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Praveen BhargavPraveen BhargavFollow10 Jul 2024, 02:47 pm

मासिक समीक्षा बैठक में प्रवर्तन कार्यों में फिसड्डी विभागों को DM ने लगाई फटकार

Jhansi, Uttar Pradesh:

DM अविनाश कुमार ने जनपद में वसूली की मासिक समीक्षा करते हुए प्रवर्तन कार्यों में विभागों को फटकार लगाते हुए कहा कि कार्य योजना बनाकर कार्य करें ताकि शासन द्वारा निर्धारित विभागीय वार्षिक लक्ष्य को पूरा किया जा सके। उन्होंने वाणिज्य कर विभाग द्वारा निर्धारित मासिक लक्ष्य की सापेक्ष 58% वसूली करने पर नाराजगी व्यक्त कर स्रोतो की जानकारी उपलब्ध करने के निर्देश दिए। DM ने सभी SDM, तहसीलदार, लेखपाल सहित राजस्वों को निर्देशित कर कहा कि गरीब व्यक्तियों को न्याय दिलाने के दृष्टिगत अपनी कार्य करे।

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नेपाल के हिमपारीय हादसे पर चीन को जिम्मेदार—Kailash Mansarovar यात्रा पर नई चेतावनी

Chinsurah, West Bengal:নেপালে বিপর্যয়ের জন্য চ Chine কে দায়ী করলেন,মৃত্যু মুখ থেকে ফিরলেও আবার যেতে চান কৈলাশ。 এবারই ছিলো শেষ সুযোগ কৈলাশ মানস সরোবরে যাওয়ার।নেপালে ভোটেকোশি নদীতে হিমবাহ বিস্ফোরনে জলোচ্ছাসে সব ভেসে যাওয়ায় তা আর হল না।অল্পের জন্য জীবন বেঁচেছে।তবে পরের বার সত্তর বছর বয়স হলেও হেলিকপ্টারে যাবেন কৈলাশ মানস সরোবরের জল তুলে মাথায় দেবেন。 কৈলাশে যিনি বসে আছেন তার জন্য নতুন জীবন পেয়েছেন মনে করেন উত্তরপাড়ার পর্যটক অঞ্জনা সান্যাল。 কলকাতার এক ভ্রমণ সংস্থার সঙ্গে গিয়েছিলেন নেপাল।মানস সরোবর কৈলাশ যাওয়ার সময় হরপা বানের মুখে পরেন। উত্তরপাড়ার ব্যনার্জী পাড়া স্টিটের বাসিন্দা অবসরপ্রাপ্ত স্কুল শিক্ষিকা অঞ্জনা সান্যাল(৬৯)。 সতেরো জনের দল তাদের ছিলো।গত ২৬ তারিখ কাঠমান্ডু থেকে বাসে করে চিনা ইমিগ্রেশন দপ্তরের দিকে রওনা দেন তারা।মাঝে রিফ্রেস হওয়ার জন্য বাস দাঁড়ায়।কেউ কেউ চা খান।দশ মিনিট পর বাস ছাড়ে।তবে বাস চালকের কাছে তখন খবর এসে গেছে নদীতে হরপা বান ডেকেছে। দ্রুত বাস ঘুরিয়ে আবার কাঠমান্ডুর দিকে ফিরে যান তারা।চোখের সামনে সাক্ষাৎ মৃত্যুকে দেখে চোখ দিয়ে জল পরতে থাকে অঞ্জনা সান্যালের。 তিনি বলেন,আমরা যখন বেরোলাম পরিষ্কার রौদ্রজ্জ্বল আকাশ।হঠাৎ করেই কিছুটা দূরে দেখি ধোঁয়ার কুন্ডলীর মত।নদীর জলরাশি মেঘের মতো নেমে আসছে।বুঝতে অসুবিধা হয়নি বড় বিপদ কিছু একটা হতে চলেছে।বাসের চালক তৎপর ছিলো।তড়িঘড়ি বাস ঘুরিয়ে কাঠমান্ডুর দিকে রওনা দেয়।আরেকটু এগিয়ে গেলেই আমরা আমাদের বাস রাস্তায় জ্যামে পরে যেত।তখন আর ঘুরিয়ে ফেরার কোন রাস্তা থাকতো না। নেপালের এই বিপর্যয়ের পিছনে চীনকে দায়ী করেন অঞ্জনা সান্যাল।তিনি বলেন,হিমবাহ যখন ভেঙে পড়ে তারপর থেকে প্রায় দেড় ঘন্টা সময় পেয়েছিল নেপাল।চীন যদি আগে থেকেই জানিয়ে দিত এই ঘটনা তাহলে এত মানুষের প্রাণ যেত না। এবারে কৈলাস মানুষ সরোবর যাওয়া হলো না আগামীবার ৭০ বছর হয়ে যাবে তাই ছাড়পত্র পাওয়া যাবে না।তবে হেলিকপ্টারে করে কৈলাসে এরিয়াল ভ্রমণ করা যায় আমার ছেলে বলেছে।মানস সরোবরেও যাওয়ার ইচ্ছা আছে。 উত্তরপাড়া প্রাক্তন শিক্ষিকার বেড়ানোর অভ্যাস দীর্ঘদিনের।কলকাতার তিনটি ভ্রমণ সংস্থা সঙ্গে তিনি দেশ বিদেশের বিভিন্ন জায়গায় ঘুরে বেড়ান। তবে এবারের নেপালের অভিজ্ঞতা ভয়াবহ। প্রাক্তন শিক্ষিকা বলেন, কৈলাশ যেতে না পারায় ভেবেছিলাম কি পাপ করলাম এত কাছে এসেও কৈলাশ দর্শন হলো না। আবার মৃত্যু মুখ থেকে প্রাণে বাঁচার পর ভাবলাম কিছু পূন্যের ফল। পশ্চিমবঙ্গের মুখ্যমন্ত্রী শুভেন্দু অধিকারী জানিয়েছিলেন এই রাজ্যের যত পর্যটক নেপালে রয়েছেন তাদের ফেরার সমস্ত রকম ব্যবস্থা করা হবে।অঞ্জনা দেবী জানান,খুবই ভালো উদ্যোগ ছিল সরকারের।যদিও আমরা তার আগেই রক্তল থেকে ট্রেনে চেপে পড়ি।রবিবার ভোরে মিথিলা এক্সপ্রেসে হাওড়া এসে পৌঁছাই。
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दानापुर में अक्षरा सिंह ने दलित बच्चियों के बीच जन्मदिन मनाया; असली जिंदगी है

Danapur, Bihar:हेडलाइन: दानापुर में अक्षरा सिंह ने दलित बच्चियों के बीच जन्मदिन मनाया, बोलीं—असली जिंदगी तो आप लोग जी रहे हैं एंकर: खबर दानापुर से है, जहां भोजपुरी सिनेमा की चर्चित अभिनेत्री और गायिका अक्षरा सिंह ने अपना जन्मदिन एक खास अंदाज में मनाया। अक्षरा सिंह दानापुर स्थित नारी गुंजन संस्था पहुंचीं, जहां उन्होंने दलित और जरूरतमंद बच्चियों के साथ अपना जन्मदिन मनाया। इस दौरान संस्था की संस्थापक पद्मश्री सुधा वर्गीज भी मौजूद रहीं। अक्षरा सिंह ने बच्चियों के साथ समय बिताया, उनसे बातचीत की और उनकी पढ़ाई-लिखाई को लेकर जानकारी ली। उन्होंने बच्चों से पूछा कि पढ़ने में किस-किस का मन लगता है, जिस पर सभी बच्चियों ने हाथ उठाकर उत्साह के साथ अपनी बात रखी। बच्चियों की खुशी और सादगी को देखकर अक्षरा सिंह भावुक भी नजर आईं। उन्होंने कहा कि उन्होंने इस तरह की जिंदगी जीने वाले लोगों को पहले नहीं देखा है। उन्होंने बच्चियों की ओर इशारा करते हुए कहा कि असली जीवन तो ये बच्चे जी रहे हैं और ये हम लोगों से ज्यादा बेहतर हैं। अक्षरा सिंह ने कहा कि आज की दुनिया में लोग भागदौड़ और कई तरह की चिंताओं में उलझे हुए हैं, लेकिन यहां के बच्चों के पास खुशी है और यही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने बच्चियों से कहा कि आप लोग खुश हैं, इसलिए आपके पास खुशियां भी भरपूर हैं। इस खास मौके पर अक्षरा सिंह ने बच्चियों के लिए गीत भी गाया और उनके साथ संगीत का आनंद लिया। बच्चियों ने भी अक्षरा सिंह को गीत सुनाकर अपना प्यार जताया। अपने जन्मदिन को बच्चों के बीच मनाने को लेकर अक्षरा सिंह ने कहा कि वह बेहद खुश हैं कि उन्हें ईश्वर ने ऐसा अवसर दिया। उन्होंने बताया कि वह मुंबई से खास तौर पर यहां आई हैं और बच्चों से वीडियो कॉल पर मिलने का वादा किया था। जन्मदिन के इस खास अवसर पर बच्चों के बीच पहुंचना उनके लिए सबसे खूबसूरत अनुभव रहा। बाइट अक्षरा सिंह, भोजपुरी सीने स्टार वहीं नेपाल में आई त्रासदी को लेकर अक्षरा सिंह ने दुख जताया। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुखद घटना है और वह ईश्वर से प्रार्थना करती हैं कि प्रभावित परिवारों को इस मुश्किल घड़ी से उबरने की शक्ति मिले और दिवंगत आत्माओं को शांति प्राप्त हो। बाइट अक्षरा सिंह, भोजपुरी सीने स्टार अक्षरा सिंह ने Gen Z से जुड़े सवाल पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सरकार को युवाओं की बातों और उनकी भावनाओं को समझते हुए जागरूक होना चाहिए और यदि ऐसा नहीं होता है तो आज की युवा पीढ़ी अपनी आवाज के जरिए सरकार को जागरूक करना जानती है। बाइट अक्षरा सिंह, भोजपुरी सीने स्टार कुल मिलाकर दानापुर में भोजपुरी अभिनेत्री अक्षरा सिंह का जन्मदिन सिर्फ एक सेलिब्रेशन नहीं, बल्कि बच्चों के साथ प्यार, अपनापन और खुशियां बांटने का एक भावुक और यादगार अवसर बन गया।
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सिमडेगा में नाबालिग के प्रताड़ना मामले में आरोपी गिरफ्तार

Simdega, Jharkhand:सिमडेगा: कुरडेग पुलिस ने नाबालिग लड़की को कथित मानसिक प्रताड़ना देकर आत्महत्या के लिए मजबूर करने के मामले में नामजद आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान 26 वर्षीय पुरेन्द्र यादव, निवासी जशपुर (छत्तीसगढ़) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, 24 मार्च को नाबालिग के पिता की शिकायत पर कुरडेग थाना में मामला दर्ज किया गया था। जांच में मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा पाया गया। आरोपी लंबे समय से फरार था। हाईकोर्ट के ‘नो कोएर्सिव’ आदेश की अवधि समाप्त होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज की और 29 अगस्त को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को 30 अगस्त को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
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सदर अस्पताल में सांप काटे मरीज के लिए झाड़फूँक; डॉक्टर बोले स्थिति स्थिर

Madanpur, Bihar:मधेपुरा सदर अस्पताल परिसर में रविवार को सांप काटने की मरीज का झाड़फूंक कराने का मामला सामने आया। महिला को शनिवार रात सांप काटने के बाद इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल में इलाज के दौरान ही परिजनों ने उसे रेड जोन से बाहर निकालकर ओपीडी स्थित दवा काउंटर के पास झाड़फूंक शुरू करा दी। इस दौरान अस्पताल परिसर में लोगों की भीड़ भी जुट गई। जानकारी के अनुसार घैलाढ़ प्रखंड के श्रीनगर निवासी देव नारायण दास की पत्नी मंजू देवी (35) शनिवार रात घर में सोई हुई थीं। इसी दौरान उनके दाहिने हाथ में सांप ने काट लिया। सांप के काटने के बाद परिजन आनन-फानन में उन्हें घैलाढ़ पीएचसी लेकर पहुंचे। परिजनों के अनुसार वहां चिकित्सकों ने बताया कि सांप काटने के मरीज के इलाज की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। इसके बाद महिला को मधेपुरा सदर अस्पताल ले जाने की सलाह दी गई। परिजन महिला को लेकर सदर अस्पताल पहुंचे, जहां शनिवार रात से ही उसका इलाज शुरू किया गया। चिकित्सकों की निगरानी में इलाज के दौरान महिला की स्थिति में सुधार भी हुआ। हालांकि, रविवार को परिजनों ने अस्पताल के रेड जोन से मरीज को बाहर निकाल लिया और ओपीडी के दवा काउंटर के पास झाड़फूंक शुरू करा दी। गांव से आए महेंद्र तांती और उसके एक साथी ने महिला पर झाड़फूंक की। महिला के चाचा गजेंद्र दास ने बताया कि मंजू देवी को सोने के दौरान सांप ने दाहिने हाथ में काट लिया था। सदर अस्पताल में इलाज शुरू होने के बाद उसकी स्थिति में कुछ सुधार हुआ। इसके बाद गांव के ही महेंद्र तांती और उसके एक साथी ने झाड़फूंक की। हालांकि, झाड़फूंक कराने के बाद भी महिला की स्थिति में कोई विशेष सुधार नहीं हुआ। इधर, सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ. मुकेश कुमार ने बताया कि मंजू देवी की स्थिति फिलहाल स्थिर है। उसे 28 वायल CSB (एंटी स्नेक वेनम) दिया गया है। अभी मरीज खतरे से बाहर है। बाइट : गजेंद्र दास,चाचा मुकेश कुमार,चिकित्सक
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सिवान के बाजार में बदमाशों ने हवाई फायरिंग की, बाजार में दहशत फैल गई

Siwan, Bihar:सिवान में बेखौफ अपराधियों ने बाजार में हवाई फायरिंग की है। फायरिंग की घटना से बाजार में कुछ देर के लिए अफरा तफरी का माहौल हो गया।फायरिंग की घटना को अंजाम देकर अपराधी मौके से फरार हो गए।वहीं फायरिंग की घटना से बाजार में दहशत का माहौल हो गया।घटना दरौंदा थाना क्षेत्र के दपनी बाजार की है।बताया जा रहा है कि एक मोटरसाइकिल पर सवार दो अपराधियों ने बाजार में सरेआम हवाई फायरिंग कर दी। गोलियों की आवाज सुनते ही बाजार में अफरा तफरी का माहौल हो गया। अपराधियों ने इलाके में अपनी दहशत फैलाने के मकसद से दो राउंड हवाई फायरिंग की और वारदात को अंजाम देने के बाद बड़े ही आराम से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही दरौंदा थानाध्यक्ष विकास कुमार सिंह दलबल के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और पूरे मामले की बारीकी से छानबीन शुरू कर दी। हालांकि, पुलिस को घटनास्थल से खोखा बरामद नहीं हुआ है, लेकिन आसपास के सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर पुलिस जांच कर रही है।
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सहारनपुर की खुशी ने NLU दिल्ली से लॉ में पांच गोल्ड मेडल जीते

Saharanpur, Uttar Pradesh:सहारनपुर में खुशी ने लॉ में जीते 5 गोल्ड मेडल DID के टॉप-20 तक पहुंचीं थी, NLU दिल्ली से कानून की पढ़ाई, बोलीं- डांस मेरी आत्मा, पब्लिक सर्विस मेरा लक्ष्य प्रतिभा को अगर अनुशासन, मेहनत और सही मार्गदर्शन का साथ मिल जाए तो कोई भी लक्ष्य मुश्किल नहीं रहता। सहारनपुर की खुशी नेब ने इस बात को अपनी उपलब्धियों से साबित किया है। नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, दिल्ली से BA.LLB (Hons.) की पढ़ाई पूरी करने वाली खुशी ने पांच गोल्ड मेडल हासिल कर परिवार और शहर का गौरव बढ़ाया है। विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में उन्हें विभिन्न विषयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। खुशी को कॉन्स्टिट्यूशनल लॉ में दो, कॉर्पोरेट लॉ में दो और पब्लिक लॉ में एक गोल्ड मेडल मिला। सम्मान समारोह में सुप्रीम कोर्ट की न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना, दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय सहित कई प्रतिष्ठित लोग मौजूद रहे। पांच साल की कानून की पढ़ाई के दौरान लगातार बेहतर प्रदर्शन करना खुशी की मेहनत और लगन का परिणाम है। खास बात ये है कि खुशी की पहचान केवल एक मेधावी कानून छात्रा के रूप में नहीं है। बचपन से ही उन्हें कथक नृत्य का शौक रहा और उन्होंने इसे अपनी पढ़ाई के साथ जारी रखा। वो डांस इंडिया डांस (DID) के टॉप-20 तक पहुंचीं। इसके अलावा India's Got Talent और Dance Plus जैसे रियलिटी शो में भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। खुशी ने बातचीत में बताया कि बचपन में उनका ज्यादा समय डांस सीखने और अभ्यास करने में बीतता था। करीब 10-11 साल की उम्र में पढ़ाई की ओर उनका रुझान बढ़ा। छठी-सातवीं कक्षा से उन्होंने पढ़ाई में अच्छा प्रदर्शन करना शुरू किया और नौवीं-दसवीं तथा 11वीं-12वीं में भी टॉप किया। परिवार की ओर से शुरू से ही उन्हें सार्वजनिक सेवा और न्यायपालिका के क्षेत्र में जाने के लिए प्रेरित किया गया। इसी सोच के साथ उन्होंने कानून को करियर के रूप में चुना। CLAT और अन्य प्रवेश परीक्षाओं में सफलता के बाद उन्हें NLU दिल्ली में प्रवेश मिला। NLU दिल्ली में पढ़ाई के दौरान खुशी ने अकादमिक अध्ययन के साथ प्रतियोगिताओं और इंटर्नशिप में भी हिस्सा लिया। उनका कहना है कि कानून की पढ़ाई ने उन्हें विषयों को गहराई से समझने और तर्क के साथ अपनी बात रखने की क्षमता दी। खुशी के मुताबिक, पांचों गोल्ड मेडल अचानक मिली उपलब्धि नहीं हैं। इनके पीछे पांच साल की लगातार मेहनत, नियमित अध्ययन और खुद को बेहतर करने की कोशिश रही है। वह मानती हैं कि किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने के लिए निरंतरता सबसे जरूरी है। खुशी को कथक का संस्कार अपनी बुआ रंजना नेब से मिला। रंजना नेब अंतरराष्ट्रीय स्तर की कथक नृत्यांगना और वैष्णवी नृत्यालय की संचालिका हैं। खुशी ने बचपन से कथक सीखा और इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाए रखा। डांस के प्रति उनका जुनून उन्हें रियलिटी शो तक ले गया। DID में टॉप-20 तक पहुंचना उनके लिए महत्वपूर्ण अनुभव रहा। इसके अलावा India's Got Talent और Dance Plus में भी उन्होंने अपनी प्रतिभा दिखाई। खुशी कहती हैं कि डांस मेरी आत्मा है और पब्लिक सर्विस मेरा लक्ष्य। उनके लिए नृत्य केवल मंच पर प्रस्तुति देने का माध्यम नहीं, बल्कि मानसिक तनाव कम करने और खुद को संतुलित रखने का जरिया भी है। खुशी के बताया कि उनके परिवार ने कभी पढ़ाई और डांस में से किसी एक को चुनने का दबाव नहीं बनाया। उन्हें हमेशा यह सिखाया गया कि जिस क्षेत्र में रहें, वहां अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें। इसी सोच ने उन्हें दोनों क्षेत्रों में संतुलन बनाने में मदद की। डांस के लिए जब वह मुंबई गईं तो पिता और बुआ उनके साथ रहे। दिल्ली में पढ़ाई, प्रतियोगिताओं और इंटर्नशिप के दौरान भी परिवार का पूरा सहयोग मिला। खुशी अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, दादा-दादी, बुआ, नाना-नानी और शिक्षकों को देती हैं। वह बताती हैं कि उनकी दादी नीरा नेब उनके लिए टिफिन तैयार करती थीं। नाना-नानी दूर रहकर भी उन्हें लगातार आशीर्वाद और प्रोत्साहन देते रहे। खुशी का मानना है कि बच्चों के विकास के लिए पढ़ाई के साथ उनकी रुचियों को भी महत्व दिया जाना चाहिए। उनका कहना है कि आज कई अभिभावक बच्चों पर पढ़ाई का इतना दबाव डाल देते हैं कि इसका असर उनके मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है। उनके अनुभव में डांस ने पढ़ाई के तनाव को कम किया। साथ ही इससे अनुशासन, मेहनत और लगातार सीखने की आदत विकसित हुई। उनका मानना है कि कला, खेल या किसी अन्य रचनात्मक गतिविधि से जुड़े रहकर बच्चे पढ़ाई में भी बेहतर संतुलन बना सकते हैं भविष्य को लेकर खुशी ने बताया कि वो फिलहाल कानून की प्रैक्टिस करना चाहती हैं और कोर्ट के माध्यम से लोगों की मदद करना चाहती हैं। इसके बाद अगले एक-दो साल में न्यायपालिका और पब्लिक सर्विस की दिशा में आगे बढ़ने की तैयारी करेंगी। उनका उद्देश्य कानून की शिक्षा और व्यावहारिक अनुभव का इस्तेमाल समाज की सेवा के लिए करना है। इसके साथ ही वह कथक को भी अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाए रखना चाहती हैं।
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निकाय चुनाव: कांग्रेस सीधे सिंबल से उतारेगी प्रत्याशी, आखिरी दिन बदली रणनीति

Jaipur, Rajasthan:निकाय चुनाव-कांग्रेस सीधे मैदान में उतारेगी प्रत्याशियों को, एन वक्त पर भी नाम बदले जा सकते जयपुर-निकाय चुनाव को लेकर कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही पार्टियों में जबरदस्त सियासी माहौल गरमाया हुआ है.दोनों ही पार्टियां टिकटो को लेकर माथापच्ची में लगी है.कल नामांकन का आखिरी दिन है.ऐसे में अब माना जा रहा है कि सीधे सिंबल देकर ही प्रत्याशियों को मैदान में उतारा जाएगा.आखिरकार कांग्रेस में टिकटों को लेकर कैसे खींचतान चल रही है..देखे इस रिपोर्ट में! बीजेपी की लिस्ट का इंतजार- कांग्रेस में टिकटों को लेकर अंदरूनी खींचतान के बाद अब पार्टी ने रणनीति बदल दी है.अब कांग्रेस सीधे ही सिंबल देकर पार्टी के प्रत्याशियों को निकाय चुनाव में उतारेगी.कांग्रेस पूर्व विधायक प्रताप सिंह खाचरियावास और कांग्रेस जिला अध्यक्ष सुनील शर्मा ने साफ कर दिया कि पहले कांग्रेस देखना चाहती है कि बीजेपी कौनसे उम्मीदवार को उतारेगी.यदि जरूरत पड़ी तो आखिरी वक्त पर भी नाम बदला जा सकते है.उनका कहना है कि लगता नहीं है कि बीजेपी लिस्ट जारी करेगी.लेकिन अब बीजेपी ने लिस्ट जारी नहीं की तो इसलिए कांग्रेस प्रत्याशियों को सीधा मैदान में उतारेगी और नामांकन भरने के बाद शाम को पार्टी सूची सार्वजनिक करेगी.सुनील शर्मा का कहना है कि कांग्रेस में किसी तरह की खींचतान नहीं है.150 सीटों के लिए 3 हजार नाम आए है.इसलिए सभी से मिलना भी जरूरी है.पार्टी में अनुशासित कार्यकर्ता है. बाइट-सुनील शर्मा,कांग्रेस जिला अध्यक्ष,जयपुर बाइट-प्रतापसिंह खाचरियावास,पूर्व विधायक,कांग्रेस 40 से 50 सीटों पर खींचतान- सूत्रों की माने तो जयपुर में 40 से 50 सीटों पर खींचतान देखी जा रही है.जिसको लेकर आज कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा,नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली की मौजूदगी में मंथन हुआ.हालांकि प्रतापसिंह खाचरियावास ने आपसी खींचतान को पर जवाब देते हुए कहा कि पार्टी में लगातार कार्यकर्ताओं का हुजूम बढ़ता जा रहा है.जिसको लेकर कांग्रेस मंथन कर रही है.पार्टी लगातार मजबूत हो रही है.कांग्रेस विधायक अमीन कागजी का कहना है कि पार्टी को जरूरत पड़ी तो एन वक्त पर भी नाम बदला जा सकता है.वहीं आदर्श नगर से विधायक रफीक खान का कहना है कि पार्टी में सब बिल्कुल ठीक है.बीजेपी ने ढाई साल में ढाई रुपए का काम नहीं किया.जिसको जनता निकाय चुनाव में जवाब देगी. बाइट-अमीन कागजी,कांग्रेस विधायक बाइट-रफीक खान,कांग्रेस विधायक क्या आपसी खींचतान से देरी? अब सवाल ये है कि क्या आखिरी वक्त पर भी लिस्ट जारी नहीं करना कांग्रेस की स्ट्रेटजी है या मजबूरी? क्योंकि कई विधानसभा क्षेत्रों में पार्षद उम्मीदवारों को लेकर आपसी खींचतान की खबरें भी सामने आ रही है. नोट-इस खबर की फीड ओएफसी से स्लग से भेजी गई है।
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निकाय चुनाव: कांग्रेस सीधे सिंबल से उतारेगी प्रत्याशी, आखिरी वक्त पर नाम बदले जा सकेंगे

Jaipur, Rajasthan:निकाय चुनाव-कांग्रेस सीधे मैदान में उतारेगी प्रत्याशियों को, एन वक्त पर भी नाम बदले जा सकते हैं जयपुर-निकाय चुनाव को लेकर कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही पार्टियों में जबरदस्त सियासी माहौल गरमाया हुआ है.दोनों ही पार्टियां टिकटो को लेकर माथापच्ची में लगी है.कल नामांकन का आखिरी दिन है.ऐसे में अब माना जा रहा है कि सीधे सिंबल देकर ही प्रत्याशियों को मैदान में उतारा जाएगा. बीजेपी की लिस्ट का इंतजार- कांग्रेस में टिकटों को लेकर अंदरूनी खींचतान के बाद अब पार्टी ने रणनीति बदल दी है.अब कांग्रेस सीधे ही सिंबल देकर पार्टी के प्रत्याशियों को निकाय चुनाव में उतारेगी.कांग्रेस पूर्व विधायक प्रताप सिंह खाचरियावास और कांग्रेस जिला अध्यक्ष सुनील शर्मा ने साफ कर दिया कि पहले कांग्रेस देखना चाहती है कि बीजेपी कौनसे उम्मीदवार को उतारेगी.यदि जरूरत पडती तो आखिरी वक्त पर भी नाम बदला जा सकता है.उनका कहना है कि लगता नहीं है कि बीजेपी लिस्ट जारी करेगी.लेकिन अब बीजेपी ने लिस्ट जारी नहीं की तो इसलिए कांग्रेस प्रत्याशियों को सीधा मैदान में उतारेगी और नामांकन भरने के बाद शाम को पार्टी सूची सार्वजनिक करेगी.सुनील शर्मा का कहना है कि कांग्रेस में किसी तरह की खींचतान नहीं है.150 सीटों के लिए 3 हजार नाम आए है.इसलिए सभी से मिलना भी जरूरी है.पार्टी में अनुशासित कार्यकर्ता है. 40 से 50 सीटों पर खींचतान- सूत्रों की माने तो जयपुर में 40 से 50 सीटों पर खींचतान देखी जा रही है.जिसको लेकर आज कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा,नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली की मौजूदगी में मंथन हुआ.हालांकि प्रतापसिंह खाचरियावास ने आपसी खींचतान को पर जवाब देते हुए कहा कि पार्टी में लगातार कार्यकर्ताओं का हुजूम बढ़ता जा रहा है.जिसको लेकर कांग्रेस मंथन कर रही है.पार्टी लगातार मजबूत हो रही है.कांग्रेस विधायक अमीन कागजी का कहना है कि पार्टी को जरूरत पड़ी तो एन वक्त पर भी नाम बदला जा सकता है.वहीं आदर्श नगर से विधायक रफीक खान का कहना है कि पार्टी में सब बिल्कुल ठीक है.बीजेपी ने ढाई साल में ढाई रुपए का काम नहीं किया.जिसको जनता निकाय चुनाव में जवाब देगी. क्या आपसी खींचतान से देरी? अब सवाल ये है कि क्या आखिरी वक्त पर भी लिस्ट जारी नहीं करना कांग्रेस की स्ट्रेटजी है या मजबूरी? क्योंकि कई विधानसभा क्षेत्रों में पार्षद उम्मीदवारों को लेकर आपसी खींचतान की खबरें भी सामने आ रही है.
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Noida, Uttar Pradesh:
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रायबरेली में शव रखकर ग्रामीणों ने सड़क जाम किया; हत्या की आशंका पर कार्रवाई

Raebareli, Uttar Pradesh:रायबरेली मे ग्रामीणों ने शव रख कर सड़क पर जाम लगा दिया है। मामला बछरावां कस्बे के बगाही गांव का है। यहां शनिवार को गांव के बाहर पेड़ से मोहित का शव लटकता मिला था। मोहित पिछले करीब एक सप्ताह से लापता था। परिजनों ने गांव के ही तीन लोगों पर हत्या की आशंका जताते हुए कार्रवाई की मांग की थी। कार्रवाई की मांग को लेकर परिजनों ने शव सड़क पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया था। सूचना पर एडिशनल एसपी और क्षेत्राधिकारी महाराजगंज मौके पर पहुंचे और परिजनों को कार्रवाई के आश्वासन दिया। मामले मे हत्या का मुकदमा दर्ज किए जाने के बाद परिजनों ने जाम समाप्त किया और मोहित के शव का अंतिम संस्कार किया
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धामपुर में जर्जर पेड़ से टूटे तार, बुजुर्ग करंट से घायल

Moradabad, Uttar Pradesh:धामपुर के खारी कुआं क्षेत्र में आज शाम एक जर्जर पेड़ का बड़ा हिस्सा टूटकर गिर गया। पेड़ की डाल बिजली के तार पर गिरने से तार टूटकर सड़क पर गिर पड़े। उसी दौरान वहां से गुजर रहा एक बुजुर्ग टूटे तार की चपेट में आ गया और उसे करंट लग गया। लोगों ने साहस दिखाकर बुजुर्ग को तारों से बाहर निकाला। घटना पास में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई। सलूजा गिफ्ट कॉर्नर के ऊपर जर्जर पेड़ के बड़े तने निकले हुए थे। रविवार शाम बड़ा हिस्सा गिरा; तारों में करंट प्रवाहित था, जिससे सड़क पर डर मच गया। एक दुकानदार पंकज अग्रवाल ने कुर्सी और डंडे से बुजुर्ग को बचाया। बुजुर्ग की हालत गंभीर बताई गई और उपचार के लिए भेजा गया। क्षेत्रीय लोग जर्जर पेड़ों और तारों की सुरक्षा की मांग कर रहे हैं।
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