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Eshan KhanEshan KhanFollow12 Aug 2024, 10:45 am
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करंट हादसे में चाचा-चाची की मौत, बच्चा बचा, अस्पताल में हंगामा

Katihar, Bihar:मनिहारी के पूर्व टोला में बच्चा को करंट लगने से चाचा-चाची की मौत, बच्चे की हालत खतरे से बाहर घटना के बाद परिजनों एवं ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया असामाजिक तत्वों द्वारा अस्पताल में तोड़फोड़ एवं अव्यवस्था फैलाने की भी सूचना पर मनिहारी पुलिस ने हंगामा कर रहे दो युवकों को गिरफ्तार कर लिया कटिहार जिला के मनिहारी नगर क्षेत्र के पूर्व टोला में एक दर्दनाक हादसे में करंट लगने से चाचा और चachi की मौत हो गई, जबकि जिस बच्चे को बचाने के दौरान यह हादसा हुआ, वह अब खतरे से बाहर बताया जा रहा है। पूर्व टोला में एक बच्चा अचानक करंट की चपेट में आ गया। बच्चे को बचाने के लिए उसके चाचा नाजिर मौके पर पहुंचे, लेकिन वह भी करंट की चपेट में आ गए। इसी दौरान बच्चे की चACHI भी बचाव के प्रयास में करंट लगने से गंभीर रूप से झुलस गईं। दोनों को आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं घायल बच्चे का इलाज जारी है और उसकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है। घटना के बाद परिजनों एवं ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए लोगों ने अस्पताल परिसर में हंगामा किया। इस दौरान बाहर से आए कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा अस्पताल में तोड़फोड़ एवं अव्यवस्था फैलाने की भी सूचना पर मनिहारी थानाध्यक्ष ने हंगामा कर रहे दो युवकों को गिरफ्तार कर लिया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी विनोद कुमार स्वयं मौके पर पहुंचे और आक्रोशित लोगों को समझाकर स्थिति को नियंत्रित किया। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। घटना को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं भी जारी हैं।
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अमेठी के पूर्व विधायक दादा तेजभान का निधन, क्षेत्र में शोक की लहर

Amethi, Uttar Pradesh:अमेठी पूर्व विधायक दादा तेजभान 83 साल की उम्र में आकस्मिक निधन, युवावस्था में ही वह राष्ट्रीय स्वयं संघ सेवक से जुड़े और बाद में जनसंघ तथा भाजपा से राजनीति में हुए सक्रिय, सन 1977 में जनता पार्टी की उम्मीदवार के रूप में गौरीगंज सीट से चुनाव जीतकर पहली बार बने विधायक, उसके बाद 1991 1993 और 1996 में गौरीगंज विधानसभा से चुने गए भाजपा के विधायक, उनके मिलनसार स्वभाव और पारिवारिक संबंधों के कारण क्षेत्र की जनता में दादा का कर पुकारती थी, पार्टी के पुराने नेताओं में राजनाथ सिंह कल राज मिश्र कल्याण सिंह से उनके रहे हैं अच्छे संबंध, दल बदल के राजनीति से दूर रहे दादा तेजभान, 2017 में विधानसभा चुनाव में टिकट न मिलने के बाद भी पार्टी के खिलाफ नहीं की बगावत, एक सामान्य कृषक परिवार में जन्मे लंबे समय से अमेठी की राजनीति में प्रभावशाली नेताओं में गिने जाने वाले पूर्व विधायक दादा तेजभान के निधन से क्षेत्र में फैली शोक की लहर,
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पुष्कर सिंह धामी के 5 साल: उत्तराखंड में इतिहास, भाजपा तीसरी बार सत्ता पाएगी

Dehradun, Uttarakhand:एंकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कार्यकाल के 5 साल पूरे हो गए हैं और प्रदेश में सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड उन्होंने बनाया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कहा है कि जिस तरह से मुख्यमंत्री ने 5 सालों में कार्य किया है वह ऐतिहासिक है प्रदेश के विकास के लिए मुख्यमंत्री हमेशा गंभीर रहते हैं और जनता का आशीर्वाद भी उन्हें हर चुनाव में मिलता रहा है भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का कहना है कि आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में तीसरी बार आएगी। टिक टैक महेंद्र भट्ट प्रदेश अध्यक्ष भाजपा उत्तराखंड
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बस्ती में डायल-112 पुलिस पर पिटाई का आरोप, 30 वर्षीय मनीष चौरसिया मौत

Basti, Uttar Pradesh:एक मां जिसने मदद की उम्मीद में पुलिस को बुलाया था। लेकिन आज वही मां अपने जवान बेटे की अर्थी के सामने खड़ी होकर इंसाफ की गुहार लगा रही है। बस्ती में 30 वर्षीय युवक की इलाज के दौरान मौत के बाद परिजनों ने डायल-112 पुलिस पर बेरहमी से पिटाई का आरोप लगाया है। मां का दावा है कि बेटे को पुलिस ने पीटा, वह गंभीर रूप से घायल हुआ और अस्पताल में जिंदगी की जंग हार गया। बस्ती के कलवारी थाना क्षेत्र के बैजलपुर गांव में 30 वर्षीय मनीष चौरसिया की इलाज के दौरान मौत के बाद पूरे गांव में मातम पसरा है। घर के आंगन में चीख-पुकार है और परिवार न्याय की मांग कर रहा है। परिजनों का आरोप है कि गुरुवार शाम घर में कहासुनी के बाद पिता ने डायल-112 पुलिस को बुलाया। मां का दावा है कि पुलिस मनीष को गांव के प्रधान के दरवाजे पर ले गई, जहां उसके साथ मारपीट की गई। आरोप है कि मारपीट के बाद मनीष गंभीर रूप से घायल हो गया और पुलिस वहां से भाग गई। परिवार मनीष को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कलवारी, फिर जिला अस्पताल और बाद में कैली अस्पताल लेकर पहुंचा, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही पूरे परिवार में कोहराम मच गया। मृतक की माँ का कहना है कि घटना स्थल पर खून के निशान थे, जिन्हें सुबह साफ किया गया। उनका यह भी दावा है कि प्रधान के घर पर लगे सीसीटीवी कैमरों में पूरी घटना रिकॉर्ड हुई है। मनीष बेंगलुरु में मेहंदी लगाने का काम करता था और कुछ समय पहले ही घर लौटा था। पीछे पत्नी और दो छोटे बच्चों का परिवार छूट गया है। परिवार का आरोप है कि यदि समय रहते उचित कार्रवाई होती, तो शायद मनीष की जान बच सकती थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, मामले की जांच में पुलिस जुट गई है। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं, जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। बाइट1 मृतक की मां बाइट2 मृतक के पिता बाइट3 मृतक का भाई
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PM मोदी ने जोधपुर हवाई अड्डे के नए टर्मिनल का उद्घाटन किया

Jodhpur, Rajasthan:नोट- लाइव लिंक से उद्घाटन के विजुअल एवं पीटीसी एयरपोर्ट से जोधपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज राजस्थान के जोधपुर व पचपदरा दौरे पर रहे। प्रधानमंत्री सुबह लगभग 10:30 बजे वायुसेना स्टेशन पर विशेष विमान से पहुंचे। वायुसेना स्टेशन पर राज्यपाल हरिभाउ बागडे,मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा,केन्द्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेन्द्रसिंह शेखावत, केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू किंजरापु ,केन्द्रीय नागरिक उड्डयन एवं सहकारिता राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोळ ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया। वायुसेना स्टेशन से प्रधानमंत्री मोदी सीधे जोधपुर हवाई अड्डे के टर्मिनल भवन पहुंचे और उसका उद्घाटन किया और जोधपुर में संशोधित उड़ान योजना का शुभारंभ किया। इसके बाद यहा से हैलीकाप्टर से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के साथ पचपदरा के लिए रवाना हुए। प्रधानमंत्री मोदी ने जोधपुर हवाई अड्डे पर नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया। इस परियोजना को कुल 480 करोड़ रुपए की लागत से विकसित किया गया है। 23,000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में फैला यह नया टर्मिनल भवन प्रति वर्ष 20 लाख यात्रियों को संभालने में सक्षम है। यह आधुनिक यात्री सुविधाओं से सुसज्जित है ताकि यात्रियों को सुगम और आरामदायक यात्रा का अनुभव मिल सके। प्रधानमंत्री ने एयरपोर्ट पर तारीफ करते हुए कहा कि राजस्थान की शाही विरासत से प्रेरित वास्तुकला के आधार पर निर्मित यह टर्मिनल मेहराब और झरोखों जैसे पारंपरिक तत्वों को समकालीन डिजाइन के साथ खूबसूरती से समाहित करता है। ऊर्जा-कुशल प्रणालियों, जल संरक्षण उपायों और हरित भवन निर्माण पद्धतियों जैसी विशेषताओं के साथ, सतत विकास टर्मिनल के डिजाइन का अभिन्न अंग रहा है, जिसका उद्देश्य 5-स्टार जीआरआईएचए रेटिंग प्राप्त करना है। जोधपुर हवाई अड्डे पर नए टर्मिनल भवन के उद्घाटन से क्षेत्र में पर्यटन, व्यापार और रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा। केन्द्रीय मंत्री शेखावत और केन्द्रीय मंत्री नायडू से एयरपोर्ट विस्तार की यात्रा को लेकर बातचीत भी की। प्रधानमंत्री मोदी ने दोनो मंत्रियों को पुराने टर्मिनल के उपयोग के भी निर्देश दिए है। प्रधानमंत्री ने संशोधित उड़ान योजना को लॉन्च किया, जिसमें क्षेत्रीय संपर्क पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इससे भारतीय विमानन क्षेत्र को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा और नागरिक विमानन के परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। साथ ही "उड़े देश का आम नागरिक" की विजन को भी बढ़ावा देगा। इस योजना के तहत 28,840 करोड़ का आवंटन किया गया है, जिसका उद्देश्य अगले 10 वर्षों में विमानन-आधारित विकास को गति देना है। यह रणनीतिक पहल सुनिश्चित करेगी कि देश भर में व्यापक और स्थायी कनेक्टिविटी कायम रहे। देश भर में विमानन अवसंरचना के विस्तार के लिए, मौजूदा अप्रयुक्त हवाई पट्टियों से 100 हवाई अड्डों के विकास पर विशेष बल दिया गया है, जिसके लिए 12,000 करोड़ रुपए से अधिक का बजट आवंटित किया गया है। इसके अतिरिक्त, क्षेत्रीय हवाई अड्डों के संचालन के प्रारंभिक वर्षों में उनकी व्यवहार्यता सुनिश्चित करने के लिए संचालन एवं रखरखाव (ओएंडएम) सहायता के लिए 2,500 करोड़ रुपए से अधिक की राशि निर्धारित की गई है। दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में पहुंच संबंधी चुनौतियों से निपटने के लिए, योजना में 200 आधुनिक हेलीपैड के विकास का भी प्रस्ताव है। इस योजना के तहत एयरलाइन कंपनियों को 10,000 करोड़ रुपए से अधिक की वायबिलिटी गैप फंडिंग सहायता जारी रखी गई है, जिससे क्षेत्रीय परिचालन की निरंतरता सुनिश्चित हो सके और धीरे-धीरे व्यावसायिक व्यवहार्यता को बढ़ावा मिल सके। आत्मनिर्भर भारत के विजन को और सुदृढ़ करते हुए, इस पहल में स्वदेशी विमानों और हेलीकॉप्टरों की खरीद भी शामिल है जिनमें एचएल ध्रुव और डोर्नियर प्लेटफॉर्म शामिल हैं। इसका उद्देश्य कम सेवा वाले क्षेत्रों में कनेक्टिविटी और परिचालन में सुधार लाना है।
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संतोष दुबे का गंभीर दावा: ट्रस्ट में बड़े नाम क्यों नहीं?

Noida, Uttar Pradesh:हिंदूवादी नेता संतोष दुबे का ज़ी न्यूज़ पर बयान संतोष दुबे ने कहा कि जब ट्रस्ट में बड़े लोगों के नाम तो कोषाध्यक्ष महान गिरी दास का नाम क्यों नहीं? हम लोग उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाएंगे और वह महंत है जिन्होंने अयोध्या में ट्रस्ट में कोषाध्य की भूमिका निभाई इतने कई सालों में उनकी जो संपत्ति है उसमें इजाफा हुआ और साथ ही उनका अपना वह निजी हेलीकॉप्टर खरीद लिया उन्होंने वह हेलीकॉप्टर से चलते हैं और साथ ही उनके पास उनके कई 42 रंग बहन है बड़े आप जो है संतोष दुबे ने कोषाध्यक्ष पर लगाए उनका कहना है कि उनके 42 रंग महल है और रंग महल में वह सारे काम किए जाते हैं जो आजकल साधुओं की आड़ में लोग करते हैं यह आशाराम के शिष्य है और उनकी भी जांच करनी चाहिए सीट में से डर रही है और इसी वजह से इसे अभी तक इन्होंने पूछताछ भी नहीं किया समिति ने जरूरत पड़ी तो हम लोग इनके खिलाफ आमरण अनशन पर भी बैठेंगे , वो एक अपराधी भी है
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सोतई गांव में कूड़ा डंपिंग यार्ड के विरोध पर भारी रोष; राजेश नागर से मुलाकात

Faridabad, Haryana:फरीदाबाद के सोतई गांव में निगम द्वारा बनाए जा रहे कूड़ा डंपिंग यार्ड को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष है. इसी को लेकर आज गांव के लोगों ने एकत्रित होकर राज्य मंत्री राजेश नागर से मुलाकात की और उन्हें उम्मीद है कि जल्द सरकार उनके यहां से डंपिंग यार्ड को हटाने का काम करेगी. ग्रामीणों ने बताया कि करीब 2 साल पहले यहां पर डंपिंग यार्ड प्रशासन द्वारा बनाया जा रहा था, इसके बाद ग्रामीणों ने इसका विरोध किया. सरकार ने ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए डंपिंग यार्ड को उस समय यहां से हटाने के आदेश दिए थे परंतु एक बार फिर से प्रशासन कूड़ा डंपिंग यार्ड को उसी जगह बनाने की योजना बना रहा है जो बिल्कुल गलत है. यदि सोतई गांव में कूड़ा डंपिंग यार्ड बनता है तो इससे आसपास के दर्जनों गांव की जलवायु पूरी तरह से प्रदूषित हो जाएगी. इस मांग को लेकर आज राज्य मंत्री राजेश नागर से मुलाकात की है. मंत्री राजेश नागर ने बताया कि आज दर्जनों गांव के लोग अपनी समस्या को लेकर मिलने पहुंचे हैं और उनकी समस्या कहीं तक जायज भी है.
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सरदारशहर से गंगानगर एलडीसी परीक्षा के लिए छात्रों की बसों में भारी भीड़

Churu, Rajasthan:सरदारशहर। सरदारशहर से गंगानगर जाने वाले एलडीसी भर्ती के अभ्यर्थियों को रोडवेज बसों में भेड़ बकरियों की तरह भरकर ले जाया गया। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से रविवार को एलडीसी भर्ती परीक्षा का आयोजन करवाया जा रहा है। इसमें सरदारशहर के अधिकांश पुरुष अभ्यर्थियों का परीक्षा केंद्र गंगानगर आया है। अभ्यर्थियों को 250 किलोमीटर का सफर 5 से 6 घंटे में तय करना पड़ रहा है। रोडवेज प्रशासन अतिरिक्त बसें चलाने का दावा कर रहा है, लेकिन तस्वीरों में भीड़ वही नजर आ रही है। परीक्षा देने जाने वाले अभ्यर्थी रोडवेज बस स्टैंड पर आरामदायक सफर की उम्मीद लगाये खड़े रहे, लेकिन हर बस में उन्हें भेड़ बकरियों की तरह भरना पड़ा। बसों में इतनी भीड़ है कि पैर रखने की जगह नहीं है; कई घंटों बाद ही चढ़ना संभव है। पीछे से जो भी बस आती है, वह पूरी तरह से भरी होती है और उसी बस में चढ़ने के लिए कहा जाता है। इस भीड़भाड़ में परीक्षा केंद्र तक पहुँचना मुश्किल हो रहा है。
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मोदी ने चौमूं में रिफाइनरी लोकार्पण और 358 नियुक्तियों का उद्घाटन किया

Jaipur, Rajasthan:चौमूं जयपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पचपदरा में कर रहे रिफाइनरी का लोकार्पण अन्य विकास कार्यों का भी करेंगे शिलान्यास और उद्घाटन, UEM यूनिवर्सिटी में कार्यक्रम का चल रहा लाइव प्रसारण, भाजपा के मुख्य प्रवक्ता रामलाल शर्मा भी देख रहे है समारोह का लाइव प्रसारण सरकारी नौकरी पाने वाले अभ्यर्थियों को दिए गए नियुक्ति पत्र चौमूं विधानसभा क्षेत्र से 358 अभ्यर्थियों को मिले नियुक्ति पत्र SDM आशीष शर्मा ,तहसीलदार विजयपाल बिश्नोई सहित भाजपा कार्यकर्ता मौजूद चौमूं (जयपुर)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाड़मेर के पचपदरा में रिफाइनरी परियोजना का लोकार्पण किया। इसके साथ ही उन्होंने विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास एवं उद्घाटन भी किया। इस अवसर का चौमूं स्थित यूईएम यूनिवर्सिटी में लाइव प्रसारण किया गया, जहां बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे। भाजपा के मुख्य प्रवक्ता रामलाल शर्मा ने भी समारोह का लाइव प्रसारण देखा और इसे प्रदेश के विकास के लिए ऐतिहासिक कदम बताया। कार्यक्रम के दौरान सरकारी सेवाओं में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र भी वितरित किए गए। चौमूं विधानसभा क्षेत्र के 358 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र मिलने पर खुशी का माहौल रहा। कार्यक्रम में एसडीएम आशीष शर्मा, तहसीलदार डॉ. विजयपाल बिश्नोई सहित प्रशासनिक अधिकारी, भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। उपस्थित लोगों ने प्रधानमंत्री के संबोधन को ध्यानपूर्वक सुना और प्रदेश के विकास कार्यों पर प्रसन्नता व्यक्त की।
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बिहार से हर महीने 10 हजार लड़कियाँ गायब: मानव तस्करी का काला सच सामने

Patna, Bihar:यह वीडियो बिहार में लड़कियों के किडनैप होने के बाद उनके रेस्क्यू का है. तीन महीने से बिहार से गायब एक लड़की के नेपाल में होने की सूचना के बाद नेपाल पुलिस के जवान लड़की के पिता के साथ जब नेपाल के बीरगंज के रानी घाट मोहल्ले के एक मकान में पहुंचे तो नेपाल पुलिस को देख एक युवती पापा... पापा चिल्लाने लगी. यह युवती पिछले तीन महीने से बिहार से गायब थी और इसके माँ बाप अपनी बेटी की तलाश में थाना दर थाना चक्कर मार रहे थे. यह रेस्क्यू वीडियो को देखकर आपका दिल दहल जाएगा. नेपाल पुलिस के साथ अपने माँ बाप को देख यह युवती दहाड़ मारने लगी .... शायद उसको यह भरोसा नहीं था कि वह कभी अपहर्ता के चंगुल से बचकर निकल पाएगी. लेकिन जब नेपाल पुलिस ने मानवता को ध्यान में रखा तो दो देशो के बीच के कानूनी प्रक्रिया को अलग कर इस युवती की बरामदगी के लिए देर रात छापेमारी कर युवती को रेस्क्यू करने में कामयाब हुई तो युवती के माँ बाप के आंसू छलक गए. मानव तस्करी कर महिलाओं और युवती को बेचने और उनको यौन शोषण के जाल में फसाने की यह हकीकत बिहार की है. बिहार में हर महीने लगभग दस हजार लडकियां और महिलायें गायब हो रही है और इन लड़कियों को तस्करी के लिए एक बड़ा गिरोह पुरे बिहार में सक्रिय है जो लड़कियों को बिहार से बाहर ले जाकर उनका शोषण करता है या बेच देता है. कभी अपने प्रेम जाल में फंसाकर तो कभी नौकरी का लालच देकर मानव तस्कर गिरोह पुरे बिहार में सक्रिय है. अचानक गायब हुई लड़कियों को लेकर माँ बाप के दवाब में पुलिस सक्रिय होती है तो ये लड़कियां बरामद होती है पर महिला तस्करी के बड़े सिंडिकेट पर सटीक कारवाई नहीं हो पाती और महिला तस्करी से जुड़ा गिरोह लड़कियों को गायब करने में लगा रहता है. बिहार से गायब हो रही लड़कियों के पीछे का गिरोह कैसे काम करता है और लड़कियों के गायब होने के पीछे वजह क्या है. गायब हुई लडकियां कहाँ भेजी जाती है और इन लड़कियों को गायब करने के पीछे का तरिका का खुलासा आज आपको zee media बताएगा की आखिर बिहार से हर महीने दस हजार की संख्या में गायब हुई लड़कियों मिलती क्यों नहीं. बिहार से गायब हुई लड़कियों के आंकड़े चौंकाने वाले हैं और जब भी सरकारी आंकडा जारी होता है तो राजनीतिक दल खा करके विपक्ष सरकार को निशाने पर लेता है पर दो चार दिनों के बाद मामला ठन्डे बस्ता में चला जाता है. Ministry of Home Affairs द्वारा लोकसभा में दिए गए जवाब के अनुसार, वर्ष 2017 से 2022 यानी 6 साल में बिहार में 18 वर्ष से कम उम्र की 29,212 लड़कियों के लापता होने के मामले दर्ज किए गए. आज भी बिहार में हर महीने औसतन 10,000 से अधिक महिलाओं और बच्चों की गुमशुदगी की शिकायतें आ रही हैं. पहले आप इन दो लड़कियों को देखिए. यह बिहार के सासाराम के कोचस की 15 वर्षीय लड़की जो 1 जून 2026 को कोचिंग जाते समय लापता हो गयी. दोस्त ने झांसा देकर उसे सासाराम स्टेशन पर अपने जीजा को सौंप दिया. नशा देकर उसे सिकंदराबाद ले जाया गया. बाद में स्टेशन से उसका रेस्क्यू हुआ. वह लड़की FIR दर्ज की उस FIR को पढ़िये. यह साहेबगंज की 19 वर्षीय रूपा है. 9 फ़रवरी 2026 को आधार कार्ड सुधरवाने निकली थी. सहेली के ननिहाल से उसे हैदराबाद पहुंचा दिया गया, जहां पार्किंग में नौकरी के बहाने उसे शादी के लिए बेचने की तैयारी थी. पुलिस ने समय रहते काजीगुड़ा से बचाया. साहेब गंज मोतिहारी के पिपरा की 18 वर्षीय संजना को देखिये जो सहेली से मिले मोबाइल नंबर के झांसे में आकर सिकंदराबाद भाग गयी. वहां उससे 12 घंटे बंधुआ मजदूरी करायी गयी. जबरन शादी की तैयारी थी, पर पुलिस ने उसे बचा लिया. गोपालगंज के महम्मदपुर की 22 वर्षीय रीतु 18 जनवरी 2026 को दवा लेने निकली थी. इसके बाद नहीं लौटी. आरोपी उसे शादी व नौकरी का झांसा देकर कोलकाता ले गया, जहाँ बेचने की तैयारी थी. 15 दिन बाद बरामद हुई. जामो बाजार सीवान की 21 वर्षीय रश्मि (बदला हुआ नाम) 18 जनवरी 2026 को फॉर्म भरने निकली और गायब हो गयी. मानव तस्करी नेटवर्क के जरिये उसे भी हैदराबाद पहुंचाया गया, जहां से पुलिस ने उसे मुक्त कराया. अब आपको मिलवाते हैं लड़कियों को गायब करने वाले सिंडिकेट का करता धरता इसका पति है. कोचस की गायब हुई लड़की इसी महिला के साथ सिकंदराबाद तक गयी और अब यह खुद को निर्दोष और पति पर आरोप लगा रही है. इसके साथ इसके देवर को भी पुलिस ने पकड़ा. खुद को बचने के लिए इसने अपने पति से मोबाइल पर बात भी रिकॉर्ड की ताकि यह बाख सके. पर पुलिस ने इसे हिरासत में लिया ताकि इसके पति जो सिंडिकेट का मेम्बेर है उसे पकड़ा जा सके. अब आपको बताते हैं की लड़कियों को गायब कर किडनैप कर करने वाले गिरोह का काम कैसे होता है. सूत्रों के अनुसार, मानव तस्करी प्रणाली का काम तीन परस्पर जुड़े स्तरों यानी तीन स्टेज पर होता है. FIRST STAGE: पहले सिंडिकेट के लोग लोकल के रूप में कार्य करते हैं और गांवों में आर्थिक रूप से कमजोर लड़कियों की पहचान करते हैं. लड़की की पहचान होते ही गिरोह का मेंबर लड़कियों को दोस्ती, प्रेम संबंधों, विवाह या नौकरी के झांसे में फसानते हैं. जानकारी के मुताबिक़ सिंडिकेट के एजेंट कम समय में लड़कियों को भर्ती करने के लिए दबाव बनाते हैं. लड़कियों का विश्वास जितने के बाद लड़कियों को अपने घर और गांव छोड़ने के लिए तैयार करते हैं. और फिर लड़की को भागने पर मजबूर करते हैं. SECOND STAGE: लड़की जैसे ही अपने गांवों को छोडती है उसके बाद यह गिरोह लड़की को ले जाने वाले ट्रेवल नेटवर्क को सौंप देते हैं. यह गिरोह लड़की को एक पारिवारिक गिरोह के जरिये रेलवे स्टेशन या बस टर्मिनलों से दूसरे स्थान पर ले जाते हैं. इस दौरान कुछ मामले में पीड़ितों को कथित तौर पर नशीली दवा दी जाती है या धमकाया जाता है ताकि वे बात मान लें. इसके बाद उन्हें लंबी दूरी की ट्रेनों और परिवहन के अन्य साधनों के माध्यम से दूर-दराज के शहरों में ले जाया जाता है. THIRD STAGE: यह स्टेज मुख्यतौर पर उन शहरों से संचालित होता है जहाँ लड़कियों को ले जाना है. लड़कियों के पहुँचने के अज्ञात स्थानों पर रखा जाता है, शारीरिक और मानसिक शोषण का शिकार बनाया जाता है और उनकी पहचान छीन ली जाती है. इसके बाद गिरोह लड़कियों को जबरन शादी के लिए बेच देता है या बड़े लोगों के यहाँ घरेलु कामगार के रूप में काम कराने के लिए मजबूर कर देता है. अब आपको आंकड़े बताते हैं. बिहार से इन दिनों मानव तस्करी के द्वारा सालाना 12,000 से 14,000 बच्चे लापता हो रहे हैं. अकेले 2025 में यह संख्या 14,699 तक पहुंच गई. 2023 में 12,299 बच्चों के लापता होने की सूचना मिली थी. इनमें से लगभग 75 प्रतिशत लड़कियां थीं, यानी लापता 4 बच्चों में तीन लड़कियां थीं. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक सिर्फ 2025 में राज्यभर में बच्चों की गुमशुदगी के दर्ज हुए 14699 मामलों में उस साल 6927 बच्चों की बरामदगी संभव नहीं हो सकी थी. 2024-25 के दौरान पुलिस ने 1,970 लड़कियों को बचाया, जबकि 2025-26 के दौरान 1,492 अन्य लड़कियों को बचाया गया. बिहार में सक्रिय तस्करी गिरोहों की संरचना और कार्यप्रणाली को बिहार पुलिस आज भी समझने में फेल है. हालांकि ,बिहार पुलिस ने गुमशुदगी के मामलों में 24 घंटे के अंदर बरामदगी नहीं हो सके पर अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराना अनिवार्य कर दिया. 2013 में यह प्रावधान लागू होने के बाद से गुमशुदगी के आंकड़े चार गुणा तक बढ़ गए. 2013 से पहले गुमशुदगी के सालाना तीन हजार मामले दर्ज होते थे, जो अब बढ़ कर 14 हजार तक हो गए. हालाँकि, आरजेडी के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने मई में दावा किया कि बिहार में पिछले एक महीने के दौरान 8,681 बच्चे लापता हुए, जिनमें अधिकांश लड़कियां थीं. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ गई है, जिससे महिलाएं, बच्चे और आम नागरिक असुरक्षित महसूस कर रहे हैं. सोशल प्लेटफार्म 'X' पर पोस्ट कर कहा, बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति इस हद तक बिगड़ चुकी है कि पिछले एक महीने में राज्य से 8,681 बच्चे लापता हो चुके हैं, जिनमें 85 प्रतिशत लड़कियां हैं.
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