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हमीरपुर में चकबंदी अदालत के पेशकार को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

Chanwal, Himachal Pradesh:हमीरपुर:- एंटी करप्शन टीम ने चकबंदी न्यायालय के पेशकार को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा, बांदा से आई एंटी करप्शन की टीम ने पेशकार को पकड़ा, चकबंदी न्यायालय के पेशकर अल्ताफ़ ने रिटायर्ड आर्मी हवलदार से नक्शा सुधार के नाम पर मांगी थी 25 हज़ार की रिश्वत, काम करने के एवज में 1.5 लाख रुपये की डिमांड के बाद 25 हज़ार में हुई थी डील, पीड़ित की शिकायत पर टीम ने ट्रैप कर आरोपी को पकड़ा, चकबंदी न्यायालय से पेशकार को पकड़कर कोतवाली लेकर पहुंची एंटी करप्शन की टीम, एंटी करप्शन टीम कार्यवाही में जुटी, फतेहाबाद हरियाणा का रहने वाला है पीड़ित रिटायर्ड फौजी, कुपरा गाँव में खेती के लिए 1साल पहले खरीदी थी करीब 13 बीघे जमीन, सदर कोतवाली क्षेत्र के कलेक्ट्रेट परिसर स्थित चकबंदी न्यायालय का मामला ।
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उदयपुर के मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय में गिलहरी के आतंक ने छात्रों में दहशत

Udaipur, Rajasthan:एंकर- आम तौर पर लोगों में किसी बड़े जंगली जानवर या शहरों की सड़कों पर घूमने वाले आवारा जानवरो का ख़ौफ़ होता है। लेकिन उदयपुर में एक ऐसा अनूठा मामला सामने आया है जहां लोग गिलहरी के ख़ौफ़ के साए में जीने को मजबूर है। क्या है पूरा मामला दिखिए हमारी इस खास रिपोर्ट में..... वीओ 1- आम तोर पर गिलहरी को शांत और चंचल प्रवर्ती का जीव माना जाता है। लेकिन किसी महाविद्यालय के छात्रो और स्टाफ गिलहरी के ख़ौफ़ के साए में है तो यह सुनने में बड़ा ही अटपटा लगता है। लेकिन ऐसा हो रहा है उदयपुर सम्भाग के सबसे बड़े मोहनलाल सुखाड़िया विश्व विद्यालय के संघठक कला महाविद्यालय में। जहा बीते एक महीने से गिलहरी का आतंक बढ़ता जा रहा गए। शुरू के जब गिलहरी ने एक दो लोगो को काटा तो इसे कॉलेज प्रबंधन से सामान्य घटना के रूप मे लिया। अब तक गिलहरी ने महाविद्याल के डीन के साथ 18 अन्य लोगो को अपना शिकार बना लिया। लगातर बढ़ते हमले से छात्र और स्टाफ के लोगो मे भय बढ़ने लगा है। हर कोई गिलहरी के आतंक से मुक्ति दिलाने की मांग कर रहा है। गिलहरी ने जिन लोगो को काटा है वे हॉस्पिटल पहुंच वैक्सिनेशन करवा रहे है। बाईट- नारायण लाल सालवी, कर्मचारी संघ अध्यक्ष, एमएलएसयू बाईट- राजसिंह चौहान, छात्र वीओ 2- स्टाफ और छात्रों की माने तो महाविद्यालय में गिलहरी का मूवमेंट साइकोलॉजी डिपार्टमेंट की तरफ अधिक रहता है। ऐसे में छात्र उस ओर जाने से डरने लगे है। गिलहरी के लगातार बढ़ रहे हमलोंके बाद महाविद्यालय प्रशासन एक्शन मोड़ में आया। दो से तीन स्टाफ की ड्यूटू गिलहरी के मूवमेंट पर लगा रखी है। एनिमल रेस्क्यू टीम को दो बार महाविद्यालय परिसर में बुलाया गया है। अलग अलग स्थानों पर पिंजरे लगवाए गए है। लेकिन शातिर गिलहरी हर बार स्टाफ और रेस्क्यू टीम को चकमा देने में सफल हो रही है। रेस्क्यू टीम का भी कहना है कि उन्होंने अब तक घायल अवस्था वाली गिलहरी को रेस्क्यू जरूर किया है। ولكن इस तरह से गिलहरी को रेस्क्यू नहीं किया है। बाईट- कमलेश सुथार, मेम्बर रेस्क्यू टीम बाईट- डॉ नवीन नंदवाना, एसोसिएट डीन, कला महाविद्यालय वीओ 3- गिलहरी के काटने से बच्चों और स्टाफ में भय है। लेकिन पशु पालन विभाग के डिप्टी डायरेक्टर डॉ शैलेन्द्र कुमार शुक्ला ने बताया कि गिलहरी के काटने से रेबीज नहीं हो सकता। ऐसे में घबराने की बात नही है। फिर भी एहतियात के लिए टिटनस का इंजेक्शन जरूर लगवा लेना चाहिए। गिलहरी के इस तरह के व्यवहार पर उन्होंने कहा कि कई बार जानवर में अंधेपन के कारण होता है या फिर कलर की वजह से इरिटेशन हो सकता है। बाईट- डॉ शैलेन्द्र कुमार शुक्ला, डिप्टी डायरेक्टर, पशु पालन विभाग वीओ 4- कला महाविद्यालय में आतंक का पर्याय बनी गिलहरी को रेस्क्यू करने के सारे प्रयास असफल हो रहे है। ऐसे में अभी भी इस गिलहरी का टेरर मौजूद है। रेस्क्यू टीम हर बार चकमा देने में सफल होने वाली इस गिलहरी के बारे में अब कॉलेज केम्पस में गिलहरी के चमत्कारी होने की चर्चा तेज होने लगी है।
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ताले में कैद पंचायत भवन, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

Dipu RawatDipu RawatFollow2m ago
Lakhima Khas, Uttar Pradesh:परतावल, महराजगंज | विकास खण्ड परतावल के ग्राम सभा बैरिया में गुरुवार को सरकारी व्यवस्था की हकीकत उस समय सामने आ गई, जब पंचायत भवन पर ताला लटका मिला और दूर-दराज से पहुंचे ग्रामीणों को बैरंग लौटना पड़ा। लगातार लापरवाही से नाराज ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत सहायक की मनमानी के चलते पंचायत भवन महज “नाम का” रह गया है। महीने में केवल दो-तीन दिन ही उपस्थिति होती है, वह भी निर्धारित समय के बिना। कभी 11 बजे, कभी 12 बजे तो कभी दोपहर 2 बजे आने से लोगों के जरूरी कार्य प्रभावित हो रहे हैं और उन्हें बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। गुरुवार को जहीउलाह परिवार रजिस्टर से संबंधित कार्य के लिए पंचायत भवन पहुंचे थे। सचिव द्वारा पहले ही कागजात वहीं जमा करने को कहा गया था, लेकिन सुबह 11 बजे पहुंचने पर न तो पंचायत सहायक मौजूद मिलीं और न ही कोई अन्य जिम्मेदार कर्मचारी—भवन पर ताला लटका मिला। ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि अक्सर यही स्थिति बनी रहती है। अनिरुद्ध पटेल ने बताया कि पंचायत भवन अधिकांश समय बंद ही रहता है, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो वे उच्च अधिकारियों से शिकायत कर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। वही खण्ड विकास अधिकारी अर्जुन चौधरी ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में नहीं था, अब जानकारी मिली है। पंचायत भवन सुबह 7 बजे खुलना चाहिए। मामले की जांच कराकर उचित कार्रवाई की जाएगी।
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नौकरी के नाम पर लाखों की ठगी: संस्कार पाठशाला शिक्षकों ने कलेक्टर, एसपी व विधायक से न्याय की गुहार

Dungarpur, Rajasthan:डूंगरपुर जिले में नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगारों से लाखों रुपये की अवैध वसूली और धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है। 'संस्कार प्रबोधिनी' की आड़ में फर्जी जॉइनिंग लेटर देकर ठगी का शिकार हुए पीड़ितों ने आज डूंगरपुर कलेक्टर, एसपी और विधायक को शिकायती पत्र सौंपकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है。 बॉडी - पीड़ित युवाओं ने बताया कि विकसित भारत संकल्प संस्थान द्वारा संचालित श्री गुरुकुल के नाम पर उन्हें झांसे में लिया गया। भेमई निवासी अशोक पाटीदार द्वारा उक्त संस्थान का संचालन किया जा रहा है। वही डेंडोरवाडा निवासी निशांत डेंडोर, डोंडरा गुजरात निवासी हेमा और जोसावा निवासी मणिलाल यादव उनके साथ काम करते हैं। आरोपियों ने पीड़ितों को उनकी संस्कार पाठशाला में 'संस्कार शिक्षक' के रूप में प्रतिदिन 2 घंटे कार्य करने और 10,000 से 15,000 मासिक मानदेय का लालच दिया था। आरोपियों ने प्रत्येक संस्कार शिक्षक से डेढ़ लाख और ब्लॉक सुपरवाइजर पद के लिए दो लाख रुपये की अवैध राशि वसूली। पैसे लेने के बाद उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिए गए। पीड़ितों का आरोप है कि उन्होंने 2-3 महीने तक काम भी किया, लेकिन उन्हें मानदेय नहीं दी गई। पीड़ितों ने बताया कि जब उन्होंने जनवरी 2026 से बकाया मानदेय और जमा की गई राशि वापस मांगी, तो आरोपियों ने उन्हें संस्थान से सस्पेंड करने और 25 लाख का मानहानि केस करने की धमकियां देना शुरू कर दिया। पीड़ितों ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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रणथम्भौर टाईगर सफारी मामले में दो नेचर गाइडों पर प्रतिबंध, सवाल उठे

Sawai Madhopur, Rajasthan:फर्जी टाईगर सफारी मामले में दो नेचर गाइडों पर प्रतिबंध; सवाई माधोपुर, रणथम्भौर, 30 अप्रैल 2026 एंकर—रणथम्भौर टाइगर रिजर्व में पिछले दिनों दो पर्यटकों को फर्जी टिकिट पर टाईगर सफारी कराने के मामले में जांच के बाद डीएफओ मानस सिंह ने कार्यवाही करते हुवे संबंधित दो नेचर गाइडों पर पार्क में प्रवेश करने पर प्रतिबंध लगा दिया है। डीएफओ ने मामले की जांच कर रहे सहायक वन संरक्षक निखिल शर्मा द्वारा प्रस्तुत की गई रिपोर्ट के बाद दोषी पाये गये नेचर गाइड हरविंदर सिंह व जगदीश पर पार्क में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है। निखिल शर्मा द्वारा की गई जांच में दोनों दोषी पाये गये हैं; दोनों पर वाइल्डलाइफ नियमो की अनदेखी कर फर्जी तरीके से फर्जी टिकिट पर दो पर्यटकों को टाईगर सफारी कराने के आरोप सिद्ध हुए हैं। डीएफओ द्वारा दो नेचर गाइडों पर प्रतिबंध लगाने के बाद भी रणथम्भौर वन प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। बड़ी वजह यह है कि फर्जी टाईगर सफारी के इस मामले में जांच के दौरान दोषी पाए गए फॉरेस्ट गार्ड भीम सिंह चौधरी को डीएफओ द्वारा सिर्फ 17 सीसी की चार्जशीट दी गई है; इसके बावजूद दोषी गार्ड को रणथम्भौर के जोगी महल प्रवेश द्वार पर तैनात कर दिया गया, साथ ही उसे अतिरिक्त चार्ज भी सौंपा गया। बड़ी बात यह है कि फर्जी टिकट जैसे गंभीर मामले में दोषी पाए जाने के बावजूद गार्ड पर वनाधिकारी इतनी मेहरबानी क्यों दिखा रहे हैं। इससे विभाग की निष्पक्षता और कार्रवाई की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। गौरतलब है कि 30 मार्च 2026 को रणथम्भौर में सुबह की पारी में टाईगर सफारी के दौरान जोन नंबर 1 में गश्ती दल द्वारा एक कैंटर की जांच की गई तो कैंटर में दो पर्यटक बिना वैध टिकट के पाए गए थे, जो फर्जी तरीके से टाईगर सफारी कर रहे थे; फर्जी टाईगर सफारी की सूचना पर रणथम्भौर के डीएफओ मानस सिंह के निर्देशन पर आरोपी एसीएफ महेश शर्मा टीम के साथ मौके पर पहुंचे और कैंटर नंबर RJ-25-TA-1862 की जांच की, जिसमें दोनों पर्यटक संदिग्ध पाए गए। जांच के दौरान गाइड से पूछताछ में खुलासा हुआ कि भीम सिंह नाम के एक फॉरेस्ट गार्ड ने सिंह द्वार से दो पर्यटकों को कैंटर में बैठाया था; पर्यटकों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने एक एजेंट को ₹8000 देकर सफारी बुक करवाई थी और उसकी रसीद भी पर्यटकों ने प्रस्तुत की थी। डीएफओ मानस सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच एसीएफ निखिल शर्मा को सौंपी थी और गाइड व वाहन चालक के पार्क में प्रवेश पर आगामी आदेशों तक के लिए प्रतिबंध लगा दिया है; अब मामले को लेकर एसीएफ निखिल शर्मा द्वारा जाँच रिपोर्ट प्रस्तुत करने पर डीएफओ ने सख्त कार्यवाही करते हुए नेचर गाइड हरविंदर सिंह व जगदीश के पार्क में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है। वही फारेस्ट गार्ड की 17 सीसी नोटिस दिया है।
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धौलपुर में 5100 नेग पर हमला, दुल्हनों के घर घुसकर 5 घायल

Dholpur, Rajasthan:धौलपुर: 5100 के नेग ने उजाड़ी दो बहनों की डोली, शादी के 48 घंटे बाद ही घर में घुसकर पीटा, दादा-दादी समेत 5 अस्पताल में चंदीलपुरा में वर पक्ष के नेग पर गांव के लोगों ने जताई आपत्ति, अगले दिन लाठी-डंडों से बोला हमला, वायरल वीडियो में कैद हुई घटना धौलपुर, रस्म-रिवाज की एक छोटी सी बात ने धौलपुर के बसई डांग क्षेत्र के चंदीलपुरा गांव में दो बहनों की शादी का जश्न मातम में बदल दिया। मात्र 5100 रुपए के नेग को लेकर हुए विवाद में शादी के महज 2 दिन बाद ही दुल्हनों के घर पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया गया। हमले में दुल्हनों के 80 वर्षीय दादा और 75 वर्षीय दादी समेत कुल 5 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद से गांव में तनाव का माहौल है। ऐसे शुरू हुआ विवाद: 26 अप्रैल को शादी, 27 को विदाई चंदीलपुरा निवासी किसान पंजाब सिंह की दो पोतियों की शादी 26 अप्रैल को बड़े धूमधाम से हुई थी। घर में दो-दो बेटियों की डोली उठने से खुशी का माहौल था। 27 अप्रैल को विदाई की रस्म अदा की जा रही थी। परंपरा के अनुसार वर पक्ष ने महावर लगाने और अन्य रस्मों के लिए नाई को 5100 रुपए का नेग दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विदाई के दौरान ही गांव के देशराज और बबलू पक्ष के लोगों ने नेग की राशि पर आपत्ति जताना शुरू कर दी। उनका कहना था कि नेग कम है इसी बात को लेकर पंजाब सिंह पक्ष और देशराज पक्ष में तीखी कहासुनी और तनातनी हो गई। गांव के बुजुर्गों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया और बेटियों کو विदा कर दिया गया 48 घंटे बाद सुबह-सुबह घर में घुसकर हमला लेकिन विवाद यहीं खत्म नहीं हुआ। 28 अप्रैल की सुबह करीब 7 बजे देशराज, बबलू और उनके साथ 8-10 लोग लाठी-डंडे लेकर पंजाब सिंह के घर में घुस आए। उस समय घर के पुरुष खेत पर गए थे। घर में केवल महिलाएं और बुजुर्ग मौजूद थे। हमलावरों ने घर में घुसते ही गाली-गलौज शुरू कर दी और फिर ताबड़तोड़ लाठी-डंडे बरसाने लगे। बचाव में आए पंजाब सिंह और उनकी पत्नी लोई को भी बुरी तरह पीटा गया। घर में चीख-पुकार मच गई। हमले का वीडियो भी किसी ने बना लिया जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। अस्पताल में भर्ती घायल हमले में ये 5 लोग घायल हुए हैं, जिनका धौलपुर जिला अस्पताल के ट्रॉमा वार्ड में भर्ती कराया पंजाब सिंह, 80 वर्ष दुल्हनों के दादा लोई देवी, 75 वर्ष दादी, संजू, 35 वर्ष चाची केला देवी, 90 वर्ष परदादी, कलावती, 40 वर्ष रिश्तेदार परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल घायल पंजाब सिंह के बेटे रामनिवास ने बताया, हमारी खुशियां 2 दिन भी नहीं टिक पाईं। बेटियों को हंसी-खुशी विदा किया था। सोचा नहीं था कि नेग के नाम पर ऐसा बवाल होगा। मेरे बूढ़े मां-बाप को भी नहीं छोड़ा। अब हम किससे इंसाफ मांगें? घर की महिलाएं सदमे में हैं। जिस आंगन में 2 दिन पहले मंगल गीत गाए जा रहे थे, वहां अब सन्नाटा पसरा है पुलिस की कार्रवाई बसई डांग थाना प्रभारी ने बताया कि पीड़ित पक्ष की रिपोर्ट पर देशराज, बबलू सहित 10-12 लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। वायरल वीडियो और घायलों के बयानों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर ली गई है। दबिश दी जा रही है। जल्द ही सभी आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होंगे。 सामाजिक कुरीति पर फिर उठे सवाल इस घटना ने एक बार फिर नेग-दहेज जैसी सामाजिक कुरीतियों और छोटी-छोटी बातों पर होने वाली हिंसा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। 5100 रुपए के लिए एक परिवार की खुशियां उजाड़ दी गईं।
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श्रीगंगानगर में विधायक जयदीप बिहाणी पर हमला, पेयजल बैठक में हंगामा

Sri Ganganagar, Rajasthan:श्रीगंगानगर में बीजेपी विधायक जयदीप बिहाणी पर हमला! पानी की समस्या पर बुलाई बैठक बनी रणभूमि राजस्थान के श्रीगंगानगर में उस वक्त सनसनी फैल गई जब बीजेपी विधायक जयदीप बिहानी पर हमला हो गया। मामला पुरानी आबादी क्षेत्र का है, जहाँ विधायक पेयजल समस्या से परेशान लोगों की शिकायत सुनने और समाधान के लिए बैठक लेने पहुंचे थे। लेकिन हालात अचानक बिगड़ गए और बैठक के दौरान ही हंगामा खड़ा हो गया। देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण बन गया और विधायक पर हमला कर दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और हालात को काबू में किया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था तैनात कर दी गई है। इस घटना के बाद शहर में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। जानकारी के अनुसार आरयूआईडीपी के अधिकारियों पर हमले का आरोप लगा है। वहीं आरयूआईडीपी के सहायक अभियंता जगन्नाथ बैरवा, प्रोजेक्ट मैनेजर शाहनवाज ने हमला किया है। विधायक के चेहरे और आंख के पास चोट आई है ।पुलिस मौके पर मौजूद है। विधायक सेवा केंद्र का पूरा मामला है। पुलिस ने दोनों अधिकारियों को राउंड आप कर लिया है। विधायक ने कहा कि एलएनटी ओर आरयूआईडीपी ने शहर का बेड़ा ग़र्क कर दिया है। आज इनको इस बारे में कहा तो मेरे ऊपर इन्होंने हमला बोल दिया। इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया जा रहा है। ज्ञातव्य है कि विधायक जयदीप बिहानी लंबे समय से विवादों में चल रहे हैं। इससे पूर्व जिला कलेक्टर की रैली के अंदर कलेक्टर से उनका विवाद हो गया था। उसके बाद में कार्य को लेकर दो दिन पूर्व भी एक ठेकेदार से गाली गलौज उन्होंने की थी। अब तीसरी बार जब उन्होंने अधिकारियों को यह कहा है तो तीसरी बार अधिकारियों ने उन पर हमला कर दिया है। बिहानी लंबे समय से विवादों में चल रहे हैं।
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लता उसेंडी ने कांग्रेस के दोहरे चरित्र पर महिला आरक्षण पर सवाल उठाए

Begun, Rajasthan:रायपुर कोंडागांव विधायक लता उसेंडी ने महिला आरक्षण पर कहा- देश में बहुत से लोग महिला आरक्षण के बड़े समर्थक हैं.. मगर कांग्रेस का दोहरा चरित्र उजागर हुआ है.. कांग्रेस हर बार महिला आरक्षण के विरोध में खड़ी रही.. आधी आबादी को आरक्षण ना मिले यह चाहती है कांग्रेस.. विपक्ष को 2030 का भय है कि प्रधानमंत्री मोदी इसका श्रेय ले जाएंगे.. महिलाओं के हित की जब बारी आई तब कांग्रेस ने अपने कदम पीछे ले लिए.. छत्तीसगढ़ विधानसभा के विशेष सत्र को लेकर लता उसेंडी ने कहा-- छत्तीसगढ़ विधानसभा में विशेष सत्र बुलाया गया.. महिलाओं को विधानसभा में आरक्षण मिले इसलिए बीजेपी सरकार महिलाओं के साथ है बाइट- लता उसेंडी, विधायक, कोंडागांव
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रायबरेली में यूपी बोर्ड हाईस्कूल: एक सेंटर के 76 छात्र फेल

Raebareli, Uttar Pradesh:रायबरेली में यूपी बोर्ड हाईस्कूल की परीक्षा में एक सेंटर के 76 छात्र फेल हो गए हैं। बच्चों के फेल होने का कारण उनके स्कूल की गलती बताई जा रही है। स्कूल की गलती से हाई स्कूल में पढ़ने वाले 76 छात्र मायूस हो गए हैं। मामला अटौरा के कलौली स्थित सर्वोदय इंटर कालेज का है। दरअसल यहाँ पंजीकृत हाईस्कूल के सभी छात्रों के प्रयोगात्मक परीक्षा के नंबर बोर्ड को गलत कोड से भेज दिए गए। यहाँ हाईस्कूल की परीक्षा के लिए 36 छात्र और 40 छात्राएं पंजीकृत थीं। सभी बच्चों ने पूरी तैयारी से प्रयोगात्मक व लिखित परीक्षा दी थी। जब परीक्षा का परिणाम आया तो हाईस्कूल के सभी 76 छात्र फेल हो गए। जानकारी करने पर प्रबंधन को बताया गया कि आपके बच्चे प्रयोगात्मक परीक्षा में फेल हैं। प्रबंधन ने इस बात से इंकार किया तो बोर्ड ने बताया कि प्रयोगात्मक परीक्षा की कॉपी पर ए प्लस की जगह ए ए प्लस लिख दिया गया जिसका मतलब एब्सेंट है और इसी वजह से सभी बच्चों को एब्सेंट मानते हुए फेल कर दिया गया। इस मामले में जहाँ प्रबंधन लगातार बच्चों की भविष्य के खातिर कोशिश कर रहा है वहीं जिला विद्यालय निरीक्षक ने भी बोर्ड से संपर्क स्थापित किया है।
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तेजस्वी के पोस्ट पर विपक्ष घमासान, बिहार में सरकार पर नए आरोप

Patna, Bihar:पटना नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के पोस्ट पर राजनैतिक प्रतिक्रिया बीजेपी के विधायक संजय टाइगर ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष अपना काम नहीं कर रहे हैं और सरकार पर अनर्गल आरोप गढ़ रहे हैं जबकि उन्हें विपक्ष की भूमिका सकारात्मक तरीके निभानी चाहिए, खुद विधानसभा तक नहीं आते और बेवजह का आरोप गढ़ते हैं, सरकार बेहतर काम कर रही है उन्हें अपना फर्ज निभाना चाहिए. जेडीयू विधायक और पूर्व मंत्री श्याम रजक ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष अपना काम जनहित का नहीं करते हैं, खुद अपना फर्ज नहीं निभाते हैं और अनर्गल बात करते हैं, लोकतंत्र में विपक्ष के नेता सरकार के ही अंग माने जाते हैं लेकिन उन्हें इससे मतलब नहीं है यू हे सिर्फ इधर उधर की बात करनी है. आरजेडी के शक्ति यादव ने कहा कि यह बिल्कुल सही है कि राज्य में सरकार की कोई कार्ययोजना नहीं है और तीन मंत्री मिलकर सरकार चला रहे हैं, नेता प्रतिपक्ष ने सही कहा है कि सरकार में कोई काम काज नहीं हो रहा है. तेजस्वी यादव के ट्वीट पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शकील अहमद खान ने कहा कि बिहार की जनता के साथ जिस तरीके से छल किया गया है और राज्य में कानून विहीन स्थिति पैदा की गई है, उसमें तेजस्वी यादव का बयान बिल्कुल सही है। उन्होंने कहा कि बिना पूर्ण मंत्रिमंडल के सरकार लंबे समय तक चल रही है, जहां 29 विभाग मुख्यमंत्री के पास हैं और बाकी विभाग दोनों उपमुख्यमंत्रियों के पास केंद्रित हैं। उनके मुताबिक, यह खाओ-पकाओ सरकार बन गई है और इसका इकबाल खत्म हो चुका है।
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कर्णप्रयाग हत्या: उधार-अपमान से मौत, शव अलकनंदा नदी में फेंका; आरोपी गिरफ्तार

Noida, Uttar Pradesh:चमोली के कर्णप्रयाग क्षेत्र में मिले अज्ञात शव मामले का पुलिस ने सफल खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि मृतक की हत्या कर शव को अलकनंदा नदी में फेंका गया था। 10 मार्च 2026 को थाना कर्णप्रयाग को सूचना मिली कि लंगासू स्थित चण्डिका माता मंदिर के नीचे अलकनंदा नदी किनारे एक व्यक्ति का शव पड़ा है। शव लगभग 20-25 दिन पुराना था और मृतक के हाथ-पैर प्लास्टिक की रस्सी से बंधे हुए थे। मृतक के दाहिने हाथ पर अंग्रेजी में “SOORAJ PUROHIT” लिखा हुआ था, लेकिन कोई पहचान पत्र नहीं मिला। पहचान के प्रयास रहे असफल, किया अंतिम संस्कार। पुलिस ने शव की पहचान के लिए आसपास के ग्रामीणों से पूछताछ की, फिंगरप्रिंट लिए और फोटो सोशल मीडिया व पुलिस नेटवर्क में प्रसारित किए। 72 घंटे तक पहचान न होने पर पोस्टमार्टम कर शव का कर्णप्रयाग संगम पर हिन्दू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार कर दिया गया। सोशल मीडिया से हुई पहचान। 23 मार्च को मृतक की पत्नी मंजू देवी थाना कर्णप्रयाग पहुंचीं। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी मिलने के बाद शव की फोटो से अपने पति सूरज पुरोहित के रूप में पहचान की। उन्होंने बताया कि उनके पति गुजरात में काम करते थे और पिछले 5-6 वर्षों से परिवार के संपर्क में नहीं थे। सर्विलांस और सीसीटीवी से खुला राज। पुलिस ने मृतक के मोबाइल नंबर की जांच की, जिसमें अंतिम लोकेशन 15 फरवरी को नन्दप्रयाग में मिली। इसके बाद पुलिस ने नन्दप्रयाग बाजार के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और संदिग्धों से पूछताछ की। जांच में पता चला कि मृतक नन्दप्रयाग में एक होटल में रह रहा था और मधुबन ढाबे में काम करता था। सीसीटीवी में कैद हुआ हत्या का सच। आरोपी नरेन्द्र सिंह तोपाल हत्या की बात स्वीकार कर ली। उसने बताया कि उसने मृतक से 10 हजार रुपये उधार लिए थे। मृतक शराब के नशे में उसे सार्वजनिक रूप से अपमानित करता था, जिससे आहत होकर उसने 16 फरवरी की रात हत्या कर दी और शव को झूलाबगड़ पुल से अलकनंदा नदी में फेंक दिया। मुकदमा दर्ज, जांच जारी। पुलिस टीम को मिली सफलता। इस पूरे मामले के खुलासे में कर्णप्रयाग थाना, लंगासू चौकी, गौचर चौकी व एसओजी टीम की अहम भूमिका रही।
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