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Eshan KhanEshan KhanFollow30 Apr 2025, 11:41 am
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नेपाल सीमा शुल्क नियमों से लखीमपुर के बाजार ठप्प, कारोबारियों की रोज़ी-रोटी संकट

Lakhimpur, Uttar Pradesh:लखीमपुर-खीरी जिले के भारत-नेपाल सीमा पर स्थित बाजारों की रौनक अब पूरी तरह गायब हो चुकी है और व्यापारियों के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। नेपाल सरकार द्वारा हाल ही में लागू किए गए सख्त सीमा शुल्क नियमों का असर जिले के इंडो-नेपाल बॉर्डर से सटे बाजारों पर साफ दिखाई देने लगा है। कोतवाली गौरीफंटा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बनगंवा बाजार में इन दिनों सन्नाटा पसरा हुआ है। जिस बाजार में पहले सुबह से शाम तक नेपाली ग्राहकों की भारी भीड़ रहती थी और पैर रखने की जगह नहीं मिलती थी। वहां अब सड़कें और दुकानें सूनी नजर आ रही हैं। इस बदलाव की मुख्य वजह नेपाल सरकार का वह नया फैसला है,जिसके तहत अब भारतीय बाजार से महज 100 रुपये से अधिक का सामान नेपाल ले जाने पर सीमा शुल्क यानी भंसार देना अनिवार्य कर दिया गया है। इस नियम के लागू होने के बाद से नेपाली ग्राहकों ने भारतीय बाजारों में आना लगभग बंद कर दिया है, क्योंकि छोटे-मोटे घरेलू सामान की खरीदारी पर भी उन्हें अब भारी टैक्स चुकाना पड़ रहा है । घंटों की जांच प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा है। बनगंवा बाजार की स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक है, क्योंकि यहां के व्यापार का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा पूरी तरह से नेपाल से आने वाले ग्राहकों पर ही निर्भर था। बाजार के दुकानदारों का कहना है कि अब हालात ऐसे हो गए हैं कि वे पूरे दिन हाथ पर हाथ धरे बैठे रहते हैं और बोहनी तक के लाले पड़ रहे हैं।व्यापारियों ने अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए बताया कि बिक्री ठप होने के कारण अब दुकान का किराया, बिजली का बिल और दैनिक खर्च निकालना भी नामुमकिन होता जा रहा है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि पहले उनकी दुकानों पर दिन भर ग्राहकों का तांता लगा रहता था, जिससे न केवल उनका घर चलता था बल्कि बाजार में अच्छी-खासी चहल-पहल रहती थी। व्यापारियों ने चिंता जताते हुए कहा कि अगर नेपाल सरकार ने अपना यह फैसला वापस नहीं लिया या इसमें ढील नहीं दी, तो उन्हें मजबूर होकर व्यापार बंद करना पड़ेगा और पलायन करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा। बनगंवा के साथ-साथ सीमा से सटे अन्य छोटे-बड़े बाजारों में भी इसी तरह की स्थिति बनी हुई है। स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने अब दोनों देशों की सरकारों से इस गंभीर समस्या का समाधान निकालने की मांग की है, ताकि सीमावर्ती क्षेत्रों की आर्थिक गतिविधियां फिर से पटरी पर लौट सकें और लोगों की रोजी-रोटी सुरक्षित रह सके。
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कुशीनगर के मठिया माफ़ी गांव में चाकूबाजी, एक युवक गंभीर घायल

Kushinagar, Uttar Pradesh:Breaking कुशीनगर - आर्केस्ट्रा में डांस करने को लेकर हुई चाकूबाजी - गन्ने के खेत मे लेजाकर आरोपियों ने घटना को दिया अंजाम - चाकूबाजी की घटना में एक युवक बुरी तरह हुआ घायल - घायल युवक की स्थिति नाजुक सीएचसी के चिकित्सकों ने जिला अस्पताल किया रेफर - गांव के ही एक विशेष समुदाय के दर्जनों युवकों के ऊपर चाकू से हमला करने काआरोप - ग्रामीणों ने एक आरोपी को पकड़ कर पुलिस को सौंपा - अन्य आरोप घटना को अंजाम देकर भाग निकले - मौके पर पहुँची विशुनपुरा पुलिस मामले की जाँच में जुटी - विशुनपुरा थाना क्षेत्र के मठिया माफी गाँव का मामला ।
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गंगा एक्सप्रेसवे: संभल से लखनऊ-प्रयागराज तक आसान सफर, 29 अप्रैल उद्घाटन

Sambhal, Uttar Pradesh:संभल में पूरब से पश्चिम को जोड़ने वाला 594 लम्बा किलोमीटर गंगा एक्सप्रेस वे अब शुरू होने के लिए तैयार है .. 29 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हरदोई जिले से इस गंगा एक्सप्रेस वे का लोकार्पण करेंगे .. गंगा एक्सप्रेस वे शुरू होने के बाद संभल से लखनऊ और प्रयागराज तक का सफर काफी आसान हो जाएगा ...मुरादाबाद और बुलंद शहर से लखनऊ जाने वाले को भी गंगा एक्सप्रेस वे से बड़ी राहत मिलेगी ...संभल जिले से इस गंगा एक्सप्रेस वे का 38 किलोमीटर लंबा हिस्सा गुजरा है .माना जा रहा है गंगा एक्सप्रेस वे से संभल समेत प्रदेश के आर्थिक और सामाजिक विकास को गति मिलेगी .. पूरब से पश्चिमी को जोड़ने वाले इस गंगा एक्सप्रेस वे पर सुरक्षा का खास ध्यान रखा गया है ....एक्सप्रेस वे पर हर 15 किलोमीटर के दायरे में पुलिस पिकेट तैनात रहेगी ..आपात कालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए एंबुलेंस सेवा भी उपलब्ध रहेगी ......गंगा एक्सप्रेस वे को 120 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड के हिसाब से डिजाइन किया गया है ...वाहनों की रफ्तार पर निगरानी की लिए सी सी टी वी कैमरे लगाए है .. तेज रफ्तार से वाहन चलाने पर वाहन का ऑटोमेटिक चालान हो जाएगा .. 29 तारीख को लोकार्पण से पहले एक्सप्रेस वे पर एक रन ट्रायल किया जाएगा जिसकी तैयारियों चल रही है ...फिलहाल बड़ी खबर यह है ..गंगा एक्सप्रेस वे शुरू होने से लोगों को बेहतर सफर करने का मौका मिलेगा ..
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तेजस्वी यादव के बयान पर विपक्ष में बहस, सत्तू-झालमुड़ी का जिक्र

Patna, Bihar:Patna बंगाल चुनाव मे तेजस्वी यादव ने झालमुड़ी और बिहार मे सत्तू का जिक्र करके प्रधानमंत्री पर हमला...पूर्व उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने कहाँ की नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव जी विपक्ष की भूमिका मे हैं वो भाव को नहीं समझ पाए..तेजस्वी यादव स्वीकार नहीं कर पाए हैं इसलिए सत्तू और झालमुड़ी मे अंतर समझ नहीं आ रहा हैं..सबको साथ लेकर चलने का सन्देश हैं..जिस दिन राहुल गाँधी और तेजस्वी यादव को तब समझ मे आएगा जब वो पूर्णतः भारतीय हो जाएंगे... राहुल गाँधी को सक हो रहा हैं..मोदी जी काम हर घर तक पंहुचा हैं राहुल गाँधी और ममता दीदी तक पंहुचा हैं अच्छे लोग का सम्मान हर लोगो को करना चाहिए. बाइट : विजय सिन्हा पूर्व उपमुख्यमंत्री...
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प्रतापगढ़ के कटकड़ी में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का भव्य शुभारंभ

Pratapgarh, Rajasthan:प्रतापगढ़ जिले के कटकड़ी गांव में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का विधिवत शुभारंभ हुआ। कथा के पहले दिन गांव में धार्मिक माहौल के बीच बैंड-बाजों के साथ भव्य पोथी एवं कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। सुबह गांव की महिलाओं ने सिर पर 101 कलश धारण कर शोभायात्रा में भाग लिया, वहीं ढोल-नगाड़ों और बैंड की मधुर धुनों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। शोभायात्रा में सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण, श्रद्धालु एवं मुख्य यजमान शामिल हुए, जिससे पूरे गांव में भक्तिमय वातावरण बन गया। आयोजन समिति द्वारा कथा का आयोजन प्रतिदिन दोपहर 11:30 बजे से शाम 3:30 बजे तक किया जाएगा। कथा वाचन पंडित गोपाल कृष्ण शर्मा द्वारा किया जा रहा है। कथा व्यास पंडित शर्मा ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण मात्र से ही मानव जीवन का कल्याण संभव है और इससे व्यक्ति को आध्यात्मिक शांति प्राप्त होती है। कथा का समापन पूर्णाहुति एवं भंडारे के साथ होगा। आयोजन समिति ने क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं से कथा में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर धर्म लाभ लेने की अपील की है।
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मारपीट में घायल मांगूसिंह की मौत के बाद धरना, विधायक ने भरोसा दिया

Dausa, Rajasthan:महवा, दौसा मारपीट में घायल हुए मांगूसिंह की उपचार के दौरान मौत का प्रकरण परिजनों ने बालाहेडी थाना पहुंचकर दिया धरنا विधायक राजेंद्र मीणा ने पहुंचकर की समझाइस जिसके बाद परिजनों ने धरना किया समाप्त मारपीट में घायल हुए खोंचपुरी निवासी मांगू सिंह की उपचार के दौरान मौत के बाद गुस्साए परिजनों ने बालाहेडी थाने पहुंचकर धरना शुरू किया तो महवा विधायक राजेंद्र मीणा ने धरना स्थल पर पहुंचकर परिजनों से समझाइस की और उन्हें मृतक के बेटे को संविदा पर नौकरी और एक लाख रुपए की सहायता का भरोसा दिया तो परिजनों ने धरना समाप्त कर दिया
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NEP के खराब क्रियान्वयन से राजस्थान सरकारी स्कूलों में नामांकन घट रहा

Jaipur, Rajasthan:जयपुर प्रदेश में नई शिक्षा नीति (NEP) की अधूरी क्रियान्विति का असर अब सरकारी स्कूलों के नामांकन पर साफ नजर आने लगा है। राज्य के करीब 70,155 सरकारी स्कूलों में से महज 1,090 स्कूलों में ही पूर्व प्राथमिक (बाल वाटिका) कक्षाएं संचालित हो रही हैं। ऐसे में अधिकांश सरकारी स्कूल 3 से 5 वर्ष के बच्चों को प्रवेश देने में सक्षम नहीं हैं, जिसका सीधा लाभ निजी स्कूलों को मिल रहा है, ऐसे में सरकारी स्कूलों के संस्था प्रधानों व शिक्षकों की नामांकन भारती को लेकर चिंता लगातार बढ़ती जा रही है, राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुसार 3 से 6 वर्ष की आयु को प्री-स्कूल शिक्षा के लिए महत्वपूर्ण माना गया है, जबकि औपचारिक शिक्षा 6 वर्ष की उम्र से शुरू करने की सिफारिश की गई है। लेकिन प्रदेश के 98 प्रतिशत से अधिक सरकारी स्कूलों में पूर्व प्राथमिक कक्षाएं ही नहीं होने से बच्चे सीधे पहली कक्षा में ही प्रवेश ले पा रहे हैं। इससे पहले की उम्र के बच्चों को निजी स्कूलों का रुख करना पड़ रहा है। जयपुर पूर्व प्राथमिक कक्षाओं के अभाव से सरकारी स्कूलों का नामांकन प्रभावित, 70 हजार से ज्यादा स्कूलों में सिर्फ 1090 में ही बाल वाटिका, 3 से 5 साल के बच्चों को प्रवेश नहीं मिलने से निजी स्कूलों को फायदा, ज्यादातर बच्चे सीधे पहली कक्षा में ले रहे एडमिशन, एक बार निजी स्कूल में जाने के बाद सरकारी स्कूलों में वापसी मुश्किल, 5 साल में प्रवेश छूट का फैसला भी नहीं दिखा असरदार, विशेषज्ञों ने सभी स्कूलों में प्री-प्राइमरी शुरू करने की उठाई मांग,
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