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YogiYogiFollow24 Jan 2025, 11:58 am

Hathras - सड़क सुरक्षा माह की रैली को पुलिस अधीक्षक ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया

Hathras, Uttar Pradesh:

पुलिस अधीक्षक द्वारा सड़क सुरक्षा माह 2025 के तहत जनपद हाथरस के शहर क्षेत्र में यातायात संबंधी नियमों के प्रति आम जनमानस को जागरूक करने के उद्देश्य से लखनऊ से आये प्रचार वाहन, मोटर साईकिल सर्विस सेण्टर/कम्पनी के कर्मचारियों द्वारा बाइक रैली निकाली गई. साथ ही एनसीसी कैडेट द्वारा निकाली गई रैली को पुलिस कार्यालय से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया. इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक व ARTO व रैली में शामिल मोटर साइकिल सर्विस सेण्टर/कम्पनी के कर्मचारी, एनसीसी कैडेट, परिवहन विभाग के कर्मचारी आदि शामिल रहे।

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लालच में डकैती का ड्रामा: बहू ने खुद रची नकली साजिश, सच 24 घंटे में उजागर

Bhind, Madhya Pradesh:भिंड जिले से एक ऐसी कहानी सामने आई है, जहां घर की चौखट के भीतर ही ‘अपराध’ की पटकथा लिखी गई। गहनों की चमक इतनी भारी पड़ी कि एक बहू ने अपने ही घर को ‘क्राइम सींन’ बना दिया… डकैती का झूठा खेल रचा… लेकिन पुलिस की पैनी नजरों ने इस साजिश का हर किरदार बेनकाब कर दिया। मामला उमरी थाना क्षेत्र के लहरोली गांव का है, पुष्पेंद्र बघेल गोवा में प्रायबरती नौकरी करता है और उसकी पत्नी मालती घर पर संयुक्त परिवार में रहतीं है। पुरात परिवार एक सादी समरोह में गए हुए थे और घर पर मालती अकेली थी बुधवार की रात… घर में सन्नाटा… और अकेली महिला ने रच डाली पूरी साजिश। पीछे की दीवार में सेंध… अलमारी तोड़ी गई… सामान इधर-उधर फेंका गया… हर सीन ऐसा तैयार किया गया… मानो असली डकैती हुई हो। गहनों का डिब्बा गायब… और कुछ सामान खेत में फेंक दिया गया… ताकि कहानी में ‘हकीकत’ का तड़का लग सके। सुबह होते ही ‘चीख’ गूंजी… गांव इकट्ठा हुआ… पुलिस मौके पर पहुंची। महिला ने कहानी सुनाई— हथियारबंद बदमाश आए… मारपीट की… बेहोश किया… और गहने लूटकर फरार हो गए… कहानी पूरी थी… लेकिन सबूत अधूरे और सबसे बड़ा सवाल— मारपीट हुई… तो शरीर पर चोट क्यों नहीं? यहीं से शक गहराया… और कहानी बिखरने लगी मेडिकल के बाद जब पूछताछ सख्त हुई… तो ‘डकैती’ का पूरा नाटक टूट गया। महिला ने कबूल कर लिया— ये कोई वारदात नहीं… बल्कि खुद की रची हुई साजिश थी! पुलिस ने महिला की निशानदेही पर खेत से करीब 12 लाख रुपये के जेवर बरामद कर लिए। जांच में साफ हुआ— मकसद था ससुराल के गहनों पर कब्जा… और इसके लिए रच दिया गया पूरा ‘क्राइम ड्रामा’। गहनों की लालच में रची गई ये साजिश… 24 घंटे भी टिक नहीं पाई। भिंड जिला की ये घटना एक सख्त संदेश देती है— अपराधी चाहे जितना शातिर क्यों न हो… सच की गिरफ्त से बच नहीं सकता。
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पालमपुर नगर निगम चुनाव: पारदर्शी चयन प्रक्रिया शुरू, 26 अप्रैल तक आवेदन जरूरी

Palampur, Himachal Pradesh:अनूप धीमान लोकेशन पालमपुर पालमपुर नगर निगम चुनावों को लेकर नगर नियोजन एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्मानी ने संभाला मोर्चा , चुनाव लड़ने वाले इच्छुक उम्मीदवारों से 26 अप्रैल तक मांगे आवेदन नगर नियोजन एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री , हिमाचल प्रदेश, एवं कांग्रेस पार्टी के इंचार्ज नगर निगम चुनाव पालमपुर राजेश धर्मानी ने आज पालमपुर पहुंच कर निगम के चुनावों को लेकर मोर्चा संभाल लिया है वहीं आगामी चुनाव प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट किया है कि उम्मीदवारों के चयन में पारदर्शिता और सामूहिक विचार-विमर्श को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने पालमपुर में प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि इच्छुक प्रत्याशी 26 अप्रैल की शाम पांच बजे तक अपने आवेदन जमा कर सकते हैं। निर्धारित समय सीमा के बाद किसी भी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा, इसलिए सभी इच्छुक उम्मीदवार समय का विशेष ध्यान रखें। धर्माणी ने यह भी कहा कि किसी एक व्यक्ति के निर्णय के बजाय योग्य उम्मीदवार को मैदान में उतारने के लिए व्यापक स्तर पर चर्चा की जाएगी। सभी आवेदनों के प्राप्त होने के बाद ही उनकी छंटनी की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस दौरान प्रत्येक उम्मीदवार के गुण और दोषों का निष्पक्ष मूल्यांकन किया जाएगा, ताकि सबसे उपयुक्त व्यक्ति का चयन किया जा सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि टिकट आवंटन केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं होगी, बल्कि इसमें स्थानीय स्तर पर गहन संवाद भी शामिल रहेगा। संबंधित क्षेत्र के नेताओं और वार्ड की जनता से बातचीत कर उनकी राय ली जाएगी। इसके साथ ही एक सर्वे भी कराया जाएगा, जिससे यह समझा जा सके कि कौन सा उम्मीदवार जनता के बीच अधिक स्वीकार्य और मजबूत है। धर्माणी के अनुसार, पार्टी का उद्देश्य ऐसे उम्मीदवार को सामने लाना है जो न केवल संगठन के प्रति समर्पित हो, बल्कि क्षेत्र के विकास और जनता की अपेक्षाओं पर भी खरा उतर सके। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और लोकतांत्रिक तरीके से संपन्न की जाएगी, ताकि सभी दावेदारों को समान अवसर मिल सके। इस मौके पर पालमपुर के विधायक आशीष बुटेल भी उपस्थित रहे ।
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नशे में धुत पुलिसकर्मी ने कार चलाते हुए टक्कर मारी; केस दर्ज

Kurukshetra, Haryana:कुरुक्षेत्र:- इस्माइलाबाद के गांव ठोल के निकट नशे में धुत एक पुलिस कर्मी ने कार चलाते हुए एक अन्य कार को टक्कर मार दी। इस टक्कर से एक तीसरी कार भी चपेट में आ गई। पुलिस ने केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। कैथल के गांव पुंडरी निवासी प्रदीप कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह अपनी फॉर्च्यूनर गाड़ी में पंचकूला से पुंडरी की ओर जा रहा था। गांव ठोल के निकट पहुंचने पर पीछे से आ रही तेज रफ्तार कार ने उसकी कार को टक्कर मार दी। जिससे उसकी कार आगे जा रही एक अन्य कार से भिड़ गई। उसने गाड़ी से नीचे उतरकर पिछली कार में देखा एक व्यक्ति नशे में पूरी तरह से धुत था। कार की सीट पर वर्दी पड़ी थी। जिसपर टिंकू नाम लिखा था और एक आई कार्ड भी पड़ा था। जब कार चालक से पूछा कि आप शराब पीकर गाड़ी चला रहे हो तो वह बोला कि मै पुलिस वाला हूं। डयूटी के बाद मैं शराब पी सकता हूं। ये मेरा अधिकार है। मेरे को कोई नहीं रोक सकता। इसपर उसने डायल 112 पर सूचना दी और दुर्घटना करने वाले पुलिस कर्मी का मेडिकल करवाने व आगामी कार्रवाई करने के लिए दरखास्त दी। पुलिस ने केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
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कुरुक्षेत्र में ट्रेन की चपेट में आए GRP हेड कांस्टेबल की मौत

Kurukshetra, Haryana:कुरुक्षेत्र :- हरियाणा के कुरुक्षेत्र में ट्रेन की चपेट में आने से हेड कांस्टेबल की मौत हो गई। शाहाबाद में जलेबी पुल के पास रेलवे लाइन के पास ही हेड कांस्टेबल का शव बरामद हुआ। उससे थोड़ी ही दूरी पर राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) को उसकी बाइक बरामद हुई, जिससे उसकी पहचान हो गई。 जिला अंबाला के सोंटी गांव के रहने वाले नरमेल सिंह थाना झांसा के अंर्तगत ERV (डायल-112) पर तैनात थे। नरमेल सिंह 2011 में हरियाणा पुलिस में भर्ती हुए थे। उनकी सर्विस का बड़ा हिस्सा गुप्तचर विभाग यानी CID में रहा। साल 2024 में उनकी ड्यूटी जिला कुरुक्षेत्र में आ गई。 अस्पताल से हुआ डिस्चार्ज चचेरे भाई सुरेश पाल निवासी सोंटी के मुताबिक, नरमेल सिंह मानसिक रूप से परेशान चल रहे थे। इस कारण उनको 19 अप्रैल को अम्बाला शहर के प्राइवेट अस्पताल में एडमिट करवाया था। उनका मानसिक लेवल नॉर्मल इंसान से काफी ज्यादा बढ़ गया था। कल 23 अप्रैल को नरमेल सिंह अस्पताल से बिना डिस्चार्ज हुए घर आ गए थे。 सुबह घर से निकला आज नरमेल सिंह अपनी बाइक लेकर घर से चला गया था। सुबह 10 बजे उनको GRP से सूचना मिली कि ट्रेन चपेट की चपेट में आने से व्यक्ति की मौत हो गई। उसके शव के पास ही उनको बाइक (HR01AR7495) बरामद हुई। उसी के रजिस्टर से उनका मोबाइल नम्बर निकाला है。 मां की मौत के बाद हुआ परेशान सुरेश कुमार ने बताया कि करीब एक साल नरमेल सिंह की मां का देहांत हो गया था। उसकी वजह से नरमेल सिंह मानसिक तनाव में रहता था। अस्पताल में एडमिट करवाने के दौरान उसकी दिमागी परेशानी ज्यादा बढ़ गई थी। आज ट्रेन के टकराने की वजह से नरमेल सिंह की मौत हो गई।
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देश में मेडिकल उपकरण के दाम बढ़े: कंपनियाँ मरीज पर मार्जिन बढ़ाकर के रहे हैं

Chandigarh, Chandigarh:देश में कई जरूरी मेडिकल उपकरण और सामान कई गुना महंगे दामों पर बेचे जा रहे हैं जबकि इन उपकरणों को बनाने का खर्च काफी कम आता है। AIMED के सदस्य मनीष सभरवाल ने कहा कि देश में कई ऐसी अच्छी कंपनियां है जो इन सवालों को चार से पांच गुना दामों पर भेजते हैं ताकि इस सप्लाई चेन में जितने भी व्यापारी हो उनको भी लाभ हो और मरीजों को भी वह सामान महंगा ना मिले। लेकिन बहुत सी कंपनियां ऐसी भी आ गई है जो इन सामानों को मैन्युफैक्चरिंग खर्च के मुकाबले 15 से 20 गुना ज्यादा महंगे दामों पर बेचती हैं। मरीज को वह सामान मजबूरी में खरीदना पड़ता है क्योंकि इसमें अस्पताल भी शामिल हैं। खास तौर पर जो बड़े अस्पताल हैं वह खुद मेडिकल कंपनियों से यह मांग करते हैं कि वह अपनी दवाइयां पर एमआरपी ज्यादा लिखे। अस्पताल उन दवाइयां को बहुत सस्ते दामों पर खरीदने हैं लेकिन उसे महंगी दामों पर बेचा जाता है। उन्होंने कहा कि उनकी कंपनी बैंडेज मैन्युफैक्चरिंग करती है उदाहरण के लिए जो बैंडेज उन्हें 50 रुपए की पड़ती है वह उसे 300 रुपए की बेचते हैं लेकिन कई कंपनियां इस बैंडेज का रेट बढ़ाकर इसे 500 से 1000 रुपए तक भेजती है। इसके अलावा जो महंगी उपकरण है जैसे पेसमेकर हार्ट बाल विद्या आदि जिनकी मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट 20 से 25 हजार रुपए आता है और जो मार्केट में एक से डेढ़ लाख रुपए तक बिकने चाहिए उन्हें कई लाख रुपए में बेचा जाता है इसका सीधा बोझ मरीजों पर पड़ता है। हम यह कोशिश कर रहे हैं कि यह सिस्टम बंद होना चाहिए ताकि इन सभी जरूरी सामानों का मार्जिन तय हो और मरीजों को ज्यादा खर्च न करना पड़े।
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रायपुर में ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क के मास्टरमाइंड बाबू खेमानी पर छापा, बड़े खुलासे आशंका

Begun, Rajasthan:रायपुर. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है.. “3 Stumps” एप से जुड़े कथित मास्टरमाइंड बाबू खेमानी के ठिकाने पर पुलिस ने छापेमारी की है.. क्राइम ब्रांच और गंज थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया.. रेड के दौरान क्राइम डीएसपी, टीआई समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं, साथ ही बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है, जिससे इलाके में हलचल मच गई.. विदेशी कनेक्शन की इनपुट के बाद दबिश जानकारी के मुताबिक, बाबू खेमानी के विदेशी कनेक्शन और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े होने के इनपुट मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई.. पुलिस पिछले कई घंटो से घर के भीतर मौजूद दस्तावेजों, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और अन्य अहम सबूतों की बारीकी से जांच कर रही है.. सूत्रों की मानें तो इस छापेमारी में ऑनलाइन सट्टा कारोबार से जुड़े कई बड़े खुलासे हो सकते हैं, जिससे शहर ही नहीं बल्कि प्रदेश स्तर पर सक्रिय नेटवर्क का पर्दाफाश होने की संभावना है.. कौन है बाबू खेमानी बाबू खेमानी रायपुर का रहने वाला है.. बाबू खेमानी ‘3 STUMPS’ नामक अवैध सट्टा वेबसाइट/एप का मास्टरमाइंड माना जाता है.. वह सोशल मीडिया पर इन्फ्लुएंसर की तरह सक्रिय था और इसी प्रभाव का इस्तेमाल करके हाई-प्रोफाइल लोगों से संपर्क बनाता था.. उसके नेटवर्क के जरिए सट्टा के लेन-देन और वसूली का काम किए जाने के आरोप भी सामने आए हैं.. पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी मुम्बई और गोवा में रहकर सट्टा नेटवर्क का संचालन करता था.. वर्तमान में आरोपी न्यायिक रिमांड में है.. माना जा रहा कि दबिश की कार्रवाई खत्म होने पर बड़ा खुलासा हो सकता है..।
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दरगाह कमेटी- प्रशासन के बीच गिरफ्तारी से शुरू विवाद боя; 2 कर्मचारियों के खिलाफ वारंट आगे बढ़ा

Ajmer, Rajasthan:दरगाह कमेटी और प्रशासन के बीच कमेटी के कर्मचारियों की गिरफ्तारी के बाद विवाद बढ़ता नजर आ रहा है.. एक ओर जहां पुलिस इसे आदेश पर कार्रवाई बता रही हे तो वही दरगाह कमेटी ने इसे उसके कर्मचारियों को बेवजह परेशान कर थाने पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है..जानकारी के मुताबिक विवाद की वजह रही की दरगाह के गेट संख्या 3 पर जूते रखने के स्टैंड को लेकर खादिम नूर आलम और दरगाह कमेटी के सदस्यों के बीच विवाद हुआ जिसके चलते नूर आलम की शिकायत पर दरगाह थाना पुलिस ने कमेटी के तीन कर्मचारियों के खिलाफ शांति भंग का मामला दर्ज किया.. इसी मामले के चलते पहली तारीख के बाद एडीएम सिटी कोर्ट ने वापस उपस्थित होने के लिए 2 जून की तारीख दी.. लेकिन अज्ञात कारणों के चलते यह तारीख बदल गई... नतीजा कमेटी के कर्मचारी हाजिर नहीं हो पाए तो एडीएम सिटी कोर्ट से गिरफ्तार वारंट कमेटी के कर्मचारी सलीम मुहम्मद और रफी इस्लाम व एक अन्य कर्मचारी को गिरफ्तारी वारंट के जरिए पेश करने के निर्देश दिए.. 22 अप्रैल की रात 9 बजे ड्यूटी के दौरान थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया जबकि तीसरा अन्य कर्मचारी नहीं मिल पाया.. साथी कर्मचारी की गिरफ्तारी से खफा दरगाह कमेटी के अन्य कर्मचारी कार्य बहिष्कार पर उतर गए.. जिससे दरगाह कमेटी में हड़कंप मच गया..लगभग 18 घंटे थाने में बंद रख पुलिस ए एडीएम सिटी कोर्ट में पेश किया जहां से जमानत पर दोनों रिहा हुए... इस मामले को लेकर दरगाह कमेटी ने जिला प्रशासन पुलिस अधीक्षक सहित केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्रालय को अपनी शिकायत दर्ज करवाई है..वही दुसरी ओर पुलिस का तर्क है कि गिरफ्तारी की कार्रवाई वारंट होने के चलते की गई है
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Jamui crackdown on electricity theft and defaulters: widespread raids across district

Jamui, Bihar:जमुई से बड़ी खबर:जिले में बिजली चोरी और बकाया वसूली को लेकर विद्युत विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए व्यापक अभियान छेड़ दिया है। लगातार चल रही छापेमारी कार्रवाई के दौरान महज 23 दिनों के भीतर 120 उपभोक्ताओं के खिलाफ बिजली चोरी के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। विभाग की इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया है। इन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा कार्रवाई विभागीय आंकड़ों के मुताबिक जमुई जिले के विभिन्न इलाकों में बड़े पैमाने पर केस दर्ज किए गए हैं। जमुई शहरी क्षेत्र में 13, जमुई ग्रामीण में 14, खैरा में 9, गिद्धौर में 9, लक्ष्मीपुर में 13, बरहट में 17, झाझा में 6, सोनो में 8, माधोपुर फीडर में 8, चकाई में 11, अलीगंज में 9 और सिकंदरा में 3 मामलों में प्राथमिकी दर्ज की गई है। छापेमारी में सामने आए चौंकाने वाले तरीके जांच के दौरान कई उपभोक्ता बिजली चोरी के लिए अलग-अलग हथकंडे अपनाते पाए गए। कहीं मीटर बायपास कर सीधे लाइन जोड़ी गई थी, तो कहीं अवैध कनेक्शन लेकर बिजली का उपयोग किया जा रहा था। विभाग ने ऐसे सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। बकायेदारों पर भी सख्ती बिजली विभाग सिर्फ चोरी ही नहीं, बल्कि बकाया वसूली को लेकर भी एक्शन मोड में है। जिन उपभोक्ताओं पर 20 हजार रुपये से अधिक बकाया है, उनका कनेक्शन बिना किसी पूर्व सूचना के काटा जा रहा है। इससे बकायेदारों में भी खलबली मची हुई है। बढ़ती खपत भी बनी वजह सूत्रों की मानें तो रसोई गैस के दाम बढ़ने के बाद इंडक्शन चूल्हों का उपयोग तेजी से बढ़ा है, जिससे बिजली की खपत में इजाफा हुआ है। इसी बीच कुछ उपभोक्ता लोड छिपाने या मीटर से छेड़छाड़ करते हुए भी पकड़े गए हैं। आगे भी जारी रहेगा अभियान विधुत विभाग के अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और बिजली चोरी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उपभोक्ताओं से अपील विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि वे समय पर बिजली बिल का भुगतान करें और वैध कनेक्शन से ही बिजली का उपयोग करें। नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई तय मानी जा रही है।
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मंडला में अवैध रेत परिवहन: खनिज विभाग ने चार डम्पर जब्त किए

Mandla, Madhya Pradesh:एंकर - मण्डला जिले में अवैध रेत परिवहन के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है, जहां खनिज विभाग की टीम ने चार डम्पर जब्त किए हैं。 वीओ - जिले में अवैध खनन, परिवहन और भंडारण पर रोक लगाने के लिए प्रशासन लगातार सख्त कार्रवाई कर रहा है। इसी कड़ी में कलेक्टर के निर्देश पर खनिज विभाग मंडला की टीम ने 23 अप्रैल को ग्राम टिकरिया, तहसील मंडला में निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अवैध रूप से रेत परिवहन करते हुए चार डम्पर वाहनों को जब्त किया गया। कार्रवाई के बाद सभी जब्त वाहनों को थाना बिछिया की सुपुर्दगी में सौंप दिया गया है। खनिज विभाग द्वारा संबंधित वाहन मालिकों के खिलाफ मध्यप्रदेश खनिज (अवैध खनन, परिवहन तथा भंडारण का निवारण) नियम 2022 के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
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384 करोड़ की हेरोइन पकड़: छह पाकिस्तानी नागरिकों को 20-20 साल की सजा

Delhi, Delhi:384 करोड़ की हेरोइन के साथ पकड़े गए 6 पाकिस्तानी नागरिकों को 20 साल की सजा। गुजरात के कच्छ जिले की विशेष NDPS कोर्ट ने समुद्र के रास्ते भारत में हेरोइन तस्करी करने की कोशिश करने वाले 6 पाकिस्तानी नागरिकों को 20-20 साल की सख्त कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने सभी दोषियों पर 2-2 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह मामला दिसंबर 2021 का है, जब गुजरात एटीएस को पक्की सूचना मिली थी कि पाकिस्तान के कराची बंदरगाह से “अल हुसेनी” नाम की बोट में भारी मात्रा में हेरोइन लेकर कुछ लोग गुजरात के जखौ तट के पास आने वाले हैं। सूचना के आधार पर एटीएस और भारतीय कोस्ट गार्ड ने संयुक्त ऑपरेशन चलाया। 18 से 20 दिसंबर 2021 के बीच समुद्र में निगरानी के दौरान जखौ से करीब 35 नॉटिकल मील दूर एक संदिग्ध बोट दिखाई दी। टीम ने बोट को रोककर तलाशी ली, जिसमें 6 लोग सवार मिले। जांच में सभी पाकिस्तानी नागरिक निकले। बोट की तलाशी के दौरान पांच बड़े बैग मिले, जिनमें 76 किलो 936 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करीब 384 करोड़ 68 लाख रुपये बताई गई। इसके बाद गुजरात एटीएस ने सभी आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर चार्जशीट दाखिल की। सुनवाई के दौरान अदालत में 203 दस्तावेजी सबूत और 13 गवाह पेश किए गए। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि नशे का कारोबार केवल अपराध नहीं, बल्कि देश के युवाओं को बर्बाद करने और राष्ट्र की सुरक्षा को कमजोर करने की साजिश है। अदालत ने इसे गंभीर अपराध मानते हुए सभी आरोपियों को दोषी ठहराया। यह फैसला कच्छ के भुज स्थित छठी अतिरिक्त सत्र एवं विशेष NDPS अदालत ने सुनाया। अभियोजन पक्ष की ओर से जिला सरकारी वकील एच.बी. जाडेजा ने पैरवी की。
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बिहार में गैस संकट के बीच रसोई कोयला: हर परिवार को एक क्विंटल मिलेगा

Munger, Bihar:मुंगेर : पश्चिम एशिया में चल रहा युद्ध को देखते हुए बिहार सरकार ने रसोई गैस सिलेंडर की डगमगाई आपूर्ति व्यवस्था को देख कोयले पर कंधा टिकाने को मजबूर कर दिया है। अब खाना पकाने के लिए गैस सिलेंडर के बजाए कोयला खरीदना होगा। वह भी राशन कार्ड पर। प्रत्येक लाभुक परिवारों को प्रति माह एक क्विंटल कोयला उपलब्ध कराया जाएगा। वही सरकार के इस फरमान होने के बाद भी अभी तक जिले में जन वितरण प्रणाली के दुकानों में कोयला नहीं पहुंचा है। वही इस मामले को लेकर जिले के विभिन्न इलाकों में जन वितरण के डीलरों से बातचीत हुई तो उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि अभी तक हमें सरकार द्वारा सिर्फ पत्र प्राप्त हुआ है ना ही इसकी अभी तक कोई बैठक जिला प्रशासन के लोगों से हुई ना ही कोई टास्क फोर्स का गठन हुआ। डीलरों ने बताया कि शहरी क्षेत्र में उपभोक्ता कोयले पर खाना कैसे बनायेगी क्योंकि कोयले पर खाना बनाने के लिए चूल्हे होने चाहिए जो अब लोगों के घर में नहीं हैं। दूसरी ओर अब धुएं में कोई भी महिला खाना बनाना नहीं चाहती है क्योंकि सभी के घर में गैस सिलेंडर के साथ गैस कनेक्शन है। उन्होंने कहा कि कोयले पर खाना बनाने के लिए घरों में जगह चाहिए, वही शहरी क्षेत्र के डीलरों ने कहा यह योजना ग्रामीण क्षेत्र में ठीक है जहाँ लोगो के पास जगह है। ग्रामीण क्षेत्र के जनवितरण प्रणाली के उपभोक्ता ने कहा ग्रामीण क्षेत्रों में गैस का दिक्कत है अगर कोयला मिलता है इससे फायदा होगा की घरो की महिलाएं कोयले पर खाना बना सकेगी। ग्रामीणों ने बताया की गैस की किल्लत ग्रामीण क्षेत्रो में बहुत ज्यादा है क्योकि सही समय पर एजेंसी द्वारा गैस उपलब्ध नहीं होता है जिसके कारण परेशानी दिनों दिन बढ़ रही है।
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