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Mohd TasleemMohd TasleemFollow4 Feb 2025, 06:05 pm
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अमेठी: प्रेमिका से मिलने आए युवक परिजनों ने लाठी-डंडों से कसा पिटाई, वीडियो वायरल

Amethi, Uttar Pradesh:प्रेमिका से मिलने पहुंचे युवक को पीटा, वीडियो वायरल प्रेमिका ने युवक के बचाव का किया प्रयास पुलिस ने कहा वीडियो की कराई जा रही है जांच अमेठी मे प्रेमिका से मिलने पहुंचे युवक को परिजनों ने पकड़ लिया और लाठी-डंडों से पिटाई कर दी। इस दौरान प्रेमिका प्रेमी को बचाने की कोशिश करती रही। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।पुलिस ने कहा कि वीडियो की जांच कराई जा रही है। दरअसल ये पूरा मामला संग्रामपुर थाना क्षेत्र का है जहाँ एक गांव का रहने वाला युवक मंगलवार को प्रेमिका से मिलने उसके घर पहुंचा। इस बीच युवती के परिजन घर आ गए और युवक को पकड़ लिया। युवक माफी मांगते हुए मदद की गुहार लगाता रहा, लेकिन उसकी मदद के लिए कोई सामने नहीं आया। युवती प्रेमी को परिजनों की पिटाई से बचाने की कोशिश करती रही। वीडियो वायरल होने के बाद लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। एसओ संजय सिंह ने बताया कि वीडियो की जांच कराई जाएगी। वीडियो कब का और कहां का है, इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
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जायदाद की हवस में बहन की हत्या: सगे भाइयों ने मौत दे दी

Amauli Thakuran, Uttar Pradesh:कानपुर देहात के मूसानगर थाना क्षेत्र के मुर्तजा नगर मोहल्ले से एक ऐसी ख़ौफ़नाक और रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने इंसानियत, रिश्तों और भाई-बहन के पवित्र बंधन को तार-तार कर दिया है—जहां जायदाद की हवस, मकान के लालच और आपसी रंजिश ने इस कदर खून की शक्ल अख्तियार कर ली कि सगे भाइयों ने अपनी ही बहन को मौत की नींद सुला दिया, बताया जा रहा है कि मृतका रेशमा को उसके पिता द्वारा दिया गया मकान ही उसकी जान का दुश्मन बन गया, जिसको लेकर लंबे समय से भाइयों के साथ तनातनी, झगड़ा और अदावत चल रही थी, और यही अदावत आखिरकार क़त्ल में तब्दील हो गई—दिल दहला देने वाली इस वारदात में लोहे की रॉड से ऐसा बेरहम हमला किया गया कि बहन का जिस्म खून से सराबोर हो गया और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया, खून से लथपथ शव जब कमरे में पड़ा मिला तो इलाके में सनसनी, खौफ और अफरा-तफरी मच गई—सूत्रों की मानें तो मृतका पहले भी अपनी जान को खतरा बता चुकी थी और भाइयों पर गंभीर आरोप लगा चुकी थी, लेकिन उसकी फरियाद और डर को नजरअंदाज कर दिया गया, जो आज उसकी मौत की वजह बन गया—वारदात के बाद पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है, हर कोई इस बेरहम क़त्ल को लेकर सिहर उठा है और लोग इस बात से सहमे हुए हैं कि आखिर जायदाद की हवस इंसान को कितना दरिंदा बना सकती है—मौके पर पहुंची पुलिस, सीओ और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से अहम साक्ष्य जुटाए हैं, शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और अब इस सनसनीखेज क़त्ल की हर कड़ी को जोड़कर सच तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है, पुलिस अधिकारियों ने का गठन कर दिया है और आरोपियों की गिरफ्तार कर जल्द खुलासा करने का दम भर रही है,,लेकिन सबसे बड़ा सवाल अब भी यही खड़ा है कि आखिर कब तक जायदाद और लालच की आग में रिश्ते यूं ही जलते रहेंगे और कब तक अपने ही अपनों के खून के प्यासे बनते रहेंगे।
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जयपुर के डॉ. जितेंद्र कुमार सोनी को साहित्य अकादेमी पुरस्कार

Jaipur, Rajasthan:जयपुर।कलेक्टर डॉ. जितेंद्र कुमार सोनी को मिला साहित्य अकादेमी पुरस्कार।राजस्थानी भाषा के कहानी संग्रह भरखमा के लिए सम्मान।देश का सबसे बड़ा साहित्यिक सम्मान माना जाता है पुरस्कार।साहित्य अकादेमी द्वारा हर वर्ष 24 भाषाओं में दिया जाता है पुरस्कार।दिल्ली के रवींद्र भवन के कमानी सभागार में आयोजित हुआ समारोह।अकादेमी अध्यक्ष माधव कौशिक ने प्रदान किया सम्मान।पुरस्कार में एक लाख रुपए का चेक, स्मृति चिह्न और शॉल।मुख्य अतिथि रहे वरिष्ठ साहित्यकार विश्वनाथ प्रसाद तिवारी।अकादेमी सचिव पल्लवी प्रशांत होळकर ने किया स्वागत।समापन संबोधन दिया उपाध्यक्ष कुमुद शर्मा ने।डॉ. सोनी को सम्मान मिलने पर राजस्थानी साहित्य जगत में खुशी की लहर।
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आगर मालवा में PACL बंधक से किसान परेशान, लाखों की जमीन बेचने में दिक्कत

Agar, Madhya Pradesh:आगर मालवा जिले के ग्राम बरखेड़ा में PACL बंधक से परेशान किसान, लाखों की जमीन होने के बावजूद नहीं बेच पा रहे खेत. किसानों का आरोप है कि बिना किसी जानकारी और अनुमति के उनकी जमीन के खसरों में कंपनी का बंधक दर्ज है, जिसके कारण वे अपनी ही जमीन बेचने में असमर्थ हैं। कई बार शिकायत करने के बावजूद प्रशासन की ओर से अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है. आगर मालवा जिले के ग्राम बरखेड़ा में कई किसानों की जमीन पर PACL कंपनी का बंधक दर्ज होने से किसान गंभीर परेशानी का सामना कर रहे हैं. जानकारी के अनुसार सर्वे क्रमांक 1177,1178, सहित कई खसरों पर PACL का बंधक चढ़ा हुआ बताया जा रहा है। प्रभावित किसानों में धापूबाई पत्नी नानूराम जाती बागरी, वहीं दूसरे किसान सर्वे नम्बर 1274,1969,1972/5,1974/1,1975/3,2029,2030 किसान महावीर जैन पारस जेन पिता देवीलाल आदि जेन सहित अन्य किसान शामिल हैं. किसानों का कहना है कि वर्ष 2016 से उनकी जमीन के खसरा बी-वन में PACL का बंधक दर्ज है, जबकि उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई। इस कारण किसान अपनी जमीन की खरीद-फरोख्त नहीं कर पा रहे हैं। जमीन की बाजार कीमत लगभग 25 से 30 लाख रुपये प्रति बीघा है, लेकिन बंधक दर्ज होने से जमीन बिक नहीं रही। इसी तरह ग्राम चिकली गोयल के किसान रमेश चन्द्र पिता मागु जी ग्राम झिकडिया की भूमि के सर्वे नम्बर 359, वही दूसरा किसान बनेसिंह पिता मागु जी जाती बागरी ग्राम झिकडिया पर भी PACL का बंधक दर्ज है। सभी किसानों का कहना है कि उन्हें भी इस बंधक की जानकारी नहीं थी और कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई समाधान नहीं हुआ. वहीं किसान नारायण पिता दीपा बंजारा आदि सर्वे 14(072)93(080)94(0.98)(0.42)122(0.63)133(1.50)141(0.60)209(0.14)210(0.42)211/2(0.18).212(0.44)226.(0.68) पर भी इसी प्रकार का मामला सामने आया है। उनका कहना है कि परिवार के किसी सदस्य ने कंपनी से कोई लेन-देन नहीं किया, फिर भी जमीन पर बंधक चढ़ा हुआ है। किसानों का आरोप है कि उन्होंने पटवारी, तहसीलदार, एसडीएम और कलेक्टर कार्यालय में कई बार लिखित शिकायत दी, लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई। वर्तमान में जमीन पर कंपनी का कोई कब्जा नहीं है और किसान खेती तो कर रहे हैं, लेकिन जमीन बेचने या नामांतरण कराने में दिक्कत आ रही है। हमें पता ही नहीं कि हमारी जमीन पर PACL का बंधक कैसे चढ़ गया। लाखों रुपये की जमीन है, लेकिन बेच नहीं पा रहे हैं। कई बार शिकायत की, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब सवाल यह उठता है कि आखिर बिना किसानों की जानकारी के जमीन पर बंधक कैसे दर्ज हुआ और प्रशासन इस मामले में कब तक कार्रवाई करेगा। फिलहाल ग्राम सभी ग्राम वासियो को किसान न्याय और समाधान की मांग कर रहे हैं। आगर कस्बा के जो गाव लिस्ट के हिसाब से सभी किसानों की जमीन पर PACL का बंधक आरहा है सर
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पूर्वांचल महोत्सव-9: माटी संस्था ने दिल्ली में सांस्कृतिक केंद्र बनाने का लक्ष्य रखा

New Delhi, Delhi:पूर्वाञ्चल विचार, साधना और सृजन की भूमि रही है: ओम बिरला माटी संस्था के नवें पूर्वाञ्चल महोत्सव माटी का राजघाट पर भव्य आयोजन। नई दिल्ली। पूर्वांचल भारत की उस गहरी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपरा का प्रतिनिधित्व करता है, जिसने सदियों से पूरे विश्व को दिशा दी है। यहाँ की धरती केवल भौगोलिक सीमा नहीं है, बल्कि विचार, साधना और सृजन की भूमि रही है। उक्त बातें लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गांधी दर्शन प्रांगण, राजघाट में पूर्वाञ्चल महोत्सव -9 के सम्मान सत्र को संबोधित करते हुए बतौर मुख्य अतिथि कहीं। उन्होंने कहा कि जब हम पूर्वांचल की बात करते हैं, तो हमें एक ऐसी ऊर्जा का अनुभव होता है, जो समाज के हर क्षेत्र चाहे वह सार्वजनिक जीवन हो, कला हो या सामाजिक सरोकार, में दिखाई देती है। यह क्षेत्र अपने भीतर अनगिनत सांस्कृतिक रंगों को समेटे हुए है, जो निरंतर हमारे राष्ट्रीय जीवन को समृद्ध करते हैं। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने पूर्वाञ्चल की 6 हस्तियों को माटी सम्मान-9 से सम्मानित भी किया जिनमें फैज़ अहमद किदवई (डायरेक्टर जनरल, डीजीसीए), डॉ. प्रवीण कुमार सिंह, (कृषि आयुक्त, भारत सरकार), प्रोफेसर वंदना सिंह (कुलपति, वीर बहादुर सिंह पूर्वाञ्चल विश्वविद्यालय, जौनपुर), रवि शंकर राय (संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक सवित्री ग्रुप ऑफ कंपनीज़), राजेश सिंह दयाल (संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक दयाल ग्रुप ऑफ कंपनीज़) तथा श्वेता त्रिपाठी (फ़िल्म अभिनेत्री) शामिल हैं। वरिष्ठ सांसद और माटी के संरक्षक जगदंबिका पाल ने कहा कि सभी पुरस्कार विजेताओं ने राष्ट्र-निर्माण और पूर्वाञ्चल की माटी में अंकुरित बौद्धिक एवं रचनात्मक प्रयासों से राष्ट्र को गौरवान्वित करने का काम किया है और यह सिद्ध किया है कि यदि व्यक्ति के लक्ष्य ऊंचे एवं स्पष्ट हों तथा मन में दृढ़ संकल्प हो तो शिखर तक पहुंचा जा सकता है। वहीं इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय कला केंद्र के अध्यक्ष एवं माटी संरक्षक राम बहादुर राय ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि माटी ने निरंतर स्वयं को सिद्ध किया है। अपने दम पर खड़ी यह संस्था आँज पूर्वाञ्चल की आकांक्षाओं को नए रूप दे रही है। अपने स्वागत वक्तव्य में माटी की योजनाओं का वर्णन करते हुए माटी संयोजक आसिफ़ आज़मी ने कहा कि माटी शीघ्र ही दिल्ली एनसीआर में एक पूर्वांचल सांस्कृतिक केंद्र का निर्माण करने वाली है। उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्र ने कहा कि पूर्वांचल की मिट्टी में एक विशेष शक्ति है, जो व्यक्तित्व को गढ़ती है और उसे व्यापक दृष्टि प्रदान करती है और माटी संस्था उसी मिट्टी से उगने वाला एक छायादार वृक्ष है। उन्होंने कहा कि माटी दिल्ली एनसीआर में एक पुर्वांचल सांस्कृतिक केंद्र की स्थापना जैसे महत्वपूर्ण मिशन पर काम कर रही है, ऐसे में पुर्वांचल वासियों को अधिक से अधिक संख्या में माटी का सहयोगी तथा सारथी बनना चाहिए। पूर्व सांसद बृज भूषण शरण सिंह ने कहा कि पूर्वाञ्चल की धरती से विचारकों ने समाज को दिशा दी, वीरों ने देश की रक्षा की और संतों ने मानवता का मार्ग प्रशस्त किया। हमारे प्राचीन ग्रंथों में भी भूमि से यही प्रार्थना की गई है कि वह हमें शक्ति, समृद्धि और राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा दे। पूर्वांचल की यह पावन धरती भी उसी भावना को साकार करती है। भोजपुरी स्तर के मुख्य अतिथि सांसद राजीव राय ने कहा कि माटी संस्था पुर्वांचल के लोगों को जोड़ने और उसकी कला, संस्कृति और विकास हेतु बड़ी योजनाओं पर काम कर रही है। संगीत सत्र के मुख्य अतिथि पूर्व CEO नीति आयोग अमिताभ कांत ने कहा कि मुझे विश्वास है कि माटी संस्था समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने के साथ-साथ एक सशक्त और समृद्ध भारत के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रहेगी। महोत्सव का उद्घाटन पूर्व सांसद बृज भूषण शरण सिंह, के हाथों दीप प्रज्ज्वलन द्वारा हुआ । वहीं कवि सम्मेलन में दिलीप पांडेय, कलीम क़ैसर और हास्य कवि नर कंकाल ने अपनी कविताओं से लोगों को मंत्रमुग्ध किया। महोत्स्व में महेंद्र प्रासाद सिंह द्वारा रचित भोजपुरी हास्य नाटक मास्टर गणेशी राम का मंचन भी किया गया जिसने दर्शकों को खूब लोटपोट किया। कार्यक्रम का समापन सुप्रसिद्ध इंडियन ओशन बैंड की लाइव प्रस्तुति से हुआ। कार्यक्रम में वित्त मंत्रालय भारत सरकार के सचिव एम नागाराजू, यीडा के CEO आर के सिंह और इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन सीएमडी मनोज दुबे की भी गरिमामई उपस्थिति रही। महोत्सव में जहां लोगों ने पुरबिया खान पान पूड़ी-सब्जी, बाटी-चोखा, दाल का दूल्हा, लौंग लता, इमरती आदि का आनंद उठाया वहीं संत कबीर को समर्पित प्रदर्शनी, बनारसी साड़ी, जूट के थैले, ठेकुआ-मालपूआ आदि के स्टॉल्स मुख्य आकर्षण का केंद्र रहे।
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आजादपुरा पुलिया के पास डंपर से शिक्षिका की दर्दनाक मौत, भाई घायल

Jhansi, Uttar Pradesh:झांसी प्रेमनगर थाना क्षेत्र के आजादपुरा की पुलिया के पास खनन से भरे डंपर की चपेट में आने से इलेक्ट्रिक स्कूटी सवार एक महिला टीचर की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि मृतका का भाई मामूली रूप से घायल हो गया, घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और लोगों की भीड़ जमा हो गई स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पहुंची और महिला टीचर के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, डंपर और स्कूटी को कब्जे में लेकर पुलिस ने आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि सेपरी बाजार निवासी महिला टीचर सिमरन चंदेल एक निजी विद्यालय में पढ़ाती थी, आज इलेक्ट्रिक स्कूटी से अपने भाई के साथ घर वापस लौट रही थी, भाई स्कूटी चला रहा था जैसे ही आजादपुरा की पुलिया के पास पहुंचे तभी बेकाबू डंपर ने स्कूटी में टक्कर मार दी, टक्कर लगते ही भाई स्कूटी से उछल कर झाड़ियों में गिर गया जिससे उसकी जान बच गई और बहन सिमरन डंपर के पहिये के नीचे आ गई जिससे उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मृतक सिमरन चंदेल के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, मौके से डंपर को कब्जे में लेकर पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है।
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हरदोई की झोपड़ी में आग से 75 वर्षीय गोमती की मौत, लाखों का नुकसान

Hardoi, Uttar Pradesh:हरदोई में झोपड़ी में लगी आग,बुजुर्ग महिला की जलकर मौत हरदोई के मल्लावां थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। गांव मगरहा निवासी 75 वर्षीय गोमती, जो झोपड़ीनुमा मकान में अकेली रहती थीं, आग लगने की घटना में जिंदा जल गईं।परिवार के अन्य सदस्य गेहूं की कटाई के लिए खेत गए थे, तभी अज्ञात कारणों से उनके घर में आग लग गई। तेज हवा के कारण आग ने कुछ ही पलों में विकराल रूप ले लिया और चारपाई पर लेटी गोमती को संभलने का मौका तक नहीं मिला। ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का प्रयास किया और पुलिस व राजस्व विभाग को सूचना दी, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। इस भयावह आगजनी में न सिर्फ एक जान चली गई, बल्कि करीब 5 लाख रुपये का नुकसान भी हुआ। झोपड़ी के पास बनी परचून की दुकान का पूरा सामान जलकर राख हो गया, वहीं छप्पर के नीचे बंधी तीन भैंसें झुलस गईं।आग की चपेट में ट्रैक्टर और पंपसेट मशीन भी आ गए।सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की।कार्यवाहक तहसीलदार के अनुसार प्रारंभिक आकलन में भारी नुकसान की पुष्टि हुई है,जिसकी विस्तृत रिपोर्ट जल्द ही उच्च अधिकारियों को सौंपी जाएगी।घटना के बाद परिवार में कोहराम और गांव में शोक का माहौल है。
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मार्कण्डेश्वर साहि यात्रा: शृंगारिक पौराणिक लीलाओं का पुनर्जागरण

Puri, Odisha:(ଭିଓ୧) ଶ୍ରୀକ୍ଷେତ୍ରର ଅନନ୍ୟ ସାହିଜାତରେ ଶ୍ରୀରାମ, ସୀତା ଓ ଲକ୍ଷ୍ମଣଙ୍କ ବନବାସ। ଯାହାକୁ ନେଇ ମାର୍କଣ୍ଡେଶ୍ୱର ସାହି ଯାତରେ ਕମ୍ਪିਲା ପରିକ୍ରମା ମାର୍ଗ। ସାହିଯାତର ଚତୁର୍ଥ ସନ୍ଧ୍ୟାରେ ମହାପ୍ରଭୁଙ୍କ ଶ୍ରୀରାମ ଲୀଳାର ବନବାସ ନୀତି ସମ୍ପନ୍ନ ହୋଇଛି। ମାର୍କଣ୍ଡେଶ୍ଵର ସାହି ବାସିନ୍ଦା ଏହି ନୀତିରେ ସାମିଲ ହୋଇଥିଲେ। چୈତ୍ରମାସ ଶୁକ୍ଳପକ୍ଷ ଦ୍ବାଦଶୀ ତିଥିରେ ଶ୍ରୀମନ୍ଦିରରୁ ଦିଅଁ ବିଜେ ପରେ ଜഗନ୍ନାଥ ବଲ୍ଲଭ ମଠରେ ଶ୍ରୀରାମଙ୍କ ବନବାସ ନୀତି ଅନୁଷ୍ଠିତ ହୋଇଥିଲା। ପିତୃ ସତ୍ୟ ପାଳନ କରି ପୁରୁଷୋତ୍ତମ ଶ୍ରୀରାମ ବନବାସକୁ ଯାଇଥିଲେ। ତାଙ୍କ ସହ ବନକୁ ଯାଇଥିଲେ ଦେବୀ ସୀତା ଓ ଭାଇ ଲକ୍ଷ୍ମଣ। ଯଥାବିଧ‌ି ନୀତି ସମ୍ପାଦନ ପକାର ପରେ ଦିଅଁମାନେ ଶ୍ରୀମନ୍ଦିରକୁ ଓ ପୌରାଣିକ ଚରିତ୍ରମାନେ ସାହିକୁ ପ୍ରତ୍ୟାବର୍ତ୍ତନ କରିଥିଲେ। ଶ୍ରୀରାମ ଲୀଳା ପାଇଁ ମାର୍କଣ୍ଡେଶ୍ଵର ସାହି ଆଖଡା ଭଗବତୀ କୋଟ ବେଶ୍ ଚଳଚଞ୍ଚଳ ଥିଲା । ସେଠାରୁ ଶ୍ରୀରାମ, ଶ୍ରୀଲକ୍ଷ୍ମଣ, ସୀତାଦେବୀ ଓ ଋଷି ବଶିଷ୍ଠ ଆଦି ପୌରାଣିକ ଚରିତ୍ର ବାହାରିଥିଲେ । ବଡ଼ଦେଉଳ ନୀତି ଅନୁସାରେ ସନ୍ଧ୍ୟା ଧୂପ ସରିବା ପରେ ପଟୁଆର ପହଞ୍ଚିଲା ଵଡ଼ଦେଉଳରେ। ଠାକୁରଙ୍କ ଆଜ୍ଞମାଳ ପାଇ ଘଣ୍ଟଘଣ୍ଟାର ପଟୁଆରରେ ଶ୍ରୀମନ୍ଦିରରୁ ଦିଅଁମାନେ ପାଲିଙ୍କିରେ ଯାଇ ଜଗନ୍ନାଥ ବଲ୍ଲରାରେ ବିଜେ ହୋଇଥିଲା। ସାଥୀରେ ଥିଲେ ମାର୍କଣ୍ଡେଶ୍ୱର ସାହିରୁ ବାହାରିଥିବା ପୌରାଣିକ ଚରିତୁର ପଟୁଆର । କିଛି ସାହିଆ ଗ୍ରାମବାସୀ ରୂପରେ ଥିଲେ । ସେଠାରେ ମାର୍କଣ୍ଡେଶ୍ଵର ସାହିଆମାନେ ବନବାସ ଲୀଳା କରିଥିଲେ। ଶୀତଳ ଭୋଗ ମଣୋହି ପରେ ଠାକୁରେ ଶ୍ରୀମନ୍ଦିରକୁ ବାହୁଡ଼ିଥିଲେ । ଏଥିରେ ବିଭିନ୍ନ ମେଢ ନୃତ୍ୟ ସହ ଅନେକ ପାରମ୍ପରିକ ଦୃଶ୍ୟ ଦେଖିବାକୁ ମିଳିଥିଲା। ବାଇଟ୍- ସଂଗୀତା ଜେନା,ମେଢ ନୃତ୍ୟ କଳାକାର ବାଇଟ୍- ଗୌତମ ହରିଚନ୍ଦନ, ମେଢ ନୃତ୍ୟ କଳାକାର (ଭିଓ୨) ସେପଟେ ପଟୁଆର ଠାକୁରଙ୍କ ନୀତି ସହ ନଗର ପରିକ୍ରମା କରିଥିଲେ। ଆଖଡ଼ା କର୍ମକର୍ତ୍ତାଙ୍କ ସମନ୍ବୟରେ ମାର୍କଣ୍ଡେଶ୍ଵର ସାହିର ରାହାସ ମହାତି ଜାଗା, ରକ୍ତ ଜାଗା, ଝାଟି ଜାଗା, ସାତବଖରା ଜାଗା, ଗଦାସାହାଣ ବଡ଼ ପୋଖରୀ ଜାଗା, ପାଣ୍ଡ ଜାଗା, ଦୁଆରି ଜାଗା, ବଡୁ ମହାପାତ୍ର ଜାଗାର କର୍ମକର୍ତ୍ତାମାନେ ପରସ୍ପର ଭିତରେ ସମନ୍ୱୟ ରଖି ଯାତ କାଢ଼ିଥିଲେ। ଯାତ ପାଇଁ ମାର୍କଣ୍ଡେଶ୍ଵର ସାହି ଓ ଶ୍ରୀମନ୍ଦିର ଚତୁଃପାର୍ଶ୍ଵ ଭିଡ଼ ଥିଲା । ସାହିର ୮ ମେଳ ପକ୍ଷରୁ ନାଗା ମେଢ଼ ଆଦି ଅନେକ ପାରମ୍ପରିକ ନୃତ୍ୟ ପ୍ରଦର୍ଶନ କରିଥିଲେ। କଳାକାରମାନେ ପ୍ରଥମେ ଆଖଡ଼ା ସମ୍ମୁଖକୁ ଆସି ଇଷ୍ଟ ଦେବୀ ମା’ଭଗବତୀଙ୍କ ଆଜ୍ଞା ନେବା ପରେ ସହର ପରିକ୍ରମାରେ ବାହାରିଥିଲେ । ଆଗକାଳରେ ଗୌଡ଼ବାଡ଼ ସାହି ଯାଉଥିଲା ଏହି ଯାତ । ଦୀର୍ଘ ବର୍ଷରୁ ଏହି ପରମ୍ପରା ବନ୍ଦ ରହିଛି । ୬୦ରୁ ଉର୍ଦ୍ଦୁ ବର୍ଷ ବନ୍ଦ ରହିବା ପରେ ମାର୍କଣ୍ଡେଶ୍ଵର ସାହିଯାତ ଏବେ ୩/୪ ବର୍ଷ ହେବ ଆରମ୍ଭ ହୋଇଛି । ବର୍ତମାନ ଶ୍ରୀମନ୍ଦିର ପଶ୍ଚିମଦ୍ଵାର ହୋଇ ଗାଣ୍ଡୁଆ ଚୌରା ଛକ, ଦକ୍ଷିଣ ଦ୍ଵାର, ସିଂହଦ୍ଵାର ହୋଇ ନିଜ ସାହିକୁ ପ୍ରତ୍ୟାବର୍ତ୍ତନ କରିବା ହେଉଛି ସେମାନଙ୍କ ସାହିଯାତ ମାର୍ଗ ବୋଲି କହିଛନ୍ତି ସାହି ମୁରବୀ। ବାଇଟ୍- ଦାଶରଥି ଖୁଣ୍ଟିଆ, ସାହୀ ମୁରବୀ ବାଇଟ୍- ରବି ଦାସ, ସେବାୟତ (ଫାଭିଓ) ବିଳମ୍ବିତ ରାତି ପର୍ଯ୍ୟନ୍ତ ହଜାର ହଜାର ଦର୍ଶକ ମାର୍କଣ୍ଡେଶ୍ଵର ସାହି ଯାତର ଆନନ୍ଦ ନେଇଥିଲେ
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हरियाणा में मौसम बदलेगा: 3–5 अप्रैल तक बारिश और तेज हवाएं

Hisar, Haryana:हरियाणा में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार 31 मार्च को प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक, तेज हवाएं और हल्की बारिश की संभावना है। हिसार और उसके आसपास तेज बारिश का सिलसिला शुरू हो गया है और रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला लगातार जारी है। हरियाणा मौसम विज्ञान विभाग का कहना है कि 3 अप्रैल से 5 अप्रैल के दरमियान एक बार फिर से मौसम करवट लेकर वेस्टर्न डिस्टरबेंस के चलते हरियाणा के लगभग सभी जिलों में बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रहेगा। लेकिन इस मौसम के बदलते मिजाज ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं。
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