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Eshan KhanEshan KhanFollow19 Jul 2024, 06:16 pm

झांसी अध्यक्ष ने नियंत्रण कार्यालय का निरीक्षण किया, देखिए वीडियो

Jhansi, Uttar Pradesh:

झांसी अध्यक्ष सह मुख्य अधिकारी जया वर्मा सिन्हा द्वारा मंडल के निरीक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत सर्वप्रथम नवनिर्मित मंडल नियंत्रण कार्यालय का निरीक्षण किया। नए नियंत्रण भवन के साथ–साथ नव संस्थापित कार्यालय एप्लीकेशन बोर्ड का अवलोकन किया। नियंत्रक कार्यालय में लगे मेगा विसुअल डिस्प्ले यूनिट पर जोर दिया। अध्यक्ष द्वारा नियंत्रण कार्यालय में खण्डों पर कार्यरत स्टाफ से फीड बैक प्राप्त कर उनके ज्ञान की परख ली गईI नए नियंत्रण कक्ष में उन्नत सुविधाओं पर प्रस्तुति के दौरान झांसी का दौरा किया गया।

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उत्तर प्रदेश प्रवक्ता भर्ती परीक्षा 9-10 मई: 4.64 लाख अभ्यर्थी शामिल होंगे

Noida, Uttar Pradesh:09-10 मई को होगी प्रवक्ता भर्ती परीक्षा, 4.64 लाख अभ्यर्थी होंगे शामिल परीक्षा दोनों दिन दो पालियों में आयोजित होगी, 06 मई से प्रवेश पत्र डाउनलोड होंगे प्रयागराज / लखनऊ: दिनांक: 29 अप्रैल 2026 प्रदेश में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को गति देते हुए उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा प्रवक्ता (विज्ञापन संख्या-02/2022) के अंतर्गत 624 पदों के लिए लिखित परीक्षा 09 एवं 10 मई 2026 को आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा में कुल 4,64,605 अभ्यर्थी सम्मिलित होंगे, जिसके लिए प्रदेश के 17 जनपदों में 319 परीक्षा केन्द्र प्रस्तावित किए गए हैं। परीक्षा दोनों दिनों में प्रतिदिन दो पालियों में आयोजित होगी। प्रथम पाली सुबह 09:30 बजे से 11:30 बजे तक तथा द्वितीय पाली दोपहर 02:30 बजे से 04:30 बजे तक संचालित की जाएगी। परीक्षा आगरा, अलीगढ़, प्रयागराज, आजमगढ़, बरेली, बस्ती, बांदा, अयोध्या, गोरखपुर, झांसी, कानपुर नगर, लखनऊ, मेरठ, मीरजापुर, मुरादाबाद, सहारनपुर एवं वाराणसी जनपदों में आयोजित होगी। विषयवार परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार 09 एवं 10 मई को भौतिकी, अंग्रेजी, गणित, जीवविज्ञान, रसायन, इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र, हिन्दी, संस्कृत, कला, समाजशास्त्र, मनोविज्ञान, वाणिज्य, कृषि, गृह विज्ञान, शिक्षा एवं नागरिक शास्त्र सहित विभिन्न विषयों की परीक्षाएं निर्धारित पालियों में कराई जाएंगी। आयोग के अध्यक्ष डॉ प्रशांत कुमार ने बताया है कि परीक्षा जनपद की अग्रिम सूचना 30 अप्रैल 2026 से आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करा दी जाएगी। अभ्यर्थी वेबसाइट पर जाकर आवश्यक विवरण दर्ज कर अपने परीक्षा जनपद की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। जारी की जाने वाली अग्रिम सूचना प्रवेश पत्र नहीं होगी। अभ्यर्थियों को परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए प्रवेश पत्र 06 मई 2026 से आयोग की वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकता है । बिना वैध प्रवेश पत्र के किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी。 सभी अभ्यर्थियों से समय रहते परीक्षा जनपद की जानकारी प्राप्त करने तथा निर्धारित तिथि से प्रवेश पत्र डाउनलोड कर परीक्षा की तैयारी सुनिश्चित करने की अपील की है, ताकि परीक्षा प्रक्रिया सुचारु एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न हो सके।
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बरेली: फरीदपुर में वाहन चोर गिरोह गिरफ्तार, पांच मोटरसाइकिलें बरामद

Bareilly, Uttar Pradesh:बरेली के फरीदपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने वाहन चोरी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी की पांच मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। बुधवार को तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि पकड़े गए आरोपी चोरी की बाइक बेचने की तैयारी में थे। सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान फाजिल पुत्र भूरा (निवासी मोहल्ला फरीदपुर), अरमान पुत्र सलामत (निवासी भूरे खां गोटिया) और सोहेल पुत्र वलीउल्लाह (निवासी भूरे खां गोटिया, थाना फरीदपुर) के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी विभिन्न इलाकों से मोटरसाइकिलें चोरी कर उन्हें सस्ते दामों में बेचते थे। बरामद वाहनों के वास्तविक मालिकों का पता लगाया जा रहा है, ताकि उन्हें उनके मालिकों तक पहुंचाया जा सके। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
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उदयपुर में आदिवासी वन अधिकार के लिए सड़कों पर; पट्टे तेज करने की मांग

Udaipur, Rajasthan:उदयपुर में आदिवासी समाज के लोगो वन अधिकार कानून को पूरी तरह से लागू करने की मांग को लेकर एक बार फिर सड़को पर उतरे। अपनी मांग को लेकर उन्होंने संभागीय आयुक्त कार्यालय के बाहर ढोल नगाड़े बजाकर जोरदार प्रदर्शन किया। जंगल-जमीन-जन आंदोलन के बैनर तले संभाग के विभिन्न जिलों से आए लोगों ने संभागीय आयुक्त कार्यालय के बाहर धरना दिया। जिसमे उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा बांरा, कोटा, बूंदी, भीलवाड़ा, सिरोही, राजसमंद जिलों से आए आदिवासी समाज के लोग शामिल हुए। आंदोलन के संयोजक धर्मचंद खेर ने बताया कि वर्ष 2006 में लागू हुए वन अधिकार कानून के बावजूद आज भी बड़ी संख्या में पात्र लोग अपने अधिकारों से वंचित हैं। प्रदेश में करीब 1 लाख 18 हजार व्यक्तिगत दावे पेश किए गए, लेकिन अब तक केवल 52 हजार लोगों को ही पट्टे मिल पाए हैं। ऐसे में लंबित व्यक्तिगत और सामुदायिक दावों का शीघ्र निस्तारण किया जाए। जिन लोगों को पट्टे मिल चुके हैं, उनके नाम राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज किए जाएं। राजस्थान के लगभग 10 हजार वन क्षेत्रों वाले गांवों में से केवल 2,088 गांवों को ही सामुदायिक अधिकार मिल पाए हैं, जो बेहद कम है।
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पर्यटन मंत्री से मुलाकात के बाद राजस्थान डोमेस्टिक ट्रैवल मार्ट पर आमंत्रण दिया गया

Jaipur, Rajasthan:केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से मुलाकात की. केंद्रीय पर्यटन सचिव भुवनेश कुमार भी मुलाकात की. HRAR अध्यक्ष-सचिब FHTR सहित FHTR के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की. पर्यटन क्षेत्र के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की. होटल वर्गीकरण मानदंड, Ease of Doing Business, विदेशी पर्यटकों के लिए VAT रिफंड व्यवस्था, वीज़ा नियम, भूमि रूपांतरण से संबंधित चुनौतियां और उद्योग को प्रभावित करने वाले अन्य मुद्दे पर चर्चा की. प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय पर्यटन मंत्री को आगामी राजस्थान डोमेस्टिक ट्रैवल मार्ट (RDTM) जयपुर और मारवाड़ ट्रैवल मार्ट जोधपुर, जो सितंबर 2026 में आयोजित होगा, के बारे में जानकारी दी. मारवाड़ ट्रैवल मार्ट जोधपुर के लिए औपचारिक आमंत्रण भी दिया गया. इन आयोजनों का उद्देश्य राजस्थान के पर्यटन को नई दिशा देना है, विशेष रूप से अनुभवात्मक पर्यटन, एडवेंचर पर्यटन, सांस्कृतिक विरासत और हस्तशिल्प आधारित पर्यटन, खासकर थार मरुस्थल क्षेत्र में अपार संभावनाओं को प्रोत्साहित करना है.
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अधीर रंजन चौधरी बोले- विपक्षी वोट बंटे, TMC को साफ नुकसान

Noida, Uttar Pradesh:KOLKATA (WEST BENGAL): ADHIR RANJAN CHOWDHURY (CONGRESS CANDIDATE FROM BERHAMPORE ASSEMBLY CONSTITUENCY) ON EXIT POLLS FOR WEST BENGAL LEGISLATIVE ASSEMBLY ELECTIONS कोलकाता, पश्चिम बंगाल: बहरामपुर से कांग्रेस उम्मीदवार अधीर रंजन चौधरी ने कहा, "सत्ता विरोधी लहर सारी विपक्षी पार्टियों के बीच बंट गई। इसमें TMC कहां किस तरह आएगी यह इतना जल्दी बताना मुश्किल है, लेकिन यह बिल्कुल साफ है कि TMC के खिलाफ बहुत ज्यादा मतदान हुआ है। लेकिन यह वोट सभी विपक्षी पार्टियों में बंट गए हैं, कहीं भाजपा, कहीं कांग्रेस, कहीं CPI(M), कहीं हुमायूं कबीर की पार्टी, कहीं ISF लेकिन विपक्ष में भी भाजपा के पास ज्यादा वोट जाएगा, यह मेरा मानना है।"
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जमानत: कानून विशेषज्ञों के अनुसार न्यायाधीश की विवेक और साक्ष्य तय करते हैं

Jabalpur, Madhya Pradesh:सोनम रघुवंशी को जमानत मिलने के बाद नागरिकों से और कानून की जानकारों से जमानत को लेकर चर्चा की गई जहां कानून के जानकारों का कहना है कि जमानत के बारे में वकील कोर्ट में अर्जी लगाते हैं लेकिन यह न्यायाधीश के विवेक पर निर्भर करता है कि वह संबंधित आरोपी को जमानत दे या ना दे। उनका कहना है कि वकील के द्वारा तर्क रखे जाते हैं लेकिन यदि न्यायाधीश उनसे संतुष्ट नहीं होता तो जमानत नहीं मिलती और यदि संतुष्ट है तो जमानत मिल जाती है साथ ही केस की गंभीरता और साक्ष्य को भी ध्यान में रखा जाता है वहीं आम आदमी भी जमानत के बारे में कुछ जानकारी देता है लोगों का कहना है कि जमानत के लिए जमानतदार और साथ में कुछ गवाह और साक्ष्य लगते हैं जिसके बाद वकालतनामा पेश करवा कर जमानत के लिए अर्जी लगाई जाती है न्यायाधीश और केस की गंभीरता पर निर्भर करता है कि जमानत मिलेगी या नहीं
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जहानाबाद में आंधी-तूफान: बारात के मौके पर मकान ढहा, आठ घायल

Jehanabad, Bihar:जहानाबाद में आए तेज आंधी-तूफान ने भारी तबाही मचाई है। बारात निकलने के दौरान एक मकान का छज्जा भरभराकर गिर गया। हादसे में आठ लोग घायल हो गए, जिनमें तीन बच्चे और एक महिला गंभीर रूप से मलबे की चपेट में आ गए। घटना भेलावर थाना क्षेत्र के हाटी गांव की है। गांव में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। सभी घायलों को सदर अस्पताल में भर्ती किया गया है। घायल अंजली देवी (सुलेमानपुर गांव), स्वीटी कुमारी (नोनही मोड़), अंकुश कुमार (पतरिया गांव) और माधुरी कुमारी (रोनिया बारा गांव) हैं। परिजनों के मुताबिक शादी का माहौल था; बारात की तैयारी चल रही थी। मौसम अचानक बदला और तेज हवाओं के साथ तूफान आया, जिससे मकान का छज्जा गिर गया। छज्जे के नीचे लोग संभल नहीं पाए और घायलों को निकालकर अस्पताल पहुँचाया गया। डॉक्टरों के अनुसार तीन बच्चों और एक महिला घायल हैं। घायलों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है; अस्पताल प्रशासन भी निगाह बनाए हुए है। आंधी-तूफान से जिले के अन्य हिस्सों में बिजली के खंभे और पेड़ भी गिरने की खबरें आईं।
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मुम्बई-पुणे एक्सप्रेसवे का मिसिंग लिंक खुल गया, 13.3 किमी सुरंग-केबल ब्रिज

Mumbai, Maharashtra:मुंबई पुणे एक्सप्रेस हाईवे पर एक ऐसी मिसिंग लिंक थी जिसके बिना मुंबई से पुणे और पुणे से मुंबई की यात्रा खंडाला -लोनावाला की खतरनाक और घुमावदार पहाड़ियों से होकर गुजरती है.... इससे एक्सप्रेस वे पर आये दिन हादसे होते रहते हैं, जानें भी जाती हैं और समय भी ज्यादा लगता है। लेकिन अब वो मिसिंग लिंक बनकर तैयार है.. 13.3 किलोमीटर लंबा ये मिसिंग लिंक पुराने घाटों के बीच जिसे देखकर आप भी दंग रह जाएंगे और मन में ये सवाल जरूर उठेगा कि आखिर ये बना कैसे ? सबसे पहले हम आपको बताते हैं कि इसे मिसिंग लिंक क्यों कहा जा रहा है? दरअसल 1996-97 में जब मुंबई पुणे एक्सप्रेस वे बनाने की शुरुआत हुई तभी पुलों और सुरंगों के जरिये उसे खोपोली से सीधे लोनावाला तक ले जाने की सोच थी।लेकिन तकनीक और फंड की कमी की वजह से तब ये हो नहीं पाया । लिहाजा लोनावाला और खंडाला की घुमावदार घाटों के जरिये ही एक्सप्रेस को पुणे तक बनाया गया। नतीजा मुम्बई से पुणे दूरी भी बढ़ी और जान का खतरा भी। लेकिन राज्य में एकबार फिर से जब युति की सरकार बनी तो मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उस में मिस हो चुके इस लिंक के निर्माण की आधारशिला 9 जून 2019 को रखी इसलिए 13.3 किलोमीटर के इस अहम हिस्से को मिसिंग लिंक का नाम दिया गया। सह्याद्रि पवर्त शृंखला की ऊंची पहाड़ियों और गहरी घाटियों के बीच इस मिसिंग लिंक को बनाना आसान नहीं था। सबसे पहली चुनौती तो यहाँ तक निर्माण सामग्री और मशीनों को लाने की थी... मुंबई और पुणे के बीच सह्याद्री पर्वत शृंखला के खंडाला-लोनावाला घाट में 80 डिग्री तक ढलान है.... लैंडस्लाइड, धुंध, मूसलाधार बारिश जहाँ आम है। वहां रोड बनाना मतलब पहाड़ से जंग लड़ना था। वहां 650 मीटर लंबा केबल ब्रिज, वो भी 182 मीटर ऊंचा याने की करीब 60 मंजिला इमारत के जितना . ऐसे में इस ब्रिज को हवा का प्रेशर से कैसे बचाए ये बड़ी चुनौती थी इसके साथ ही ये एक इको-सेंसिटिव जोन है। इसलिए मिली अनुमति से एक भी पेड़ अधिक नहीं काट सकते थे। वन्यजीव और पानी के सोर्स बचाने थे और सबसे बड़ी बात कि पूरा काम पुणे एक्सप्रेस वे की ट्राफिक रोके बिना करना था। प्रतिदिन 60,000 से ज्यादा गाड़ियां इस पुराने घाट से गुजरती हैं... इसलिए पहाड़ को चीरकर सुरंग बनाने के लिए ब्लास्टिंग भी कंट्रोल में करनी पड़ी.. लेकिन महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवेलपमेंट कारपोरेशन ने कभी असंभव सा लगने वाला मिसिंग लिंक का निर्माण सम्भव कर दिखाया है। 13.3 किलोमीटर लंबे इस मिसिंग लिंक पर एक पहाड़ी से दूसरी पहाड़ियों को जोड़ने के लिए दो लंबे और ऊंचे वायडक्ट बने हैं और पहाड़ीयों को पार करने के लिए दो सुरंगे भी हैं। जमीन से तकरीबन 125 मीटर ऊँचाई पर रोड शुरू होती है और ये एक केबल स्टेड ब्रिज है जैसा कि हम मुंबई में बांद्रा वर्ली सी लिंक पर देखते हैं। ये देश में बने रोड ब्रिज में सबसे ऊंचा और भव्य है। वायडक्ट के बाद अब आइये आपको ले चलते हैं सुरंग में.. 8.9 किलोमीटर लंबी ये सुरंग लोनावाला की पहाड़ियों को चीर कर बनी है और सबसे खास कि इस सुरंग के ऊपर लोनावाला झील है जिसके 182 मीटर नीचे से ये जा रही है। ये महाराष्ट्र की सबसे लंबी सुरंग तो है ही लेकिन इसकी चौड़ाई 23.3 मीटर है जो महाराष्ट्र या भारत ही नहीं पूरे दुनिया में सबसे चौड़ी सुरंग है। हाल ही में गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में इस टनल की चौड़ाई को दर्ज किया गया जिसका सर्टिफिकेट 1 मई को मुख्यमंत्री को सौंपा जाएगा . टनल में हर 300 मीटर पर क्रॉस पैसेज, फायर फाइटिंग सिस्टम, एग्जॉस्ट फैन बनाये गए है जैसे ही. खंडाला घाट का खतरो वाला सफर अब इतिहास बनने वाला है। मुंबई पुणे की यात्रा में 30 मिनट की बचत और जीरो लैंडस्लाइड का खतरा। ये मिसिंग लिंक सिर्फ रोड नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के विजन का माइलस्टोन है। मिसिंग लिंक की कुछ अन्य विशेषताएं- इस मिसिंग लिंक का जो वायड़क्ट का हिस्सा है वो करीब 36 हज़ार मैट्रिक टन वज़नी है दोनों साइड के ब्रिज का हिस्सा 240 केबल पर टीका हुआ है शुरूआत में बस और छोटी गाड़िया इस मिसिंग लिंक पर चलायी जायेंगी 6 महीने बाद अन्य हैवी व्हीकल चलेंगे लेकिन ज्वलनशील व्हीकल को इस मिसिंग लिंक पर चलने की अनुमति नहीं होगी पुल के लिए ‘विंड टनल टेस्ट’, ‘फैटिग और टेंसाइल टेस्ट’ तथा ‘स्टे केबल टेस्ट’ जैसी अत्याधुनिक जांचें डेनमार्क में एक प्रोटोटाइप बनाकर टेस्ट की गई हैं टेस्ट के दौरान ये सुनिश्चित किया गया कि करीब 265 किलोमीटर की रफ्तार से चलने वाली हवा भी इस ब्रिज को नुक़सान नहीं पहुँचा सकती ये केबल स्टेड ब्रिज का हिस्सा 650 मीटर का हिस्सा 2 पहाड़ियों के बीच में है जिसे टाइगर व्हेली कहा जाता है , मानसून में यहाँ 70-80 किलोमीटर की रफ़्तार से हवाएँ चलती है यही कारण है इस जाँच की। एक आँकड़े के मुताबिक़ इस मिसिंग लिंक के शुरू होने से हर रोज़ करीब 1 करोड़ के ईंधन की बचत होगी और प्रदूषण भी कम होगा . मिसिंग लिंक को बनाने में 6695 करोड़ का खर्च आया है . मिसिंग लिंक में बने 8.9 मीटर टनल के 180 मीटर ऊपर करीब एक से डेढ़ किलोमीटर में लोनावाला का तालाब भी मौजूद है ऐसे में सुरंग बनाते समय तकनीकी सावधानी बरती गई थी.
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