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Amir SohailAmir SohailFollow10 Sept 2024, 02:09 am
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पट्टा नहीं मिलने पर ग्रामीण ने रैली कर चुनाव बहिष्कार की चेतावनी दी

Kota, Rajasthan:पट्टे की मांग को लेकर ग्रामीणों ने गांव में निकाली रैली, बोले- जल्द समाधान नहीं तो चुनाव का करेंगे बहिष्कार सुल्तानपुर। जालिमपुरा ग्राम पंचायत के बगतरी गांव में आवासीय पट्टे जारी करने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने मंगलवार को गांव में रैली निकालकर विरोध जताया। ग्रामीण हाथों में पोस्टर लेकर मुख्य रास्तों से होते हुए गांव में पहुंचे और लंबे समय से लंबित पट्टा प्रक्रिया शुरू करने की मांग की। ग्रामीणों दुर्गाशंकर सुमन ने बताया कि वे ग्रामीणों की साथ मिलकर पिछले करीब दो साल से अपने आवासीय भूखंडों के पट्टे बनवाने के लिए ग्राम पंचायत से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों तक गुहार लगा रहे हैं, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है। ग्रामीणों ने कहा कि जनसुनवाई में कई बार शिकायतें देने के बावजूद पट्टे जारी करने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी। ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत स्तर से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों और जिला स्तर तक शिकायतें पहुंचाई जा चुकी हैं। इसके बावजूद कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी है। रैली के दौरान ग्रामीणों ने ‘रोड नहीं तो वोट नहीं’ के साथ पट्टे जारी करने की मांग को लेकर भी विरोध दर्ज कराया। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले में शीघ्र कार्रवाई कर आवासीय पट्टे जारी करवाने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी कि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आगामी पंचायत चुनाव में मतदान के बहिष्कार का निर्णय लिया जा सकता है।
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हरियाणा GST में 5 महीने में 29% बढ़ोतरी, 2047 तक विकास लक्ष्य तेज

Chandigarh, Chandigarh:चंडीगढ़ हरियाणा के कर ढांचे को मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन। मुख्य वक्ता के तौर पर मुख्यमंत्री नायब सैनी ने की शिरकत स्वर्ण जयंती हरियाणा वित्तीय प्रबंधन संस्थान पंचकूला की तरफ से कार्यक्रम का किया गया आयोजन देश के जाने-माने आर्थिक विशेषज्ञों ने की शिरकत। हरियाणा के कर ढांचे को मजबूत करने के लिए रखे विचार। सेमिनार में वक्तव्य देने के बाद मुख्यमंत्री नायब सैनी का बयान। हरियाणा को आर्थिक ताकत बनाने के लिए संसाधन बढ़ाने होंगे। विकसित हरियाणा 2047, प्रधानमंत्री के विकसित भारत 2047 से जुड़ा है。 हरियाणा ने 2030 तक प्रदेश का GSDP को 10 % बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। वही 2047 तक GSDP को बढ़ाकर कर 15% किया जाएगा हरियाणा की वित्तीय प्रबंधन को मजबूत करने के लिए कर की दरों का बढाया नहीं जाएगा। बल्कि पहले से मौजूद व्यवस्था को बेहतर किया जाएगा कर नियमों का सरलीकरण किया जाएगा। कर का दायरा व्यापक बनाया जाएगा कर आय बढ़ाने के लिए तकनीक का इस्तेमाल, आर्थिक आंकड़ों का विश्लेषण जैसे तरीके अपनाये जायेंगे。 आबकारी एवं कराधान,उद्योग, शहरी निकाय विभाग आदि विभागों को आपसी तालमेल से काम करने के निर्देश जारी किए गए हैं चालू वित्त वर्ष के पहले 5 महीनों में हरियाणा के GST संग्रहण में 29%की बढ़ोतरी दर्ज की है। चालू वित्त वर्ष के पहले पांच महीने में GST संग्रहण 24,662 करोड़ हुआ है। जो पिछले साल इसी अवधि में 19,174 करोड था。 आज हरियाणा की GST संग्रहण देश में सबसे ज्यादा है। राजस्व बढ़ाने के लिए सरकार ने कई स्कीम शुरू की है。 करदाताओं के लिए वन टाइम सेटलमेंट स्कीम, प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन 2.0, ऑटो म्यूटेशन आधी शामिल है। सोनीपत के गन्नौर में अंतर्राष्ट्रीय बागवानी मंडी का निर्माण कार्य जारी। गुरुग्राम का AI हब के तौर पर विकसित किया जा रहा है। पानीपत सोनीपत मैन्युफैक्चरिंग कोरीडोर का काम जारी। हिसार में एविएशन सेक्टर को स्थापित किया जायेगा। सेमिनार में आये विशेषज्ञों के सुझावों को जमीन पर उतारने की कोशिश की जाएगी कर संग्रहण की कमियों को दूर किया जायेगा। जितना ज्यादा कर संग्रहण होगा, हरियाणा उतना ही मजबूत होगा।
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पट्टी कोतवाली में युवक की मौत पर मोती सिंह ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

Arvind TiwariArvind TiwariFollow2m ago
Patti, Uttar Pradesh:बोले- निश्चित रूप से पुलिस ने की हत्या, एफआईआर में पीड़ित परिवार को शामिल करना दूसरा अपराध; पोस्टमार्टम रिपोर्ट का दिया हवाला प्रतापगढ़। पट्टी कोतवाली परिसर में युवक की मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। घटना को लेकर परिजनों के आरोप, प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई और अब पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं पूर्व विधायक राजेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मोती सिंह के बयान के बाद मामले में पुलिस की भूमिका को लेकर सवाल और गहरा गए हैं। मोती सिंह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर पट्टी पुलिस पर सीधे गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने लिखा कि “निश्चित रूप से पट्टी पुलिस ने हत्या की है।” उन्होंने आरोप लगाया कि पीड़ित दुबे परिवार को एफआईआर में शामिल करना पट्टी पुलिस द्वारा किया गया दूसरा अपराध है। साथ ही एफआईआर पर हस्ताक्षर करने वाले थाना प्रभारी को मुख्य आरोपी बताते हुए चौकी प्रभारी कमलेश यादव समेत अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए। पूर्व मंत्री ने अपने बयान में पोस्टमार्टम रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि उसमें मृत्यु के बाद युवक को फंदे पर लटकाए जाने की बात अंकित है। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के इस कथित निष्कर्ष की आधिकारिक प्रति और उसमें दर्ज चिकित्सकीय निष्कर्ष सामने आने के बाद ही इसकी पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। कोतवाली परिसर में हुई थी युवक की मौत घटना के बाद से ही युवक की मौत को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। पुलिस की शुरुआती जानकारी में युवक के फंदे पर लटकने की बात कही गई थी, जबकि परिजनों ने पुलिस पर मारपीट कर हत्या करने का आरोप लगाया। इसके बाद मामले ने राजनीतिक और सामाजिक रूप भी ले लिया। प्रशासन ने भी की कार्रवाई मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग की ओर से कार्रवाई की गई है। थाना प्रभारी और विवेचना से जुड़े पुलिसकर्मी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई किए जाने की जानकारी सामने आई है। वहीं, प्रशासन की ओर से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की बात कही गई है। पोस्टमार्टम और जांच रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई, मौत से पहले उसके साथ क्या हुआ और मृत्यु के बाद शव को फंदे पर लटकाए जाने के आरोप में कितनी सच्चाई है, यह जांच का प्रमुख बिंदु है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल की जांच, सीसीटीवी फुटेज, कोतवाली में मौजूद पुलिसकर्मियों के बयान और अन्य साक्ष्यों से घटना की वास्तविक स्थिति सामने आने की उम्मीद है। पूर्व कैबिनेट मंत्री ने अपने बयान में एसपी प्रतापगढ़ को न्यायप्रिय बताते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की उम्मीद जताई है। फिलहाल मामले में लगाए जा रहे आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने और आधिकारिक रिपोर्ट सामने आने के बाद ही हो सकेगी। मुख्यमंत्री से मुलाकात कर उच्च स्तरीय जांच की कही बात कोतवाली परिसर में हुए घटनाक्रम को लेकर पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मोती सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर उच्च स्तरीय जांच कराई जाने की बात कही है।
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सातारा दुष्काल में सोयाबीन जलकर राख, किसान मुश्किल में; पानी के लिए सरकार से मदद की उम्मीद

Satara, Maharashtra:सातारा - राज्याचा विजेचा आणि सिंचनाचा प्रश्न मिटावा यासाठी ज्या शेतकऱ्यांनी आपल्या जमिनी दिल्या त्याच कोयना धरणाच्या पुनर्वसित गावांची या दुष्काळामुळे भीषण परिस्थिती निर्माण झाली आहे. कोरेगाव तालुक्यातील दरेगावात पुनर्वसित झालेल्या रावजी शिंदे आणि त्यांच्या पत्नी बेबी शिंदे यांनी तुटपुंज्या शेतीमध्ये सोयाबीनचे पीक घेतलं होतं. हे सर्व पीक आता पावसाअभावी जळून गेला आहे. ज्या शेंगा या सोयाबीनला लागल्या आहेत त्यामध्ये सोयाबीन मध्ये बी नाही तर अनेक शेंगा कुजलेल्या आहे. एकूणच या तालुक्यातील सोयाबीन आणि घेवडा या دوन्ही पिकांचे मोठे नुकसान झाले आहे. या पुनर्वसित गावाला पावसावरच अवलंबून रहावे लागत आहे. ज्या लोकांनी राज्याला पाणी मिळावे म्हणून आपल्या जमिनीचा त्याग केला त्याच शेतकऱ्यांना आपली पिके पाण्या अभावी जळताना पहावी लागत आहे त्यामुळे अक्षरशः या नुकसानी मुळे शेतकरी रावजी शिंदे यांच्या डोळ्यात पाणी आले. 18 गुंठे क्षेत्रात त्यांनी सोयाबीन केले होते मात्र ते सर्व पीक जळून गेले आहे. राज्य सरकारने या गोष्टीकडे लक्ष देण्याची मागणी त्यांनी केली आहे.
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सोलापुर-मराठवाडा में पानी संकट: घाटणे बैरेज से तुळजापुर पानी पर किसानों का विरोध

Solapur, Maharashtra:सोलापूर ब्रेकिंग - सोलापुरातून मराठवाल्याला पाणी सोडण्यावरून शेतकरी आक्रमक, घाटणे बॅरेज प्रकरणामुळे सोलापूर - मराठवाडा पेटणार संघर्ष ? - पाणी प्रश्नावरून सोलापूर मराठवाड्यात पेटणार नवा संघर्ष? - मोहोळ तालुक्यातील घाटणे बॅरेजमधून तुळजापूरला पाणी सोडण्यास स्थानिक शेतकऱ्यांचा कडाडून विरोध - रक्ताचे पाट वाहिले तरी चालतील पण तुळजापूरला पाणी सोडू देणार नाही - 5 ऑक्टोबरला पाणी चाचणी केली तर घाटणे बॅरेज वर शेतकरी करणार आंदोलन शेतकरी --------------------------------------------------- शेतकऱ्यांच्या प्रमुख मागण्या शेतकऱ्यांनी कृष्णा-भीमा स्थिरीकरण योजनेचे पाणी उजनी धरणात आल्यानंतरच घाटणे बॅरेजमधून तुळजापूरकडे पाणी चाचणी घेण्यात यावी, अशी मागणी केली आहे. तसेच भूसंपादन कायदा २०१३ नुसार बाधित शेतकऱ्यांचे पुनर्वसन करावे आणि कोणताही करार न करता वापरलेल्या जमिनीचा तसेच सिन्नर लगتच्या बाधित जमिनीचा मोबदला तात्काळ देण्याची मागणी. घाटणे बॅरेजदरम्यान टाकण्यात आलेल्या 33 के.व्ही. विद्युत वाहिनीसाठी टेलिग्राफ कायदा 1885 नुसार संबंधित गटधारकांना स्वतंत्र मोबदला देण्याची मागणीही करण्यात आली आहे. --------------------------------------------------- शेतकऱ्यांच्या भावना आणि स्थानिक परिस्थिती लक्षात घेऊन प्रशासनाने पाणी चाचणीचा निर्णय तात्काळ स्थगित करावा, अशी मागणी संघर्ष समितीने केलीय. प्रशासनाने जबरदस्तीने पाणी चाचणी करण्याचा प्रयत्न केल्यास निर्माण होणाऱ्या परिस्थितीची पूर्ण जबाबदारी शासन व प्रशासनाची राहील, असा इशाराही देण्यात आलाय. घाटणे बॅरेज प्रकरणामुळे आता सोलापूर आणि मराठवाड्यामध्ये मोठा पाणी संघर्ष निर्माण होण्याची शक्यता निर्माण झालीय.
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रामगंगा पर गौरा-लोकनाथ पुल की एप्रोच रोड धंसी, आवागमन बंद

Bareilly, Uttar Pradesh:बरेली के मीरगंज तहसील क्षेत्र में रामगंगा नदी पर बने गौरा-लोकनाथ पुल की एप्रोच रोड में अचानक करीब 3 से 4 मीटर लंबी दरार पड़ने से हड़कंप मच गया। सड़क क्षतिग्रस्त होने के साथ ही मीरगंज की ओर का हिस्सा पुल से अलग हो गया। हादसे की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने पुल पर आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया है। सूचना मिलते ही एडीएम वित्त एवं राजस्व संतोष कुमार सिंह, एसडीएम, पुलिस और मजिस्ट्रेट मौके पर पहुंचे और क्षतिग्रस्त सड़क व पुल का निरीक्षण किया। सुरक्षा व्यवस्था के लिए मजिस्ट्रेट और लेखपालों की तैनाती की गई है। किसी भी व्यक्ति को पुल की ओर आगे जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। एडीएम वित्त एवं राजस्व संतोष कुमार सिंह ने बताया कि रामगंगा नदी की धारा में बदलाव के कारण पुल और सड़क के बीच कटान हुआ है। कटान की वजह से सड़क का हिस्सा धंस गया, जिसके चलते सुरक्षा के मद्देनजर आवागमन बंद किया गया है। मौके पर मिट्टी के कटान को रोकने का काम शुरू करा दिया गया है। प्रशासन को उम्मीद है कि जल्द ही स्थिति नियंत्रित कर पुल से आवागमन सुचारू कराया जा सकेगा।
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फर्जी शैक्षणिक दस्तावेज से दाखिला: अमरोहा में दीपक नंदा के खिलाफ मुकदमा

Amroha, Uttar Pradesh:एंकर लॉरेंस बिश्नोई के वकील दीपक नंदा पर फर्जी दस्तावेज से दाखिला लेने के मामले में अमरोहा जनपद के रजबपुर थाने में मुकदमा दर्ज हुआ है जिसकी पुष्टि अमरोहा जनपद के पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव ने की है लॉरेंस बिश्नोई के वकील बताए जा रहे दीपक नंदा पर फर्जी और कूटरचित शैक्षणिक दस्तावेजों के जरिए यूनिवर्सिटी में दाखिला लेने का आरोप लगा है। अमरोहा जनपद के रजबपुर थाना क्षेत्र स्थित श्री वेंकटेश्वरा यूनिवर्सिटी का ये मामला है। पुलिस के मुताबिक, दीपक नंदा ने वर्ष 2019 में बीएएलएलबी पाठ्यक्रम में प्रवेश लिया था और 2024 में कोर्स पूरा किया। प्रवेश के दौरान जेके बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन के नाम से 12वीं की मार्कशीट और प्रमाणपत्र जमा किए गए थे। दिल्ली क्राइम ब्रांच की जांच के दौरान दस्तावेजों पर संदेह होने के बाद उनका सत्यापन कराया गया। 19 सितंबर 2026 को बोर्ड ने बताया कि संबंधित दस्तावेज उसके रिकॉर्ड में मौजूद नहीं हैं। इसके बाद यूनिवर्सिटी प्रशासनिक अधिकारी अरुण कुमार की तहरीर पर रजबपुर पुलिस ने 28 सितंबर को दीपक नंदा के खिलाफ धोखाधड़ी समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। पुलिस मामले की जांच कर रही है。
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उज्जैन: शाही मस्जिद हटाने के उपद्रव में 9 आरोपी जेल भेजे गए

Ujjain, Madhya Pradesh:उज्जैन: पुलिस पर पथराव करने वाले 9 आरोपी जेल भेजे गए उज्जैन में शाही मस्जिद का हिस्सा हटाने के दौरान पुलिस पर पथराव और उपद्रव के मामले में गिरफ्तार किए गए 9 आरोपियों को जिला न्यायालय में पेश किया गया। आरोपियों को थाना खाराकुआं से मेडिकल के लिए जिला चिकित्सालय ले जाया गया था। मेडिकल के बाद सभी को जिला न्यायालय में पेश किया गया。 पुलिस ने आरोपियों की 12 दिन की न्यायिक अभिरक्षा की मांग की, जिसके बाद न्यायालय ने सभी 9 आरोपियों को 12 दिन के लिए न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया。 पुलिस के अनुसार आरोपियों के खिलाफ धारा 132, 223(B), 191(1), 195(1) और 197(1) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है。 जिला कोर्ट में पेश किए गए आरोपियों के नाम: ईशान खान, तैयब मंसूरी, सलमान, कासिम शेख, आशिफ, साहिल खान, शाबिर शेख, शेख अल्फेज और समीर。 शाही मस्जिद हटाने को लेकर हुए उपद्रव के मामले में अब तक 8 FIR दर्ज की जा चुकी हैं। 30 से अधिक नामजद आरोपी बनाए गए हैं, जबकि 15 से अधिक आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है。 फिलहाल शाही मस्जिद के हिस्से को हटाने की कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से जारी है। यह कार्रवाई मस्जिद कमेटी से जुड़े लोगों द्वारा खुद की जा रही है
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मिठाई निर्माण-उपयोग की तिथि अंकित करें: प्रदेश में नया नियम लागू

Ukhdand, Uttar Pradesh:राजेश मिश्र मीरजापुर मीरजापुर ही नहीं प्रदेश में मिठाई दुकानदारों के लिए अब मिठाई की निर्माण और इस्तेमाल की तारीख अंकित करना जरूरी होगा। खाद्य सुरक्षा विभाग ने ग्राहकों को ताजा और सुरक्षित मिठाई उपलब्ध कराने के लिए दुकानदारों को नियमों के प्रति जागरूक करने की तैयारी शुरू कर दी है। नियमों का उल्लंघन करने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। एक रिपोर्ट मिठाई खरीदने से पहले अब ग्राहक यह जान सकेंगे कि मिठाई कब तैयार की गई है और उसे कितने समय तक इस्तेमाल किया जा सकता है। प्रदेश सरकार के नियमों के तहत मिठाई दुकानदारों को निर्माण और प्रयोग की तिथि स्पष्ट रूप से अंकित करनी होगी। मीरजापुर के सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय सुशील कुमार सिंह ने बताया कि नए नियम को लेकर मिठाई दुकानदारों को जागरूक किया जाएगा। इसका उद्देश्य ग्राहकों को ताजा और सुरक्षित मिठाई उपलब्ध कराना है। विभाग के अनुसार अलग-अलग मिठाइयों की उपयोग अवधि भी अलग होगी। लड्डू को निर्धारित अवधि के भीतर, चाशनी वाली मिठाइयों को करीब 12 घंटे और दूध से बनी मिठाइयों को करीब चार घंटे के भीतर इस्तेमाल करने की व्यवस्था बताई गई है। अन्य मिठाइयों की अवधि उनकी प्रकृति के अनुसार निर्धारित होगी। मिठाई कारोबारी राजन गुप्ता ने व्यवस्था का स्वागत किया है। उनका कहना है कि निर्माण और इस्तेमाल की तारीख लिखे जाने से ग्राहकों को मिठाई की ताजगी की जानकारी मिलेगी और कारोबार में पारदर्शिता बढ़ेगी। खाद्य सुरक्षा विभाग का कहना है कि जागरूकता अभियान के बाद दुकानों की जांच की जाएगी। नियमों का पालन नहीं करने वाले दुकानदारों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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खड़गे: निर्वाचन आयोग के कामकाज पर सवाल, पद से हटाने की मांग

Noida, Uttar Pradesh:INDIA गठबंधन की बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, "...पूरे देश में नागरिक और राजनीतिक दल चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर गंभीर चिंताएं जता रहे हैं... आज हमारे मुख्य चुनाव आयुक्त की असलियत सबके सामने आ गई है। उनके दो साथी सदस्यों ने 10 महीनों में 14 बार पत्र लिखे हैं! इससे उनकी ईमानदारी और इरादों पर सवाल उठता है। इसलिए, उन्हें उनके पद से हटा दिया जाना चाहिए... हमारी मांग है कि भविष्य के चुनावों में SIR से पहले वाली वोटर लिस्ट का इस्तेमाल किया जाए। वोटर लिस्ट में हर बदलाव में पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए, जिसमें निर्वाचन क्षेत्र और बूथ के हिसाब से नाम जोड़ने, हटाने और सुधारने की जानकारी शामिल हो।"
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जौनपुर में NHM संविदा कर्मियों ने सामूहिक इस्तीफा दिया; सीएमओ ने लौटने को कहा

Jaunpur, Uttar Pradesh:जौनपुर में एनएचएम संविदा कर्मियों का फूटा गुस्सा, 57 कर्मचारियों ने सौंपा सामूहिक इस्तीफा सीएमओ ने समझाकर वापस काम पर लौटने की अपील की, कहा—दोबारा नहीं होगी ऐसी घटना जौनपुर। जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक के बाद स्वास्थ्य विभाग में तैनात एनएचएम संविदा कर्मचारियों में नाराजगी का मामला सामने आया है। कर्मचारियों ने अधिकारियों पर मानसिक एवं सामाजिक रूप से प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाते हुए सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी दी थी। 57 संविदा कर्मचारियों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय पहुंचकर अपना इस्तीफा पत्र सौंप दिया। कर्मचारियों का कहना है कि 28 सितंबर को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक के दौरान जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाई) के भुगतान की समीक्षा की गई थी। भुगतान से जुड़े आंकड़ों को लेकर हुई कार्रवाई से कर्मचारी खुद को अपमानित और आहत महसूस कर रहे हैं। कर्मचारियों के मुताबिक, बैठक में खुटहन, मुंगराबादशाहपुर और महराजगंज समेत विभिन्न क्षेत्रों में जेएसवाई भुगतान की स्थिति की समीक्षा की गई। कर्मचारियों का दावा है कि संबंधित पोर्टल पर तकनीकी समस्या के कारण भुगतान की स्थिति प्रभावित हुई थी। इसके बावजूद बैठक में जिम्मेदारी तय करते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। एनएचएम कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि बैठक के दौरान कुछ कर्मचारियों के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, उससे उनके सम्मान को ठेस पहुंची है। उनका कहना है कि लगातार इस तरह की परिस्थितियों के चलते वे मानसिक रूप से परेशान हैं। इसी नाराजगी के चलते 57 संविदा कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से इस्तीफा देने का निर्णय लिया। इस्तीफा पत्र लेकर कर्मचारी सीएमओ कार्यालय पहुंचे और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. गंगाराम को अपना पत्र सौंपा। कर्मचारियों से बातचीत के दौरान सीएमओ ने उन्हें समझाया और काम पर लौटने की अपील की। सीएमओ डॉ. गंगाराम ने कहा कि कुछ संविदा कर्मचारी उनके पास आए थे और घटना को लेकर नाराज थे। उन्होंने कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा नहीं होगी। जो कुछ हुआ, वह ठीक नहीं था। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों से बातचीत की जाएगी और उन्हें अपना काम ठीक तरीके से करने के लिए कहा गया है। सीएमओ ने कर्मचारियों से सभागार में बैठकर बातचीत करने को भी कहा। इसके बाद कर्मचारियों को समझाने का प्रयास किया गया। फिलहाल सामूहिक इस्तीफे के बाद स्वास्थ्य विभाग में हलचल बढ़ गई है। कर्मचारियों और विभागीय अधिकारियों के बीच बातचीत के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इस्तीफे वापस लिए जाते हैं या कर्मचारी अपने निर्णय पर कायम रहते हैं।
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