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Govind ChauhanGovind ChauhanFollow19 Feb 2025, 12:09 pm
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मैहर के स्टेडियम में स्वतंत्रता दिवस की फुल ड्रेस रिहर्सल पूरी तैयारी के साथ

Maihar, Madhya Pradesh:मैहर के उस्ताद अल्लाउद्दीन खां स्टेडियम में स्वतंत्रता दिवस समारोह को लेकर फुल ड्रेस रिहर्सल आयोजित की गई। रिहर्सल के दौरान स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में होने वाली परेड, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों सहित अन्य कार्यक्रमों का अभ्यास किया गया। इस दौरान कलेक्टर और एसपी ने स्टेडियम पहुंचकर परेड का निरीक्षण किया और स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियों एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था, मंच, परेड ग्राउंड और अन्य तैयारियों को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। फुल ड्रेस रिहर्सल के दौरान स्वतंत्रता दिवस समारोह की पूरी तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया, ताकि 15 अगस्त को आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम को व्यवस्थित और गरिमापूर्ण तरीके से संपन्न कराया जा सके.
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गोरखपुर डीयू में शिक्षक आंदोलन: तालाबंदी और कुलपति के पीछे नारे

Gorakhpur, Uttar Pradesh:गोरखपुर के डीडीयू गोरखपुर विश्वविद्यालय में शिक्षक आंदोलन ने बुधवार की देर शाम उग्र रूप ले लिया। गुऑक्टा के बैनर तले चल रहा अनशन प्रशासनिक भवन पर तालाबंदी के साथ हुआ और कुलपति के खिलाफ नारेबाजी शुरू हो गईं। कुलपति की गाड़ी के सामने एक महिला शिक्षिका के लेटने के दावे भी सामने आए और करीब 100 मीटर तक आरोप लगाए जा रहे थे कि शिक्षक कुलपति के पीछे-पीछे नारे लगाते रहे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कुलपति के साथ अभद्रता का आरोप वीडियो के रूप में पुलिस को सौंप दिया और शिक्षण संघ ने महिला शिक्षिका के साथ कथित अभद्र व्यवहार, जातिसूचक शब्दों के प्रयोग और हाथ मरोड़कर जमीन पर गिराने के आरोप पुलिस में शिकायत के रूप में दर्ज कराए। विवाद अब आमने-सामने की शिकायतों तक पहुंच गया है और सही तथ्य पुलिस के जांच के बाद ही सामने आएंगे। प्रशासनिक भवन पर तालाबंदी: गोरखपुर विश्वविद्यालय में दबाव बढ़ने पर गुऑक्टा के अनशनकारियों ने प्रशासनिक भवन के दोनों गेटों पर ताला डाल दिया, जिससे छात्र-शिक्षक प्रवेश नहीं कर सके। दोपहर में पुलिस और सुरक्षा कर्मी मौके पर पहुंचे और ताला खोले जाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी डटे रहे। परिसर में नारेबाजी जारी रही और कुलपति के खिलाफ प्रदर्शन चलता रहा। किन मांगों को लेकर आंदोलन? शिक्षाक संघ ने महाविद्यालयों पर लगाए गए अर्थदंड, परीक्षा व्यवस्था में अनियमितता, नियुक्तियों में कथित भ्रष्टाचार और प्रशासनिक मनमानी जैसे मुद्दे उठाए, और कहा कि 4 अगस्त को वार्ता में मांगें स्वीकार न होने पर आमरण अनशन की चेतावनी दी गई थी। महामंत्री डॉ. निरंकार राम त्रिपाठी ने 4 अगस्त को वार्ता में मांगें स्वीकार न होने पर आंदोलन तेज करने की बात कही थी। संघ के अनुसार सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बावजूद समाधान नहीं हुआ और 10 अगस्त से आमरण अनशन शुरू किया गया। कुलपति वार्ता के लिए पहुंचीं: बुधवार देर शाम कुलपति प्रो. पूनम टंडन अनशनकारियों से वार्ता करने पहुंचीं; बातचीत में लगभग सभी मांगों पर सहमति बनी, लेकिन महाविद्यालयों पर लगाए गए अर्थदंड का मामला सुलझ नहीं पाया। कुलपति ने इसे विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष रखने का आश्वासन दिया, किन्तु माहौल फिर गर्म हो गया। गाड़ी के सामने लेटने का दावा: वार्ता के बाद प्रदर्शनकारियों ने कुलपति के आगे बढ़ते वक्त उनके सामने गाड़ी बैठने की कोशिश की, जिसके कारण विवाद बढ़ गया। आरोप है कि करीब 100 मीटर तक प्रदर्शनकारी पीछे-पीछे चलते रहे और नारेबाजी करते रहे। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि इस दौरान अभद्रता के आरोप लगे हैं। वायरल वीडियो मामला: इस घटनाक्रम से जुड़ा लगभग दो मिनट तेरह सेकंड का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने का दावा किया जा रहा है, जिसमें कुलपति आगे जाती दिख रही हैं और पीछे से नारे लग रहे हैं; वीडियो में मार-मार जैसी आवाज़ें सुनाई देने का दावा किया जा रहा है, पर स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने वीडियो को कैंट थाना पुलिस को सौंपा है और जांच जारी है। शिक्षक संघ का आरोप: गुऑक्टा ने कैंट थाने में शिकायत दी है कि महिला उपाध्यक्ष के साथ अभद्र व्यवहार, जातिसूचक शब्दों के प्रयोग, गाली-गलौज और हाथ मरोड़कर जमीन पर गिराने जैसे आरोप हैं। संघ ने निष्पक्ष जांच और दोषी लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। दोनों पक्ष आमने-सामने: अब यह मामला एक तरफ कुलपति के साथ अभद्रता के आरोप और दूसरी तरफ महिला शिक्षिका के साथ दुर्व्यवहार के आरोप बन चुका है। सही स्थिति और जिम्मेदारी पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। डीडीयू में शिक्षक आंदोलन अब सिर्फ मांगों और वार्ता तक सीमित नहीं रहा; यह विवाद प्रशासनिक भवन की तालाबंदी से शुरू होकर પોલીસ शिकायतों तक पहुंच गया है।
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उत्तरकाशी में भव्य तिरंगा रैली, हर घर तिरंगा अभियान में लोग शामिल

barahat, Uttarkashi, Uttarakhand:जनपद में जिला मुख्यालय सहित अन्य क्षेत्रों में निकली भव्य तिरंगा रैली देशभक्ति के पर्व 'हर घर तिरंगा' अभियान के तहत जिला मुख्यालय से लेकर सीमांत यमुना घाटी तक स्कूली बच्चों, सरकारी कर्मचारी एवं आम लोगों ने तिरंगा रैली बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। पुरोला तहसील समेत जिले के विभिन्न विकासखंडों और कस्बों में प्रभात फेरियाँ व तिरंगा रैलियों की धूम रही। पुरोला में आयोजित रैली नगर पालिका परिसर से प्रारंभ होकर कुमोला रोड होते हुए तहसील मुख्यालय तक निकली। इस विशाल यात्रा में सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, शिवालिक इंटर कॉलेज तथा पीएम इंटर कॉलेज पुरोला एनसीसी कैडेट्स सहित सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने हाथों में राष्ट्रध्वज थामकर जयघोष किए। स्कूली बच्चों के इस अनुशासित एवं ऊर्जावान दलों ने नगरवासियों में एक नई राष्ट्रीय चेतना का संचार किया। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने स्वयं रैली की अगुवाई कर भावी पीढ़ी का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि तिरंगा केवल तीन रंगों का समाहार नहीं, बल्कि हमारे अमर शहीदों के त्याग, समर्पण और राष्ट्र के स्वाभिमान का प्रतीक है।
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छतरपुर अस्पताल में लिफ्ट कर्मचारियों की दबंगई से बुजुर्ग परिवार पर मारपीट; वीडियो वायरल

Chhatarpur, Madhya Pradesh:छतरपुर अस्पताल में लिफ्ट कर्मचारियों की दबंगई से बुजुर्ग परिवार पर मारपीट; वीडियो वायरल. बताया गया है कि इलाज कराने आए बुजुर्ग व्यक्ति अपने परिजनों के साथ एक महिला का इलाज कराने अस्पताल आया था। उसी वक्त लिफ्ट कर्मचारियों ने उनसे अभद्रता शुरू कर दी। बुजुर्ग और परिजनों ने विरोध किया तो कर्मचारियों ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। पूरा घटनाक्रम का वीडियो बना लिया गया और अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में लिफ्ट के अंदर दबंगई स्पष्ट दिखाई दे रही है। वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन और पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। पीड़ित पक्ष ने थाने में शिकायत दी है या नहीं, इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। फिलहाल वीडियो वायरल होने के बाद मामले में अस्पताल प्रशासन और पुलिस से कार्रवाई की मांग की जा रही है।
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अमरजीत भगत का दावा: भाजपा-RSS ने आदिवासी संस्कृति पर काला अध्याय बना दिया

Begun, Rajasthan:रायपुर विश्व आदिवासी दिवस नहीं मनाए जाने को लेकर कांग्रेस के पूर्व मंत्री अमरजीत भगत का बयान- दुनिया के लोग 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस मनाते हैं जब से भाजपा आई है मानो आदिवासियों की संस्कृति, सभ्यता और परंपरा के लिए RSS एक काला अध्याय बनकर आया है ईसाइयों के त्योहार और मुस्लिमों के त्योहार में बधाई देते हैं.. आदिवासियों से क्या गलती कि उनसे नफरत हो गई.. राष्ट्रीय अधिवेशन में मांदर की थाप पर सब थिरक रहे हैं.. कौन सा दबाव है, क्या भाजपा का दबाव है या RSS का? भाजपा नहीं मना रही है ये कार्यक्रम सरगुजा से लेकर बस्तर तक आदिवासियों ने समर्थन देकर आपकी सरकार बनावाई थी पूर्व सीएम भूपेश के पीएम मोदी को लेकर दिए बयान पर अमरजीत भगत ने कहा- राजनीति में परस्पर एक-दूसरे के प्रति सम्मान होना चाहिए.. चाहे सरकार केंद्र की हो या राज्य की, वे जिस भाषा का प्रयोग हमारे केंद्रीय नेतृत्व पर करते हैं, वो दु:खद है आप जैसा व्यवहार चाहते हैं, दूसरे से भी वैसा ही व्यवहार करेंगे आप राहुल गांधी, प्रियंका गांधी को अपशब्द कहते हैं आप जैसा करेंगे, वैसा पाएंगे.. स्काई वॉक को लेकर बीजेपी के बयान पर अमरजीत भगत ने कहा- ये लोग जो काम नहीं कर सकते, उसमें कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराते हैं फंस रहे हैं तो कांग्रेस, नेहरू, गांधी परिवार को अपशब्द कहते हैं चंदा चोरी हो गया कहो तो बगल में झांकते नजर आते हैं.. रोजगार के अवसर समाप्त हो गए सार्वजनिक सेवा, समुद्री, बैंक, LIC, डिफेंस को भी प्राइवेट सेक्टर में डाल दिया है.. झारखंड में प्रोटेस्ट को लेकर बीजेपी के बयान पर अमरजीत ने कहा- मैं इनसे पूछना चाहता हूं, देश की राजधानी दिल्ली है या रांची? दिल्ली में सभी की उपस्थिति थी प्रोटेस्ट में देश की राजधानी दिल्ली है या रांची, राहुल गांधी ने नैतिकता के आधार पर समर्थन किया उनकी जायज मांगों पर खड़े हैं, वे औचित्यहीन बात कर रहे हैं.. नई जनरेशन अपने हक-अधिकार के लिए लड़ रहा है..
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बारिश के बावजूद किसान यूरिया के लिए दर-दर की ठोकरें, वितरण केंद्रों में टोकन व्यवस्था बंद

Ratlam, Madhya Pradesh:बारिश ने किसानों का साथ दिया है, लेकिन अब यूरिया खाद के लिए किसानों की परेशानी बढ़ने लगी है। गोदामों में यूरिया पर्याप्त मात्रा में बताया जा रहा है, लेकिन वितरण व्यवस्था की कमी किसानों के लिए मुश्किल खड़ी कर रही है। वितरण केंद्रों पर कर्मचारियों की कमी के साथ ई-टोकन व्यवस्था भी बंद है। ऐसे में मैन्युअल एंट्री में ज्यादा समय लग रहा है और किसानों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। किसानो को कम से कम 1 बीघा पर एक बोरी यूरिया चाहिए, लेकिन किसानो को 5 बीघा पर 2 बोरी यूरिया मिल रहा है। बारिश के बावजूद किसान सुबह छह बजे से ही केंद्रों पर पहुंच रहे हैं। दिलीप नगर यूरिया वितरण केंद्र पर रोजाना करीब सौ टोकन दिए जा रहे हैं, लेकिन देर से पहुंचने वाले कई किसानों को बिना यूरिया के ही लौटना पड़ रहा है। दूर-दराज से बारिश में आने वाले किसानों की परेशानी और बढ़ जाती है। अब सवाल है कि प्रशासन व्यवस्था में बदलाव कर किसानों को राहत दिलाता है या फिर उन्हें अभी और मशक्कत करनी पड़ेगी।
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बाहर 11 अपराधों पर अब मौके पर जुर्माने के साथ जुर्माना: अब 15 अगस्त 2026 से प्रभावी

Jaipur, Rajasthan:जयपुर फीड- 2सी हैडर- अब हर चालान पर नहीं लगा सकेंगे जुर्माना! जन विश्वास अधिनियम 2026 के तहत बदलाव मोटर वाहन अधिनियम की धारा 200 में संशोधन कई अपराधों को जुर्माना योग्य नहीं रखा गया 15 अगस्त 2026 से लागू होंगे बदलाव 11 अपराधों में मौके पर जुर्माना वसूल सकेंगे केन्द्रीय मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 200 के प्रावधानों में संशोधन किए जाने से अब एमवी एक्ट उल्लंघन के मामलों में जुर्माना वसूलने को लेकर बदलाव किए गए हैं। दरअसल केन्द्र सरकार ने जन विश्वास अधिनियम 2026 जारी किया था। 24 जुलाई 2026 को इसकी अंतिम अधिसूचना जारी की जा चुकी है। इस अधिसूचना के बाद अब कई तरह के अपराधों को जुर्माना लगाए जाने योग्य नहीं रखा गया है। इन संशोधनों को देशभर में 15 अगस्त 2026 से लागू किया जाना है। इसकी अनुपालना में परिवहन विभाग ने दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके तहत अब केवल 11 श्रेणी के अपराधों में ही मौके पर जुर्माना वसूल किया सकेगा। वहीं 3 श्रेणी के अपराधों में दूसरी बार या तीसरी बार अपराध दोहराने पर जुर्माना लगाया जाएगा। अन्य 27 तरह के प्रकरणों में अभी कार्रवाई कैसे की जाएगी, इसकी प्रक्रिया निर्धारित नहीं की गई है। इन अपराधों में मौके पर हो सकेगा जुर्माना - नाबालिग बच्चे या बिना लाइसेंस के वाहन चलाने पर 5 हजार रुपए जुर्माना - बिना ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चलाने पर 5 हजार जुर्माना - गलत तरीके से डीएल प्राप्त करना या फिर अयोग्य घोषित होने पर DL प्राप्त करना- 10 हजार रुपए जुर्माना - मैन्युफैक्चरर, इम्पोर्टर या डीलर द्वारा वाहन में अल्टरेशन पर 1 लाख जुर्माना - चैप्टर 7 के तहत गलत कम्पोनेंट उपयोग करने पर 1 लाख रुपए जुर्माना - वाहन मालिक द्वारा खुद वाहन में अल्टरेशन करने पर 5 हजार जुर्माना - तेज गति से वाहन चलाने पर 1 से 2 हजार रुपए जुर्माना - दूसरी बार अपराध दोहराने पर लाइसेंस अयोग्य किया जा सकेगा - वाहन चलाते मोबाइल उपयोग पर 1 से 5 हजार जुर्माना, दूसरी बार में 10 हजार जुर्माना - वाहन से रेसिंग करने पर पहली बार में 5 हजार, दूसरी में 10 हजार जुर्माना - फर्जी दस्तावेजों का उपयोग कर पंजीयन कराने पर वार्षिक टैक्स का 10 गुना जुर्माना - वाहन की मैकेनिज्म से छेड़छाड़ करने पर 10 हजार रुपए जुर्माना इन अपराधों में दूसरी-तीसरी बार पर लगेगा जुर्माना - सड़क सुरक्षा और वायु प्रदूषण अपराधों पर होगी कार्रवाई - पहली बार लिखित चेतावनी, लेकिन दूसरी और तीसरी बार अपराध पर कार्रवाई - ऐसे मामलों में 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा - बिना पंजीयन गाड़ी चलाने पर पहली बार में 2 से 5 हजार जुर्माना - दूसरी बार में 5 हजार, तीसरी बार अपराध करने पर 10 हजार जुर्माना - इमरजेंसी व्हीकल को रास्ता नहीं देने पर पहली बार में लिखित चेतावनी - दूसरी या तीसरी बार अपराध दोहराने पर 10 हजार रुपए जुर्माना लगेगा हालाँकि अभी भी करीब 27 तरह के अपराधों के मामलों में जुर्माना राशि वसूलने की प्रक्रिया तय नहीं हो सकी है। ओवरलोड वाहनों पर किए जाने वाले चालान की जुर्माना राशि किस तरह वसूल की जाएगी इसका निर्धारण भी परिवहन विभाग ने नहीं किया है। ऐसे में माना जा रहा है कि ज्यादातर मामलों का निर्धारण अब कोर्ट प्रक्रिया के जरिए ही हो सकेगा।
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गुरुग्राम में चलती बस में आग, यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया

Gurugram, Haryana:गुरुग्राम गुरुग्राम में चलती सिटी बस में लगी आग, आग लगने से मौके पर मचा हड़कंप ओल्ड दिल्ली रोड पर शनि मंदिर के सामने एक बस में अचानक आग लग गई। बस में आग लगते ही मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बताया जा रहा है कि बस में अचानक आग की लपटें उठने लगीं। देखते ही देखते आग ने बस को अपनी चपेट में ले लिया। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत इसकी सूचना फायर ब्रिगेड को दी। कड़ी मशक्कत के बाद फायर ब्रिगेड की टीम ने आग पर काबू पाया गनीमत रही किसी सवारी को कोई नुकसान नहीं हुआ फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। हादसे में किसी के हताहत होने की जानकारी सामने नहीं आई है।
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विरार में 60 लक्ज़री बसों पर यातायात पुलिस की कार्रवाई, दंड 1500-1750 रुपये

Vasai-Virar, Maharashtra:विरारमध्ये ६० बसेसवर वाहतूक विभागाची कारवाई, हजारोंचा दंड विरार : विरार पूर्वेतील डी-मार्ट आणि मनवेलपाडा परिसरात रस्त्यावर अनधिकृतपणे पार्क करून वाहतुकीला अडथळा ठरणाऱ्या लक्झरी बसेसवर वाहतूक पोलिसांची धडक कारवाई करण्यात आली. विशेष मोहिमेत तब्बल ६० बसेसवर दंडात्मक कारवाई करत प्रत्येकी १,५०० ते १,७५० रुपयांपर्यंत दंड वसूल करण्यात आला. रस्त्यावरील अनधिकृत पार्किंग, अतिवेग आणि नागरिकांच्या सुरक्षेचा प्रश्न लक्षात घेऊन ही कारवाई करण्यात आली. “अनधिकृत पार्किंगचा प्रश्न सुटेपर्यंत कारवाई सुरूच राहणार,” असा इशारा वाहतूक पोलीस निरीक्षक अरवींद्र चौधरी यांनी दिला आहे. पोलिसांच्या या कारवाईमुळे लक्झरी बसचालकांमध्ये खळबळ उडाली असून नागरिकांनी मोहिमेचे स्वागत केले आहे.
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स्मार्ट मीटर से बिजली बिल बढ़े, तोरपा के ग्रामीण पुराने मीटर लौटाने की मांग

Khunti, Jharkhand:क्षेत्र - खूँटी। स्लग - स्मार्ट मीटर से बढ़ते बिजली बिल को लेकर विभागीय कार्यालय पहुंचे लाभुक। ग्रामीण विद्युत विभाग के कार्यालय पहुंचे और अपना दुखड़ा सुनाया। जिसमें विद्युत विभाग के द्वारा लगाए गए स्मार्ट मीटर से ज्यादा बिजली बिल आने से नाराज तोरपा के मस्जिद गली के लगभग 80 स्थानीय विद्युत कनेक्शन धारी तोरपा के सहायक विद्युत अभियंता के कार्यालय पहुंचकर लिखित आवेदन सौंपा और स्मार्ट मीटर से ज्यादा बिजली बिल आने से हो रही परेशानी पर ध्यान आकर्षित कराया एवं स्मार्ट मीटर को हटाकर पुराने मीटर को लगाने की बात कही। स्थानीय लोगों के द्वारा बताया गया कि पुराने मीटर में बिजली का बिल सामान्य आता था। पिछले 6 महीने से स्मार्ट मीटर विभाग के द्वारा लगाया गया, तब से बिजली का बिल बेहिसाब आ रहा है। विभागीय पदाधिकारी के साथ तोरपा विधायक सुदीप गुड़िया को आवेदन सौंपकर लोगों ने गंभीर समस्या का समाधान की दिशा में ठोस पहल करने की बात कही है। उपभोक्ता कलीम खान ने बताया कि स्मार्ट मीटर लगने से बिजली बिल बढ़ गया है। यह स्मार्ट मीटर लगने के बाद प्राथमिकता सामना करना पड़ रहा है इसलिए इसे हटाया जाए। प्रदीप भगत ने बताया है कि स्मार्ट मीटर हम लोगों को नहीं चाहिए जो पहले था वही ठीक था। स्मार्ट मीटर से पैसा काफी लग जा रहा है。
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JPSC-JSSC घोटाले के विरोध में छात्रों के सत्याग्रह पर भाजपा नेता की संवेदनशील अपील

Ranchi, Jharkhand:JPSC-JSSC में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्र पिछले 20 दिनों से अनिश्चितकालीन सत्याग्रह आंदोलन पर बैठे हैं। आज बीजेपी के वरिष्ठ नेता रवींद्र कुमार राय ने छात्रों से मुलाकात कर उनका हालचал जाना। इस दौरान उन्होंने छात्रों से बातचीत की और सरकार से संवेदनशीलता के साथ उनकी मांगों पर विचार करने की अपील की। यह जो उपवास या अनशन का कार्यक्रम है, यह एक आध्यात्मिक लड़ाई है। संवेदनशील प्रशासन और संवेदनशील समाज के लिए यह लड़ाई बहुत अहम है और इसका बहुत बड़ा महत्व है। यदि कोई दानवीय और अमानवीय प्रवृत्ति से इसका समाधान करना चाहेगा, तो मुझे लगता है कि इस प्रकार के आंदोलन की समाप्ति की संभावनाएं कम होती जाएंगी। मैं सरकार से यह कहना चाहूंगा कि विद्यार्थियों की लड़ाई अविश्वास और भरोसे की लड़ाई है। अविश्वास व्यवस्था पर है, लेकिन भरोसा अपने भविष्य पर है। इसलिए इनके साथ संवेदनशीलता और सहृदयता के साथ बातचीत करनी चाहिए। इन बच्चों की जो शुद्ध भावनाएं हैं, जिसके तहत ये अनशन और उपवास कर रहे हैं, यह एक आध्यात्मिक लड़ाई है। मैं इसे राजनीतिक लड़ाई नहीं मानता। इसे मैं रोडछाप लड़ाई भी नहीं मानता। ये गांधी जी के दिए हुए अस्त्र हैं। इनके सामने अंग्रेज भी पिघल जाते थे। मुझे आश्चर्य हो रहा है कि हमारी सरकार, जो यहां की जनता की चुनी हुई सरकार है, वह क्यों नहीं पिघل रही है। मुझे लगता है कि एक बार सरकार को इनकी सारी बातों को मानना चाहिए। अगर कोई तकनीकी कठिनाई है, तो उसके बारे में इन बच्चों को संतुष्ट करके बातचीत को आगे बढ़ाना चाहिए। इस लड़ाई का परिणाम एक दिन में नहीं आएगा, लेकिन जो जांच की प्रक्रिया चल रही है, उस पर इन बच्चों का भरोसा कायम करना जरूरी है। मैं यहां आकर बहुत भावुक हूं। मुझे लगता है कि इन बच्चों को अपना करियर बनाने की जरूरत है। आज वे मजबूर होकर यहां मंच पर उपवास पर बैठे हुए हैं। यह दुखद है और झारखंड के भविष्य के लिए भी दुखद है。
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