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Eshan KhanEshan KhanFollow3 Jan 2025, 05:49 pm

झांसीः नागरिक सुरक्षा कार्यालय में स्वामी विवेकानंद लॉ कॉलेज के छात्राओं को आगामी प्रशिक्षण योजना पर की चर्चा

Jhansi, Uttar Pradesh:

जिला मजिस्ट्रेट नियंत्रक नागरिक सुरक्षा कार्यालय झांसी में स्वामी विवेकानंद लॉ कॉलेज के छात्र-छात्राओं द्वारा भविष्य में नगर सुरक्षा विभाग के द्वारा प्रदान की जाने वाली प्रशिक्षण से संबंधित योजनाओं पर चर्चा हुई। उप नियंत्रक जय राज तोमर द्वारा कार्यक्रम से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां स्वामी विवेकानंद लॉ कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. सिद्धार्थ कुमार से साझा की गई । इस चर्चा में सुनील कुमार सिंह‌, सुमित गौड़, सियाशरण राजपूत, हरि नारायण सोनी, डॉ जितेंद्र नायक शामिल थे।

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आगरा में यूजीसी विरोध सत्याग्रह जारी, सरकार से तीन मांगे

Agra, Uttar Pradesh:आगरा ब्रेकिंग आगरा में यूजीसी को लेकर शुरू हुआ सत्याग्रह आगरा के शहीद स्मारक पर जुटे बड़ी संख्या में लोग आगरा,मथुरा,हाथरस,अलीगढ़,इटावा,मैनपुरी सहित कई शहरों से जूते लोग सुबह से लगातार लोगों का आना है जारी सवर्णों के खिलाफ सरकार की नहीं चलने देंगे साजिश/प्रदर्शनकारी हमारी सिर्फ तीन मांगे,सरकार यूजीसी को वापस ले,सवर्ण आयोग का गठन और जातिगत आरक्षण खत्म कर आर्थिक आधार पर हो आरक्षण की व्यवस्था हमने सरकार को वोट देकर बनाया,हमारे वोट के बाद हमारी पीठ में यूजीसी का घोंपा जा रहा खंजर अब सवर्ण समाज आरपार की लड़ेगा लड़ाई अगर हम सरकार बनाना जानते है तो सरकार गिराना बड़ी बात नहीं अब हमारा वोट उसको जो सवर्णों की करेगा बात
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झुंझुनूं के नगरीय निकाय चुनाव के लिए प्रशासन-पुलिस ने कड़े इंतजाम किए

Jhunjhunu, Rajasthan:झुंझुनूं जिलے के नगरपालिका चुनाव को लेकर प्रशासन-पुलिस की संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम सूचना केंद्र सभागार में आयोजित हुआ। जिला प्रशासन ने एरिया मजिस्ट्रेट, सेक्टर मजिस्ट्रेट, सेक्टर पुलिस ऑफिसर और पुलिस मोबाइल टीम के अधिकारियों को चुनावी व्यवस्थाओं और जिम्मेदारियों के बारे में निर्देश दिए। एडीएम अजय आर्य ने बताया कि आगामी 9 और 11 सितंबर को होने वाले चुनावों के लिए जिम्मेदारियों की जानकारी दी गई और निर्देश दिए गए कि चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हों। एएसपी देवेन्द्र सिंह राजावत ने कहा कि पहले चरण में 2200 से अधिक पुलिसकर्मियों का जाब्ता तैनात किया जाएगा, दूसरे चरण में 2100 से अधिक ड्यूटी लगाई जाएगी। प्रत्येक मतदान केंद्र पर आवश्यक पुलिस व्यवस्था रहेगी; प्रत्येक 10 मतदान केंद्रों पर सेक्टर पुलिस ऑफिसर और हर 10 वार्ड पर सुपरविजन अधिकारी की निगरानी व्यवस्था रहेगी; रिजर्व पुलिस बल उपलब्ध रहेगा। पुलिस जाब्ते की कमी नहीं है और चुनाव निष्पक्ष भयमुक्त वातावरण में करवाए जाएंगे। बैठक में कानून-व्यवस्था बनाए रखना, मतदान केंद्रों की सुरक्षा, सेक्टर निगरानी और आकस्मिक स्थितियों के लिए त्वरित कार्रवाई पर भी चर्चा हुई।
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पोखरी में भालू के हमले से लक्ष्मी देवी की मौत, क्षेत्र में दहशत

Jokhanalagga Bura, Uttarakhand:पोखरी में भालू का कहर: दूसरी घायल महिला लक्ष्मी देवी ने भी हायर सेंटर ले जाते समय तोड़ा दम पोखरी। हाफला घाटी के नेल सिंदेली गांव में शुक्रवार सुबह भालू के हमले के बाद चट्टान से नीचे गिरीं दो महिलाओं में से दूसरी घायल महिला लक्ष्मी देवी ने भी हायर सेंटर ले जाते समय दम तोड़ दिया। हादसे में विमला देवी की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि गंभीर रूप से घायल लक्ष्मी देवी को पोखरी अस्पताल से श्रीनगर हायर सेंटर रेफर किया गया था। रास्ते में उनकी मौत हो गई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जानकारी के अनुसार, नेल सिंदेली गांव की दो महिलाएं शुक्रवार सुबह करीब 8:30 बजे घर से कुछ ही दूरी पर घास लेने गई थीं। इसी दौरान अचानक भालू ने उन पर हमला कर दिया। भालू से बचने के दौरान दोनों महिलाएं चट्टान से नीचे गिर गईं। हादसे में विमला देवी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि लक्ष्मी देवी गंभीर रूप से घायल हो गईं। लक्ष्मी देवी को उपचार के लिए पोखरी अस्पताल लाया गया, जहां से उनकी गंभीर हालत को देखते हुए श्रीनगर हायर सेंटर रेफर किया गया। हालांकि, हायर सेंटर ले जाते समय रास्ते में उन्होंने दम तोड़ दिया। हेली सेवा का आदेश, खराब मौसम बना बाधा घटना की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी गौरव कुमार ने हेली सेवा के लिए आदेश दिए थे, लेकिन खराब मौसम के कारण हेलीकॉप्टर की उड़ान नहीं हो सकी। इसके बाद घायल लक्ष्मी देवी को सड़क मार्ग से हायर सेंटर ले जाया गया, लेकिन रास्ते में उनकी मौत हो गई। घटना के बाद स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं और समय पर बेहतर उपचार एवं रेफरल सुविधा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधा और हायर सेंटर तक त्वरित पहुंच मिलती तो शायद लक्ष्मी देवी की जान बचाई जा सकती थी। हालांकि, उनकी मौत के वास्तविक कारण और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की भूमिका को लेकर आधिकारिक जांच का इंतजार है। जेठानी-देवरानी थीं दोनों महिलाएं दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाली दोनों महिलाएं जेठानी-देवरानी थीं। विमला देवी पत्नी चंद्रशेखर अपने पीछे एक बालक छोड़ गई हैं, जबकि लक्ष्मी देवी अपने पीछे दो बालकों को छोड़ गई हैं। विमला देवी के शव की पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी होने के बाद शुक्रवार को कर्णप्रयाग में अंतिम संस्कार किया गया। वहीं लक्ष्मी देवी के शव का पोस्टमार्टम होने के बाद शनिवार को उनकी अंत्येष्टि की जाएगी。 पोखरी में भालू के आतंक की पांचवीं बड़ी घटना स्थानीय लोगों के अनुसार, पोखरी क्षेत्र में भालू के आतंक की यह लगातार पांचवीं बड़ी घटना है। लगातार हो रहे भालू के हमलों से ग्रामीणों में भय और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीण वन विभाग से भालू के आतंक से निजात दिलाने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाने की मांग कर रहे हैं। डीएफओ ने बढ़ाई पेट्रोलिंग, जल्द होगी बैठक घटना की सूचना के बाद डीएफओ रजत सुमन पोखरी अस्पताल पहुंचे और स्थानीय लोगों एवं ग्रामीणों से वार्ता की। उन्होंने घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि दो लोगों की जान जाना गंभीर चिंता का विषय है। वन विभाग की ओर से पीड़ित परिवारों को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया गया है。 डीएफओ ने कहा कि घटना वाले क्षेत्र में पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है। साथ ही पोखरी क्षेत्र में मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए जल्द ही स्थानीय स्तर पर बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में स्थानीय लोगों के साथ चर्चा कर समस्या का समाधान तलाशने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने क्षेत्रवासियों से अपील की कि भालू प्रभावित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतें और सावधानी के साथ जंगल एवं आसपास के क्षेत्रों में आवाजाही करें।
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कुल्लू के जिया संगम पर बीस भादो के शाही स्नान से देव-आस्था भीड़ में दिखी

Kullu, Himachal Pradesh:हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में बीस भादो के अवसर पर ब्यास और पार्वती नदी के संगम स्थल जिया पर सैकड़ों श्रद्धालुओं ने शाही स्नान किया। भुंतर क्षेत्र के जिया फेटावन के अंतर्गत आने वाले देवता घटोत्कच भी लाव-लश्कर के साथ बीस भादो के शाही स्नान के लिए पार्वती और ब्यास नदी के संगम स्थल जिया पहुंचे। देवताओं को यहां देव विधि के साथ शाही स्नान करवाया गया। ढोल, नगाड़ों, नरसिंगों की स्वर लहरियाँ पूरे माहौल को गूंज उठा। मौके पर श्रद्धालुओं ने देवताओं के जयकारे भी लगाए। इन तीर्थ स्थलों पर शाही स्नान के लिए सुबह से भक्तों का जमावड़ा रहा। मान्यता है कि इस पर्व पर प्राकृतिक जल स्रोतों में स्नान करने से कई प्रकार की बीमारियाँ दूर हो जाती हैं। बीस भादो के स्नान का महत्व है। स्थानीय लोगों की आस्था के अनुसार बीस भादो के दिन पहाड़ों पर उगी जड़ी-बूटियाँ पानी के माध्यम से निचले क्षेत्रों में पहुँचती हैं और इस दिन प्राकृतिक जल स्रोतों पर स्नान करने से शरीर से संबंधित बीमारियाँ खत्म हो जाती हैं। भाद्रपद मास में पहाड़ों पर उगने वाली जड़ी-बूटियाँ अपने यौवन पर होती हैं और नदी-नालों के किनारे इनके औषधीय गुण भी पानी में मिल जाते हैं।
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1600 पदों के सेकंड लिस्ट की मांग पर 16वें दिन भी आंदोलन जारी

Kawardha, Chhattisgarh:1600 पदों की सेकंड लिस्ट की मांग को लेकर पुलिस आरक्षक अभ्यर्थियों का आंदोलन 16वें दिन भी जारी कवर्धा। छत्तीसगढ़ पुलिस आरक्षक भर्ती में शेष बचे करीब 1600 पदों की सेकंड लिस्ट जारी कर जल्द भर्ती किए जाने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन 16वें दिन भी जारी रहा। कवर्धा के राजीव गांधी पार्क में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से पहुंचे अभ्यर्थी लगातार धरना प्रदर्शन कर अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचा रहे हैं। आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि पुलिस आरक्षक बनने के लिए उन्होंने लंबे समय तक मेहनत और तैयारी की है। कई अभ्यर्थियों ने आर्थिक परेशानियों के बावजूद अपने परिवार की मदद और उम्मीद के सहारे भर्ती की तैयारी की। ऐसे में शेष पदों पर भर्ती के लिए सेकंड लिस्ट जारी होने की उम्मीद उन्हें लगातार बनी हुई है。
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राजस्थान के 15 सरकारी स्कूलों में कॉम्प्रिहेन्शिव हेल्थ प्रोग्राम की मंजूरी

Jaipur, Rajasthan:जयपुर राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद ने राज्य के 15 सरकारी विद्यालयों में ‘कंप्रिहेंसिव स्कूल हेल्थ प्रोग्राम’ संचालित करने को मंजूरी दी है। यह स्वीकृति ‘ज्ञान संकल्प पोर्टल’ के माध्यम से प्रस्ताव की समीक्षा के बाद प्रदान की गई है। कार्यक्रम के तहत जयपुर, भरतपुर और कोटा के पांच-पांच सरकारी विद्यालयों का चयन किया गया है। राज्य परियोजना निदेशक रश्मि शर्मा ने कहा कि हमें स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य पर भी विशेष रूप से कम कर रहे हैं विभाग का प्रयास है कि स्कूली बच्चों बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर उन्हें किसी तरह की कोई गंभीर बीमारी ना हो ऐसे में प्राथमिक स्तर पर ही उनकी सभी जांच करवा रहे है,,, चाहे उनके स्वास्थ्य व विजन संबंधी कोई समस्या हो या अन्य कोई बीमारियां हम उन्हें स्कूल स्तर पर ही परीक्षण करवा कर बच्चों को स्वस्थ रखना का प्रयास करते हैं, कार्यक्रम के तहत प्रत्येक कक्षा में सप्ताह में दो बार 40-40 मिनट की कक्षाएं आयोजित की जाएंगी। इन कक्षाओं में विद्यार्थियों को स्वास्थ्य और वेलनेस से संबंधित उपयोगी जानकारी दी जाएगी। इसका उद्देश्य बच्चों में स्वस्थ आदतों और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता विकसित करना है। इसके साथ ही विद्यार्थियों के साथ अभिभावकों को भी जोड़ा जाएगा। प्रत्येक दो माह में अभिभावकों को विद्यालय बुलाकर बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़े सवाल-जवाब सत्र आयोजित किए जाएंगे। इससे अभिभावकों को बच्चों की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों और समस्याओं को समझने में मदद मिलेगी。 बाईट - डॉ रश्मि शर्मा - निदेशक राज्य परियोजना
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Gen Z के युवाओं से निकाय चुनाव: चित्तौड़गढ़ में बदलाव की उम्मीद

Begun, Rajasthan:चित्तौड़गढ़ नगर निकाय चुनावों में बीजेपी और कांग्रेस के बीच घमासान तेज है। इस बार दोनों दल युवाओं और Gen Z पर फोकस कर रहे हैं। कांग्रेस ने वार्ड 49 से 22 साल की बीटेक फाइनल ईयर छात्रा दिया तिवारी को मैदान में उतारा है। दिया वार्ड की समस्याओं के समाधान के लिए टेक्नोलॉजी आधारित सिस्टम और ऑनलाइन शिकायत व्यवस्था लागू करने की बात कर रही हैं। उनका फोकस रोड लाइट, सफाई, पानी, नालीयों और कचरा प्रबंधन के साथ युवाओं के रोजगार के मुद्दे पर भी है। बीजेपी ने वार्ड संख्या 3 से 27 वर्षीय विपुल सिंह राणावत को प्रत्याशी बनाया है। राणावत स्थानीय मुद्दों को प्राथमिकता देने के साथ युवा शक्ति के दम पर चुनावी मैदान में हैं। उनका दावा है कि वार्ड में करीब 80 प्रतिशत युवा प्रचार अभियान में सक्रिय हैं और घर-घर जाकर लोगों से संवाद कर रहे हैं। ऐसे में निकाय चुनाव में बीजेपी और कांग्रेस के बीच मुकाबला सिर्फ राजनीतिक दलों का नहीं, बल्कि युवा नेतृत्व, नई सोच और नई कार्यशैली का मुकाबला भी बन रहा है। Gen Z के दौर में युवा चेहरे मतदाताओं का भरोसा जीतकर निकाय की सियासत में कितना बदलाव ला पाते हैं।
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बीड़ में सूखा घोषित कराने को लेकर कृषि मंत्री ने CM को पत्र लिखा

Rui, Maharashtra:इंदापूर बाईट कृषिमंत्री दत्तात्रय भरणे *ऑन धनंजय मुंढे मुख्यमंत्र्यांना पत्र...बीडमध्ये कोरडा दुष्काळ जाहीर करा...* - ऑगस्टमध्ये शेतकऱ्यांनी पेरणी केल्यानंतर पाऊस पडलेला नाही. पीक धोक्यात आले आहे. शेतकऱ्यांच्या अडचणीत वाढ. त्यामुळे पत्र दिलेलं असावं. - ठाणे, कोकणचा भाग सोडला तर राज्यात पावसाने सगळीकडेच ओढ - परमेश्वराला साकड, लवकरात लवकर पाऊस पडू दे. *ऑन कोरडा दुष्काळ जाहीर केला पाहिजे...कृषीमंत्री म्हणून तुमचं मत...* - पावसाची वाट आपल्याला पहावी लागल. जर पाऊस नाही आला तर शेतकऱ्याच्या बाबतीत पिकं गेल्यानंतर मुख्यमंत्र्यांना याबाबत धोरण ठरवावं लागेल. *ऑन खासदार संजय देशमुख...शेतकरी धक्काबुक्की....* - संजय देशमुख जबाबदार लोकप्रतिनिधी... धक्काबुक्की झालेली मला माहिती नाही; परंतु देशमुख साहेब असं कधीच करणार नाहीत. जनतेतील ते लोकप्रतिनिधी आहेत. *ऑन सुषमा अंधारे.... हे सरकार हप्तेखोरांचं, कमिशन खोरांचं आहे...* - अंधारे ताई काय बोलल्या, हे मला माहिती नाही; परंतु त्या असेल बोलल्या आहेत का? याची माहिती घेऊन मी उत्तर देईल. *ऑन मराठा-ओबीसी संघर्ष...जरांगेंनी अद्याप उपोषण मागे घेतले नाही...* - आम्ही ओबीसीच्या आरक्षणाला धक्का लावणार नाही, असे त्यांनी सांगितले आहे. - ओबीसीचा प्रश्न सर्वांनी एकत्रित येऊन सोडविणे गरजेचे. - कोणतंही आरक्षण देताना इतर आरक्षणधारकांवर अन्याय नाही झाला पाहिजे. - जरांगे पाटलांनीही तेच स्टेटमेंट केलेलं आहे. आरक्षणाच्या बाबतीत गैरसमज नाही झाला पाहिजे. *ऑन छगन भुजबळ.... सरकार आणण्यामध्ये ओबीसींचा खूप मोठा हातभार आहे...तर जरांगे पाटील म्हणतात...ओबीसीच्या मुद्यावरून राजकारण करू नका...* - माझं म्हणणं असं आहे की, कोणीही यात राजकारण करू नये. समाजातील गोरगरिबांना न्याय कसा मिळेल, ही भूमिका पाहिजे. *ऑन उपमुख्यमंत्री ऑपरेशन टायगर करणार : मंत्री भरत गोगावले यांचे सूतोवाच?...* - ऑपरेशन टायगर करणार की नाही करणार मला याची कल्पना नाही. याबाबतीत गोगावले साहेबांना अधिक विचारलं तर बरं होईल.
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हरियाणा में कानून-व्यवस्था ध्वस्त, रंगदारी आतंक पर विपक्ष ने सरकार को घेरा

Noida, Uttar Pradesh:हरियाणा में ध्वस्त कानून व्यवस्था और बढ़ते रंगदारी के आतंक पर पूर्व विधायक नीरज शर्मा ने सरकार को घेरा। विधानसभा के अतारांकित प्रश्न संख्या 85 और आरटीआई से हुआ बड़ा खुलासा, प्रदेश में दहशत का माहौल: पूर्व विधायक नीरज शर्मा फरीदाबाद। हरियाणा में लगातार बिगड़ती कानून व्यवस्था, खुलेआम मांगी जा रही रंगदारी और बढ़ते आपराधिक मामलों को लेकर एनआईटी फरीदाबाद के पूर्व विधायक नीरज शर्मा ने प्रदेश की भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि आज पूरा हरियाणा डर और दहशत के साए में जीने को मजबूर है और राज्य की कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। पूर्व विधायक ने कहा कि हरियाणा, जो कभी खुशहाली, सुरक्षा और विकास के लिए जाना जाता था, आज अपराधियों, गैंगस्टरों और शूटरों का गढ़ बनता जा रहा है। नीरज शर्मा ने बताया कि विधानसभा में कांग्रेस की मुलाना से विधायक श्रीमती पूजा द्वारा पूछे गए अतारांकित प्रश्न संख्या 85 के जवाब में खुद सरकार के आंकड़ों से प्रदेश की भयावह स्थिति उजागर हुई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के शासनकाल के दौरान 1 जनवरी 2025 से 31 जुलाई 2026 के बीच गैंगस्टरों द्वारा पूर्व प्रतिनिधियों, अधिकारियों, व्यापारियों और आम जनता को लगातार धमकियां दी जा रही हैं। उन्होंने बताया कि पूर्व जनप्रतिनिधियों तक को सरेआम गोलियां मारी जा रही हैं, जिससे स्पष्ट होता है कि प्रदेश में कोई भी सुरक्षित नहीं है। पूर्व विधायक ने खुलासा किया कि उन्होंने स्वयं भी पुलिस विभाग और पंचकुला पुलिस मुख्यालय में आरटीआई लगाकर भाजपा शासनकाल के दौरान धमकियाँ मिलने, दी गई सुरक्षा और उस पर हुए सरकारी खर्च का पूरा विवरण मांगा था। हालांकि, कई जिलों से आधी-अधूरी जानकारी दी गई और सूचनाएं छिपाने का प्रयास किया गया, जिससे यह साफ जाहिर होता है कि सरकार जमीनी हकीकत को जनता के सामने नहीं आने देना चाहती। नीरज शर्मा ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार की नाकामियों के कारण ही आज सभी बड़े-बड़े गैंगस्टरों का ध्यान हरियाणा पर केंद्रित हो गया है। सरकार ने लगभग 700 पुलिसकर्मियों को धमकी मिले व्यक्तियोँ की सुरक्षा में लगा रखा है, जबकि प्रदेश के थाना-चौकियों में पुलिस स्टाफ की भारी कमी है और आम जनता के काम रुके पड़े हैं। भय और असुरक्षा के ऐसे माहौल में हरियाणा में कोई भी नया उद्योगपति या व्यापारी निवेश करने को तैयार नहीं है। नीरज शर्मा ने मुख्यमंत्री/गृह मंत्री से गुजारिश करते हुए कहा कि यदि उन्हें चुनाव प्रचार और पंजाब के राजनीतिक दौरों से फुर्सत मिले, तो वे हरियाणा की जनता की सुध लें। केवल विज्ञापनों और दावों तक सीमित रहने के बजाय सरकार बिगड़ी कानून व्यवस्था पर तुरंत कठोर कदम उठाए। सुरक्षा में लगाए गए इन 700 पुलिसकर्मियों को जनता की सेवा और सुरक्षा में तैनात किया जाए ताकि प्रदेश में व्यापारियों और आम नागरिकों को भयमुक्त वातावरण मिल सके तथा रंगदारी और गैंगस्टरों के इस आतंक का जड़ से खात्मा हो सके।
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मरघट की बदहाली: दो गांवों में खुले आसमान में अंतिम संस्कार, क्यों व्यवस्था मौन?

Damoh, Madhya Pradesh:बहुत कठिन है डगर मरघट की, दलदल से गुजरती अंतिम यात्रा, कहीं खुले आसमान के नीच तो कहीं पालीथीन लगाकर हो रहा अंतिम संस्कार.. एंकर/ एमपी के दमोह में जीते जी आदमी बुनियादी सुविधाओं से जूझ रहा है तो मरने के बाद लोगों को सुकून वाली अंतिम यात्रा नसीब नहीं होती तो अंतिम संस्कार भी ऐसा कि जो कड़ी मशक्कत के बाद ही हो पाता है। जिले में विकास के दावों की पोल खोलती दो तस्वीरें सामने आई है जो अंतिम संस्कार को लेकर ही है और सिस्टम के सामने ये हालात मुंह चिड़ा रहे है। अब पहली तस्वीर देखिए ये जिले के पटेरा ब्लाक के तहत आने वाले रमपुरा गांव से सामने आई है। इस गांव में एक बुजुर्ग महिला का निधन हो गया, बारिश तेज थी और रुकने का नाम नहीं ले रही थी और लोगों ने घंटों तक इंतजार क्या और जरा सा पानी थमा तो अंतिम यात्रा शुरू हुई और जब लोग मरघट तक जानें के चले तो जैसे उन्हें किसी ने सजा दे दी हो। पूरा रास्ता कीचड़ से सना हुआ , जिन लोगों ने जूते चप्पल पहने थे उन्होंने उतार दिए और दलदल से होती हुई अंतिम यात्रा ş्मशान घाट तक पहुंच गई, इस यात्रा में शामिल हर एक सिस्टम को कोस रहा था, जो लोग इस गांव के थे उन्हें शायद अचम्भा नहीं हो रहा था क्योंकि उनकी कई पीढ़ियां ये दंश झेलती चली आ रही है लेकिन जो नाते रिश्तेदार और बाहर के लोग थे उन्हें ये देखकर बेहद तकलीफ हुई और लोग खुद को रोक नहीं पाए और मामला इतना ही कष्ट देने वाला नहीं था बल्कि शव जल पाता है या नहीं इसकी गारंटी नहीं क्योंकि अंतिम संस्कार खुले आसमान के नीचे ही होना था और यहां एक टीन शेड तक नहीं और बारिश के मौसम में खुले में संस्कार करना मतलब मुर्दे के जलने की कोई गारंटी नहीं फिर भी लोग मजबूर है क्योंकि अंतिम संस्कार किए बगैर रह नहीं पाते और सरकार नेताओं अफसरों की कोसते हुए लोगों ने अंतिम संस्कार कर ही दिया लेकिन मरघट के हालातों को कैमरों में कैद करने के बाद लोगों ये वीडियो जिम्मेदार अफसरों तक भी भेजे और गुहार लगाई कि कुछ मत करिए लेकिन लोगों के मरने के बाद सुकून से अंतिम यात्रा और अंतिम संस्कार की सुविधा तो दे दीजिये। अब जरा दूसरी तस्वीर जो सोशल मीडिया पर वायरल हुई और जो भी इसे देख रहा है वो सोचने मजबूर है। ये तस्वीर जिले के हटा ब्लाक के तहत आने वाले पाँजी गांव की है जहां बारिश के दिनों में शवों को पालीथीन के नीचे जलाया गया। सालों से यहां मरघट में व्यवस्थाओं की मांग उठती चली आ रही लेकिन कुछ नहीं हुआ, बारिश के दिनों में यदि किसी की मृत्यु होती हे तो अंतिम संस्कार ऐसे ही तिरपाल या पालीथीन बांधकर ही होता हे। सरकार यहां एक टीन शेड तक नहीं लगा पाई। बहरहाल हालात सही नहीं हे। तश्वीर सब कुछ कह रही हे जो आसानी से समझी जा सकतीं हे बस कोई नहीं समझ पा रहा तो वो जिम्मेदार हे बाइट / आक्रोशित लोग
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