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Jhansi284303

मोठ में बिजली कटौती पर भड़के ग्रामीण द्वारा किया गया प्रदर्शन

Aug 01, 2024 12:27:19
Moth, Uttar Pradesh

मोठ तहसील क्षेत्र के पूंछ ग्रामीण इलाकों में अघोषित बिजली कटौती से परेशान ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया। आधी रात को पावर हाउस घेरने के बाद, सुबह अधिकारियों के दफ्तर के बाहर प्रदर्शन किया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि विद्युत विभाग की लापरवाही के कारण 24 घंटे में केवल 3-6 घंटे बिजली मिल रही है। उन्होंने समस्या का समाधान न होने पर आगे धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी है।

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RKRakesh Kumar Bhardwaj
Mar 18, 2026 18:47:08
Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। जोधपुर, पाली और बालोतरा जिलों में बहने वाली जोजरी, बांडी और लूनी नदियों में बढ़ते प्रदूषण के मामले में सुप्रीम कोर्ट की कड़ी टिप्पणी के बाद राज्य सरकार ने तेजी से कदम उठाए हैं। बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में राज्य सरकार ने विस्तृत हलफनामा प्रस्तुत करते हुए हाई लेवल इकोसिस्टम ओवरसাইট कमेटी को मजबूत करने के लिए किए गए प्रशासनिक बदलावों और नियुक्तियों की जानकारी दी। कोर्ट ने इस हलफनामे को रिकॉर्ड पर लेते हुए फिलहाल अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खण्डपीठ के समक्ष हुई। राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता शिव मंगल शर्मा ने कोर्ट को अवगत कराया कि समिति की पूर्व रिपोर्ट में जिन कमियों और संसाधनों की कमी का उल्लेख किया गया था, उन्हें अब दूर कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि समिति के प्रभावी संचालन के लिए आवश्यक स्टाफ और आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध करा दी गई हैं। सरकार ने बताया कि आरएएस अधिकारी मनोज सोलंकी को कमेटी का रजिस्ट्रार-कम-नोडल ऑफिसर नियुक्त किया गया है। उनके साथ एक वरिष्ठ विधिक शोधकर्ता और स्टेनोग्राफर की भी नियुक्ति की गई है, ताकि समिति का काम बिना रुकावट आगे बढ़ सके। उल्लेखनीय है कि मनोज सोलंकी इससे पहले जोधपुर उत्तर नगर निगम में उपायुक्त के पद पर कार्यरत थे और उन्हें तत्काल प्रभाव से इस नई जिम्मेदारी पर लगाया गया है। दरअसल, 17 मार्च को हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार द्वारा समय पर हलफनामा पेश नहीं किए जाने पर नाराजगी जताई थी और 18 मार्च तक दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद सरकार ने त्वरित निर्णय लेते हुए प्रशासनिक स्तर पर बदलाव किए और आवश्यक नियुक्तियां पूरी कीं। इस पूरे प्रकरण की शुरुआत 16 सितंबर 2025 को हुई थी, जब सुप्रीम कोर्ट ने जोजरी नदी में बढ़ते प्रदूषण और बिना उपचार के छोड़े जा रहे सीवरेज के मुद्दे पर स्वतः संज्ञान लिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे अन्य संबंधित मामलों के साथ जोड़ा गया, जिनमें औद्योगिक प्रदूषण भी शामिल है। इसके बाद 21 नवंबर 2025 को कोर्ट ने राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन की निष्क्रियता पर नाराजगी जताते हुए एक हाई लेवल कमेटी का गठन किया था। इस समिति को नदियों की सफाई, प्रदूषण नियंत्रण और पुनर्जीवन के लिए कार्ययोजना तैयार करने का दायित्व सौंपा गया। 10 मार्च 2026 को प्रस्तुत अंतरिम रिपोर्ट में सामने आया कि प्रदूषण के कारण क्षेत्र में फसलों को भारी नुकसान हुआ है और बुनियादी ढांचे पर भी असर पड़ा है। साथ ही, समिति ने संसाधनों की कमी की बात भी रखी थी, जिस पर कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया। अब सरकार द्वारा उठाए गए इन कदमों के बाद आगे की कार्रवाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार किया जा रहा है, जो इस पूरे मामले की दिशा तय करेगा। जोजरी सहित इन नदियों में प्रदूषण की वजह से लाखों लोगों सहित पशु पक्षियों के जीवन पर संकट मंडरा रहा है ऐसे में अब सुप्रीम कोर्ट ने इस पूरे मामले पर गंभीरता दिखाई है।
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DGDeepak Goyal
Mar 18, 2026 18:46:50
Jaipur, Rajasthan:Anchor--हरीशचन्द्र माथुर राजस्थान राज्य लोक प्रशासन संस्थान के महानिदेशक एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) राजेश कुमार यादव ने सचिवालय स्थित राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन (181) कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों की बैठक लेकर आमजन की शिकायतों के त्वरित और प्रभावी निस्तारण पर जोर दिया। एसीएस यादव ने निर्देश दिए कि संपर्क पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि परिवादियों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान हो सके। उन्होंने कहा कि शिकायतों पर की गई कार्रवाई की जानकारी परिवादियों को व्हाट्सएप या संदेश के माध्यम से उपलब्ध कराई जाए। साथ ही, रिवर्स कॉल कर उनसे संतुष्टि का फीडबैक लेना भी अनिवार्य किया जाए। निरीक्षण के दौरान एसीएस ने कंट्रोल रूम में मौजूद रहते हुए स्वयं परिवादियों से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक निर्देश देकर समाधान सुनिश्चित कराया। जयपुर, जालौर, जोधपुर और कोटा जिलों के परिवादियों से सीधे संवाद करते हुए उन्होंने शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करने को कहा। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार आमजन से जुड़ी शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए विभिन्न विभागों के सचिव निर्धारित तिथियों पर राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन पर उपस्थित होकर परिवादियों से सीधा संवाद कर रहे हैं।
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RKRakesh Kumar Bhardwaj
Mar 18, 2026 18:46:32
Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने हनुमानगढ़ जिला क्रिकेट संघ के चुनावों को लेकर दिए गए सिंगल बेंच के फैसले को रद्द कर बड़ा निर्णय सुनाया है। अदालत ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद बिना संबंधित पक्षों को सुने चुनाव निरस्त करना न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है। जस्टिस विनीत कुमार माथुर व जस्टिस चन्द्रशेखर शर्मा डिवीजन बेंच ने फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति के अधिकारों को प्रभावित करने वाले आदेश पारित करने से पहले उसे सुनवाई का अवसर देना अनिवार्य है। हाईकोर्ट सिंगल बेंच के आदेश के खिलाफ एसोसिएशन के पदाधिकारी पवन कुमार अग्रवाल सहित अन्य की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश जोशी ने विशेष अपील पेश करते हुए चुनौती दी। मामले के अनुसार जिला क्रिकेट संघ हनुमानगढ़ की कार्यकारिणी का कार्यकाल समाप्त होने के बाद नए चुनावों की प्रक्रिया शुरू की गई थी। चुनाव अधिकारी की नियुक्ति कर चुनाव कार्यक्रम घोषित किया गया और 1 जून 2024 को मतदान भी संपन्न हुआ। इस बीच चुनाव अधिकारी को बदलने के आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। सिंगल बेंच ने इस याचिका को स्वीकार करते हुए चुनाव अधिकारी बदलने के आदेश को निरस्त कर दिया था और इसके बाद हुई पूरी चुनाव प्रक्रिया को भी अवैध घोषित कर चुनाव रद्द कर दिए थे। डिवीजन बेंच ने इस आदेश को अनुचित मानते हुए कहा कि चुनाव हो चुके थे और निर्वाचित पदाधिकारी कार्यभार संभाल चुके थे, ऐसे में उन्हें पक्षकार बनाए बिना लिया गया निर्णय न्यायसंगत नहीं कहा जा सकता। अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि चुनाव से जुड़े विवादों का निपटारा सामान्यतः चुनाव याचिका के जरिए किया जाना चाहिए, न कि रिट याचिका में हस्तक्षेप कर पूरी प्रक्रिया को प्रभावित किया जाए। डिवीजन ने यह भी पाया कि याचिकाकर्ताओं ने चुनाव प्रक्रिया के बाद हुई घटनाओं को रिकॉर्ड पर नहीं लाया और न ही उन्हें विधिवत चुनौती दी। इसके बावजूद सिंगल बेंच द्वारा चुनाव निरस्त करना उचित नहीं था। हाईकोर्ट ने सिंगल बेंच का आदेश निरस्त करते हुए संबंधित रिट याचिका को खारिज कर दिया और अपील को स्वीकार कर लिया। इस फैसले से जिला क्रिकेट संघ के निर्वाचित पदाधिकारियों को बड़ी राहत मिली है。
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RKRakesh Kumar Bhardwaj
Mar 18, 2026 18:46:15
Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर—राजस्थान हाईकोर्ट की जस्टिस कुलदीप माथुर की एकलपीठ ने कृषि उपज के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर परिवहन एवं हैंडलिंग से जुड़ी निविदा प्रक्रिया को लेकर महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश जारी किया है। कोर्ट ने दो रिट याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए संबंधित निविदा के तहत कार्यादेश (वर्क ऑर्डर) जारी करने पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। याचिकाकर्ता विजय लक्ष्मी ट्रेडिंग कंपनी के प्रोप्राइटर किशन लाल ने निविदा प्रक्रिया को चुनौती देते हुए आरोप लगाया कि चयन प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं रही। उन्होंने बताया कि जिस क्रय-विक्रय सहकारी समिति ने निविदा में भाग लिया, उसी का सदस्य सचिव क्रय समिति में शामिल था, जिससे हितों का टकराव स्पष्ट होता है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता हर्षित भुरानी ने दलील दी कि यह पूरी प्रक्रिया राजस्थान पारदर्शिता सार्वजनिक खरीद अधिनियम, 2012 और संबंधित नियमों का उल्लंघन करते हुए संचालित की गई। उन्होंने कहा कि जिस संस्था का प्रतिनिधि चयन समिति में था, उसी की तकनीकी बोली को स्वीकार करना नियमों के विपरीत है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने नोटिस जारी कर संबंधित पक्षों से जवाब तलब किया है और अगली सुनवाई तक वर्क ऑर्डर जारी करने पर रोक बरकरार रखी है।
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RKRakesh Kumar Bhardwaj
Mar 18, 2026 18:45:59
Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य के उपभोक्ता आयोगों में रिक्तियों के चलते न्यायिक कार्य प्रभावित होने पर अहम निर्देश जारी किए हैं। कोर्ट ने राज्य सरकार और खाद्य, आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलात विभाग के प्रमुख सचिव को आदेश दिया है कि राज्य उपभोक्ता आयोग और जिला उपभोक्ता आयोग में कार्यरत अध्यक्ष एवं सदस्यों को सेवा अवधि समाप्त होने के बावजूद रिलीव न किया जाए। साथ ही जो अधिकारी सेवानिवृत्त होकर हटाए गए हैं, उन्हें पुनः कार्यभार सौंपने के निर्देश भी दिए गए हैं। जस्टिस विनीत कुमार माथुर एवं जस्टिस चन्द्रशेखर शर्मा की खंडपीठ ने राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान आदेश पारित किया। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अनिल भंडारी ने अदालत को बताया कि उपभोक्ता आयोगों में नियुक्तियों के लिए नए नियम भारत सरकार स्तर पर प्रस्तावित हैं, जिनके लागू होने तक नई भर्तियां संभव नहीं हैं। अधिवक्ता ने यह भी बताया कि पिछले वर्ष जिला उपभोक्ता आयोगों में 2 अध्यक्ष और 14 सदस्यों के पद रिक्त हो चुके हैं। वहीं, इस वर्ष फरवरी में राज्य उपभोक्ता आयोग के 2 सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो गया, जबकि मार्च में 9 अन्य अध्यक्ष और सदस्यों का कार्यकाल पूरा होने वाला है। ऐसी स्थिति में कई जिला आयोग कोरम के अभाव में ठप पड़ सकते हैं और राज्य आयोग की विभिन्न पीठों में न्यायिक कार्यवाही बाधित होने की आशंका है। राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता राजेश पंवार ने कहा कि इस संबंध में सरकार गंभीरता से विचार कर रही है। हालांकि, अदालत ने पाया कि सरकार की ओर से याचिकाकर्ता की दलीलों का ठोस जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत त्वरित न्याय सुनिश्चित करना आवश्यक है। इसलिए जब तक नए नियमों के तहत नियुक्तियां नहीं हो जातीं, तब तक वर्तमान अध्यक्ष और सदस्यों को कार्यरत रखा जाए। साथ ही, जिन्हें पहले ही रिलीव कर दिया गया है, उनके पुनर्नियुक्ति आदेश जारी किए जाएं। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि आगामी आदेश तक किसी भी अध्यक्ष या सदस्य को पद से मुक्त नहीं किया जाए, ताकि उपभोक्ता आयोगों का कार्य सुचारू रूप से चलता रहे और आम जनता को न्याय मिलने में कोई बाधा न आए。
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STSharad Tak
Mar 18, 2026 18:45:42
Sirohi, Rajasthan:राजस्थान के एकमात्र हिल स्टेशन आबूराज में आज से नवरात्रि की शुरुआत होने जा रही है, लेकिन उससे पहले ही आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। आबू स्थित अर्बुदा देवी शक्तिपीठ में श्रद्धालुओं का तांता लग गया है, जहां दूर-दूर से भक्त मां के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। नवरात्रि शुरू होने से पहले ही आबू में भक्ति का माहौल पूरी तरह से रंग चुका है। अर्बुदा देवी मंदिर, जिसे अधर देवी के नाम से भी जाना जाता है, 52 शक्तिपीठों में से एक पवित्र स्थल है। मान्यता है कि यहां माता के अधर यानी होंठ गिरे थे, जिसके कारण यह स्थान अत्यंत चमत्कारी माना जाता है। हर साल नवरात्रि के दौरान यहां लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं, लेकिन इस बार तो नवरात्रि से एक दिन पहले ही भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। गुजरात और देश के कई राज्यों से श्रद्धालु बड़ी संख्या में यहां पहुंच रहे हैं, क्योंकि मां अर्बुदा को कई परिवारों की कुलदेवी भी माना जाता है। मंदिर परिसर में सुरक्षा और व्यवस्थाओं को भी मजबूत किया गया है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी ना हो। नवरात्रि के इस पावन अवसर पर आबूराज पूरी तरह से भक्ति में डूब चुका है, और मां अर्बुदा शक्तिपीठ श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। कुल मिलाकर, नवरात्रि शुरू होने से पहले ही आबू में श्रद्धालुओं का उमड़ता सैलाब यह दर्शाता है कि मां अर्बुदा के प्रति लोगों की आस्था कितनी गहरी है।
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DRDamodar Raigar
Mar 18, 2026 18:45:26
Jaipur, Rajasthan:दामोदर प्रसाद जयपुर एंकर— एमआई रोड व्यापार मंडल की ओर से होली स्नेह मिलन समारोह राजस्थान चैम्बर आफ कॉमर्स एंड इण्डस्ट्री में आयोजित हुआ राजस्थान के उद्योग व्यापार, सामाजिक, राजनैतिक और प्रशासनिक,पुलिस प्रशासनिक क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि भी शामिल हुए एमआई रोड व्यापार मंडल के महामंत्री सुरेश सैनी ने बताया कि सभी व्यापारी,उद्यमी होली—धूलंडी के बाद एक दूसरे रामा—श्यामा और भले बिसरे यादों को ताजा की कार्यक्रम के माध्यम से सभी व्यापारी,उद्यमी फूलों की होली,ठंडाई,कुल्फी से बना होली का माहौल,होली के रंगों के साथ राजस्थानी व्यंजनों का लुफ्त उठाया सबसे बडी बात यह है कि सभी औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधि परिवार के साथ शामिल हुए होली मिलन समारोह में मंत्री अविनाश गहलोत, विधायक गोपाल शर्मा पहुंचकर देशभक्ति गीतों पर डांस भी किया इसके बाद व्यापारियों द्वारा सम्मानित भी किया गया बाइट - KL जैन, अध्यक्ष राजस्थान चैंबर ऑफ़ कॉमर्स एंड इडस्ट्री बाइट— सुरेश सैनी, महामंत्री एमआई रोड व्यापार मंडल जयपुर
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DGDeepak Goyal
Mar 18, 2026 18:45:15
Jaipur, Rajasthan:राजस्थान दिवस की पूर्व संध्या पर राजधानी जयपुर में आस्था और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गोविंददेवजी मंदिर में आयोजित महाआरती में भाग लिया और विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहैली व समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री ने सपत्नीक मंत्रोच्चार के बीच आरती की और मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं का अभिवादन भी किया। इस दौरान मंदिर के महंत ने उन्हें दुपट्टा ओढ़ाकर सम्मानित किया। महाआरती के दौरान पूरा परिसर भक्ति और उत्साह के माहौल से सराबोर नजर आया। इस अवसर पर संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, विधायक गोपाल शर्मा, बालमुकुन्दाचार्य सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री की पहल पर पिछले वर्ष से राजस्थान दिवस को अंग्रेजी कैलेंडर के बजाय भारतीय पंचांग के अनुसार चैत्र शुक्ल प्रतिपदा पर मनाने का निर्णय लिया गया है। इसी क्रम में इस वर्ष 19 मार्च को प्रदेशभर में विभिन्न धार्मिक, सांस्कृतिक और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के साथ राजस्थान दिवस मनाया जाएगा। राजस्थान दिवस के उपलक्ष्य में देवस्थान विभाग की ओर से प्रदेश के सभी राजकीय मंदिरों में विशेष सजावट, दीप प्रज्ज्वलन, भजन संध्या और पूजा-अर्चना के आयोजन किये जा रहे हैं।
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