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Amir SohailAmir SohailFollow18 Jul 2024, 12:22 pm
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चितरंगी के सराफा दुकान चोरी: 56 लाख के गहनों के दावे, पुलिस पर आरोप

ADAjay DubeyJust now
Singrauli, Madhya Pradesh:सिंगरौली जिले के चितरंगी थाना क्षेत्र के ग्राम कर्थुआ में सराफा व्यापारी सुनील कुमार सोनी की दुकान में हुई बड़ी चोरी का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक को आवेदन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और जल्द खुलासा करने की मांग की है। सुनील सोनी का दावा है कि उनकी दुकान से करीब 56 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवरात चोरी हुए थे। उनका कहना है कि उन्होंने करीब 36 लाख रुपये के जेवरात के जीएसटी दस्तावेज भी चितरंगी थाना प्रभारी सुदेश तिवारी को उपलब्ध कराए थे। इसके बावजूद, उनके अनुसार, एफआईआर में केवल 6 लाख रुपये की चोरी दर्ज की गई। पीड़ित का कहना है कि जब उनका बयान दर्ज किया गया था, तब उन्होंने 36 लाख रुपये के जेवरात का उल्लेख कराया था। सुनील कुमार सोनी के अनुसार, घटना 16 दिसंबर 2025 की रात हुई थी, जब चोर दुकान का शटर तोड़कर जेवरात और अन्य सामान लेकर फरार हो गए। इस संबंध में 17 दिसंबर 2025 को चितरंगी थाने में मामला दर्ज कराया गया। उनका आरोप है कि घटना के छह महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी पुलिस किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। उन्होंने यह भी कहा कि अब तक किसी संदिग्ध से प्रभावी पूछताछ होने की जानकारी ihnen नहीं दी गई। पीड़ित के मुताबिक, वह 15 से 16 बार एसपी कार्यालय और कई बार चितरंगी थाने के चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन हर बार केवल कार्रवाई का आश्वासन ही मिला। वहीं, इस मामले में पुलिस अधीक्षक षियाज के.एम. ने कहा कि आवेदक की शिकायत के आधार पर चितरंगी थाने में प्रकरण दर्ज कर विवेचना की जा रही है। उन्होंने बताया कि मामले की प्रगति को लेकर संबंधित एसडीओपी से भी चर्चा की गई है और जांच में तेजी लाते हुए जल्द आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। अब इस बहुचर्चित चोरी के मामले में सभी की निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि चोरी गई संपत्ति की वास्तविक कीमत कितनी थी और मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाती है।
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दमोह में जमीन कब्जे के विवाद में महिला ने सल्फास दिखाकर धमकी दी

Damoh, Madhya Pradesh:महिला का हाई वोल्टेज ड्रामा, सल्फास लेकर जन सुनवाई में पहुंची महिला, जमीन कब्जाने का मामला. दमोह जिला कलेक्टर की जन सुनवाई में एक महिला अपनी जमीन पाने के लिए सल्फास की गोलियां लेकर पहुंच गई, उसने धमकी भरे लहजे में जन सुनवाई में मांग की यदि उसकी समस्या का समाधान नहीं किया गया तो गोली खाकर खुदकुशी कर लेगी! अधिकारी ने बताया कि मामला तहसीलदार की अदालत में है! मंगलवार को जन सुनवाई का दिन होता है सैकड़ों लोग अपनी फरियाद लेकर अधिकारियों के सामने पहुंचते हैं और समस्याओं का निराकरण भी होता है पर अपनी पांच आरे खरीदी हुई जमीन पर इलाके का तेजी सिंह नाम का शख्स इनकी जमीन पर कब्जा किये है, कई सालों से लगातार आवेदन कर रही है पर राजस्व अमला उन्हें कब्जा नहीं दिला रहा है। इस बात से नीतू राजपूत बहुत परेशान है, आज उसका अंदाज़ बेहद अलग था उसने अधिकारियों को कलेक्ट्रेट परिसर में धमकी दी कि यदि उसकी जमीन से कब्जा नहीं हटवाया गया तो गोलियां खाकर जान दे देगी जिसका जिम्मेदार राजस्व विभाग होगा। राजस्व अधिकारियों के मुताबिक मामला तहसीलदार न्यायालय में है, मामले को समझकर जल्द कार्यवाही कराई जाएगी!
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आगरा में स्वच्छ भारत मिशन भर्ती घोटाला: आयुक्त ने जांच के आदेश दिए

Agra, Uttar Pradesh:स्वच्छ भारत मिशन के नाम पर नगर निगम में चल रहे खेल की शिकायत के बाद एक्शन में आए नगर आयुक्त ने जांच के दिए आदेश दरअसल नगर निगम में स्वच्छ भारत मिशन के ऑफिस में वेस्ट मैनेजमेंट की जागरूकता के लिए इंदौर की म्यूज नाम की कंपनी को टेंडर दिया गया था जिसमें हुई भर्ती में भी कंपनी पर बड़े फर्जीवाड़े का आरोप लगा है, कंपनी में ही तैनात कर्मचारियों को ज्वाइनिंग के दौरान मोटी सैलरी का वादा किया गया, किसी को 65 हजार तो किसी को 75 हजार जबकि फील्ड में काम करने वाले कर्मचारियों को 18 हजार सैलरी बताई है जबकि कंपनी सभी को सैलरी का 50% ही दे रही है, जिसकी शिकायत कंपनी के कुछ पदाधिकारी ने पहले नगर निगम में सहायक नगर आयुक्त को और उसके बाद डिप्टी लेबर कमीश्नर को दी, डिप्टी कमिश्नर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कंपनी को नोटिस जारी किया लेकिन कंपनी ने इसका कोई जवाब नहीं दिया, जिसके बाद शिकायत की जानकारी होते ही कम्पनी ने शिकायतकर्ताओं को सैलरी के बदले श्रमिक कार्यालय में हुई शिकायत न करने का एफिडेविट मांगा, जब लिखित में पदाधिकारियों ने नहीं दिया तो इंचार्च सहित करीब 12 लोगों को कंपनी ने निकाल दिया, टीम की इंचार्ज सपना टेगोर ने बताया कि कंपनी में कागजों में 125 कर्मचारी है जबकि धरातल पर 90 कर्मचारी ही काम कर रहे है, 6 कर्मचारी ऐसे है जो हाथरस के सिकंदराराऊ में दूसरी कंपनी के लिए काम करते है जबकि अन्य कही और काम कर रहे है, पीड़ित ने ये भी बताया कि शिकायत वापस न लेने पर मानहानि करने की धमकी भरा एक नोटिस भी जारी कर दिया मामले पर नगर आयुक्त संतोष वैश्य ने गंभीरता दिखाई और सहायक नगर आयुक्त से कम्पनी के साथ हुए करार की जानकारी मांगी, नगर आयुक्त के सवालों से संतुष्ट न होने पर पूरे मामले की जांच के आदेश दिए, नगर आयुक्त ने साफ कहां की शिकायत की जांच होगी और जो दोषी होगा कार्यवाही की जाएगी, क्योंकि अस्थाई काम के लिए स्थाई कर्मचारियों की क्या जरूरत
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बरसात में 4 फीट पानी, ग्रामवासियों के लिए अधूरी सड़क बनी बड़ी चुनौती

Nagaur, Rajasthan:मेड़ता उपखंड क्षेत्र के लांबा जाटान से सोडास गांव को जाने वाली बनी अधूरी सड़क ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। बरसात होते ही पानी निकासी नहीं होने के कारण सड़क पर ही 4 फीट तक पानी भर जाने से इस रास्ते को पार करना चुनौती बन जाता है। पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा 7 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण करवाकर 1 किलोमीटर अटल पथ ग्रामीण सड़क निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया गया। बजट अभाव के कारण एक किलोमीटर सड़क निर्माण लंबे समय से नहीं हो पाया जिसके कारण बरसात के समय आम रास्ता अवरोध हो जाने से ग्रामीण को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्राम वासियों वैकल्पिक व्यवस्था करते हुए अपने स्तर पर ही सड़क निर्माण करने का प्रयास किया गया जिससे आवागमन का रास्ता खुल सके。
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झांसी-खजुराहो फोरलेन के पास खेत में जला शव, हत्या की आशंका

Chhatarpur, Madhya Pradesh:झांसी-खजुराहो फोरलेन राजमार्ग के निकट अलीपुरा थाना के ग्राम पंचायत करारा गंज के एक किसान के खेत में जला हुआ शव मिलने से सनसनी फैल गई, स्थानीय ग्रामीणों ने खेत में धुआं उठता देखा। पास जाकर देखने पर उन्होंने एक जले हुए शव को पाया। ग्रामीणों ने तुरंत सूचना अलीपुरा पुलिस को दी। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। घटना स्थल यूपी के झांसी जिले के मऊरानीपुर से सटा हुआ है; शव की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। पुलिस शव की पहचान और मामले की जांच में जुटी हुई है, नौगांव एसडीओपी ने बताया कि शव अत्यंत जला हुआ है, जिससे पहचान में दिक्कत आ रही है। फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है। पुलिस हत्या कर शव को जलाया गया है; पुलिस आसपास के इलाके में पूछताछ शुरू कर दी गई है। इस घटना से स्थानीय किसानों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश और डर का माहौल है। लोग पूछ रहे हैं कि दिन-दहाड़े या रात में इतनी बड़ी घटना कैसे हो गई है। अभी तक किसी की तलाशी या संदिग्ध व्यक्ति के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।
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धर्मान्तरण रोकथाम के लिए छत्तीसगढ़ साहू समाज ने अभियान शुरू किया; शिक्षा-स्वास्थ्य पर जोर

Begun, Rajasthan:छत्तीसगढ़ साहू समाज की महत्वपूर्ण बैठक कल आयोजित हुई.. समाज के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. नीरेंद्र साहू की अध्यक्षता में बैठक हुई.. बैठक में धर्मान्तरण को लेकर चिंता जताई गई.. साथ ही धर्मांतरण रोकने के लिए विशेष अभियान चलाने का फैसला लिया गया.. सभी जिलों में प्रभारी नियुक्त कर विशेष अभियान छेड़ा जाएगा.. इसके अलावा समाज मे शिक्षा और स्वास्थ्य पर फोकस करने का भी फैसला हुआ.. साहू समाज के प्रदेश संयुक्त सचिव प्रदीप साहू ने बताया कि प्रदेश में समाज की ओर से जनसंख्या के लिए सर्वे का काम भी जारी.. सर्वे के माध्यम से भी समाज के लोगों को धर्मांतरण के खिलाफ जागरूक करने का प्रयास किया जाएगा.. साथ ही जो लोग धर्मांतरण कर चुके हैं, उनकी घर वापसी भी की जाएगी.. उन्होंने बताया कि बैठक में प्रमुख रूप से डिप्टी सीएम अरुण साव, पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, पूर्व पीसीसी चीफ धनेन्द्र साहू समेत समाज के वरिष्ठजन भी मौजूद रहे..
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सोनभद्र में पेड़ों की कटान रोक कर आदिवासी प्रदर्शन, मुख्यमंत्री से रोक की मांग

Obra, Uttar Pradesh:सोनभद्र में प्रस्तावित पावर प्रोजेक्ट के लिए लाखों पेड़ों की कटान को लेकर आदिवासी समाज का गुस्सा अब सड़कों पर उतर आया है। सैकड़ों की संख्या में आदिवासी महिला-पुरुष परंपरागत तीर-धनुष और अन्य हथियारों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए वन विभाग पर गंभीर आरोप लगाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जल, जंगल, जमीन, पेड़, पानी और पहाड़ ही उनकी पहचान और आजीविका का आधार हैं। ऐसे में करीब दो लाख छह हजार पेड़ों की कटान का आदेश न सिर्फ पर्यावरण बल्कि आदिवासी अस्तित्व पर भी सीधा हमला है। किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के बैनर तले हुए इस प्रदर्शन का नेतृत्व संदीप मिश्रा ने किया, जिन्होंने चेतावनी दी कि यदि पेड़ों की कटान पर तत्काल रोक नहीं लगी तो आंदोलन गांव से लेकर लखनऊ और दिल्ली तक पहुंचाया जाएगा।
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शाहजहांपुर में एंबुलेंस-ट्रक टक्कर: पुलिसकर्मी की मौत, डॉक्टर व चालक घायल

Piprola Ahmedpur, Uttar Pradesh:शाहजहांपुर में एंबुलेंस और ट्रक की आमने-सामने की टक्कर हो गई। हादसे में एंबुलेंस में सवार एक पुलिसकर्मी की दर्दनाक मौत हो गई। जबकि एक डॉक्टर और एंबुलेंस चालक गंभीर रूप से घायल हुए हैं। फिलहाल घायलों को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। पूरी घटना थाना कटरा क्षेत्र के नेशनल हाईवे की है। बताया जा रहा है कि कटरा थाने में तैनात सिपाही विकास सांगवान और डॉक्टर लक्ष्मण सिंह के साथ एंबुलेंस ड्राइवर एक होटल से खाना खाकर लौट रहे थे। इसी दौरान चौधरी ढाबे के पास बरेली शाहजहांपुर नेशनल हाईवे पर एंबुलेंस चालक ने नियंत्रण खो दिया और सामने से आ रहे हैं ट्रक से उसकी टक्कर हो गई। हादसे में पुलिसकर्मी की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि डॉक्टर एंबुलेंस चालक गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां उनका इलाज चल रहा है।
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ओमप्रकाश राजभर ने कहा 2027 में NDA की वापसी, सपा पर कड़ा हमला

Jaunpur, Uttar Pradesh:जौनपुर पहुंचे मंत्री ओमप्रकाश राजभर, बोले 2027 में फिर बनेगी NDA सरकार, सपा पर जमकर साधा निशाना जौनपुर। उत्तर प्रदेश के पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने जौनपुर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनाव, पंचायत चुनाव, कानून-व्यवस्था, राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण और विभिन्न राजनीतिक मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर मंत्री राजभर ने दावा किया कि प्रदेश में एक बार फिर एनडीए की सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी अगले जन्म में सरकार बनाने का सपना देखे, क्योंकि जनता का विश्वास एनडीए के साथ है। राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण पर उन्होंने कहा कि मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके against सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि कानून अपना काम कर रहा है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए राजभर ने कहा कि दो वर्षों तक उन्हें लगातार अपशब्द कहे गए, इसलिए वह भी रोजाना ऐसा बयान देते हैं जिससे सपा के नेता पूरे दिन परेशान रहते हैं। पंचायत चुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि सरकार समय पर चुनाव कराने की तैयारी में थे, लेकिन समाजवादी पार्टी ने अपनी लीगल टीम के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर चुनाव प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न की। उन्होंने आरोप लगाया कि बाद में खुद सपा नेताओं ने कहना शुरू कर दिया कि अब चुनाव नहीं होंगे। कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में कानून का राज स्थापित हुआ है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री "बुलडोजर बाबा" के नाम से जाने जाते हैं और अपराधियों के खिलाफ सरकार की कार्रवाई लगातार जारी है। हाल ही में चार वर्षीय मासूम बच्ची की हत्या के मामले का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस ने महज eight घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी अपराधी को संरक्षण नहीं देती और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है। आजाद बिंद हत्याकांड से जुड़े सवाल पर मंत्री राजभर ने कहा कि इस मामले में उनका नाम जोड़ना पूरी तरह गलत है। उन्होंने कहा कि उनका मोबाइल फोन जांच लिया जाए, उन्होंने इस संबंध में किसी से कोई बातचीत नहीं की है और उन पर लगाए जा रहे सभी आरोप निराधार हैं। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान प्रदेश में बड़ी संख्या में दंगे हुए थे, जबकि भाजपा सरकार के नौ वर्षों में कानून-व्यवस्था मजबूत हुई है और प्रदेश में शांति का माहौल बना है। कौशांबी की घटना का जिक्र करते हुए भी उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि अपराध और अराजकता फैलाने वालों के खिलाफ सरकार पूरी सख्ती से कार्रवाई कर रही है。 बाईट ओमप्रकाश राजभर पंचायती राज मंत्री
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बिहार पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण के लिए डेडिकेटेड आयोग और ट्रिपल टेस्ट अनिवार्य

Noida, Uttar Pradesh:बिहार पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण: क्या डेडिकेटेड ओबीसी आयोग और ट्रिपल टेस्ट के बिना आरक्षण रोस्टर जारी हो सकता है? हमारी लड़ाई किसी राजनीतिक दल के विरुद्ध नहीं है। यह संविधान, सामाजिक न्याय और पंचायती राज संस्थाओं के अधिकारों की लड़ाई है। सर्वोच्च न्यायालय के निर्णयों के बाद यह स्थापित सिद्धांत है कि स्थानीय निकायों में ओबीसी आरक्षण के लिए ट्रिपल टेस्ट की प्रक्रिया का पालन आवश्यक है। इसके लिए डेडिकेटेड ओबीसी आयोग का गठन, आयोग द्वारा वैज्ञानिक अध्ययन तथा उसकी रिपोर्ट के आधार पर आरक्षण का निर्धारण किया जाता है। मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूँ कि पंचायती राज विभाग जनता के बीच किसी प्रकार का भ्रम उत्पन्न न करे। विभाग को स्पष्ट रूप से बताना चाहिए कि पंचायत चुनाव के लिए ओबीसी आरक्षण का रोस्टर तभी प्रकाशित किया जा सकता है, जब राज्य में डेडिकेटेड ओबीसी आयोग का गठन हो, आयोग आवश्यक अध्ययन एवं ट्रिपल टेस्ट की प्रक्रिया पूरी करे तथा अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपे। जब तक आयोग की रिपोर्ट प्राप्त नहीं होती, तब तक राज्य निर्वाचन आयोग और पंचायती राज विभाग के लिए ओबीसी आरक्षण का अंतिम रोस्टर प्रकाशित करना संवैधानिक और कानूनी प्रश्नों के दायरे में रहेगा। इसलिए सरकार को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का पूर्ण पालन करना चाहिए। सर्वोच्च न्यायालय के निर्णयों का पालन करना सभी संवैधानिक संस्थाओं की जिम्मेदारी है। यदि निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बिना आरक्षण लागू किया जाता है, तो वह न्यायिक समीक्षा के अधीन आ सकता है और न्यायालय द्वारा निरस्त भी किया जा सकता है। इसलिए सरकार और संबंधित विभागों को संविधान तथा न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप ही आगे बढ़ना चाहिए। हमारी मांग केवल तीन हैं— 1. तत्काल डेडिकेटेड ओबीसी आयोग का गठन किया जाए। 2. आयोग द्वारा ट्रिपल टेस्ट एवं आवश्यक सर्वेक्षण समयबद्ध तरीके से पूरा कराया जाए। 3. आयोग की रिपोर्ट के आधार पर संवैधानिक एवं कानूनी रूप से मजबूत ओबीसी आरक्षण रोस्टर प्रकाशित कर पंचायत चुनाव कराया जाए。 हमारा उद्देश्य चुनाव टालना नहीं है। हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बिहार में पंचायत चुनाव संविधान के अनुरूप हों, ओबीसी समाज का अधिकार सुरक्षित रहे और भविष्य में आरक्षण किसी कानूनी विवाद का शिकार न बने। यही सामाजिक न्याय है, यही संविधान की भावना है और यही बिहार के लाखों पंचायत प्रतिनिधियों एवं ओबीसी समाज की अपेक्षा है। मिथिलेश कुमार राय (प्रदेश अध्यक्ष, बिहार प्रदेश मुखिया महासंघ)
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बिहार में पंचायत परिसीमन 36 साल बाद: पारदर्शिता और न्यायसंगत आरक्षण के साथ चुनाव

Noida, Uttar Pradesh:बिहार में पंचायत परिसीमन कब? 36 वर्षों से लंबित व्यवस्था पर अब निर्णय जरूरी” मिथिलेश कुमार राय (प्रदेश अध्यक्ष, बिहार प्रदेश मुखिया महासंघ) सबसे पहले मैं स्पष्ट करना चाहता हूँ कि पंचायतों के परिसीमन की मांग किसी राजनीतिक दल के पक्ष या विपक्ष की नहीं है। यह संविधान, लोकतांत्रिक समानता और पंचायतों को मजबूत बनाने की लड़ाई है। बिहार में लगभग 36 वर्षों से पंचायतों का परिसीमन नहीं हुआ है। इस दौरान जनसंख्या बढ़ी, नए गांव और टोले बसे, कई क्षेत्रों की भौगोलिक एवं सामाजिक परिस्थितियां बदल गईं, लेकिन पंचायतों की सीमाएं आज भी पुराने आधार पर बनी हुई हैं। इससे समान प्रतिनिधित्व का सिद्धांत प्रभावित होता है। देश के अनेक राज्यों—महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान, कर्नाटक, गुजरात, ओडिशा और उत्तर प्रदेश—में समय-समय पर पंचायतों का परिसीमन कर जनसंख्या के अनुरूप प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया गया है। बिहार भी इस दिशा में पीछे नहीं रहना चाहिए। परिसीमन का उद्देश्य केवल सीमाएं बदलना नहीं है, बल्कि प्रत्येक पंचायत और वार्ड में जनसंख्या के अनुसार न्यायसंगत प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना है। यही लोकतंत्र की मूल भावना है। हम सरकार से आग्रह करते हैं कि पंचायत चुनाव से पहले परिसीमन की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और कानूनी प्रावधानों के अनुरूप पूरी की जाए। इससे भविष्य में विवाद और न्यायालयी चुनौतियां भी कम होंगी। हमारा स्पष्ट मत है कि परिसीमन के बाद ही पंचायतों के लिए आरक्षण निर्धारण की प्रक्रिया पूरी की जानी चाहिए। नई भौगोलिक सीमाएं तय होने के बाद ही वार्डों और पंचायतों की वास्तविक स्थिति सामने आती है। उसके बाद ही आरक्षण रोस्टर तैयार करना अधिक न्यायसंगत और संविधान सम्मत होगा। हमारा विश्वास है कि बिहार के माननीय मुख्यमंत्री पंचायतों को सशक्त बनाने के पक्षधर हैं। यदि 36 वर्षों बाद बिहार में पंचायतों का परिसीमन कराया जाता है, तो यह केवल प्रशासनिक निर्णय नहीं होगा, बल्कि पंचायती राज व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार के रूप में दर्ज होगा। हमारी मांग स्पष्ट है—पंचायतों का परिसीमन शीघ्र कराया जाए। परिसीमन पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और विधिसम्मत हो। परिसीमन के बाद संवैधानिक प्रक्रिया के अनुसार आरक्षण का निर्धारण किया जाए। इसके बाद पंचायत चुनाव कराए जाएं। हम चुनाव टालने की बात नहीं कर रहे हैं। हम चाहते हैं कि बिहार में पंचायत चुनाव ऐसे हों जो संविधान की भावना, समान प्रतिनिधित्व और सामाजिक न्याय—तीनों कसौटियों पर खरे उतरें। यही मजबूत पंचायत, मजबूत लोकतंत्र और विकसित बिहार की आधारशिला होगी। मिथिलेश कुमार राय (प्रदेश अध्यक्ष, बिहार प्रदेश मुखिया महासंघ)
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शामली धर्मांतरण मामला: आयुष मालिक की घर वापसी और मौलवी की तलाश

Noida, Uttar Pradesh:शामली का मोहम्मद रहमान अली अब फिर से आयुष मालिक बन गया है। इस्लाम छोड़ कर रहमान अब भगवान की पूजा करना शुरू कर चुका है। हिंदू संगठनों और परिवार की एक महीने की मेहनत के बाद ये मुमकिन हो पाया है। इस बीच जांच में जुटी शामली पुलिस इरफान उर्फ हाकिम की तलाश कर रही है। ये शामली का रहने वाला है। इसी ने आयुष का धर्मांतरण कराया था। जांच में जुटी पुलिस को इसकी लोकेशन कभी मुंबई तो कभी चेन्नई में मिली है। बाइट। देवराज मालिक, आयुष मालिक के पिता इस बीच स्वामी यशवीर महाराज ने दावा किया कि निजी स्कूलों में सनातन की पढ़ाई नहीं होती है। इसी लिए बच्चों को इसकी जानकारी नहीं है। हम सभी को अपने बच्चों को सरस्वती शिशु मंदिर में पढ़ाना चाहिए । बाइट। यशवीर महाराज आयुष मालिक की घर वापसी के बाद पुलिस अब उस मौलवी की तलाश कर रही है जिसने आयुष का धर्मांतरण कराया था। इरफान उर्फ हाकिम नाम के मौलाना शामली का रहने वाला है। इस घटना के बाद वो फरार है। इसकी लोकेशन मुंबई और चेन्नई में मिली है.
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