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Jhansi284003

रक्सा समाधान दिवस पर DM-SSP ने जन शिकायतों की सुनी, निस्तारण में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश

Sept 14, 2024 11:42:00
Jhansi, Uttar Pradesh

झांसी में थाना रक्सा पर समाधान दिवस के मौके पर जिलाधिकारी अविनाश कुमार और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुधा सिंह ने जन शिकायतों की सुनवाई की। उन्होंने सरकारी और निजी भूमि पर अवैध कब्जों की शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि जिला प्रशासन संवेदनशील और पारदर्शी सेवा देने के लिए प्रतिबद्ध है और शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सर्वोच्च प्राथमिकता है। शिकायतों के मेरिट के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित करने की बात भी कही गई।

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PKPradeep Kumar
Mar 06, 2026 10:45:40
Sri Ganganagar, Rajasthan:रायसिंहनगर अज्ञात जंगली जानवर के हमले से 10 बकरियों की मौत का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार समेजा कोठी थाना क्षेत्र के 16 पीटीडी ढाणी में देर रात अज्ञात जंगली जानवर ने बकरियों पर हमला कर दिया, जिससे 10 बकरियों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर समेजा कोठी की प्रशिक्षु आरपीएस प्रियंका ने पशु चिकित्सालय व प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क किया। सूचना के बाद संबंधित विभागों को मौके पर भेजा गया। वन विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की जांच में जुट गए हैं। फिलहाल यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि हमला किस जंगली जानवर ने किया। वहीं बकरियों की मौत से पशुपालक को काफी आर्थिक नुकसान हुआ है।
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KJKamran Jalili
Mar 06, 2026 10:45:23
Ranchi, Jharkhand:केंद्र सरकार देश को नक्सली मुक्त बनाने की दिशा में लगातार अभियान चला रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने केंद्र सरकार के निर्धारित समय सीमा के अंदर नक्सल मुक्त अभियान को पूरा करने पर जोर दिया है। वर्ष 2026 मार्च 31 तक नक्सली मुक्त देश बनाने का टारगेट नक्सल प्रभावित राज्यों को दिया है। ऐसे में नक्सल प्रभावित राज्यों में शामिल झारखंड किस रणनीति के तहत काम कर रहा है देखिए इस खास रिपोर्ट में। यह दिखता है कि 2025 और 2026 में झारखंड पुलिस नक्सल फ्रंट पर बेहद कामयाब रहा है। अब तक 34 से ज्यादा नक्सलियो को एनकाउण्टर में मार गिराया गया है और पिछले चार सालों में बूढ़ा पहाड़, लुगु पहाड़ी, पारसनाथ और बुलबुल जैसे घोर नक्सल प्रभावित इलाके से नक्सलियों को खदेड़ दिया गया। साल 2025 में झारखंड पुलिस के जवानों ने साहस दिखाते हुए 370 नक्सलियो को सलाखों के पीछे पहुचाया जबकि 34 को इनकाउंटर में मार गिराया, वही पुलिस के अभियान से घबराकर 30 नक्सलियो ने हथियार डाल दिए। वर्ष 2000 से 2017 तक नक्सलियों ने कई बड़ी वारदातों को अंजाम दिया है। वर्ष 2018 के बाद वर्ष 2026 तक झारखंड पुलिस ने नक्सलियों के सभी बड़े ठिकानों को ध्वस्त किया हैं। झारखंड ऐसा राज्य है जहां 25 सालों में 10 हजार 592 ज्यादा नक्सलियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया गया। यहां एक करोड़ का इनामी नक्सलियो के एनकाउंटर भी हुए और गिरफ्तारी भी हुई। 25 वर्षों में 562 जवानों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया, जिसमें राज्य और केंद्रीय बलों के जवान शामिल रहे। राज्य में 25 सालों में 1925 आम नागरिक भी नक्सल हिंसा में अपनी जान गवां चुके है। भारत सरकार ने 31 मार्च 2026 तक देश को नक्सल मुक्त बनाने का समय निर्धारित किया है। इसको लेकर बीते फरवरी महीने में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ में एक हाई लेवल मीटिंग भी की थी जिसमें नक्सल प्रभावित पांच राज्यों के डीजीपी मौजूद थे। झारखंड के डीजीपी भी इस बैठक में शामिल हुए थे। निर्धारित समय सीमा के अंदर झारखंड पुलिस राज्य को नक्सली मुक्त करने में लगी हुई है। झारखंड पुलिस का दावा है कि राज्य में महज कुछ नक्सली ही अपना वजूद बचाने में लगे हुए हैं उनका खत्मा करते हुए राज्य नक्सल मुक्त होगा।
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RKRANJEET Kumar OJHA
Mar 06, 2026 10:39:41
Jamshedpur, Jharkhand:जमशेदपुर हाई कोर्ट के आदेश के बाद जिला प्रशासन एक्शन मोड में आ गया। शहर के कई जगहों से अभी तक अतिक्रमण हटाया जा चुका है; आज प्रशासन का बुलडोजर टेल्को थाना क्षेत्र के जेम्को मोड़ पर गरजा है, साथ ही वहां अतिक्रमण किए गए कई दुकान जमीनदोज किए गए हैं। अतिक्रमण विरोध को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी; पुलिस बल के साथ जेम्को मोड़ को अतिक्रमण मुक्त करवाया गया। वहीं कई बार इस अतिक्रमण का विरोध बीजेपी नेताओं द्वारा किया गया, मगर हाई कोर्ट के आदेश के बाद सभी विरोधी पीछे हट गए, और जिला प्रशासन ने जेम्को को अतिक्रमण मुक्त कर दिया। वहीं अतिक्रमण करियों ने कहा कि बहुत पहले नोटिस दिया गया था, मगर आज अचानक आकर करवाई कर दी गई; अगर पहले बताया जाता तो अपने सामान हटा लेते। वहीं अधिकारी ने कहा कि इन लोगों को कोर्ट के आदेश के बाद ही नोटिस भेजा गया था; सभी लोगों ने जगह खाली नहीं किया जिसको लेकर अतिक्रमण अभियान आज चलाया गया है।
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ANAbhishek Nirla
Mar 06, 2026 10:39:28
Jamui, Bihar:जमुई: जिले में सरकारी भूमि के अवैध नामांतरण के मामले में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की तैयारी की है। जांच समिति की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि नामांतरण वाद के जरिए लगभग 100 मामलों में सरकारी (गैरमजरुआ) भूमि का अवैध नामांतरण कर दिया गया। इस मामले में 07 अंचल अधिकारी, 08 राजस्व अधिकारी और करीब 15 राजस्व कर्मचारी प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुछ दिनों से यह शिकायत मिल रही थी कि झाझा अंचल कार्यालय में सुनियोजित तरीके से सरकारी जमीन का नामांतरण किया जा रहा है। शिकायतों के आधार पर समाहर्ता, जमुई के निर्देश पर एक जांच समिति का गठन किया गया। समिति में अपर समाहर्ता (विभागीय जांच), अपर समाहर्ता, जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला पंचायत राज पदाधिकारी तथा उप समाहर्ता भूमि सुधार को सदस्य बनाया गया। 27 फरवरी 2026 को जांच समिति ने झाझा अंचल कार्यालय में गैरमजरुआ भूमि से संबंधित दाखिल-खारिज अभिलेखों और नामांतरण वादों की गहन जांच की। जांच में पाया गया कि कई मामलों में यह जानते हुए भी कि जमीन सरकारी है, नामांतरण वाद की स्वीकृति दे दी गई। कुछ मामलों में पहले यह कहकर वाद अस्वीकृत किया गया कि जमीन सरकारी है, लेकिन बाद में उसी खाता की भूमि विभिन्न रैयतों के पक्ष में नामांतरण कर दी गई। जांच में यह भी सामने आया कि क्रेता और विक्रेता द्वारा गैरमजरुआ खाते की विवरणी में हेराफेरी कर सरकारी भूमि का नामांतरण कराया गया। ऐसे मामलों में संबंधित लोगों के खिलाफ अभिलेखों में फर्जीवाड़ा और धोखाधड़ी के आरोप में प्राथमिकी दर्ज करने की अनुशंसा की गई है। समिति ने पूर्व अंचल अधिकारी समेत तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की अनुशंसा की है, जबकि अन्य संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई और स्पष्टीकरण की सिफारिश की गई है। इसके साथ ही जांच समिति ने इन सभी नामांतरण वादों की जमाबंदी रद्द करने की अनुशंसा की है। साथ ही यह भी सुझाव दिया गया है कि जिले के सभी अंचल कार्यालयों में उपलब्ध गैरमजरुआ भूमि का पूरा विवरण ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक लगाई जा सके। (प्रेस विज्ञप्ति)
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MKMukesh Kumar
Mar 06, 2026 10:39:08
Jehanabad, Bihar:बिहार की राजनीति में मचे घमासान के बीच जहानाबाद से बड़ी खबर सामने आ रही है। जहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चा से नाराज जदयू कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा है। आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने शहर स्थित जदयू जिला कार्यालय में जमकर उत्पात मचाया और तोड़फोड़ की। दरअसल जैसे ही नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की खबरें कार्यकर्ताओं तक पहुँचीं, तो जदयू कार्यकर्ता पार्टी दफ्तर में जमा हो गए। यहां कार्यकर्ताओं ने अपना विरोध जताते हुए कार्यालय के भीतर रखी दर्जनों कुर्सियों को तोड़ डाला और फर्नीचर को इधर-उधर फेंक दिया। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि कार्यालय में मौजूद अन्य लोग मूकदर्शक बने रहे। हंगामा कर रहे कार्यकर्ताओं का गुस्सा सिर्फ अपनी पार्टी के फैसले तक सीमित नहीं रहा। कार्यकर्ताओं ने इस पूरी स्थिति के लिए अपने ही पार्टी के नेता अशोक चौधरी, संजय झा और संजय सिंह को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने इसे पार्टी और राज्य की राजनीति के लिए चिंताजनक जताते हुए कहा कि जदयू के जयचंद अशोक चौधरी संजय सिंह, संजय झा जैसे लोगों ने मुख्यमंत्री के पास रहकर भाजपा के लिए काम किया और साजिश के तहत राज्यसभा के लिए नामांकन कराया है, जो कार्यकर्ता एवं बिहार के हित में नहीं है। कार्यकर्ताओं का कहना था कि वर्तमान समय में बिहार के विकास और राजनीतिक स्थिरता के लिए नीतीश कुमार का राज्य की सक्रिय राजनीति में बने रहना जरूरी है। उनका मानना है कि लंबे समय से उनके नेतृत्व में ही राज्य में कई महत्वपूर्ण विकास कार्य हुए हैं। ऐसे में उनका राज्यसभा जाने का फैसला कार्यकर्ताओं और समर्थकों के लिए अप्रत्याशित और निराशाजनक माना जा रहा है। पार्टी से जुड़े कई कार्यकर्ताओं ने कहा कि चुनाव के दौरान उन्होंने जनता के बीच यह संदेश दिया था कि आने वाले वर्षों में भी नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार विकास के रास्ते पर आगे बढ़ेगा। कार्यकर्ताओं ने साफ तौर पर कहा कि मुख्यमंत्री को अपना निर्णय हर हाल में बदलना होगा। नहीं तो निशांत कुमार को बिहार के मुख्यमंत्री बनाने की घोषणा करें, अन्यथा जदयू कार्यकर्ता चुप नहीं बैठेंगे और इस मुद्दे पर पटना में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस घटना ने जिले के साथ-साथ प्रदेश की राजनीति में भी हलचल तेज कर दी है। कार्यकर्ताओं के इस उग्र रूप ने साफ कर दिया है कि जमीनी स्तर पर नीतीश कुमार के नेतृत्व को लेकर भावनाएं काफी प्रबल हैं। फिलहाल मौके पर तनाव का माहौल बना हुआ है।
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NMNitesh Mishra
Mar 06, 2026 10:38:38
Dhanbad, Jharkhand:धनबाद में रक्तदान महादान की सोच को आगे बढ़ाते हुए सीआरपीएफ की 154वीं बटालियन द्वारा अपने 87वें स्थापना दिवस के अवसर पर रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम धनबाद के प्रधान घंटा कैंप में आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में सीआरपीएफ के जवानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। वही मौके पर धनबाद के ग्रामीण एसपी कपिल चौधरी और सीआरपीएफ के कमांडेंट सुनील दत्त त्रिपाठी सहित कई अधिकारी और जवान मौजूद रहे। शिविर के दौरान सीआरपीएफ जवानों द्वारा करीब 35 यूनिट रक्त संग्रह किया गया। सीआरपीएफ के कमांडेंट सुनील दत्त त्रिपाठी ने कहा कि रक्तदान महादान है और इसी सोच के साथ जवानों ने रक्तदान किया है। उन्होंने कहा कि इस रक्त से घायल जवानों के साथ-साथ आम लोगों की भी जान बचाई जा सकेगी। वहीं ग्रामीण एसपी कपिल चौधरी ने कहा कि रक्तदान एक पुनीत कार्य है और हर स्वस्थ व्यक्ति को समय-समय पर रक्तदान करना चाहिए, ताकि जरूरतमंद लोगों की मदद हो सके。
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PCPranay Chakraborty
Mar 06, 2026 10:38:18
Noida, Uttar Pradesh:बून्दी सीएमएचओ डॉ. ओ.पी. सामर ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर रजत गृह का किया औचक निरीक्षण, पर्ची व्यवस्था सुधारने के दिए निर्देश एंकर।बूंदी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ओ.पी. सामर ने शुक्रवार को आयुष्मान आरोग्य मंदिर रजत गृह का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने ओपीडी पंजीयन काउंटर पर पर्चियों की ऑडिट करते हुए व्यवस्थाओं की समीक्षा की तथा चिकित्सा अधिकारी डॉ. विकास पांडे को पर्ची काउंटर पर सुचारू व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए, ताकि मरीजों को पर्ची बनवाने में किसी प्रकार की परेशानी न हो। निरीक्षण के दौरान सीएमएचओ ने ओपीडी व्यवस्था, दवा वितरण कक्ष, रिकॉर्ड संधारण, साफ-सफाई तथा मरीजों के लिए उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं की भी जांच की। उन्होंने अस्पताल में उपचार के लिए आए रोगियों एवं उनके परिजनों से बातचीत कर उन्हें मिल रही स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में फीडबैक लिया तथा आवश्यक सुधार के लिए संबंधित कार्मिकों को निर्देशित किया।
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MTManish Thakur
Mar 06, 2026 10:37:59
Kullu, Himachal Pradesh:हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटिड द्वारा चलाया जा रहा स्मार्ट मीटरिंग का अभियान नियमों को ताक पर रख कर जोर जबरदस्ती चलाया जा रहा है और बोर्ड के उच्च अधिकारियों द्वारा बताए जा रहे स्मार्ट मीटरिंग के फायदे वास्तविकता से हटकर तथ्यों के विपरीत है। वही स्मार्ट मीटर के विरोध में जिला कुल्लू का मुख्यालय ढालपुर में सैकड़ो महिलाओं ने धरना प्रदर्शन किया और सरकार के इस फैसले का विरोध जताया। महिलाओं को संबोधित करते हुए विद्युत बोर्ड पेंशनर्स फोरम के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष कुलदीप सिंह खरवाड़ा ने कहा कि प्रस्तावित बिजली कानून 2025 के प्रावधानों के चलते विद्युत वितरण क्षेत्र में आने वाले काॅरपोरेट कम्पनियों को लाभ पहुंचाने के लिए सुविधा प्रदान की जा रही है। ताकि निजी कॉरपोरेट कंपनियां अपने डाटा सेंटर में बैठ कर के खरीदी व बेची गई बिजली का हिसाब-किताब कर सकें। लेकिन बिजली बोर्ड के अधिकारी यह नहीं बता रहे हैं कि स्मार्ट मीटरिंग कॉरपोरेट घरानों की जरूरत है न कि आम बिजली उपभोक्ताओं की। उन्होंने कहा कि बोर्ड के अधिकारी यह भी नहीं बता रहे हैं कि बिजली मीटर की वसूली भी किस्तों में नौ साल में बिजली उपभोक्ताओं की जेब से ही की जाएगी। लेकिन फायदा काॅरपोरेट कम्पनियों को ही होगा। हिमाचल प्रदेश के लिए केन्द्र सरकार द्वारा आरडीएसएस योजना लगभग 1800 करोड़ रुपए की स्वीकृत की गई है। जबकि प्रदेश में लगभग 26 लाख उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर्स लगवाने के लिए लगभग 2500 करोड़ रुपए के टैंडर अवॉर्ड किए गए हैं। जबकि प्रदेश में लगभग 13 लाख बिजली उपभोक्ताओं की बिजली खप्त 125 यूनिट से कम होने के चलते बिजली बिल जीरो है। ऐसे में घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को लगभग 9 से 10 हजार रुपए कीमत का स्मार्ट मीटर लगाए जाने का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने कहा कि इन स्मार्ट मीटर से लगभग 1500 आउटसोर्स कर्मचारियों का रोजगार छीनेगा। साथ ही विद्युत उप-मण्डलों में कार्यरत नियमित कर्मचारी भी सरप्लस होंगे। खरवाड़ा ने कहा कि इलेक्ट्राॅनिक मीटर भी डिजिटल मीटर ही है जो कि बिजली उपभोक्ता व विद्युत बोर्ड लिमिटिड की जरूरत को पूरा कर रहा है। पूरे प्रदेश में जहां सैंकड़ों करोड़ रुपए की लागत से इलेक्ट्राॅनिक मीटर लगाए गए हैं। वहीं बिजली ट्रासफार्मर्स पर भी ट्राई वेक्टर मीटर लगाए गए हैं। जो की अच्छा काम कर रहे हैं और अच्छा भला काम कर रहे हैं । इन सैंकड़ों करोड़ रुपए के मीटरों को कबाड़ में फेंका जा रहा है जोकि जनता व बिजली बोर्ड लिमिटिड के पैसे की सरेआम बर्बादी है। विद्युत बोर्ड लिमिटिड को बड़ी तीव्रता के साथ निजी कम्पनियों को सौंपने के रास्ते पर आगे बढ़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज जो बिजली बोर्ड के अधिकारी स्मार्ट मीटर के फायदे बता रहे हैं। उनको इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि आप आज मीटर लगाना, मीटर बदलना, उपभोक्ता की बिजली काटना व जोड़ना, बिजली वितरण, बिजली बिल वितरण व राजस्व उगाही जैसे सभी काम निजी कम्पनियों के पास जा रहे हैं। जिसके चलते आने वाले समय में जहां विद्युत उप-मण्डलों व अनुभागों को बंद करने की नौबत आएगी। वहीं कर्मचारियों व अधिकारियों का भविष्य भी अधर में लटकेगा। बाइट - कुलदीप सिंह खरवाड़ा प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष विद्युत बोर्ड पेंशनर्स फोरम
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KKKRISNDEV KUMAR
Mar 06, 2026 10:36:46
Noida, Uttar Pradesh:उत्तर प्रदेश पुलिस को होंडा इंडिया फाउंडेशन देगा 50 वाहन शुक्रवार को 50 क्यूआरटी वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश पुलिस और होंडा इंडिया फाउंडेशन के तत्वावधान में होगा आयोजन लखनऊ, 5 मार्च। होंडा इंडिया फाउंडेशन उत्तर प्रदेश पुलिस को 50 वाहन देगा। फाउंडेशन अपने सीएसआर फंड से ये वाहन उपलब्ध कराएगा। इन 50 क्यूआरटी (क्विक रिस्पॉंस टीम) दोपहिया वाहनों को शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। यह आयोजन उत्तर प्रदेश पुलिस और होंडा इंडिया फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में होगा। इस दौरान पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण भी मौजूद रहेंगे।
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VKVINOD KANDPAL
Mar 06, 2026 10:36:35
Haldwani, Uttarakhand:हल्द्वानी शहर के 33 वार्डों को जल्द ही ट्यूबवेल पर आधारित पेयजल सप्लाई से राहत मिल सकती है, करीब 154 करोड़ की लागत से हल्द्वानी में पेयजल निगम 2 नए फिल्टर प्लांट बनने जा रहे हैं जिनका काम शुरू कर दिया गया है, पूरी खबर देखिए. केंद्र सरकार के SPA कार्यक्रम के swaकृत पेयजल पुनर्गठन के तहत हल्द्वानी 2 नए फिल्टर प्लांट बनाये जा रहे हैं, एक नया फिल्टर प्लांट शीतलाहाट में बनेगा जबकि दूसरा फिल्टर प्लांट काठगोदाम में 2 पुराने फिल्टर प्लांट को तोड़कर बनाया जायेगा. इस योजना से हल्द्वानी शहर को 2 मुख्य फायदे होने वाले हैं: 1) 30 से 40 साल पुरानी पेयजल लाइन को बदला जायेगा जिससे लीकेज की समस्या खत्म हो जायेगी; 2) पेयजल के लिये ट्यूबवेल पर निर्भरता खत्म हो जायेगी और पेयजल सप्लाई में दिक्क़त नहीं आयेगी. इस योजना का शिलान्यास 28 फरवरी को मुख्यमंत्री ने हल्द्वानी दौरे के दौरान कर दिया है. इस प्रोजेक्ट के तहत सभी पेयजल टैंको को 2 वैकल्पिक सोर्स दिये जा रहे हैं, हर टैंक ट्यूबवेल और गौला नदी से होने वाली पेयजल सप्लाई से जुड़ेगा, इसका फायदा ये होगा की यदि ट्यूबवेल ख़राब भी हो गया तो गौला से पेयजल सप्लाई सुचारु रहेगी. हल्द्वानी में हर साल भूजल स्तर गिर रहा है जो चिंता का विषय है, 154 करोड़ की लागत से बनने वाले 2 फिल्टर प्लांटो के जरिये कोशिश यही की जा रही है की हल्द्वानी की पेयजल निर्भरता ट्यूबवेल से खत्म हो और हल्द्वानी की जनता को पेयजल संकट से निजात मिले.
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NJNEENA JAIN
Mar 06, 2026 10:36:08
Saharanpur, Uttar Pradesh:यूजीसी के खिलाफ सवर्ण समाज की यात्रा सहारनपुर पहुंची, 8 मार्च को दिल्ली में बड़े आंदोलन की चेतावनी। यूजीसी के खिलाफ सवर्ण समाज की निकाली जा रही विरोध यात्रा उत्तराखंड से होते हुए उत्तर प्रदेश के सहारनपुर पहुंची। इस दौरान सवर्ण समाज और करणी सेना से जुड़े लोगों ने सरकार के खिलाफ नाराजगी जताते हुए 8 मार्च को दिल्ली में बड़े आंदोलन की घोषणा की है। सहारनपुर पहुंची इस यात्रा का विभिन्न स्थानों पर स्वागत भी किया गया। यात्रा में शामिल लोगों का कहना है कि यूजीसी से जुड़े कुछ फैसलों को लेकर सवर्ण समाज में लगातार असंतोष बढ़ रहा है और अब इसे लेकर देशभर में आवाज उठाई जा रही है। इस मौके पर करणी सेना संघ के अध्यक्ष नीरज चौहान ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सवर्ण समाज की मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया तो आने वाले समय में आंदोलन और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह यात्रा उत्तराखंड से शुरू होकर उत्तर प्रदेश के सहारनपुर पहुंची है और यहां से हरियाणा होते हुए दिल्ली जाएगी। नीरज चौहान ने कहा कि 8 मार्च को दिल्ली में बड़ा आंदोलन किया जाएगा, जिसमें देशभर से सवर्ण समाज के लोग बड़ी संख्या में शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार को समाज की समस्याओं और अधिकारों पर ध्यान देना होगा, इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर भी नाराजगी जताते हुए कहा कि सवर्ण समाज को उसका हक मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने समय रहते मांगों पर विचार नहीं किया तो सवर्ण समाज अपने अधिकारों के लिए बड़ा संघर्ष करने को मजबूर होगा। यात्रा में शामिल लोगों ने कहा कि उनका उद्देश्य शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाना है। वहीं यात्रा के सहारनपुर पहुंचने के दौरान पुलिस और प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क नजर आया। बताया जा रहा है कि यह यात्रा अब उत्तर प्रदेश से आगे बढ़ते हुए हरियाणा के रास्ते दिल्ली पहुंचेगी, जहां 8 मार्च को प्रस्तावित बड़े आंदोलन की तैयारी की जा रही है।
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RKRakesh Kumar Bhardwaj
Mar 06, 2026 10:35:40
Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। सिक्किम के राज्यपाल ओमप्रकाश माथुर को जोधपुर पहुंचे। उनके जोधपुर एयरपोर्ट पहुंचने पर भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं से जोरदार स्वागत किया। राज्यपाल माथुर के स्वागत के लिए बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता एयरपोर्ट पर मौजूद रहे और उनका अभिनंदन किया। एयरपोर्ट से निकलने के बाद राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर सीधे शहर में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए रवाना हो गए। उनके दौरे को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं में उत्साह देखने को मिला। निर्धारित कार्यक्रमों के अनुसार जोधपुर में विभिन्न आयोजनों में भाग लेने के बाद राज्यपाल माथुर पाली के लिए रवाना होंगे। वहां वे कई कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे। जानकारी के अनुसार राज्यपाल का रात्रि विश्राम भी पाली में ही निर्धारित किया गया है। उनके दौरे को लेकर स्थानीय प्रशासन और पार्टी संगठन ने तैयारियां की हुई हैं।
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VSVishnu Sharma1
Mar 06, 2026 10:35:25
Jaipur, Rajasthan:सदन में राजस्थान विक्षुब्ध क्षेत्रों में स्थावर संपत्ति के अंतरण का प्रतिषेध और परिसरों से किरायेदारों को बेदखली से संरक्षण के लिए उपबंध विधेयक, 2026 पर चर्चा शुरू हुई। इस दौरान PCC चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने बिल का विरोध करते हुए सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। डोटासरा ने कहा कि यह उनके समझ से परे है कि इस बिल की आवश्यकता क्यों पड़ी। राजस्थान बहुत शांतिप्रिय है और इस तरह की स्थिति यहां नहीं है। उन्होंने कहा कि यह बिल केवल इसलिए लाया गया है क्योंकि गुजरात में ऐसा बिल है। संविधान से जो अधिकार मिले हैं, उन पर सरकार का नियंत्रण करना एक षड्यंत्र है और शांत क्षेत्र को अशांत करने की कोशिश है। डोटासरा ने कहा कि सरकार को अपनी मंशा स्पष्ट करनी चाहिए। इस बिल से भ्रष्टाचार के दरवाजे खुलेंगे और विशेष समुदाय को टारगेट करके अशांति फैलाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस बिल के जरिए संवैधानिक अधिकारों को चुनौती दी गई है और यह निर्णय दिल्ली से आई पर्ची के आधार पर लिया गया है। उन्होंने कहा कि इस बिल से संपत्ति के अधिकार को खत्म किया जा रहा है और सरकार अपने विवेक से किसी भी क्षेत्र को अशांत घोषित कर सकती है। इससे इंस्पेक्टर राज को बढ़ावा मिलेगा और संपत्ति के मालिकों का शोषण होगा, जिससे भ्रष्टाचार बढ़ेगा। डोटासरा ने आरोप लगाया कि सरकार विशेष समुदाय की घेराबंदी करना चाहती है और गंगा-जमुना तहजीब को खत्म करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि डिस्टर्ब एरिया घोषित होने से रिश्ते तार-तार होंगे और लोग एक-दूसरे को शक की नजर से देखेंगे। उन्होंने कहा कि जाति और सांप्रদायिक वर्गीकरण का काम सरकार को नहीं करना चाहिए। जब पहले से कानून मौजूद है तो डिस्टर्ब एरिया बिल लाने की क्या जरूरत है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो मंत्री डिस्टर्ब हैं, उन्हें भी हटाना चाहिए। डोटासरा ने कहा कि गुजरात से पर्ची आने के कारण यह कदम उठाया गया है, जबकि राजस्थान में अशांति जैसी कोई स्थिति नहीं है। उन्होंने कहा कि 2028 में कांग्रेस की सरकार आने पर इस बिल को खत्म कर देगे。
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