग अलग हिस्सों से सागर आए सनातनी किन्नरों ने धर्म परिवर्तन रोकने और सनातनी किन्नरों को सुरक्षा देने की मांग के साथ इस काम को अंजाम देने वाली किरण बुआ पर कानूनी कार्यवाही की मांग भी की है। किन्नरों के धर्मांतरण का मामला सागर पुलिस और प्रशासन के अलावा मानव अधिकार आयोग तक पहुंचा था और अब जब लम्बा वक्त बीत जाने के बाद भी कुछ नहीं हुआ तो किन्नरों ने पुलिस और आयोग पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। किन्नरों की माने तो शिकायत के बाद भी कोई कार्यवाही इसलिए नहीं हुई कि पुलिस और आयोग को पैसे दिए गए है और ये रकम थोड़ी बहुत नहीं बल्कि लाखों में है, इस रिश्वत का गवाह किन्नर भी पुलिस अधिकारियों के अलावा कैमरे के सामने आया है। वहीं किन्नरों के नए आवेदन को लेकर एडिशनल एसपी लोकेश सिन्हा का कहना है कि आवेदन की जांच की जा रही है और जांच के बाद कार्यवाही की जायेगी। बाइट/प्रदर्शन कारी किन्नर सागर बाइट/ लोकेश सिन्हा ( एडिशनल एसपी सागर)
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