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Praveen BhargavPraveen BhargavFollow15 Apr 2025, 08:24 am

Jhansi - समाजवादी पार्टी युवजन सभा के जिला अध्यक्ष ने क्यों पहनी लोहे की बेड़ियां देखिए

Jhansi, Uttar Pradesh:समाजवादी पार्टी युवजन सभा के जिला अध्यक्ष विश्व प्रताप सिंह लोहे की बेड़ियां पहनकर कचहरी चौराहा स्थित डॉ भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने पहुंचे जब उनसे मीडिया में बेड़ियां डालकर आने की वजह को पूंछा तो विश्व प्रताप सिंह ने कहा देश में संविधान पर लगातार हमले हो रहे हैं। लोकतंत्र की आत्मा को कुचला जा रहा है। हमारे पास अब एक ही विकल्प बचा है, बाबा साहब के संविधान को बचाना। यह अनोखा प्रदर्शन देखकर राह चलते लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। सपा नेता ने कहा कि वे बेड़ियां पहनकर यह संदेश देना चाहते हैं कि देश का आम नागरिक, खासकर कमजोर और वंचित वर्ग, एक बार फिर गुलामी जैसी स्थिति में धकेला जा रहा है।जब तक संविधान को पूरी तरह सुरक्षित नहीं कर लिया जाता, तब तक समाजवादी पार्टी सड़कों पर संघर्ष करती रहेगी।
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के-पश्चिम मनपा कार्यालय के सामने मनसे का अनोखा आंदोलन, मैदान बचाने की मांग

Mumbai, Maharashtra:अंधेरीतील के-पश्चिम मनपा कार्यालयासमोर मनसेचे अनोखे आंदोलन मुंबईतील अंधेरी परिसरात के-पश्चिम मनपा कार्यालयासमोर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेनेच्या वतीने अनोख्या पद्धतीने आंदोलन करण्यात आले आहे. के-पश्चिम मनपा हद्दीतील खेळाचे मैदान आणि क्रीडा संकुलाची जागा वाचवण्याच्या मागणीसाठी मनसेने थेट मैदानावर क्रिकेट आणि फुटबॉलचे सामने आयोजित केले. मनसेचा आरोप आहे की, सत्ताधाऱ्यांकडून अनधिकृत आरक्षण लादून तसेच काही मनपा अधिकाऱ्यांना हाताशी धरून खेळाच्या मैदानांची जागा हडप करण्याचा प्रयत्न सुरू आहे. या जागा मोठ्या विकासकांच्या घशात घालण्याचे षडयंत्र रचले जात असल्याचा गंभीर आरोप मनसेकडून करण्यात आला आहे. मनसे विभाग अध्यक्ष मनिष धुरी यांच्या मार्गदर्शनाखाली स्थानिक नागरिक आणि खेळाडूंनी या आंदोलनात सहभाग घेतला. मैदानावर क्रिकेट आणि फुटबॉलचे सामने खेळत मनसे कार्यकर्त्यांनी प्रशासनाचे लक्ष वेधून घेतले. खेळाची मैदाने ही केवळ खेळाडूंसाठीच नाही, तर परिसरातील मुलांच्या शारीरिक आणि मानसिक विकासासाठीही महत्त्वाची आहेत. त्यामुळे कोणत्याही परिस्थितीत मैदानाची जागा विकासाच्या नावाखाठ बळकावू देणार नाही, असा इशारा मनसेकडून देण्यात आला आहे. या अनोख्या आंदोलनातून खेळाचे मैदान आणि क्रीडा संकुलाची जागा सुरक्षित ठेवावी, अशी मागणी मनसे तसेच स्थानिक नागरिकांकडून करण्यात आली आहे.
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उमंग सिंघार के बयान से भाजपा पर सवाल: संकल्प पत्र और रोजगार

Bhopal, Madhya Pradesh:भोपाल सरकार के संकल्प पत्र के 70 फीसदी वादे पूरे होने के दावे पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का बयान। बीजेपी झूठ बोलने की मशीन हो गई है। अगर 70 फीसदी वादे पूरे हुए तो क्या धान और गेहूं की फसल को एमएसपी मिल रही है? डेढ़ लाख नौकरी देने का वादा किया था, अगर आपने बात वादा निभाया तो युवा सड़क पर क्यों है? आप पिछड़ा वर्ग की बात करते हैं लेकिन 13 प्रतिशत पद ओल्ड क्यों किया? ऐसे तमाम बातें हैं जिन पर भाजपा फेल रही है। लाडली बहनों को 1750 रुपए दे रहे हैं, 3000 देने की बात कही थी, क्या चुनाव आएंगे तब 3000 करेंगे? पूरी लाडली बहनों को सरकार पैसा नहीं दे रही है। राहुल गांधी पर हुई एफआईआर पर कहा—एक तरफ बीजेपी समानता की बात करती है और दूसरी तरफ हमारे नेता राहुल गांधी पर केस दर्ज करती है। यही बीजेपी की कथनी और करनी में अन्तर है। बीजेपी नहीं चाहती है कि विवाद के बिना देश चले। वह चाहते हैं कि सांप्रदायिक विवाद होता रहे और वह सत्ता में राज करते रहें। मोहन भागवत के बयान पर कहा कि मोहन भागवत जी अमेरिका में जाकर भारत सबका होने का बयान क्यों दे रहे हैं कि उनको लग रहा है देश में बीजेपी की उल्टी गिनती शुरू हो गई। युवाओं के आंदोलन से घबराए हुए हैं वह बार-बार भारत में हिंदू मुस्लिम विवाद होता है। जबकि विश्व में जाकर आप बताते हैं कि सब एक है, लेकिन दूसरे देश के लोग जब भारत में देखते हैं तो पता चलता है किस तरीके सांप्रदायिकता का फैली हुई है। जो बात उन्होंने विदेश में कही है क्या वह बात आप भारत में आकर किसी मंच से कहेंगे? UCC पर बोले—जब मोहन भागवत कह रहे हैं कि हिंदू मुस्लिम सब एक है तो फिर UCC की जरूरत क्यों है, हमारी सरकार आएगी तो हम UCC को खत्म कर देंगे। बाइट नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार
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बक्सर में गंगा बाढ़: ग्रामीण इलाकों तक बढ़ा खतरा, पानी घरों तक पहुंचने लगा

Buxar, Bihar:बक्सर में गंगा नदी में आई बाढ़ کا असर अब जिले के ग्रामीण इलाकों में भी साफ दिखाई देने लगा है। गंगा का पानी लगातार बढ़ने से निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। कई गांवों में पानी पहुंचने के बाद ग्रामीण अपने परिवार और सामान को सुरक्षित स्थान पर ले जाने की तैयारी में जुट गए हैं। केंद्रीय जल आयोग से मिली जानकारी के मुताबिक, सोमवार दोपहर 1 बजे तक गंगा नदी का जलस्तर 59.75 मीटर पहुंच गया है। जबकि खतरे का निशान 60.32 मीटर बताया गया है। ऐसे में गंगा का पानी खतरे के निशान से करीब 57 सेंटीमीटर नीचे बह रहा है। गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर सहायक नदियों पर भी पड़ रहा है। कर्मनाशा नदी का पानी चौसा के बनारपुर गांव में प्रवेश कर गया है। वहीं सिकरौल गांव के मुख्य पथ पर तीन फीट से अधिक पानी बहने की सूचना है। इससे ग्रामीणों के आवागमन में परेशानी बढ़ गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में बाढ़ का पानी प्रवेश करने के बावजूद प्रशासनिक अधिकारी अभी तक उनका हाल जानने नहीं पहुंचे हैं। ऐसे में ग्रामीण खुद ही सुरक्षित स्थान की तलाश कर रहे हैं। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए लोगों में दहशत का माहौल है।
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डुमना एयरपोर्ट नई टर्मिनल में पानी टपका, मेन गेट बंद, यात्रियों को वैकल्पिक गेट

Jabalpur, Madhya Pradesh:डुमना एयरपोर्ट के बुरे हाल डुमना एयरपोर्ट की नई टर्मिनल बिल्डिंग से पानी टपक रहा है. इसके कारण गेट के पास का फर्श गीला और फिसलन भरा हो गया. एयरपोर्ट प्रबंधन ने मेन गेट बंद कर दिया. दूसरी गेट से आवाजाही कराई गई. यात्रियों को फिसलन से बचाने के लिए फर्श पर पानी होने की चेतावनी बोर्ड लगाया गया. बारिश के दौरान टर्मिनल में आने-जाने में परेशानी हुई. डुमना एयरपोर्ट प्रभारी डायरेक्टर नीरज कुमार ने बताया कि बारिश के कारण कैनोपी में पानी भर गया था और कैनोपी की रिपेयरिंग चल रही है. यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए डी1 गेट बंद कर डी2 गेट से आवाजाही कराई जा रही है.
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हिमाचल के कॉरपोरेट रिटायर्ड कर्मचारियों ने पेंशन की मांग दोहराई

Kullu, Himachal Pradesh:जिला कुल्लू के मुख्यालय ढालपुर में हिमाचल प्रदेश रिटायर्ड कॉरपोरेट सेक्टर यूनियन की बैठक प्रदर्शनी मैदान ढालपुर में आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता जिला कुल्लू यूनियन के अध्यक्ष प्रकाश वशिष्ठ ने की। वही, इस बैठक में महासचिव हेम राज शर्मा सहित अन्य रिटायर्ड कर्मचारी भी उपस्थित रहे। बैठक को संबोधित करते हुए अध्यक्ष प्रकाश वशिष्ठ ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और वर्तमान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार ने सभी को पेंशन देने की बात कही है। लेकिन कॉरपोरेट सेक्टर से रिटायर्ड कर्मचारियों की है मांग आज तक पूरी नहीं हो पाई है। हालाँकि दोनों ही दल ने चुनावी घोषणा पत्र ने इसका जिक्र किया था। लेकिन आज तक कुछ भी नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि साल 1999 में जब पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल की सरकार बनी थी तो उस दौरान कॉरपोरेट सेक्टर में काम कर रहे कर्मचारियों के लिए पेंशन देने का प्रावधान रखा गया था और साल 2004 तक जो भी कर्मचारी सेवानिवृत्त हुए, उन्हें आज तक पेंशन मिल रही है। उसके बाद यह प्रावधान बंद कर दिया गया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कॉरपोरेट सेक्टर में 6750 कर्मचारी सेवानिवृत्त हुए हैं इसमें से कुछ लोगों की मृत्यु हो गई है और 5500 लोग हो बचे हैं जिन्हें अभी तक पेंशन नहीं मिली है। उन्होंने बताया कि इस अवस्था में अब हम लोग इन तो मजदूरी कर सकते हैं और न ही कोई दूसरा कार्य। आज हमारे लोगों को 1500 तो किसी को 2000 रुपये पेंशन मिल रही है। इसलिए सरकार से निवेदन है कि कॉरपोरेट सेक्टर के लोगों को भी पेंशन प्रदान की जाए। उन्होंने कहा कि एक बार फिर से सभी सेवानिवृत कर्मचारी प्रदेश सरकार से मांग रखते हैं ताकि उन्हें भी पुरानी पेंशन का लाभ मिल सके。
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कैथल पटवारियों की हड़ताल: पोर्टल खामियों से जनता परेशान

Kaithal, Haryana:कैथल में पटवारियों की हड़ताल का आज 12 दिन है। नए पोर्टल को लेकर पटवारी नाराज हैं और सरकार से पोर्टल की तकनीकी खामियां दूर करवाने की मांग कर रहे हैं। पटवारीयो का कहना है कि अगर पोर्टल की कमियां जल्द दूर नहीं की गईं तो इसका सीधा असर पब्लिक और पटवारियों के बीच कामकाज पर पड़ेगा। उनका कहना है कि कमी पोर्टल की है, लेकिन उसका दोष पटवारियों को दिया जा रहा है। ऐसे में बिना किसी वजह के जनता और पटवारियों के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो सकती है। पटवारी का कहना है कि हम सरकार की किसी चेतावनी से डरने वाले नहीं क्योंकि हम हैं यह हड़ताल अपने लिए नहीं आम जनता की भलाई के लिए कर रहे हैं  सरकार से हमारी गुजारिश है कि पोर्टल को जल्द दुरुस्त करवाया जाए, ताकि लोगों को भी परेशानी न हो और पटवारी भी सुचारू रूप से काम कर सकें。 मांग पत्र किस प्रकार है 1- जमाबंदी और इंतकाल के लिए जारी किए गए पोर्टल की सभी तकनीकी कमियों को दूर किया जाए तथा पोर्टल पर होने वाली तकनीकी गलतियों की जिम्मेदारी आईटी डिपार्टमेंट (I.T. Dept.) की तय की जाए। अगर पोर्टल 100% सही है तो इससे मिलने वाले सभी रिकॉर्ड्स जैसे जमाबंदी, इंतकाल आदि पर IT विभाग प्रमुख के हस्ताक्षर होने चाहिए। 25 अगस्त से सभी पटवारियों के यूजर ID भी IT विभाग द्वारा बंद कर दिए गए है और ऑटो म्यूटेशन किए जा रहे है। इन ऑटो म्यूटेशन की जिम्मेदारी IT विभाग की तय की जाए। 2- पोर्टल को कानूनी मान्यता देने के लिए संशोधित 'लैंड रिकॉर्ड मैनुअल' जारी किया जाए। जब तक यह पोर्टल तकनीकी और राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार पूरी तरह तैयार नहीं हो जाता, तब तक इसे किसी एक गांव या तहसील में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चलाकर इसकी कमियों को दुरुस्त किया जाए。 3- डिजिटल क्रॉप सर्वे का कार्य अन्य राज्यों की तर्ज पर प्राइवेट एजेंसियों से करवाया जाए。 4- नवनियुक्त पटवारियों से सम्बंधित फाइल कैबिनेट से पास हो चुकी है। इसका नोटिफिकेशन एवं 1 जनवरी 2025 से बकाया वेतन का एरियर जल्द जारी किया जाए。 5- रोवर मशीन से पैमाइश के लिए सभी कानूनगो को पूर्ण प्रशिक्षण दिया जाए तथा कानूनगो को एक तकनीकी रूप से सक्षम ऑपरेटर उपलब्ध करवाया जाए। रोवर मशीन का इंश्योरेंस और रोवर को लाने व ले जाने के लिए सरकारी गाड़ी मुहैया करवाई जाए。 6- बीते कई वर्षों से लंबित एलटीसी (LTC) एवं गिरदावरी सहायक मानदेय का एकमुश्त भुगतान तुरंत जारी किया जाए。 7- पटवारियों की तर्ज पर कानूनगो को मिलने वाली इंक्रीमेंट की फाइल जो लगभग तीन वर्षों से लंबित है, उसे अविलंब मंजूरी देकर जारी किया जाए。 8- सभी ऑनलाइन कार्यों को सुचारू रूप से करने के लिए तहसीलों में कंप्यूटर, प्रिंटर व स्कैनर उपलब्ध कराए जाएं तथा फील्ड में कार्य हेतु पटवारियों को टैबलेट (Tab) प्रदान किए जाएं。 Wt रिपोर्टर विपिन शर्मा के साथ पटवारियों की बातचीत
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मैदान बचाओ, भविष्य बचाओ: मनसे ने मुंबई में खेल मैदानों की सुरक्षा हेतु आंदोलन

Mumbai, Maharashtra:मुंबईच्या चांदिवली एल वॉर्ड परिसरात मैदानाच्या मुद्द्यावरून महाराष्ट्र नवनिर्माण सेनेच्या वतीने आंदोलन करण्यात आलं. मनसेचे महेंद्र भानुशाली यांच्या नेतृत्वाखाली झालेल्या या आंदोलनात सरकार आणि पालिकेच्या भूमिकेवर तीव्र नाराजी व्यक्त करण्यात आली. “सरकार आणि पालिकेची कसली घाई? मैदान गिळंकृत करण्याची घाई नाही!” असा सवाल मनसेकडून उपस्थित करण्यात आला. विकासाच्या नावाखाखा शहरातील मैदानं बळकावण्याऐवजी ती मुलांच्या खेळासाठी आणि नागरिकांच्या वापरासाठी जपली पाहिजे, अशी भूमिका मनसेने मांडली. मैदानं ही केवळ मोकळी जागा नसून, मुलांच्या शारीरिक आणि मानसिक विकासासाठी आवश्यक असलेली ठिकाणं आहेत. त्यामुळे मैदानांचं संरक्षण करणं ही प्रशासनाची जबाबदारी असल्याचं मनसे कार्यकर्त्यांनी सांगितलं. मैदान वाचवण्यासाठी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ठामपणे मैदानात उतरली असून, “मैदान वाचवा, भविष्य वाचवा” असा संदेश आंदोलनाच्या माध्यमातून देण्यात आला. दरम्यान, या आंदोलनामुळे परिसरात काही काळ राजकीय वातावरण तापलं असून, प्रशासन आता याबाबत काय भूमिका घेतं, याकडे सर्वांचं लक्ष लागलं आहे.
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अमृतसर में मिलिट्री लिटरेचर फेस्टिवल का आगाज़: सैन्य इतिहास और हथियारों की प्रदर्शनी आकर्षण

Amritsar, Punjab:अमृतसर में आज पहली बार मिलिट्री लिटरेचर फेस्टिवल का आयोजन किया जा रहा है। खालसा यूनिवर्सिटी में शुरू हुए इस दो दिवसीय फेस्टिवल में सैन्य इतिहास, देश की सुरक्षा और युद्ध रणनीतियों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हो रही है। कार्यक्रम में सैन्य विशेषज्ञों, पूर्व सैन्य अधिकारियों और इतिहासकारों के साथ बड़ी संख्या में युवा भी हिस्सा ले रहे हैं। फेस्टिवल में सैन्य उपकरणों और हथियारों की प्रदर्शनी भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। अमृतसर की खालसा यूनिवर्सिटी में आज पहला मिलिट्री लिटरेचर फेस्टिवल आयोजित किया जा रहा है। इस फेस्टिवल में भारत के सैन्य इतिहास और सुरक्षा से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हो रही है। 1965 के भारत-पाक युद्ध में अमृतसर सेक्टर की भूमिका से लेकर मौजूदा वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों तक, विशेषज्ञ अपने विचार साझा कर रहे हैं। वहीं फेस्टिवल में लगाई गई सैन्य उपकरणों और हथियारों की प्रदर्शनी लोगों के लिए खास आकर्षण बनी हुई है। आयोजन का उद्देश्य युवाओं को भारतीय सशस्त्र बलों के इतिहास, शौर्य और देश की सुरक्षा से जुड़े विषयों के बारे में जागरूक करना है।
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*पचपेड़वा: भगवानपुर शिवपुर में भ्रष्टाचार की जांच को त्रिस्तरीय टीम गठित*

MADAN LAL JAISWALMADAN LAL JAISWALFollow13m ago
Newal Garh, Uttar Pradesh:विकासखंड पचपेड़वा के ग्राम पंचायत भगवानपुर शिवपुर में बगैर काम कराए सचिव व ग्राम प्रधान की मिली भगत से पेमेंट निकलने का आरोप गांव वासियों ने लगाया था भगवानपुर शिवपुर ग्राम पंचायत में नाली मरम्मत के नाम पर 529520 खारिज किया गया है जबकि गांव में कहीं भी नाली का मरम्मत दिखाई नहीं दे रहा है। सीसी रोड के नाम पर 148366, 2 मार्च 2026 को खारिज किया गया है होम पाइप के नाम पर 193750, खारिज किया गया है। इस मामले को लेकर खंड विकास अधिकारी मोहित दुबे ने बताया कि मामले की जांच के लिए त्रिस्तरीय टीम गठित की गई है जिसमें अनूप श्रीवास्तव (एडियो ऑपरेटिव) शिवनाथ गुप्ता (अवर अभियंता लघु सिंचाई) फैज मसूद सहायक विकास अधिकारी फैज मसूद को जांच करने हेतु नामित किया गया है इसके बारे में बीते 27 तारीख को टीम द्वारा गांव पर पहुंचने पर सचिव की अनुपस्थिति के कारण टीम वापस चली आई सोमवार को पुनः टीम जांच के लिए भेजा गया है इस बारे में सहायक विकास अधिकारी फैज मसूद ने बताया कि सोमवार को सचिव द्वारा पेपर उपलब्ध नहीं कराया गया है जिसकी रिपोर्ट भेजी जा रही है।
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दिल्ली में SIR के बाद ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी, 97.51 लाख नाम शामिल

New Delhi, Delhi:दिल्ली में SIR के बाद ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी कर दी गई है। करीब डेढ़ महीने चले इस अभियान के बाद जारी ड्राफ्ट रोल में 97.51 लाख मतदाताओं के नाम शामिल किए गए हैं। 1.45 करोड़ में से 97.51 लाख नाम शामिल SIR शुरू होने के वक्त दिल्ली में कुल 1,45,10,299 मतदाता दर्ज थे। इनमें से 97.51 लाख मतदाताओं के Enumeration Forms जमा और डिजिटाइज किए गए। यानी करीब 67.18% मतदाताओं के फॉर्म प्रक्रिया में शामिल हुए। वहीं करीब 47.58 लाख मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट रोल में नहीं हैं। इन्हें ‘Uncollectable’ कैटेगरी में रखा गया है। इसमें Absent, Shifted, Dead, Duplicate और Others यानी ASDDO श्रेणियां शामिल हैं। अगर किसी का नाम छूटा है तो घबराने की जरूरत नहीं, ड्राफ्ट लिस्ट में नाम नहीं होने का मतलब यह नहीं है कि मतदाता हमेशा के लिए वोटर लिस्ट से बाहर हो गया है। ऐसे मतदाता 31 अगस्त से 30 सितंबर तक दावा और आपत्ति दाखिल कर सकते हैं और जरूरी दस्तावेज देकर अपना नाम शामिल कराने का अनुरोध कर सकते हैं। दिल्ली में सबसे ज्यादा और कम फॉर्म डिजिटाइज SIR के दौरान रोहिणी में सबसे ज्यादा 83.43% Enumeration Forms डिजिटाइज हुए, जबकि तुगलकाबाद में सबसे कम 52.15% फॉर्म डिजिटाइज हुए। दिल्ली में वोटर नाम कैसे चेक करें? मतदाता अपना नाम EPIC नंबर, मोबाइल नंबर या व्यक्तिगत विवरण के जरिए ऑनलाइन चेक कर सकते हैं। CEO Delhi की वेबसाइट पर Electoral Roll और voter search की सुविधा उपलब्ध है। अंतिम वोटर लिस्ट 4 नवंबर आयोग का कहना है की दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया 30 सितंबर तक चलेगी। इसके बाद जांच और निस्तारण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी, अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर 2026 को प्रकाशित होने का संशोधित कार्यक्रम है। एक और बड़ा बदलाव_ SIR के बाद दिल्ली में मतदान केंद्रों की संख्या 13,033 से बढ़कर 14,947 हो गई है। मतदान केंद्रों की लोकेशन भी 2,696 से बढ़कर 2,856 हो गई हैं。
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