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एएमयू में मानसिक तनाव: आत्महत्या रोकथाम मार्च से जागरूकता बढ़ी

Aligarh, Uttar Pradesh:अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में छात्रों के बीच बढ़ते मानसिक तनाव को लेकर सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने सुसाइड प्रीवेंशन डे पर मार्च निकाला. एमएमयू 6 महीने के अंदर तकरीबन पांच छात्रों ने आत्महत्या की है. छात्र-छात्राओं को जागरूक करने के लिए यह मार्च निकाला गया. मार्च में एएमयू की वीसी नईमा खातून के साथ प्रोफेसर, शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए. इस दौरान छात्रों से तनाव या किसी भी तरह की परेशानी को अकेले न सहने और परिवार, दोस्तों व शिक्षकों से बातचीत कर समस्या साझा करने की अपील की गई. एएमयू में निकले सुसाइड प्रीवेंशन मार्च का उद्देश्य छात्रों को मानसिक तनाव के प्रति जागरूक करना रहा. वीसी नईमा खातून ने कहा कि छात्रों का आत्महत्या की ओर जाना सिर्फ एएमयू की समस्या नहीं है, बल्कि तमाम शिक्षण संस्थानों में ऐसी घटनाएं सामने आती हैं. उन्होंने कहा कि हर मामले की वजह पढ़ाई का दबाव ही हो, यह जरूरी नहीं है; व्यक्तिगत परेशानियां भी तनाव का कारण हो सकती हैं. ऐसे में परिवार को बच्चों को डांटने के बजाय उनका साथ देना चाहिए; शिक्षक, दोस्त और परिजन तनाव में चल रहे छात्र से बात कर उसकी मदद कर सकते हैं. छात्राओं ने भी कहा कि आपस में बातचीत कर तनाव कम किया जा सकता है, इसलिए जागरूकता के लिए यह मार्च निकाला गया.
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हाईवे पर ब्लॉक कर्मी को टक्कर: CCTV में कैद हादसा

Chanwal, Himachal Pradesh:हमीरपुर— हाईवे पार कर रहे ब्लॉक कर्मी को तेज रफ्तार बाइक सवार ने मारी टक्कर। जोरदार टक्कर लगने से सड़क पर काफी दूर तक घिसटकर गिरा ब्लॉक कर्मी। हादसों में गंभीर रूप से घायल हुआ कर्मचारी, स्थानीय लोगों ने घायल कर्मचारी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। रोड पार करते समय हुए हादसे में कर्मचारी के दोनों पैर फ्रैक्चर, हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने कर्मचारी को सदर अस्पताल किया रेफर। टक्कर के बाद बाइक सवार युवक भी हाईवे पर गिरकर घायल हुआ। कर्मचारी को टक्कर मारने की घटना सीसीटीवी कैमरे में हुई कैद। सुमेरपुर थाना कस्बे के ब्लॉक कार्यालय के सामने का मामला।
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हापड़ के सरस्वती अस्पताल इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाकर 25 हजार किया जाए के लिए प्रदर्शन

Hapur, Uttar Pradesh:हापुड़ के पिलखुवा स्थित सरस्वती अस्पताल में देर रात एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों ने स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर मोर्चा खोल दिया. अस्पताल के मुख्य गेट पर एप्रन पहने करीब 150 इंटर्न जुटे और वर्तमान मानदेय के विरोध में जमकर आवाज बुलंद की. इंटर्न डॉक्टरों की सीधी मांग है कि उन्हें मिल रहे 10 हजार रुपये मासिक स्टाइपेंड को तत्काल बढ़ाकर 25 हजार रुपये किया जाए. ​प्रदर्शनकारी डॉक्टरों का कहना है कि एमबीबीएस पूरा करने के बाद इंटर्नशिप के दौरान वे अस्पताल के वार्डों, ओपीडी और इमरजेंसी सेवाओं में दिन-रात मुस्तैद रहकर पूरी जिम्मेदारी संभालते हैं. इसके बावजूद उन्हें जो मानदेय मिल रहा है, वह मौजूदा महंगाई और उनकी कड़ गर्म मेहनत के सामने बेहद कम है. काम के अनुरूप स्टाइपेंड न मिलना सीधे तौर पर उनके श्रम की अनदेखी है. ​छात्रों ने बताया कि स्टाइपेंड का यह मुद्दा नया नहीं है, वे पहले भी प्रबंधन के सामने अपनी बात रख चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस फैसला नहीं हुआ. देर रात एक बार फिर बड़ी संख्या में एकत्रित होकर इंटर्न ने अस्पताल प्रशासन को अपनी समस्याएं गिनाईं और साफ किया कि सम्मानजनक मानदेय उनका हक है. डॉक्टरों ने प्रबंधन से जल्द से जल्द सकारात्मक रुख अपनाते हुए 25 हजार रुपये मासिक स्टाइपेंड लागू करने की मांग दोहराई है. छात्रों का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान सरस्वती मेडिकल कॉलेज के गार्डों ने उनके साथ मारपीट भी की, जिसमें छात्रों के कपड़े भी फटे हैं.
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Amritsar थाना वायरल वीडियो पर तलबीर बोले: डायलिसिस के लिए पुलिस से बात

Ludhiana, Punjab:अमृतसर में थाने की वायरल-वीडियो पर तलबीर बोले:जिसने जैसे बात की, मैंने भी वैसे जवाब दिया, शराब वाली बात पर मजीठिया को जवाबअमृतसर में मजीठा रोड थाने की वीडियो वायरल होने के बाद AAP नेता तलबीर सिंह ने अपना स्पष्टीकरण दिया है। तलबीर सिंह ने कहा कि वह मजीठा हलके के गांव शाम नगर के रहने वाले हरपाल सिंह के पीछे थाने गए थे, क्योंकि वह उस हलके के सेवादार हैं。 हरपाल की पत्नी के फोन के बाद मिली थी जानकारी उन्होंने बताया कि करीब उस दिन डेढ़ बजे हरपाल सिंह की पत्नी का बार-बार फोन आया। उस समय वह गांवों में कार्यक्रम कर रहे थे। उन्हें बताया गया कि हरपाल सिंह उनके घर आया था और घर से निकलने के बाद पुलिस ने उसे पकड़ लिया। तलबीर सिंह ने अपने बेटे से भी इसकी पुष्टि की। उन्होंने कहा कि उनके पास घर की वीडियो भी है, जिसमें हरपाल सिंह उनके घर आता दिखाई दे रहा है。 तलबीर सिंह ने कहा कि हरपाल सिंह 2022 का पीओ था, लेकिन वह किडनी का मरीज है और उसका डायलिसिस चलता है। वह उसे छुड़ाने नहीं, बल्कि डायलिसिस करवाने के लिए पुलिस से बात करने गए थे। उन्होंने एसएचओ और पुलिस कमिश्नर से बात करने की कोशिश की और कहा कि पंचायत की जिम्मेदारी पर डायलिसिस करवाने के बाद हरपाल सिंह को पुलिस के सामने पेश किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि शाम नगर की पंचायत भी थाने पहुंची थी और सरपंच ने लिखित तौर पर जिम्मेदारी लेने की बात कही थी। इसके बाद सरपंच के कहने पर वह थाने पहुंचे। वहां एसएचओ और डीएसपी से उनकी बात हुई। इसी दौरान एक आईपीएस अधिकारी वहां आया और आते ही उसने कहा कि इन्हें पहले अंदर दो। इस बात पर मै हाइपर हो गया और मैंने कहा कि लोगों के पीछे लोग थाने नहीं आ सकते, ऐसा किस किताब में लिखा है। इसके बाद करीब पांच मिनट तक विवाद हुआ, लेकिन बाद में माहौल शांत हो गया। तलबीर सिंह ने कहा कि उन्होंने अधिकारियों से साफ कहा कि वह किसी व्यक्ति को छुड़ाने नहीं आए हैं, उन्हें पता है कि हरपाल सिंह की गिरफ्तारी हो चुकी है। वह सिर्फ यह पूछने आए थे कि कम से कम कोई अधिकारी फोन पर बात तो करे और बताए कि मामला क्या है। उन्होंने कहा कि उन्हें फोन पर यह भी बताया गया था कि हरपाल सिंह को दवा तक नहीं देने दी जा रही। शराब वाली पोस्ट पर तलबीर का मजीठिया को जवाब मजीठिया की फेसबुक पर शराब को लेकर डाली गई पोस्ट पर कहा कि किसी के कुर्सी से गिर जाने का मतलब यह नहीं कि उसने शराब पी रखी थी। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति कहीं भी गिर सकता है। तलबी​र ने उदाहरण देते हुए कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह की पगड़ी शाहकोट चुनाव के दौरान तार में फंसकर उतर गई थी, तो क्या इसका मतलब यह है कि उन्होंने उस समय शराब पी रखी थी। उन्होंने गायक दिलजीत का भी जिक्र करते हुए कहा कि वह स्टेज पर नाचते-नाचते गिर गए थे, तो क्या इसका मतलब यह है कि उन्होंने शराब पी रखी थी। तलबी​र ने कहा कि अगर उनके साथ कोई घटना हो जाए और लोग यह कहना शुरू कर दें कि वह शराब पीकर गए थे, तो यह गलत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह किसी शराब के नशे में नहीं, बल्कि एक किडनी मरीज के पीछे गए थे और आगे भी लोगों तथा कार्यकर्ताओं के साथ खड़े रहेंगे। मजीठिया को पुरानी घटना याद दिलाई उन्होंने मजीठिया को पुरानी घटना याद दिलाते हुए कहा कि उनके साथ समय वह रात करीब 11 से 11:30 बजे थाने जाकर लड़के को छुड़ाकर लाए थे। तब मजीठिया ने उनके इस काम की तारीफ की थी। तलबी​र ने कहा कि आज वही व्यक्ति उनके थाने जाने को गलत बता रहा है। अधिकारियों के रवैये पर भी तलबीर ने दी प्रतिक्रिया तलबी​र ने कहा कि आने वाले दिनों में वह मजीठिया की कही सभी बातों ka जवाब देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जिन अधिकारियों ने उनसे सम्मान से बात की, उन्होंने भी सम्मान से बात की, जबकि जिन अधिकारियों ने उनके साथ खराब रवैया अपनाया, उन्हें उन्होंने उसी तरह जवाब दिया。
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ब्रजेश पाठक ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी अस्पताल में स्ट्रोक यूनिट उद्घाटन किया

Noida, Uttar Pradesh:लखनऊ: उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल अस्पताल में स्ट्रोक यूनिट, सुपर-स्पेशियलिटी OPD और न्यूरोसर्जरी वार्ड का उद्घाटन किया और नई स्वास्थ्य सुविधाओं की शुरुआत की。 उन्होंने कहा, "आज डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल अस्पताल में नेफ्रोलॉजी, कार्डियोलोजी और न्यूरोलॉजी के जो मरीज आते थे, उन्हें तत्काल उच्चकोटि की चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित हो इसके लिए लोहिया विज्ञान संस्थान और सिविल अस्पताल के बीच समन्वय स्थापित किया गया है। वहां के चिकित्सक यहां आकर मरीजों को उच्च कोटि की चिकित्सा उपलब्ध कराएंगे..."
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दानापुर बाढ़ राहत में सियासत: नावों पर राजद के झंडे दिखे

Danapur, Bihar:दानापुर में बाढ़ राहत पर सियासत, RJD के झंडों से सजी नावों पर पहुंचा राहत राशन, राहत सामग्री से ज्यादा नजर आए पार्टी के झंडे, बाढ़ पीड़ितों के बीच राहत के साथ RJD का शक्ति प्रदर्शन, पटना के दानापुर में बाढ़ की त्रासदी के बीच अब राहत सामग्री बांटने का सियासी अंदाज भी देखने को मिल रहा है । राजद नेता दीना यादव की ओर से बाढ़ पीड़ितों के बीच राहत सामग्री पहुंचाने के लिए नावों का सहारा लिया गया। लेकिन इन नावों की तस्वीरें चर्चा का विषय बन गई हैं क्योंकि नाव पर सिर्फ राहत सामग्री ही नहीं, बल्कि राजद के झंडे भी प्रमुखता से नजर आ रहे हैं। जहां एक तरफ लोग पानी के बीच जिंदगी बचाने की जद्दोजहद कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ राहत सामग्री लेकर निकली नावों पर पार्टी के झंडे और राजनीतिक पहचान साफ नजर आ रही है राजद नेता दीनानाथ यादव ने बताया कि हम लोग बाढ़ पीड़ितों के लिए सूखा राशन लेकर दानापुर दियारा जा रहे हैं सरकार के द्वारा जो राशन दिया जा रहा है वह पर्याप्त नहीं है इसलिए हम लोग 6 पंचायत के लोगों को यह सुख राशन जो जरूरी होता है वह पहुंचाने जा रहे हैं
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बारां के अटरू, मांगरोल और छबड़ा में कल मतदान, सुरक्षा-प्रशिक्षण तेज

Baran, Rajasthan:बारां। जिले में निकाय चुनाव के द्वितीय चरण के तहत अटरू, मांगरोल और छबड़ा नगरपालिका में कल मतदान होगा। मतदान को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष रूप से संपन्न कराने के लिए आज मतदान दलों को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला कलेक्टर बालमुकुंद असावा और पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंदासु ने मतदान कर्मियों को संबोधित किया। जिला कलेक्टर ने कहा कि सभी मतदान कर्मी चुनाव आयोग के निर्देशों का पूरी तरह पालन करें और निष्पक्षता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। मतदान के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुलिस अधीक्षक ने सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर जानकारी दी और कहा कि सभी मतदान केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा। असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। प्रशिक्षण में मतदान प्रक्रिया, ईवीएम संचालन और कानून व्यवस्था को लेकर विस्तार से जानकारी दी गई।
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भागलपुर में बाढ़, शाहकुंड में ट्रैक्टर से राहत सामग्री पहुंचाने की कवायद

Naya Chak, Bihar:एंकर - गंगा के उफान से भागलपुर जिले के 86 से अधिक पंचायतों में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। कई गांवों में पानी फैलने से सड़क संपर्क प्रभावित है और ऐसे इलाकों तक राहत सामग्री पहुंचाना प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है। शाहकुंड प्रखंड से राहत कार्य की ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो बाढ़ के बीच प्रशासन की जमीनी सक्रियता को दिखाती है। शाहकुंड की अंचलाधिकारी हर्षा कोमल प्रभावित इलाकों में राहत कार्यों की निगरानी के लिए लगातार फील्ड में पहुंच रही हैं। जिन जगहों पर सामान्य वाहन से जाना मुश्किल है, वहां ट्रैक्टर का सहारा लिया जा रहा है। राहत सामग्री लेकर टीम दुर्गम रास्तों से गांवों तक पहुंच रही है और जरूरतमंद परिवारों के बीच सहायता सामग्री का वितरण किया जा रहा है। सीओ हर्षा कोमल इन दिनों चर्चा में है। कई जगहों पर रास्ते में पानी भरा है। ऐसे इलाकों में अंचलाधिकारी अपने अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रही हैं। प्रभावित परिवारों से बातचीत कर उनकी जरूरतों की जानकारी ली जा रही है और उपलब्ध संसाधनों के जरिए मदद पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। शाहकुंड प्रखंड के खुलनी, पैराडोमिनिया, बेलथू, खैरा, मकंदपुर और दरियापुर पंचायतें बाढ़ से प्रभावित हैं। इन पंचायतों के अलग-अलग गांवों में पानी पहुंचने के बाद लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है। ऐसे में प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि राहत सामग्री उन इलाकों तक पहुंचे, जहां सड़क मार्ग से पहुंचना आसान नहीं है। इसी चुनौती के बीच ट्रैक्टर से राहत सामग्री लेकर गांवों तक पहुंचने की तस्वीर सामने आई है। कहीं सड़क खत्म हो गई तो आगे का रास्ता पानी से होकर है, लेकिन राहत कार्य को प्रभावित इलाकों तक पहुंचाने के लिए उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। अंचलाधिकारी की टीम प्रभावित पंचायतों में लगातार भ्रमण कर रही है। राहत वितरण के साथ-साथ बाढ़ की स्थिति, पानी के फैलाव और स्थानीय लोगों की समस्याओं की जानकारी भी ली जा रही है।
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बारिशवन गांव में शौच के दौरान गहरे पानी में डूबकर किसान उपेंद्र तिवारी की मौत

Mumbai, Maharashtra:V/O- शाहपुर थाना क्षेत्र के बरिशवन गांव में दर्दनाक हादसे में 40 वर्षीय किसान उपेंद्र तिवारी की गहरे पानी में डूबने से मौत हो गई। मृतक गांव के ही शिव नाथ तिवारी के पुत्र थे। इस घटना के बाद से मृतक के परिजनों में कोहराम मच गया है और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। पेशे से किसान उपेंद्र तिवारी आज सुबह गांव के समीप ही शौच के लिए गए हुए थे। इसी दौरान अनियंत्रित होकर पास ही स्थित गहरे पानी के गड्ढे में चले गए। पानी की गहराई अधिक होने के कारण वह खुद को संभाल नहीं सके और डूबने लगे। आस-पास मौजूद लोगों ने जब तक उन्हें बचाने का प्रयास किया, तब तक वह गहरे पानी में समا चुके थे। काफी मशक्कत के बाद ग्रामीणों की मदद से उन्हें पानी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं। घटना की सूचना तुरंत शाहपुर थाना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर कागजी कार्रवाई पूरी की। मृतक उपेंद्र तिवारी खेती-बारी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनकी अचानक हुई मौत से परिजनों में हाहाकार मच गया है। ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन से पीड़ित परिवार को उचित आपदा मुआवजा देने की मांग की है।
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CID ने Vidyaranyapura से लापता दो कॉलेज छात्राओं का पता लगाया; तानिश्का शादीशुदा और गर्भवती

Noida, Uttar Pradesh:Two college-going young women who had gone missing from Vidyaranyapura have been traced. The missing girls were Tanishka and Tejaswini. Tanishka was studying in Second PUC. Tejaswini, who was studying in First PUC, has now been found. They had gone missing on January 31 of this year. Police had registered a missing case and launched a search operation. Tanishka’s family had approached the High Court. After five to six months, the case was transferred to the CID. The High Court ordered the transfer of the case to the CID. The CID had been conducting a search for the past three months. During the Vidyaranyapura police investigation, it was found that the girls had gone to Male Mahadeshwara Hills. The two girls had spent time there playing with a child. During that time, the child and the child's mother had taken a selfie photograph with the two girls. Tanishka was traced by the CID when she went to purchase a SIM card. While at the hill shrine area, she became acquainted with a young man from Kanakapura taluk. Due to pressure at home, Tanishka had lied to the young man. She had told him that she and her younger sister had no parents or family members. Later, both girls went with the young man. Subsequently, the young man married Tanishka. After the marriage, Tanishka was living with him as his wife. She kept Tejaswini with her, introducing her as her younger sister. Tanishka later attempted to buy a SIM card using her Aadhaar card. At that time, the service provider alerted the CID about the use of the Aadhaar number. Acting on this information, the CID reached the location and found both girls during verification. The two girls had gone missing after leaving home for college. Tanishka is now married and pregnant.
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कश्मीर की परंपराओं पर तनवीर सादिक के बयानों के विरोध में हक़ इंसाफ पार्टी का प्रेस सम्मेलन

Srinagar, Uttarakhand:The Haq Insaaf Party, Kashmir Province, today held a press conference at its party office in Karan Nagar, Srinagar, where Kashmir Provincial President Ravees Ahmad strongly criticized National Conference chief spokesperson Tanvir Sadiq over his reported remarks concerning Kashmir’s traditional culture, dress and heritage. Ravees Ahmad termed the remarks as deeply unfortunate, disrespectful and unacceptable, saying that Kashmir’s traditional culture, customs and indigenous heritage represent the historical identity and collective legacy of its people. He said political leaders have every right to express their views on political issues, but such differences should not become a reason to make statements that could hurt the sentiments of the people or undermine Kashmir’s rich cultural traditions. The Haq Insaaf Party leader urged Tanvir Sadiq to clarify his remarks and issue a public apology if his comments have offended the people of Kashmir. Ravees Ahmad further said that Kashmir’s traditional attire, language, customs and cultural practices must be preserved and promoted, particularly among the younger generation. He called upon political parties and their representatives to maintain dignity and responsibility in public discourse and to avoid statements that could create unnecessary controversy or hurt the sentiments of any section of society.
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जम्मू-कश्मीर में विपक्ष की नई भूमिका: नागरिक अधिकार और पंडितों की वापसी पर एकजुट जवाबदेही

Srinagar, Uttarakhand:Senior Apni Party leader Gulzar Ahmad Pardesi today held a press conference at Nowgam, Srinagar, where he called for a more responsible and issue-based political approach in Jammu and Kashmir, urging opposition parties to focus on holding the government accountable rather than merely seeking to return to power. Pardesi said the primary responsibility of an opposition is to question the government, highlight genuine public concerns and ensure that commitments made to the people are fulfilled. “Today, one of the biggest problems in the politics of Jammu and Kashmir is that opposition parties appear to be more focused on coming to power than on playing the role of a strong and effective opposition. The real responsibility of an opposition is to hold the government accountable and raise the genuine issues of the people. Unfortunately, this is not happening effectively,” he said. Referring to Apni Party president Mohammad Altaf Bukhari, Pardasi said that the party leadership has consistently raised questions about promises made by the ruling party during elections. “Our party leader, Mohammad Altaf Bukhari Sahib, has been speaking clearly and directly on this issue. He has repeatedly reminded the ruling party of the promises it made to the people. The government received votes on the basis of its manifesto and electoral commitments, and therefore has a responsibility to respect those promises and work towards fulfilling them,” he said. Pardasi stressed the need for political parties across the spectrum to develop greater coordination on issues of fundamental importance to the people of Jammu and Kashmir. gulzar Pardasi said , all political parties—whether ruling or opposition, regional or national—should develop proper coordination and work together on certain fundamental issues,” he said. He suggested that at least three major issues should form a common political agenda: citizenship and the rights of the people; the safe, dignified and respectful return of Kashmiri Pandits to their homes; and protection of the land and employment opportunities of the people of Jammu and Kashmir. “These are the real issues that require serious political attention and action. Instead of repeatedly confusing people with old political slogans and debates, political parties should focus on the present and future needs of the people. People need solutions concerning employment, land, rights and social unity,” Pardasi said. gulzar Pardasi also highlighted the potential of Jammu and Kashmir's film, cultural and creative sectors, saying the region has historically been an important destination for film productions. He noted that before the 1990s, a large number of films were shot in Jammu and Kashmir and Ladakh, and welcomed the renewed interest in the region through film festivals and cultural events. However, he stressed that such initiatives should provide meaningful opportunities to local people. “If film festivals and cultural events are being organized and people from Bollywood, Hollywood, television and other entertainment industries are coming here, the real benefit should reach the local people. Local artists, young people, children and those representing the languages and dialects of Jammu and Kashmir must be included in these activities,” he said. Pardasi said merely organizing events with participation from outside the region would not be sufficient unless local artists and youth receive opportunities, employment and recognition. “The culture, languages, dialects and talent of Jammu and Kashmir are among its greatest strengths. If the film and cultural industry is promoted here, our local artists and youth should be equal participants and beneficiaries,” he added. Concluding, Pardasi called for a political environment that prioritizes public welfare over the pursuit of power and a cultural ecosystem that provides greater space and opportunities to the youth and artists of Jammu and Kashmir. “We need a politics that focuses more on the real issues of the people than on gaining power. At the same time, we need a cultural and film environment in which the youth and artists of Jammu and Kashmir are equal participants and beneficiaries,” he said.
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