icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Pinewz
284003
Eshan KhanEshan KhanFollow30 Apr 2025, 11:41 am
0
0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

कुचामन के अस्पताल में मोतियाबिंद के सात मरीजों में संक्रमण की आशंका, जयपुर रेफर

एंकर - डीडवाना-कुचामन जिले के राजकीय जिला अस्पताल, कुचामन सिटी में मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद सात मरीजों की आंखों में पोस्ट सर्जिकल संक्रमण (इन्फेक्शन) की आशंका का मामला सामने आया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी सात मरीजों को बेहतर उपचार के लिए जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल रेफर किया गया है। वहीं एहतियात के तौर पर अस्पताल के नेत्र रोग विभाग के ऑपरेशन थिएटर को सीज कर दिया गया है तथा पूरे मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। जानकारी के अनुसार 28 जुलाई को राजकीय जिला अस्पताल कुचामन सिटी के नेत्र विभाग में सात मरीजों के मोतियाबिंद के ऑपरेशन किए गए थे। ऑपरेशन के अगले दिन नियमित जांच के दौरान मरीजों की आंखों में असामान्य लक्षण दिखाई दिए। विस्तृत परीक्षण में ऑपरेशन वाली आंखों में संक्रमण की आशंका सामने आई। प्रारंभ में पांच मरीजों को तत्काल SMS अस्पताल जयपुर भेजा गया, जबकि शेष दो मरीजों को भी बाद में रेफर कर दिया गया। मामले की सूचना मिलते ही जिला कलेक्टर अवधेश मीणा ने तुरंत संज्ञान लेते हुए कुचामन उपखंड अधिकारी सुरेंद्र सिंह चौधरी को जिला अस्पताल भेजा। एसडीएम ने अस्पताल पहुंचकर प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. बलबीर ढाका, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. राजकुमारी तथा डॉ. विनोद से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। इसके बाद नियमानुसार नेत्र रोग विभाग के ऑपरेशन थिएटर को सीज करवाया गया। चिकित्सा विभाग की जांच टीम के आने के बाद ऑपरेशन थिएटर और पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच की जाएगी। उधर, जयपुर के SMS अस्पताल में मरीजों के पहुंचने के बाद कार्यवाहक अधीक्षक डॉ. आर.के. जैन ने मामले की जांच के लिए मेडिकल बोर्ड का गठन किया है। नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. नगेंद्र सिंह शेखावत के निर्देशन में गठित बोर्ड में मेडिकल विभागाध्यक्ष डॉ. एम.के. अग्रवाल, वरिष्ठ आचार्य डॉ. पंकज शर्मा तथा डॉ. मनीष शर्मा को शामिल किया गया है। वहीं SMS मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. दीपक माहेश्वरी ने भी अस्पताल पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की फैक्ट रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। चिकित्सकों के अनुसार मरीजों की आंखों की स्थिति पर लगातार विशेषज्ञों की निगरानी रखी जा रही है। राजकीय जिला अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. बलबीर ढाका ने बताया कि जैसे ही संक्रमण की जानकारी मिली, मरीजों को बिना देरी किए उच्च स्तरीय उपचार के लिए जयपुर रेफर किया गया। वहीं नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. राजकुमारी और डॉ. विनोद ने बताया कि सभी ऑपरेशन निर्धारित प्रोटोकॉल और पूरी सावधानी के साथ किए गए थे। फिलहाल संक्रमण के कारणों का पता नहीं चल पाया है और जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। उपखंड अधिकारी सुरेंद्र सिंह चौधरी ने बताया कि 28 जुलाई को हुए मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद कुछ मरीजों में आंखों की परेशानी सामने आने पर उन्हें तत्काल जयपुर रेफर किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि कुचामन के राजकीय जिला अस्पताल में इस वर्ष अब तक 700 से अधिक मोतियाबिंद ऑपरेशन सफलतापूर्वक किए जा चुके हैं और इस प्रकार की घटना पहली बार सामने आई है।
0
0
Report

अमरोहा में जामा मस्जिद के पास बाइक में भीषण आग, युवक ने बचाई जान

Amroha, Uttar Pradesh:अमरोहा जनपद के सैद नगली कस्बे में जामा मस्जिद के निकट चलती बाइक में अचानक लगी भीषण आग, युवक ने कूदकर बचाई जान, लाइव वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल. अमरोहा जनपद के सैद नगली कस्बे में जामा मस्जिद के निकट चलती बाइक में अचानक भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई. आग लगते ही बाइक सवार युवक ने फुर्ती दिखाते हुए बाइक से कूदकर अपनी जान बचा ली. देखते ही देखते आग ने पूरी बाइक को अपनी चपेट में ले लिया और वह धू-धू कर जलने लगी. मौके पर मौजूद लोगों ने पानी और मिट्टी डालकर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक बाइक पूरी तरह जलकर राख हो चुकी थी।
0
0
Report
Advertisement

झड़ू का खेड़ा विद्यालय में शिक्षकों की कमी पर ग्रामीणों ने लगाया ताला

Noida, Uttar Pradesh:बदनोर क्षेत्र के झड़ू का खेड़ा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में गुरुवार को शिक्षकों की कमी को लेकर ग्रामीणों और छात्र-छात्राओं का आक्रोश फूट पड़ा. ग्रामीणों ने विद्यालय के मुख्य द्वार पर ताला लगाकर विरोध प्रदर्शन किया और शिक्षकों की नियुक्ति की मांग की. वर्ष 2023 में विद्यालय को उच्च माध्यमिक विद्यालय में क्रमोन्नत किया गया था, लेकिन वर्तमान में यहां केवल चार शिक्षक ही कार्यरत हैं. विद्यालय में करीब 300 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, भवन में आठ कमरे उपलब्ध हैं. पर्याप्त शिक्षकों के अभाव में विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है. प्रदर्श कर रहे ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक विद्यालय में आवश्यक संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की जाएगी, तब तक विद्यालय पर लगा ताला नहीं खोला जाएगा और आंदोलन जारी रहेगा.
0
0
Report
Advertisement

बदायूं के रामा नर्सिंग होम में इलाज के नाम पर लापरवाही; शव गेट पर

Budaun, Uttar Pradesh:राम हॉस्पिटल या गुंडई का अड्डा, प्रशासन की आंखों पर चढ़ी है काली पट्टी, कार्रवाई के नाम पर होती है लीपापोती, मोटी रकम लेकर मामले को ठंडा वेस्ट में डाल दिया जाता है, कार्यवाही की अभाव में तड़पते हैं मरीजों के ईमानदार。 रामा नर्सिंग होम में तांडव: 5.50 लाख लेकर भी नहीं बची जान, मरीज की मौत पर फूटा गुस्सा, गेट पर रखी लाश, स्टाफ पर पथराव का आरोप。 बदायूं में इलाज के नाम पर लूट और लापरवाही के आरोपों से घिरा बदायूं का रामा नर्सिंग होम एक बार फिर सुर्खियों में है। 11 दिन तक वेंटिलेटर पर संघर्ष कर रहे एक मरीज की मौत के बाद अस्पताल परिसर रणभूमि में तब्दील हो गया। गुस्साए परिजनों ने मृतक का शव गेट पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। आरोप है कि विरोध कर रहे लोगों पर अस्पताल के स्टाफ ने छत से ईंट-पत्थर बरसा दिए। घटना के बाद से इलाके में तनाव है और नर्सिंग होम के बाहर भारी पुलिस बल तैनात है。 जमीन बेच दी, फिर भी डॉक्टरों को रहम नहीं आया.....यह दर्दनाक कहानी अलापुर थाना क्षेत्र के गांव उपरैला निवासी 35 वर्षीय राजवीर पुत्र शेर सिंह की है। 11 दिन पहले छत से गिरने के कारण राजवीर के सिर में गंभीर चोट आई थी। परिजन उसे लेकर इंदिरा चौक स्थित रामा नर्सिंग होम पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि नर्सिंग होम के संचालक डॉ. बी.आर. गुप्ता ने ऑपरेशन का भरोसा देकर भर्ती किया। 11 दिन तक राजवीर वेंटिलेटर पर रहा। इस बीच अस्पताल प्रबंधन ने इलाज के नाम पर 5 लाख 50 हजार रुपये मांगे। मजबूर परिवार ने अपनी पैतृक जमीन बेचकर यह रकम जमा की। लेकिन आरोप है कि इतनी बड़ी रकम और 11 दिन की देखरेख के बाद भी मरीज के घाव में कीड़े पड़ गए। जब परिजनों ने डॉक्टर से सवाल किया तो उन्हें डांटकर भगा दिया गया। 11वें दिन अचानक अस्पताल ने मरीज को "हायर सेंटर रेफर" करने की बात कहकर बाहर निकाल दिया। अस्पताल से निकलते ही राजवीर ने दम तोड़ दिया。 मौत के बाद मचा कोहराम, गेट पर शव रखकर किया प्रदर्शन..... मृत्यु की खबर मिलते ही परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने राजवीर के शव को रामा नर्सिंग होम के मुख्य गेट पर रख दिया और "न्याय दो, दोषियों पर कार्रवाई करो" के नारे लगाने लगे। परिजनों का गंभीर आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान अस्पताल के अंदर से और ऊपर की मंजिल से स्टाफ ने उन पर ईंट और पत्थरों की बारिश कर दी। भगदड़ में कई लोग बाल-बाल बचे। घटना की सूचना मिलते ही civil line थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मशक्कत के बाद परिजनों को शांत कराया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी शुरू की। खबर लिखे जाने तक नर्सिंग होम के बाहर परिजन, ग्रामीण और पुलिस फोर्स का जमावड़ा लगा हुआ था。 रामा नर्सिंग होम पर लगातार लग रहे गंभीर आरोप...स्थानीय लोगों का कहना है कि रामा नर्सिंग होम का यह पहला कारनामा नहीं है। कुछ दिन पहले ही एक अन्य मरीज के बिल को लेकर तीमारदारों के साथ मारपीट और गाली-गलौज का मामला सामने आया था। तब भी तीन परिजनों पर हमले और पथराव का आरोप लगा था। बार-बार शिकायतों के बावजूद जिला प्रशासन की चुप्पी पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि आखिर इतने गंभीर आरोपों के बाद भी अस्पताल पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? क्या यह प्रशासन की शह पर चल रहा है या किसी सियासी संरक्षण का मामला है? पुलिस और प्रशासन क्या कह रहे हैं... Civil लाइन थाना प्रभारी ने बताया: हमें सूचना मिली थी। मौके पर जाकर स्थिति नियंत्रित की गई। परिजनों से तहरीर ली जाएगी। तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच की जाएगी। शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम कराया जाएगा। फिलहाल क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। परिजनों की एक ही मांग - इंसाफ... राजवीर की पत्नी और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उनका कहना है की हमने सब कुछ बेचकर इलाज कराया। सोचा था जान बच जाएगी। लेकिन लापरवाही के कारण सब खत्म हो गया। अब हमें सिर्फ इंसाफ चाहिए। जो भी दोषी है उसे जेल भेजा जाए।
0
0
Report

लखीमपुर खीरी थाना मितौली तत्कालिक प्रभाव से करवाई,नहीं प्रभावी......

Pavan Kumar DixitPavan Kumar DixitFollow13m ago
Datelikalan, Uttar Pradesh:लखीमपुर खीरी। थाना मितौली एक जुलाई के आसपास जारी हुई लिस्ट पर नहीं हुई प्रभावी कार्रवाई। जबकि कप्तान ने आदेशित किया था तत्काल प्रभाव से कार्रवाई के लिये, दो नाम उप निरीक्षक धर्मेंद्र सिंह को एक एच टी व आरक्षी करुणेश वर्मा को पुलिस लाइन का आदेश हुआ था। क्षेत्रीय लोगों में कप्तान की कार्रवाई पर बना हुआ सस्पेंस, आखिर कैसी तत्काल प्रभाव से करवाई, जो एक महाबीत जाने पर भी बनी हवा हवाई। सूत्र यह भी बता रहे हैं यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक को पीड़ितों के द्वारा कई बार प्रार्थना पत्र दिए जाने के बाद की गई थी, जिसमें स्पष्ट लिखा हुआ है कार्यवाही पालन तात्कालिक प्रभाव से किया जाए।एक महीना बीत जाने के बाद कप्तान की तात्कालिक कार्रवाई का नहीं हुआ असर।
0
0
Report
Advertisement

महराजगंज में सास-बहू के विवाद ने सड़क पर हंगामा, वीडियो वायरल

Maharajganj, Uttar Pradesh:एंकर- महराजगंज जिले के श्यामदेउरवा थाना क्षेत्र के परतावल बाजार में बीते शाम सास-बहू के विवाद ने सड़क पर हंगामे का रूप ले लिया। देखते ही देखते दोनो पक्षों में जमकर मारपीट होने लगी जिसके कारण करीब आधा घंटे तक अफरातफरी का मौहाल बना रहा और सड़क पर जाम लग गया। मारपीट कर रहे लोगों को शांत कराने में मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी को भी काफी मशक्कत करनी पड़ी आप देख सकते है कि पुलिस के सामने ही सास-बहू के साथ साथ दोनो पक्ष मारपीट करते हुए नज़र आ रहे है। इस दौरान सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और करीब आधे घंटे तक आवागमन प्रभावित रहा। सास बहू के बीच मारपीट का वीडियो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। जानकारी के मुताबिक श्यामदेउरवा थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत लखिमा निवासी विजय शंकर गुप्ता और उनकी पत्नी रेखा के बीच किसी बात को लेकर कुछ दिनों से विवाद चल रहा था। नाराज रेखा ने इसकी जानकारी मायके पक्ष के लोगों को दी थी। बुधवार शाम रेखा के मायके से पहुंचे कुछ युवकों ने विजय शंकर के साथ मारपीट कर ली। मारपीट की जानकारी होने पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई, जिसके बाद आरोपी मौके से भाग गए। इसी बीच जब युवक के घर वालो को जानकारी हुई तो परिजन भी मौके पर पहुंच गए और परतावल बाजार में देखते ही देखते सोमारी देवी और उनकी बहू रेखा के बीच भी मारपीट हो गई। वीडियो में आप देख सकते है कि कैसे बहु अपने सास की पिटाई कर रही है देखते ही देखते दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन लोग शांत नहीं हुए। सूचना मिलने पर परतावल पुलिस चौकी से अतिरिक्त पुलिसकर्मी पहुंचे और भीड़ को हटाकर मार्ग पर आवागमन बहाल कराया। पुलिस ने मारपीट में शामिल कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। घटना का वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहा है। थानाध्यक्ष श्यामदेउरवा सत्यप्रकाश सिंह ने बताया कि मारपीट की सूचना मिली थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया है। कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। अभी किसी भी पक्ष से तहरीर प्राप्त नहीं हुई है।
0
0
Report

लोकसभा ने पेपर लीक बिल पास किया; 7-10 साल जेल, 10 करोड़ का जुर्माना

Noida, Uttar Pradesh:Lucknow (Uttar Pradesh): Suresh Khanna (UP Cabinet Minister) On Lok Sabha Passes Anti-Paper Leak Bill मंत्री ने लोकसभा में संशोधित 'पेपर लीक बिल' पास कर दिया है। इसे मोदी के कार्यकाल में एक ऐतिहासिक और सुधारवादी कदम माना जा रहा है, जो पेपर लीक से निपटने की दिशा में एक अहम पहल है। लोकसभा में पास हुए इस बिल का मकसद पेपर लीक में सीधे या परोक्ष रूप से शामिल लोगों को हतोत्साहित करना है; इसके तहत 7 से 10 साल तक की जेल और ₹10 करोड़ तक के जुर्माने का प्रावधान है। यह नया कानून पहले के कानूनों की तुलना में ज़्यादा सख्त माना जा रहा है, ताकि लोग ऐसी गतिविधियों में शामिल होने के बारे में सोचें भी नहीं।
0
0
Report
Advertisement

राजलदेसर में एक घंटे से अधिक मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, अस्पताल जलमग्न

Churu, Rajasthan:राजलदेसर में एक घंटे से अधिक समय तक मूसलाधार बारिश ने नगर की व्यवस्थाओं की पोल खोल कर रख दी। बारिश के बाद पूरा कस्बा जलमग्न हो गया। मुख्य बाजारों से लेकर रिहायशी बस्तियों तक पानी भर जाने से लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। कई घरों और दुकानों में पानी घुसने से घरेलू सामान, व्यापारिक सामग्री और आवश्यक वस्तुओं को नुकसान पहुंचा। सबसे गंभीर स्थिति राजकीय चिकित्सालय में देखने को मिली, जहां चार से पांच फीट तक पानी भर गया। पानी रोगी भर्ती वार्ड, नर्सिंग क्वार्टर, एक्स-रे कक्ष, प्रयोगशाला, लेबर रूम, स्टोर रूम सहित कई महत्वपूर्ण विभागों में पहुंच गया। इससे चिकित्सा सेवाएं प्रभावित हुईं और अस्पताल के उपकरणों तथा रिकॉर्ड को लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। बारिश के दौरान गांधी चौक, रेलवे स्टेशन रोड, फ्रेंड्स सोसायटी मार्ग, महेंद्र मुनि मार्ग, मेहंदीपुर बालाजी मार्ग, मुरलाई बस्ती, अंजनी माता मंदिर मार्ग, ढोली बस्ती सहित अनेक इलाकों में करीब तीन-तीन फीट तक पानी जमा हो गया। सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं और लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश के बीच नगर पालिका की तैयारियों पर भी गंभीर सवाल खड़े हुए। लोगों के अनुसार सुबह करीब 5:30 बजे बिजली आपूर्ति बंद होने के बाद पंप हाउस पर लगे जनरेटर में डीजल उपलब्ध नहीं था, जिसके कारण पानी की निकासी समय पर शुरू नहीं हो सकी। यदि आपात स्थिति के लिए पर्याप्त व्यवस्था होती तो जलभराव की समस्या काफी हद तक कम की जा सकती थी। शहरवासियों का कहना है कि हर वर्ष बरसात से पहले नालों की सफाई और जल निकासी के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन पहली ही तेज बारिश में वे दावे धराशायी होते दिखाई दिए। नागरिकों ने सवाल उठाया कि जब मानसून पहले से अनुमानित था तो आपदा जैसी स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां क्यों नहीं की गईं। लोगों ने जिला प्रशासन और नगर पालिका से जलभराव वाले क्षेत्रों का स्थायी समाधान करने, अस्पताल परिसर से तत्काल पानी की निकासी कराने, हुए नुकसान का आकलन करवाने तथा जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो। हालांकि तेज बारिश से किसानों के चेहरों पर खुशी भी देखने को मिली। अच्छी वर्षा से खरीफ फसलों को संजीवनी मिलने की उम्मीद है और लंबे समय से पड़ रही उमस व गर्मी से भी लोगों को राहत मिली है।
0
0
Report

सावन के पहले दिन सिरसा के शिवालयों में भक्तों की भारी भीड़ और जलाभिषेक

Sirsa, Haryana:सावन का महीना आज से शुरू हो गया है। भगवान शिव की आराधना के लिए देशभर के शिवालयों में सुबह से श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। हरियाणा के सिरसा में सावन के पहले दिन मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली है। शिवभक्त 'हर-हर महादेव' और 'बम-बम भोले' के जयघोष के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करते नजर आए। आइए देखते हैं हमारी खास रिपोर्ट। सावन का महीना भगवान शिव की भक्ति और आराधना का सबसे पावन समय माना जाता है। सावन के पहले दिन सिरसा के प्रमुख शिव मंदिरों में तड़के सुबह से श्रद्धालुओं की आना शुरू हो गया है। मंदिर परिसर 'हर-हर महादेव' और 'ॐ नमः शिवाय' के जयघोष से गूंज उठा है। भक्तों ने विधि-विधान से भगवान भोलेनाथ का जल, दूध और बेलपत्र अर्पित कर पूजा-अर्चना की है। महिलाएं, पुरुष, युवा और बच्चे सभी शिवभक्ति में पूरी श्रद्धा के साथ लीन दिखाई दिए। मंदिरों में विशेष सजावट की गई थी और पूजा-अर्चना की व्यापक व्यवस्थाएं भी की गई थीं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। धार्मिक मान्यता है कि सावन के महीने में भगवान शिव की सच्चे मन से की गई पूजा विशेष फलदायी होती है। कहा जाता है कि इस महीने भोलेनाथ अपने भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं और जीवन के दुख, कष्ट तथा संकटों को दूर करते हैं। यही कारण है कि सावन के पहले दिन से श्रद्धालुओं में भगवान शिव के प्रति अटूट आस्था और उत्साह देखने को मिला है। मंदिरों में पहुंचे श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख-शांति, अच्छी सेहत, समृद्धि और देश में खुशहाली की कामना करते हुए भोलेनाथ का आशीर्वाद लिया। कई श्रद्धालुओं ने सावन के सोमवार का व्रत रखने का संकल्प भी लिया और पूरे महीने नियमित रूप से शिव आराधना करने की बात कही। मंदिरों में सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन और मंदिर समितियों की ओर से भी आवश्यक इंतजाम किए गए थे। श्रद्धालु कतारबद्ध होकर दर्शन करते रहे और शांतिपूर्ण माहौल में भगवान शिव की पूजा-अर्चना संपन्न हुई। श्रद्धालुओं का कहना है कि 'सावन का पहला दिन हमारे लिए बहुत शुभ होता है। हम हर वर्ष भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। हमें विश्वास है कि भोलेनाथ अपने सभी भक्तों की मनोकामनाएं अवश्य पूरी करते हैं।' सावन के पहले दिन सिरसा के शिवालयों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि भगवान भोलेनाथ के प्रति लोगों की आस्था आज भी उतनी ही गहरी और अटूट है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि सच्चे मन से की गई शिव आराधना से जीवन के सभी संकट दूर होते हैं और भगवान भोले शंकर अपने भक्तों पर सदैव कृपा बनाए रखते हैं।
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top