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झांसी -आम आदमी पार्टी ने चलाया सफाई अभियान
Jhansi, Uttar Pradesh:आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रभारी, सांसद संजय सिंह के आह्वान पर प्रत्येक माह के द्वितीय शनिवार को चलाए जाने वाले सार्वजनिक स्थल सफाई अभियान के अंतर्गत आम आम आदमी पार्टी झांसी के कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा की सफाई व धुलाई की जिसके अंतर्गत आज झांसी महानगर के कचहरी स्थित गांधी उद्यान में सफाई अभियान चलाया गया।
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कैनिंग पश्चिम में परेश राम दास का वृद्ध-आशीर्वाद प्रचार
Baruipur, West Bengal:২৬ এর নির্বাচনে কয়েক দিনের প্রচারে প্রায় এক লক্ষ বয়স্কদের পায়ে প্রণাম করে অভিনব প্রচার চালাচ্ছেন ক্যানিং পশ্চিমের তৃণমূল প্রার্থী পরেশ রাম দাস। ২৬ এর নির্বাচন অনেকটাই কঠিন । কারণ তৃণমূল সরকারের আমলে একাধিক দুর্নীতির অভিযোগ, সে কয়লা কাণ্ড হোক বা শিক্ষা দুর্নীতি থেকে আর জি করের মতো ঘটনা। যা ২৬ শে নির্বাচনের লড়াইয়ের একটা অক্সিজেন বিরোধীরা পেয়েছে বলে মনে করছে বিজেপি বা আইএসএফ থেকে বাম, কংগ্রেস । তার মধ্যে অভিষেক বন্দ্যোপাধ্যায় নির্দেশ দক্ষিণ চব্বিশ পরগনা ৩১ টা ৩১ টা জিততে হবে। প্রথম দফার ভোটের পর ২৪ তারিখ ক্যানিং স্টেডিয়ামে ক্যানিং পশ্চিমে প্রার্থী পরেশরাম দাসের হয়ে প্রচারে আছেন অভিষেক বন্দ্যোপাধ্যায়যেমন । তেমনি ভোটের দিন ঘোষণার পর থেকেই প্রত্যেকদিন পশ্চিমের বিধানসভার অলিতে গলিতে একাধিক পঞ্চায়েতে সকাল থেকে সন্ধ্যা পর্যন্ত একাধিক কর্মসূচির বিভিন্ন প্রচার তিনি করছেন। پাড়ায় پাড়ায় ঘুরলে বয়স্ক বৃদ্ধ বাবা মা দের দেখলেই পায়ে প্রণাম করছেন। আশীর্বাদ নিচ্ছেন। কারণ নিজের বাবা মা অনেকদিন আগেই মারা গেছেন। তিনি বলেন এলাকার পিতৃতুল্য বাবা মায়ের আশীর্বাদ তাকে ভোটে জেতাবে। পাশাপাশি চলার পথে মন্দির পড়লেই সেখানে গিয়েও তিনি পুজো দিচ্ছেন। আর চলার পথে মাঝেমধ্যেই জল বিস্কিট এলাকার মানুষ দিলে তিনি খাচ্ছেন। নিরামিষ খেতে তিনি ভালোবাসেন। কোন টাইম মেন্টেন তিনি করেন না। দুপুরে বা রাতে ভাত ডাল একটু সবজি হলেই তার চলে যায়।বিয়ে পর্যন্ত তিনি করেননি। এইভাবে তিনি ভোটের ময়দানে মানুষের মন পেতে প্রচার তিনি চালাচ্ছেন আর জেতার ব্যাপারে ১০০% তিনি নিশ্চিত। পাশাপাশি তিনি প্রতিদিন প্রায় ৮০০ থেকে ১০০০ হাজার বাড়িতে তিনি জনসংযোগ করছেন。0
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बिहार विधानसभा: सम्राट चौधरी के सरकार के लिए 24 अप्रैल को विश्वासमत प्रस्ताव
Patna, Bihar:बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार 24 अप्रैल को विधानसभा में विश्वास मत हासिल करेगी इसके लिए 18वीं बिहार विधानसभा का दूसरा सत्र 24 अप्रैल से बुलाया गया है. सत्र के पहले ही दिन सरकार विश्वास प्रस्ताव पेश कर अपना बहुमत साबित करेगी राजनीतिक हलकों में इस सत्र को मौजूदा सत्ता समीकरणों के लिहाज़ से अहम माना जा रहा है RJD के विधायक रणविजय साहू ने कहा की अब तो बहुमत साबित तो सदन के अंदर होगा ना,अब तो सम्राट चौधरी जी को किस बात का डर है? जहां 202 विधायक हों, वहां किस बात का डर है? कहीं उनको जदयू से तो डर नहीं लग रहा है? कहीं नीतीश कुमार जी कोई खेला ना कर दें? निशांत जी के लिए कोई खेला संजय झा जी ना कर दें? तो सस्पेंस तो बना हुआ है। देखिए होता क्या है। वही विपक्ष के विधायकों के द्वारा सत्ता पक्ष को समर्थन देने के मामले को लेकर रणविजय साहू ने कहा अफवाह है। राष्ट्रीय जनता दल, महागठबंधन विचारों की राजनीति करते हैं, उसूलों की राजनीति करते हैं। और उसूलों में बिहार में महागठबंधन को जो मैंडेट मिला था, तो बिहार की जनता तो तेजस्वी प्रसाद यादव को बिहार का मुख्यमंत्री मानती है। और जनता के मुद्दों पर लगातार सदन के अंदर और सदन के बाहर भी संघर्ष करते रहेंगे। बाइट--- रणविजय साहू विधायक RJD कॉंग्रेस के विधायक मनोज विश्वास ने कहा सबसे पहले तो बिहार के तमाम लोगों को आपके चैनल के माध्यम से ढेर सारी बधाई। सम्राट जी को बड़ी जिम्मेदारी मिली है। तो हम... एनडीए तो फुल बहुमत में है ही। बाकी चैलेंज भी उनको है बिहार में। अभी जिस तरह से कई तरह की घटना सामने आ रही है वो चैलेंज के साथ उसको देखना होगा। NDA बफुल बहुमत में है उसमें तो कोई ये नहीं। हम लोग अल्पसंख्यक... अल्प में हैं। हम लोग विपक्ष में हैं जो विपक्ष का जो मुद्दा है, जमीनी मुद्दा, सरकार को आईना दिखाना वो काम हम लोग करेंगे। नहीं आप उसको... आप राज्यसभा में उसके पक्ष में खड़े कहां थे लोग अपने स्वेच्छा से वोट गिराए थे। सबका अपना-अपना सोच था। विधानसभा में उसके पास बहुमत है हमको नहीं लगता है कि ऐसा कहीं कुछ है। और हम लोग विपक्ष में हैं विपक्ष का जो जमीनी मुद्दा है विपक्ष का जो काम है वो हम लोग करने का काम करेंगे और पूरा बिहार का हम लोग आवाज बनने का काम करेंगे। बाइट----- मनोज विश्वास कांग्रेस विधायक बीजेपी के विधायक मिथिलेश तिवारी ने कहा हमारे बिहार के माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी जी ने राजनीति में ऊंचे मानदंडों को स्थापित किया है। एक तरफ आप सब जानते हैं कि एनडीए के विधायकों का समर्थन पत्र माननीय महामहिम जी को दिया गया। उसके बाद ये सरकार बनी। और अब उन्होंने स्वयं आगे बढ़कर के, कि किसी को मांगना ना पड़े, उन्होंने स्वयं आगे बढ़कर के अब विधानसभा का सत्र आहूत कराया है। और ये बात सबको मालूम है कि वो बहुमत साबित करने के लिए ही किया गया है। नहीं तो यही राष्ट्रीय जनता दल के लोग अभी से ही बयान देना शुरू कर दिए हैं उल्टा पुल्टा। मैं उनको यही कहूंगा कि अगर आप में दम है तो आके सरकार गिरा दीजिए। और नहीं तो आप गायब हो जाइए। और नहीं तो स्वस्थ लोकतंत्र की परंपरा का निर्वहन करिए। एक थका हुआ, हारा हुआ, कमजोर विपक्ष के रूप में विधानसभा में आकर बैठिए और तमाशा देखिए कि कैसे 202 और 202 से ज्यादा विधायकों का समर्थन माननीय सम्राट जी को मिलता है। अब उपाय क्या है? एक मजबूत मुख्यमंत्री भारतीय जनता पार्टी, एनडीए ने बना दिया। और माननीय सम्राट चौधरी जी एक ऐसे नेता हैं जो इसके पहले कई विभागों के मंत्री रह चुके हैं। तो उनका यह अनुभव अब बिहार के हित में काम करते हुए नजर आएगा। और जिस प्रकार के जोश खरोश से और उत्साह से हमारे माननीय मुख्यमंत्री जी लबरेज हैं, यह तय है कि बिहार के लोग, लोग बहुत खुश हैं। तो विपक्ष को भी खुश होना चाहिए। और विपक्ष को स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपराओं का पालन करना चाहिए। सरकार की गलतियों को सामने लाना चाहिए। लेकिन इस प्रकार से जो आज विपक्ष आचरण कर रहा है कि अगर हम कर रहे हैं तो कहता है काहे कर रहे हैं, नहीं करते तो कहते कि क्यों नहीं कर रहे हैं। तो विपक्ष तो एकदम मुद्दाविहीन, दिशाविहीन, हताश, निराश बिहार का विपक्ष है। तो इसीलिए इनकी बात को बहुत महत्व देने की जरूरत नहीं है। बाइट---- मिथिलेश तिवारी बीजेपी विधायक जेडयू के एमएलसी भीष्म साहनी ने कहा जेडीयू सवाल नहीं खड़ा कर रहा है, राजद के द्वारा ये सवाल खड़ा किया जाता है। राजद कभी भी संविधान में विश्वास करता ही नहीं है। उसका अपना परिवार कैसे फले, फूले, बढ़े और संविधान में विश्वास विपक्ष का करने का नैतिक अधिकार भी नहीं है। हम लोग कई मोर्चे पर देखे हैं। लेकिन यह माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद नए मुख्यमंत्री के रूप में माननीय सम्राट चौधरी शपथ लिए, तो ये संवैधानिक बाध्यता है कि बहुमत जो है साबित करें। तो राजद को डर है कि 202 की जो संख्या है उससे बढ़ जाएगी बहुमत सिद्ध करने के दौरान। वह चिंता राजद अपने विधायकों को बचाने में करे और इस तरह का संविधान पर प्रश्न नहीं खड़ा करे बाइट----भीष्म सहनी एमएलसी JDU0
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वरिष्ठ भाजपा नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री राधामोहन सिंह से शिष्टाचार भेंट
Noida, Uttar Pradesh:वरिष्ठ भाजपा नेता, पूर्व केंद्रीय मंत्री और माननीय सांसद श्री राधामोहन सिंह जी से नई दिल्ली स्थित उनके आवास पर शिष्टाचार भेंट की।0
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चीते KP-3 की खरण गांव में हरकत, बकरी का शिकार; वन विभाग हाई अलर्ट
Baran, Rajasthan:छीपाबड़ौद क्षेत्र में चीता KP-3 की फिर हलचल, खरण गांव में बकरी का शिकार वन विभाग हाई अलर्ट पर बारां जिले के छीपाबड़ौद उपखंड क्षेत्र में वन्यजीवों की सक्रियता ने एक बार फिर ग्रामीणों की धड़कनें तेज कर दी हैं। शेरगढ़ सेंचुरी क्षेत्र से निकले चीता KP-3 की मूवमेंट बुधवार सुबह भावपुरा ग्राम पंचायत के खरण गांव में देखी गई, जहाँ उसने एक बकरी को अपना शिकार बनाया。 बुधवार सुबह जब ग्रामीण अपने दैनिक कार्यों में जुटे थे, तभी अचानक गांव के समीप चीता दिखाई दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चीते ने फुर्ती से एक बकरी पर हमला कर उसे मार गिराया। चीते की मौजूदगी की खबर आग की तरह पूरे क्षेत्र में फैल गई, जिससे ग्रामीणों में डर और कौतूहल का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम हरकत में आई और तुरंत मौके पर पहुंचकर पगमार्कों के आधार पर निगरानी शुरू कर दी है। विभाग ने ग्रामीणों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है कोई भी व्यक्ति खेतों या ऊंगली इलाकों में अकेला न जाए। ग्रामीण अपने पशुओं को खुले में छोड़ने के बजाय सुरक्षित और बंद स्थानों पर बांधें。 रात के समय टॉर्च और लाठी साथ रखें और किसी भी संदिग्ध हलचल पर तुरंत वन विभाग को सूचित करें。 एक तरफ जहाँ ग्रामीणों में भय है, वहीं दूसरी ओर वन्यजीव प्रेमियों में इस मूवमेंट को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है। क्षेत्र के लोगों और पर्यावरण प्रेमियों ने मांग की है कि इस इलाके में चीतों के संरक्षण के लिए उचित कदम उठाए जाएं और انہیں यहाँ स्थायी रूप से बसाया जाए। फिलहाल, वन विभाग की टीम लगातार खरण और आसपास के जंगलों में गश्त कर रही है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके और वन्यजीव की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सके।0
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जयपुर की साफ-सफाई में धरातल पर खामियां, स्वच्छता अभियान सवालों के घेरे में
Jaipur, Rajasthan:स्वच्छता सर्वेक्षण की आहट के साथ जयपुर में तैयारियों का शोर तेज हो गया है। सड़कों पर अफसरों की सक्रियता, लगातार बैठकों का दौर और सफाई अभियानों की तस्वीरें सब कुछ यह संदेश देने की कोशिश कर रहा है कि शहर पूरी तरह तैयार है। लेकिन जैसे ही नजर मुख्य मार्गों से हटकर गली-मोहल्लों तक जाती है, वहां की तस्वीर इन दावों से मेल नहीं खाती। नगर निगम प्रशासन ने 2025-26 के स्वच्छता सर्वेक्षण को ध्यान में रखते हुए शहरभर में रंग-रोगन, दीवारों पर पेंटिंग, कचरा पात्र रखवाने की व्यवस्था से लेकर जागरूकता अभियान शुरू किए हैं। कागजों पर योजनाएं मजबूत दिख रही हैं, लेकिन जमीन पर सफाई व्यवस्था अभी भी कई चुनौतियों से जूझ रही है। कॉलोनियों में बिखरा कचरा, बाजारों में गंदगी और जगह-जगह बने अस्थायी डंपिंग पॉइंट साफ बता रहे हैं कि व्यवस्था में खामियां बरकरार हैं। डोर टू डोर कचरा संग्रहण का 100 फीसदी का दावा, फिर सड़कों पर कचरा कैसे? नगर निगम 100 फीसदी डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन का दावा करता है, लेकिन हकीकत इससे काफी अलग है। शहर के कई हिस्सों में गीले और सूखे कचरे को अलग करने की व्यवस्था सीमित है। हूपर गाड़ियों का संचालन भी तय समय पर नहीं हो रहा। कहीं ये सुबह पहुंचती हैं, तो कहीं दोपहर में, और बाहरी इलाकों में तो कई बार लोगों को 2-3 दिन तक इंतजार करना पड़ता है। Open कचरा डिपो बने शहरवासियों के समस्या। अस्थायी कचरा डिपो शहर की एक बड़ी समस्या बनते जा रहे हैं। ये स्थान अब सिर्फ कचरा जमा करने के पॉइंट नहीं रहे, बल्कि बदबू, मच्छरों और संक्रमण के केंद्र बनते जा रहे हैं। परकोटा क्षेत्र से लेकर नई विकसित कॉलोनियों तक हालात कमोबेश एक जैसे हैं। हाल ही में नगर निगम के नए कमिश्नर ओम कसेरा ने शहर में 14 घंटे का सफाई मैराथन अभियान चलाया, जिसमें करीब 6 हजार मीट्रिक टन कचरा उठाया गया। उन्होंने 200 किलोमीटर का दौरा कर सफाई व्यवस्था का जायजा भी लिया। इस अभियान की तस्वीरें और दावे जरूर सामने आए, लेकिन शहरवासियों के मुताबिक इसका असर स्थायी रूप से नजर नहीं आ रहा। फील्ड की बजाय दफ्तरों में सफाईकर्मी कर रहे मौज। स्थानीय लोगों का कहना है कि सफाईकर्मी कई इलाकों में नियमित रूप से नहीं पहुंचते। कुछ जगहों पर तो कर्मचारी सड़कों की बजाय दफ्तरों में तैनात नजर आते हैं। ऐसे में सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी अधूरी रह जाती है। शहर का दायरा लगातार बढ़ रहा है, लेकिन संसाधनों में उसी अनुपात में बढ़ोतरी नहीं हो रही। इसका असर कचरा प्रबंधन और सफाई व्यवस्था पर साफ दिख रहा है। विशेषज्ञ मानते हैं कि सिर्फ सरकारी प्रयासों से शहर को साफ रखना संभव नहीं है। जब तक नागरिक खुद कचरा अलग करने और सफाई बनाए रखने में सक्रिय भूमिका नहीं निभाएंगे, तब तक स्वच्छता एक अभियान नहीं, बल्कि केवल लक्ष्य बनकर रह जाएगी। शहर में तैयारियों का माहौल जरूर है, लेकिन असली चुनौती जमीनी सुधार की है। अगर व्यवस्था में निरंतरता और नागरिक सहभागिता नहीं बढ़ी, तो स्वच्छता सर्वेक्षण में एक बार फिर दावों और हकीकत के बीच का अंतर सामने आ सकता है। जयपुर को सच में साफ और सुंदर बनाना है, तो दिखावे से आगे बढ़कर सिस्टम और सोच दोनों में बदलाव जरूरी होगा।0
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युवक ने की आत्महत्या, पुलिस जांच में जुटी।
Puranpur, Uttar Pradesh:पूरनपुर: शेरपुर क्षेत्र के एक बाग में 22 वर्षीय दानिश पुत्र नसीम का शव मिला। स्थानीय लोगों के अनुसार दानिश ने अज्ञात कारणों से आत्महत्या कर ली।मृतक पूरनपुर के चीमा कार हाउस में वाहनों पर लेमिनेशन का काम करता था। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बाग में शव देखकर तुरंत उसके परिवार को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। घटना की जानकारी पर पूरनपुर पुलिस भी तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक आत्महत्या के कारणों की जांच की जा रही है। फिलहाल कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। परिजनों से भी पूछताछ की जा रही है।मोहल्ले के लोगों और साथ काम करने वालों ने बताया कि दानिश स्वभाव से मिलनसार और हंसमुख था। वह सभी से अच्छे से बात करता था। उसकी अचानक मौत से परिवार और जानने वालों में शोक की लहर है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।0
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हरिद्वार में सरकारी जमीन पर अवैध मजार पर बुलडोजर से बड़ी कार्रवाई
Haridwar, Uttarakhand:हरिद्वार के सुमन नगर क्षेत्र में सरकारी जमीन पर बने अवैध मजार पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, चला बुलडोजर. टिहरी पुनर्वास परियोजना की भूमि पर करीब 10 बीघा क्षेत्र में किए गए कब्जे को हटाया गया. जांच के आदेश के बाद प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध ढांचे को ध्वस्त किया. कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात, पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई. प्रशासन ने स्पष्ट किया सरकारी जमीन पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.0
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33% आरक्षण बिल पर विपक्ष के विरोध के बीच जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन की तैयारी
Delhi, Delhi:महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाया गया था लेकिन विपक्ष ने इस बिल का विरोध किया और ये बिल पास नहीं हो पाया अब इसको लेकर राजनीति भी खूब हो रही है वहीं पर कुछ सामाजिक संगठन में भी पक्ष के इस रवैया को लेकर अपना आक्रोश जताया 33% महिलाओं को आरक्षण नहीं मिलने के चलते विपक्ष को दोषी मान रहे है और अब इसको लेकर 25 तारीख को जंतर मंतर में बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष वहां पर पहुंचकर विपक्ष के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेंगे0
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कुशीनगर बिजली घर पर मारपीट और तोड़फोड़, JE-SSO घायल
Kushinagar, Uttar Pradesh:Breaking कुशीनगर - बिजली जोड़ने को लेकर विवाद - विवाद के दौरान जमकर हुई मारपीट - ईंट-पत्थर चला कर बिजली घर में की गई तोड़फोड़ - विद्युत विभाग के JE के सिर में लगी गंभीर चोट - विद्युत विभाग के SSO भी मारपीट में घायल - घायलों को 108 एंबुलेंस से रामकोला सामुदायिक भेजा गया - प्राथमिक उपचार के बाद SSO कुशीनगर मेडिकल रेफर - सूचना पर 112 पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया। - रामकोला थाना क्षेत्र के टेकुआटार मानडेयराय बिजली घर का मामला。0
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एयरपोर्ट पर चार घंटे रोक से चुनाव प्रचार पर राजनीतिक हंगामा
Ranchi, Jharkhand:पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि सीएम हेमन्त सोरेन को 4 घंटे तक एयरपोर्ट पर एविएशन डिपार्टमेंट ने रोक दिया, चुनावी सभा में पहुंचने नहीं दिया इस पर झारखंड में कांग्रेस कोटे से मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, बीजेपी तिकड़म वाली पार्टी है ही चुनाव के वक्त ईडी,सीबीआई, हेलीकॉप्टर का परमिशन नहीं दो, लोकतांत्रिक तरीके से कोई चुनाव प्रचार में भाग लेना चाह रहा है तो उसको रोको , बाधित करो । ये तिकड़मबाजी बीजेपी के नस नस में है। ये लोकतंत्र को कमजोर कर रहे हैं , कल केंद्र में दूसरी सरकार आएगी तो आपके साथ भी यही व्यवहार होगा। इससे लोकतंत्र कमजोर हो रहा है। कहीं किसी को जाने से रोक दो, गलत हथकंडा अपना कर सत्ता तक पहुंचना चाहते हैं। झारखंड बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा उनका हेलीकॉप्टर कोई रोकता नहीं, जहां भीड़ की सूचना नहीं आती है तो बीच रास्ते में ये शो करने का काम करते हैं कि हमारे हेलीकॉप्टर को रोकने का काम किया गया है, जबकि हकीकत है , हेलीकॉप्टर कोई रोकता नहीं, भीड़ की सूचना नहीं आती तो हेलीकॉप्टर को लैंड कर के जनता को गुमराह करते हैं।0
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घाटशिला के बहरागोड़ा में स्वर्णरेखा नदी किनारे WWII सिलेंडर बम डिफ्यूज
Ghatshila, Jharkhand:झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओड़िसा के सीमावर्ती इलाके पर बसे घाटशिला के बहरागोड़ा में स्वर्णरेखा नदी के किनारे मिला सिलेंडर बम सेना ने बुधवार सुबह सुरक्षित तरीके से डिफ्यूज कर दिया. बम घाटशिला के बहरागोड़ा प्रखंड के पानीपोड़ा गांव के पास नदी किनारे मिला था. सुरक्षा एजेंसीं गांव में डेरा डाले हुए थी. सेना की टीम ने एहतियात के तौर पर करीब एक किलोमीटर के दायरे को पूरी तरह घेर लिया था ताकि कोई भी व्यक्ति वहां न पहुंच सके और किसी तरह की अनहोनी न हो. काफी सावधानी बरतते हुए बम को निष्क्रिय किया गया. इस दौरान तेज धमाका हुआ. धुएं का गुब्बार करीब 50 फीट तक उठा. बम डिफ्यूज होने के बाद आसपास के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली. बहरागोड़ा पुलिस भी मौके पर मौजूद रही. बहरागोड़ा थाना प्रभारी ने कहा कि बम को निष्क्रिय कर दिया गया. पिछले 15 अप्रैल को स्वर्णरेखा नदी में मछुआरों को 15 अप्रैल की शाम स्वर्णरेखा नदी में अमेरिका निर्मित एक और सिलेंडर बम मिला था. बम जाल में फंस गया था. जिसे ग्रामीण नदी किनारे तक ले कर आए थे. इसके बाद सुरक्षा को लेकर सेना ने पूरे इलाके को सील कर दिया था. वहां किसी के भी आने जाने पर रोक लगाई गई थी. सारी तैयारियां पूरी होने के बाद और उच्च अधिकारियों का क्लीयरेंस मिलने के बाद बुधवार की सुबह बम को डिफ्यूज कर दिया गया. बम को करीब 10 फीट का गड्ढा कर उसमें डाला गया. इसके बाद बम को निष्क्रिय करने की प्रक्रिया शुरू की गई. सेनानी बम को इतनी दक्षता से निष्क्रिय किया कि किसी जान माल का नुकसान नहीं पहुंचा। बहरागोड़ा थाना क्षेत्र के बरागाड़िया पंचायत के पानीपोड़ा गांव में नदी किनारे 17 मार्च को भी एक बम बरामद किया गया था. वहीं, 24 मार्च को एक अमेरिकन बम बरामद हुआ था। सेना और पुलिस की निगरानी में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच 25 मार्च को सेना में इन दोनों बम को डिफ्यूज किया था. इसमें एक अमेरिकन बम 227 किलो का था. घाटशिला के बहरागोड़ा थाना क्षेत्र में पानीपोड़ा गांव में स्वर्णरेखा नदी किनारे मिला सिलेंडर बम द्वितीय विश्व युद्ध के समय का बताया जा रहा है. विशेषज्ञों के अनुसार यह काफी पुराना विस्फोटक है, जो संभवतः युद्धकाल के दौरान यहां पहुंचा था. जानकारी हो कि बहरागोड़ा से सटे चाकुलिया एयरपोर्ट का इस्तेमाल सेकेंड वर्ल्ड वॉर में हुआ था. स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्ल्ड वॉर के दौरान ही बमों को स्वर्णरेखा नदी के किनारे सुरक्षित रखा गया होगा. जो अब धीरे-धीरे बाहर आ रहा है।0
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कोरबा-छुरी मार्ग पर ट्रेलर से बचते ऑर्टिगा कार गहरे नाले में, चालक घायल
Korba, Chhattisgarh:कोरबा ब्रेकिंग- कोरबा-छुरी मार्ग पर बड़ा हादसा, तेज रफ्तार ट्रेलर से बचने के दौरान अर्टिगा कार चालक ने खोया नियंत्रण, अर्टिगा कार गिरी गहरे नाले में, हादसे में चालक गंभीर रूप से घायल, राहगीरों ने डायल 112 के जरिए घायल को पहुंचाया अस्पताल, अस्पताल में इलाज जारी, NHAI द्वारा सड़क पर संकेतक बोर्ड नहीं लगाने से बार-बार हो रहे हादसे, कटघोरा पुलिस मौके पर, नाले से निकाला गया कार...0
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INS Nireekshak Colombo पहुँचा IN–SLN DIVEX 26 के लिए
Noida, Uttar Pradesh:INS Nireekshak Arrives at Colombo to Participate in IN -SLN DIVEX 26 GDrive Link for Photos https://drive.google.com/drive/folders/1_MtfC1rmgn4vPqtGywsachpOuLJJHlP8?usp=sharing The Indian Navy’s Diving Support and Submarine Rescue Vessel, INS Nireekshak, arrived at the port of Colombo, Sri Lanka on 21 Apr 26 to participate in the 4th edition of IN–SLN DIVEX 26, a bilateral diving exercise scheduled from 21–27 Apr 26. The joint exercise will see diving teams from both the Navies undertake a series of specialised diving operations and training aimed at enhancing interoperability, cohesion, and exchange of best practices. The week-long engagement reinforces continued commitment towards strengthening Indo–Sri Lankan maritime ties and shared maritime interests. On arrival, the ship was accorded a ceremonial welcome by the Sri Lanka Navy in the presence of naval band. Commanding Officer of INS Nireekshak, Cdr Sailesh Tyagi called on Rear Admiral S J Kumara, Flag Officer Commanding, Western Naval Area, and held discussions on matters of mutual interests. In addition to professional engagements, the visit will also feature social interactions, sports fixtures, and joint yoga sessions, fostering deeper bonds of friendship, goodwill, and camaraderie between the two navies. As part of India’s humanitarian outreach, the ship will be presenting two BHISM (Bharat Health Initiative for Sahyog Hita & Maitri) cubes to the Sri Lankan authorities under the Government of India’s ‘Aarogya Maitri’ initiative. These state-of-the-art portable medical units are designed to provide rapid response in emergencies, equipped with essential medicines, surgical tools for basic procedures, and the capability to handle up to 200 emergency cases. Further strengthening maritime security cooperation, it is also planned to hand over 50,000 rounds of 9mm ammunition to the Sri Lankan Navy. The IN–SLN Diving Exercise (DIVEX) is a key bilateral engagement that stands as a testament to the deep-rooted maritime partnership between India and Sri Lanka. Sustained maritime collaboration and engagements with partner nations reaffirm the shared commitment to fostering stability, cooperation, and collective growth in the Indian Ocean Region, in line with the vision of MAHASAGAR.0
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जयपुर की स्वच्छता तैयारी: दावे बनाम वास्तविक हालात उजागर
Jaipur, Rajasthan:एंकर- स्वच्छता सर्वेक्षण की दस्तक से पहले शहर फिर तैयारियों के दावों में घिरा हुआ है। सड़कों पर अफसरों की हलचल, बैठकों का दौर और सफाई अभियान सब कुछ यह दिखाने की कोशिश कर रहा है कि शहर पूरी तरह तैयार है। लेकिन जैसे ही नजर मुख्य सड़कों से हटकर गली-मोहल्लों तक पहुंचती है, तस्वीर बदल जाती है। यहां कागजों की साफ-सुथरी प्लानिंग और जमीनी हकीकत के बीच का अंतर साफ नजर आता है। जयपुर नगर निगम प्रशासन ने 2025-26 के स्वच्छता सर्वेक्षण को ध्यान में रखते हुए तैयारियां तेज कर दी हैं। शहर में रंग-रोगन, दीवारों पर पेंटिंग, कचरा पात्र रखवाने से लेकर जागरूकता अभियान जोर-शोर से चल रहे हैं। अफसरों के लगातार दौरे और निरीक्षण भी हो रहे हैं। लेकिन इन सबके बावजूद कॉलोनियों और बाजारों में बिखरा कचरा, जगह-जगह बने अस्थायी डंपिंग पॉइंट और गंदगी के ढेर इन दावों पर सवाल खड़े कर रहे हैं। नगर निगम 100 फीसदी डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन का दावा करता है, लेकिन हकीकत इससे काफी दूर है। शहर के अधिकांश इलाकों में गीले और सूखे कचरे को अलग करने की व्यवस्था अभी शुरुआती स्तर पर ही है। कई घरों तक यह सुविधा पहुंची ही नहीं है। हूपर गाड़ियां जरूर चल रही हैं, लेकिन उनका कोई तय समय नहीं है। कहीं सुबह आती हैं, तो कहीं दोपहर में, और कई बाहरी क्षेत्रों में लोगों को 2-3 दिन तक इंतजार करना पड़ता है। सबसे बड़ी समस्या अस्थायी कचरा डिपो बन चुके स्थान हैं। ये जगहें अब सिर्फ कचरा डालने का पॉइंट नहीं रहीं, बल्कि बदबू, मच्छरों और संक्रमण के केंद्र बनती जा रही हैं। परकोटा क्षेत्र से लेकर नई विकसित कॉलोनियों तक हालात लगभग एक जैसे हैं, स्थानीय लोगों का कहना है कि सफाईकर्मी नियमित रूप से नहीं पहुंचते, जिससे गंदगी जमा होती जा रही है। हाल ही में नगर निगम के नए कमिश्नर ओम कसेरा ने 14 घंटे का सफाई मैराथन अभियान चलाया था, जिसमें करीब 6 हजार मीट्रिक टन कचरा उठाया गया। उन्होंने खुद 200 किलोमीटर का दौरा कर शहर की सफाई व्यवस्था का जायजा भी लिया। इस अभियान की तस्वीरें और दावे जरूर सामने आए, लेकिन सवाल यह है कि क्या इससे स्थायी बदलाव हुआ? शहरवासियों का कहना है कि ऐसे अभियान और निरीक्षण अब औपचारिकता बनकर रह गए हैं। कई इलाकों में सफाईकर्मी नियमित रूप से नहीं पहुँचते और व्यवस्था में निरंतरता का अभाव साफ दिखाई देता है। दूसरी ओर, शहर का दायरा लगातार बढ़ रहा है, लेकिन संसाधनों में उसी अनुपात में बढ़ोतरी नहीं हो रही। इसका सीधा असर कचरा प्रबंधन और सफाई व्यवस्था पर पड़ रहा है। एक और अहम मुद्दा यह भी सामने आ रहा है कि कई जगहों पर सफाईकर्मी सड़कों के बजाय दफ्तरों में काम करते नजर आते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि जब मैदान में कर्मचारी ही नहीं होंगे, तो सफाई व्यवस्था कैसे सुधरेगी... एक्सपर्ट मानते हैं कि सिर्फ सरकारी प्रयासों से शहर को साफ नहीं रखा जा सकता। जब तक नागरिक खुद जागरूक होकर कचरा अलग-अलग नहीं करेंगे और सफाई को अपनी जिम्मेदारी नहीं मानेंगे, तब तक स्वच्छता सिर्फ एक सरकारी लक्ष्य बनकर रह जाएगी। बहरहाल, शहर में सजावट और तैयारियों का माहौल जरूर दिख रहा है, लेकिन असली परीक्षा जमीनी हकीकत की है। अगर व्यवस्था में स्थायी सुधार और नागरिक सहभागिता नहीं बढ़ी, तो स्वच्छता सर्वेक्षण में एक बार फिर दावों और सच्चाई के बीच का फर्क उजागर होना तय है। जयपुर को सच में चमकाना है, तो दिखावे से आगे बढ़कर सिस्टम और सोच दोनों में बदलाव जरूरी होगा... दीपक गोयल जी मीडिया जयपुर0
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गर्मी ने रेल यात्रियों को परेशान किया; रांची समेत राज्य में समर ट्रेनें शुरू
Ranchi, Jharkhand:राजधानी रांची सहित राज्य भर में सूरज की तपेश ने लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया है तो वही गर्मी की छुट्टियाँ भी अब दस्तक देने वाली है। गर्मी की छुट्टियों के दौरान लोग अपने परिवार के साथ घूमने जरूर जाते हैं जिसे लेकर अभी से ही ट्रेनों में रिजर्वेशन फुल होने लगे हैं। ट्रेनों में बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे के द्वारा स्पेशल समर ट्रेन का परिचालन शुरू किया गया है। मामले की जानकारी देते हुए S Senior DCM श्रेया सिंह ने बताया कि रांची मंडल से 3 पेयर स्पेशल ट्रेनचलाई जा रही है। हटिया से लोकमान्य तिलक के लिए बीते 20 अप्रैल से ही ट्रेन का परिचालन शुरू हो गया है। वही हटिया से आनंद विहार और रांची से अजमेर के लिए लंबी रूट की ट्रेनिंग साप्ताहिक रांची से चल रही है। साथ ही समर सीजन के लिए 5 थ्रू पासिंग ट्रेन भी रांची रेल मंडल से होकर गुजर रही है। गर्मी में भीड़ को देखते हुए ट्रेनों में एक्स्ट्रा बोगी भी लगाई गई है ताकि लोगों को आसानी से रिजर्वेशन मिल सके।0
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