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Kanpur Dehat209310

कानपुर देहातः दिव्यांग ने गांव के ही युवक पर दुकान से पैसे और फोन चोरी करने का लगाया आरोप

Feb 04, 2025 15:20:01
Bahbalpur, Uttar Pradesh

सिकंदरा थाना क्षेत्र के रसधान कस्बा निवासी दिव्यांग राजकुमार ने चौकी पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाते हुए बताया कि मंगलवार को करीब 12 बजे वह अपनी चौराहे पर स्थित दुकान से शौच के लिए चला गया तभी कस्बा निवासी राहुल ने दुकान में घुसकर उसमें रखा मोबाइल फोन और गुल्लक में रखें 1770 रुपए चुरा लिए। जब दुकानदार राजकुमार वापस आया तो लोगों ने उसे जानकारी दी जिसके बाद पीड़ित राजकुमार ने पुलिस को तहरीर देते हुए कार्रवाई की जाने की मांग की है।

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AOAjay Ojha
Mar 20, 2026 08:19:35
Banswara, Rajasthan:जिला - बांसवाड़ा विधानसभा- बांसवाड़ा लोकेशन - बांसवाड़ा रिपोर्टर - अजय ओझा,9828111238 एंकर - चैत्र नवरात्रि के शुभ अवसर पर लोढ़ी काशी के नाम से विख्यात बांसवाड़ा जिले का अंतर्राष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त शक्तिपीठ त्रिपुरा सुन्दरी मंदिर आस्था और श्रद्धा का अद्भुत केन्द्र बना हुआ है। जिला मुख्यालय से करीब 20 किमी दूर तलवाड़ा कस्बे के समीप उमराई गांव स्थित यह प्राचीन मंदिर न केवल स्थानीय श्रद्धालुओं बल्कि राजस्थान, मध्यप्रदेश और गुजरात सहित देशभर के भक्तों के लिए अटूट आस्था का प्रतीक है। मंदिर में सिंह पर विराजित अष्टादश भुजा वाली विशाल श्यामवर्णा पाषाण प्रतिमा स्थापित है, जिसे श्रद्धालु त्रिपुरा सुन्दरी, तरतई माता और त्रिपुरा महालक्ष्मी के नाम से पूजते हैं। देवी प्रतिमा का दैनिक श्रृंगार इसकी विशेषता है, जबकि रविवार को होने वाला पीला श्रृंगार भक्तों के आकर्षण का केंद्र रहता है। प्रतिमा के चरणों में अंकित श्री यंत्र इस शक्तिपीठ को विशेष आध्यात्मिक शक्ति प्रदान करता है। चैत्र नवरात्री के अवसर पर रोजाना बड़ी संख्या में भक्त पहुच रहे है और माँ का आशीर्वाद ले रहे है। ऐतिहासिक महत्ता... विक्रम संवत 1540 के शिलालेख के आधार पर माना जाता है कि यह मंदिर सम्राट कनिष्क के काल से भी पूर्व का है। प्रचलित मान्यता है कि प्राचीन काल में यहां गढ़पोली नामक महानगर था, जिसे दुर्गापुर कहा जाता था। त्रिपुरारी शब्द का उल्लेख दर्शाता है कि यहां तीन प्राचीन दुर्ग – शीतापुरी, शिवपुरी और विष्णुपुरी – स्थित थे, जिनके मध्य यह मंदिर बना और इसी कारण इसका नाम त्रिपुरा पड़ा। नवरात्रि की भव्यता... चैत्र और शारदीय नवरात्रि के पावन दिनों में यहां विशेष धार्मिक अनुष्ठान, शक्ति आराधना और भजन-संध्याओं का आयोजन होता है। दूर-दूर से आने वाले हजारों श्रद्धालुओं के कारण मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर हो जाता है। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के लिए यहां की सजावट, अलौकिक श्रृंगार और भक्तों की उमंग अद्भुत दृश्य प्रस्तुत करती है। नवरात्रि पर दर्शन का महत्व.. मान्यता है कि चैत्र और शारदीय नवरात्रि के दौरान मां त्रिपुरा सुन्दरी के दर्शन करने से जीवन में समृद्धि, शांति और शक्ति का संचार होता है। इस अवसर पर मंदिर में सुरक्षा, प्रकाश व्यवस्था और भक्तों की सुविधा के लिए प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए हैं। आस्था, इतिहास और संस्कृति का अद्भुत संगम... चैत्र और शारदीय नवरात्रि पर त्रिपुरा सुन्दरी मंदिर केवल धार्मिक आस्था का ही नहीं बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर का भी प्रतीक है। यहां का वातावरण नवरात्रि के हर दिन भक्तों को देवी की दिव्य ऊर्जा का अनुभव कराता है। नेताओं का लगा रहता है ताता... माँ त्रिपुरा के दरबार में देश और प्रदेश के नेताओं, अधिकारी और बिजनसमेन का ताता लगा रहता है, नेता और अधिकारी यहां विशेष पूजा अर्चना करते है और माँ से आशीर्वाद लेते है。 1 - वीओ - मंदिर और भक्त 2 - बाइट - गणेश जी - पुजारी माँ त्रिपुरा सुंदरी 3 - बाइट - भक्त 4 - बाइट - भक्त
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ABAmit Bhardwaj1
Mar 20, 2026 08:18:49
Noida, Uttar Pradesh:खून की होली का खतरा मंडरा रहा है, दिल्ली के उत्तम नगर में पुलिस की निगरानी में ईद मनाई जाएगी, भड़काऊ भाषण वाली कई सोशल मीडिया पोस्ट को पुलिस ने डिलीट करवाया. एंकर- ईद के पास आते हैं, उत्तम नगर की जेजे कॉलोनी में डर का माहौल है। धमकियां साफ सुनाई दे रही हैं। हिंदुत्व ग्रुप्स ने ईद पर “खून की होली” का आह्वान किया है। होली वाले दिन हुई 26 साल के तरुण कुमार बुटोलिया की हत्या का बदला लेने के लिए ग्रुप्स से जुड़े लोग लगातार सोशल मीडिया पर बयान वाज़ी कर रहे हैं। आपको बतां दे कि 4 मार्च को होली के जश्न के दौरान इलाके में एक हिंदू और एक मुस्लिम परिवार के बीच विवाद बढ़ने के बाद तरुण पर क्रिकेट बैट, लोहे की रॉड और पत्थरों से हमला किया गया और उसे मौत के घाट उतारा गया। दो हफ़्ते बाद, जब सड़कों पर हिंसा की धमकियाँ आ रही हैं, JJ कॉलोनी में पुलिस ने शांति बनाए रखने के लिए एक पूरा प्लान तैयार किया गया है। भड़काऊ बयान देने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है और इलाके में लगातार फ्लैग मार्च चल रहे हैं। शांति बनाए रखने के लिए JJ कॉलोनी में कई 100 से ज़्यादा पुलिस वाले तैनात हैं। इलाके में हर जगह पुलिस तैनात की गई है। किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाज़त नहीं दी जाएगी। ईद शांति से मनाई जाएगी, पुलिस ने यह भरोसा दिलाया है। अमन कमेटी के साथ बैठकर चल रहे हैं और 30 से ज्यादा बैठकें हो चुकी हैं। उत्तर से सामने आए बाइट के साथ पुलिस अधिकारियों के हवाले भी दिए गए हैं। दिल्ली हाई कोर्ट ने गुरुवार को पुलिस को आदेश दिया कि वह ईद के दौरान कोई भी अनचाही घटना न होने देने के लिए ज़रूरी कार्रवाई करे और पुलिस अधिकारी उसके अनुसार अमल कर रहे हैं। कुछ दिन पहले नागरिक अधिकार समूह ने दिल्ली पुलिस को ईद पर संभावित सांप्रदायिक हिंसा के खिलाफ उच्च न्यायालय से मदद की मांग की थी और JJ कॉलोनी में ईद के दिन खुलेआम “खून की होली” की मांग करने वाले पोस्ट को फ्लैग किया गया था।
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VAVINEET AGARWAL
Mar 20, 2026 08:18:11
Amroha, Uttar Pradesh:एंकर अमरोहा जनपद में आकाशीय बिजली गिरने से खेत में काम कर रहे दो मजदूरों की मौत हो गई है और दो मजदूर गंभीर रूप से घायल हुए हैं , मृतक मजदूरो के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है अमरोहा जनपद के थाना अमरोहा देहात क्षेत्र में दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। गांव गजाना और बागड़पुर की सीमा से सटे गजराम के खेत में आकाशीय बिजली गिरने से बड़ा हादसा हो गया।बताया जा रहा है कि पांच लोग खेत में काम कर रहे थे, तभी अचानक तेज गड़गड़ाहट के बीच बिजली गिर गई। इस हादसे में गजाना निवासी धर्मेंद्र और बागड़पुर निवासी नरेश की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए हैं। दो दिन से लगातार हो रही बारिश और बिजली गिरने की इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। परिजनों में कोहराम मचा है, वहीं ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ
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BSBHUPENDAR SINGH SOLANKI
Mar 20, 2026 08:17:33
Tonk, Rajasthan:टोंक DST की नशे के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई टोंक DST द्वारा टोंक जिले में लगातार फैल रहे नशे के विरुद्ध कार्रवाइयों को जारी रखने के क्रम में देर रात टोंक सदर थाना क्षेत्र में देवली रोड पर बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए एक स्कूटी पर आरोपी के कब्जे से करीबन ₹500000 कीमत का 10.681 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ गांजा जप्त किया गया है आरोपी के विरुद्ध NDPS की धाराओं में पुलिस थाना सदर टोंक पर प्रकरण दर्ज किया गया है आरोपी के कब्जे से एक महंगा iPhone 16 Pro मोबाइल व एक कीपैड मोबाइल, ₹1200 खरीद फरौख्त राशि अवैध मादक पदार्थ गांजा व स्कूटी को जप्त किया जाकर आरोपी को गिरफ्तार किया गया है आरोपी लगातार काफी समय से टोंक शहर में युवाओं की नसों में नशा रूपी जहर घोलने का काम कर रहे थे टोंक DST की इस कार्रवाई से टोंक शहर में चल रहे नशे के कारोबार को बड़ा झटका लगा है टोंक DST द्वारा भविष्य में भी अवैध गतिविधियों के विरुद्ध कार्यवाही जारी रहेगी । आरोपी का नामSONU पुत्र बन्ना लाल उम्र 25 साल जाति सांसी निवासी डिब्ररू हाल सोनवा रोड टोंক, पुलिस थाना सदर टोंक।
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AJAvinash Jagnawat
Mar 20, 2026 08:16:53
Udaipur, Rajasthan:उदयपुर के सूरजपोल इलाके में बीती रात एक बड़ा हादसा होने के टल गया। दरअसल शहर में इन दोनों फ्लाईओवर के निर्माण का काम चल रहा है। निर्माण में लगी एक क्रेन से लोहे के भारी डिवाइडर को हटाया जा रहा था। लेकिन डिवाइड अचानक क्रेन से छूटकर नीचे निकल रही एक बाइक के आगे वाले हिस्से पर गिर गया। जिससे बाइक क्षतिग्रस्त हो गई और बाइक सवार दम्पत्ति चोटिल हो गए। अचानाक हुए घटना क्रम से मौके पर हड़कम्प मच गया। कुछ ही देर में बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। लोगों ने पुरे घटना क्रम पर अपना विरोध दर्ज कराया। हालाकि मौका पाकर क्रेन ड्राइवर और वहां काम कर रहे अन्य मजदूर फरार हो गए। सूचना पर सूरजपोल थाना पुलिस मौके पर पहुँचि। लोगों ने निर्माण कार्य में सुरक्षा के मापदंडों का पूर्ण रूप से पालन करने की मांग की है।
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DGDeepak Goyal
Mar 20, 2026 08:09:53
Jaipur, Rajasthan:दीपक गोयल-जयपुर रसोई की आंच अब सिर्फ सिलेंडर पर नहीं, हालात पर भी निर्भर होने लगी है…राजस्थान में गैस का गणित बिगड़ गया है….नियमों का इंतज़ार, सप्लाई में कटौती और बढ़ता डिलीवरी टाइम…यानी अब सिलेंडर खत्म होने से पहले नहीं, बल्कि सिस्टम के हिसाब से खाना पकाना होगा…25 दिन का नियम पहले से था…अब उस पर 15 दिन की देरी और जुड़ गई है…ऐसे में हर घर के सामने वही सवाल गैस पहले खत्म होगी या सिलेंडर पहले पहुंचेगा…देखिए रिपोर्ट… राजस्थान में रसोई गैस अब सिर्फ एक जरूरत नहीं, बल्कि हर घर की टेंशन बनती जा रही है। आम उपभोक्ता पहले ही नियमों में बंधा हुआ है...एक सिलेंडर की डिलीवरी के بعد अगली बुकिंग के लिए 25 दिन का इंतज़ार अनिवार्य है। यानी जैसे ही नया सिलेंडर घर पहुंचता है, उसी दिन से अगली बुकिंग की उलटी गिनती शुरू हो जाती है। अब इस तय व्यवस्था पर नया दबाव आ गया है। तेल कंपनियों ने सप्लाई में करीब 20 प्रतिशत कटौती का फैसला लिया है, जिससे पूरा गणित बिगड़ गया है। पहले जहां बुकिंग के 5 से 7 दिन के भीतर सिलेंडर मिल जाता था, वहीं अब यही इंतज़ार बढ़कर 15 दिन या उससे ज्यादा हो सकता है। यानी एक उपभोक्ता के लिए पूरा चक्र अब लगभग 40 दिन का हो गया है…..25 दिन का अनिवार्य इंतज़ार और बुकिंग के बाद 10 से 15 दिन की डिलीवरी। ऐसे में अगर गैस की खपत थोड़ी भी बढ़ती है, तो सिलेंडर खत्म होने और नए सिलेंडर के आने के बीच का अंतराल परेशानी खड़ी कर सकता है। इस संकट की वजह अंतरराष्ट्रीय हालात हैं। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक ऊर्जा सप्लाई चेन को प्रभावित किया है। भारत, जो अपनी गैस जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है, इसका असर अब राज्यों तक महसूस कर रहा है। इसी के चलते राजस्थान के 1300 से ज्यादा गैस वितरकों को सीमित सप्लाई में काम करने के निर्देश दिए गए हैं। जयपुर सहित प्रदेश में हालात का असर अब जमीन पर दिखने लगा है। एक तरफ गैस बुकिंग कराने वालों की कतार बढ़ रही है, तो दूसरी तरफ तेल कंपनियों के सप्लाई के कोटे में कमी के मैसेज ने साफ कर दिया है कि बुकिंग के बाद भी डिलीवरी में देरी होगी। एलपीजी सिलेंडर, जो अब तक एक हफ्ते में घर पहुंच जाता था, अब पंद्रह दिन या उससे ज्यादा का समय ले सकता है। जयपुर, जोधपुर, कोटा और उदयपुर जैसे बड़े शहरों में खपत ज्यादा होने के कारण सबसे पहले दबाव बढ़ने के संकेत हैं। वितरकों के सामने चुनौती है कि सीमित स्टॉक में सभी उपभोक्ताओं तक संतुलित सप्लाई बनाए रखें, जबकि आम आदमी की चिंता यही है कि गैस खत्म होने से पहले अगला सिलेंडर पहुंचेगा या नहीं। अगर स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है, तो सिर्फ देरी ही नहीं, बल्कि बाजार में गड़बड़ी और कालाबाजारी का खतरा भी बढ़ सकता है। महंगाई से जूझ रही आम जनता के लिए यह स्थिति और मुश्किलें खड़ी कर सकती है। होटल और रेस्टोरेंट सेक्टर भी सतर्क हो गया है, क्योंकि घरेलू गैस की कमी का असर कमर्शियल सप्लाई तक पहुंच सकता है। बहरहाल,सबसे बड़ी जरूरत है घबराहट से बचने की। समय रहते बुकिंग कराना, गैस का सोच-समझकर इस्तेमाल करना और अनावश्यक स्टॉकिंग से बचना ही फिलहाल आम उपभोक्ता के लिए सबसे सुरक्षित रास्ता है। अब नजरें सरकार और रसद विभाग पर हैं, कि वे इस चुनौती के बीच सप्लाई सिस्टम को कितना पारदर्शी और संतुलित बनाए रख पाते हैं।
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NSNeha Sharma
Mar 20, 2026 08:09:31
Jaipur, Rajasthan:जयपुर के जगतपुरा क्षेत्र की 3 मनोरमा रेजीडेंसी 6a बुध विहार रामनगरिया जगतपुरा में एक अनोखा मामला सामने आया। रेजीडेंसी के सामूहिक ब्लॉक के मीटर में अचानक से जंप मारा और ढाई लाख से अधिक का बिल आया जबकि हर महीने सामूहिक बिल 1500 से 2000 तक का ही आता था। सामूहिक बिल में 4-5 लाइट जलती थी जिसका बिल अचानक से ढाई लाख से अधिक आय। शिकायत लेकर मनोरमा रेजीडेंसी के निवासियों पावर हाउस पहुंचे। बिजली विभाग को सूचित किया गया। बिजली विभाग ने मीटर कनेक्शन काटा लेकिन नया मीटर कनेक्शन नहीं दिया और ढाई लाख के नोटिस जारी कर दिया गया। मनोरमा रेजीडेंसी के निवासियों ने जी हेल्पलाइन से संपर्क किया; मौके पर टीम पहुंची; समस्या जानी; अधिकारी से बातचीत की; आश्वासन मिला कि समाधान होगा। सेटलमेंट कमेटी के बाद बिल 60-65,000 तक किया गया, जो सालों से बकाया था; नया मीटर जल्द लगाए जाने की बात। निवासियों ने हेल्पलाइन को धन्यवाद दिया। शिकायतकर्ता की शिकायत भी कि उनके यहाँ 4 साल से बिजली नहीं हैं; बिल्डिंग का मीटर जम्प मार गया, बिजली विभाग मीटर गायब कर दिया; मीटर वापस नहीं कर रहे; महीने का बिल 1500-2000, लेकिन 2 महीने का बिल 2,71,000 आया; यह बिल मनमाने तरीके से भेजा गया; तीन लाख का बिल कैसे आ गया; बिल्डिंग में रह रहे सभी लोगों को दिक्कत। जगतपुरा पावरहाउस में उपभोक्ताओं ने कम्प्लेन किया पर सुनवाई नहीं हो रही है; मीटर ले गए और वापस नहीं दे रहे।
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DGDeepak Goyal
Mar 20, 2026 08:09:12
Jaipur, Rajasthan:रसोई की आंच अब सिर्फ सिलेंडर पर नहीं, हालात पर भी निर्भर होने लगी है…राजस्थान में गैस का गणित बिगड़ गया है...नियमों का इंतज़ार, सप्लाई में कटौती और बढ़ता डिलीवरी टाइम…यानी अब सिलेंडर खत्म होने से पहले नहीं, बल्कि सिस्टम के हिसाब से खाना पकाना होगा…25 दिन का नियम पहले से था…अब उस पर 15 दिन की देरी और जुड़ गई है…ऐसे में हर घर के सामने वही सवाल गैस पहले खत्म होगी या सिलेंडर पहले पहुंचेगा…देखिए रिपोर्ट… राजस्थान में रसोई गैस अब सिर्फ एक जरूरत नहीं, बल्कि हर घर की टेंशन बनती जा रही है। आम उपभोक्ता पहले ही नियमों में बंधा हुआ है...एक सिलेंडर की डिलीवरी के बाद अगली बुकिंग के लिए 25 दिन का इंतज़ार अनिवार्य है। यानी जैसे ही नया सिलेंडर घर पहुंचता है, उसी दिन से अगली बुकिंग की उलटी गिनती शुरू हो जाती है। अब इस तय व्यवस्था पर नया दबाव आ गया है। तेल कंपनियों ने सप्लाई में करीब 20 प्रतिशत कटौती का फैसला लिया है, जिससे पूरा गणित बिगड़ गया है। पहले जहां बुकिंग के 5 से 7 दिन के भीतर सिलेंडर मिल जाता था, वहीं अब यही इंतज़ार बढ़कर 15 दिन या उससे ज्यादा हो सकता है। यानी एक उपभोक्ता के लिए पूरा चक्र अब लगभग 40 दिन का हो गया है.....25 दिन का अनिवार्य इंतज़ार और बुकिंग के बाद 10 से 15 दिन की डिलीवरी। ऐसे में अगर गैस की खपत थोड़ी भी बढ़ती है, तो सिलेंडर खत्म होने और नए सिलेंडर के आने के बीच का अंतराल परेशानी खड़ी कर सकता है। इस संकट की वजह अंतरराष्ट्रीय हालात हैं। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक ऊर्जा सप्लाई चेन को प्रभावित किया है। भारत, जो अपनी गैस जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है, इसका असर अब राज्यों तक महसूस कर रहा है। इसी के चलते राजस्थान के 1300 से ज्यादा गैस वितरकों को सीमित सप्लाई में काम करने के निर्देश दिए गए हैं। जयपुर सहित प्रदेश में हालात का असर अब जमीन पर दिखने लगा है। एक तरफ गैस बुकिंग कराने वालों की कतार बढ़ रही है, तो दूसरी तरफ तेल कंपनियों के सप्लाई के कोटे में कमी के मैसेज ने साफ कर दिया है कि बुकिंग के बाद भी डिलीवरी में देरी होगी। एलपीजी सिलेंडर, जो अब तक एक हफ्ते में घर पहुंच जाता था, अब पंद्रह दिन या उससे अधिक का समय ले सकता है। जयपुर, जोधपुर, कोटा और उदयपुर जैसे बड़े शहरों में खपत ज्यादा होने के कारण सबसे पहले दबाव बढ़ने के संकेत हैं। वितरकों के सामने चुनौती है कि सीमित स्टॉक में सभी उपभोक्ताओं तक संतुलित सप्लाई बनाए रखें, जबकि आम आदमी की चिंता यही है कि गैस खत्म होने से पहले अगला सिलेंडर पहुंचेगा या नहीं। अगर स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है, तो सिर्फ देरी ही नहीं, बल्कि बाजार में गड़बड़ी और कालाबाजारी का खतरा भी बढ़ सकता है। महंगाई से जूझ रही आम जनता के लिए यह स्थिति और मुश्किलें खड़ी कर सकती है। होटल और रेस्टोरेंट सेक्टर भी सतर्क हो गया है, क्योंकि घरेलू गैस की कमी का असर कमर्शियल सप्लाई तक पहुंच सकता है। बहरहाल,सबसे बड़ी जरूरत है घबराहट से बचने की। समय रहते बुकिंग कराना, गैस का सोच-समझकर इस्तेमाल करना और अनावश्यक स्टॉकिंग से बचना ही फिलहाल आम उपभोक्ता के लिए सबसे सुरक्षित रास्ता है। अब नजरें सरकार और रसद विभाग पर हैं, कि वे इस चुनौती के बीच सप्लाई सिस्टम को कितना पारदर्शी और संतुलित बनाए रख पाते हैं।
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