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Praveen BhargavPraveen BhargavFollow15 Jun 2024, 10:14 am
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पिंक कार्ड से महिलाओं को अब सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा, जानिए कैसे पाएं

ARAarti RaiJust now
Noida, Uttar Pradesh:आज से महिलाएं सरकारी बस में फ्री यात्रा कर सकेंगी, कौन-कौन से दस्तावेज दिखाने होंगे? West Bengal Transport Scheme के तहत पिंक कार्ड पूरी तरह निःशुल्क दिया जाएगा। इसे बनवाने या लेने के लिए किसी को पैसे नहीं देने होंगे। ध्यान रहे, यह कार्ड हस्तांतरणीय नहीं है। यानी, जिस महिला के नाम पर कार्ड जारी हुआ है, सिर्फ वही इसका इस्तेमाल कर सकेगी。 सरकारी बस में मुफ्त यात्रा की सुविधा राज्य के सभी छोटे रूटों पर मिलेगी और लंबी दूरी की सरकारी बसों पर भी लागू होगी। यानी दीघा से दार्जिलिंग या हावड़ा से मानिकतला तक NBSTC, SBSTC, WBTC या CTC की बसों में आज से महिलाएं मुफ्त यात्रा कर सकेंगी。 राज्य सरकार की ओर से महिलाओं को सरकारी बस में मुफ्त यात्रा के लिए ‘पिंक कार्ड’ दिया जाएगा। यह असल में गुलाबी रंग का स्मार्ट कार्ड है, जिसे दिखाकर सरकारी बस में सफर किया जा सकेगा。 यह कार्ड ‘फ्री ट्रैवल पास’ की तरह काम करेगा। बस में चढ़ने के बाद कंडक्टर के पास मौजूद ई-पॉस (e-POS) मशीन में इस कार्ड को स्वाइप या QR कोड स्कैन कराकर महिलाएं मुफ्त ‘जीरो-वैल्यू टिकट’ ले सकेंगी। योजना में पारदर्शिता बनाए रखने और यात्रा व्यवस्था को आसान बनाने के लिए यह कार्ड बहुत जल्द लागू किया जाएगा。 पिंक कार्ड पाने की योग्यता क्या है? आवेदक को पश्चिम बंगाल का स्थायी निवासी होना जरूरी है। इस स्मार्ट कार्ड के लिए कोई निश्चित उम्र सीमा तय नहीं की गई है। यह कार्ड पूरी तरह मुफ्त दिया जाएगा। इसे बनवाने या लेने के लिए किसी को पैसे नहीं देने होंगे। ध्यान रहे, यह कार्ड हस्तांतरणीय नहीं है। यानी, जिस महिला के नाम पर कार्ड जारी हुआ है, सिर्फ वही इसका इस्तेमाल कर सकेगी। उसके परिवार का कोई अन्य सदस्य इसका उपयोग करके फ्री यात्रा नहीं कर पाएगा。 पिंक कार्ड कैसे बनवाएं? ऑफलाइन नजदीकी बीडीओ ऑफिस, एसडीओ ऑफिस या नगरपालिका कार्यालय से फॉर्म लेकर आवेदन किया जा सकेगा। इसके अलावा सरकार के तय ऑनलाइन पोर्टल से भी इस स्मार्ट कार्ड के लिए आवेदन किया जा सकेगा。 पिंक कार्ड बनवाने के लिए जरूरी दस्तावेज आवेदन के लिए आधार कार्ड, वोटर कार्ड, रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो और पते का प्रमाण पत्र जमा करना होगा。 अभी स्मार्ट कार्ड या पिंक कार्ड बना नहीं है, इसलिए आज से सरकारी बस में मुफ्त सफर का लाभ लेने के लिए मान्यता प्राप्त कोई भी एक फोटो पहचान पत्र दिखाना होगा। बस में चढ़कर कंडक्टर को आईडी कार्ड दिखाने पर वह ‘जीरो-वैल्यू टिकिट’ देगा。 सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त सात पहचान पत्रों में से कोई भी एक दिखाने पर मुफ्त में सरकारी बस से यात्रा की सकोगी: - आधार कार्ड - वोटर कार्ड - पैन कार्ड - ड्राइविंग लाइसेंस - पासपोर्ट - ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड यानी मनरेगा - फोटो सहित कोई भी सरकारी नौकरी या पेंशन दस्तावेज
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बिहार विधान परिषद: 10 सीटों के उपचुनाव-9 नियमित, एनडीए-महागठबंधन की भिड़ंत शुरू

Patna, Bihar:बिहार विधान परिषद की 10 रिक्त सीटों के लिए चुनावी प्रक्रिया आज से शुरू हो गई है। भारत निर्वाचन आयोग की अधिसूचना के साथ ही आज से नामांकन दाखिल होगा..इन 10 सीटों में एक सीट पर उपचुनाव और 9 सीटों पर नियमित चुनाव होना है। दिलचस्प बात यह है कि इन सीटों के जरिए एनडीए और महागठबंधन दोनों अपने-अपने राजनीतिक समीकरण साधने की तैयारी में जुट गए हैं। विधान परिषद की जिन 10 सीटों पर चुनाव होना है, उनमें एक सीट पूर्व मुख्यमंत्री Nitish Kumar के इस्तीफे के कारण खाली हुई है, जिस पर उपचुनाव कराया जाएगा। वहीं अन्य सीटें परिषद सदस्यों के कार्यकाल समाप्त होने, इस्तीफे अथवा विधायक चुने जाने के कारण रिक्त हुई हैं। निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार 1 जून से नामांकन शुरू हो गया है। 8 जून तक उम्मीदवार अपने नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे। 9 जून को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि 11 जून नाम वापस लेने की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। यदि आवश्यकता हुई तो 18 जून को मतदान कराया जाएगा और उसी दिन मतगणना के बाद परिणाम भी घोषित कर दिए जाएंगे... जिन सदस्यों की सीटें रिक्त हुई हैं उनमें प्रोफेसर Ghulam Gaus, Bhisham Sahni, Dr. Kumud Verma, Bhagwan Singh Kushwaha, Samrat Choudhary, Sanjay Mayukh, Sunil Kumar Singh, Mohammad Farooq और Sameer Kumar Singh का नाम शामिल है।
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खगड़िया: जमीन विवाद के चलते एक परिवार पर धारदार हमला, महिला की मौत

Khagaria, Bihar:खगड़िया के चौथाम थाना क्षेत्र के करुआमोङ के पास अहले सुबह एक ही परिवार के चार लोगों पर अज्ञात लोगों ने धारदार चाकू से हमला किया गया. जिसमें एक महिला रचना कुमारी की मौत हो गई और तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. घायल में एक दस साल की बच्ची भी शामिल है. बताया जा रहा है कि जयकांत पासवान अपनी पत्नी और तीस साल की बेटी और दस साल की नतनी के साथ घर में सोए हुए थे. इसी दौरान तीन से चार की संख्या में लोग घर का गेट खुलवाते हैं और फिर सभी लोगों पर चाकू से हमला कर फरार हो जाते हैं. अभी तक घटना का कारण स्पष्ट नहीं है लेकिन आशंका है कि जमीन विवाद को लेकर यह घटना अंजाम दिया गया है. सदर डीएसपी मुकुल रंजन ने बताया कि सभी लोगों से पूछताछ की जा रही है उसी के बाद ही स्पष्ट जानकारी मिल पाएगी।
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नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन: दिगंबर कुंवर और मीनाक्षी ने झटक ली जीत

Jokhanalagga Bura, Uttarakhand:चमोली सीमांत नीति घाटी में आयोजित नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन में इस बार मुख्य आकर्षण रहे 75 किलोमीटर अल्ट्रा रन के विजेता पुरुष वर्ग दिगंबर कुंवर और महिला वर्ग मीनाक्षी ने प्रथम स्थान हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। दिगंबर कुंवर ने 75 किमी की दौड़ मात्र 5 घंटे 15 मिनट में पूरी कर पहला स्थान पाया. ऊंचाई और कठिन मौसम के बीच प्रदर्शन सराहनीय रहा. दिगंबर पहले भी आदि कैलाश, ओम पर्वत और दिल्ली मैराथन जैसे आयोजनों में प्रथम स्थान हासिल कर चुके हैं. महिला वर्ग में मीनाक्षी ने 6 घंटे 33 मिनट में दौड़ पूरी कर पहला स्थान पाया. ट्रैक कठिन था, उनके संतुलन और स्टैमिना काबिल-ए-तारीफ रहे. मीनाक्षी ने आदि कैलाश, ओम पर्वत और दिल्ली मैराथन में पहले स्थान पर रह चुकी हैं. यह प्रतियोगिता 17 हजार फीट की ऊंचाई पर रिमखिम से नीति और मलारी तक आयोजित की गई, जो बेहद चुनौतीपूर्ण मानी जाती है. ऐसे में विजेताओं का प्रदर्शन युवाओं के लिए प्रेरणा बन गया. नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन में देशभर से 933 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं और यह आयोजन सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन और फिटनेस को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
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अंगीभूत कॉलेजों के विश्वविद्यालय स्थानांतरण पर तनाव, अन्नपूर्णा देवी ने निर्णय वापस लेने की मांग

Koderma, Jharkhand:कोडरमा जिले के अंगीभूत कॉलेजों के विश्वविद्यालय स्थानांतरण का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने राज्य सरकार पर फैसला वापस लेने का दबाव बनाया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार छात्र हित में जिले के अंगीभूत कॉलेज को गिरिडीह के सर जेसी बोस यूनिवर्सिटी के बजाए हजारीबाग के विनोबा भावे विश्वविद्यालय में ही रहने देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जिले के अंगीभूत कॉलेज का विश्वविद्यालय हजारीबाग से बदलकर गिरिडीह कर दिया जाएगा, तो यह छात्रों के हित में अव्यावहारिक है। दूरी बढ़ने के साथ-साथ छात्रों को उच्चतर शिक्षा के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य सरकार के एक मंत्री और विधायक को ध्यान में रखकर सरकार ने यह फैसला लिया है, जो अव्यावहारिक है और सरकार के इस निर्णय को बदलने के लिए भाजपा चरणबद्ध आंदोलन करेगी। वहीं दूसरी तरफ मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने तीसरी- सतगावां और गावां रेल लाइन को मंजूरी दिए जाने पर खुशी जाहिर की और कहा कि प्रधानमंत्री और रेल मंत्री ने इस क्षेत्र में रहने वाले लाखों परिवारों को एक बड़ी सौगात दी है।
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अलीगढ़ की ग्राम पंचायत में जीएसटी रद्द के बावजूद 50 लाख का घोटाला

Aligarh, Uttar Pradesh:ब्रेकिंग अलीगढ़। जीएसटी रद्द होने के बाद भी आखिर कैसे हुआ लगभग 50 लाख रुपये का भुगतान, मौके पर नहीं है कोई भी फॉर्म एक ही ग्राम पंचायत में हुआ लगभग एक करोड का घोटाला, जीएसटी कैंसिल होने के बाद भी लगभग 50 लाख रुपए हुये GD कंस्ट्रक्शन नाम की फर्म में ट्रांसफर, प्रधान मनोज यादव और ग्राम सचिव धर्मेंद्र प्रताप सिंह की मिली भगत से हुआ घोटाला, हैंड पंप लगवाने बालू, बदरपुर आदि अन्य सामान की फर्जी बिल बनाकर किया गया घोटाला कई और फार्मो में फर्जी विल और वाउचर चढ़े सरकारी पोर्टल पर, ई ग्राम स्वराज पोर्टल से लिया गया सारा डाटा डुप्लीकेट बिल भी चढ़ाये गए पोर्टल पर, पंचवर्षीय योजना में लगभग 3 करोड़ रुपए से अधिक आ चुके हैं ग्राम पंचायत में लहरा सलेमपुर में, नियमों को ताक पर रखकर ग्राम प्रधान व सचिव ने किया घोटाला, अलीगढ़ के बिजौली ब्लॉक के लहरा सलेमपुर का मामला नारायण गुप्ता, स्थानीय निवासी आशीष सिंह, स्थानीय निवासी
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हरिद्वार में सप्तऋषि क्षेत्र श्रद्धालु बस हादसा, 16 घायल, एक महिला की मौत

Haridwar, Uttarakhand:ब्रेकिंग न्यूज / हरिद्वार सप्तऋषि क्षेत्र में राजस्थान के श्रद्धालुओं से भरी बस हादसे का शिकार, करीब 16 यात्री घायल。 पूर्णिमा स्नान के बाद हरिद्वार से लौट रही बस डंपर से टकराकर सड़क पर पलट गई, जिससे यात्रियों में चीख-पुकार मच गई。 हादसे के समय बस में करीब 45 श्रद्धालु सवार थे, सभी यात्री राजस्थान के नागौर जिले के निवासी बताए जा रहे हैं。 टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस अनियंत्रित होकर पलट गई और कई यात्री सीटों के बीच फंस गए。 सूचना मिलते ही पुलिस और राहत टीमें मौके पर पहुंचीं तथा घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल भिजवाया गया。 घायलों का उपचार जारी है, जबकि अन्य यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है。 पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच में जुटी है और हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है。 एक महिला की मृत्यु की सूचना。
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दुमका में जमीन माफियाओं से रैयत की जंग: प्रशासन से सुरक्षा की गुहार

Dumka, Jharkhand:दुमका के जरमुंडी प्रखंड क्षेत्र के दुमका देवघर मुख्य मार्ग के हटिया टोला में जमीन माफियाओं द्वारा जबरन रैयती जमीन को घेरने का मामला सामने आया है। जब इसकी जानकारी रैयती जमीन के हकदार को पता चला तो जमीन मालिक पटना से दुमका पहुंचकर जमीन बचाने का गुहार उपायुक्त और अनुमंडल पदाधिकारी से आवेदन देकर किया है। दरअसल मामला तब सामने आया जब राजकुमार श्रीवास्तव जो जरमुंडी थाना क्षेत्र के हटिया टोला के निवासी है और एक निजी संस्था में पटना में काम करते हैं और अपने परिवार के साथ पटना में रहते हैं। जरमुंडी के हटिया टोला में नानी की रैयती जमीन जो उनकी माँ के हिस्से में मिला एक एकड़ 5 डिसमिल जमीन को जबरन संजय यादव और उनके सहयोगी के द्वारा जबरन घेराबंदी कर रहे थे। घेरने का विरोध करने पर रैयती राजकुमार श्रीवास्तव को जान से मारने की धमकी दी गईं जिसके बाद डरकर जमीन रैयती राजकुमार श्रीवास्तव अपने जमीन बचाने के लिए जिला प्रशासन का सहारा लेने के लिए स्थानीय थाना, अनुमंडल पदाधिकारी और उपायुक्त को आवेदन देकर उचित कार्रवाई करने की मांग कर गुहार लगाई है। इसके पूर्व अनुमंडल पदाधिकारी के न्यायालय में आपसी बटवारे का मामला घर के दूसरे सदस्यों के बीच सामने आ चुका है जिस पर धारा 144 की सुनवाई करते हुए आगे के उच्च न्यायालय में जाने का आदेश अनुमंडल पदाधिकारी के न्यायालय से आ चुका है लेकिन इस बीच जमीन पर भू माफियाओं द्वारा जमीन की घेराबंदी कर जबरदस्ती लेने के लिए कार्य कराया जा रहा है। जिसको रोकने के लिए पीड़ित परिवार गुहार लगा रहे हैं। पूरे संथाल परगना क्षेत्र में संथाल परगना काश्तकारी अधिनियम (एस पी टी एक्ट) लागू है जिसमें किसी भी रैयत की जमीन की खरीद-फरोख्त नहीं हो सकती है लेकिन इसके बावजूद जमीन माफिया द्वारा जमीन की घेराबंदी कर खरीद-प्रोक्त किया के लिए जमीन का घेराव करते हैं जो इस क्षेत्र के लिए सबसे बड़ी समस्या सामने आती रहती है। वही मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक स्तर से पूरे मामले की गहनता से जाँच की जा रही है.
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