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UP बोर्ड एक्शन: बिना मान्यता के स्कूल-कोचिंग पर 18 अप्रैल तक कार्रवाई

Prayagraj, Uttar Pradesh:शिक्षा माफियाओं के खिलाफ एक्शन के लिए यूपी बोर्ड का फरमान, गैर मान्यता प्राप्त स्कूल और कोचिंग संस्थानों पर कार्रवाई के आदेश, सभी जिलों में सघन चेकिंग अभियान के जरिए चिह्नित किए जाएं अनधिकृत स्कूल और कोचिंग, 18 अप्रैल तक चिन्हित सभी गैर मान्यता प्राप्त स्कूल और कोचिंग संस्थानों पर की जाए कार्रवाई, सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के निजी कोचिंग संस्थानों में भी पढ़ाने पर पूरी तरह से रोक लगाने के निर्देश। यूपी में योगी सरकार अब शिक्षा माफियाओं पर नकेल कसने जा रही है। शिक्षा के नाम पर वसूली करने के लिए गली और मोहल्लों में मानकों को ताक पर रखकर चल रहे अनधिकृत स्कूलों और कोचिंग संस्थानों को पूरी तरह बंद करने का फरमान जारी हुआ है। माध्यमिक शिक्षा परिषद यूपी बोर्ड ने पूरे प्रदेश में बिना मान्यता के चल रहे स्कूल और कोचिंग संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। बोर्ड की तरफ से पूरे प्रदेश में अभियान चलाकर गैर मान्यता प्राप्त स्कूल और कोचिंग संस्थानों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। बोर्ड ने सभी जिलों के डीआईओएस और बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित दिया है कि सभी जनपद में 6 अप्रैल से 18 अप्रैल 2026 तक सघन अभियान चलाकर अनधिकृत स्कूल और कोचिंग संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों द्वारा कोचिंग संस्थानों में भी पढ़ाए जाने पर बोर्ड ने एक्शन के निर्देश दिए हैं। माध्यमिक शिक्षा परिषद यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने सभी जिलों के लिए बाकायदा एक सर्कुलर भी जारी किया है। जिसमें साफ कहा गया है कि गैर मान्यता प्राप्त स्कूल और कोचिंग कहीं पर भी अगर पाए जाते है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए, बोर्ड ने साफ कहा है कि अगर किसी भी जिले में बगैर मान्यता प्राप्त स्कूल और कोचिंग संस्थान पाए गए तो उसकी जिम्मेदारी संबंधित जिलों के डीआईओएस और बेसिक शिक्षा अधिकारी की होगी। बोर्ड सचिव भगवती सिंह का कहना है कि हमारा मकसद शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने के साथ ही जो अनाधिकृत विद्यालय और कोचिंग संस्थान चल रहें हैं उन पर भी अंकुश लगाने की है। ताकि छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी तरह का कोई खिलवाड़ न कर सके। बोर्ड सचिव ने अभिभावकों से भी अपील किया है कि वह यूपी बोर्ड की अधिकृत वेबसाइट पर जाकर मान्यता प्राप्त स्कूलों की सूची देखकर ही अपने बच्चों को प्रवेश दिलाएं, ताकि बाद में उन्हें किसी भी तरह की दिक्कतों का सामना न करना पड़े। बाइट --‌ भगवती सिंह, सचिव- माध्यमिक शिक्षा परिषद यूपी बोर्ड
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राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा “ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडे” अभियान का हुआ शुभारंभ

MSMukut SharmaFollowJust now
Chaksu, Rajasthan:चाकसू (जयपुर) राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा “ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडे” अभियान का शुभारंभ राजकीय महात्मा गांधी विद्यालय, शिवदासपुरा में आज मंगलवार “ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडे” अभियान की शुरुआत की गई। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट क्रम संख्या 15 चाकसू, स्वाति व्यास ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम के दौरान कक्षा 8 से 12 तक के 150 से अधिक विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। न्यायिक अधिकारी ने छात्रों को साइबर अपराधों से बचाव और संबंधित कानूनों की विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर विद्यार्थियों की शिकायतों के समाधान के लिए “कोर्ट वाली दीदी” नाम से विशेष शिकायत बॉक्स भी स्थापित किया गया। इसमें छात्र अपनी समस्याएं लिखकर डाल सकेंगे, जो सीधे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण तक पहुंचेंगी। कार्यक्रम में विद्यालय प्रधानाध्यापक वीरेंद्र कुमार, कोर्ट स्टाफ दिनेश सिंह, सुरेश मीणा एवं विष्णु शर्मा सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
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शाहजहांपुर स्वास्थ्य विभाग में मेडिकल क्लेम घोटाला: 30 लाख का खुलासा, 13 पूर्व कर्मचारी आरोपी

SKSHIV KUMARJust now
Piprola Ahmedpur, Uttar Pradesh:लोकेशन शाहजहांपुर शाहजहांपुर में स्वास्थ्य विभाग में एक बार फिर से घोटाले का पता चला है। यहां पूर्व कर्मचारियों के मेडिकल क्लेम के नाम पर लगभग 30 लाख रुपए का घोटाला कर दिया गया। इलाज के फर्जी दस्तावेजों के जरिए पूर्व कर्मचारियों के खातों में लाखों रुपयों भेजकर बंदरबांट कर लिया गया। इस मामले में डीएम के आदेश पर जांच के बाद स्वास्थ्य विभाग के एक बाबू समेत 12 पूर्व कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। डीएम की कार्रवाई से स्वास्थ्य विभाग महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। शिकायत मिली थी कि मेडिकल क्लेम के नाम पर लाखों रुपए पूर्व कर्मचारियों के खातों में भेजे गए हैं। टीम बनाकर जांच करने पर लगभग 30 लाख रुपए का घोटाला सामने आया। बताया गया कि सीएमओ कार्यालय के एक बाबू ने पूर्व कर्मचारियों के साथ मिलकर मेडिकल क्लेम के फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए, फिर पूर्व कर्मचारियों के खातों में लगभग 30 लाख रुपए भेज दिए गए, जिसका बाद में बंदर बांट कर लिया गया। इसके साथ सीएमओ कार्यालय के बाबू साजिद ने भी इलाज के नाम पर लगभग 2 लाख का क्लेम किया। जांच में यह भी पाया गया कि जिन अस्पतालों से इलाज दिखाया गया था वे अस्पताल अस्तित्व में नहीं थे, और कई अस्पतालों में पूर्व कर्मचारियों ने खुद को भर्ती दिखाया था, जबकि वहां सिर्फ ओपीडी की सुविधा थी। जांच पूरी होने के बाद जिलाधिकारी के आदेश पर सीएमओ कार्यालय के बाबू साजिद और 13 पूर्व कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। डीएम की इस कार्रवाई से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। आरोपी बाबू फरार बताया जा रहा है। पुलिस जांच में इस मामले में आगे भी कई लोगों के शामिल होने की संभावना है।
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मीरजापुर में अंतरजनपदीय वाहन चोर गिरोह पकड़, चार गिरफ्तार

Ukhdand, Uttar Pradesh:मीरजापुर पुलिस ने अंतरजनपदीय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। थाना कोतवाली शहर पुलिस और एसओजी/सर्विलांस की संयुक्त टीम ने इस कार्रवाई में चार शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनके कब्जे से चोरी की मोटरसाइकिलें और बड़ी मात्रा में उनके पार्ट्स बरामद किए गए हैं। इसमें 3 आरोपी जिले के और 1 पड़ोसी जनपद भदोही का रहने वाला है। पुलिस के अनुसार, कचहरी तिराहे के पास चेकिंग के दौरान संदिग्ध गतिविधि के आधार पर पवन कुमार विश्वकर्मा को पकड़ा गया। तलाशी लेने पर उसके पास से एक चोरी की मोटरसाइकिल बरामद हुई। पूछताछ में आरोपी ने अपने गैंग के अन्य साथियों की जानकारी दी, जिसके आधार पर पुलिस ने महेश कुमार बिन्द, रमेश केशरी और पिंटू कुमार बिन्द को भी गिरफ्तार कर लिया। इनके कब्जे से 2 चोरी की मोटर साइकिल, 11 इंजन, 3 कटी हुई चेसिस, 6 साइलेंसर, 4 पेट्रोल टंकी 22 रिंग सहित अन्य मोटरसाइकिल पार्ट्स बरामद किया गया। आरोपीयों ने बताया कि उनका एक संगठित गिरोह है, जो अलग-अलग स्थानों पर खड़ी मोटरसाइकिलों को मौका देखकर चोरी करता था। चोरी के बाद वे वाहनों की नंबर प्लेट हटा देते थे और उन्हें छिपाकर रखते थे। बाद में गाड़ियों को काटकर उनके पार्ट्स अलग-अलग बेच दिए जाते थे, जिससे पहचान खत्म हो जाती थी और बिक्री आसान हो जाती थी। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ पहले से भी कई मुकदमे दर्ज हैं, जिससे स्पष्ट है कि वे लंबे समय से इस अवैध गतिविधि में संलिप्त थे। थाना कोतवाली शहर में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को न्यायालय भेज दिया गया है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और चोरी के नेटवर्क की भी जांच कर रही है। पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजक कौशिक ने सराहनीय कार्रवाई के लिए पुलिस टीम को 15,000 के पुरस्कार से सम्मानित किया है।
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उन्नाव में विश्व स्वास्थ्य दिवस पर मेगा रक्तदान शिविर का आयोजन।

Unnao, Uttar Pradesh:उन्नाव :- आज श्री सेवार्थ फाउंडेशन की प्रथम वर्षगांठ पर हुआ कार्यक्रम। जिला अस्पताल ब्लड सेंटर में सैकड़ों लोगों ने किया रक्तदान। युवाओं व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा। संरक्षक रामप्रकाश चौरसिया ने जागरूकता पर दिया जोर। अध्यक्ष प्रथम श्रीवास्तव ने रक्तदान को बताया महादान। कोषाध्यक्ष निर्भय निगम ने नियमित रक्तदान की अपील की। डॉ. राजेश सिंह की टीम ने सुरक्षित तरीके से किया रक्त संग्रह। सदर विधायक पंकज गुप्ता, प्रवीण मिश्रा ‘भानु’ रहे मौजूद। भाजपा जिलाध्यक्ष अनुराग अवस्थी समेत कई गणमान्य लोग हुए शामिल।
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बरनाला में मिलावटखोरी के खिलाफ जनता ने कड़े कदमों की मांग की

Barnala, Bathinda, Punjab:पिण्ड दी सथ प्रोग्राम के तहत बरनाला के लोगों से मिलावटखोरी के खिलाफ सीधी बातचीत, लोगों का कहना है कि मिलावट का धंधा आज जंगल में आग की तरह फैल रहा है और कैंसर जैसी अनचाही भयंकर बीमारियों का कारण बन रहा है, और समय की सरकारें और हेल्थ डिपार्टमेंट कुंभकरण नींद सो रहा है, चंद पैसों की लालच में मिलावटखोरों का धंधा फल फूल रहा है; कीमती जानें और सेहत से खिलवाड़ हो रहा है (बड़े सवाल) गांवों में गाय भैंसों जानवरों की संख्या कम हो गई है लेकिन आज भी दूध कुछ ही घंटों में क्वांटलो की मात्रा (हजारों लीटरो) में मिल जाता है, ज़हरीला और सिंथेटिक दूध बड़ी मात्रा में तैयार किया जा रहा है, आज हम अपने बच्चों को अपने हाथों से दूध और दूध से बने प्रोडक्ट दही पनीर मक्खन के रूप में ज़हर दे रहे हैं, खाने की चीज़ों में मिलावट इस हद तक पहुंच गई है कि आज ज़हर में भी मिलावट की जाती है, समय-समय पर हेल्थ डिपार्टमेंट चेकिंग के दौरान सैंपलिंग करता है, लेकिन उसके नतीजे महीना-महीने तक नहीं आ रहे हैं और खाने की चीज़ों में मिलावट करने वाले दोषी साफ छूट जाते हैं, ज्यादातर सैंपल कैंसिल हो जाते हैं, घर का सामान, दूध, दही, पनीर, बेकरी, आटा, दाल, सभी में मिलावट हो रही है जिससे खतरनाक बीमारियां फैल रही हैं, आज डिजिटल ज़माने में मिलावट और भ्रष्टाचार की सैंपलिंग एट-द-स्पॉट होनी चाहिए ताकि सख्त कार्रवाई हो सके, लोगu का रोष यह पूरा गोरख धंधा सरकारें और डिपार्टमेंट मिलकर चला रहे हैं। अगर समय की सरकारें सख्त हों और कानून सख्त हों, तो ऐसे मिलावट और भ्रष्टाचार और रिश्वत लेने वालों को सज़ा मिल सकती है
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उन्नाव के औरास ब्लॉक में विद्यालय में भव्य प्रवेश उत्सव आयोजित।

Unnao, Uttar Pradesh:उन्नाव : औरास ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय करौदीं में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रही धूम। छात्र-छात्राओं ने सरस्वती वंदना, गीत व योगा प्रस्तुतियों से मोहा मन। बीईओ ने मेधावी छात्रों को ट्रॉफी व मेडल देकर किया सम्मानित। रामपुर गढ़ौवा की खुशी और उपासना बनीं समारोह का आकर्षण। खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन पर दोनों छात्राओं को मिला विशेष सम्मान। प्रधानाध्यापिका लक्ष्मी यादव ने प्रस्तुत की वार्षिक प्रगति रिपोर्ट। शिक्षक प्रदीप वर्मा ने नामांकन बढ़ाने के लिए अभिभावकों से की अपील। निपुण भारत मिशन व ऑपरेशन कायाकल्प कार्यों की हुई सराहना। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, अभिभावक व ग्रामीण बड़ी संख्या में रहे मौजूद।
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झामुमो असम में अकेले चुनाव लड़ेगा, कांग्रेस ने 7 सीट का ऑफर दिया

Ranchi, Jharkhand:रांची — झारखंड मुक्ति मोर्चा झारखंड में गठबंधन सरकार की अगुआ है। यहां झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेतृत्व में गठबंधन की सरकार चल रही है। झारखंड में भलेही गठबंधन की सरकार में झामुमो शामिल है पर असम में झारखंड मुक्ति मोर्चा अकेले चुनावी मैदान में है। असम में झामुमो ने 21 सीट पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं, हालांकि फिलहाल 19 सीट पर झामुमो के प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। असम चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी की तरफ से ये पहल हुई, कि झारखंड मुक्ति मोर्चा गठबंधन में चुनाव लड़े, इसके लिए असम कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई और असम कांग्रेस प्रभारी जितेंद्र सिंह ने रांची आकर सीएम हेमंत सोरेन से मुलाकात किया था और गठबंधन में शामिल होकर चुनाव लड़ने का आग्रह किया था। एक जानकारी के मुताबिक कांग्रेस पार्टी की तरफ से झारामूंो को असम में 7 विधानसभा सीट का ऑफर मिला था, पर झारखंड मुक्ति मोर्चा ने अपने संगठन को विस्तार देने की बात कह कर असम में अकेले चुनाव में जाने का निर्णय लिया। झारखंड मुक्ति मोर्चा ने बिहार के बाद असम में अपने उम्मीदवार उतारे हैं। इससे पहले झामुमो ने झरखण्ड अलग होने के बाद 2005 में बिहार विधानसभा चुनाव में दो सीट पर जीत दर्ज किया था, 2010 में होने वाले विधानसभा चुनाव में एक सीट पर सफलता मिली थी पर तब झामुमो से टिकट पर चुनाव जीत कर आने वाले विधायक ने जदयू को अपना समर्थन दे दिया थे। 2020 में भी झामुमो ने चार सीट पर चुनाव लड़ा था पर सफलता नहीं मिली थी, जबकि 2025 के हुए बिहार विधानसभा चुनाव ने झामुमो को गठबंधन में सीटें नहीं मिली, झामुमो ने 6 सीट पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया पर अंततः उम्मीदवार नहीं उतारा। झारखंड मुक्ति मोर्चा ने ओडिशा में 2009 और 2024 के विधानसभा व लोकसभा चुनावों में उम्मीदवार उतारा था। 2009 के चुनाव में पार्टी को सफ़लता नहीं मिली, वहीं 2024 में भी ओडिशा विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव में उम्मीदवार उतारा था।
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ब्रांडेड बनाम जेनेरिक दवाओं: कीमत में बड़ा अंतर क्यों?

Noida, Uttar Pradesh:ब्रांडेड जेनेरिक दवाइयां की लागत और MRP आखिर क्यों होता है बड़ा अंतर.. एथिकल मेडिसिन बड़ी फार्मा कंपनियों द्वारा डॉक्टर के परामर्श पर प्रमोट की जाती है, जिसमें एडवरटाइजमेंट स्टॉकिस्ट होलसेलर और रिटेलर आदि का मार्जिन शामिल होता है, खुदरा मूल्य इतना ज्यादा होने का दूसरा कारण दवाइयां का एक्सपायरी डेट से पहले ना बिकना भी है, एथिकल मेडिसिन में मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट होती है ज्यादा- एंकर- ब्रांडेड और जेनेरिक दवाइयों की कीमतों में इतना बड़ा अंतर क्यों होता है…? आखिर क्यों एक ही सॉल्ट की दवा कहीं सस्ती तो कहीं कई गुना महंगी मिलती है। दरअसल, एथिकल यानी ब्रांडेड मेडिसिन को बड़ी फार्मा कंपनियां डॉक्टरों के माध्यम से प्रमोट करती हैं। इन दवाइयों में सिर्फ दवा बनाने की लागत नहीं, बल्कि एडवरटाइजमेंट, मार्केटिंग, मेडिकल रिप्रेजेंटिव, स्टॉकिस्ट, होलसेलर और रिटेलर तक का पूरा खर्च शामिल होता है। यही वजह है कि फैक्ट्री से निकलकर मरीज तक पहुंचते-पहुंचते दवा की कीमत कई गुना बढ़ जाती है। इस पूरी सप्लाई चेन में सीएफ एजेंट, सुपर स्टॉकिस्ट, डिस्ट्रीब्यूटर और रिटेलर शामिल होते हैं, जहां कुल मिलाकर 40 से 60 प्रतिशत तक का मार्जिन जुड़ जाता है। इसके अलावा दवाइयों के महंगे होने का एक बड़ा कारण एक्सपायरी का रिस्क भी है। कई बार दवाइयां समय पर नहीं बिक पातीं, जिससे कंपनियों और विक्रेताओं को नुकसान होता है। इस नुकसान की भरपाई भी कीमतों में शामिल कर दी जाती है। "एथिकल मेडिसिन में मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट के साथ-साथ मार्केटिंग और डिस्ट्रीब्यूशन का खर्च भी काफी ज्यादा होता है। पूरी चैन में अलग-अलग स्तर पर मार्जिन जुड़ता है, जिससे दवा की MRP बढ़ जाती है।" वहीं, जेनेरिक दवाइयां सीधे तौर पर कम मार्केटिंग और कम ब्रांडिंग के साथ उपलब्ध होती हैं, जिससे उनकी कीमत अपेक्षाकृत कम रहती है। हालांकि, दोनों ही प्रकार की दवाइयों में इस्तेमाल होने वाला सॉल्ट और असर अक्सर समान होता है।
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रीको ने 2025-26 में उद्योग क्षेत्र में रिकॉर्ड उछाल, राजस्थान की अर्थव्यवस्था तेज

Jaipur, Rajasthan:राजस्थान की अर्थव्यवस्था की गति बढ़ाने और राज्य के औद्योगिक परिदृश्य को पूरी तरह बदलने के लिए रीको लगातार प्रयास कर रहा है। रीको ने औद्योगिक विकास के क्षेत्र में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 में उपलब्धियां हासिल की हैं। रीको द्वारा हर वर्ष अपने प्रदर्शन में लगातार सुधार किया जा रहा है, जो राज्य में औद्योगिक वातावरण को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में रीको द्वारा जहाँ राज्य में 12 नए औद्योगिक क्षेत्र आवंटन हेतु खोले गए थे, वहीं वर्ष 2025-26 में 21 नवीन औद्योगिक क्षेत्र खोले गए हैं, जो औद्योगिक विस्तार के प्रति रीको की प्रतिबद्धता को दिखाता है। इसी प्रकार से रीको ने वर्ष 2024-25 में 880 भूखण्डों का आवंटन किया था जबकि वित्तीय वर्ष 2025-26 में 2175 भूखण्डों का आवंटन किया गया है जो रीको की कार्यशैली और उद्यमियों का राज्य में अधिक से अधिक उद्योग स्थापित करने के प्रति रूझान बढ़ा रहा है। रीको विकास कार्यों पर खर्च करने में भी पीछे नहीं है। वर्ष 2024-25 में विकास कार्यों हेतु 413 करोड़ रुपये के कार्यादेश दिये थे, वहीं 2025-26 में 1045 करोड़ रुपये के विकास कार्यों हेतु कार्यादेश दिये गए हैं जो पिछले वर्ष के मुकाबले दोगुने से भी अधिक है। राजस्व प्राप्ति के मामले में भी रीको ने इस वर्ष रिकॉर्ड दर्ज किया है। वर्ष 2024-25 में भूमि के आवंटन से जहां 1513 करोड़ रुपये रीको को प्राप्त हुए, वहीं 2025-26 में रीको को 2526 करोड़ रुपये इस मद में मिले हैं। नए औद्योगिक क्षेत्रों के विकास के लिए भूमि अधिग्रहण में भी रीको ने प्रगति की है। वर्ष 2024-25 में जहाँ 111 करोड़ रुपये की भूमि प्राप्त की गई थी, वहीं 2025-26 में 1611 करोड़ रुपये की भूमि रीको द्वारा विभिन्न सरकारी विभागों से आवंटित कराई गई है। रीको हर वर्ष नए मानक स्थापित करते हुए राज्य के औद्योगिक विकास को नई दिशा और गति दे रहा है।
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